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सरगुजा के विकास को नई दिशा: मंत्री अग्रवाल ने संपूर्णता अभियान 2.0 का किया शुभारंभ

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ सरगुजा के पिछड़े क्षेत्रों को मिलेगी नई उड़ान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जनपद पंचायत लखनपुर, सरगुजा में नीति आयोग के मार्गदर्शन में संपूर्णता अभियान 2.0 का औपचारिक शुभारंभ किया। यह अभियान आकांक्षी प्रखंडों एवं पिछड़े क्षेत्रों के समग्र, संतुलित और सतत विकास के संकल्प को मजबूत बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। लखनपुर में आयोजित कार्यक्रम में अग्रवाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में अभियान के उद्देश्यों, कार्ययोजना एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया पर गहन चर्चा की। उन्होंने सभी को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए, ताकि अभियान का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। अग्रवाल ने कहा कि नीति आयोग के मार्गदर्शन में संपूर्णता अभियान 2.0 छत्तीसगढ़ के पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ेगा, जहां स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं पर समग्र फोकस रहेगा। संपूर्णता अभियान 2.0 का व्यापक स्वरूप संपूर्णता अभियान 2.0 नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम का उन्नत संस्करण है, जो 112 संकेतकों पर आधारित पहल है। यह पहले संस्करण से अधिक स्थानीयकृत, समुदाय-केंद्रित और सतत विकास पर जोर देता है। अभियान शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, जल संरक्षण, वित्तीय समावेशन, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे जैसे बहुआयामी क्षेत्रों को कवर करता है। सरगुजा जैसे आदिवासी क्षेत्रों के लिए यह विशेष रूप से प्रासंगिक है। अभियान का लक्ष्य गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और सतत विकास है। प्राथमिकताओं में डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक संरक्षण शामिल हैं। अग्रवाल ने बल दिया कि यह केवल सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि समुदाय, एनजीओ और निजी क्षेत्र की साझेदारी से चलेगा, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन दूर हो। कार्ययोजना में प्रखंड-स्तरीय डैशबोर्ड निगरानी, मासिक समीक्षाएं और लक्ष्यबद्ध परियोजनाएं हैं। लखनपुर में सड़कें, स्कूल उन्नयन, आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभाग डेटा-संग्रहण से पारदर्शिता सुनिश्चित करें, ताकि 2026 अंत तक सरगुजा के आकांक्षी प्रखंडों में ठोस प्रगति हो। राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संपूर्णता अभियान 2.0 से प्रत्येक नागरिक को समान अवसर देगी। यह पिछड़े क्षेत्रों को समृद्ध कर छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास की नई इबारत लिखेगी।

जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के सहयोग से संपूर्णता अभियान 2.0 सफल होगा: देवांगन

