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यूपी का 11वां रामसर साइट्स बना एटा का पटना पक्षी अभयारण्य

लखनऊ.  विश्व वेटलैंड्स दिवस (02 फरवरी) से पहले उत्तर प्रदेश को बड़ा उपहार मिला। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के पटना पक्षी अभयारण्य (एटा) को रामसर साइट्स में शामिल किया है। उल्लेखनीय है कि यूपी में पहले 10 रामसर साइट्स थीं, लेकिन पटना पक्षी अभयारण्य का नाम जुड़ने के साथ ही यह संख्या 11 हो गई है। उत्तर प्रदेश की इस बड़ी उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी है। देश में सर्वाधिक रामसर साइट्स तमिलनाडु में हैं, जबकि दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश है।  108.86 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला है पटना पक्षी विहार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एटा का पटना पक्षी विहार अब विश्व मानचित्र में शामिल हो चुका है। यहां संकटग्रस्त प्रजातियों को संरक्षण मिलता है। वर्ष 2017 के पश्चात अनवरत हो रहे कार्यों की बदौलत न सिर्फ प्रदेश की जैव विविधता, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिली है। पटना पक्षी विहार 108.86 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला है। इसकी संरक्षण क्षमता एक लाख से अधिक जल-पक्षियों की है। सर्दियों में यहां बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों का भी आगमन होता है। 1990 में इस क्षेत्र को अभयारण्य घोषित किया था। इसका नाम एटा जनपद की जलेसर तहसील के पटना गांव के नाम पर रखा गया था। यह कुल 178 प्रजातियों के पक्षियों का आश्रय स्थल है। यहां जलीय पौधों समेत वनस्पतियों की 252 प्रजातियां पाई जाती हैं।  44 से अधिक जल-पक्षियों तथा 4 आर्द्र‌भूमि पक्षी प्रजातियों की शरणस्थली यह स्थल नियमित रूप से 44 से अधिक जल-पक्षी प्रजातियों और चार आर्द्र‌भूमि पक्षी प्रजातियों सरकिडियोर्निस मेलानोटस, अनहिंगा मेलानोगास्टर, मारेका स्ट्रेपेरा और एंसर एंसर की जैव-भौगोलिक आबादी के 1 प्रतिशत से अधिक का संरक्षण करता है। गर्मियों में जब आसपास की अधिकांश आर्द्रभूमि पूरी तरह से सूख जाती है तो पटना झील सारस क्रेन (ग्रस एंटीगोन) की शरणस्थली बन जाती है। यह अभयारण्य नीलगाय (बोसेलाफस ट्रैगोकैमेलस), जैकाल (कैनिस ऑरियस), मॉनिटर छिपकली (वरानस बेंगालेंसिसी), जंगली बिल्ली (फेलिस चाउस), पॉर्क्यूपाइन (हिस्ट्रिक्स इंडिका) आदि जानवरों का भी घर है। यहां वनस्पतियों की कई देशी प्रजातियां पाई जाती हैं। पटना पक्षी विहार के अंदर स्थित भगवान शिव का प्राचीन मंदिर आस्था और तीर्थयात्रा का महत्वपूर्ण केंद्र है।  