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राष्ट्रीय हिन्दी दिवस के अवसर पर दो दिवसीय आयोजन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राष्ट्रीय हिन्दी दिवस के अवसर पर सोमवार 14 सितंबर को शाम 4 बजे भारत भवन में ‘भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान’ का शुभारंभ करेंगे। भारतीय भाषाओं की विविधता में निहित भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों और राष्ट्रीय एकता की भावना को केंद्र में रखते हुए 14 एवं 15 सितंबर 2026 दो दिवसीय अनुष्ठान का केन्द्रिय विषय ‘मातृभाषा, संस्कृति और भारतीय जीवन-मूल्यों पर संवाद’ रखा गया है। संस्कृति विभाग के वीर भारत न्यास एवं संस्कृति संचालनालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भारत भवन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान तथा मातृभाषा मंच की सहभागिता रहेगी। पहले दिन राष्ट्रभाषा और भाषाई पत्रकारिता पर होगा विमर्श मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव राम तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शुभारंभ किए जाने के बाद पहला सत्र शाम 4:30 से 5:30 बजे तक ‘मातृभाषा से राष्ट्रभाषा : भाषाओं में भारत की आत्मा’ विषय पर व्याख्यान होगा। इसमें बांग्ला के  स्नेहाशीष सूर, कश्मीरी के  आसिम मोहिउद्दीन अपने विचार रखेंगे, सत्र समन्वयक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरू  विजय मनोहर तिवारी करेंगे। दूसरा सत्र शाम 6 से 7:30 बजे तक ‘भाषाई पत्रकारिता, समाज की आवाज़’ विषय पर होगा, जिसमें  जयदीप कर्णिक, वरिष्ठ संपादक  गिरीश उपाध्याय और वरिष्ठ पुरातत्वविद  नारायण व्यास सहभागी होंगे। सत्र का समन्वयक दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक  मुकेश मिश्रा द्वारा किया जायेगा। न्यासी सचिव  तिवारी ने बताया कि 14 सितंबर की शाम 7:30 बजे राष्ट्रीय कवि सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें डॉ. कीर्ति काले,  स्वयं वास्तव,  दिनेश दिग्गज,  शैलेन्द्र मधुर,  अज़हर इकबाल तथा  रामायणधर दि्ववेदी काव्य पाठ करेंगे। इसी दिन शाम 4 बजे ‘पूर्वरंग’ में भारतीय भाषाओं एवं बोलियों के गीतों की प्रस्तुति  उमेश तरकसवार एवं साथी, भोपाल द्वारा दी जाएगी। 15 सितंबर के विमर्श सत्र एवं 'संत राग' प्रस्तुति 15 सितंबर को पहला सत्र शाम 4 से 5:30 बजे तक ‘डिजिटल युग में मातृभाषाएँ : संकट, संभावना और नई पत्रकारिता’ विषय पर होगा। इसमें उर्दू के वरिष्ठ संपादक  अब्दुल वदूद साजिद, मराठी से सुबह सवेरे के कार्यकारी प्रधान संपादक  अजय बोकिल, असमिया के वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक  समुद्रगुप्त कश्यप तथा फाउंडर फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश, यूके के  रोहित दीक्षित विचार रखेंगे। दूसरा सत्र शाम 5:30 से 7 बजे तक ‘भाषा अनेक, भारत एक’ विषय पर होगा, जिसमें मलयालम के  मनोज के. दास,  सतीश के. सिंह,  अनुराग उपाध्याय एवं  मनोज शर्मा सहित अन्य पत्रकार सहभागी होंगे। शाम 7:30 बजे ‘संत राग’ कार्यक्रम में संत कवियों की वाणी की प्रस्तुति सु सुधा रघुरामन, नई दिल्ली द्वारा की जाएगी। भाषाई शब्द-चित्र प्रदर्शनी एवं दुर्लभ पुस्तकों का होगा लोकार्पण  तिवारी ने बताया कि आयोजन स्थल पर शब्द-चित्र और भारतीय भाषाओं से संबंधित प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके साथ ही महर्षि पाणिनि, भोजदेव, महर्षि पतंजलि, भर्तृहरि और सम्राट राजेंद्र चोल सहित भारतीय परंपरा के महत्त्वपूर्ण व्यक्तित्वों तथा ‘युग-युगीन जल’, ‘उड़ चल अपने देश’, ‘अष्टावक्र गीता’, ‘नारद गीता’, ‘गर्भ गीता’, ‘ब्राह्मण गीता’, ‘उत्तर गीता’, ‘परमहंस गीता’, ‘वृत्र गीता’, ‘हंस गीता’, ‘चंद्र गीता’, ‘जानकी गीता’ एवं सूर्यकांत त्रिपाठी निराला हिन्दी साहित्य के प्रकाश पुंज जैसी पुस्तकों का लोकार्पण भी होगा। भारतीय सभ्यता की स्मृतियाँ हमारी मातृभाषाओं, बोलियों और लिपियों में सुरक्षित हैं। राष्ट्रीय हिन्दी दिवस के अवसर पर भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान के माध्यम से भाषाओं में रची साहित्यिक-सांस्कृतिक विरासत और भाषाई पत्रकारिता के योगदान को समझने का प्रयास होगा। हमारा उद्देश्य अतीत की स्मृतियों से साक्षात्कार करते हुए वर्तमान समाज को अपनी सभ्यतागत चेतना से जोड़ना और भविष्य के लिए नई सांस्कृतिक दृष्टि विकसित करना है। इस अनुष्ठान में व्याख्यान, विमर्श, राष्ट्रीय कवि सम्मेलन, संत कवियों की वाणी, पूर्वरंग तथा प्रदर्शनी सहित विविध कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।  