रायपुर. कैबिनेट मंत्री देवांगन की अध्यक्षता में आकांक्षी जिला अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मंत्री देवांगन ने कहा कि विगत वर्ष संपूर्णता अभियान 1.0 के तहत निर्धारित संकेतकों पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देशन में नीति आयोग द्वारा कोरबा जिले को विकास की तेज राह पर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संपूर्णता अभियान 2.0 लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सरपंचों सहित सभी जनप्रतिनिधियों की सहभागिता और विभागीय अधिकारियों के समन्वय से आकांक्षी जिले के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए कोरबा को विकास व प्रगति के पथ पर आगे ले जाना उनकी प्राथमिकता है। मंत्री देवांगन ने कहा कि इस अभियान के सभी मानकों को प्राप्त करने में सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। योजनाओं का सफल क्रियान्वयन और उनका लाभ पात्र व्यक्तियों तक सुनिश्चित रूप से पहुँचे, इसके लिए समर्पित भाव से कार्य करना जरूरी है।  कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित इस जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित भारत की दिशा में लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए डीएमएफ की व्यवस्था से जिले में अनेक विकास कार्य संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 विजन को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी छत्तीसगढ़ को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मंत्री देवांगन ने जनजागरूकता के माध्यम से संपूर्णता अभियान 2.0 के निर्धारित संकेतकों पर प्रभावी कार्य कर लक्ष्यों की प्राप्ति और कोरबा जिले को आकांक्षी जिला श्रेणी से बाहर लाने के लिए सभी की सहभागिता अत्यंत आवश्यक बताई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि कोरबा जिला लंबे समय से आकांक्षी जिला श्रेणी में शामिल रहा है। संपूर्णता अभियान 1.0 में बेहतर कार्य होने पर जिले को प्रोत्साहन मिला था। उन्होंने कहा कि संपूर्णता अभियान 2.0 में जिन संकेतकों को शामिल किया गया है, उन पर उपलब्धि हासिल करने पर सम्मानित किए जाने का भी प्रावधान है।  इस अवसर पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि शासन द्वारा आकांक्षी योजना का जिलों और आकांक्षी ब्लॉकों में प्रभावी संचालन कर तेज विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आकांक्षी जिले के सभी मानकों की लक्ष्य प्राप्ति हेतु आगामी तीन माह तक संबंधित विभागों द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना के आधार पर फील्ड में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि संपूर्णता अभियान प्रधानमंत्री जी का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है, जिसके अंतर्गत देशभर के कुछ जिलों और ब्लॉकों का चयन किया गया है। कोरबा जिला भी आकांक्षी जिले के रूप में शामिल है। संपूर्णता अभियान 1.0 के दौरान निर्धारित संकेतकों पर योजनाबद्ध कार्य किया गया था। संपूर्णता अभियान 2.0 आज से प्रारंभ हुआ है और 14 अप्रैल तक स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करना लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और कृषि के प्रमुख संकेतकों को निश्चित समय सीमा में संतृप्त करना प्रमुख उद्देश्य है। अभियान का मकसद नियमित निगरानी और शासन तंत्र के प्रभावी एकीकरण के माध्यम से विगत वर्ष की उपलब्धियों को मजबूत करते हुए आगे बढ़ाना है। उन्होंने निर्धारित संकेतकों का उल्लेख करते हुए कहा कि हम सभी एकजुट होकर शतप्रतिशत उपलब्धि हासिल करेंगे और सम्मानित होंगे। पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने अभियान की सफलता की कामना करते हुए संबंधित विभागों को निर्धारित मानकों की लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने की बात कही, ताकि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग ने सम्पूर्णता अभियान के उददेश्यों को विस्तार से बताया।  संपूर्णता अभियान 2.0 के प्रमुख उद्देश्य अभियान का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों एवं योजनाओं के बीच अभिसरण को मजबूत कर समग्र विकास को गति प्रदान करना है। स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय नेतृत्व और सामुदायिक प्लेटफार्मों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से जनभागीदारी बढ़ाना, तथा सफल कहानियों का दस्तावेजीकरण कर नवाचार और पारस्परिक सीख को प्रोत्साहित करना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्वास्थ्य एवं पोषण क्षेत्र में जन्म के समय शिशुओं के वजन में सुधार, क्षय रोग (टीबी) केस नोटिफिकेशन की दर में वृद्धि, तथा प्रत्येक माह कम से कम एक बार ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस अथवा शहरी स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस आयोजित करने वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रतिशत को बढ़ाना प्रमुख संकेतक हैं। शिक्षा एवं कृषि क्षेत्र में क्रियाशील बालिका शौचालयों वाले विद्यालयों का प्रतिशत तथा टीकाकृत पशुओं का अनुपात भी प्रमुख संकेतकों में शामिल है। मंत्री देवांगन द्वारा शपथ दिलाई गई, स्व सहायता समूहों को चेक का वितरण उद्योग एवं श्रम मंत्री देवांगन ने संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ करते हुए उपस्थित सभी अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को अभियान की सफलता हेतु शपथ दिलाई। इस अवसर पर अतिथियों ने सेल्फी जोन में स्मृति फोटो भी लिए। कार्यक्रम में बिहान से जुड़े स्व-सहायता समूह-ग्राम दोंदरो की देवी स्व-सहायता समूह, जय मां दुर्गा स्व-सहायता समूह, जामबहार की जय मां लक्ष्मी एवं जय अंबे स्व-सहायता समूह, तथा सोनपूरी की राधा कृष्णा स्व-सहायता समूह को मंत्री देवांगन द्वारा चेक वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त उन्होंने कोलगा के उतरा सिंह, पंचराम, शांति और दुकालुराम को स्वायल हेल्थ कार्ड भी प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने स्व-सहायता समूह द्वारा लगाये स्टाल का भी अवलोकन किया।

लखनपुर में विकास को गति: मंत्री राजेश अग्रवाल ने 4.18 करोड़ के 26 कार्यों का भूमिपूजन किया

रायपुर. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने नगर पंचायत लखनपुर में 4 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक कीमत के 26 विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी और अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचेगी। डबल इंजन सरकार छत्तीसगढ़ के बहुमुखी विकास के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। लखनपुर में आयोजित  समारोह में अग्रवाल ने सभी 26 परियोजनाओं का विधिवत भूमिपूजन किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ये कार्य क्षेत्र के समग्र उत्थान का आधार बनेंगे और सरगुजा जैसे पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, जल निकासी व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटिंग, सामुदायिक भवन और पेयजल सुविधाओं का विस्तार शामिल है। कुल 4.18 करोड़ रुपये की लागत से ये कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिए जाएंगे, जिससे लखनपुर नगर पंचायत का मूलभूत ढांचा सशक्त होगा। विशेष रूप से ग्रामीणों की लंबे समय की मांगों को ध्यान में रखते हुए ये योजनाएं तैयार की गई हैं। श्री  अग्रवाल ने कहा कि डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि विकास की किरण अंतिम छोर तक पहुंचे। छत्तीसगढ़ का बहुमुखी विकास सुनिश्चित करते हुए हम हर क्षेत्र को समृद्ध बनाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता के लिए निर्देशित किया, तथा जनता से सक्रिय सहयोग की अपील की।