उत्तर प्रदेश में अब तक थे 10 वेटलैंड  उत्तर प्रदेश में अब तक 10 वेटलैंड थे। इनके नाम नवाबगंज पक्षी अभयारण्य (उन्नाव), पार्वती अरगा (गोंडा), समान (मैनपुरी), समसपुर (रायबरेली), सरसई नावर झील (इटावा), सांडी (हरदोई), सूर सरोवर (आगरा), बखीरा (संतकबीर नगर), ऊपरी गंगा नदी (बृजघाट से नरोरा तक, बुलंदशहर) व हैदरपुर वेटलैंड (मुजफ्फरनगर) हैं।  वैश्विक मान्यता प्राप्त कर रही भारत की प्रतिबद्धताः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता निरंतर वैश्विक मान्यता प्राप्त कर रही है। उत्तर प्रदेश के एटा स्थित पटना पक्षी अभयारण्य तथा गुजरात के कच्छ स्थित छारी-ढांड को रामसर स्थलों के रूप में शामिल किया जाना नीति, संरक्षण और संवर्धन की उस यात्रा को दर्शाता है, जहां पारिस्थितिकी और विकास एक साथ आगे बढ़ते हैं। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान सतत संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन और जैव विविधता की रक्षा के प्रति भारत के संकल्प को रेखांकित करता है। एटा, उत्तर प्रदेश के लोगों तथा आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए समर्पित सभी हितधारकों को हार्दिक बधाई। प्रधानमंत्री मोदी ने किया उपलब्धि का उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि एटा (उत्तर प्रदेश) स्थित पटना पक्षी अभयारण्य तथा कच्छ (गुजरात) स्थित छारी-ढांड के रामसर स्थल घोषित होने पर अत्यंत प्रसन्नता है। वहां की स्थानीय जनता तथा आर्द्रभूमि संरक्षण के प्रति समर्पित सभी लोगों को हार्दिक बधाई। ये मान्यताएं जैव विविधता के संरक्षण और महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्रों की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करती हैं। ये आर्द्रभूमियां असंख्य प्रवासी व स्थानीय प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास के रूप में निरंतर फलती-फूलती रहें, यही कामना है। बॉक्स 02 फरवरी को ललितपुर में मनाया जाएगा विश्व वेटलैंड्स दिवस  योगी सरकार के मार्गदर्शन में 02 फरवरी को विश्व वेटलैंड्स दिवस का आयोजन किया जाएगा। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि यह आयोजन ललितपुर के देवगढ़ स्थित महावीर स्वामी वन्य जीव विहार में किया जाएगा। इस बार ‘आर्द्र‌भूमि और पारंपरिक ज्ञानः सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाना’ विषय पर आयोजन होगा। इसका शुभंकर (मैसकॉट) रेड बिल्ड वल्चर को बनाया गया है।

