samacharsecretary.com

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी, हथकरघा तथा वस्त्र मंत्री बोलेः ‘वोकल फॉर लोकल’ का मूलमंत्र पहल के माध्यम से होगा साकार

छोटे उद्यमियों, हस्तशिल्पियों व कारीगरों के चेहरों पर प्रसन्नता लाने का माध्यम बनेगा स्वदेशी मेलाः राकेश सचान -सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी, हथकरघा तथा वस्त्र मंत्री बोलेः 'वोकल फॉर लोकल' का मूलमंत्र पहल के माध्यम से होगा साकार -'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' तथा 'आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' की परिकल्पना को साकार करने का माध्यम बनेगा प्रदेशव्यापी स्वदेशी मेलाः राकेश सचान -यूपीआईटीएस की सफलता से प्रेरित होकर अब जिला स्तर पर भी कारीगरों, उद्यमियों व हस्तशिल्पियों को उपलब्ध कराया जा रहा है मंच  -9 से 19 अक्टूबर के मध्य प्रदेश के सभी जिलों में हाई फुटफॉल वाले क्षेत्रों में स्वदेशी मेले का होगा आयोजन, दीपावली पर स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का  भी किया आह्वान लखनऊ उत्तर प्रदेश को 'विकसित व आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' बनाने की दिशा में प्रयासरत योगी सरकार उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के तृतीय संस्करण के सफल आयोजन के उपरांत अब एक और अभिनव प्रयास करने जा रही है। प्रदेश के 75 जिलों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), खादी, हथकरघा व हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा देने और जिला स्तर पर उन्हें बड़ा मंच उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार 9 से 19 अक्टूबर के मध्य स्वदेशी मेलों का आयोजन कराने जा रही है। बुधवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी, हथकरघा तथा वस्त्र मंत्री राकेश सचान ने प्रेसवार्ता के माध्यम से इस विषय में जानकारी देते हुए दीपावली के शुभ अवसर पर लोगों से इन मेलों में आने और स्थानीय उत्पादों को खरीदकर 'वोकल फॉर लोकल' की परिकल्पना को साकार करने की अपील भी की।            उन्होंने कहा कि सीएम योगी की मंशा अनुरूप प्रदेशव्यापी स्वदेशी मेला के आयोजन के जरिए एक बड़ा मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जो दीपावली पर्व के अवसर पर छोटे उद्यमियों, हस्तशिल्पियों व कारीगरों के चेहरों पर प्रसन्नता व घरों में खुशहाली लाने का माध्यम बनेगा।   अधिक फुटफॉल वाले क्षेत्रों में होगा मेले का आयोजन यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन देश में केवल उत्तर प्रदेश में ही होता है। इसी तर्ज पर इस बार स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए अब प्रदेशव्यापी स्वदेशी मेलों के आयोजन की शुरुआत की जा रही है। राकेश सचान ने कहा कि जैसे यूपीआईटीएस के संस्करणों ने प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों व शिल्पियों के उत्पादों को देशी- विदेशी मंच मिला, ठीक उसी तर्ज पर अब जिलों में भी अवसर उप्लब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रदेश के सभी जिलों में अधिक फुटफॉल वाले क्षेत्रों में इन मेलों का आयोजन होगा जो कि टेंट आदि लगाकर किया जाएगा। इन आयोजन में गांवों से आने वाले छोटे कारीगरों को अपने उत्पाद लाने के लिए किराया व हर प्रकार की मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन भी उन्होंने दिया।   यूपीआईटीएस से ली प्रेरणा, जिलों में उत्पाद बेचने का साबित होगा उत्तम मंच सचान ने बताया कि 25 सितंबर से 29 सितंबर के मध्य ग्रेटर नोएडा में आयोजित हुए उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के तृतीय संस्करण ने अपार सफलता प्राप्त की है। आयोजन में 2200 से अधिक स्टॉलों का संचालन हुआ। 80 से अधिक देशों के 500 से अधिक क्रेताओं ने इसमें रुचि दर्शायी। इस पांच दिनी कार्यक्रम में 5 लाख से अधिक फुटफॉल हुआ तथा 12500 करोड़ के व्यवसायिक पूछताछ भी हुई। इसी सफलता को ध्यान में रखते हुए अब जीएसटी सुधारों व स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए 9 अक्टूबर से 19 अक्टूबर के मध्य 75 जनपदों में स्वदेशी मेले का आयोजन किया जा रहा है। स्वदेशी मेले के जरिए जिला स्तर पर उद्यमियों, कारीगरों व हस्तशिल्पियों को अपने उत्पाद बेचने का उत्तम मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेलों में सांस्कृतिक विभाग व संस्थाओं के माध्यम से तमाम प्रकार की कलाओं का भी प्रदर्शन होगा। इन कार्यक्रमों के उद्घाटन के लिए प्रभारी मंत्री, विधायक व अध्यक्षों को सूचित कर दिया गया है। उनके अनुसार, प्रदेश में 9 अक्टूबर से अधिकतर क्षेत्रों में  मेलों का आयोजन शुरू होगा जो कि 18 तक चलेगा। वहीं, जिन क्षेत्रों में 10 अक्टूबर को मेले का शुभारंभ होगा वहां 19 अक्टूबर को समापन होगा। उन्होंने जानकारी दी कि 10 अक्टूबर को गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ मेले का शुभारंभ कर सकते हैं। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने का बड़ा माध्यम साबित होगा प्रयास राकेश सचान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जीएसटी की घटी दरों के रूप में दीपावली के पहले जो उपहार देश को दिया गया इसी के अंतर्गत माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश को बढ़ावा देने की प्रक्रिया निरंतर जारी है। इसी कड़ी में प्रदेशव्यापी स्वदेशी मेला का आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। वर्तमान में वैश्विक आर्थिक परिवेश के अनुरूप उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने की दिशा में हस्तशिल्पी, उद्यमी और कारीगरों को बड़ा संबल मिलेगा। मेले में उद्यमियों को निःशुल्क दुकाने लगाने के लिए स्थान दिया जाएगा तथा हर प्रकार की मदद की जाएगी। छोटे उद्यमियों व कारीगरों की आर्थिक सहायता भी एमएसएमई विभाग के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा 75 जनपदों में मेले के आयोजन के लिए आदेश जारी किया गया है तथा पहली बार जनपद स्तर पर इस प्रकार के मेले का आयोजन किया जा रहा है। प्रक्रिया के अंतर्गत, लखनऊ में स्वदेशी मेला का आयोजन यूनिवर्सिटी कैंपस में होगा।  96 लाख इकाइयों के उत्पादों के जिले स्तर पर प्रदर्शन का मार्ग होगा सुनिश्चित राकेश सचान के अनुसार, यह पहल आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश तथा विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सफल होगी जिसमें एमएसएमई की 96 लाख इकाइयों का जिले स्तर पर प्रदर्शन का मार्ग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि हमें अपने स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्पियों व कारीगरों को प्रोत्साहित करना है। ऐसे में, मेले के माध्यम से दीपावली के पूर्व होने वाली खरीदारी में लोग आएं और माटीकला बोर्ड द्वारा तैयार किए गए दीये व कलाकृतियों, सीएम युवा मुहिम के अंतर्गत झालर आदि बनाने वाले कलाकारों, विश्वकर्मा श्रम सम्मान के माध्यम से ओडीओपी के हस्तशिल्पी कारीगर, खादी ग्रामोद्योग से जुड़े जो लोग हैं इनके उत्पाद अगर प्रदेशवासी खरीदेंगे तो गांवों के कारीगर लाभान्वित होंगे। यह आपके घरों में समृद्धि तो लाएगी ही विदेशी उत्पादों पर … Read more

चुनाव की घोषणा होते ही सभी राजनीतिक दल अर्लट : सीएम नीतीश हर दिन करेंगे चार चुनावी सभा, पीएम और राहुल की होंगी इतनी सभाएं

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही सभी राजनीतिक दलों ने ताबड़तोड़ चुनावी सभा करने की तैयारी कर ली है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और इंडिया गठबंधन अपने अपने स्टार प्रचारकों की सभाओं पर पूरा फोकस कर रहा है। इस बार पहले चरण में सबसे अधिक चुनावी सभा भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं की होगी। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की 25-25 चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 से अधिक चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। सीएम नीतीश कुमार भी अपना संबोधन देंगे खास बात यह है कि पीएम मोदी की चुनावी सभा में सीएम नीतीश कुमार भी अपना संबोधन देंगे। पीएम मोदी की हर तीन में एक सभा उस क्षेत्र में होगी, जहां एनडीए के घटक दलों के उम्मीदवार हैं। वहीं दो सभा भाजपा के उम्मीदवारों के क्षेत्र में होगी। प्रधानमंत्री की सभाओं में मंच पर एनडीए के उम्मीदवारों को भी जगह मिलेगी। जनता दल यूनाईटेड की ओर से सीएम नीतीश कुमार 10 अक्टूबर से अपने चुनावी अभियान पर निकलेंगे। इस दौरान वह हर दिन चार चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। वह हेलीकॉप्टर से अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी सभा करेंगे। कई जगहों पर वह रोड शो भी कर सकते हैं। राहुल गांधी की 10 से अधिक चुनावी सभा इधर, इंडिया गठबंधन में कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी भी 10 से अधिक चुनावी सभा को संबोधित करेंगे।  जबकि, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की छह से अधिक चुनावी सभी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की पांच चुनावी सभा होने वाली है। तेजस्वी यादव की चुनावी सभा की घोषणा अब तक नहीं की गई है। संभावना है कि सीट शेयरिंग पर खुलासा होने के बाद अपनी चुनावी सभा की भी घोषणा कर देंगे। पहले चरण में इन 18 जिलों में होगा विधानसभा चुनाव         मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर, बक्सर।

सिरप कंपनी के मालिक की गिरफ्तारी तय, MP पुलिस ने शुरू किया तमिलनाडु के लिए अभियान; 20 मौतें, 5 बच्चे गंभीर

भोपाल  मध्य प्रदेश में दूषित कफ सिरप Coldrif पीने से बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 20 हो गया है, जबकि 5 बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है. मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद, उपमुख्यमंत्री और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई कर रही है. डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि ये मौतें जहरीली कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से जुड़े किडनी फेल होने के कारण हुई हैं. छिंदवाड़ा से एक पुलिस टीम तमिलनाडु के कांचीपुरम पहुंची है, जहां वे Coldrif कफ सिरप बनाने वाली कंपनी के मालिक को गिरफ्तार करने गए हैं.  20 मासूमों की मौत, 5 की हालत गंभीर शुक्ला ने बताया कि कुल 20 बच्चों की मौत हुई है, जिनमें 17 छिंदवाड़ा से, 2 बेटुल से और 1 पंधुरना से हैं. इनमें से दो बच्चों की मृत्यु मंगलवार को और एक की सोमवार को हुई. 5 बच्चे पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के नागपुर में इलाजरत हैं.  डिप्टी सीएम शुक्ला ने कहा, "2 बच्चे एम्स में, दो सरकारी अस्पताल में और एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं. सभी उनकी जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं."  कंपनी मालिक की गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना बता दें कि शुक्ला ने मंगलवार को नागपुर में इलाजरत बच्चों के परिवारों से मुलाकात की थी. मृत्यु का कारण बनी कफ सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित Sresan फार्मा कंपनी द्वारा निर्मित की गई थी. छिंदवाड़ा पुलिस की एक टीम कंपनी के मालिक को पकड़ने के लिए कांचीपुरम गई है.  अधिकारियों पर भी गिरी गाज उन्होंने आगे कहा कि सरकार इस मामले में बहुत सख्त है और सबसे कठोर कार्रवाई कर रही है. जांच के बीच, मध्य प्रदेश सरकार ने सोमवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन के दो ड्रग इंस्पेक्टर और एक डिप्टी डायरेक्टर को निलंबित कर दिया, साथ ही राज्य के ड्रग कंट्रोलर का तबादला कर दिया. डॉक्टर गिरफ्तार छिंदवाड़ा के डॉ. प्रवीण सोनी को लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. मध्य प्रदेश पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है और तमिलनाडु स्थित Coldrif कफ सिरप निर्माता कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. 

रेलवे ने MP को दी नई रफ्तार, रतलाम में राजधानी एक्सप्रेस बनेगी और तेज

रतलाम   केंद्र की मोदी सरकार ने मध्य प्रदेश को दो बड़ी रेल परियोजनाओं की सौगात दी है.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बैठक हुई, जहां कैबिनेट ने रेल मंत्रालय की 4 रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है. जहां प्रदेश को वडोदरा-रतलाम रेल लाइन और इटारसी-भोपाल-बीना रेल लाइन है. जिसके बाद एमपी की गुजरात से कनेक्टिविटी बढ़ेगी तो वहीं इटारसी से बीना की दूरी कम होगी. मध्य प्रदेश की बढ़ेगी गुजरात से कनेक्टिविटी मध्य प्रदेश वासियों के लिए अब गुजरात का सफर आसान होगा. वे कम समय में यात्रा पूरी कर सकते हैं. साथ ही व्यापारिक कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी. जिससे प्रदेश की आर्थिक को बढ़ावा मिलेगा. ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि मध्य प्रदेश को वडोदरा-रतलाम रेल लाइन की सौगात मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी लाइन है. रतलाम से गुजरात के वड़ोदरा के बीच तूफान बन दौड़ेंगी ट्रेनें. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अब गुजरात से रतलाम तूफान की रफ्तार में राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें आएंगी. रेल लाइन के कर्व्स को ठीक किया गया है और साथ ही तकनीक को उन्नत बनाया गया है. तीसरी और चौथी लाइन से ट्रेनों को रफ्तार मिलेगी जिससे यात्रा का समय घटेगा. ट्रेनों की स्पीड में इजाफा होगा. राजधानी जैसी वीवीआईपी ट्रेन में सफर का आनंद बढ़ जाएगा. वडोदरा-रेतलाम रेल लाइन लंबा सेक्शन यह 259 किलोमीटर की लाइन होगी. यह काफी लंबा सेक्शन है. इसकी लागत ₹8,885 करोड़ है. यह पूरा सेक्शन गुजरात और मध्य प्रदेश से होकर गुजरता है. इस नई रेल लाइन परियोजना से गुजरात के वडोदरा, पंचमहल और दाहोद जिलों को और मध्य प्रदेश के झाबुआ और रतलाम जिलों को फायदा होगा. रेल मंत्री ने कहा इस सेक्शन में काफी मुश्किलें हैं, क्योंकि वडोदरा-रतलाम रेल लाइन में काफी स्टीव कर्व हैं और जब भी कर्व पर गाड़ी चलती है तो उसकी स्पीड को कम करना पड़ता है. लिहाजा इस प्रोजेक्ट के माध्यम से इस कर्व को सीधा किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट से सरकार को होगा फायदा जिसके बाद गाड़ी की स्पीड को बढ़ाया जा सकता है. इसकी जरूरत भी है, क्योंकि यह दिल्ली से मुंबई का कॉरीडोर है. इस कॉरीडोर में कैपिसेट की काफी डिमांड आती है. रतलाम-वडोदरा को जोड़ने का यह काफी बड़ा प्रोजेक्ट है. इसमें बहुत बड़ा पर्यावरणीय फायदा भी है, क्योंकि 38 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड हर साल बचती है और साढ़े 7 करोड़ लीटर डीजल हर साल बचेगा. साथ ही लॉजिस्टिक कास्ट भी हर साल लगभग 856 करोड़ बचेगा. इटारसी-भोपाल-बीना रेल लाइन सौगात वहीं इसके बाद मध्य प्रदेश को दूसरी सौगात इटारसी-भोपाल-बीना रेल लाइन की मिली है. यह इटारसी-भोपाल-बीना के बीच चौथी रेल लाइन है. यह काफी लंबा और जरूरी सेक्शन है. रेल मंत्री ने कहा 237 किमी के इस प्रोजेक्ट से टूरिज्म कनेक्टिविटी बढ़ेगी. इस बीच उदयगिरी गुफाएं, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और पचमढ़ी को कनेक्ट करेगा. जिससे टूरिज्म और बढ़ेगा. इस रेल लाइन में बनेंगे 9 टनल वहीं 32 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड CO₂ बचेगा, जो 1.3 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है. इस रेल लाइन में 4 जरूरी ब्रिज, 39 मेजर ब्रिज और 151 माइनर ब्रिज होंगे. पहाड़ी क्षेत्र होने के चलते इस रेल लाइन में 9 टनल होंगे. इसके साथ ही 43 ओवर ब्रिज और 39 अंडर पास ब्रिज होंगे. 

पीएम मोदी के विजन और सीएम योगी के मिशन से काशी ने बनाया कीर्तिमान

यूपी की इकोनॉमी को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर ने दिया सवा लाख करोड़ का बूस्टअप डोज पीएम मोदी के विजन और सीएम योगी के मिशन से काशी ने बनाया कीर्तिमान 25 करोड़ 28 लाख लोगों ने नवीनीकृत कॉरिडोर के लोकार्पण से 30 सितंबर तक किए काशी विश्वनाथ के दर्शन दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकार्पण के बाद से नित नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहा कॉरिडोर सुरक्षा का माहौल, बेहतर सुविधाएं और शानदार रोड कनेक्टिविटी ने देश विदेश के पर्यटकों को आकर्षित किया ‘मोदी-योगी मॉडल’ से दौड़ रहा पूर्वांचल के विकास का चक्का,  मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में बुलंदियों पर उत्तर प्रदेश का धार्मिक पर्यटन देशी विदेशी पर्यटकों के उत्साह से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर लोगों को मिल रहा रोजगार प्रति व्यक्ति औसतन 04 से 05 हजार रुपए तक खर्च के हिसाब से साढ़े तीन साल में प्रदेश को सवा लाख करोड़ की सौगात मुख्यमंत्री योगी के मिशन से काशी और आसपास के लाखों लोगों के लिए रोजगार की पैदा हुईं अपार संभावनाएं लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन से श्री काशी विश्वनाथ धाम ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री मोदी के काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद से अब तक लगभग 25 करोड़ 28 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को अनुमानित सवा लाख करोड़ रुपये का बूस्टअप डोज मिला है। व्यापारियों, दुकानदारों, नाविकों, पुजारियों और होटल कारोबारियों को बड़े पैमाने पर रोजगार श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि कॉरिडोर के निर्माण ने न केवल काशी की छवि को बदला है, बल्कि पूरे प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों में भी अप्रत्याशित वृद्धि की है। देश के विभिन्न प्रांतों से लेकर दुनिया के तमाम देशों के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लगातार बढ़ते आगमन से स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों, नाविकों, पुजारियों, ठेले वालों और होटल कारोबारियों को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। धार्मिक पर्यटन के मॉडल ने यूपी की छवि को दी अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहचान योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ है। सड़कों का चौड़ीकरण, घाटों का सौंदर्यीकरण और एयरपोर्ट से लेकर गंगा घाट तक शानदार रोड कनेक्टिविटी ने देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया है। धार्मिक पर्यटन के इस मॉडल ने यूपी की छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी है। सिर्फ काशी नहीं बल्कि पूरे पूर्वांचल के विकास की गति हो रही तेज संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के अर्थशास्त्री प्रोफेसर राजनाथ के अनुसार, काशी विश्वनाथ धाम में आने वाला पर्यटक औसतन 05 हजार रुपये से अधिक ही खर्च करता है। फिर भी न्यूनतम अनुमानित जीडीपी ग्रोथ के लिए यदि 04 हजार से 05 हजार रुपए प्रति व्यक्ति के आंकड़े से जोड़ें तो इन साढ़े तीन वर्षों में करीब सवा लाख करोड़ रुपये का आर्थिक प्रवाह प्रदेश की अर्थव्यवस्था में हुआ है। यह राशि न केवल काशी बल्कि पूरे पूर्वांचल के विकास की गति को तेज कर रही है। यूपी में रिपलिंग इफेक्ट से पूरे प्रदेश की जीडीपी में वृद्धि काशी विश्वनाथ महादेव के धाम पधारने वाले 70 प्रतिशत श्रद्धालु दक्षिण भारत से तथा लगभग 15 प्रतिशत श्रद्धालु अन्य राज्यों एवं जनपदों से होते हैं। यह श्रद्धालु काशी दर्शन के पश्चात् प्रायः विंध्यवासिनी धाम, तीर्थराज प्रयाग, अयोध्या, मथुरा, चित्रकूट, नैमिष इत्यादि तीर्थों पर भी जाते हैं। इस प्रकार अर्थव्यवस्था में रिपलिंग इफेक्ट भी उत्पन्न होता है और पूरे प्रदेश की जीडीपी में वृद्धि होती है। पूरे देश के लिए विकास का मॉडल बन गई है अपनी काशी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन से काशी और आसपास के क्षेत्रों में लाखों लोगों के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं पैदा हुई हैं। उन्होंने बताया कि जिस तरह से धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी ने विकास की नई मिसाल पेश की है, वह पूरे देश के लिए एक मॉडल बन चुकी है। काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर अयोध्या, मथुरा, चित्रकूट, नैमिषारण्य और विंध्याचल का डेवलपमेंट तेज उत्तर प्रदेश की योगी सरकार धार्मिक पर्यटन को राज्य के विकास का सशक्त साधन बना रही है। अयोध्या, मथुरा, चित्रकूट, नैमिषारण्य और विंध्याचल जैसे स्थलों का विकास भी तेज गति से किया जा रहा है। काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर अब पूरे प्रदेश में धार्मिक नगरों का विकास किया जा रहा है।

मैहर में भव्य आयोजन: 5000 श्रद्धालु पहुंचे, मां शारदा धाम में सामूहिक भंडारे और मुर्ति विसर्जन

मैहर  भक्ति, आस्था और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिला जब कोतमा से माँ दुर्गा की ऐतिहासिक पदयात्रा मंगलवार को मैहर पहुँची। 245 किलोमीटर की कठिन यात्रा और 5000 से अधिक श्रद्धालुओं की अपार श्रद्धा के साथ यह भव्य यात्रा माँ शारदा के दरबार में समर्पित हुई। जैसे ही माँ दुर्गा की प्रतिमा का रथ डेल्हा मोड़ पहुँचा, 'जय माँ शारदा' के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा। डमरू, ढोल और शंखध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस पावन अवसर पर मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, डेल्हा सरपंच अभिषेक जायसवाल, समाजसेवी आदिनारायण शुक्ला समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों ने माँ के जयकारों के साथ यात्रा का स्वागत किया। विधायक चतुर्वेदी ने माँ दुर्गा की प्रतिमा का पूजन-अर्चन कर पुष्पवर्षा की और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। माँ के चरणों में सबकी आस्था, सबकी भक्ति, यही है कोतमा से मैहर यात्रा की शक्ति।' यह यात्रा न केवल धार्मिक उत्सव है बल्कि आस्था, अनुशासन और एकता का जीवंत प्रतीक भी है। माँ के जयकारों से गूंजता मैहर आज इस दिव्य यात्रा का साक्षी बन गौरवान्वित हो उठा है। तीन दशकों की अविरल परंपरा, 1987 में हुई थी शुरुआत यात्रा संयोजक हनुमान गर्ग ने बताया कि इस धार्मिक परंपरा की शुरुआत सन् 1987 में महज 100 श्रद्धालुओं के जत्थे से हुई थी। तब से निरंतर यह कोतमा से माँ शारदा धाम, मैहर तक पैदल यात्रा का रूप ले चुकी है। इस वर्ष यह यात्रा 2 अक्टूबर को कोतमा बस स्टैंड परिसर से आरंभ होकर फुनगा, अनूपपुर, बुढ़ार, शहडोल, घुनघुटी, पाली, उमरिया, चंदिया और बरही होते हुए मैहर पहुँची। पाली नगर में माँ की यात्रा का भव्य स्वागत हुआ। नगरवासियों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया और श्रद्धालुओं के लिए चाय, नाश्ता और पेय पदार्थों की सेवा की। वहीं माँ बिरासिनी मंदिर में दर्शन कर श्रद्धालुओं ने माँ से आशीर्वाद प्राप्त किया। माँ काली के रूप में सजे श्रद्धालु बने आकर्षण का केंद्र यात्रा के दौरान 8 से 10 श्रद्धालु माँ काली के रूप में सजे नृत्य करते हुए चल रहे थे। उनके भावनात्मक प्रदर्शन से यात्रा की भव्यता और भी बढ़ गई। ढोल-नगाड़ों और जयकारों से पूरा मार्ग गूंजता रहा। यात्रा मार्ग में जगह-जगह भक्तों के लिए भोजन, जल, विश्राम और चिकित्सा व्यवस्था की गई थी। स्थानीय नगरवासियों की सेवा भावना इस यात्रा की विशेष पहचान बनी। आज होगा विसर्जन, माँ शारदा के दरबार में सामूहिक भंडारा माँ की प्रतिमा का विसर्जन आल्हा-ऊदल के ऐतिहासिक तलैया में किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु माँ शारदा देवी मंदिर में दर्शन-पूजन कर सामूहिक भंडारा में सम्मिलित होंगे। इसके साथ ही इस वर्ष की भव्य पदयात्रा का विधिवत समापन किया जाएगा।

टेक्नोलॉजी में भारत की छलांग: पीएम मोदी ने किया इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 का उद्घाटन, बोले – एक कप चाय से भी कम में 1GB डेटा

नई दिल्ली भारत और एशिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी मेले के तौर पर पहचान रखने वाले इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 का आज आगाज हो गया है। आईएमसी 2025 का आयोजन 8 से 11 अक्टूबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इस इवेंट का उद्घाटन करते हुए लोगों को संबोधित किया। मोदी बोले- 'तेजी से बदल रही है टेक्नोलॉजी' पीएम ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी टेक क्रांति में अहम योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि पहले फ्यूचर का मतलब अगला शतक या अगले 10-20 साल होते थे, लेकिन टेक्नोलॉजी इतनी तेजी से बदल रही है कि अब हम कहते हैं, "द फ्यूचर इज हेयर एंड नाऊ।" चाय की कीमत से भी कम में डेटा पीएम मोदी ने भारत में सस्ते मोबाइल डेटा की ओर ध्यान खींचते हुए कहा, "आज देश में 1 जीबी वायरलेस डेटा की कीमत एक कप चाय की कीमत से भी कम है। डेटा खपत की बात करें, तो भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। इसका मतलब है कि डिजिटल कनेक्टिविटी अब कोई विलासिता या विशेषाधिकार नहीं रही, बल्कि भारतीय जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।" मोदी ने कहा,"मैंने प्रदर्शनी में लगे कुछ स्टॉल्स देखे जिसमें मुझे भविष्य की झलक दिखी। टेलीकॉम कनेक्टिविटी, 6जी टेक्नोलॉजी, एआई, साइबर सिक्योरिटी सेमीकंडक्टर्स, ड्रोन-स्पेस टेक्नोलॉजी, डीप-सी और ग्रीन-टेक आदि समेत अन्य टेक्नोलॉजी सेक्टर्स में आने वाला समय बिलकुल ही अलग होने जा रहा है।" पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि 6जी टेक्नोलॉजी में भारत दुनिया को लीड करेगा। मोदी ने इंटरनेट स्पीड का महत्व बताते हुए कहा कि इंटरनेट स्पीड केवल नंबर और रैंकिंग के लिए ही नहीं होते, बल्कि अच्छी इंटरनेट स्पीड "इज ऑफ लिविंग" को भी बढ़ा देते हैं। उन्होंने कहा, "इंटरनेट स्पीड बढ़ने से कनेक्टिविटी और आसान हो जाती है। टेक्नोलॉजी ने आम नागरिकों को वो अधिकार दिलाने में सहायता की है जो पहले मिलना मुश्किल थे और इसमें टेलीकॉम सेक्टर ने बड़ी भूमिका निभाई है।" 2 लाख ग्राम पंचायतों में पहुंचा केबल इंटरनेट पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत नेट प्रोजेक्ट ने 2 लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जोड़ा है। मोदी ने कहा कि अटल टिंकरिंग लैब (ATL) मिशन में 10,000 लैब्स के जरिए 75 लाख बच्चों को कटिंग-एज टेक्नोलॉजी से जोड़ा जा चुका है। पीएम ने आगे कहा कि आज तकनीकी संस्थानों में 100 यूज्ड केस लैब्स की शुरूआत से इसका ग्राफ बढ़ने वाला है। एशिया का सबसे बड़ा टेक और टेलीकॉम इवेंट इंडिया मोबाइल कांग्रेस एशिया का सबसे बड़ा टेलीकॉम, मीडिया और टेक्नोलॉजी इवेंट है। इस बार इसमें दुनिया भर के उद्योग विशेषज्ञ, नीति निर्माता, और टेक इनोवेटर्स हिस्सा लेंगे। चार दिन चलने वाले इस कार्यक्रम में ऑप्टिकल कम्युनिकेशन, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कम्युनिकेशन, 6G, और फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर्स जैसे कई अहम विषयों पर प्रदर्शनी और चर्चा होगी। IMC 2025 में 150 से ज्यादा देशों के 1.5 लाख से अधिक विजिटर्स और 400 से ज्यादा कंपनियां भाग ले रही हैं। कार्यक्रम में 800 से ज्यादा स्पीकर्स और 100 से अधिक सेशन होंगे, जिनमें जापान, कनाडा, ब्रिटेन, रूस, आयरलैंड और ऑस्ट्रिया जैसे देशों के प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होंगे। इस इवेंट को अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

आनंदपुर साहिब नया जिला बनने की राह पर, होशियारपुर की सीटें होंगी शामिल, खर्च तय 560 करोड़

 चंडीगढ़  श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें बलिदान दिवस पर राज्य सरकार श्री आनंदपुर साहिब को जिला बनाने की घोषणा कर सकती है। यह राज्य का 24वां जिला होगा। इसे लेकर कवायद भी चल रही है। राज्य सरकार ने संबंधित विभागों को इस जिले में कौन कौन से क्षेत्र शामिल कर सकते हैं, इसका पता लगाने को कहा है। दरअसल में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें बलिदान दिवस को राज्य सरकार बड़े पैमाने पर मनाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए कई कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। पहली बार पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र भी विधानसभा से बाहर श्री आनंदपुर साहिब में करवाया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि आनंदपुर साहिब को अगर जिला बनाया जाता है तो इसमें कौन से दो विधानसभा हलकों को रखा जाए, इस पर भी चर्चा चल रही है। आनंदपुर साहिब क्षेत्र होशियारपुर और रूपनगर (रोपड़) जिलों की विधानसभाओं में बंटा हुआ है। स्थानीय जनता, धार्मिक संस्थान और जनप्रतिनिधि लंबे समय से इसे अलग जिला बनाने की मांग कर रहे हैं। प्रशासनिक सहूलियत और क्षेत्रीय विकास के लिहाज से भी यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 560 करोड़ खर्च होने का अनुमान सरकार द्वारा गठित की गई एक उच्चस्तरीय समिति ने नए जिलों के गठन की संभावनाओं का आकलन किया है। एक जिले के गठन में लगभग 560 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, जिसमें अधोसंरचना, प्रशासनिक भवन, कर्मचारियों की नियुक्ति आदि शामिल हैं। नए जिले में कौन-कौन सी सीटें होंगी शामिल? अनुमान लगाया जा रहा है कि नए आनंदपुर साहिब जिले में होशियारपुर जिले की एक या दो विधानसभा सीटें भी शामिल की जा सकती हैं। इसके साथ ही यह भी चर्चा है कि आनंदपुर साहिब और नंगल क्षेत्र को मुख्य केंद्र बनाकर नए जिले का गठन किया जाएगा। CM ने की थी 'हेरिटेज स्ट्रीट' प्रोजेक्ट की शुरुआत 3 दिन पहले रूपनगर जिले के श्री आनंदपुर साहिब में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 50 साल बाद “हेरिटेज स्ट्रीट” प्रोजेक्ट की शुरुआत की। इस योजना का मकसद इस पवित्र और ऐतिहासिक शहर को दुनियाभर में सांस्कृतिक और पर्यटन के रूप में पहचान दिलाना है। राजनीतिक दृष्टिकोण से भी अहम फैसला इस तरह के फैसले से सरकार को धार्मिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों में इसका लाभ लेने की भी संभावनाएं हैं। खर्चा का है अहम सवाल श्री आनंदपुर साहिब इस समय रोपड़ जिले का हिस्सा है जिसमें तीन विधानसभा हलके आते हैं। रोपड़, श्री आनंदपुर साहिब और श्री चमकौर साहिब। श्री आनंदपुर साहिब के पड़ोसी जिले होशियारपुर में छह सीटें हैं। यह भी चर्चा है कि इस जिले की एक या दो सीटों को श्री आनंदपुर साहिब में शामिल कर लिया जाए। श्री आनंदपुर साहिब के साथ होशियारपुर जिले की गढ़शंकर सीट लगती है, लेकिन असल सवाल नए जिले में सीटों को शामिल करने का नहीं बल्कि नए जिले पर होने वाले खर्च को लेकर भी है। 28 करोड़ रुपये वार्षिक देना होगा वेतन विभागीय सूत्रों का कहना है कि एक नया जिला बनाने में 560 करोड़ रुपये तो उसमें बनने वाले नए इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ही आता है, जिसमें सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए दफ्तर, आवास आदि शामिल हैं। इसके अलावा नई जिला अदालतें, उनमें काम करने वाले जजों के लिए आवास आदि पर भी खर्च आता है। यही नहीं,हर नए जिले पर अतिरिक्त अधिकारियों और कर्मचारियों पर खर्च करने पर भी 28 करोड़ रुपये वार्षिक वेतन बढ़ने के भी आसार हैं। ऐसे में पहले से ही वित्तीय संकट से जूझ रही सरकार के लिए इस अतिरिक्त खर्च को वहन करना मुश्किल होगा। दूसरा विभागीय अधिकारियों में इस बात को लेकर भी चर्चा हो रही है कि क्या श्री आनंदपुर साहिब को जिला बनाने की जरूरत है? या सिर्फ राजनीतिक फैसला है? एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय मालेरकोटला को जिला बनाया गया और इसमें दो विधानसभा सीटें मालेरकोटला और अमरगढ़ शामिल की गईं, लेकिन कांग्रेस ये दोनों सीटें हार गई। जिलास्तरीय आधारभूत ढांचा नहीं हो पाया विकसित उनका कहना था कि अगर बहुत बड़े जिले हों और लोगों को अपने काम करवाने के लिए दिक्कत आ रही हो तब तो यह बात समझ में आती है लेकिन एक बहुत ही छोटे जिले को तोड़कर उसका एक और जिला बनाना किसी भी रूप से तर्कसंगत नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि मालेरकोटला जिला बने हुए चार साल से ज्यादा का समय हो चुका है लेकिन आज तक वहां जिला स्तरीय आधारभूत ढांचा विकसित नहीं हो पाया। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाई कोर्ट ने मालेरकोटला के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को सरकारी आवास खाली करने संबंधी जो आदेश दिया था ,को वापस लेने की मांग को खारिज कर दिया। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने खंडपीठ ने सरकार की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि मालेरकोटला को जून 2021 में जिला बनाया गया और अगस्त 2023 में इसे सत्र डिवीजन घोषित किया गया, लेकिन अब तक न्यायपालिका के लिए बुनियादी ढांचा तक खड़ा नहीं हुआ। चीफ जस्टिस ने सख्त लहजे में कहा था कि चार साल बीत गए लेकिन आपने जजों के लिए आवास तक तैयार नहीं किए। 

भारतीय वायुसेना का 93वां स्थापना दिवस: शक्ति, शौर्य और समर्पण का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री ने दी बधाई

गाजियाबाद वायुसेना दिवस पर मुख्य आयोजन गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर किया जाएगा। यह पहला अवसर है, जब वायुसेना इस आयोजन को दो हिस्सों में कर रही है। हिंडन एयरबेस पर वायुसैनिकों की परेड और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का उद्बोधन होगा। वायुसेना आज अपना 93वां स्थापना दिवस मना रही है। इस मौके पर बुधवार सुबह ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर वायुसेना को बधाई दी। मुर्मू ने लिखा, "वायुसेना दिवस पर सभी वायु योद्धाओं, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई दी।" वहीं, पीएम मोदी ने कहा, "भारतीय वायुसेना वीरता, अनुशासन और सटीकता की प्रतीक है। उन्होंने हमारे आकाश की सुरक्षा में, अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी, महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी उनकी भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। उनकी प्रतिबद्धता, व्यावसायिकता और अदम्य साहस पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है।" दूसरी तरफ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद सभी गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पहुंचे, जहां वायुसैनिकों की परेड का आयोजन हुआ। वायुसेना प्रमुख ने परेड का निरीक्षण किया और वायुसैनिकों से सलामी ली। इसके बाद उनका उद्बोधन होगा। गौरतलब है कि वायुसेना दिवस पर मुख्य आयोजन गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर किया जा रहा है। यह पहला अवसर है, जब वायुसेना इस आयोजन को दो हिस्सों में कर रही है। हिंडन एयरबेस पर वायुसैनिकों की परेड और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का उद्बोधन हो रहा है, जबकि लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों के हवाई करतब का प्रदर्शन 9 नवंबर को गुवाहाटी में किया जाएगा। हिंडन पर इस बार मिग-21 भी खड़ा नजर आया। छह दशक की सेवा के बाद यह विमान पिछले ही दिनों वायुसेना से रिटायर हुआ है। हालांकि, इस दौरान राफेल और सुखोई-30 जैसे मारक एयरक्राफ्ट भी लोगों के मुख्य आकर्षण का विषय होंगे, जिन्होंने पाकिस्तान को मजा चखाने में अहम भूमिका निभाई। गुवाहाटी में फ्लाई पास्ट की ये है वजह इस साल वायुसेना दिवस पर हिंडन में फ्लाई पास्ट न होने की वजह राजधानी क्षेत्र का बढ़ता एयर ट्रैफिक है। फ्लाई पास्ट आयोजित करने की सूरत में अभ्यास के लिए भी कुछ दिन एयर ट्रैफिक बाधित करना पड़ता। इसके अलावा सघन आबादी क्षेत्र होने के कारण यहां बर्ड हिट का अंदेशा हमेशा बना रहता है। इसीलिए फ्लाई पास्ट को गुवाहाटी शिफ्ट किया गया है। गुवाहाटी का मौसम भी इन दिनों फ्लाई पास्ट के अनुकूल नहीं है, लिहाजा इसके लिए 9 नवंबर का दिन चुना गया है।  

कैंसिलेशन चार्ज हटाया, रेल टिकट रद्द करने पर अब नहीं लगेगी कोई फीस

नई दिल्ली  अब अगर आपकी यात्रा की तारीख बदल जाए तो टिकट रद्द करने और कैंसिलेशन चार्ज देने की टेंशन नहीं रहेगी. भारतीय रेलवे ने एक नया नियम लागू करने की घोषणा की है जिसके तहत यात्री अपनी कन्फर्म ट्रेन टिकट की तारीख बिना किसी रद्दीकरण शुल्क (cancellation fee) के बदल सकेंगे. यह सुविधा जनवरी 2026 से लागू होगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने बताया कि इस नई पॉलिसी का मकसद यात्रियों को ज्यादा लचीलापन और सुविधा देना है. फिलहाल अगर किसी को अपनी यात्रा स्थगित करनी होती है, तो टिकट रद्द करनी पड़ती है और उसका शुल्क भी देना पड़ता है. नई व्यवस्था से यह झंझट खत्म हो जाएगा और यात्री आसानी से अपनी यात्रा की तारीख बदल पाएंगे. कैसे काम करेगी नई सुविधा नई व्यवस्था के तहत यात्री अपनी टिकट की तारीख केवल तब बदल सकेंगे जब नई तारीख पर सीट उपलब्ध होगी. अगर नई टिकट का किराया पुरानी से ज्यादा होगा तो यात्री को किराये का अंतर देना होगा. लेकिन अगर किराया समान है या कम है, तो किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा. रेलवे ने बताया कि इस सुविधा का लाभ सिर्फ उन्हीं टिकटों पर मिलेगा जो कन्फर्म होंगी. यानी वेटिंग या आरएसी टिकटों पर फिलहाल यह सुविधा लागू नहीं होगी. यात्रियों को क्या फायदा होगा यह कदम रेलवे के यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. पहले टिकट रद्द करने पर बेस फेयर का 25 से 50 प्रतिशत तक कैंसिलेशन चार्ज कट जाता था, लेकिन अब यात्री सिर्फ तारीख बदलवाकर बिना नुकसान के यात्रा कर सकेंगे. इस फैसले से उन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जिनकी योजनाएं अचानक बदल जाती हैं. चाहे ऑफिस मीटिंग आगे बढ़े या पारिवारिक वजह से यात्रा टल जाए, अब टिकट दोबारा खरीदने की जरूरत नहीं होगी. क्या है रेलवे का मकसद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने कहा कि रेलवे यात्रियों को “ट्रैवल फ्रेंडली” अनुभव देने की दिशा में लगातार सुधार कर रहा है. डिजिटल टिकटिंग सिस्टम के विस्तार के साथ अब यात्रियों को ज्यादा नियंत्रण और सुविधा देने की कोशिश की जा रही है. रेलवे सूत्रों के मुताबिक, इस फैसले के बाद बुकिंग सिस्टम और आईआरसीटीसी (IRCTC) प्लेटफॉर्म में तकनीकी बदलाव किए जाएंगे ताकि यात्री आसानी से ऑनलाइन ही अपनी यात्रा की तारीख बदल सकें.