मुख्यमंत्री साय कृषि और ग्रामीण विकास के सभी पहलू पर कर रहे हैं बेहतर कार्य

रायपुर. मुख्यमंत्री साय कृषि और ग्रामीण विकास के सभी पहलू पर कर रहे हैं बेहतर कार्य केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को कृषि के क्षेत्र में उन्नत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों और राज्य सरकार के अधिकारियों की टीम अगले एक हफ्ते में छत्तीसगढ़ के एग्रोक्लाइमेट के अनुरूप विशेष नीति बनाएंगे। बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त व सचिव श्रीमती शहला निगार, सहित केन्द्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय महानदी भवन में कृषि विभाग के कामकाज की उच्च स्तरीय समीक्षा उपरांत अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने बैठक में यह भी कहा कि प्रदेश में फसल विविधिकरण को बढ़ावा देना है ताकि किसानों की आय बढ़े। साथ ही छोटी जोत के किसानों को कृषि से इतर पशुपालन, मत्स्यपालन, वानिकी जैसे सहायक गतिविधियों को भी बढ़ावा देना है। केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में रिसर्च की समस्या, वैरायटी की समस्या को दूर किया जाएगा और फसलों के वैविध्य पर काम किया जाएगा। चौहान ने कहा जिस मंशा से मैं यहाँ आया हूँ, वह यह है कि अच्छा काम हो रहा है, लेकिन और बेहतर करने की अनंत संभावनाएं हैं। अलग-अलग प्रयोग कर कृषि को और सशक्त बनाएंगे। उन्होंने कहा कि अनुसंधान ऐसा होना चाहिए, जिससे सीधे किसानों को लाभ मिले। उन्होंने फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन को मजबूत करने, कृषि यंत्रों के वितरण के फिजिकल वेरिफिकेशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य जिला योजना की समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ के कृषि अधिकारियों और सहयोगियों से संवाद कर टीम वर्क के साथ नवाचार पर ज़ोर दिया और कहा कि अच्छा काम करने वालों को सम्मान मिलेगा। मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ में कृषि विकास एवं किसानों के सशक्तिकरण को लेकर केन्द्र एवं राज्य सरकार के योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि विविध फसलों के लिए छत्तीसगढ़ में उपयुक्त जलवायु क्षेत्र है। उन्होंने फसल विविधिकरण पर जोर देते हुए यहां के जलवायु के अनुरूप अलग-अलग जिलों व क्षेत्रों में अलग-अलग फसलों को बढ़ावा देने की बात कही। केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के किसानों के आय को बढ़ाने की दिशा में निरंतर सार्थक प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि उपकरणों एवं कृषि तकनीकों को अपनाकर नवाचार के साथ खेती करने से फसलों के उत्पादन में वृद्धि होगी, किसान सशक्त होंगे और देश समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में बेहतर कार्य हो रहे हैं। दलहन-तिलहन सहित बागवानी फसलों के लिए भी राज्य में उपयुक्त जलवायु है। इससे फसल परिवर्तन तथा विविधिकरण से किसानों के आय में वृद्धि होगी।  केन्द्रीय मंत्री चौहान ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना, कृषि सिंचाई योजना, मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेस योजना, कृषि उन्नति, प्रधानमंत्री जनधन योजना, बागवानी मिशन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पीएम सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को शत-प्रतिशत लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंन पॉम ऑयल और मखाना की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केन्द्र सरकार की ओर से तत्परता से मिलने वाले सहायोग के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को उम्मीद से अधिक मद्द केन्द्र सरकार से मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से राज्य में ग्रामीण विकास एवं कृषि के क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए मिले दिशा-निर्देश से इन क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी। 

मप्र अपडेट: 10 साल से सेवा देने वाले संविदा कर्मचारी अब होंगे नियमित, मोहन यादव ने किया ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के ढाई लाख संविदाकर्मियों को बड़ी सौगात दी है. राज्य सरकार ने 10 साल से अधिक अनुभव रखने वाले संविदाकर्मियों को नियमित पदों पर संविलियन की प्रक्रिया और आगे बढ़ाने जा रही है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह घोषणा मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मंच से की है. यह प्रक्रिया अभी खाली पदों में से 50 फीसदी पदों के लिए जारी है. सीएम ने कहा कि 10 साल से अधिक अनुभवी संविदाकर्मियों को नियमित पदों पर संविलियन की अभी तक 50 फीसदी पदों के लिए प्रक्रिया जारी है, इस दिशा में आगे और काम किया जाएगा. कार्यक्रम में संविदाकर्मियों को कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता और सेवा समाप्ति के मामलों में सीसीए नियम लागू करने पर भी सहमति बनी है. संविदाकर्मियों के लिए यह लिए गए निर्णय भोपाल के टीटी नगर दशहरा मैदान में हुए मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मंच के संविदा अधिकारी कर्मचारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि "संविदाकर्मियों की भूमिका हनुमान जी के समान है. उनके श्रम और साझेदारी की मदद से ही शासन प्रशासन की व्यवस्था बनाई गई है. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संविदाकर्मियों से जुड़ी कई मांगों को लेकर बात की. मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 सालों से अधिक अनुभवी संविदाकर्मियों को नियमित पदों पर संविलियन की अभी 50 प्रतिशत पदों के लिए प्रक्रिया चल रही है, इस दिशा में और काम किया जाएगा. सामान्य प्रशासन विभाग संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी कंडिकाओं का केंद्र और राज्य पोषित परियोजनाओं में लागू किया जाएगा. राज्य शासन के निगम मंडल इसे लागू करेंगे. संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी विभागों में संविदा कर्मियों के लिए एनपीएस, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा लाभ, अनुकंपा नियुक्ति के लिए केंद्र पोषित-राज्य पोषित समस्त योजनाओं-परियोजनाओं में एक साथ क्रियान्वयन व संविदा कर्मियों के लिए प्रावधान सीसीए रूल 1965, 1966 को पूरी तरह से लागू करने के लिए निर्णय लिया जाएगा. विभागों में पदस्थ संविदा कर्मचारियों की विसंगतियों को दूर करने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित की गई समिति द्वारा इस पर विचार किया जाएगा. संविलियन से यह होगा फायदा अनुभवी संविदाकर्मियों को नियमित किए जाने की प्रक्रिया और बढ़ाए जाने से संविदाकर्मियों को बड़ा लाभ होगा. प्रदेश में अभी संविदाकर्मियों की संख्या करीबन ढाई लाख है. इसमें से आधे को नियमित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है. संविलियन होने से वे सरकारी विभाग में स्थायी कर्मचारी बन जाएंगे. इससे आम कर्मचारियों के समान सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा. इसके बाद ऐसे सभी कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता मिल सकेगा. अभी संविदा कर्मचारियों को साल में एक बार मूल्य सूंचकांत पर भत्ता दिया जाता है, जो बहुत मामूली होता है. संविदा अधिकारी या कर्मचारियों को नियमित पदों के समकक्ष संविदा पद पर लगातार 10 साल सेवा पूरी कर चुके हैं, उनके लिए विभाग में सीधी भर्ती के तहत अधिकतम 50 पद या रिक्त पदों के 50 फीसदी तक नियुक्तियां आरक्षित रखी जाती हैं. उन्हें भी अन्य अभ्यर्थियों के साथ सीधी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होना पड़ता था और कम से कम 50 फीसदी कटऑफ अंक लाना जरूरी था.

‘गालियां देने से नहीं बनेगा हिंदू राष्ट्र’, धीरेंद्र शास्त्री का संदेश साफ

बांदा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बांदा में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में हिंदू समाज को महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को गाली देने या किसी दूसरे समुदाय को निशाना बनाने से भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बन सकता। अपने संबोधन में शास्त्री ने कहा कि पहले हिंदुओं को अपनी कुरीतियों और आंतरिक खामियों को सुधारने की जरूरत है। तभी समाज में शांति, एकता और सौहार्द स्थापित हो सकता है। दिव्य हनुमंत कथा के दस दिन बाद एक बार फिर से धीरेंद्र शास्त्री शुक्रवार को बांदा पहुंचे। वह खुरहंड स्टेशन स्थित सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी के आवास पर आयोजित सुंदरकांड व हनुमान चालीसा पाठ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा, 'हिंदू मेरी एक बात नोट कर लें, मुसलमानों को गालियां देकर हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा। हिंदुओं को अपनी कुरितियां सुधारी पड़ेंगी, तभी भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा। जो हमारे सनातन में कमियां है उसे दूर करेंगे तभी बनेगा और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का एक ही उपाय है। वह है, जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।' हमारे यहां 25 बार पेशी न हो तब तक नहीं होता तलाक बागेश्वरधाम ने कहा कि उनके यहां तो तीन बार हूं.. हूं.. और तलाक, हमारे यहां तो जब तक 20 से 25 बार पेशी न हो जाए तब तक तलाक नहीं होता है। उनमें कोई बुराई नहीं है। अच्छी बात है कायदे में रहेंगे तो फायदे में रहेंगे। चादर चढ़ाओगे कभी कैंडिल जलाओगे तो कैसे होगी कृपा? धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हमारा काम है दर पर जाना, उनका काम है बिगड़ी बनाना और परमात्मा का काम है सब कुछ संभालना। एक बात याद रखना, अगर तुम भगवान पर भरोसा रखोगे तो वह तुम्हारा भरोसा कभी टूटने नहीं देगा। अगर तुम बीच में अलीउल्लाह वालों के पास चले जाओ, कभी चादर चढ़ाने लगो, कभी कैंडिल जलाने लगो और फिर कहो कि हनुमान कृपा नहीं कर रहे। पूरी तरह भगवान पर छोड़ दो या फिर सच में भगवान पर ही छोड़ दो।

