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जशपुर के खरीदी केंद्र से 7 करोड़ की 20,586 क्विंटल धान गायब

जशपुर. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के धान खरीदी केंद्र में खरीफ विपणन साल 2024-25 के दौरान बड़ी अनियमितता सामने आई है। जहां करीब 6 करोड़ 55 लाख रुपए की आर्थिक गड़बड़ी पाई गई है। जब अपेक्स बैंक के नोडल अधिकारी ने मौके का निरीक्षण किया तो मामले का खुलासा हुआ। मामला आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कोनपारा (पंजीयन क्रमांक 128) के अंदर संचालित धान खरीदी उपकेंद्र का है। यहां पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों ने धान खरीदी के रिकॉर्ड में हेराफेरी की है। शुरुआती जांच और संयुक्त जांच दल की ओर से किए गए भौतिक सत्यापन में 20,586.88 क्विंटल धान कम पाया गया। नोडल अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामला तुमला थाना क्षेत्र का है। कोनपारा धान खरीदी उपकेंद्र में 6 करोड़ 55 लाख रुपए की आर्थिक गड़बड़ी पाई गई। जांच के दौरान खरीदी केंद्र से 20,586.88 क्विंटल धान की कमी पाई गई है। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, 2 जनवरी को छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) जशपुर के नोडल अधिकारी राम कुमार यादव (61) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार धान खरीदी उपकेंद्र कोनपारा में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलीभगत कर धान खरीदी में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की। 20,586 क्विंटल धान गायब मामले की जांच की गई तो सामने आया कि खरीफ वर्ष 2024-25 में कंप्यूटर रिकॉर्ड के अनुसार केंद्र में कुल 1,61,250 क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई थी। जबकि मिलों और संग्रहण केंद्रों को केवल 1,40,663.12 क्विंटल धान ही भेजा गया। इस तरह कुल 20,586.88 क्विंटल धान की कमी पाई गई। 6.55 करोड़ रुपए का नुकसान गायब धान की कीमत 3,100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 6 करोड़ 38 लाख 19 हजार 328 रुपए आंकी गई है। इसके अलावा धान की पैकिंग में उपयोग किए गए 4,898 नग बारदाने (नए-पुराने) की कीमत 17 लाख 7 हजार 651 रुपए बताई गई है। इस प्रकार शासन को कुल 6 करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपए के आर्थिक नुकसान का अनुमान है। 6 आरोपियों पर FIR अपेक्स बैंक जशपुर के नोडल अधिकारी राम कुमार यादव (61) की रिपोर्ट पर समिति स्तर पर पदस्थ 6 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 320, 336, 338 और 61 के तहत केस दर्ज किया गया है। प्राधिकृत अधिकारी (खरीदी केंद्र) भुनेश्वर यादव, समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू, फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव, कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र साय, सहायक फड़ प्रभारी अविनाश अवस्थी और उप सहायक फड़ प्रभारी चंद्र कुमार यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एक आरोपी गिरफ्तार, बाकी फरार SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस ने फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव (39), निवासी ग्राम झारमुंडा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। जांच के दौरान यदि और तथ्य या संलिप्तता सामने आती है तो और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत-गारण्टी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अधिनियम-2025 पारित करने के लिए प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट किया