IND-EU डील अपडेट: पीयूष गोयल बोले– 99% आइटम पर टैक्स शून्य, डेयरी और एग्रीकल्चर पर नहीं मिलेगी छूट

 नई दिल्‍ली बजट से ठीक एक दिन पहले आजतक से एक्‍सक्‍लूसिव बातचीत के दौरान वाणिज्‍य मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोपीय संघ के साथ FTA डील के फायदे गिनाए. साथ ही रविवार को पेश होने वाले बजट में संभाव‍ित ऐलानों के बारे में विस्‍तार से चर्चा की. उन्‍होंने कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए यूरोप के 27 देशों की तुलना में भारत को तुरंत और डायरेक्‍ट फायदा मिलने वाला है.  गोयल ने कहा कि ओभरऑल 99 फीसदी भारतीय प्रोडक्‍ट्स पर '0' टैक्‍स लगेगा. साथ ही लेबर इंटेंसिव (एक देश से दूसरे देश में सामान भेजना) में सबसे ज्‍यादा फायदा होगा. पहले दिन से ही अब कोई टैक्‍स नहीं देना होगा. इससे रोजगार बढ़ेगा, व्यापार बढ़ेगा और फैक्ट्रियां लगने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी. उन्‍होंने टाटा चेयरमैन के बयान को कोट करते हुए कहा कि भारत में 100 से ज्‍यादा फैक्ट्रियां आएंगी और बड़े स्‍तर पर निवेश के रास्‍ते खुल गए हैं.  सेंसिटिव सेक्‍टर के लिए नहीं खोला बाजार  वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि FTA डील के तहत सबसे खास बात है कि संवेदनशील क्षेत्रों में यूरोप के लिए के लिए हमने मार्केट नहीं खोला है. डेयरी, अनाज, चावल,गेहूं, मक्‍का जैसी संवेदनशील चीजों के लिए टैक्‍स कम नहीं किया है और मार्केट नहीं खोला है.  सेब पर बहुत कम राहत दी अगर कोई छोटा-मोटा कोटा दिया भी है तो बड़ा ही सोच-समझकर दिया है जैसे सेब की बात करें तो आज भी 6 लाख टन सेब आयात होता है. इसपर 50 फीसदी एम्‍पोर्ट प्राइस है और 25 फीसदी इम्‍पोर्ट ड्यूटी है. ऐसे में हमने 75 फीसदी पहले ही अपने किसानों के लिए रिजर्व रखा था. सवा लाख टन यूरोपीय यूनियन पहले से ही एक्‍सपोर्ट करता है, ऐसे में हमने एक यूरोपीय यूनियन को एक छोटा सा कोटा दिया है.  सिर्फ 45 से 50 हजार टन ही सेब इम्‍पोर्ट होंगे, जो बाद में थोड़े-थोड़े करके बढ़ेंगे, लेकिन आज हो रहे हैं, उससे कम ही होगा. उसपर भी मिनिमम इम्‍पोर्ट प्राइस 80 रुपये और 16 रुपये ड्यूटी रखी है यानी कि अब 96 फीसदी का प्रोटेक्‍शन हो गया है, जो 75 फीसदी की तुलना में ज्‍यादा है. तो एक तरीके से सोच-समझकर दी गई है.  यूरोपीय यूनियन हमारा कंम्‍पटीटर नहीं गोयल ने कहा कि हमारा और यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्‍था अलग-अलग चीजों पर निर्भर है. हम एक दूसरे के कंम्‍प्‍ट‍िटर नहीं हैं, जो चीजें हम उन्‍हें दे सकते हैं वे कभी बना ही नहीं पाएंगे और जो वहां से आएंगी, वह भारत की जरूरत हैं. ऐसे में संवेदनशील चीजों को इस डील से बाहर रखते हुए समझौता किया गया है.  यूरोप के देशों में जाना हुआ आसान उनके यहां पर लोगों की भी कमी है, ऐसे में एक मोबिलिटी एग्रीमेंट भी किया गया है. जिसके लिए अलग-अलग देश के लिए रास्‍ता खोल दिया गया है. इमिग्रेशन नियम को आसान किया गया है. भारत के लोग वहां जाकर सीखेंगे, पैसे कमा सकेंगे और वापस आकर अपने परिवार और भारत की सेवा करेंगे.हम चाहते हैं कि भारत के लोग वहां शॉर्टटर्म के लिए जाएं और वापस आकर देश की सेवा करें. छात्र, जो पढ़ने जाते हैं, उनके लिए 9 महीने का गारंटी वीजा दिया जाएगा.                             डिफेंस पर बड़ी डील  गोयल ने कहा कि डिफेंस पर डील हुई है. वहां टेक्‍नोलॉजी है, लेकिन लोग नहीं है. हमारे यहां लोग हैं, ऐसे में यूरोप की कंपनियां भारत आकर अपनी फैक्ट्रियां लगाएंगी और यहां मैन्‍युफैक्‍चरिंग करेंगी, जिससे भारत का आत्‍मनिर्भर लक्ष्‍य पूरा होगा. हम यहां पर डिफेंस प्रोडक्‍ट्स बनाकर अन्‍य देशों को भेज सकेंगे.                                     बजट को लेकर क्‍या बोले गोयल?  गोयल ने कहा कि पिछले बजट में 12 लाख तक टैक्‍स छूट दी गई थी. उसके बाद जीएसटी में बड़ा सुधार किया गया है. 8  देशों से फ्री ट्रेड डील की गई. हमारे सुधार तेज गति से चल रहे हैं. ऐसे में आम लोगों के जीवन को आसान और सरल बनाने के लिए जो भी कोशिश हो सकती है, हम कर रहे हैं. इस बजट में भी देश के नागरिगों के जीवन को आसान बनाने संबंधी ऐलान किए जा सकते हैं. 