किसानों का जीवन संवारना हमारा कर्तव्य, कृषक कल्याण वर्ष का करें प्रभावी क्रियान्वयन

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जो हम सबके अन्नदाता हैं, उनके दुख-दर्द की चिंता करना हमारा कर्तव्य है। किसानों का समग्र कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। यह सरकार के लिए एक मिशन है। सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। किसानों का जीवन संवारने और इनकी बेहतरी के लिए पूर्ण समर्पित भाव से मिशन मोड में कृषक कल्याण वर्ष का बेहद प्रभावकारी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रदेश के सभी कमिश्नर्स-कलेक्टर्स को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। किसान रथ चलाये जाएं। इनका शुभारंभ स्थानीय सांसद/विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से ही कराएं। उन्होंने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में किसानों से विभिन्न स्थानों पर को निरंतर संवाद करें। उन्हें ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर अधिकाधिक रकबे/मात्रा में मूंगफली और उड़द की फसल लेने के लिए प्रोत्साहित करें। प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करें। जलवायु, ऊर्जा एवं सतत् कृषि को बढ़ावा देने के लिए ई-विकास पोर्टल एवं किसानों को संतुलित मात्रा में भी उर्वरकों का उपयोग के लिए जागरूक किया जाए। आकांक्षी जिलों में चल रही प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना से अधिकाधिक किसानों को लाभान्वित किया जाए। दलहनी और तिलहनी फसलों का उत्पादन क्षेत्र बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए हर जरूरी प्रयास किए जाएं। कृषि से जुड़े विभागों और इस क्षेत्र में प्रगतिशील स्वयं सेवी संगठनों एवं संस्थाओं के साथ मिलकर किसानों के कल्याण के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष मनाने में किसान कल्याण एवं कृषि विकास के नेतृत्व में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन एवं डेयरी, मत्स्य पालन, जल संसाधन, सहकारिता, ऊर्जा, राजस्व, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कुटीर एवं ग्रामोद्योग सहित 15 से अधिक विभाग सक्रिय भूमिका निभायेंगे। पराली/नरवाई जलाने की घटनाओं पर लगाएं रोक, किसानों को जागरूक किया जाए कि वे खेत का भूसा गौशालाओं में पहुंचाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिले में पराली/नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्ती से अकुंश लगाएं। अपने-अपने जिले का नरवाई प्रबंधन प्लान बनाएं। खेतों से निकलने वाली पराली/भूसे का समुचित उपयोग होना चाहिए। फसलों के अवशेष से गोबर से कंपोजिट बायोगैस संयंत्रों की स्थापना की जाए। सभी कलेक्टर्स यह तय करें कि किसानों द्वारा खेत से निकली पराली और भूसा निकटतम छोटी-बड़ी गौशालाओं में ही पहुंचाया जाए। इससे गौवंश को लाभ मिलेगा। दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए करें समन्वित प्रयास – पशुपालकों के लिए तैयार हो रहा एक ऐप मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे अपने जिले में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए समन्वित प्रयास करें। पशुपालकों को नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य पर ध्यान देने से होने वाले आर्थिक लाभों के बारे में जागरूक करें। मत्स्य बीज उत्पादन के लिए जिला स्तर पर अधिकाधिक मत्स्य प्रक्षेत्र विकसित किए जाएं। हर नगरीय निकाय क्षेत्र में फिश पार्लर स्थापित किए जाएं और यह सुनिश्चित करें कि मछली विक्रेता तय फिश पार्लर/मार्केट में ही मछली बेंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नगरीय निकायों में फिश पार्लर बनाये जायेंगे। इसके लिए पृथक से राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कलेक्टर्स किसानों से लगातार संवाद करते रहें। कृषक कल्याण वर्ष की तय गतिविधियों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें। रोस्टर तैयार कर कृषि उपज मंडियों का सतत् निरीक्षण करें और कृषि उत्पादों पर विपणन पर विशेष ध्यान देकर इनके मूल्य संवर्धन के लिए पूरी कमर्शियल चेन का निर्माण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि के लिए विभाग को नवाचार अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को दुग्धोत्पादन बढ़ाने के सभी नए-नए तरीके और उपाय बताएं जाएं। प्रमुख सचिव पशुपालन ने बताया कि पशुपालकों के ज्ञान संवर्धन के लिए एक ऐप तैयार किया जा रहा है। यह ऐप पशुपालकों को बताएगा कि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए किस प्रकार की गाय/भैंस को कैसा आहार खिलाना चाहिए। इससे पशुपालक सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। कृषक कल्याण वर्ष की कार्य योजना पर करें अमल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देशित करते हुए कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के लिये तय की गई कार्य योजना का फील्ड में बेहतर तरीके से अमल किया जाए। इस अवधि में विशेष अभियान चलाया जाए। छोटे-बड़े कार्यक्रम भी किए जाएं। निचले स्तर पर किसानों से सघन सम्पर्क स्थापित किया जाए। सभी हितग्राहियों का सत्यापन एवं सहयोग भी लिया जाए। नए हितग्राहियों का चयन भी इस दौरान किया जाए। प्रचलित सभी योजनाओं, नीति-नियम एवं निर्देशों का सरलीकरण एवं सुधार की कार्यवाही की जाए। विभाग या संस्था की जरूरत के अनुसार नई योजना या कार्यक्रम भी इस दौरान प्रारंभ किए जाएं। विभिन्न प्रकार की नवाचारी गतिविधियां भी की जाएं। कृषि सेक्टर के विकास के लिए नए वित्तीय स्त्रोतों जैसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी), पुनर्घत्वीकरण एवं कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर फंड) का उपयोग भी किया जाए। केन्द्र सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से अनुदान या मंजूरी पाने के लिए भी कृषक कल्याण वर्ष में विशेष प्रयास किए जाएं। फरवरी में डिण्डोरी में होगा कोदो-कुटकी बोनस वितरण कार्यक्रम, मार्च में होगा राज्य स्तरीय सहकारिता सम्मेलन मुख्यमंत्री ने कृषक कल्याण वर्ष में होने वाली मासिक गतिविधियों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि फरवरी के पहले सप्ताह में डिंडोरी जिले में कोदो-कुटकी का बोनस वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रदेश के 16 से अधिक जिलों में कोदो-कुटकी उत्पादन होता है। वर्ष 2025 में 2800 टन कोदो-कुटकी की शासकीय खरीदी की गई है। दूसरे सप्ताह में गुलाब महोत्सव आयोजित होगा। तीसरे सप्ताह में शत-प्रतिशत किसानों के आईडी पंजीयन तथा किसान उन्मुखी योजनाओं के एग्रीस्टैक से एकीकरण के लिए निमाड़ क्षेत्र के किसी जिले में राज्यस्तरीय एग्रीस्टैक एवं डिजिटल कृषि प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसी तरह इस माह के अंतिम सप्ताह में कृषि मंथन के नाम से अलग-अलग जिलों में दो बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मार्च में राज्यस्तरीय सहकारिता सम्मेलन के जरिए किसानों को नये कृषि ऋण देने के अलावा कृषक न्याय मित्र योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जाएगा। इस … Read more