BRICS समिट के समापन पर PM मोदी का बड़ा संदेश, दुनिया को चाहिए अब ठोस नतीजे

नई दिल्ली नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का समापन हो गया। समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा क‍ि 'ब्रिक्स' सिर्फ देशों का समूह नहीं बल्कि समाधान का इकोसिस्टम है। उन्‍होंने उम्मीद जताई कि 'नई दिल्ली डिक्लेरेशन' साझा विजन को नई दिशा देगा। पीएम ने आयोजन को सफल बनाने के ल‍िए सभी सदस्य देशों का आभार जताया। प्रधानमंत्री मोदी ने सम्‍मेलन में शाम‍िल सभी सदस्‍यों का आभार जताया। पीएम मोदी ने कहा क‍ि आपके महत्वपूर्ण विचारों और सुझावों ने हमारे सहयोग को व्यापकता भी दी है और गहराई भी दी है। आप सबकी मौजूदगी ब्रिक्स की बढ़ती उपयुक्तता, उदारता और समावेशिता का प्रमाण है। 'ब्रिक्स समाधान का एक इकोसिस्टम' पीएम मोदी ने कहा, पिछले दो दिनों की हमारी चर्चाओं ने हमारा विश्वास और मजबूत किया है कि ब्रिक्स केवल देशों का समूह नहीं, समाधान का एक इकोसिस्टम है। हम आशा करते हैं इस समिट से उसमें जोड़े गए 'नई दिल्ली डिक्लेरेशन' हमारे साझा विजन और भविष्य के सहयोग को स्पष्ट दिशा देगा। हमें सभी परिणाम को समयबद्ध एक्शन और अंतिम पायदान पर प्रभाव से जोड़ना होगा। उन्‍होंने कहा हमारे फ्रेमवर्क फाइल्स से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन में प्रभाव पैदा करें, इसके लिए हम सब मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा, ब्रिक्स अपने तीसरे दशक में प्रवेश करने जा रहा है। अब दुनिया हमसे केवल विचार और प्रतिबद्धता नहीं, कंक्रीट पर‍िणाम की अपेक्षा करती है। मुझे विश्वास है कि हम साझा प्रयासों से इन अपेक्षाओं पर जरूर खरे उतरेंगे। पीएम मोदी ने अगले होस्ट के तौर पर चीन को दी बधाई इस मौके पर पीएम मोदी ने ब्रिक्स के अगले होस्ट के तौर पर चीन को एक बार फिर बहुत-बहुत शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने कहा, नई दिल्ली समिट को सफल बनाने के लिए मैं आप सभी का और आप सबकी टीम्स का विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं। आप सभी की सुखद और सुरक्षित यात्रा की कामना करता हूं। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।

नरसिंहपुर को मिलेगी बड़ी सौगात, 30 लाख रुपये से बनेगा प्रदेश का दूसरा साइंस प्ले पार्क