मप्र अपडेट: आज रात से भारी बारिश की संभावना, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

भोपाल  मध्य प्रदेश का मौसम आज रात से बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते शनिवार रात से मौसम करवट ले सकता है और आसमान से पानी बरसने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से शनिवार रात से मौसम करवट ले सकता है।  बादल छाने से अगले दिन  कहीं-कही बारिश भी हो सकती है। बारिश का ये सिलसिला संडे और मंडे को तक जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके चलते आज शाम या रात से मौसम करवट बदल सकता है। आईएमडी के मुताबिक, आज उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। आज 3000 मीटर या इससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के भी आसार हैं। आईएमडी के मुताबिक कल यानी एक फरवरी से उत्तराखंड में बारिश का दौर तेज हो सकती है। एक से तीन फरवरी तक राज्य के सभी जिलों में बारिश के आसार हैं। साथ ही 2800 मीटर ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना है। चार फरवरी को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिले में बारिश-बर्फबारी का अनुमान है। पांच फरवरी को समूचे प्रदेश में मौसम शुष्क रह सकता है। छह फरवरी को फिर से तीन पर्वतीय जिलों में बारिश-बर्फबारी की संभावना बन रही है। पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते शनिवार से बादल छाने लगेंगे और  इससे ठंड से भी राहत मिल सकती है। रविवार-सोमवार को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है। बारिश कराने वाले सिस्टम हैं एक्टिव मौसम विभाग का कहना है कि  पूर्वोत्तर असम पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है जबकि एक पश्चिमी विक्षोभ ईरान के उत्तर-पूर्वी भाग पर चक्रवात के तौर पर एक्टिव है। 2 फरवरी यानि सोमवार को एक नए पश्चिमी विक्षोभ से मौसम के  प्रभावित होने भी संभावना है। लिहाजा इस  बारिस से जहां प्रदेश के लोगों को ठंड से निजात मिलेगी वहीं फसलों के लिए भी ये बारिश लाभ पहुंचा सकती है। तीन दिन के लिए यलो अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक एक से तीन फरवरी तक समूचे राज्य में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। एक फरवरी को देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, यूएस नगर जिलों में कहीं-कहीं गर्जना के साथ आकाशीय बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। तीन फरवरी तक विभिन्न इलाकों के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है। बता दें कि साल 2022 में भी फरवरी पहले सप्ताह में मौसम काफी खराब रहा था। तब भी तीन फरवरी को उत्तराखंड में भारी बर्फबारी हुई थी। 

प्रत्येक पात्रता पर्चीधारी परिवार को राशन दुकान से मिल रहा खाद्यान्न: खाद्य मंत्री राजपूत

अंत्योदय योजना में 35 किलो प्रति परिवार मिल रहा खाद्यान्न : खाद्य मंत्री  राजपूत प्रत्येक पात्रता पर्चीधारी परिवार को राशन दुकान से मिल रहा खाद्यान्न: खाद्य मंत्री  राजपूत भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में प्रदेश की लगभग 5.37 करोड़ अबादी को प्रतिमाह निःशुल्क खा‌द्यान्न का वितरण किया जा रहा है। इसमें अंत्योदय अन्न योजना में 35 किलोग्राम प्रति परिवार एवं प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को 5 किलोग्राम प्रति सदस्य खाद्यान्न दिया जा रहा है। प्रत्येक पात्रता पर्चीधारी परिवार को राशन दुकान से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। पात्र परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा "वन नेशन-वन राशन कार्ड" अन्तर्गत प्रदेश एवं देश की किसी भी उचित मूल्य दुकान से बायोमेट्रिक सत्यापन/ओटीपी/नॉमिनी के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकता है। प्रदेश के 15 लाख से अधिक पात्र परिवारों द्वारा पोर्टेबिलिटी से अपनी सुविधा अनुसार अन्य दुकान से प्रतिमाह राशन प्राप्त किया जा रहा है। पात्र परिवारों को पूरे माह उचित मूल्य दुकान से राशन का वितरण किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा पात्र परिवारों की पहचान सुनिश्चित करने एवं वास्तविक गरीब परिवारों को निःशुल्क खा‌द्यान्न वितरण करने तथा अपात्र एवं 2 बार नाम वाले हितग्राहियों को हटाकर नवीन हितग्राहियों को लाभांवित करने के लिये eKYC करना अनिवार्य किया गया है। इसमें 05 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को छोडकर, पात्र हितग्राहियों के eKYC उचित मूल्य दुकान पर लगाई गई POS मशीन के साथ ही भारत सरकार के मेरा eKYC मोबाईल ऐप से हितग्राही के फेस अथेंटिकेशन द्वारा किया जा सकता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत सम्मिलित 29 पात्रता श्रेणी के अंतर्गत नवीन हितग्राहियों को जोड़ने की कार्यवाही नियमित रूप से की जा रही है। इन नवीन आवेदकों द्वारा POS मशीन / फेस अथेंटिकेशन से eKYC के बाद 3 दिवस की अवधि में पात्रता पर्ची जारी करने की व्यवस्था की गई है। विगत एक वर्ष में लगभग 20 लाख नवीन हिग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी की गई है। हितग्राही द्वारा eKYC कराने के बाद पात्रता पर्ची जारी की जा रही है। किसी भी पात्रता पर्चीधारी परिवार का राशन रोकने की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिये गए हैं। पात्रता पर्ची के लिये आवेदनकर्ताओं को eKYC करने के लिए SMS के साथ ही उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं एवं स्थानीय निकाय के माध्यम से भी सूचित किया जा रहा है।  

ताला महोत्सव में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का किया शुभारंभ

रायपुर. ताला की विरासत से बिलासपुर और छत्तीसगढ़ को मिली वैश्विक पहचान :  अरुण साव उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज ताला महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि मनियारी नदी के तट पर स्थित ताला गांव की देवरानी–जेठानी मंदिर तथा रुद्र शिव की अद्वितीय प्रतिमा ने न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में विशेष पहचान दिलाई है। इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी तरह वचनबद्ध है।  उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि बीते दो वर्षों में क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के आठ महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति मिली है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ विधायक   धरमलाल कौशिक अपने क्षेत्र के विकास को लेकर सदैव चिंतित रहते हैं, इसी कारण यहां अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं। जो भी सड़कें अभी शेष हैं, उन्हें भी स्वीकृत कर आगामी तीन वर्षों में पूर्ण किया जाएगा।   साव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की प्रत्येक गारंटी को मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार धरातल पर उतार रही है। उन्होंने बताया कि कल ही महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त जारी की गई है, जिसके तहत सभी पात्र महिलाओं के खातों में एक-एक हजार रुपये जमा किए गए हैं। इससे मेला-मड़ई में महिलाओं की भागीदारी और रौनकता में वृद्धि हुई है। विधायक धरमलाल कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष से ताला महोत्सव में दिन के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत एक सराहनीय पहल है, जिससे महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि ताला की रुद्र शिव प्रतिमा जैसी मूर्ति विश्व में कहीं और नहीं है, जिसके शरीर और चेहरे पर उकेरी गई विभिन्न जीव-जंतुओं की आकृतियां इसकी अद्वितीय विशेषता हैं। उन्होंने बताया कि उप मुख्यमंत्री   अरुण साव के प्रयासों से बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में दो वर्षों में लगभग 200 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत हुए हैं। गांव-गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बन रहे हैं, पीने का पानी, चावल और इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड आम जनता को उपलब्ध हो रहा है। क्रेडा के अध्यक्ष   भूपेंद्र सवन्नी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि क्रेडा की ओर से मंदिर परिसर में 11 लाख रुपये की लागत से दो हाई मास्ट सोलर लाइट स्वीकृत की गई हैं। जनपद पंचायत अध्यक्ष  रामकुमार कौशिक और जिला पंचायत सदस्य   गोविंद यादव सहित बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के नागरिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित थे। लोक कलाकार सुनील सोनी के नेतृत्व में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर महोत्सव का वातावरण उल्लासपूर्ण बना दिया।

दो वर्षों की अवधि में आर्थिक रूप से अधिक मजबूत हुईं महिलाएं

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना के दो साल हुए पूरेछत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई महतारी वंदन योजना ने दो साल पूरे कर लिए हैं। आज यह योजना सिर्फ हर महीने मिलने वाली राशि तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए आत्मसम्मान, भरोसे और आत्मनिर्भरता का आधार बन चुकी है। योजना की शुरुआत 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री   नरेंद्र मोदी के हाथों पहली किस्त जारी होने के साथ हुई थी। मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इसे पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ लागू किया, ताकि लाभ सीधे महिलाओं तक पहुंचे।मुख्यमंत्री ने 30 जनवरी को नारायणपुर जिले से महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त जारी की। इस दौरान 68 लाख 47 हजार 355 महिलाओं के बैंक खातों में 641 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के जरिए ट्रांसफर की गई। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना के दो साल हुए पूरे अब तक योजना के तहत कुल 15 हजार 595 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि महिलाओं के खातों में पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि योजना कितने बड़े स्तर पर महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना माताओं-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत नींव है। नियमित आर्थिक मदद से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार व समाज के फैसलों में खुलकर भागीदारी कर रही हैं। डीबीटी व्यवस्था के कारण दूर-दराज और नक्सल प्रभावित इलाकों तक भी लाभ बिना रुकावट पहुंच रहा है। महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये सीधे बैंक खाते में मिल रहे हैं। इस छोटी लेकिन नियमित मदद ने महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ा बदलाव किया है। घर की जरूरतें आसान हुई हैं, बचत की आदत बढ़ी है और आर्थिक फैसलों में उनकी भूमिका मजबूत हुई है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में कई महिलाएं इस राशि से छोटे-छोटे काम शुरू कर रही हैं। कहीं आर्टिफिशियल ज्वेलरी का कारोबार, कहीं पापड़ और खाद्य सामग्री का निर्माण, तो कहीं श्रृंगार की दुकानें चल रही हैं। इससे साफ है कि सही नीति और लगातार सहयोग से महिलाएं खुद की पहचान बना रही हैं। यह योजना मजदूर, छोटे किसान और सीमित आय वाले परिवारों के लिए भी सुरक्षा कवच साबित हो रही है। बच्चों की पढ़ाई, इलाज और अचानक आने वाले खर्चों की चिंता अब पहले जैसी नहीं रही। कई महिलाएं भविष्य के लिए बचत और योजनाएं बनाने लगी हैं। राज्य सरकार के सुरक्षा और विकास के साझा प्रयासों का असर यह है कि सुकमा, बीजापुर, कांकेर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे नक्सल प्रभावित जिलों में भी महतारी वंदन योजना प्रभावी ढंग से लागू हो रही है। नियद नेल्ला नार योजना के जरिए अब तक 7,763 नई महिलाओं को इससे जोड़ा जा चुका है। महिला एवं बाल विकास मंत्री  मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री   नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह योजना छत्तीसगढ़ को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई पहचान दिला रही है। यह योजना महिलाओं के जीवन में सम्मान और आत्मविश्वास लेकर आई है। नियमित आर्थिक सहायता से उनकी सामाजिक और पारिवारिक भागीदारी बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ हर पात्र महिला तक समय पर और पारदर्शी तरीके

राज्य में दो साल में ही बने 8 लाख से अधिक मकान, 17 लाख 60 हजार आवास हुए पूर्ण, बस्तर संभाग में लंबित विकास योजनाओं को पूर्ण करने बनेगी विशेष रणनीति

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण की गति अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल,मोर गांव मोर पानी महाअभियान जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान रोजगार एवं स्वाबलंबी युक्त ग्राम पंचायत बनाना हमारी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण के लागू होने से गांवों में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ेगी। इसके लिए हमने बजट में लगभग डेढ़ गुणा अधिक स्वीकृति प्रदान की है। उक्त बाते केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री   शिवराज सिंह चौहान ने कही।   चौहान ने छत्तीसगढ़ में तेजी से बन रहे आवास निर्माण की गति की प्रशंसा करते हुए अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया। उन्होंने आवास निर्माण के साथ ही गांव गांव में चलाएं गए मोर गांव मोर पानी महाअभियान की भी सराहना करते हुए जल सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में और अधिक लखपति दीदी के माध्यम से महिलाओं को अधिक से अधिक स्वसहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने एवं मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित नहीं करने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए है। इसके साथ ही बस्तर संभाग में लंबित परियोजना को पूर्ण करने के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश उच्च अधिकारियों दिए हैं। उन्होंने कहा बस्तर लंबे अरसे से विकास से दूर रहा है। प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बस्तर के समग्र विकास के लिए आगे बढ़कर कार्य करेंगे।  इस दौरान   चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन बिहान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएमजनमन एवं आरसीपीएलडब्ल्यूईए योजनाओं का विस्तृत समीक्षा किए। उन्होंने प्रदेश में एनआरएलएम में रिक्त पदों शीघ्र भर्ती कराने के निर्देश प्रदेश के अधिकारियों को दिए हैं। केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री   विजय शर्मा एवं कृषि मंत्री   रामविचार नेताम उपस्थित रहें। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में  प्रधानमंत्री आवास के लिए 24.58 लाख को स्वीकृति मिली है। जिसमें से 17.60 लाख आवास का निर्माण पूर्ण हो चुके है। इसके साथ ही पीएमजनमन के तहत 33,246 स्वीकृत में 18,373 पूर्ण, विशेष परियोजना आत्मसमर्पित नक्सली के 3416 मकान स्वीकृत किए गए है। अभी सरकार गठन के बाद ही दो सालों में ही 8.41 आवास निर्माण पूर्ण किए है जो पूरे देश में अव्वल है। लखपति दीदी के माध्यम से अब तक प्रदेश में 8000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनीं है। इसके साथ ही 5000 से अधिक राज्य में मिस्त्री को प्रशिक्षण, डेढ़ लाख से अधिक आवासों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में हो रहे नवाचार, क्यूआर कोड, दीदी के गोठ, छत्तीस कला की जानकारी दी गई।  इस बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग  मती निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित दिल्ली से आए विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

आईईडी ब्लास्ट में घायल जवानों से अस्पताल में की मुलाकात

रायपुर. चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर परिजनों से की चर्चाचिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर परिजनों से की चर्चाचिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर परिजनों से की चर्चा उपमुख्यमंत्री   विजय शर्मा शनिवार शाम रायपुर के एक निजी अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्रेगुट्टा पहाड़ी में हुए आईईडी ब्लास्ट में घायल पुलिस जवानों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के उपचार की स्थिति की जानकारी ली तथा जवानों के परिजनों से भी चर्चा की। चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर परिजनों से की चर्चा उपमुख्यमंत्री   शर्मा ने घायल जवानों से घटना की जानकारी ली और उनका मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि शासन एवं प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने अस्पताल में उपस्थित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को निर्देश दिए कि जवानों के बेहतर एवं समुचित उपचार हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ।  उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान में तैनात हमारे जवान अत्यंत साहस और समर्पण के साथ देश-प्रदेश की सुरक्षा में लगे हैं, और उनका त्याग अतुलनीय है। ज्ञात हो कि बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्रेगुट्टा पहाड़ी में 25 जनवरी को एक के बाद एक कुल छह आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट हुए थे। इन विस्फोटों की चपेट में आने से डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के 12 जवान घायल हो गए थे। यह घटना उस समय हुई, जब सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम तेलंगाना सीमा से लगे कर्रेगुट्टा हिल्स क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। घटना के बाद सभी घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर रायपुर लाया गया, जहाँ उनका उपचार एक निजी अस्पताल में किया जा रहा है। इनमें से 6 जवानों को उपचार उपरांत स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि शेष जवानों की स्थिति में भी लगातार सुधार हो रहा है।

लोकतंत्र से साक्षात्कार: स्कूल के विद्यार्थियों ने देखा लोकभवन

रायपुर. स्कूल के विद्यार्थियों ने देखा लोकभवन स्कूल के विद्यार्थियों ने देखा लोकभवन  राज्यपाल  रमेन डेका की पहल पर लोकभवन की गतिविधियों से जनसामान्य, विशेषकर विद्यार्थियों को जोड़ने के उद्देश्य से लोकभवन का भ्रमण कराया जा रहा है। इसी कड़ी में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर मठपारा के 50 छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों के साथ आज लोकभवन का भ्रमण किया।  विद्यार्थियों ने लोकभवन परिसर स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम, उदंती परिसर, कन्हार परिसर, डिस्पेंसरी उद्यान तथा सचिवालय की विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया। बच्चों ने राज्यपाल से मुलाकात कर सामूहिक फोटोग्राफी कराई।  इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। सभी विद्यार्थियों को पौधे भेंट किए गए और उन्हें घर, स्कूल तथा गांव में पौधारोपण कर उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया गया।

जलेबी की मिठास और सांस्कृतिक झलक: फरीदाबाद में सूरजकुंड मेला शुरू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शामिल

फरीदाबाद  गोहाना की जलेबी की मिठास के साथ सूरजकुंड में 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव शुरू हो गया है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को 'लोकल से ग्लोबल- आत्मनिर्भर भारत' थीम पर आधारित इस मेले का उद्घाटन किया। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और राज्य के विरासत एवं पर्यटन मंत्री अरविंद कुमार शर्मा भी मौजूद थे। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के फरीदाबाद के सूरजकुंड पहुंचने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने दीप प्रज्वलित करते हुए महोत्सव की शुरुआत की। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने सूरजकुंड अंतरराष्‍ट्रीय शिल्प मेला पर आधारित एक ऐप को भी लॉन्च किया। बाद में उपराष्ट्रपति समेत मंच पर उपस्थित अतिथियों को गोहाना की जलेबी खिलाई गई। सूरजकुंड मेले के उद्घाटन के बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध लोक कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों ने प्रस्तुति दी। यह मेला 15 फरवरी तक चलेगा। यह आयोजन हरियाणा पर्यटन निगम और केंद्रीय पर्यटन, वस्त्र, संस्कृति और विदेश मंत्रालयों की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। सीएम नायब सिंह सैनी ने उद्घाटन समारोह में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी कला और शिल्प के उस महाकुंभ में साक्षी बनने जा रहे हैं, जिनकी न सिर्फ भारत, बल्कि पूरे विश्व में एक विशेष पहचान है। मैं इस मेले के भव्य उद्घाटन समारोह में अभिनंदन करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजकुंड मेला हमारी प्राचीनता और आधुनिकता का संगम है। यहां हम उस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, जो पिछले 38 वर्षों में कला और संस्कृति को जीवंत रखे हुए है। 39वें कार्यक्रम की थीम 'लोकल टू ग्लोबल' देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस सपने का प्रतिबिंब है, जिसमें भारत के हर कोने में बैठे हुए हुनरमंद हाथ को वैश्विक बाजार से जोड़ना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर का अर्थ सिर्फ आर्थिक स्वतंत्रता नहीं है, इसमें अपनी संस्कृति पर गर्व करना, अपनी विरासत को सहेजना और उसे दुनिया के सामने पेश करना भी शामिल है। सूरजकुंड मेला इसी आत्मनिर्भरता का जीता-जागता प्रमाण है।