राज्यस्तरीय समारोह में उच्च शिक्षा विभाग की झांकी को दूसरा स्थान, मंत्री परमार ने दी शुभकामनाएं

भोपाल. उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने, गणतंत्र दिवस के अवसर पर भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा "शोध एवं अनुसंधान, समृद्ध मध्यप्रदेश की पहचान" थीम पर प्रस्तुत आकर्षक झांकी को राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान अर्जित करने की महत्वपूर्ण उपलब्धि मिलने पर, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों को बधाई दी है। अनुसंधान, नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमता पर आधारित रही उच्च शिक्षा विभाग की झांकी राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा रविंद्र भवन में आयोजित लोकरंग कार्यक्रम के दौरान, गणतंत्र दिवस के अवसर पर भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तुत "शोध एवं अनुसंधान, समृद्ध मध्यप्रदेश की पहचान" थीम पर आकर्षक झांकी को द्वितीय स्थान मिलने पर सम्मानित किया गया। ज्ञातव्य है कि राज्य स्तरीय समारोह में प्रस्तुत 23 विभागों की झांकियों में, उच्च शिक्षा विभाग की झांकी ने राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। उच्च शिक्षा विभाग की यह झांकी प्रदेश को अनुसंधान, नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमता आधारित ज्ञान-व्यवस्था के अग्रणी राज्य के रूप में प्रस्तुत कर रही थी। इसका मूल भाव यह प्रतिपादित करता है कि उच्च शिक्षा में शोध, तकनीकी नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ही समृद्ध, आत्मनिर्भर और सतत विकासशील मध्यप्रदेश की सुदृढ़ आधारशिला हैं। प्रदेश की प्रगति का मार्ग ज्ञान-सृजन, नवाचार और अनुसंधान आधारित समाधानों से होकर गुजरता है, यही इस झांकी का केन्द्रीय संदेश रहा है। झांकी के अग्र भाग में रिसर्च एवं एआई इनोवेशन जोन का सजीव चित्रण किया गया, जहाँ अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमता, रोबोटिक्स, डेटा एनालिक्स और डिजीटल डैशबोर्ड के माध्यम से विद्यार्थी एवं शोधकर्ता नवाचार करते हुए दिखाई दे रहे थे। यह दृश्य, उच्च शिक्षा संस्थानों में विकसित होती अनुसंधान संस्कृति, स्टार्टअप इकोसिस्टम और तकनीक आधारित समाधान निर्माण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को प्रभावी रूप से रेखांकित करता दिखाई दिया। झांकी का मध्य भाग प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के प्रतीकात्मक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया। स्मार्ट कक्षाएँ, डिजीटल प्रयोगशालाएँ, इनोवेशन हब, सोलर पैनल और हरित संरचनाएँ यह दर्शाती दिखीं कि राज्य में उच्च शिक्षा को शोध-आधारित, कौशल-उन्मुख और सतत विकास से जोड़ा जा रहा है। झांकी के अगले भाग में व्यावहारिक अनुप्रयोगों को दर्शाया गया, जहाँ ड्रोन तकनीक, स्मार्ट कृषि, डेयरी विकास और जल-प्रबंधन जैसे दृश्य स्पष्ट करते हैं कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में विकसित शोध सीधे ग्रामीण विकास और किसान सशक्तीकरण से जुड़ रहा है। झांकी के साथ चलते विद्यार्थी, युवा वैज्ञानिक और भावी उद्यमी, यह स्पष्ट संदेश देते दिखे कि ये ही राज्य की युवा शक्ति का प्रतीक हैं, जो ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से प्रदेश को विकास के नए शिखर पर ले जाने के लिए संकल्पित है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुढ़ के बाबा भैरवनाथ लोक और 17.13 करोड़ लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नेa कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार विरासत का संरक्षण करते हुए धार्मिक पर्यटन में नए आयाम स्थापित कर रही है। उज्जैन में बाबा महाकाल के महालोक, मंदसौर में भगवान श्रीपशुपतिनाथ लोक, ओरछा में राजा श्रीराम लोक और चित्रकूट धाम सहित 13 भव्य लोक आकार ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विंध्य क्षेत्र के रीवांचल की पवित्रता ऐसी है कि भगवान श्रीराम ने अयोध्या छोड़ने के बाद अपने जीवन के महत्वपूर्ण 11 वर्ष से अधिक का समय चित्रकूट में बिताया। चित्रकूट धाम को भव्य और दिव्य रूप प्रदान करना मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है। यहां तीन हजार करोड़ की लागत के विकास कार्य होंगे और आगे भी समुचित राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं के रोजगार के लिए गुढ़ क्षेत्र में 100 एकड़ का नया औद्योगिक क्षेत्र बनाने की महत्वपूर्ण घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को रीवा जिले के गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के बाबा भैरवनाथ मंदिर परिसर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गुढ़ क्षेत्रवासियों को मिलीं सौगातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा भैरवनाथ मंदिर के नए भवन सहित 17 करोड़ 13 लाख लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि भगवान भैरवनाथ मंदिर प्रांगण में विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। मंदिर प्रांगण में पुलिस चौकी और भैरवनाथ सरोवर का निर्माण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुढ़ में तीर्थयात्रियों के लिए विश्राम गृह और नई गौशाला बनाए जाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 2 करोड़ रूपये के हितलाभ वितरित किये। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजनांतर्गत डेयरी शुरू करने के लिए आवश्यक राशि के चेक हितग्राही को सौंपे गये और मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये। प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में बढ़ रही मंदिरों की भव्यता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाहरी आक्रांताओं ने 1000 साल पहले गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त किया था। आजादी के बाद तत्कालीन केन्द्रीय गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने इसका जीर्णोद्धार कराया और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में सोमनाथ मंदिर की प्रतिष्ठा और भव्यता में वृद्धि हो रही है। अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण हो चुका है। गरीब, किसान, युवा और महिलाओं का कल्याण सर्वोपरि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने माता-बहनों के कल्याण के लिए अनेक निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री लाड़ली बहन योजना की राशि बढ़ाकर 1500 रुपए की गई है। बहनों के हाथ में जब धन आता है तो वह मायके और ससुराल दोनों की चिंता करती हैं। वर्तमान में राज्य और केंद्र सरकार के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 12 हजार रुपए सालभर में मिल रहे हैं। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए प्रदेशभर में आधुनिक और भव्य सांदीपनि विद्यालय खोले गए हैं। प्रदेश का हर-घर अब सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन की ओर बढ़ रहा है। विंध्य क्षेत्र के लिए वरदान बनी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्प के बल पर रीवा जैसे स्थान पर भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित हुई। अब देशभर के निवेशक अपने उद्योग लगाने के लिए विंध्य की धरती पर आ रहे हैं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। रीवा जिले के संजय गांधी अस्पताल में 322 करोड़ की लागत से नई कैंसर यूनिट खोली जा रही है। क्षेत्रीय सांसद श्री जर्नादन मिश्र ने कहा कि राज्य सरकार भैरव बाबा की कृपा से प्रदेश से गरीबी, बेरोजगारी खत्म कर रही है। राज्य के अनेक जिलों को सिंचाई परियोजनाओं के साथ औद्योगिक क्षेत्र की सौगात मिल रही है। विकास की यह रफ्तार आगे भी जारी रहेगी। गुढ़ मंदिर में स्थापित है भगवान भैरवनाथ की अद्भुत प्रतिमा स्थानीय विधायक श्री नागेंद्र सिंह ने कहा कि गुढ़ के मंदिर में विराजमान भगवान भैरवनाथ की यह प्रतिमा अद्भुत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विशेष सहयोग और मार्गदर्शन से भैरवनाथ मंदिर परिसर में विकास कार्यों को मूर्त रूप देना संभव हो पाया है। कार्यक्रम में विधायक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गिरीश गौतम, विधायक श्री सिद्धार्थ तिवारी, विधायक इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने पौधे रोपित कर दिया पर्यावरण-संरक्षण का संदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गुढ़ के समीप ग्राम खामडीह में मध्यप्रदेश शासन की एलएडी योजनांतर्गत भैरव बाबा मंदिर के जीर्णोद्धार एवं सामुदायिक भवन निर्माण कार्य पूर्ण होने पर भैरवनाथ लोक परिसर का भव्य लोकार्पण किया गया। इसकी कुल लागत 2 करोड़ 19 लाख है। मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भैरव बाबा का विधिवत पूजन-अर्चन एवं हवन किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में ध्वज का आरोहण कर धार्मिक आस्था को नई ऊँचाई दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर परिसर में त्रिवेणी बरगद, पीपल एवं नीम के पौधे रोपे और धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मंदिर परिसर पहुंचने पर मुख्यमंत्री का लक्ष्मी स्वरूपा नारियों ने मंगल कलश और पुष्पवर्षा से स्वागत किया। इस अवसर पर 51 बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार कर वातावरण को गरिमा और धर्ममय बनाया।  