नरसिंहपुर. जिले के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और प्रयोगात्मक सीखने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल हुई है। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के प्रयासों से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) नरसिंहपुर में मध्य प्रदेश के दूसरे साइंस प्ले पार्क की स्थापना की स्वीकृति मिली है। डाइट प्राचार्य राजीव किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग की वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 के तहत इस पार्क के लिए 30 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। अध्ययन दल का भोपाल और अलीराजपुर का दौरा पार्क की स्थापना की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने के लिए डाइट प्राचार्य के निर्देशन में गठित विज्ञान समिति के अध्ययन भ्रमण दल ने आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल और प्रदेश के पहले साइंस प्ले पार्क डाइट अलीराजपुर का दौरा किया। इस दल में वरिष्ठ व्याख्याता डॉक्टर अलका शर्मा, श्रद्धा शुक्ला, गोविंद बड़कुर, व्याख्याता संजय कुमार शर्मा और उच्च माध्यमिक शिक्षक पी.एस. पटेल शामिल रहे। दल ने राज्य शिक्षा केंद्र के अधिकारियों आर.के. त्रिपाठी और प्रेमसिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन में वहां स्थापित विज्ञान मॉडलों, गतिविधियों और उपलब्ध संसाधनों का गहन अध्ययन किया। देखेंगे, छुएंगे, प्रयोग करेंगे और निष्कर्ष निकालेंगे विद्यार्थी प्रस्तावित साइंस प्ले पार्क में ऐसी गतिविधियां और मॉडल स्थापित किए जाएंगे, जिनसे विद्यार्थी देखकर, समझकर, छूकर और स्वयं प्रयोग करके विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को सरलता से समझ सकेंगे। इससे विज्ञान की पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित न रहकर गतिविधि एवं प्रयोगात्मक अनुभव पर आधारित बनेगी। अध्ययन भ्रमण के बाद डाइट प्रशासन द्वारा 15 दिनों के भीतर साइंस प्ले पार्क की स्थापना की विस्तृत कार्ययोजना राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल को प्रस्तुत की जाएगी। इसमें पार्क के मॉडल, गतिविधियां, आवश्यक संसाधन और अन्य व्यवस्थाओं का पूर्ण विवरण होगा, जिसके बाद आगे की निर्माण प्रक्रिया शुरू होगी। विद्यार्थी देख, समझकर निष्कर्ष निकाल सकेंगे – विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और प्रयोगात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से डाइट नरसिंहपुर में प्रदेश का दूसरा साइंस प्ले पार्क विकसित किया जाएगा। भ्रमण दल के निरीक्षण के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे विद्यार्थी देखकर, समझकर, प्रयोग करके निष्कर्ष निकाल सकेंगे।  – राजीव किशोर श्रीवास्तव, प्राचार्य, डाइट नरसिंहपुर प्रायोगिक कार्य के प्रति रुचि विकसित होगी – जब विद्यार्थी साइंस प्ले पार्क से होकर प्रयोगशाला में प्रवेश करेंगे, तब उनमें प्रायोगिक कार्य के प्रति स्वाभाविक रुचि विकसित होगी। गतिविधि आधारित मॉडल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और तर्क करने की क्षमता बढ़ाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। – गोविंद बड़कुर, वरिष्ठ व्याख्याता एवं भ्रमण दल सदस्य

50 लाख से अधिक पट्टेधारियों को पट्टे की निःशुल्क पक्की रजिस्ट्री कराकर देगी हमारी सरकार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की लाडली बहनें लाभ लेने वाली नहीं बल्कि लाभ कमाने वाली बन रही है। नारी सशक्तिकरण केवल नारों से नहीं हो सकता है, इसके लिये प्रदेश सरकार दृढ़ संकल्पित होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को आगर-मालवा से प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार से अधिक लाड़ली बहनों को लाड़ली बहना योजना की 40वीं किश्त के रूप में सिंगल क्लिक से 1835 करोड़ रुपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की। इसमें आगर-मालवा जिले की 1 लाख 13 हजार से अधिक लाड़ली बहनें भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने आगर मालवा जिले को 254 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 50 विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 226 करोड़ रुपए से 33 विकास कार्यों का भूमिपूजन और क़रीब 28 करोड़ रुपए से 17 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने लगभग 118 करोड़ रुपए की लागत से 3 सड़क परियोजनाओं और 19 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाले शासकीय विधि महाविद्यालय का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगर में एक बड़ी गौशाला का निर्माण करने और आगर-मालवा जिले के हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मनुष्य की 'जैसी दृष्टि-वैसी सृष्टि'। विकास के लिए मन में संकल्प शक्ति होना जरूरी है और हम इसी संकल्प शक्ति से प्रदेश के विकास के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। हमने नागरिकों से विकास का जो भी वादा किया है, उसे पूरा करके भी दिखाया है। 'सच्चा वादा-पक्का काम' अब यही हमारी सरकार की मुख्य पहचान बन गया है। पट्टों की पक्की रजिस्ट्री कराकर पट्टेधारियों को नि:शुल्क देगी सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सितम्बर जनसेवा को समर्पित महीना है। आने वाली 17 सितम्बर से प्रदेश में जनसेवा से जुड़े दो बड़े काम प्रारंभ होने हैं। उन्होंने कहा कि 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना-2026' के तहत हमारी सरकार 17 सितम्बर से एक बहुत बड़ा कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ऐसे सभी 50 लाख से अधिक पट्टेधारियों को, जिनके पास पट्टे तो हैं, परंतु इसकी रजिस्ट्री नहीं है, इन सभी को हमारी सरकार पक्की रजिस्ट्री कराकर नि:शुल्क रूप से पट्टेधारियों को प्रदान करेगी। इन 50 लाख पट्टों की पक्की रजिस्ट्री का शुल्क सरकार अपने खजाने से वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे देश में मध्यप्रदेश ही सबसे पहले ऐसा नवाचारी और क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है। 25 सितम्बर से प्रारंभ होगी 'प्रदेश की अपनी सुगम बस सेवा' मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 17 सितम्बर से ही प्रदेश में अगले एक माह (17 अक्टूबर) की अवधि का 'सेवा संकल्प अभियान' प्रारंभ होने जा रहा है। इस अभियान में प्रदेशवासियों को जनसेवा और लोक कल्याण की नई-नई सौगातें दी जायेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान ही 25 सितम्बर (अनंत चतुर्दशी) से 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' का मंगल आरंभ कर 'प्रदेश की अपनी सुगम बस सेवा' की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सुगम बसें प्रदेश के गांव-गांव, पंचायत-पंचायत, कस्बे, ब्लॉक, तहसील सहित सभी छोटे-बड़े नगरों तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 लाख किमी का रोड़ नेटवर्क उपलब्ध है। प्रदेश में वर्ष 2030 तक 15 हज़ार से अधिक बसें चलाई जायेंगी। आशीर्वाद का दीपक जरुर जलाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन है। प्रधानमंत्री  मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारा भारत अब विश्व के अग्रणी देशों में आ गया है। उनके अबतक के सफल कार्यकाल में हम विश्व की तीसरी सबसे बडी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 'सेवा संकल्प अभियान' के पहले दिन अर्थात 17 सितम्बर को प्रदेश में एक साथ एक समय पर 58 लाख आशीर्वाद के दीपक जलाये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों और शासकीय योजनाओं का हितलाभ पाने वाले सभी लाभार्थियों से कहा कि वे सब 17 सितम्बर को शाम 7 बजे अपने-अपने घरों और प्रतिष्ठानों में आर्शीवाद का दीपक जलाकर प्रधानमंत्री  मोदी को उनके जन्मदिन का आर्शीवाद रूपी उपहार जरूर दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की लाड़ली बहनों को तीज और गणेश चतुर्थी की मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि बहनों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना हमारा लक्ष्य है। हम अपनी बहनों से किया हर वादा पूरी निष्ठा और समर्पण से निभायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों के मान सम्मान और सुरक्षा में कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। हमारी सरकार बहनों की आजीविका, स्व रोजगार और इनके आर्थिक स्वावलंबन के लिए सभी प्रबंध कर रही है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के सद्प्रयासों से हमारी बहनें अब सिर्फ़ हितलाभ पाने वाली ही नहीं, अपितु अपना हित स्वयं सृजित करने और लाभ कमाने वाली भी बन रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश की 4 लाख से अधिक बहनें अब सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की वित्तीय और तकनीकी मदद और स्व-उद्मशीलता से अब उद्योगपति बन रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिलाओं के हित में लिए किये जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना सिर्फ़ आर्थिक सहायता का माध्यम न होकर महिलाओं के आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी बहनों के सुखद, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। समारोह में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री  नागर सिंह चौहान, सांसद  महेन्द्र सिंह सोलंकी, विधायक  माधव सिंह, मधु गहलोत, जिला पंचायत अध्यक्ष मती मुन्नाबाई चैहान, जिलाध्यक्ष  ओम मालवीय सहित जनप्रतिनिधि, स्थानीय अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।  

अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आवाज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी अग्रिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में सदैव मानवाधिकार आयोग का ध्येय वाक्य "हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार" चरितार्थ होता रहा है। हमारे वेद वाक्य में यत् पिंडे तत् ब्रह्मांडे अर्थात् जैसे मुझ में है, वैसा ही ब्रह्मांड में है, का भाव समाहित है। हमने सदैव प्रकृति सहित सभी के साथ यही भाव रखा है। सनातन संस्कृति में मनुष्य योनि को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। हमारे पुण्य कर्म मानव जाति के कल्याण के लिए हमें प्रेरित करते हैं। प्रसन्नता और गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग पिछले तीन दशकों से अपने ध्येय वाक्य को चरितार्थ कर रहा है। यह वाक्य हमारे लोकतंत्र की उस मूलभावना का प्रतीक है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को समान गरिमा, समान अधिकार और न्याय का समान अवसर प्राप्त हो। मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग की तीन दशकों की यात्रा मानवाधिकारों के संरक्षण, संवर्धन और मानवीय गरिमा की रक्षा के लिए समर्पित रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस पर प्रशासन अकादमी आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अजजा वर्ग के मानवाधिकारों पर केंद्रित स्मारिका एवं त्रैमासिक न्यूज लेटर का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में स्मारिका, आयोग के त्रैमासिक न्यूज लेटर और आयोग की डायरी का विमोचन भी किया। मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग द्वारा इस अवसर पर अनुसूचित जनजाति वर्ग के मानवाधिकारों के संरक्षण और शासकीय योजनाओं की उन तक पहुंच विषय पर संगोष्ठी भी आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन कर्मयोगी अंतर्गत श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मिशन कर्मयोगी स्थापना सप्ताह में जनजातीय कार्य विभाग ने प्रदेश के सभी विभागों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सम्मान राज्य सरकार की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयोग ने यह विश्वास मजबूत किया है कि लोकतंत्र में अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आवाज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी अग्रिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की है। मानवता यही है कि सभी के लिए समानता के भाव के साथ कार्य किया जाये। राज्य मानवाधिकार आयोग निष्पक्षता और अपने मूल्यों के आधार पर कार्य करता रहेगा। प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सम्मान राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेशवासियों की सेवा में सक्रिय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी भारतीय संविधान में निहित लोकतांत्रिक और मानवीय मूल्यों के प्रति पूर्णत: प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री  मोदी जो कहते हैं, करके दिखाते हैं। कोविड 2019 महामारी के दौर में प्रधानमंत्री  मोदी ने कई देशों के नागरिकों को वैक्सीन उपलब्ध कराई और जियो और जीने दो के भाव को चरितार्थ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की आजादी के आंदोलन में अनेक वीर क्रांतिकारियों ने अपना बलिदान दिया। काकोरी कांड के बाद जब क्रांतिकारी पकड़े गए तो अंग्रेज अफसरों ने उन्हें यातनाएं दीं और कई अमानवीय कृत्य किए। प्रदेश में बालाघाट सहित देश के कई क्षेत्रों में नक्सलवाद की समस्या रही लेकिन तत्कालीन सरकारों ने नक्सलवादियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। हमारी सरकार ने लाल सलाम को देश में सबसे पहले अंतिम सलाम किया। विश्व में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां मानवाधिकारों के हनन से वर्तमान में भी कष्ट का वातावरण बना हुआ है। जनजातीय समाज का विकास हमारा सामाजिक और नैतिक दायित्वः जनजातीय कार्य मंत्री  विजय शाह मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए जनजातीय कार्य मंत्री  कुंवर विजय शाह ने कहा कि जनजातीय समाज का विकास मात्र सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि हम सभी का सामाजिक और नैतिक कर्तव्य भी है। जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान और आत्मसम्मान नहीं आता, तब तक हमारी विकास यात्रा अधूरी है। मंत्री  शाह ने प्रदेश में मानवाधिकारों के संरक्षण की दिशा में पूरी संवेदनशीलता के साथ नेतृत्व करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की संवेदनशीलता के कारण ही प्रदेश में अंत्योदय की भावना के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे पहले नक्सल मुक्त हुआ और अब विकास की सौगात नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक भी पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप प्रदेश में विशेष रूप से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह(पीवीटीजी) तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। मंत्री  शाह ने बताया कि मध्यप्रदेश में जनजातीय विकास के लिए 8 हजार करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके माध्यम से जनजातीय वर्ग, विशेष रूप से पीवीटीजी (बैगा, भारिया और सहरिया) को लाभान्वित करने के लिए उनके 14 गांवों में स्कूल, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र, पक्के आवास और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जीवन की स्वतंत्रता और गरिमा रखने वाले अधिकार ही मानवाधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषि-उद्योग सहित सभी क्षेत्रों में प्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। मानव अधिकारों से आशय उस पर्यावरण और परिस्थितियों से होता है, जो मानव को उसके जीवन की रक्षा, व्यक्तित्व के विकास और निर्माण के लिए अनिवार्य होती हैं। किसी व्यक्ति के जीवन की स्वतंत्रता और गरिमा रखने वाले अधिकार ही मानवाधिकार हैं। आजादी के बाद हमारे संविधान में मानवाधिकारों को प्रस्तावना के साथ ही नागरिकों के मूल अधिकारों के रूप में शीर्ष स्थान दिया गया है। आम नागरिकों में मानवाधिकारों के प्रति जागरुकता लाने के लिए आयोग ने जिले-जिले में जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए हैं। मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों का त्वरित निराकरण करने के साथ ही अब तक जनजातीय वर्ग के पीड़ितों को अब तक 6 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं की जानकारी स्थानीय बोली में उपलब्ध कराना आवश्यक है ये अधिकारी एवं कर्मचारी हुये सम्मानित चिन्हित कुल 27 पुरस्कारों में से आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्री  शाह ने … Read more

ईरान के हमलों से बढ़ा तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों को अब सिर्फ 2 तय समय पर मिलेगी अमेरिकी सुरक्षा

वाशिंगटन  अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शियल टौंकरों को दी जाने वाली सैन्य सुरक्षा, खासकर हवाई सुरक्षा के समय को सीमित कर दिया है। यह कदम इस अहम समुद्री रास्ते पर चलने वाले जहाजों पर ईरान के हमलों में बढ़ोतरी के बाद उठाया गया है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका मई से ही जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में ओमान के तट के पास वाले रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को हवाई सुरक्षा दे रहा था, जिससे ईरानी हमलों के बावजूद तेल की कुछ शिपमेंट आती-जाती रहीं। इस व्यवस्था के तहत, जहाज के मालिक सबसे पहले अमेरिकी नौसेना के कोऑर्डिनेशन सेंटर से मंजूरी लेते थे। यह सेंटर जहाजों को कोऑर्डिनेट्स और गुजरने का समय बताता था, जिसके दौरान अमेरिकी विमान उन्हें सुरक्षा देते थे। होर्मुज में टैंकरों की हवाई सुरक्षा के समय घटाया लेकिन NCAGS द्वारा समुद्री सलाहकारों को भेजे गए ईमेल के हवाले से पता चला है कि सितंबर की शुरुआत में रात भर मिलने वाली सुरक्षा की लंबी अवधि को घटाकर हर दिन दो तय ट्रांजिट स्लॉट कर दिया गया है। जहाजों को सलाह दी गई है कि वे तय समय पर अपनी यात्रा शुरू करें ताकि उन्हें अमेरिकी सेना से सबसे अच्छी सुरक्षा मिल सके। मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य अभियानों की देखरेख करने वाली यूएस सेंट्रल कमांड ने इन संदेशों को बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया और कहा कि NCAGS के संदेश खुद ही सब कुछ स्पष्ट करते हैं। कमर्शियल जहाजों पर बढ़े ईरान के हमले यह बदलाव तब हुआ जब कमर्शियल जहाजों पर हमले बढ़ गए। ईरान ने बुधवार को कहा कि उसने पांच ईरानी टैंकरों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में दो अमेरिकी जहाजों और आठ तेल टैंकरों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना ने कहा कि ये हमले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों से एक अमेरिकी युद्धपोत पर किए गए हमलों के बाद हुए थे। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने भी दुबई और इराक के पास टैंकरों पर ईरान के और हमलों की जानकारी दी। बता दें कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 70 से ज्यादा कमर्शियल जहाजों पर हमले हो चुके हैं।

स्टेशन पर गंदगी फैलाने वालों पर सख्ती, कचरा फेंका या थूका तो लगेगा 1000 रुपये का जुर्माना

भोपाल. ट्रेन से सफर करने वालों के लिए एक जरूरी खबर है। रेलवे स्टेशनों पर कचरा फेंकने या थूकने की आदत अब आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। रेल मंत्रालय ने स्वच्छता नियमों को सख्त करते हुए जुर्माने की रकम बढ़ा दी है। अगर कोई यात्री अब स्टेशन या रेल परिसर में गंदगी फैलाते पकड़ा जाता है, तो उसे 1000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा। 14 साल बाद नियमों में हुआ बदलाव आपको बता दें कि साल 2012 से रेलवे परिसर में गंदगी फैलाने वालों पर अधिकतम 500 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान था। अब पूरे 14 साल बाद रेलवे ने इस नियम की समीक्षा करते हुए बड़ा बदलाव किया है। नई अधिसूचना के तहत इस जुर्माने की राशि को दोगुना कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने इन नए नियमों को लागू भी कर दिया है, इसलिए अब सफर के दौरान खास सावधानी बरतने की जरूरत है। खानी पड़ेगी कोर्ट की हवा – अगर कोई यात्री सोचता है कि वह बहस करके या जुर्माना देने से इनकार करके बच निकलेगा, तो उसके लिए सख्त चेतावनी है। नए नियम साफ कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति मौके पर लगाया गया जुर्माना नहीं भरता है, तो उसके खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। ऐसे लोगों को सीधे सक्षम न्यायालय के सामने पेश किया जाएगा। इतना ही नहीं, कोर्ट में मामला जाने पर जज उस व्यक्ति पर 2000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकते हैं। स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाना है असल मकसद – जुर्माने की राशि बढ़ाने के पीछे रेल मंत्रालय का मुख्य उद्देश्य सिर्फ पैसा वसूलना नहीं है, बल्कि लोगों की आदतों में सुधार लाना है। रेलवे का मानना है कि स्टेशनों और परिसरों की साफ-सफाई व्यवस्था को तभी बेहतर बनाया जा सकता है, जब आम नागरिक भी इसमें सहयोग करें।

फर्जी पासपोर्ट कांड में बड़ा खुलासा, भोपाल-डबरा से 70 से अधिक पासपोर्ट बने; 15 अफसर जांच के घेरे में

ग्वालियर/भोपाल. मध्य प्रदेश में जाली दस्तावेज से बांग्लादेशियों के पासपोर्ट बनाने वाले नेटवर्क की कारगुजारियों ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इस मामले की जांच कर रही राज्य एसटीएफ ने अब तक जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें से नागपुर से पकड़े गए एक आरोपित का पासपोर्ट गुजरात में कच्छ जिले के मथल गांव के पते पर बना पाया गया। कच्छ के पास पाकिस्तान बार्डर लगता है, इसलिए एसटीएफ ने इस आरोपित जाय चौधरी बरूआ से गहन पूछताछ कर रही है। बौद्ध विहार के पते पर बना प्रियान राय का पासपोर्ट वहीं महाराष्ट्र के उल्लासनगर से पकड़े गए प्रियान राय का पासपोर्ट ग्वालियर के डबरा स्थित बौद्ध विहार के पते पर बना है। अब एसटीएफ के राडार पर सरकारी विभागों का वह सिस्टम है, जो सत्यापन से लेकर दस्तावेज बनाने वाली प्रक्रिया में शामिल है। यह वही दस्तावेज हैं, जिनके जरिये पासपोर्ट बने हैं। अब तक पुलिस और दूसरे विभागों के कर्मचारियों को मिलाकर 15 लोगों के नाम सूची में हैं। इसमें ग्वालियर के डबरा थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी विनायक शुक्ला, एचसीएम भूपेंद्र गुर्जर सहित अन्य पुलिसकर्मी व पासपोर्ट सेवा केंद्र के कर्मचारी भी हैं। एसटीएफ ने की डबरा के पते पर बने पासपोर्टों की पड़ताल बता दें कि अभी तक मध्य प्रदेश के दतिया के डबरा स्थित बौद्ध मठ के पते पर 17, भोपाल के अन्ना नगर स्थित बौद्ध मठ के पते पर 40, बैतूल से 11, छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले से एक-एक फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने का मामला सामने आया है। एसटीएफ ने अभी डबरा के पते पर बने पासपोर्टों की पड़ताल की है। इसमें सामने आया था कि सभी के फर्जी तरीके से आधार कार्ड आरोपित रियाल चौधरी ने बनवाए थे। वह असम के कामरूप जिले का रहने वाला है। अन्य जिलों से बने पासपोर्ट में भी उसकी भूमिका हो सकती है। मामले में अभी तक चार आरोपितों की गिरफ्तारी की गई है। एसटीएफ की जांच के दायरे में प्रदेश के पांच जिले ग्वालियर, भोपाल, पांणूर्ना, छिंदवाड़ा, बैतूल के अलावा दूसरे जिले भी हैं। यहां बौद्ध विहार व आंबेडकर पार्क के पते पर कितने ऐसे लोगों के पासपोर्ट बने जो कुछ समय पहले ही यहां आए थे। इन सभी के दस्तावेज, पासपोर्ट जांच के दायरे में हैं। 200 तक पहुंच सकती है, पासपोर्ट की संख्या जांच अधिकारियों को आशंका है कि जाली दस्तावेजों के आधार पर बने पासपोर्टों की संख्या 200 तक पहुंच सकती है। अभी अन्य पासपोर्ट की जांच जारी है, जो इन्हीं पते पर बने हैं। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की जांच में अब तक ऐसे 70 फर्जी पासपोर्ट की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अभी 100 से ज्यादा पासपोर्ट और हैं, जिनकी जांच चल रही है। यह भी संदिग्ध हैं। सत्यापन कर्मचारियों की सूची तैयार – नागपुर से पकड़े गए बांग्लादेशी का पासपोर्ट गुजरात के कच्छ के पते पर बना था। वहां भी एक टीम भेजी जाएगी। सत्यापन प्रक्रिया में शामिल पुलिस अधिकारी, पुलिसकर्मी एवं दूसरे विभागों के सरकारी कर्मचारियों की सूची तैयार की है। – राजेश सिंह भदौरिया, एसपी, एसटीएफ।

BRICS में ग्लोबल साउथ की बढ़ी आवाज, PM मोदी बोले- समाधान उनके लिए नहीं, उनके साथ मिलकर बनाएं

नई दिल्ली विविधता और सहयोग को सेलिब्रेट करते हुए ब्रिक्स समिट पूरी हुई। इस बार ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत ने की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि BRICS में ग्लोबल साउथ के देशों का विश्वास बढ़ा है, क्योंकि BRICS में उनकी आवाज सुनी जाती है, उनके अनुभव का सम्मान होता है और समाधान उनके लिए नहीं, उनके साथ मिलकर बनाए जाते हैं। टेक्नॉलजी और क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर ये बोले पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि BRICS की शक्ति हमारी विविधता और सहयोग में है। ब्रिक्स के पार्टनर देश और आउटरीच के लिए आमंत्रित विशेष प्रतिनिधियों के साथ एक सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नॉलजी और क्रिटिकल मिनरल्स का वेपनाइजेशन हमारी साझा प्रगति में बाधा बन सकता है। 'कोई भी संकट एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज की इंटरकनेक्टेड दुनिया में कोई भी संकट एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। चुनौतियों को समय रहते पहचानना, उनके लिए तैयार रहना और तुरंत कार्रवाई करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज विश्व में तनावों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लोगों के जीवन पर इसका बहुत नकारात्मक असर प्रभाव भी हो रहा है और व्यापक प्रभाव भी हो रहा है। पीएम मोदी का सबको साथ लेकर चलने पर जोर पीएम ने कहा कि महामारियों, क्लाइमेट डिजास्टर और सप्लाई चेन में गतिरोध ने दिखाया है कि आज की इंटरकनेक्टेड दुनिया में कोई भी संकट एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। इसलिए हमने ब्रिक्स समूह में कई कदम उठाए हैं। मोदी ने कहा कि टेक्नॉलजी और क्रिटिकल मिनरल्स का वेपनाइजेशन हमारी साझा प्रगति में बाधा बन सकता है। इसलिए हमने टेक्नॉलजी को अपनाने में सबको साथ लेकर चलने पर जोर दिया है। मित्रता, सहभागिता और सहयोग… ब्रिक्स समिट का ऐसे हुआ समापन उन्होंने कहा कि भारत ने ब्रिक्स के मंच से मित्रता, सहभागिता और सहयोग को आगे बढ़ाया है। हमारी कोशिश है कि ब्रिक्स सहयोग सिर्फ सरकारों तक सीमित ना रहे। हमारे उद्यमी, किसान, रिसर्चर, महिलाएं, युवा इसके सक्रिय भागीदार बनें। पीएम मोदी ने कहा कि हमारा मानना है कि BRICS में विकसित सल्यूशन का लाभ सिर्फ ब्रिक्स तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इन्हें ग्लोबल साउथ की जरूरतों के अनुरूप अपनाने की जरूरत है।

शी जिनपिंग ने BRICS में रखा चीन का 5 सूत्रीय एजेंडा, AI से लेकर व्यापार और आधुनिक कारखानों पर जोर

नई दिल्ली चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 18वें ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दुनिया में बराबरी की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि बिना नियमों वाली दुनिया उस चौराहे जैसी है, जहां यातायात संकेत नहीं हों। ऐसी जगह अराजकता होना तय है। जिनपिंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियम सभी देशों को मिलकर बनाने चाहिए। ताकतवर देश जो चाहे, वही सही है, यह सोच अब नहीं चल सकती। ग्लोबल साउथ के देशों को मिलकर अंतरराष्ट्रीय कानून का बचाव करना चाहिए। सभी देशों की बराबरी, दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में दखल न देना और विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने जैसे नियमों का पालन जरूरी है। साथ ही कानून और अंतरराष्ट्रीय नियम सभी पर एक जैसे लागू होने चाहिए। इसमें दोहरे मापदंड की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। शी जिनपिंग ने कहा कि बड़े काम करने के लिए लोगों को सबसे पहले रखना जरूरी है। ग्लोबल साउथ के देशों को आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास करना चाहिए और साल 2030 तक तय विकास लक्ष्यों को पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि चीन ने 5 साल पहले ग्लोबल डेवलपमेंट इनिशिएटिव शुरू किया था। इसके तहत दूसरे देशों के साथ मिलकर 2 हजार से ज्यादा परियोजनाएं पूरी की गई हैं। 2 लाख से अधिक लोगों को ट्रेनिंग भी दी गई है। इसका फायदा 120 से ज्यादा देशों के लोगों को मिला है। चीन दुनिया के लिए अपने दरवाजे और ज्यादा खोल रहा है। राजनयिक संबंध रखने वाले अफ्रीका के सभी 53 देशों को चीन ने बिना टैरिफ वाली सुविधा दी है। ब्रिक्स के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि उभरते बाजारों और ग्लोबल साउथ के देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने होंगे। उन्होंने उद्योग और सामान पहुंचाने की चेन को मजबूत रखने और आपसी फायदे वाले खुले सहयोग की बात कही। शी जिनपिंग ने कहा कि नई तकनीक, पारंपरिक उद्योगों के सुधार और नए क्षेत्रों में मिलकर काम करने की जरूरत है। चीन ने 5 नई पहल का रखा प्रस्ताव चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 5 नई पहल का प्रस्ताव रखा। पहली पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के खुले और सभी के लिए उपलब्ध ढांचे की है। चीन ब्रिक्स देशों के लिए एक साझा समूह बनाने, बड़े भाषा मॉडल पर सहयोग बढ़ाने, ट्रेनिंग और एक्सपर्ट बैठकों का आयोजन करने को तैयार है। व्यापार को आसान बनाना दूसरी पहल व्यापार और निवेश को आसान बनाने की है। चीन ने ब्रिक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र साझेदारी बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत देश आपस में नीतियों का तालमेल बढ़ा सकेंगे। चीन अगले साल सेवाओं के व्यापार पर ब्रिक्स मंच भी आयोजित करेगा। तीसरी पहल डिजिटल उद्योगों में सहयोग की है, जिसके लिए एक साझा क्लाउड मंच बनाने का प्रस्ताव है। आधुनिक कारखाने बनाना चौथी पहल समझदार मशीनों और कारखानों से जुड़ी है। चीन ब्रिक्स देशों को आधुनिक कारखाने बनाने और साझा मानक तैयार करने में मदद देगा। पांचवीं पहल विज्ञान और तकनीक से जुड़े हुनरमंद लोगों को तैयार करने की है। इसके लिए ब्रिक्स इंजीनियरों का साझा समूह बनाने और युवाओं के लिए विज्ञान-तकनीक नवाचार कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है।