मुख्यमंत्री ने विकसित भारत-जी राम जी कानून-2025 के सम्बन्ध में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत-गारण्टी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अधिनियम-2025 पारित करने के लिए प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट किया  इस अधिनियम के माध्यम से ग्रामीण भारत प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत/2047 के विजन के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में और अधिक सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर सकेगा : मुख्यमंत्री प्रदेश सरकार इस कानून को पूर्ण संवेदनशीलता, पारदर्शिता तथा  प्रभावशीलता के साथ राज्य में लागू कर रोजगार की नयी गारण्टी प्रदान करेगी  राज्य सरकार का संकल्प प्रत्येक पात्र को समय पर काम, प्रत्येक गांव में टिकाऊ परिसम्पत्तियों का निर्माण तथा प्रत्येक श्रमिक को सम्मान, सुरक्षा व खुशहाली प्रदान करना यह अधिनियम भारत के ग्रामीण विकास की दृष्टि से मील का पत्थर  साबित होगा, देश के श्रमिकों, किसानों तथा गांवों के विकास के हित  में उठाये गये इस कदम का स्वागत व समर्थन किया जाना चाहिए वी बी-जी राम जी अधिनियम-2025 रोजगार गारण्टी प्रदान करते हुए  ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसम्पत्तियों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा इस अधिनियम में रोजगार गारण्टी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गयी, मानदेय  का साप्ताहिक भुगतान होगा, भुगतान में देरी पर मुआवजे की भी व्यवस्था की गयी किसानों को मजदूरों की कमी दूर करने के लिए राज्यों को बुआई व  कटाई के समय 60 दिन तक कार्य विराम का अधिकार प्रदान किया गया जल संरक्षण की स्थायी व्यवस्था के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, चेकडैम  और उससे जुड़ी अन्य सुविधाओं को गांवों में विकसित किया जा सकता टेक्नोलॉजी को कानूनी अधिकार के रूप में मान्यता प्रदान की गयी, सेटेलाइट  इमेजनरी के माध्यम से स्थायी परिसम्पत्तियों के निर्माण की निगरानी की जाएगी कैग के मानकों के अनुरूप प्रत्येक 06 माह में अनिवार्य सोशल ऑडिट, डिजिटल एवं बहुस्तरीय समयबद्ध शिकायत निवारण तथा जिला लोकपाल की व्यवस्था सम्मिलित यह अधिनियम वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ  संघीय संतुलन को बनाये रखने में बेहतर योगदान देगा लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्र में स्थायी इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन के लिए ‘विकसित भारत-गारण्टी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अधिनियम-2025 पारित किया गया है। प्रदेश सरकार इस कानून को पूर्ण संवेदनशीलता, पारदर्शिता तथा प्रभावशीलता के साथ राज्य में लागू कर रोजगार की नयी गारण्टी प्रदान करेगी। राज्य सरकार का संकल्प प्रत्येक पात्र को समय पर काम, प्रत्येक गांव में टिकाऊ परिसम्पत्तियों का निर्माण तथा प्रत्येक श्रमिक को सम्मान, सुरक्षा व खुशहाली प्रदान करना है। मुख्यमंत्री जी आज यहां विकसित भारत-जी राम जी कानून-2025 के सम्बन्ध में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह अधिनियम भारत के ग्रामीण विकास की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगा। देश के श्रमिकों, किसानों तथा गांवों के विकास के हित में उठाये गये इस कदम का स्वागत व समर्थन किया जाना चाहिए। इस अधिनियम के माध्यम से ग्रामीण भारत प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत/2047 के विजन के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में और अधिक सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर सकेगा। उत्तर प्रदेश को विकसित भारत-जी राम जी से अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अस्थायी और अधूरी सम्पत्तियों का दीर्घकालीन लाभ नहीं होता है। वी बी-जी राम जी अधिनियम-2025 रोजगार गारण्टी प्रदान करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसम्पत्तियों के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा। यह कार्य विकसित भारत की आधारशिला मजबूत करेगा। विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब राज्य विकसित होंगे। राज्य तब विकसित होंगे, जब हमारी आधारभूत इकाई गांव विकसित होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी, किसान आत्मनिर्भर होगा व श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा व सम्मान मिलेगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस अधिनियम में रोजगार गारण्टी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गयी है। मानदेय का साप्ताहिक भुगतान होगा। भुगतान में देरी पर मुआवजे की भी व्यवस्था की गयी है। समय पर काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता अब कानूनी अधिकार बन चुका है। खेती के मौसम में किसानों को मजदूरों की कमी न हो, इसके लिए राज्यों को बुआई व कटाई के समय 60 दिन तक कार्य विराम का अधिकार प्रदान किया गया है। उस समय वी बी-जी राम जी के कार्य स्थगित रहेंगे। इसके माध्यम से किसान और मजदूर दोनों के हित सुरक्षित रहेंगे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ग्राम पंचायतें इस अधिनियम के अन्तर्गत किये जाने वाले कार्यां की चार श्रेणियां निर्धारित कर सकेंगी। अधिनियम के तहत जल संरक्षण की स्थायी व्यवस्था के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, चेकडैम और उससे जुड़ी अन्य सुविधाओं को गांवों में विकसित किया जा सकता है। ग्रामीण बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर के अन्तर्गत सड़क, नाली आदि का विकास किया जा सकता है। गांवों में खेल का मैदान, ओपन जिम, बाजार, दुकानों जैसे आजीविका सम्बन्धी इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जा सकता है। प्रतिकूल मौसम की घटनाओं से निपटने तथा आपदा प्रबन्धन की तैयारी हेतु कार्य किये जा सकते हैं। परिणामस्वरूप, बाढ़ प्रबन्धन के लिए किये जाने वाले छोटे-छोटे कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों की शासन पर निर्भरता कम हो जाएगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस अधिनियम में टेक्नोलॉजी को कानूनी अधिकार के रूप में मान्यता प्रदान की गयी है। इनमें बायोमैट्रिक उपस्थिति, जियो टैगिंग, रियल टाइम मोबाइल ऐप मॉनीटरिंग, ए0आई0 से निगरानी तथा डिजिटल भुगतान जैसी युक्तियां सम्मिलित हैं। अब हाजिरी भरने की औपचारिकताएं नहीं होंगी, बल्कि बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी। सेटेलाइट इमेजनरी के माध्यम से स्थायी परिसम्पत्तियों के निर्माण की निगरानी की जाएगी। डिजिटल भुगतान के माध्यम से श्रमिकों के खाते में मानदेय की धनराशि भेजी जाएगी।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस अधिनियम में कैग के मानकों के अनुरूप प्रत्येक 06 माह में अनिवार्य सोशल ऑडिट, डिजिटल एवं बहुस्तरीय समयबद्ध शिकायत निवारण तथा जिला लोकपाल की व्यवस्था सम्मिलित है। यह अधिनियम वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ संघीय संतुलन को बनाये रखने में बेहतर योगदान देगा। इसमें केन्द्र व राज्य की साझेदारी 60ः40 की होगी। स्पष्ट वार्षिक बजट के साथ कार्य मांग आधारित रहेगा। राज्यों को अधिक वित्तीय भागीदारी, स्वामित्व व गुणवत्ता सुधार का अधिकार दिया गया है। राज्यों को अब इस अधिनियम के माध्यम से 17,000 करोड़ रुपये अधिक धनराशि प्राप्त हो सकती है।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि … Read more

ईरानी गैंग का आतंक: भोपाल में चोरी, लूट और प्रॉपर्टी कब्जाने के मामलों में सरगना राजू का नाम सामने

भोपाल राजधानी भोपाल में पुलिस की एक सटीक कार्रवाई ने ऐसा भूचाल ला दिया है कि असर सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रहा. ईरानी डेरे पर हुई कार्रवाई के बाद अब देश के कम से कम 6 राज्यों की पुलिस अलर्ट मोड पर है. वजह साफ है जांच में सामने आया है कि ईरानी गैंग से जुड़े कई लोग अलग-अलग राज्यों में चेन स्नेचिंग, ठगी और अन्य आपराधिक वारदातों में शामिल रहे हैं. भोपाल के ईरानी डेरे में एक नहीं 6 से अधिक गैंग सक्रिय हैं। इस बात का खुलासा पुलिस की अब तक की जांच में हुआ है। इन सभी गैंग में कई दर्जन गुर्गे शामिल हैं। सभी गैंग अपने-अपने तरीकों में माहिर हैं। इन सभी गैंग के लीडर्स अलग-अलग हैं। ईरानी डेरा में छुपा है डर, दहशत और रहस्य भोपाल के अमन कॉलोनी इलाके में स्थित ईरानी डेरा लंबे समय से चर्चा में रहा है. कहा जाता है कि एक समय ऐसा था जब इस डेरे में जाने से पुलिस भी कतराती थी. 12 राज्यों में खौफ का ठिकाना बताए जाने वाले इस डेरे को अपराधियों की सुरक्षित पनाहगाह तक कहा गया. लेकिन हालिया कार्रवाई के बाद पहली बार इस डेरे के भीतर की तस्वीरें और आवाजें सामने आई हैं. पुलिस की कार्रवाई और संपत्तियों की जांच पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस गैंग के खिलाफ कार्रवाई के बाद भोपाल में चेन स्नेचिंग और छोटी आपराधिक घटनाओं में साफ गिरावट आई है. अब पुलिस का फोकस सिर्फ गिरफ्तारी पर नहीं, बल्कि ईरानी गैंग से जुड़े लोगों की संपत्तियों की जांच पर भी है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों का स्रोत क्या है और कहीं ये अवैध कमाई से तो नहीं बनाई गईं. अधिकारियों का कहना है कि अगर संपत्तियों में गड़बड़ी पाई गई, तो उन पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा. पुलिस को ईरानी डेरे से दबिश में बड़ी संख्या में मोबाइल, लैपटॉप, सीपीयू, पैनड्राइव आदि मिले हैं। इन सभी का परीक्षण कराया जा रहा है। माना जा रहा है कि इन डिवाइस का इस्तेमाल कर ईरानी चोरी के मोबाइल का सिक्योरिटी लॉक तोड़ने का काम करते थे। काला ईरानी के काले कारोबार पर नजरें पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि काला ईरानी निशातपुरा इलाके में लंबे समय से प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा है। जनता नगर कॉलोनी में उसने कई प्लॉटों को हेरफेर कर बेचा है। काला के करीबी रहीम पर भी पुलिस की नजरें हैं। करोड़ों की संपत्ति के असामी बन चुके काले ईरानी पुलिस बारीकी से तस्दीक करा रही है। फरार आरोपियों की तलाश में स्पेशल टीमें पुलिस ने इस मामले में कई विशेष टीमें बनाई हैं, जो तकनीकी और जमीनी स्तर पर लगातार काम कर रही हैं. अलग-अलग राज्यों में इस गैंग के सदस्यों के खिलाफ वारंट जारी हो चुके हैं. पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चाही मिश्र का साफ कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा. वारदातों के लिए महीनों का सफर ईरानी डेरे में रहने वाले अपराधी चोरी, लूट, ठगी जैसी वारदातों के लिए महीनों कबीले से दूर दूसरे शहर और राज्यों में रहते हैं। इसे सफर में होना कहा जाता है। इस दौरान कबीले के युवक आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। पकड़े जाने पर भी माल को सुरक्षित कबीले तक पहुंचाने के लिए दो युवक होते हैं। सफर में जाने वाले युवकों के गिरोह के साथ हर समय दो युवक ऐसे होते हैं जो वारदात में सीधे तौर पर शामिल नहीं होते, लेकिन घटना के बाद मिले माल को लेकर सुरक्षित कबीले तक लाने की जिम्मेदारी इनकी होती है। इसके लिए कई बार आरोपी बाय रोड लग्जरी कार और बाइक से सैकड़ों किलोमीटर तक का सफर तय करते हैं। रिश्तेदारी का भी मिलता है फायदा जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गैंग के कई सदस्य आपस में रिश्तेदार हैं। इनके रिश्ते महाराष्ट्र और राजस्थान में बसे परिवारों से जुड़े हुए हैं, जिसकी वजह से वहां इनका नेटवर्क मजबूत बना रहा। यही कारण है कि यह गैंग दिल्ली, मुंबई, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में बेखौफ होकर वारदात करता रहा।

मुख्यमंत्री योगी ने ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत राज्य में अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की

सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम को बनाएं अनिवार्य: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी ने ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत राज्य में अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की मुख्यमंत्री ने कहा- सभी विभाग अपनी आवश्यकता के अनुरूप अपना पाठ्यक्रम बनाकर आईगॉट पोर्टल पर करें अपलोड बोले मुख्यमंत्री- विभागों एवं सरकारी संस्थाओं के पाठ्यक्रम में एआई और साइबर सिक्योरिटी को अनिवार्य रूप से करें शामिल मुख्यमंत्री ने कहा- ‘मिशन कर्मयोगी’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिवर्तनकारी पहल है बोले मुख्यमंत्री- सभी ट्रेनिंग सेंटर्स के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग पाठ्यक्रम अवश्य बनाएं सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम को अनिवार्य बनाएं- मुख्यमंत्री आईगॉट कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है प्रदेश से 18.8 लाख से अधिक कार्मिक प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं वर्ष 2025 में देश भर में हुई कुल ऑनबोर्डिंग का 93 प्रतिशत है लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक में ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत राज्य में अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में मिशन के क्रियान्वयन, प्रशिक्षण ढांचे, डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्थिति और विभिन्न विभागों में क्षमता संवर्धन से जुड़े विषयों पर गहन चर्चा हुई। इस दौरान कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान ने उत्तर प्रदेश में मिशन के क्रियान्वयन की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ‘मिशन कर्मयोगी’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक दृष्टिकोण के साथ भारतीय संस्कृति के लोकाचार में निहित मूल्यों को आत्मसात करते हुए ऐसे सक्षम मानव संसाधन तैयार करना है, जो प्रदेश और देश के विकास की प्रेरक शक्ति बने। उन्होंने कहा कि यह पहल शासन व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुख बनाने में निर्णायक भूमिका निभा रही है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी को अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत केंद्र में 30 लाख से अधिक सिविल सेवकों, राज्यों में लगभग 2.2 करोड़ कार्मिकों तथा शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में लगभग 50 लाख कार्मिकों को क्षमता संवर्धन से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस मिशन के माध्यम से देश भर के 790 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाया जा रहा है। सभी सिविल सेवकों के सतत एवं समग्र ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए आईगॉट (इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्थापना की गई है। आईगॉट प्लेटफॉर्म आज विश्व का सबसे बड़ा सरकार-प्रेरित क्षमता निर्माण मंच बन चुका है। इस पर अब तक 1.45 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हो चुके हैं। प्लेटफॉर्म पर कुल 4,179 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनमें 840 से अधिक पाठ्यक्रम हिंदी में तथा 15 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में 540 से अधिक पाठ्यक्रम शामिल हैं। अब तक 6.7 करोड़ से अधिक पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं, जबकि पाठ्यक्रम पूर्णता दर 70 प्रतिशत से अधिक रही है, जो इस मंच की व्यापक स्वीकृति और प्रभावशीलता को दर्शाती है। आईगॉट ऐप को 50 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है। आईगॉट कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश से 18.8 लाख से अधिक कार्मिक प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं, जो वर्ष 2025 में देश भर में हुई कुल ऑनबोर्डिंग का 93 प्रतिशत है। वहीं, प्रदेश के 10 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने कम से कम एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। अब तक उत्तर प्रदेश से 72 लाख से अधिक पाठ्यक्रम पूर्ण किए जा चुके हैं, जो वर्ष 2025 में देश भर में हुई कुल पाठ्यक्रम पूर्णताओं का 99 प्रतिशत है। यह उपलब्धि प्रदेश में सुशासन, दक्ष प्रशासन और नागरिक-केंद्रित सेवा प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभाग एवं सरकारी संस्थाएं आवश्यकता अनुरूप अपना पाठ्यक्रम बनाकर भारत सरकार के ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म आईगॉट पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने यह भी कहा कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम को अनिवार्य बनाएं। साथ ही इसे उनके प्रमोशन एवं एसीआर से भी जोड़ें।  मुख्यमंत्री ने कहा कि उपाम सहित प्रदेश में संचालित सभी ट्रेनिंग सेंटर्स के लिए समय की आवश्यकता को देखते हुए कैपेसिटी बिल्डिंग पाठ्यक्रम बनाएं, जिससे ट्रेनिंग सेंटर में ही नव प्रशिक्षणार्थियों की कार्यदक्षता को और बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी विभागों एवं सरकारी संस्थाओं के पाठ्यक्रम में एआई और साइबर सिक्योरिटी को अनिवार्य रूप से शामिल करें। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आईगॉट के केस स्टडी प्लेटफॉर्म ‘अमृत ज्ञान कोश’ में विश्व की केस स्टडीज उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश में भी विभिन्न विभागों में अच्छी केस स्टडीज हैं, जिन्हें अमृत ज्ञान कोश पर अपलोड करना चाहिए। उन्होंने नई सोच और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि ज्ञान, कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण के समन्वय से ही जनसेवा की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार संभव है। ‘मिशन कर्मयोगी’ इसी लक्ष्य के साथ कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करता है और जनभागीदारी की भावना को मजबूती प्रदान करता है, जिससे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं की समयबद्ध और प्रभावी पूर्ति सुनिश्चित होती है। मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता, नियमित मूल्यांकन और व्यावहारिक उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि इसका लाभ शासन की प्रत्येक इकाई तक पहुंचे और जनसेवा के मानकों में निरंतर सुधार हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत अभियंताओं को नई डिजाइन एवं नई तकनीकि का ज्ञान प्राप्त हो सके, इसके दृष्टिगत कैपेसिटी बिल्डिंग का पाठ्यक्रम अवश्य बनाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि मिशन कर्मयोगी के तहत एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पुलिस कांस्टेबल, पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों से जुड़े फील्ड कर्मियों के लिए व्यवहारिक, कार्य-आधारित और जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जाए, ताकि जमीनी स्तर पर सेवाओं की प्रभावशीलता और संवेदनशीलता मजबूत हो।

भोपाल में 10 साल का ठंडा रिकॉर्ड टूटा, इंदौर-ग्वालियर में स्कूल बंद, शीतलहर ने बढ़ाई मुश्किलें

भोपाल  मध्यप्रदेश इस समय भीषण सर्दी की चपेट में है। प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में घना कोहरा छाया हुआ है, जबकि कई जिलों में शीतलहर और कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि कुछ जगहों पर रात का तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजधानी भोपाल में भी जनवरी की सर्दी ने बीते 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। तेज ठंड और कम विजिबिलिटी के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं, जबकि कुछ जगहों पर स्कूल देर से खोलने के निर्देश जारी किए गए हैं। घना कोहरा बना मुसीबत, कई जिलों में विजिबिलिटी बेहद कम प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल में कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। दतिया में सुबह के समय विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रिकॉर्ड की गई। ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में सड़कों पर धुंध की मोटी परत छाई रही।  मध्यप्रदेश में तेज ठंड और कोहरे का असर है। प्रदेश में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे चल रहा है। उमरिया में सबसे कम 3.9 डिग्री रहा। राजगढ़-खजुराहो में 4.5 डिग्री, शिवपुरी में 5 डिग्री और रीवा में 5.8 डिग्री रहा। बुधवार सुबह आधे से ज्यादा हिस्से में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा रहा। सतना, दतिया, गुना, रीवा, ग्वालियर, राजगढ़, खजुराहो, नौगांव और सीधी में कोहरे का सबसे ज्यादा असर रहा। इस वजह से दिल्ली से आने वाली एक दर्जन ट्रेनें लेट हैं। इंदौर, रायसेन, ग्वालियर, मऊगंज, धार और नर्मदापुरम के स्कूलों की बुधवार को भी छुट्‌टी है। मौसम विभाग ने बुधवार को भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में कोल्ड वेव चलने का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले भी शाजापुर, शहडोल, सिवनी, मंदसौर और सीहोर में शीतलहर का प्रभाव रहा। वहीं, भोपाल-राजगढ़ में तीव्र शीतलहर चली। भोपाल, विदिशा, सीहोर, शाजापुर व नरसिंहपुर में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। इंदौर, रायसेन-नर्मदापुरम में आज भी स्कूलों की छुट्‌टी पिछले 3 दिन से प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस वजह से इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, शाजापुर, विदिशा, ग्वालियर, अशोकनगर, रायसेन, आगर-मालवा, भिंड, टीकमगढ़, हरदा, नीमच, रतलाम, राजगढ़, मंडला, जबलपुर, दमोह, डिंडौरी, नर्मदापुरम, झाबुआ, छतरपुर, सीधी, बैतूल समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्‌टी घोषित कर दी गई थी। इंदौर, रायसेन, ग्वालियर और नर्मदापुरम के स्कूलों की बुधवार को भी छुट्‌टी रहेगी। वहीं, भोपाल, धार, सीहोर, अनूपपुर, बड़वानी, मुरैना और खरगोन में स्कूल सुबह 9 बजे के बाद ही खुले रहेंगे। हालांकि, तेज ठंड का असर बरकरार है। ऐसे में बच्चों को स्कूलों में पहुंचने में दिक्कतें होंगी। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं।  इसके अलावा भोपाल, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सीहोर, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, उमरिया और शहडोल समेत कई जिलों में भी कोहरे ने रफ्तार थाम दी। शीतलहर और कोल्ड डे का अलर्ट जारी मौसम विभाग ने बुधवार को भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इससे पहले शाजापुर, शहडोल, सिवनी, मंदसौर और सीहोर में भी शीतलहर का असर देखा जा चुका है। भोपाल और राजगढ़ में तो तीव्र शीतलहर दर्ज की गई। भोपाल, विदिशा, सीहोर, शाजापुर और नरसिंहपुर में दिनभर ठंडा दिन (कोल्ड डे) जैसी स्थिति बनी रही, जिससे धूप निकलने के बावजूद ठिठुरन कम नहीं हुई। स्कूलों पर ठंड का असर, कई जिलों में छुट्टियां बढ़ीं लगातार तीसरे दिन प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने के कारण इंदौर, रायसेन, ग्वालियर और नर्मदापुरम में बुधवार को भी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। वहीं भोपाल, धार, सीहोर, अनूपपुर, बड़वानी, मुरैना और खरगोन में स्कूल सुबह 9 बजे के बाद खोलने के निर्देश दिए गए हैं। तेज ठंड और घने कोहरे के कारण बच्चों के स्कूल पहुंचने में दिक्कतें बनी हुई हैं। दिन का तापमान भी गिरा, दतिया सबसे ठंडा सिर्फ रात ही नहीं, बल्कि दिन के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को दतिया में अधिकतम तापमान महज 17.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे कम था। श्योपुर में 18.2, नौगांव में 18.5, ग्वालियर में 18.9 और खजुराहो में 20.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।भोपाल और दमोह में दिन का पारा 21.8 डिग्री तक पहुंचा, जबकि रतलाम और गुना में 22.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भोपाल में एक रात में 5.6 डिग्री की गिरावट राजधानी भोपाल में ठंड ने नया रिकॉर्ड बना दिया। एक ही रात में तापमान 5.6 डिग्री गिरकर 3.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे कम है। इससे पहले 2015 के बाद ऐसा न्यूनतम तापमान दर्ज नहीं किया गया था।प्रदेश में सबसे कम तापमान राजगढ़ में 2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 2.8, शाजापुर में 3.7, मंदसौर में 3.8, सीहोर में 3.9 और रीवा में 4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। घने कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें भी देरी का शिकार हुईं। मालवा एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें 5 से 6 घंटे तक लेट पहुंचीं, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।  पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने … Read more

SUDA का कड़ा कदम: छत्तीसगढ़ में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, नगर निकायों को भेजा परिपत्र

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण की रक्षा के लिए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर अपनी कार्रवाई और तेज़ कर दी है. राज्य शहरी विकास प्राधिकरण (SUDA) ने राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों को सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल, बिक्री और स्टोरेज पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों के तहत नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में नियमित रूप से निरीक्षण और कार्रवाई की जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों, व्यापारियों और प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया जाएगा.  छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने राज्य के सभी नगरीय निकायों को परिपत्र जारी किया है। सुडा ने इस संबंध में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी निकायों को इस संबंध में की गई कार्यवाहियों की जानकारी हर महीने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के मिशन संचालक को उपलब्ध कराने के लिए भी निर्देशित किया गया है। सुडा ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को भेजे परिपत्र में स्वच्छता दीदियों के द्वारा डोर-टू-डोर सिंगल यूज प्लास्टिक के वैकल्पिक उपायों के बारे में नागरिकों को जागरूक करने अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। सुडा ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध सुनिश्चित करने के लिए व्यावसायिक क्षेत्रों, साप्ताहिक बाजारों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जन-जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ सिंगल यूज प्लास्टिक पर आर्थिक दण्ड का प्रावधान सुनिश्चित करने को कहा है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध सुनिश्चित करने के लिए गैर सरकारी संगठनों (NGOs), रहवासी कल्याण संघों (RWAs) एवं स्वसहायता समूहों की सहभागिता से घर-घर जागरूकता अभियान संचालित करने के लिए भी सभी निकायों को निर्देशित किया गया है। नगरीय निकायों को SUDA के कड़े निर्देश जारी दरअसल,  राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के लिए नई और सख्त एडवाइजरी जारी की है. इस कदम का मुख्य मकसद गंभीर पर्यावरणीय नुकसान को रोकना और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक (SUPs) के इस्तेमाल को पूरी तरह खत्म करना है. इस मुद्दे पर शहरों में जागरूकता अभियान चलाने के भी आदेश जारी किए गए हैं. नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना और कार्रवाई निर्देशों के अनुसार राज्य के किसी भी हिस्से में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का इस्तेमाल, स्टोरेज या बिक्री नहीं की जा सकती. अधिकारियों को बाज़ार इलाकों, दुकानों और गोदामों का अचानक इंस्पेक्शन करने का आदेश दिया गया है. अगर कोई व्यापारी या नागरिक बैन प्लास्टिक का इस्तेमाल करते हुए पाया जाता है, तो उस पर तुरंत जुर्माना लगाया जाएगा और गंभीर मामलों में उसके बिज़नेस लाइसेंस को रद्द करने जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है. सुडा ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध सुनिश्चित करने शासकीय एवं अर्धशासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कर्मचारियों व विद्यार्थियों द्वारा जागरूकता अभियान के साथ ही  शहर के तीर्थ स्थलों, पर्यटन स्थलों, मुख्य चौक-चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, निस्तारी एवं गैर-निस्तारी तालाबों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों की सहभागिता से जन-प्रतिनिधियों, धार्मिक गुरूओं, गणमान्य नागरिकों, स्वच्छताग्राहियों, ब्रांड अम्बैसडर्स, एन.जी.ओ. एवं स्वसहायता समूहों को शामिल कर विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं।  परिपत्र के माध्यम से नगरीय निकायों को सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध के लिए आयोजित सभी कार्यक्रमों को लोकल/क्षेत्रीय मीडिया/नगरीय निकाय के सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से प्रसारित व पोस्ट करने के लिए निर्देशित किया गया है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने निकायों को चित्रकला प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक एवं वेस्ट-टू-आर्ट प्रतियोगिताओं का भी आयोजन विद्यालय स्तर पर करने को कहा गया है। शहरों में जागरूकता अभियान चलाने के आदेश सिर्फ कार्रवाई ही नहीं बल्कि सरकार जन-भागीदारी पर भी ध्यान दे रही है. स्थानीय निकायों को वार्ड लेवल पर जागरूकता अभियान चलाने और लोगों को प्लास्टिक के बजाय पर्यावरण के अनुकूल चीज़ों (जैसे कपड़े या जूट के थैले) का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया है. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और बड़े बाज़ारों जैसी सार्वजनिक जगहों पर खास मॉनिटरिंग टीमें तैनात की जाएंगी. उम्मीद है कि प्रशासन के इस एक्टिव तरीके से राज्य में कचरा प्रबंधन बेहतर होगा और पर्यावरण की रक्षा होगी.   