यूपी-बिहार मिलकर करेंगे महिला किसानों की क्षमता वृद्धि, रोजगार के खुलेंगे नए द्वार

लखनऊ. खेती में आधुनिक डिजिटल तकनीक, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली और क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश और बिहार ने अहम कदम उठाया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से संबद्ध महिला किसान उत्पादन संगठनों के राज्य स्तरीय संघ ‘भूस्वामिनी’ और ‘बिहप्रो कन्सोर्टियम ऑफ प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ (बिहार का पहला एफपीओ महासंघ) के बीच राजधानी लखनऊ में एमओयू किया गया है। इस एमओयू का उद्देश्य महिला किसानों की क्षमता निर्माण, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, खरीद-बिक्री की सशक्त व्यवस्था और ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में साझा प्रयास करना है। महिला किसानों के लिए तकनीक आधारित खेती को मिलेगा बढ़ावा एमओयू के तहत खेती में डिजिटल टेक्नोलॉजी और डेटा के व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे महिला किसान विज्ञान व तथ्य आधारित निर्णय ले सकेंगी। साथ ही क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर प्रैक्टिसेज को अपनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे बदलते मौसम के अनुरूप खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सके। यूपी और बिहार मिलकर करेंगे महिला किसानों की क्षमता वृद्धि एमओयू के माध्यम से उत्तर प्रदेश और बिहार की महिला किसान मिलकर क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्ड) कार्यक्रम चलाएंगी। प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और नवाचार के जरिए महिला किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ा जाएगा। इससे दोनों राज्यों की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर किसान से उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। ग्रामीण महिलाओं के लिए उद्यमिता और रोजगार के नए अवसर सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश में महिला किसानों के लिए अनेक लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसके तहत उन्हें केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि कृषि आधारित उद्यमिता, मूल्य संवर्धन, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केट लिंकेज से जोड़ा जाएगा। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री को मिलेगा संगठित स्वरूप कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री के लिए सशक्त और पारदर्शी व्यवस्था तैयार की जा रही है। महिला किसान संगठनों को बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे उन्हें उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सकेगा। साथ ही महिला किसानों के मूल्य संवर्धन और क्षमता निर्माण की योजनाओं पर भी संयुक्त रूप से काम किया जाएगा। इसके लिए हुए समझौते पर बिहप्रो के अध्यक्ष राजकुमार राज और भूस्वामिनी की अध्यक्ष मंजू देवी ने हस्ताक्षर किए। डिजिटल खेती, जलवायु अनुकूल कृषि और उद्यमिता के समन्वय से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा।