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प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना ने पूरे किए जन-सुरक्षा के 11 वर्ष

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक और जनहितकारी पहल सिद्ध हुई हैं। इन योजनाओं ने गरीब, वंचित, श्रमिक, किसान एवं निम्न आय वर्ग के करोड़ों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार प्रदान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-सुरक्षा की इन तीनों योजनाओं ने सफलतापूर्वक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के 11 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक कम लागत में बीमा और पेंशन सुविधाएं पहुंचाना है। मध्यप्रदेश में भी राज्य सरकार द्वारा बैंकिंग संस्थाओं, डाकघरों एवं संबंधित विभागों के समन्वय से योजनाओं का लाभ अधिकाधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। आम नागरिकों की विपत्ति का संबल बनी प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से नागरिकों को अत्यंत कम प्रीमियम पर जीवन बीमा सुरक्षा उपलब्ध हो रही है। योजना के अंतर्गत किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये तक का जीवन बीमा कवर प्रदान किया जाता है। इस योजना में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारक शामिल हो सकते हैं। योजना का वार्षिक प्रीमियम मात्र 436 रुपये है, जिसे ऑटो-डेबिट के माध्यम से खातों से जमा किया जाता है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में अप्रैल 2026 तक के अंतर्गत देशभर में 27.43 करोड़ से अधिक नामांकन हो चुके हैं तथा 10 लाख 75 हजार से अधिक दावों के लिए 21 हजार 512 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। योजना के अंतर्गत 12.72 करोड़ महिलाओं तथा 8.09 करोड़ प्रधानमंत्री जन-धन खाताधारकों का नामांतर हुआ है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना ने हादसों में संभाले गरीब परिवार प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना दुर्घटना की स्थिति में गरीब एवं सामान्य परिवारों के लिए बड़ा आर्थिक संबल बनकर उभरी है। इस योजना में दुर्घटना से मृत्यु अथवा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। योजना में 18 से 70 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारक शामिल हो सकते हैं और इसका वार्षिक प्रीमियम मात्र 20 रुपये है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत अप्रैल 2026 तक 58.09 करोड़ से अधिक नामांकन किए जा चुके हैं तथा 1 लाख 84 हजार से अधिक दावों के लिए 3 हजार 667 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत 27.45 करोड़ महिलाओं तथा 19.30 करोड़ प्रधानमंत्री जन-धन खाताधारकों ने नामांकन कराया है। अटल पेंशन योजना बनी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, गरीबों की आर्थिक सुरक्षा अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, गरीबों एवं निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे बैंक खाताधारक, जो आयकरदाता नहीं हैं, शामिल हो सकते हैं। योजना में किए गए अंशदान के आधार पर 60 वर्ष की आयु के बाद 1 हजार रुपये से 5 हजार रुपये तक की गारंटीकृत मासिक पेंशन प्रदान की जाती है। अटल पेंशन योजना के अंतर्गत ग्राहक की मृत्यु के बाद उसके जीवनसाथी को पेंशन का लाभ मिलता है तथा उसके पश्चात संचित राशि नामांकित व्यक्ति को प्रदान की जाती है। योजना में मासिक, त्रैमासिक और अर्धवार्षिक आधार पर अंशदान की सुविधा उपलब्ध है। अटल पेंशन योजना में अप्रैल 2026 तक 9.04 करोड़ से अधिक लोग नामांकन करा चुके हैं तथा योजना में महिलाओं की भागीदारी लगभग 49 प्रतिशत है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन जन-सुरक्षा पोर्टल के माध्यम से नामांकन एवं दावा प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को भी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। जन-सुरक्षा योजनाएं आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। योजनाओं के मुख्य बिंदु प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना     यह सामाजिक सुरक्षा योजना वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई     योजना 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारकों के लिए लागू     किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर     योजना का वार्षिक प्रीमियम मात्र 436 रुपये     प्रीमियम राशि जमा करने के लिए बैंक खाते से ऑटो-डेबिट की सुविधा     प्रतिवर्ष किया जा सकता है योजना का नवीनीकरण     देश में 29 अप्रैल 2026 तक 27.43 करोड़ से अधिक नामांकन     10.75 लाख से अधिक दावों के लिए 21,512 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान     12.72 करोड़ से अधिक महिला हितग्राही योजना से जुड़ीं         प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना     योजना वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई     इस योजना में दुर्घटना बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है     योजना 18 से 70 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारकों के लिए लागू     दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण स्थायी दिव्यांगता पर 2 लाख रुपये का बीमा कवर     आंशिक स्थायी दिव्यांगता पर 1 लाख रुपये की सहायता     वार्षिक प्रीमियम मात्र 20 रुपये     प्रीमियम ऑटो-डेबिट सुविधा के माध्यम से जमा     29 अप्रैल 2026 तक 58.09 करोड़ से अधिक नामांकन     1.84 लाख से अधिक दावों के लिए 3,667 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान     27.45 करोड़ से अधिक महिलाओं ने कराया नामांकन         अटल पेंशन योजना     यह योजना भी वर्ष 2015 में लागू की गई     असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों एवं निम्न आय वर्ग के लिए पेंशन योजना     योजना 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारकों के लिए लागू     आयकरदाता इस योजना के पात्र नहीं     60 वर्ष की आयु … Read more

राजधानी भोपाल में टॉयलेट संकट, जगह की कमी से स्वच्छता मिशन पर लगा ब्रेक

भोपाल. स्वच्छता सुविधाएं बढ़ाने के लिए नगर निगम द्वारा शहर के 85 वार्डों में 160 सार्वजनिक शौचालय बनाए जाने हैं, लेकिन निगम प्रशासन के लिए इन शौचालयों के लिए जगह निर्धारित करना चुनौती बन गया है। कई स्थानों पर स्थानीय नेताओं और रहवासियों की आपत्तियों के चलते निर्माण कार्य अटक गया है। यही वजह है कि अभी तक 70 स्थानों पर ही निर्माण शुरू हो सका है। दरअसल, नगर निगम को केंद्र सरकार से अमृत 2.0 परियोजना के तहत 160 सार्वजनिक शौचालय बनाने के लिए राशि जारी की गई है। एक शौचालय के निर्माण पर लगभग चार लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। शहर के सभी 85 वार्डों में ऐसे स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं, जहां सार्वजनिक शौचालयों की जरूरत अधिक है। निगम के अधिकारियों के मुताबिक, एक शौचालय को 160 वर्ग फीट में तैयार करना है। 160 में से अभी तक 106 शौचालयों के लिए ही जगह चिह्नित की जा सकी है। हालांकि, इनमें से भी अभी तक करीब 70 स्थानों पर ही निर्माण कार्य शुरू हो पाया है। वहीं, 30 से अधिक शौचालय रहवासियों के विरोध और नेताओं की आपत्ति के चलते अधर में लटके हुए हैं।रहवासी भी कर रहे हैं विरोधवहीं, कई इलाकों में स्ट्रक्चर खड़े करने के बाद भी विरोध शुरू हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर सफाई और मेंटनेंस नहीं हुआ तो आसपास गंदगी और दुर्गंध फैलने लगेगी। शहर में पहले से संचालित कई सुलभ और सार्वजनिक शौचालय निजी केयरटेकर एजेंसियों के जरिए संचालित हो रहे हैं, लेकिन नए बनने वाले शौचालयों की देखरेख को लेकर स्पष्ट व्यवस्था सामने नहीं आई है। शौचालयों निर्माण के लिए जगह को लेकर हो रहा विवाद शौचालयों के निर्माण के लिए जगह को लेकर विवाद की स्थिति भी बनने लगी है। कई मामलों में जमीन के स्वामित्व और उपयोग को लेकर आपत्तियां न्यायालय तक पहुंच गई हैं। अब तक चार मामले न्यायालय में पहुंच चुके हैं। विवाद से बचने के लिए निगम पहले चयनित स्थानों पर प्रारंभिक खुदाई करवा रहा है और आपत्ति नहीं आने पर आगे का निर्माण शुरू किया जा रहा है। वहीं, ऐशबाग क्षेत्र में बाग उमराव दूल्हा क्षेत्र में बनाए जा रहे एक शौचालय के लिए जाने वाले रास्ते पर रेलवे ने दीवार खड़ी कर दी है। अब इस जगह को लेकर निगम प्रशासन ने रेलवे को पत्र लिखा है। शहर में यूरिनल निर्माण के लिए 106 जगह चिह्नित की गईं थीं। इनमें से करीब 70 जगह निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं, अन्य जगह भी जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किए जाएंगे।- आरआर जारोलिया, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम।

पीएम जन-मन के तहत प्रदेश को मिली 261 करोड़ लागत वाली 384 किमी सड़क परियोजनाएं, 168 जनजातीय बहुल बसाहटों को मिलेगा सीधा लाभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकास की प्रबल इच्छा-शक्ति हो, तो एक योजना ही पूरे देश के ग्रामीण इलाकों की तकदीर बदल सकती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने यह संभव कर दिखाया है। इस योजना से बनीं सड़कें गांवों की जीवन धारा बन चुकी हैं। ग्रामीण भारत की तकदीर और तस्वीर बदलने में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का योगदान अतुलनीय है। देश-प्रदेश के छोटे-बड़े कस्बों, गांव-देहात, टोले-मजरों की अंतिम सीमा तक पक्की सड़कों की पहुंच हो गई है। अब ग्रामीण क्षेत्रों तक आवागमन बेहद आसान हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम विकास कार्यक्रमों और लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल में उतारकर समावेशी विकास की लक्ष्य पूर्ति में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से नई रफ्तार मिली है। ग्राम्य भारत का पूरा परिदृश्य ही बदल देने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 साल पूरे होने पर आज मध्यप्रदेश इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बन रहा है। इस योजना का रजत जयंती समारोह वास्तव में ग्रामीण विकास के एक नए युग का उद्घोष है। पीएमजीएसवाय-फोर और पीएम जन-मन का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ देश के गांवों को मजबूत, टिकाऊ और सर्वकालिक सड़क सम्पर्क से जोड़ने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को सीहोर जिले के भैरुंदा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-4 एवं प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जन-मन) के कार्यों के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री  कमलेश पासवान सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर राज्य स्तरीय समारोह का विधिवत् शुभारंभ किया। कार्यक्रम में पीएमजीएसवाय की 25 वर्षों की यात्रा पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश ग्रामीण कनेक्टिविटी के मामले में देश में पहले स्थान पर है। प्रदेश में बीते कुछ सालों में 90 हजार 150 किमी सड़कों का निर्माण कर 17 हजार 540 से अधिक बसाहटों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया है। पिछले 25 सालों में सड़कों से मंडियों तक किसानों की पहुंच आसान हुई है। बच्चों की शिक्षा नियमित हुई और स्वास्थ्य सेवाओं में भी व्यापक सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समारोह के जरिए मध्यप्रदेश को 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सौगातें मिली हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की बात पर हम सभी साथ हैं। गरीब का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए हम केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गांव-देहात की सड़क एक रास्ता भर नहीं होती, यह विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मानजनक जीवन की आधार रेखा होती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने देश के गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। पीएमजीएसवाय-फोर ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रामीण अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। मध्यप्रदेश हमेशा ही इस राष्ट्रीय अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सुदूरवर्ती गांवों तक सड़क बनने से किसानों को बाजार तक पहुंचने, विद्यार्थियों को शिक्षा, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बुधनी क्षेत्र से आज प्रदेश को विकास की बड़ी सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी ने 25 साल पहले ग्रामीण सड़कों के निर्माण की शुरुआत की थी, जिसे भारत सरकार के सहयोग से राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है। आज प्रदेशवासियों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कें, प्रधानमंत्री आवास और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए राशि मिली है। सड़कों के निर्माण और रखरखाव के लिए मध्यप्रदेश को अलग-अलग कैटेगरी में तीन पुरस्कार मिले हैं। ग्रामीण सड़कों के निर्माण के मामले में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि विदिशा लोकसभा संसदीय क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा मांगे गए सभी विकास कार्यों एवं मांगों पर सहमति देते हुए इनकी पूर्ण मंजूरी की घोषणा की। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री  चौहान ने पीएमजीएसवाय-फोर एवं पीएम-जन-मन योजनाओं के स्वीकृति आदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे। केन्द्रीय मंत्री  चौहान ने मध्यप्रदेश को वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित निधि का 830 करोड़ रुपये सांकेतिक आवंटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। कार्यक्रम के दौरान देश के अन्य राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को डिजिटल माध्यम से वर्ष 2026-27 के लिए पीएमजीएसवाय से संबंधित निधि 18 हजार 907 करोड़ रुपये का सांकेतिक वित्तीय आवंटन जारी किया गया। इसमें से 830 करोड़ रुपये मध्यप्रदेश में होने वाले विकास कार्यों के लिए आरक्षित हैं। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री  चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण के अंतर्गत मध्यप्रदेश को 2 हजार 55 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन जारी कर इसका स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। केन्द्र सरकार का यह बजट आवंटन ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास और आवासीय सुविधाओं को नई गति देगा। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री  चौहान ने भारत सरकार द्वारा मूंग एवं सरसों की फसल समर्थन मूल्य में खरीदे जाने का स्वीकृति पत्र भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव सौंपा। रजत जयंती समारोह के दौरान ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इसके लिए लम्बाई, बसाहटों को जोड़ना, तकनीक के उत्कृष्ट प्रदर्शन, रखरखाव एवं गारंटी पीरियड के बाद भी बेहतर रख-रखाव के मानक की कुल पांच श्रेणियां बनाई गई हैं। इन श्रेणियों में से सर्वाधिक लम्बाई वाली पीएमजीएसवाय सड़क निर्माण में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला है। मध्यप्रदेश में कुल 90 हजार 150 किमी सड़कों का निर्माण किया गया है। पीएमजीएसवाय सड़कों से ग्रामीण बसाहटों को जोडने की श्रेणी में बिहार राज्य को पहला स्थान प्राप्त हुआ। दूसरा स्थान मध्यप्रदेश को मिला। मध्यप्रदेश में कुल 17 हजार 793 ग्रामीण बसाहटों को पक्की बारहमासी सड़कों से जोड़ा गया है। गारंटी पीरियड के बाद भी सड़कों को बेहतर रख-रखाव के मामले में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला है। बताया गया … Read more

दस्यु प्रभावित क्षेत्र अब प्रगति से बना रहा है नई पहचान गुनिया नदी के पुनर्जीवन के लिए लेंगे केन्द्र सरकार का सहयोग

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार को प्राथमिकता देते हुए किसानों, महिलाओं और गरीबों के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए सक्रिय है। पर्यटन और पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त करेगा। गुना क्षेत्र में सीमेंट निर्माण इकाई से डेढ़ हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। अडाणी समूह की ओर से 32 हैक्टेयर भूमि पर इस इकाई की स्थापना के फलस्वरूप 4 मिलीयन टन सीमेंट उत्पादन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को गुना जिले में अंम्बुजा सीमेंट फैक्ट्री के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक विकास, अधोसंरचनात्मक सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन विकास कार्यों से गुना जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर सेवाओं का लाभ मिलेगा। प्रदेश का ग्वालियर और चंबल अंचल कभी डकैतों की गोलियों से गूंजता था, अब यहां विकास का परचम लहरा रहा है। अब यहां दस्युओं के स्थान पर प्रगति पहचान का माध्यम बनी है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। सरकार जनहित के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गुना अंचल के लिए आज होली और दीपावली के त्यौहारों की तरह उल्लास का वातावरण है। इस क्षेत्र में सिंचाई, पानी, बिजली के साथ सभी नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जो आगे भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की महत्वपूर्ण घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय इस क्षेत्र के विकास के लिए सिंधिया परिवार द्वारा पहल की गई थी। अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकास को गति दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री  सिंधिया द्वारा दिए गए सुझावों को मानते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें गुनिया नदी के पुनर्जीवन के लिए 80 करोड़ 22 लाख राशि का प्रस्ताव भारत सरकार की जल शक्ति योजना में भेजने, लक्ष्मण कोपरा से राम नगर टकोदिया तक पहुंच को आसान बनाने के लिए पार्वती नदी पर 42 करोड़ रुपए की लागत से ब्रिज निर्माण और गुना शहर के भुजारिया तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 25 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की घोषणा शामिल है। उद्योग खुलने से युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना होगा : केंद्रीय मंत्री  सिंधिया केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए मुख्यमंत्री डा. यादव परिश्रम और निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। गुना के विकास के लिए नई दीप माला प्रज्ज्वलित हो रही है। केन्द्रीय मंत्री  सिंधिया ने कहा कि गुना क्षेत्र में सीमेंट इकाई की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है। यह कार्य बहुप्रतिक्षित था। उन्होंने लगभग सौ वर्ष पूर्व सिंधिया परिवार द्वारा इस क्षेत्र में किए गए औद्योगीकरण के प्रयासों का उल्लेख भी किया।  सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों की स्थापना के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे गुना के युवाओं को अन्य प्रांतों में रोजगार तलाशने नहीं जाना पड़ेगा। बहनों को भी लखपति दीदी बनाकर समृद्धि का लाभ दिलवाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री  सिंधिया ने कहा कि कोटा-बीना लाइन के दोहरीकरण, तात्या टोपे विश्वविद्यालय प्रारंभ करने की पहल, जल प्रदाय योजना और सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन, गुना से देवास राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा बनाने के लिए 5 हजार करोड़ के व्यय, गुना के लिए 15 किलोमीटर लंबाई के बायपास जैसे कार्य आमजन को सुविधा प्रदान कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र में गुना -चाचौड़ा- राघोगढ़ क्षेत्र के किसान पंजाब की तरह पहचान बना रहे हैं। मध्यप्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र हो रहा सशक्त :  प्रणव अदाणी उद्योगपति  प्रणव अदाणी ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से विकास को नई रफ्तार मिली है। अधोसंरचना, लॉजिस्टिक, ट्रांसपोर्ट और अन्य सुविधाओं से मध्यप्रदेश में उद्योग क्षेत्र की मजबूती सुनिश्चित की जा रही है। पीएम गति शक्ति मिशन से औद्योगिक क्षेत्र का वातावरण सशक्त हो रहा है। गत वर्ष भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अदाणी समूह के चेयरमेन  गौतम अदाणी ने एक लाख हजार करोड़ से अधिक निवेश का संकल्प व्यक्त किया था, जिसे साकार करने के लिए सीमेंट इकाई की आधारशिला रखी जा रही है। प्रथम चरण में एक हजार 60 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जो आगामी चरणों में तीन गुना से अधिक होगा।  अदाणी ने मध्यप्रदेश में कटनी, कैमोर सहित अन्य क्षेत्रों में सीमेंट और अन्य इकाइयों की स्थापना की पहल की गई। समूह द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रोजेक्ट अमल में लाए जाएंगे। खाद्य,नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण एवं गुना जिले के प्रभारी मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में विकास का पहिया तीव्र गति से घूम रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग वर्ष के बाद कृषि वर्ष में प्रदेश में समृद्धि के प्रयास तेज किए हैं। परियोजनाओं के लिए जिन किसानों की भूमि ली जाएगी उन्हें चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में भारत सरकार से अनुमति प्राप्त करने के बाद 78 लाख मीट्रिक टन के स्थान पर 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। किसानों को उनकी मेहनत की पूरी कीमत दी जा रही है। कार्यक्रम में जिले के विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। रोड शो में हुआ भव्य स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री  सिंधिया के गुना आगमन पर रोड-शो में नागरिकों ने पुष्पहारों से भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय नागरिक जिनमें युवा, व्यापारी वर्ग, महिला समाज, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों का अभिवादन किया।  

अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज कबीरधाम जिले के डोंगरिया में आयोजित अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज की एकता, संगठन, सामाजिक चेतना तथा देश और प्रदेश के विकास में कुर्मी समाज के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि एक संगठित और सशक्त समाज ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला होता है। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों को सिंचाई, सड़क और धार्मिक पर्यटन से जुड़े महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगात भी दी। इससे पूर्व उन्होंने जलेश्वर महादेव धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया तथा प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कुर्मी समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियों ने देश की एकता, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कुर्मी समाज मेहनतकश, प्रगतिशील और जागरूक समाज है, जिसने खेती-किसानी से लेकर शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक नेतृत्व तक हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के नए दौर से गुजर रहा है। अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण करोड़ों देशवासियों की आस्था का प्रतीक बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रामलला दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन करा रही है तथा अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में “मोदी की गारंटी” को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है, जिससे प्रदेश की लाखों मातृशक्ति के खातों में 27-27 हजार रुपये की राशि पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 हजार 500 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। रेलवे अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की पांच प्रमुख शक्ति पीठों को विकसित कर धार्मिक और सांस्कृतिक कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जो समाज शिक्षित और संगठित होता है, वही निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित करता है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और संगठन में निहित होती है। उन्होंने कहा कि जिस समाज के प्रेरणास्रोत छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महानायक हों, वह समाज स्वाभाविक रूप से गौरवशाली और प्रगतिशील बनता है। उन्होंने समाज से शिक्षा, संगठन और सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का आह्वान किया। राज्यसभा सांसद मती लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि कुर्मी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता, संगठन और पारस्परिक विश्वास है। उन्होंने कहा कि जहां विश्वास, संस्कार और चरित्र का समावेश होता है, वहां समाज निरंतर प्रगति करता है और नई पीढ़ियों को दिशा देता है। तखतपुर विधायक  धरमजीत सिंह ने कहा कि कुर्मी समाज छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख, जागरूक और प्रगतिशील समाज है, जिसकी मजबूत उपस्थिति प्रदेश के लगभग प्रत्येक गांव में दिखाई देती है। पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा ने कहा कि कुर्मी समाज मेहनत, कर्मठता और प्रगतिशील सोच के लिए जाना जाता है तथा समाज के लोग हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष  सर्वेश कटियार ने कहा कि कुर्मी समाज की संगठनात्मक परंपरा 132 वर्षों से अधिक पुरानी है। समाज ने अपनी मेहनत, सामाजिक मूल्यों और एकता के बल पर देशभर में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां कुर्मी समाज की सक्रिय भागीदारी रही है, वहां विकास और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिली है। इस अवसर पर गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं समाज के लोग उपस्थित थे।

“लीडर पर हमला परमाणु युद्ध”, किम की मौत पर ऑटोमैटिक न्यूक्लियर स्ट्राइक का आदेश

नई दिल्ली उत्तर कोरिया ने अपने संविधान में बड़ा बदलाव किया है. अब अगर किम जोंग उन की हत्या हो जाती है या विदेशी हमले में देश की कमांड व्यवस्था नष्ट हो जाती है, तो सेना को ऑटोमैटिक परमाणु हथियारों से जवाबी हमला करना होगा. इसके लिए किसी अलग आदेश की जरूरत नहीं पड़ेगी. दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने यह जानकारी दी है. यह बदलाव ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद किया गया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके कई सलाहकार मारे गए थे. नया संवैधानिक प्रावधान क्या कहता है? उत्तर कोरिया की 15वीं सुप्रीम पीपुल्स असेंबली की बैठक 22 मार्च को प्योंगयांग में हुई थी. इसी में यह संशोधन पास किया गया.नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (NIS) ने वरिष्ठ अधिकारियों को बताया कि अब न्यूक्लियर फोर्सेस पर नियंत्रण अगर दुश्मन के हमले से खतरे में पड़ जाए तो ऑटोमैटिक और तुरंत परमाणु हमला किया जाएगा. नए नियम के मुताबिक, किम जोंग उन के कमांड सिस्टम को खतरा होने पर कोई इंतजार नहीं होगा. परमाणु हथियारों का इस्तेमाल अपने आप हो जाएगा. इससे पहले यह नीति मौखिक रूप से हो सकती थी, लेकिन अब इसे संविधान में लिखित रूप से मजबूत कर दिया गया है. ईरान की घटना क्यों बनी वजह? ईरान पर हालिया हमलों ने उत्तर कोरिया को बड़ा सबक दिया. अमेरिका और इजरायल ने जिस तेजी से ईरानी नेतृत्व को निशाना बनाया, उसे देखकर किम जोंग उन और उनकी सरकार डर गई. प्रोफेसर आंद्रेई लैंकोव ने कहा कि ईरान घटना उत्तर कोरिया के लिए वेक-अप कॉल साबित हुई. उन्होंने देख लिया कि नेतृत्व को एक साथ खत्म करने वाले हमले कितने प्रभावी हो सकते हैं. उत्तर कोरिया अब ऐसी स्थिति से बचना चाहता है. अगर किम या उनकी कमांड टीम मारी जाती है तो देश का परमाणु जवाब अपने आप एक्टिव हो जाएगा. किम की हत्या करना कितना मुश्किल है? किम जोंग उन अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं. वे हमेशा भारी सुरक्षा घेरे में रहते हैं. वे हवाई यात्रा से बचते हैं. ज्यादातर बख्तरबंद ट्रेन से सफर करते हैं. उत्तर कोरिया की सीमाएं पूरी तरह बंद हैं. विदेशी लोग बहुत कम आते हैं. उनकी निगरानी सख्ती से की जाती है. ईरान में इजरायली खुफिया एजेंसियों ने ट्रैफिक कैमरों को हैक करके नेताओं की लोकेशन पता की थी, लेकिन प्योंगयांग में सीसीटीवी और इंटरनेट की व्यवस्था बहुत सीमित है. इसलिए वहां ऐसी जानकारी हासिल करना बेहद कठिन है. फिर भी उत्तर कोरिया सैटेलाइट तकनीक और अन्य खुफिया खतरे से चिंतित है. दक्षिण कोरिया की सीमा पर नया खतरा उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया की सीमा के पास नई आर्टिलरी तैनात करने की घोषणा की है. किम जोंग उन ने हाल ही में एक हथियार फैक्ट्री का दौरा किया जहां नई 155 मिलीमीटर की सेल्फ-प्रोपेल्ड गन का परीक्षण हुआ. यह तोप लगभग 60 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक मार कर सकती है. इससे दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल और आसपास के महत्वपूर्ण इलाके इसके दायरे में आ जाएंगे. उत्तर कोरिया का कहना है कि यह नया हथियार उनकी जमीनी सेना को बड़ी ताकत देगा. उत्तर और दक्षिण कोरिया तकनीकी रूप से अब भी युद्ध की स्थिति में हैं. 1950-53 का युद्ध केवल संघर्षविराम पर खत्म हुआ था. शांति संधि नहीं हुई. हाल के वर्षों में उत्तर कोरिया ने एकीकरण की पुरानी बातों को अपने संविधान से हटा दिया है. दक्षिण कोरिया को मुख्य दुश्मन बताता है. दक्षिण कोरिया की शांति पहल के बावजूद उत्तर कोरिया अपनी आक्रामक नीति जारी रखे हुए है. परमाणु हथियारों को लेकर नया प्रावधान पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकता है. दुनिया के लिए क्या मतलब? यह बदलाव दिखाता है कि उत्तर कोरिया अपने नेता की सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रम को कितनी अहमियत देता है. अगर किम पर हमला होता है तो परमाणु युद्ध शुरू होने की आशंका बढ़ जाती है. विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया की सेना नेतृत्व के प्रति वफादार है. किसी भी हमले को अस्तित्व का खतरा मानकर जवाबी कार्रवाई करेगी.   यह घटनाक्रम पूर्वी एशिया में सुरक्षा की स्थिति को और जटिल बना रहा है. दक्षिण कोरिया और अमेरिका दोनों इस विकास पर नजर रखे हुए हैं. यह संवैधानिक बदलाव उत्तर कोरिया की 'अगर मैं मरा तो सब कुछ नष्ट' वाली नीति को और मजबूत करता है. दुनिया के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है.

शपथ लेते ही एक्शन में सीएम विजय, सचिवालय पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था पर की बड़ी बैठक

 तमिलनाडु   तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने शपथ लेने के तुरंत बाद राज्य सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपनी पहली आधिकारिक बैठक की अध्यक्षता की। अपनी पहली बैठक दौरान सीएम विजय ने राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। दरअसल, आज यानी रविवार को टीवीके प्रमुख विजय ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ लेने के बाद तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय ने सचिवालय की पहली बैठक की अध्यक्षता की और कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को मौजूदा सुरक्षा और प्रशासनिक स्थितियों के बारे में जानकारी दी। यह विजय की सरकार प्रमुख के रूप में पहली आधिकारिक समीक्षा थी। मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का एकमात्र उद्देश्य तमिलनाडु की प्रगति और जन-कल्याण है। पीएम मोदी को दिया धन्यवाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर बधाई देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। विजय ने एक पोस्ट में कहा, "मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर शुभकामनाओं के लिए मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक धन्यवाद देता हूं।" अपनी सरकार की प्राथमिकताओं पर जोर देते हुए विजय ने कहा कि उनके प्रशासन का एकमात्र उद्देश्य तमिलनाडु के लोगों का कल्याण और प्रगति होगा। उन्होंने राज्य के निरंतर विकास के लिए केंद्र सरकार के सक्रिय समर्थन और सहयोग की आशा भी व्यक्त की। 17वीं विधानसभा का पहला सत्र 11 मई से 17वीं तमिलनाडु विधानसभा का पहला सत्र सोमवार, 11 मई, 2025 को सुबह 9.30 बजे चेन्नई स्थित सचिवालय के विधानसभा कक्ष में आयोजित करने के लिए बुलाया गया है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस दिन नव निर्वाचित विधायक सत्र के दौरान शपथ ग्रहण करेंगे। विधानसभा सचिवालय ने सभी निर्वाचित सदस्यों को शपथ ग्रहण के समय अपना चुनाव प्रमाण पत्र साथ लाने का निर्देश दिया है। वहीं, तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव मंगलवार, 12 मई को सुबह 9:30 बजे होंगे।

समय पर शुरू और पूरे हों विकास कार्य, मंत्री देवांगन ने अफसरों को चेताया

रायपुर. प्रदेश के उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने नगर निगम कोरबा के अधिकारियों को कडे़ निर्देश देते हुये कहा है कि निगम क्षेत्र के वार्डाे में प्रगतिरत विकास कार्याे को समयसीमा के अंदर पूरा करायें तथा जो कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं किये गये हैं, उन्हें शीघ्र प्रारंभ कराये। उन्हेाने कहा कि निर्माण कार्याे को प्रारंभ करने में देरी व कार्य प्रारंभ कर बीच में कार्य रोकने वाली निर्माण एजेंसियों के विरूद्ध कार्यवाही करें, नोटिस दें तथा यदि फिर भी कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता तो अमानत राशि राजसात करते हुये ऐसे निर्माण एजंेसियों को ब्लेक लिस्ट किये जाने की कार्यवाही भी करें। उन्होने यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि किया जा रहा विकास कार्य पूर्ण गुणवत्तायुक्त है, साथ ही गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का कम्प्रोमाईज न हो, यह भी सुनिश्चित करें।    उक्ताशय के निर्देश उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने  विकास कार्याे की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये। मंत्री श्री देवांगन ने नगर पालिक निगम कोरबा के दर्री जोन व सर्वमंगलानगर जोन के अधिकारियों व वार्ड पार्षदों की बैठक लेकर इन दोनों जोन के 20 वार्डाे के विकास कार्याे की वार्डवार समीक्षा की। बैंठक के दौरान महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद श्री नरेन्द्र देवांगन भी उपस्थित थे। वर्तमान में दर्री जोन व सर्वमंगलानगर जोन में कुल 166 कार्य स्वीकृत हुये थे, जिसमें दर्री जोन के 14 वार्डाे के 112 कार्य स्वीकृत कार्याे में 45 कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, 45 कार्य प्रगतिरत हैं तथा 22 कार्य अभी अप्रारंभ हैं। इसी प्रकार सर्वमंगला नगर जोन के 06 वार्डाे के स्वीकृत 54 विकास कार्याे में 28 कार्य पूर्ण, 14 प्रगतिरत व 12 विकास कार्य अप्रारंभ है। अप्रारंभ विकास कार्याे की वार्डवार समीक्षा करते हुय उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि संबंधित निर्माण एजेंसियों को नोटिस दें तथा कार्याे को शीघ्र प्रारंभ करायें, इसी प्रकार प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ कार्य बीच में रूके हुये हैं, इस पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुये अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संबंधित निर्माण एजंेसियों को कार्य प्रारंभ करने का नोटिस दें, फिर भी यदि उनके द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता तो उनकी जमा अमानत राशि राजसात करते हुये उन्हें ब्लेक लिस्टेड किये जाने की कार्यवाही करें। उद्योग मंत्री देवांगन ने अधिकारियों से कहा कि विकास व निर्माण कार्याे के संपादन के दौरान संबंधित अभियंतागण कार्याे की निरंतर मानीटरिंग करें, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें तथा यह अंतिम रूप से सुनिश्चित करें कि विकास कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ संपादित हों तथा कार्य में उपयोग की जाने वाली सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप हों। विविध निर्माण कार्याे की वार्डवार समीक्षा बैठक के दौरान उद्योग मंत्री देवांगन ने दर्री जोन व सर्वमंगला नगर जोन के वार्डाे में विभिन्न मदों जिला खनिज न्यास मद, अधोसंरचना, वित्त आयोग मद, मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, राजस्व व आपदा प्रबंधन, प्रभारी मंत्री मद, विधायक मद, सी.एस.आर. मद, महापौर मद, पार्षद निधि, निगम मद सहित अन्य विभिन्न मदों के अंतर्गत किये जाने वाले सी.सी. रोड निर्माण, नाली निर्माण, सामुदायिक भवन, सार्वजनिक शेड मंच, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी, किचन शेड, अहाता व बाउण्ड्रीवाल, शौचालय निर्माण, उप स्वास्थ्य केन्द्र उन्नयन, अतिरिक्त क क्षों का निर्माण, चबूतरा, सांस्कृतिक मंच निर्माण, कलवर्ट, मुक्तिधाम, घाट पचरी निर्माण, तालाब गहरीकरण, कांजी हाउस जीर्णाेद्धार, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था से जुड़े कार्य तथा विद्युत विस्तार व स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की कार्य प्रगति की वार्डवार समीक्षा की तथा कार्याे की कार्यप्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिये।  साफ-सफाई कार्याे में और अधिक कसावट लायें  उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन बैठक के दौरान उक्त दोनों जोन के 20 वार्डाे की साफ-सफाई व्यवस्था व किये जा रहे सफाई कार्याे की समीक्षा की तथा स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिये कि साफ-सफाई कार्याे में और अधिक कसावट लायें। उन्होने कहा कि विगत वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण में हमारे कोरबा ने स्वच्छता रैंकिंग में देश में 08वॉं स्थान प्राप्त किया था, हम सबको मिलकर इस दिशा में और अधिक मेहनत करनी होगी ताकि हमारा कोरबा देश में नम्बर-01 पर आये तथा छत्तीसगढ़ राज्य व ऊर्जानगरी कोरबा का गौरव बढ़े।  पेयजल आपूर्ति व स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की समीक्षा  बैठक के दौरान उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था तथा स्ट्रीट लाईट से जुडे़ कार्याे की कार्यप्रगति की समीक्षा की। उन्हेाने अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि सभी वार्ड बस्तियो में पेयजल की आपूर्ति निर्वाध रूप से तथा नियत समय में की जाएं, विद्युत अवरोध, पाईप लाईनों की टूट-फूट या किसी अन्य कारणवश किसी वार्ड व बस्ती में पानी की सप्लाई बाधित होती है तो तत्काल टैंकर के माध्यम से वहॉं पानी उपलब्ध कराया जाए ताकि इस बढ़ती गर्मी में वहॉं के नागरिकों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने निगम द्वारा लगाई जा रही नई स्ट्रीट लाईटों के कार्य में तेजी लाने तथा जिन वार्डाे में स्ट्रीट लाईट लगाई जा रही है, उन सभी वार्डाे में एक साथ कार्य किये जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।  पार्षदगण अनिवार्य व आवश्यक कार्याे के प्रस्ताव मुझे दें  समीक्षा बैठक के दौरान उपस्थित वार्ड पार्षदों से उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि वार्डाे में जो कार्य कराये जाने अत्यंत आवश्यक है, उन कार्याे के सूची वे मुझे उपलब्ध करायें, ताकि इन आवश्यक कार्याे के प्राक्कलन तैयार कराकर शासन से स्वीकृति प्राप्त किये जाने की कार्यवाही की जा सके तथा वार्ड के नागरिकों की मंशा व उनकी आवश्यकता के अनुरूप वार्ड में विकास कार्य कराये जा सके। समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें  इस अवसर पर महापौर संजूदेवी राजपूत ने निगम के अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान जो भी निर्देश प्रदान किये जा रहे हैं, उनका कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि निगम के विकास व निर्माण कार्याे, नागरिक सेवाओं व सुविधाओं से जुड़े कार्याे की कार्यप्रगति में तेजी के साथ-साथ आमजन की समस्याओं व शिकायतों पर विशेष रूप से फोकस करें तथा प्राप्त शिकायतों का समयसीमा में निराकरण करायें। बैठक … Read more

पर्यटन विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर, गेहूं सर्वे कंपनी को सौंप दिया गया था बरगी क्रूज संचालन

जबलपुर बरगी जलाशय में हुए क्रूज हादसे की जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। प्रारंभिक पड़ताल में पता चला है कि मध्य प्रदेश पर्यटन निगम में क्रूज संचालन आउटसोर्स कर्मचारियों के माध्यम से किया जा रहा था। इसके लिए भोपाल से संचालित आरबी एसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को ठेका दिया गया था। इस कंपनी के द्वारा ठेके पर मानव संसाधन पर्यटन विभाग को उपलब्ध कराए जाते हैं। कृषि क्षेत्र की कंपनी को मिला पर्यटन का जिम्मा प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मेकल रिसॉर्ट बरगी में कार्य करने वाले अधिकांश कर्मचारी आउटसोर्स में थे। जिस क्रूज हादसे में 13 लोगों की डूबने से मौत हुई थी, उस क्रूज में कार्य करने वाले कर्मचारी भी आउटसोर्स में कार्यरत थे। ये सभी आरबी एसोसिएट के लिए कार्य करते थे। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार यह कंपनी मूल रूप से मानव संसाधन उपलब्ध करवाती है और इसका प्रमुख कार्य कृषि क्षेत्र में है। गेहूं के लिए सर्वेयर की नियुक्ति कंपनी की तरफ से होती है। बिना अनुभव वाली कंपनी पर मेहरबानी कंपनी ने अपने प्रोफाइल में यह जानकारी दी हुई है। कंपनी की तरफ से पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने का कोई खास अनुभव नहीं दर्शाया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना अनुभव वाली नई-नवेली कंपनी को प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में मानव संसाधन का ठेका देना क्या वाजिब था? सिर्फ यहीं मप्र पर्यटन में जल क्रीड़ा के प्रभारी सीडीआर राजेंद्र निगम ने माना कि क्रूज संचालन करने वाले महेश पटेल आउटसोर्स कर्मचारी थे, लेकिन उन्होंने दावा किया कि महेश पर्याप्त अनुभवी थे। विभाग का पक्ष और कर्मचारी का अनुभव महेश पटेल ने खुद अपने बयान में बताया कि उसके पास 12 साल से क्रूज संचालन का अनुभव था। राजेंद्र निगम ने कहा कि ठेका कंपनी कौन थी यह मायने नहीं रखता है। ठेके से संबंधित कार्य उनके विभाग का नहीं है। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ यह कह सकते हैं कि महेश पटेल जो क्रूज चला रहे थे उनके पास पर्याप्त अनुभव था। वेबसाइट पर दर्ज जानकारी और सुरक्षा पर प्रश्न आरबी एसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में स्थापित यह कंपनी मूल रूप से मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन और राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित के लिए गेहूं गुणवत्ता परीक्षण और सर्वेयर कार्य हेतु आउटसोर्स कर्मचारियों की व्यवस्था करती रही है। अब यही कंपनी पर्यटन निगम के अंतर्गत क्रूज संचालन से जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति कर रही थी। जांच के घेरे में सुरक्षा मानक और आपदा प्रबंधन सूत्रों के अनुसार कंपनी के पास पर्यटन, जल परिवहन या क्रूज संचालन का विशेष अनुभव नहीं था। हालांकि, आउटसोर्स व्यवस्था के तहत अधिकांश पुराने कर्मचारियों को ही दोबारा रखा गया था, जो वर्षों से कार्यरत बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद हादसे के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या संवेदनशील पर्यटन और जल सुरक्षा सेवाओं में विशेषज्ञता रखने वाली एजेंसियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। अधिकारियों का तबादला, देखें लिस्ट जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कर्मचारियों के प्रशिक्षण, सुरक्षा मानकों और आपदा प्रबंधन संबंधी प्रक्रियाओं का पालन किस स्तर तक किया गया था। हादसे के बाद प्रशासनिक और तकनीकी जवाबदेही को लेकर कई गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।     पर्यटन विभाग में सैकड़ों कर्मचारी आउटसोर्स पर कार्य करते हैं। आरबी एसोसिएट ग्लोबल कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को आउटसोर्स का ठेका मिला हुआ है। मैं इस बारे में बहुत कुछ नहीं बोल सकता हूं। मेरा तबादला हो चुका है।- संजय मल्होत्रा, पर्यटन विभाग (क्रूज हादसे के वक्त क्षेत्रीय अधिकारी जबलपुर)  

जमीन विवाद में हैवान बनी बड़ी मां, दमोह में मासूम भतीजे की ले ली जान

दमोह/तेंदूखेड़ा. दमोह जिले के महुआखेड़ा गांव में 3 वर्षीय बच्चे अनिरुद्ध सिंह की हत्या का मामला सुलझ गया है। पुलिस ने बच्चे की सगी बड़ी मां राजकुमारी लोधी को गिरफ्तार किया है, जिसने आंगन के विवाद में अपने ही भतीजे को जहर देकर और गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। मृतक के दादा छोटे सिंह लोधी ने बताया कि विवाद की असली वजह घर का आंगन था। अनिरुद्ध के पिता तीन भाई हैं और सबके पास चार-चार एकड़ जमीन है, लेकिन साझा आंगन दादा के नाम था। राजकुमारी चाहती थी कि वह आंगन उसके नाम हो जाए ताकि वहां से कोई दूसरा न निकल सके। इसी रंजिश में 3 मई, शुक्रवार सुबह 9:30 बजे, जब घर के नल खुले थे और सब काम में व्यस्त थे, उसने अनिरुद्ध को अगवा कर लिया। हत्या का तरीका और शव छिपाने की कोशिश एसपी आनंद कलादगी के अनुसार, आरोपी महिला ने पहले बच्चे को जहर खिलाया, फिर गला दबाया और सिर पर पत्थर पटककर उसकी हत्या कर दी। उसने शव को बोरे में भरकर घर के अंदर ही भूसे के ढेर में छिपा दिया। शुक्रवार रात भर पुलिस गांव में सर्चिंग करती रही, इसलिए वह शव बाहर नहीं निकाल सकी। इस दौरान वह खुद भी परिजन के साथ बच्चे को खोजने का नाटक करती रही। कचरे के ढेर से मिला शव शनिवार सुबह जैसे ही पुलिस घर के पास से हटी, राजकुमारी ने शव को भूसे से निकालकर प्लास्टिक के टब में रखा और बाहर गोबर के ढेर पर फेंक दिया। उसने शव के ऊपर कचरा डाल दिया ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, जब डॉग स्क्वायड की टीम गांव पहुंची, तो खोजी कुत्ता सीधे उसी ढेर पर जाकर रुक गया, जहां से पुलिस को बोरे में बंद शव मिला। रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा गया। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल दो बेटियों के बाद हुए इकलौते बेटे की मौत से मां संगीता लोधी का बुरा हाल है। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पुलिस समय रहते घर के अंदर तलाशी लेती, तो शायद बच्चा जीवित मिल जाता। इस पर एसपी ने कहा कि डीएसपी स्तर के अधिकारी से मामले की जांच कराई जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस आरोपी महिला के पति भगवान सिंह से भी पूछताछ कर रही है।