इंदौर में जल संकट का भयावह परिणाम: दूषित पानी से 20 लोगों की मौत, 18 को मुआवजा, 16 ICU में

 इंदौर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से उपजी त्रासदी थमने का नाम नहीं ले रही है। नलों से बह रहा गंदा पानी अब सीधे लोगों की जान ले रहा है, लेकिन इसके बावजूद शासन-प्रशासन हकीकत स्वीकारने को तैयार नहीं है। दूषित पानी के कारण अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। तीन नई मौतों की जानकारी सामने आने के बाद हालात की भयावहता और स्पष्ट हो गई है। इनके सहित 18 मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रु.देने का दावा किया गया है। ऐसे में दो नए नाम रामकली जगदीश और श्रवण नत्यु को भी जोड़ा जाए तो मृतकों की संख्या 20 हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि दूषित पानी से भले ही 6 लोगों की मौत हुई है, लेकिन जहां भी लोगों की मौत की सूचना मिली रही है वहां क्रॉस चेक कर आर्थिक सहायता दी जा रही है। इतनी मौतों के बाद लोग अब डरे-सहमे हैं। इलाके में बड़ी संख्या में बोरिंग का यूज बंद कर दिया है। रहवासी टैंकरों और आरओ के पानी पर निर्भर हैं। इस बीच अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में कमी आई है। अब तक 429 लोग भर्ती हुए थे। जिनमें से मंगलवार शाम तक की स्थिति में 330 डिस्चार्ज हो चुके हैं। यानी अब सिर्फ 99 मरीज ही एडमिट हैं। हालांकि, अस्पतालों में मरीजों की संख्या में कमी जरूर आई है, लेकिन आईसीयू में मरीजों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ी है। अब आईसीयू में 16 मरीज हैं। इनमें से 3 वेंटिलेटर पर हैं। इससे पहले सोमवार को 15 और रविवार को 7 मरीज आईसीयू में भर्ती थे। इधर, आज बुधवार को महिला कांग्रेस पूरे प्रदेश में एक साथ प्रदर्शन करेगी। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने बताया कि पूरे प्रदेश में एक साथ कैंडल मार्च निकालेंगे। अब मुआवजा सूची में दो नए नाम जुड़े इधर, प्रशासन की परिजन को मुआवजा देने के लिए बनाई सूची में दो नए नाम हैं, जो पहले सामने नहीं आए थे। इनमें रामकली जगदीश व श्रवण नत्यु शामिल हैं। इनके सहित मुआवजा सूची में 15 नाम हो गए हैं। महाराष्ट्र में हुआ बुजुर्ग का अंतिम संस्कार दूषित पानी की इस त्रासदी में श्रावण नथ्थु खुपराव की मौत भी जुड़ चुकी है। 29 दिसंबर को इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई। बेटे श्रीकृष्ण ने बताया कि 25 दिसंबर को उन्हें अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 26 दिसंबर को कुछ सुधार हुआ, लेकिन इसके बाद अचानक तबीयत फिर बिगड़ी और उनकी जान चली गई। श्रावण खुपराव का अंतिम संस्कार महाराष्ट्र के बुलढ़ाना जिले के सेलापुर गांव में किया गया, जो उनका पैतृक गांव है। उनका पोता नगर निगम की पानी की टंकी पर कार्यरत है और बेटा सुरक्षाकर्मी के रूप में काम करता है, इसी कारण पूरा परिवार इंदौर में रह रहा था। सवाल यह है कि जिस परिवार का सदस्य खुद पानी की व्यवस्था से जुड़ा है, वही परिवार दूषित पानी का शिकार बन गया। 47 वर्षीय रामकली की भी गई जान इसी तरह रामकली पत्नी जगदीश (47 वर्ष) की मौत ने भी प्रशासन के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उनके बेटे ने बताया कि 28 दिसंबर को अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। परिजन उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि रामकली को इससे पहले किसी भी तरह की गंभीर बीमारी नहीं थी। अचानक हुई तबीयत खराबी और मौत ने दूषित पानी की भूमिका को और मजबूत कर दिया है। भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में हालात ऐसे हैं कि हर घर में बीमार लोग मिल रहे हैं। अस्पतालों में बेड भर चुके हैं, स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की भीड़ लगी है, लेकिन प्रशासन अब भी मौतों को “स्वाभाविक” या “अन्य कारणों” से जोड़कर अपनी जिम्मेदारी से बचने में लगा है। भागीरथपुरा में बहता दूषित पानी अब सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता का सबसे बड़ा सबूत बन चुका है। कलेक्टर और निगम कमिश्नर रोज कर रहे निरीक्षण कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बुधवार को भी भागीरथपुरा क्षेत्र की बस्तियों और कॉलोनी का निरीक्षण किया। इस दौरान सीवरेज और नर्मदा पाइपलाइन के लीकेज सुधार के कामों का जायजा लिया और दिशा निर्देश दिए। स्थानीय रह वासियों से भी वाटर सप्लाई को लेकर जानकारी ली गई। निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बताया कि क्षेत्र में घर-घर और गली-गली जाकर रहवासियों को जानकारी दी जा रही है कि आज 12.30 बजे नर्मदा पानी की सप्लाई टेस्टिंग के लिए की जाएगी। अनाउंसमेंट किया जा रहा है कि पानी के सप्लाई दौरान घर की नर्मदा लाइन की टोटी को बंद ही रखें, पानी का इस्तेमाल ना करें। इलाके में पर्याप्त मात्रा में टैंकर से पानी सप्लाई किया जा रहा है। टैंकर का पानी उबालकर और छानकर ही पीएं। भागीरथपुरा पानी की टंकी से क्लोरीनेशन वाटर सप्लाई की टेस्टिंग आज फिर की जाएगी। दो दिन में 5013 घरों तक पहुंचीं हेल्थ टीमें सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हासानी के मुताबिक 61 टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों में नर्सिंग ऑफिसर, सीएचओ, आशा और एएनएम शामिल हैं। जिन्होंने घरों में रियल टाइम सर्वे किया है। दो दिनों में ये टीमें 5013 घरों तक पहुंची हैं। 24786 लोगों से संपर्क कर उन्हें उचित परामर्श दिया है। वहीं, प्रत्येक घर में दवाइयां और एक क्लिनवेट ड्रॉप भी बांटे हैं। जानिए क्या है कोबो टूल दरअसल, कोबो टूल एक ऑनलाइन मोबाइल एप है। इससे भागीरथपुरा के हर घर का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया। किस घर में बीमारी की गंभीरता ज्यादा थी, कितने सदस्य बीमार थे, पानी को साफ रखने को लेकर उनकी जानकारी सहित कई प्रश्न किए गए। भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैली बीमारी के बाद इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) के सर्वे में 17 गलियां संक्रमित मिली हैं। 61 टीमों 5013 घरों का सर्वे किया और करीब 25 हजार लोगों तक पहुंचे। इसमें से 40 से 50% क्षेत्र प्रभावित मिला है। भागीरथपुरा टंकी के पास सामने वाली गली में मरीज नहीं मिले। इन्हीं डेटा के आधार पर हीट-गैप बनाया है। 460 घर प्रभावित … Read more

मुख्यमंत्री साय बोले: स्वामी विवेकानंद ने भारत की संस्कृति और सनातन धर्म का विश्व में किया मान बढ़ाया

रायपुर : स्वामी विवेकानंद ने दुनिया में बढ़ाया भारत की संस्कृति एवं सनातन का मान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अल्पायु में ही संपूर्ण विश्व को भारत की सनातन संस्कृति, अध्यात्म और दर्शन से परिचित कराते हुए देश का सम्मान बढ़ाया था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित सेंड ऑफ सेरेमनी समारोह में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस पर प्रतिवर्ष 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है तथा राष्ट्रीय युवा उत्सव का आयोजन किया जाता है। यह उत्सव भारत की युवा ऊर्जा, रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण की भावना का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हम छत्तीसगढ़ वासियों के लिए यह बड़े सौभाग्य की बात है कि स्वामी विवेकानंद जी ने अपना अधिकांश समय रायपुर में बिताया। बूढ़ा तालाब एवं डे-भवन जैसी पावन स्थलों की स्मृतियाँ आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के लिए 75 प्रतिभाशाली युवाओं का चयन किया गया है, जो पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है। इनमें 45 युवा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग से, 1 युवा डिजाइन फॉर भारत ट्रैक से तथा 29 प्रतिभागी सांस्कृतिक ट्रैक्स से शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ के युवाओं का  प्रतिनिधित्व भारत की युवा शक्ति, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और विकसित भारत के संकल्प में सहभागी बनने का सुनहरा मौका है। उन्होंने कहा कि  छत्तीसगढ़ के युवा राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, लोकनृत्य, लोकगीत और युवा नेतृत्व का प्रदर्शन करेंगे। इससे छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू पूरे देश में बिखरेगी और राज्य गौरवान्वित होगा।मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय स्तर पर चयनित सभी प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के युवा 9 जनवरी को नई दिल्ली पहुँचकर देश के विभिन्न प्रांतों से आए युवा कलाकारों एवं यंग लीडर्स से मुलाकात करेंगे और विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। 11 जनवरी को इसरो के गगनयात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला  से मिलेंगे और उनके अंतरिक्ष अनुभवों से प्रेरणा प्राप्त करेंगे। इसके साथ ही 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस पर यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  देश के युवा प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की पहचान है और युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के प्रसिद्ध संदेश – “उठो, जागो और तब तक नहीं रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” – का उल्लेख करते हुए युवाओं से इससे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जहाँ युवा समूह होता है, वहाँ ऊर्जा का स्वाभाविक संचार होता है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का सपना है कि देश के यंग लीडर्स सभी क्षेत्रों में नेतृत्व करें। हमारी सरकार ने बेहतर व्यवस्थाओं के साथ विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक युवा महोत्सव का सफल आयोजन कराया है। इसके लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों की सराहना भी की। साव ने भी सभी चयनित प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने मुख्य मंच से चयनित प्रतिभागियों को वेशभूषा किट प्रदान किए। साथ ही कुछ प्रतिभागियों ने अपने अनुभव भी साझा किए। इस मौके पर युवा आयोग अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण एवं प्रतिभागी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

MCD कार्रवाई के दौरान तुर्कमान गेट में हिंसा, बॉडी कैमरों से पत्थरबाज़ों की पहचान

नई दिल्ली  दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने के दौरान बवाल हुआ. देर रात चले इस अभियान में कुछ असामाजिक तत्वों ने मौके पर तैनात पुलिस बल पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. जिसमें चार से पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. अब इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान बॉडी कैम लगाए हुए थे, उनके बॉडी कैम फुटेज और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पत्थरबाजी करने वालों की पहचान की गई. 10 पत्थरबाजों को हिरासत में लिया गया है. जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज की गई है. दिल्ली पुलिस और MCD अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह डिमोलिशन ड्राइव किसी धार्मिक स्थल के खिलाफ नहीं थी, बल्कि यह पूरी तरह से हाईकोर्ट के आदेश के तहत अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई थी. डीसीपी सेंट्रल निधिन वालसन ने बताया कि यह कार्रवाई रात करीब 1 बजे शुरू हुई. मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके. डीसीपी निधिन वालसन के मुताबिक, एमसीडी हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार अतिक्रमित भूमि पर कार्रवाई कर रही थी. हमने सुरक्षा के लिए अपना स्टाफ तैनात किया था. कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने रात में पुलिस पर पत्थर फेंके. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्के बल का इस्तेमाल किया गया. कुल मिलाकर प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही, लेकिन चार से पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं. बॉडी कैम और CCTV से खुलेगा राज पुलिस का कहना है कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान कई पुलिसकर्मियों ने बॉडी कैम पहन रखे थे. इसके अलावा, तुर्कमान गेट और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है. दिल्ली पुलिस अब इन सभी फुटेज को खंगाल रही है. अधिकारियों के अनुसार, फुटेज के जरिए यह साफ किया गया कि पत्थरबाज़ी किसने की, किस समय की गई और किन परिस्थितियों में ये सब हुआ. पुलिस सूत्रों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है.  पुलिस पर हमला, पांच जवान घायल घटना के दौरान हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए, जब भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने अचानक पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. पुलिस के अनुसार, यह पत्थरबाज़ी सुनियोजित प्रतीत होती है, क्योंकि कुछ लोग पहले से ही मौके पर मौजूद थे और भीड़ को उकसाने की कोशिश कर रहे थे. पत्थरबाजी में घायल हुए पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार दिया गया. सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि सरकारी काम में बाधा डालना और पुलिसकर्मियों पर हमला करना गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. मस्जिद को नुकसान नहीं, अवैध ढांचे हटाए गए अधिकारियों ने बताया कि  फैज़-ए-इलाही मस्जिद को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है. पुलिस और MCD दोनों ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद को बिल्कुल नहीं तोड़ा गया. कार्रवाई केवल मस्जिद के आसपास बने अवैध निर्माणों पर की गई. जानकारी के मुताबिक, जिन ढांचों को हटाया गया, उनमें एक बारात घर का हिस्सा, कुछ अवैध दुकानें, एक डिस्पेंसरी शामिल हैं. अधिकारियों का कहना है कि ये सभी निर्माण अतिक्रमित भूमि पर बने हुए थे और इनके खिलाफ पहले से कानूनी प्रक्रिया चल रही थी. हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही इन्हें हटाया गया. FIR हुई, सभी पर होगी कार्रवाई दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक एफआईआर दर्ज की है. सूत्रों के मुताबिक इसमें सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला और सार्वजनिक शांति भंग करने जैसी धाराएं लगाई गई हैं. डीसीपी सेंट्रल ने साफ कहा है कि जो लोग हंगामा करने में शामिल थे, उनकी पहचान की जाएगी और सभी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे किसी तरह की साजिश थी या फिर भीड़ को जानबूझकर उकसाया गया. यदि ऐसा पाया गया, तो साजिश रचने वालों के खिलाफ भी अलग से कार्रवाई की जाएगी. इलाके में पुलिस तैनाती बढ़ी घटना के बाद तुर्कमान गेट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. किसी भी तरह की अफवाह या दोबारा हिंसा को रोकने के लिए लगातार गश्त की जा रही है. पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.

छत्तीसगढ़ में IED विस्फोट में बीएसएफ का जवान शहीद

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में गुरुवार को नक्सलियों द्वारा किए गए विस्फोट में सीमा सुरक्षा बल का एक जवान शहीद हो गया। यह दो दिनों में इस तरह की दूसरी मौत है। पुलिस ने यह जानकारी दी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना परतापुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत सदाकटोला गांव के पास उस समय हुई जब बीएसएफ और जिला पुलिस बल की एक संयुक्त टीम गश्त कर रही थी। उन्होंने बताया कि नक्सलियों द्वारा किए गए विस्फोट में बीएसएफ के हेड कांस्टेबल अखिलेश राय (45) घायल हो गए। अधिकारी ने बताया कि उन्हें प्रारंभिक उपचार दिया गया और आगे की चिकित्सा देखभाल के लिए पखांजूर रेफर किया गया, लेकिन चोटों के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। इलाके में तलाशी अभियान जारी उन्होंने कहा, अखिलेश राय उत्तर प्रदेश के मूल निवासी थे। उन्होंने बताया कि इलाके में बीएसएफ, जिला रिजर्व गार्ड और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम द्वारा तलाशी अभियान जारी है। बुधवार को राज्य के नारायणपुर जिले में नक्सलियों द्वारा सुरक्षाकर्मियों की एक टीम पर हमला करने और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट करने से छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के एक जवान की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया।