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राजस्व कामकाज में सख्ती, तहसीलदार-नायब तहसीलदार को अब पूरे दिन ऑफिस में रहना होगा

जबलपुर  वीआइपी दौरे और लॉ एंड ऑर्डर के चलते प्रभावित होने वाले राजस्व प्रकरणों की समस्या को हल करने के लिए जिले में नई पहल की गई है। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जिले में राजस्व अधिकारियों का नया सेटअप तैयार किया गया है। अब राजस्व न्यायालय का कामकाज संभालने वाले अधिकारियों को वीआइपी दौरे और लॉ एंड आर्डर की जिमेदारी से मुक्त कर दिया गया है। अब अदालती काम में लगाए गए तहसीलदार और नायब तहसीलदार केवल अदालत का काम ही देखेंगे। वे सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक तहसीलों में बैठकर राजस्व प्रकरणों का निपटारा करेंगे। प्रोटोकॉल देखेंगे 14 अधिकारी नए आदेश में प्रोटोकॉल और कानून व्यवस्था संबंधी कार्यों के लिये पृथक से 14 राजस्व अधिकारियों की पदस्थापना की गई है। शहरी क्षेत्र के मामले में अपर जिला दंडाधिकारी शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के मामले में संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को थाना क्षेत्र का आवंटन करने के निर्देश दिये हैं। गैर न्यायालयीन कार्यों के लिए नियुक्त प्रभारी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, प्रभारी अधीक्षक भू-अभिलेख एवं प्रभारी सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। पक्षकार होते थे परेशान दरअसल, वीआइपी दौरों के प्रोटोकॉल और अचानक उत्पन्न होने वाली लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को संभालने की जिमेदारी का असर राजस्व प्रकरणों के निपटारे पर पड़ता था। इससे न केवल आम पक्षकार परेशान होते हैं, बल्कि राजस्व विभाग की छवि पर गंभीर असर पड़ता है। इससे निपटने के लिए कलेक्टर दीपक सक्सेना ने दो तरह का सेटअप तैयार कराया। राजस्व कोर्ट की बढ़ी संख्या नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरणों के निराकरण में गति लाने तथा समय सीमा के भीतर उनका निराकरण करने के लिए नई व्यवस्था बनाई गई है। इसके साथ ही राजस्व न्यायालयों की संया 22 से बढ़ाकर 27 कर दी गई है। इन अधिकारियों की ड्यूटी प्रोटोकॉल, कानून व्यवस्था आदि कार्यों में नहीं लगाई जा सकेगी। संवाद पर जोर नए सेटप के साथ आम जनमानस से संवाद पर भी जोर दिया गया है। अदालती काम संभालने वाले राजस्व अधिकारी अब सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कोर्ट में बैठेंगे। इससे अवगत कराने पूरे जिले में 22 जुलाई को एक साथ सभी तहसीलों में बैठकों का आयोजन किया जाएगा।

राजस्व कामकाज में सख्ती, तहसीलदार-नायब तहसीलदार को अब पूरे दिन ऑफिस में रहना होगा

जबलपुर  वीआइपी दौरे और लॉ एंड ऑर्डर के चलते प्रभावित होने वाले राजस्व प्रकरणों की समस्या को हल करने के लिए जिले में नई पहल की गई है। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जिले में राजस्व अधिकारियों का नया सेटअप तैयार किया गया है। अब राजस्व न्यायालय का कामकाज संभालने वाले अधिकारियों को वीआइपी दौरे और लॉ एंड आर्डर की जिमेदारी से मुक्त कर दिया गया है। अब अदालती काम में लगाए गए तहसीलदार और नायब तहसीलदार केवल अदालत का काम ही देखेंगे। वे सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक तहसीलों में बैठकर राजस्व प्रकरणों का निपटारा करेंगे। प्रोटोकॉल देखेंगे 14 अधिकारी नए आदेश में प्रोटोकॉल और कानून व्यवस्था संबंधी कार्यों के लिये पृथक से 14 राजस्व अधिकारियों की पदस्थापना की गई है। शहरी क्षेत्र के मामले में अपर जिला दंडाधिकारी शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के मामले में संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को थाना क्षेत्र का आवंटन करने के निर्देश दिये हैं। गैर न्यायालयीन कार्यों के लिए नियुक्त प्रभारी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, प्रभारी अधीक्षक भू-अभिलेख एवं प्रभारी सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। पक्षकार होते थे परेशान दरअसल, वीआइपी दौरों के प्रोटोकॉल और अचानक उत्पन्न होने वाली लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को संभालने की जिमेदारी का असर राजस्व प्रकरणों के निपटारे पर पड़ता था। इससे न केवल आम पक्षकार परेशान होते हैं, बल्कि राजस्व विभाग की छवि पर गंभीर असर पड़ता है। इससे निपटने के लिए कलेक्टर दीपक सक्सेना ने दो तरह का सेटअप तैयार कराया। राजस्व कोर्ट की बढ़ी संख्या नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरणों के निराकरण में गति लाने तथा समय सीमा के भीतर उनका निराकरण करने के लिए नई व्यवस्था बनाई गई है। इसके साथ ही राजस्व न्यायालयों की संया 22 से बढ़ाकर 27 कर दी गई है। इन अधिकारियों की ड्यूटी प्रोटोकॉल, कानून व्यवस्था आदि कार्यों में नहीं लगाई जा सकेगी। संवाद पर जोर नए सेटप के साथ आम जनमानस से संवाद पर भी जोर दिया गया है। अदालती काम संभालने वाले राजस्व अधिकारी अब सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कोर्ट में बैठेंगे। इससे अवगत कराने पूरे जिले में 22 जुलाई को एक साथ सभी तहसीलों में बैठकों का आयोजन किया जाएगा।

इंदौर-मुंबई तेजस ट्रेन: फुल स्पीड में सफर, देखें स्टेशन व समय का पूरा शेड्यूल

इंदौर   ट्रेन से सफर करने वाले लाखों यात्रियों को रेलवे ने बड़ा तोहफा दिया है। पश्चिम रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा तथा विशेष रूप से यात्रा की मांग को ध्यान में रखते हुए मुंबई सेंट्रल और इंदौर स्टेशनों के बीच विशेष किराये पर सुपरफास्ट तेजस स्‍पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। बता दें कि, ऐसा पहली बार होगा जब तेजस स्पेशल ट्रेन मध्य प्रदेश में दौडे़गी। अब तक तेजस ट्रेन लखनऊ-नई दिल्ली, अहमदाबाद-मुंबई, और मुंबई-मडगांव जैसे मार्गों पर चलती है। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने इस स्‍पेशल ट्रेन की जानकारी दी है। ट्रेन संख्या 09085 मुंबई सेंट्रल इंदौर स्‍पेशल प्रत्येक सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को मुंबई सेंट्रल से रात 11.20 बजे प्रस्थान करेगी तथा अगले दिन दोपहर 1 बजे इंदौर पहुंचेगी। यह ट्रेन 23 जुलाई से 29 अगस्त तक चलेगी। ट्रेन संख्या 09086 इंदौर मुंबई सेंट्रल स्‍पेशल प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार को इंदौर से शाम 5 बजे प्रस्थान करेगी तथा अगले दिन 7.10 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी। यह ट्रेन 24 जुलाई से 30 अगस्त तक चलेगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरिवली, वापी, सूरत, वडोदरा, दाहोद, रतलाम तथा उज्जैन स्टेशनों पर रुकेगी।इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी 2-टियर एवं एसी 3-टियर कोच होंगे। 21 जुलाई से बुकिंग शुरू ट्रेन संख्या 09085 एवं 09086 की बुकिंग 21 जुलाई से सभी पीआरएस काउंटरों एवं आईआरसीटीसी वेबसाइट पर प्रारंभ होगी। ट्रेनों के ठहराव, समय और संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने बार्सिलोना में इंडियन डायस्पोरा एवं फ्रेंड्स ऑफ एमपी से किया संवाद

प्रवासी भारतीयों के साथ मध्यप्रदेश का है मजबूत जुड़ाव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सरकार निभा रही हर निवेश संकल्प, टूरिज्म और मेडिकल सेक्टर में मिल रहा बड़ा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री ने बार्सिलोना में इंडियन डायस्पोरा एवं फ्रेंड्स ऑफ एमपी से किया संवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब केवल संभावना नहीं, बल्कि निवेश का सशक्त मंच बन चुका है। राज्य सरकार ने नीति, प्रक्रिया और प्रोत्साहन के तीनों स्तरों पर गंभीर और प्रभावी सुधार किए हैं, जिससे निवेशकों को वास्तविक लाभ और विश्वास दोनों मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब विकास और निवेश साथ-साथ चल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदेश में बसे भारतीय केवल नागरिक ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के संवाहक भी हैं। उन्होंने कहा कि बार्सिलोना में भारतीयों का जो अपनापन दिखा, वह उन्हें उज्जैन की अनुभूति कराता है। भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां परंपरा और पर्वों की गरिमा बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक संवाद नहीं, बल्कि हृदय से हृदय का जुड़ाव है। सरकार निवेश को केवल आर्थिक लेन-देन नहीं मानती, बल्कि उसे भावनात्मक और दीर्घकालिक भागीदारी का माध्यम मानती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बार्सिलोना में शुक्रवार को प्रवासी भारतीयों और फ्रेंड्स ऑफ एमपी के बीच आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बढ़ी भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। भारत एक मात्र ऐसा देश है जो 80 करोड़ भारतीयों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रहा है। यह भारत की क्षमताओं और व्यवस्था की शक्ति का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि बार्सिलोना में आप सभी का उत्साह देखकर लग रहा है कि मैं उज्जैन में हूं। काउंसल जनरल श्री इनबासेकर सुंदरमूर्ति के प्रभावशाली भाषण ने दिखा दिया है कि स्पेन के प्रवासी भारतीय आज भी अपनी मिट्टी से जुड़े हुए हैं। ईश्वर ने भारतीयों को यश दिया है कि जहां चाहें उसे ही स्वर्ग बना देते हैं। महाकाल की नगरी उज्जैन का गौरवशाली इतिहास रहा है। भारतीयों को देखकर लोग होली-दिवाली मना लेते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतवंशियों की प्रतिष्ठा बढ़ी है। भारतीय, दूध में शक्कर की तरह घुल-मिल जाते हैं। ये देश है वीर जवानों का… भारतीय संस्कृति को दिखाता है। भारत वीरों का देश है। वर्तमान समय में भारत ने दुनिया में अपनी साख बनाई है। भारत की प्रगति देखकर दुनिया दांतो तले ऊंगलियां दबा लेती है। नीतियों में पारदर्शिता और प्रक्रिया में गति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में निवेश से जुड़ी सभी नीतियां निवेशकों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। प्रक्रियाओं को डिजिटलीकरण और फास्ट ट्रैक स्वीकृति व्यवस्था से जोड़ा गया है। लंदन में एक उद्योगपति को ऑनलाइन आवेदन के तुरंत बाद भूमि आवंटन किया जाना इसी का उदाहरण है। मेडिकल कॉलेज के लिए 1 रुपये में जमीन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। यदि कोई संस्था या निवेशक मेडिकल कॉलेज स्थापित करना चाहता है, तो सरकार 25 एकड़ जमीन मात्र एक रुपये में उपलब्ध कराएगी। इससे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों तक पहुंच सकेंगी। होटल प्रोजेक्ट पर 30 करोड़ रु. तक की सब्सिडी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि टूरिज्म सेक्टर को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से होटल परियोजनाओं पर सरकार 30 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दे रही है। यह सहायता 100 करोड़ रुपये तक की लागत वाली परियोजनाओं के लिए लागू है, जिससे प्रदेश में विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाएं विकसित हो सकें। आईटी, फार्मा और टूरिज्म सेक्टर में खुले हैं अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में टेक्सटाइल, फार्मा, एग्रो प्रोसेसिंग और टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। आईटी उद्योग को छोटे शहरों तक विस्तार देने की दिशा में सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है। हर सेक्टर के लिए अलग-अलग नीति और सहायता संरचना मौजूद है। मेडिकल शिक्षा में बड़ा विस्तार, लक्ष्य 50 कॉलेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने मेडिकल शिक्षा के विस्तार को प्राथमिकता दी है। वर्तमान में 37 मेडिकल कॉलेज प्रदेश में संचालित हैं और अगले दो वर्षों में इस संख्या को 50 तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इससे प्रदेश के युवाओं को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा के अवसर मिलेंगे। किसानों को मिलेगी सोलर ऊर्जा से राहत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए किसानों को 3 लाख से अधिक सोलर पंप देने का निर्णय लिया गया है। इससे सिंचाई पर बिजली की निर्भरता कम होगी और किसानों को बिजली बिल से स्थायी राहत मिलेगी। यह राज्य को ग्रीन एनर्जी की दिशा में भी आगे ले जाएगा। मध्यप्रदेश बना गेहूं उत्पादन में अग्रणी राज्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश अब गेहूं उत्पादन में पंजाब जैसे पारंपरिक कृषि राज्य से भी आगे निकल चुका है। कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए फूड प्रोसेसिंग इकाइयों और एग्री क्लस्टर्स की स्थापना की जा रही है। इससे किसानों की आय और औद्योगिक विकास दोनों को बल मिलेगा। राहवीर योजना और एयर एम्बुलेंस ने बढ़ाया भरोसा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़क हादसों में घायल व्यक्ति को अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। राहवीर योजना के तहत ऐसे नेक कार्य करने वालों को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके साथ ही राज्य में एयर एम्बुलेंस सेवा भी शुरू की गई है, जिससे आपात स्थिति में तेज़ी से उपचार मिल सके। साथ ही सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयुष्मान योजना को प्रभावी रूप से लागू किया है। प्रदेश में लाखों आयुष्मान कार्ड धारकों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा गया है। छोटे शहरों में भी आईटी और रोजगार की पहुंच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के छोटे शहरों को भी डिजिटल और तकनीकी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। यहां आईटी इंडस्ट्री स्थापित करने के प्रयास जारी हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को पलायन न करना पड़े … Read more

‘मैंने ही रोका भारत-पाक युद्ध’ — ट्रंप का पुराना दावा फिर सुर्खियों में

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उनके हस्तक्षेप से भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को रोका जा सका था. ट्रंप ने कहा कि भारत की ओर से पहलगाम हमले के जवाब में चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दोनों देशों के बीच हालात बेहद गंभीर हो गए थे, लेकिन उनके दखल से टकराव टल गया. क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप? ट्रंप ने बयान दिया, 'हमने कई युद्ध रोके. और ये कोई मामूली युद्ध नहीं थे. भारत और पाकिस्तान के बीच हालात बहुत गंभीर हो चुके थे. विमान मार गिराए जा रहे थे. मुझे लगता है कि करीब पांच लड़ाकू विमान गिरा दिए गए थे. ये दोनों परमाणु हथियारों से लैस देश हैं और एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे.' उन्होंने आगे कहा कि यह एक 'नई किस्म की जंग' जैसी स्थिति बन गई थी, जैसा कि अमेरिका ने ईरान के साथ किया था. ट्रंप ने दावा किया कि 'हमने ईरान की परमाणु क्षमता को पूरी तरह खत्म कर दिया.' ट्रेड के जरिए विवाद सुलझाने का दावा भारत और पाकिस्तान को लेकर उन्होंने कहा कि 'हालात लगातार बिगड़ते जा रहे थे, और हमने इसे ट्रेड के जरिए सुलझाया. हमने कहा- अगर तुम लोग हथियारों (और शायद परमाणु हथियारों) का इस्तेमाल करते रहोगे, तो हम कोई व्यापार समझौता नहीं करेंगे.' भारत ने गिराए पाकिस्तान के कई हाई-टेक जेट्स   10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम होने के कुछ दिन बाद, एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा था कि भारत ने कई 'हाई-टेक' पाकिस्तानी लड़ाकू विमान मार गिराए, हालांकि उन्होंने संख्या स्पष्ट नहीं की थी. वहीं पाकिस्तान ने भारत के दावे को खारिज करते हुए कहा था कि पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) का सिर्फ एक विमान थोड़ा क्षतिग्रस्त हुआ है. इसके उलट पाकिस्तान का दावा है कि उसने भारत के छह लड़ाकू विमानों को मार गिराया, जिनमें राफेल भी शामिल हैं. CDS जनरल अनिल चौहान ने क्या कहा? हालांकि, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने पाकिस्तान के दावे को खारिज कर दिया है. उन्होंने यह जरूर माना कि संघर्ष के दौरान कुछ लड़ाकू विमान जरूर गिराए गए, लेकिन उनकी संख्या नहीं बताई. जनरल चौहान ने कहा कि ये नुकसान संघर्ष की शुरुआती स्थिति में हुए थे, लेकिन भारतीय सशस्त्र बलों ने बहुत तेजी से अपनी गलतियों को सुधारा और फिर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया. उन्होंने कहा, 'महत्वपूर्ण बात यह नहीं है कि विमान गिरा, बल्कि यह है कि वह क्यों गिरा… क्या गलती हुई, यही ज्यादा जरूरी है. संख्या मायने नहीं रखती.'  

भोपाल में हिंदू लड़कियों के रेप और ब्लैकमेलिंग के पीछे बड़े नेटवर्क चार्जशीट दाखिल, दरिंदगी से रोंगटे खड़े हो जाएंगे

भोपाल अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में दो सगी बहनों से दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण की कोशिश के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. अगली तारीख 22 जुलाई तय की गई है. इस केस में मुख्य आरोपी फरहान और उसके साथी अली समेत अन्य पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पीड़िताओं के बयान, वीडियो साक्ष्य और डिजिटल रिकॉर्डिंग के आधार पर चालान पेश किया गया है, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. चार्जशीट में बताया गया है कि आरोपी फरहान दोनों बहनों के साथ लंबे समय से संबंध में था. वह पहले प्यार और शादी का झांसा देता रहा, फिर ब्लैकमेल कर बार-बार दुष्कर्म करता रहा. फरहान ने दोनों बहनों के आपत्तिजनक वीडियो बनाए थे और उन्‍हें वायरल करने की धमकी देकर वह उनसे गलत काम करा रहा था. मुख्य आरोपी फरहान पीड़िता को दूसरी लड़कियों के साथ किए रेप के वीडियो दिखाकर  भोपाल में हुए रेप और ब्लैकमेलिंग केस का मुख्य आरोपी फरहान पीड़िता को दूसरी लड़कियों के साथ किए रेप के वीडियो दिखाकर कहता था कि तेरे साथ भी ऐसा ही करूंगा। ये खुलासा पुलिस की चार्जशीट से हुआ है। दरअसल, इस केस में अब तक तीन चालान पेश हो चुके हैं। चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र है कि जिस पीड़िता ने सबसे पहले फरहान के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उसे फरहान ने कहा था कि वह पुलिस से शिकायत न करे। फरहान उसे एक एफिडेविट देने को तैयार था। इसमें वो लिखने वाला था कि आगे से उसके साथ रेप नहीं करेगा। बता दें कि 12 अप्रैल को एक युवती ने भोपाल के बागसेवनिया थाने में रेप और ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत के बाद 13 अप्रैल को फरहान को गिरफ्तार किया। इसके बाद एक-एक कर 6 आरोपी गिरफ्तार हुए। इस मामले में अबतक 5 लड़कियों ने शिकायत दर्ज कराई है। शुरुआती जांच से लेकर गवाहों के बयान, डिजिटल सबूतों और मेडिकल रिपोर्ट तक, पुलिस की चार्जशीट में फरहान ही मुख्य आरोपी है। पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन मटन-चिकन खिलाया गया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया और इस्लाम कबूलने के लिए दबाव डाला गया. शनिवार को विशेष न्यायालय में सुनवाई हुई. विरोध करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई. इस केस में पीड़िता की छोटी बहन ने बताया कि फरहान ने उसे अली नाम के युवक से मिलवाया. अली ने उसे बाहर घूमने के बहाने घर बुलाया और वहां दुष्कर्म कर वीडियो बना लिया. इसके बाद वह भी धर्मांतरण और निकाह का दबाव बनाने लगा. पुलिस की चार्जशीट में स्पष्ट है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत शोषण तक सीमित नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित मानसिक और धार्मिक दबाव की रणनीति अपनाई गई थी. कई लड़कियों ने शिकायत नहीं की  आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म), 506 (धमकी), 295-A (धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना), पॉक्सो एक्ट की धाराएं और धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस अफसरों का कहना है कि पूरा गैंग बनाकर टारगेट करते हुए हिंदू लड़कियों को फंसाया गया था. इन दो बहनों ने पुलिस को शिकायत की और बयान दिए, लेकिन कई लड़कियों ने शिकायत करने से मना कर दिया. कुछ लड़कियों की शादी हो चुकी है और वे लोकलाज से सामने नहीं आ रही है. बचाव पक्ष ने पीड़िताओं के बयान की रिकॉर्डिंग की सीडी मांगी शनिवार को विशेष न्यायाधीश नीलू संजीव श्रृंगऋषि और विशेष पॉक्सो कोर्ट में केस की सुनवाई हुई, जहां आरोप तय करने को लेकर बहस चली. कोर्ट ने अगली सुनवाई 22 जुलाई तय की है. वहीं, बचाव पक्ष ने पीड़िताओं के बयान की रिकॉर्डिंग की सीडी मांगी है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी सबूत तकनीकी तौर पर सुरक्षित किए गए हैं ताकि आरोपी किसी भी स्तर पर कानून से बच न सकें. हालांकि इसी मामले में एक पुलिस अफसर को लाइन हाजिर किया गया था. उन पर जांच को प्रभावित करने के आरोप थे. भोपाल पुलिस पर ऐसे मामलों में विश्‍वसनीय कार्रवाई कर पाने की चुनौती है. रेप कर बोला- फिर नहीं मिली तो बदनाम कर दूंगा बागसेवनिया थाने में ही सबसे पहले दो सगी बहनों ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने एक महीने की जांच के बाद 11 जून को मुख्य आरोपी फरहान खान और साहिल खान के खिलाफ चालान पेश किया। 57 गवाहों की लिस्ट के साथ 240 पेज का ये चालान विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) नीलम मिश्रा की अदालत में पेश हुआ। इस चालान के साथ पुलिस ने पीड़िताओं की मेडिकल रिपोर्ट और अहम दस्तावेज भी पेश किए। दोनों आरोपियों की पेशी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई गई। इस चालान में पुलिस ने बताया कि फरहान ने दोनों बहनों को धमकाकर उनके साथ जबरन फिजिकल रिलेशन बनाए थे। इतना ही नहीं मुस्लिम बनने के लिए कई बार दबाव डाला था। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि अप्रैल 2023 में फरहान मुझे बाहर घुमाने के बहाने अपने अशोका गार्डन स्थित घर ले गया। यहां उसने मेरे साथ रेप किया। इसके बाद मारपीट कर बोला- कि अगर आगे मुलाकात नहीं की तो बदनाम कर दूंगा। धमकी दी थी कि पापा और भाई को मार डालेगा पीड़िता ने बताया कि उसकी फरहान से मुलाकात बहन के कॉलेज में हुई थी। यहां उसने जबरदस्ती दोस्ती की। उसने जब पहली बार रेप किया तो धमकी दी थी कि अगर अगली बार शारीरिक संबंध नहीं बनाए तो पापा और भाई को मार डालेगा। वह मोबाइल में दूसरी लड़कियों के रेप वीडियो दिखाकर कहता था- तेरे साथ भी ऐसा ही करूंगा। पीड़िता के मुताबिक जब वह इंदौर चली गई तब भी उसने पीछा नहीं छोड़ा। अप्रैल महीने में वह इंदौर आया और मुझे कॉल कर बोला कि तुझसे माफी मांगना है। मैं उससे मिलने के लिए तैयार हो गई। वह मेरे घर आया तब मैं अपने दोस्त से बात कर रही थी। उसने चाकू दिखाकर मुझसे जबरन शारीरिक संबंध बनाए। मैंने जब ये बात अपने दोस्त और बुआ के बेटे को बताई तो वे मुझे भोपाल लेकर आए। यहां सभी ने मुझसे पुलिस में शिकायत करने के लिए कहा। मैं डर … Read more

भोपाल में हिंदू लड़कियों के रेप और ब्लैकमेलिंग के पीछे बड़े नेटवर्क चार्जशीट दाखिल, दरिंदगी से रोंगटे खड़े हो जाएंगे

भोपाल अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में दो सगी बहनों से दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण की कोशिश के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. अगली तारीख 22 जुलाई तय की गई है. इस केस में मुख्य आरोपी फरहान और उसके साथी अली समेत अन्य पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पीड़िताओं के बयान, वीडियो साक्ष्य और डिजिटल रिकॉर्डिंग के आधार पर चालान पेश किया गया है, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. चार्जशीट में बताया गया है कि आरोपी फरहान दोनों बहनों के साथ लंबे समय से संबंध में था. वह पहले प्यार और शादी का झांसा देता रहा, फिर ब्लैकमेल कर बार-बार दुष्कर्म करता रहा. फरहान ने दोनों बहनों के आपत्तिजनक वीडियो बनाए थे और उन्‍हें वायरल करने की धमकी देकर वह उनसे गलत काम करा रहा था. मुख्य आरोपी फरहान पीड़िता को दूसरी लड़कियों के साथ किए रेप के वीडियो दिखाकर  भोपाल में हुए रेप और ब्लैकमेलिंग केस का मुख्य आरोपी फरहान पीड़िता को दूसरी लड़कियों के साथ किए रेप के वीडियो दिखाकर कहता था कि तेरे साथ भी ऐसा ही करूंगा। ये खुलासा पुलिस की चार्जशीट से हुआ है। दरअसल, इस केस में अब तक तीन चालान पेश हो चुके हैं। चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र है कि जिस पीड़िता ने सबसे पहले फरहान के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उसे फरहान ने कहा था कि वह पुलिस से शिकायत न करे। फरहान उसे एक एफिडेविट देने को तैयार था। इसमें वो लिखने वाला था कि आगे से उसके साथ रेप नहीं करेगा। बता दें कि 12 अप्रैल को एक युवती ने भोपाल के बागसेवनिया थाने में रेप और ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत के बाद 13 अप्रैल को फरहान को गिरफ्तार किया। इसके बाद एक-एक कर 6 आरोपी गिरफ्तार हुए। इस मामले में अबतक 5 लड़कियों ने शिकायत दर्ज कराई है। शुरुआती जांच से लेकर गवाहों के बयान, डिजिटल सबूतों और मेडिकल रिपोर्ट तक, पुलिस की चार्जशीट में फरहान ही मुख्य आरोपी है। पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरन मटन-चिकन खिलाया गया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया और इस्लाम कबूलने के लिए दबाव डाला गया. शनिवार को विशेष न्यायालय में सुनवाई हुई. विरोध करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई. इस केस में पीड़िता की छोटी बहन ने बताया कि फरहान ने उसे अली नाम के युवक से मिलवाया. अली ने उसे बाहर घूमने के बहाने घर बुलाया और वहां दुष्कर्म कर वीडियो बना लिया. इसके बाद वह भी धर्मांतरण और निकाह का दबाव बनाने लगा. पुलिस की चार्जशीट में स्पष्ट है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत शोषण तक सीमित नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित मानसिक और धार्मिक दबाव की रणनीति अपनाई गई थी. कई लड़कियों ने शिकायत नहीं की  आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म), 506 (धमकी), 295-A (धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना), पॉक्सो एक्ट की धाराएं और धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस अफसरों का कहना है कि पूरा गैंग बनाकर टारगेट करते हुए हिंदू लड़कियों को फंसाया गया था. इन दो बहनों ने पुलिस को शिकायत की और बयान दिए, लेकिन कई लड़कियों ने शिकायत करने से मना कर दिया. कुछ लड़कियों की शादी हो चुकी है और वे लोकलाज से सामने नहीं आ रही है. बचाव पक्ष ने पीड़िताओं के बयान की रिकॉर्डिंग की सीडी मांगी शनिवार को विशेष न्यायाधीश नीलू संजीव श्रृंगऋषि और विशेष पॉक्सो कोर्ट में केस की सुनवाई हुई, जहां आरोप तय करने को लेकर बहस चली. कोर्ट ने अगली सुनवाई 22 जुलाई तय की है. वहीं, बचाव पक्ष ने पीड़िताओं के बयान की रिकॉर्डिंग की सीडी मांगी है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी सबूत तकनीकी तौर पर सुरक्षित किए गए हैं ताकि आरोपी किसी भी स्तर पर कानून से बच न सकें. हालांकि इसी मामले में एक पुलिस अफसर को लाइन हाजिर किया गया था. उन पर जांच को प्रभावित करने के आरोप थे. भोपाल पुलिस पर ऐसे मामलों में विश्‍वसनीय कार्रवाई कर पाने की चुनौती है. रेप कर बोला- फिर नहीं मिली तो बदनाम कर दूंगा बागसेवनिया थाने में ही सबसे पहले दो सगी बहनों ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने एक महीने की जांच के बाद 11 जून को मुख्य आरोपी फरहान खान और साहिल खान के खिलाफ चालान पेश किया। 57 गवाहों की लिस्ट के साथ 240 पेज का ये चालान विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) नीलम मिश्रा की अदालत में पेश हुआ। इस चालान के साथ पुलिस ने पीड़िताओं की मेडिकल रिपोर्ट और अहम दस्तावेज भी पेश किए। दोनों आरोपियों की पेशी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई गई। इस चालान में पुलिस ने बताया कि फरहान ने दोनों बहनों को धमकाकर उनके साथ जबरन फिजिकल रिलेशन बनाए थे। इतना ही नहीं मुस्लिम बनने के लिए कई बार दबाव डाला था। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि अप्रैल 2023 में फरहान मुझे बाहर घुमाने के बहाने अपने अशोका गार्डन स्थित घर ले गया। यहां उसने मेरे साथ रेप किया। इसके बाद मारपीट कर बोला- कि अगर आगे मुलाकात नहीं की तो बदनाम कर दूंगा। धमकी दी थी कि पापा और भाई को मार डालेगा पीड़िता ने बताया कि उसकी फरहान से मुलाकात बहन के कॉलेज में हुई थी। यहां उसने जबरदस्ती दोस्ती की। उसने जब पहली बार रेप किया तो धमकी दी थी कि अगर अगली बार शारीरिक संबंध नहीं बनाए तो पापा और भाई को मार डालेगा। वह मोबाइल में दूसरी लड़कियों के रेप वीडियो दिखाकर कहता था- तेरे साथ भी ऐसा ही करूंगा। पीड़िता के मुताबिक जब वह इंदौर चली गई तब भी उसने पीछा नहीं छोड़ा। अप्रैल महीने में वह इंदौर आया और मुझे कॉल कर बोला कि तुझसे माफी मांगना है। मैं उससे मिलने के लिए तैयार हो गई। वह मेरे घर आया तब मैं अपने दोस्त से बात कर रही थी। उसने चाकू दिखाकर मुझसे जबरन शारीरिक संबंध बनाए। मैंने जब ये बात अपने दोस्त और बुआ के बेटे को बताई तो वे मुझे भोपाल लेकर आए। यहां सभी ने मुझसे पुलिस में शिकायत करने के लिए कहा। मैं डर … Read more

मुख्यमंत्री से मिले गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा, खेल विकास पर हुई चर्चा

छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाएं छूएंगी आकाश, आधुनिक तकनीक से होंगे खिलाड़ी पारंगत छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी और स्पोर्ट्स साइंस डेवलपमेंट के लिए होगा कार्य रायपुर,  छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाएं अब आकाश को छूएंगी। राज्य के खिलाड़ी प्रारंभिक स्तर से ही आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दक्ष बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज उनके निवास कार्यालय में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर अभिनव बिंद्रा ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने बिंद्रा से छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी एवं स्पोर्ट्स साइंस डेवलपमेंट के विषय में विस्तारपूर्वक चर्चा की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिंद्रा का पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बिंद्रा से छत्तीसगढ़ में खेल गतिविधियों के विकास एवं खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने संबंधी योजनाओं पर गहन चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने चर्चा के दौरान कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि एवं नैसर्गिक प्रतिभा है, विशेषकर आदिवासी अंचलों के युवाओं में अत्यधिक संभावनाएं हैं। इस परिप्रेक्ष्य में बिंद्रा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वे छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी और स्पोर्ट्स साइंस कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की खेल प्रतिभाओं को निखारने में ये प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे। चर्चा के दौरान बिंद्रा ने बताया कि वे अभिनव बिंद्रा फाउंडेशन के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में खिलाड़ियों को आगे लाने के लिए विविध कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि फाउंडेशन द्वारा खेलहित में संचालित ये कार्यक्रम निःशुल्क होते हैं, जिससे खिलाड़ियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी फाउंडेशन के माध्यम से ऐसे कार्यक्रम प्रारंभ किए जाने के सम्बन्ध में चर्चा की। श्री बिंद्रा ने जानकारी दी कि ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों में ओलंपिक मूल्यों का विकास किया जाएगा। उन्हें उत्कृष्टता, सम्मान और मैत्री जैसे मूल्यों को अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा, जिससे प्रारंभिक अवस्था से ही खेल प्रतिभाओं का संवर्धन संभव हो सकेगा। मुख्यमंत्री साय को बिंद्रा ने अवगत कराया कि स्पोर्ट्स इंजरी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी कार्यक्रम के अंतर्गत खिलाड़ियों को निःशुल्क सर्जरी, पुनर्वास एवं उपचार उपरांत देखभाल की संपूर्ण सुविधा प्रदान की जाएगी, ताकि वे स्वस्थ होकर पुनः खेल क्षेत्र में सक्रीय हो सकें। इस हेतु फाउंडेशन के साथ देश के 30 उत्कृष्ट चिकित्सकों का नेटवर्क कार्यरत है, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेगा। मुख्यमंत्री को बिंद्रा ने बताया कि वर्तमान खेल परिदृश्य पूर्णतः विज्ञान-आधारित हो गया है। अतः वे छत्तीसगढ़ में स्पोर्ट्स साइंस कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहते हैं, जिससे आधुनिक एवं वैज्ञानिक पद्धति से खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जा सके। नवीनतम तकनीकों की सहायता से प्रतिभाओं की पहचान वैज्ञानिक तरीके से की जा सकेगी तथा टेक्नोलॉजी के माध्यम से उनके कौशल को समुचित रूप से विकसित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को आवश्यक सभी सुविधाएं प्रदान कर रही है। विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा समुदाय के युवाओं में तीरंदाजी का प्राकृतिक कौशल है। इस प्रतिभा को बढ़ावा देने हेतु रायपुर एवं जशपुर में एनटीपीसी के सहयोग से 60 करोड़ रुपये की लागत से आर्चरी अकादमी की स्थापना की जा रही है। इसी प्रकार बस्तर में आयोजित बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। राज्य सरकार द्वारा ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये एवं कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में देने की घोषणा की गई है। इस अवसर पर खेल मंत्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, डॉ. दिगपाल राणावत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।    

‘महिला सशक्तिकरण से ही सशक्त राष्ट्र’: RSS प्रमुख ने पुरानी सोच पर उठाए सवाल

नागपुर   राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी देश की प्रगति के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण बेहद जरूरी है और उन्हें पुरानी व पिछड़ी सोच वाली परंपराओं से मुक्त किया जाना चाहिए। वे महाराष्ट्र के सोलापुर में उद्योगवर्धिनी नाम के एक गैर-सरकारी संगठन की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। 'महिलाएं किसी भी समाज का सबसे अहम हिस्सा' मोहन भागवत ने कहा, 'महिलाएं किसी भी समाज का सबसे अहम हिस्सा होती हैं। पुरुष जीवनभर काम करता है, महिला भी जीवनभर काम करती है, लेकिन उससे आगे जाकर वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती है। बच्चों के मन और संस्कार मां के स्नेह में ही विकसित होते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल समाज के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के विकास के लिए अनिवार्य है। मोहन भागवत ने कहा, 'ईश्वर ने महिलाओं को एक अतिरिक्त विशेषता दी है, जिससे वे वह सब कर सकती हैं जो पुरुष नहीं कर पाते। साथ ही, उन्हें पुरुषों के जैसे सभी गुण भी दिए हैं। इसलिए वे पुरुषों के बराबर हर काम कर सकती हैं।' राष्ट्रीय विकास के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण बेहद महत्वपूर्ण- भागवत उन्होंने कहा, “एक पुरुष अपनी मृत्यु तक काम करता है और एक महिला भी अंत तक काम करती है, लेकिन वह उससे भी आगे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती है. एक महिला के प्यार और स्नेह के तले बच्चे बढ़ते है, परिपक्व होते हैं और उनका विकास होता है.' इसके साथ ही आरएसएस प्रमुख ने कहा, “राष्ट्रीय विकास के लिए भी महिलाओं का सशक्तिकरण बेहद महत्वपूर्ण है.” ईश्वर ने महिलाओं को दिए हैं अतिरिक्त गुण- भागवत उन्होंने कहा, “ईश्वर ने पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को कुछ अतिरिक्त गुण दिए हैं, जिससे महिलाएं वह सभी काम कर सकती हैं, जो सामान्य रूप से पुरुष नहीं कर सकते है. इसके साथ ही, ईश्वर ने महिलाओं को वे सभी गुण दिए हैं, जो उन्होंने पुरुषों को दिए हैं, जिसके कारण वे वह सब कुछ भी कर सकती हैं, जो पुरुष कर सकते हैं.” महिलाओं को वह करने दें, जो वे करना चाहती हैं- भागवत भागवत ने कहा, “इसलिए पुरुषों का यह दावा करना मूर्खता है कि वे महिलाओं का उत्थान करेंगे.” उन्होंने कहा, “इस तरह के अहंकार का कोई आधार नहीं है. महिलाओं को वह करने दें, जो वे करना चाहती हैं. बस उन्हें सशक्त बनाएं और उन्हें रूढिवादी रीति-रिवाजों और परंपराओं से मुक्त करें.” उन्होंने कहा, “जब एक महिला खुद का उत्थान करती है, तो वह पूरे समाज को ऊपर उठाती है.” वहीं, आरएसएस प्रमुख ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिलाओं को सशक्त और मजबूत बनाने में उद्योगवर्धिनी के योगदान की सराहना भी की. उन्होंने कहा- पुरुषों को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि वे महिलाओं का उत्थान करेंगे। ईश्वर ने महिलाओं को न केवल पुरुषों जैसी क्षमताएं दी हैं, बल्कि अतिरिक्त गुण भी दिए हैं जो उन्हें खास बनाते हैं। जिन शाखाओं में 100+ लोग, वहां पथ संचलन 2 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 साल पूरे हो रहे हैं। 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन विजया दशमी भी है। विजया दशमी के दिन संघ की स्थापना हुई थी। संघ ने 2 अक्टूबर को अपने नए-पुराने स्वयं सेवकों को शाखाओं में पहुंचने का आह्वान किया है। एक ओर रामधुन बजेगी, वहीं जिन शाखाओं में 100 से अधिक स्वयं सेवक हैं, वहां पथ संचलन होगा। 4-6 जुलाई तक दिल्ली में संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों पर चर्चा की थी। घर-घर संपर्क अभियान संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि शताब्दी वर्ष में यूपी में संघ भीड़ जुटाने का कोई बड़ा कार्यक्रम आयोजित नहीं करेगा। आम लोगों से जुड़ने के लिए ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत, ब्लॉक स्तर पर शाखाएं कार्यक्रम करेंगी। जिलों में चुनिंदा 100 से 200 लोगों की गोष्ठियां होगी। छोटी गोष्ठियां शाखा स्तर पर भी होंगी। ग्रामीण में मंडल व शहरी क्षेत्रों में बस्ती स्तर पर हिन्दू सम्मेलन होंगे। संघ ‘गृह संपर्क’ का अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाएगा। इसमें स्वयंसेवक 25 से 30 घरों में जाकर संघ के कार्यों की जानकारी देंगे। 'महिला आगे बढ़ती है, तो वह पूरे समाज को आगे ले जाती है' उन्होंने यह भी कहा कि पुरुषों को यह सोचना कि वे महिलाओं को ऊपर उठाएंगे, यह एक अहंकार की बात है। 'ऐसा सोचने की कोई जरूरत नहीं है। महिलाओं को बस स्वतंत्र छोड़ देना चाहिए, उन्हें पिछड़ी परंपराओं से मुक्त करना चाहिए और उन्हें खुद को विकसित करने देना चाहिए। जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो वह पूरे समाज को आगे ले जाती है।' इस कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने उद्योगवर्धिनी संस्था की तरफ से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की भी सराहना की। 

बालाघाट के जंगलों में गोलियां गूंजीं! सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच चल रही मुठभेड़

 बालाघाट  बालाघाट से बड़ी खबर सामने आ रही है जहां सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। यह मुठभेड़ जिले के घने जंगलों में उस समय शुरू हुई जब सुरक्षा बलों द्वारा एक विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों की टीम का सामना नक्सलियों से हो गया, जिसके बाद दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। घटना की पुष्टि करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि मुठभेड़ अभी भी जारी है और मौके पर अतिरिक्त बलों को रवाना किया गया है। फिलहाल, किसी प्रकार के हताहत या गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है और मुठभेड़ से संबंधित विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। बालाघाट जिले लांजी थाना अंतर्गत मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सीमा से लगे झुलनापाठ के जंगल में शनिवार सुबह माओवादियों और सुरक्षा जवानों के बीच मुठभेड़ हुई है। इसमें कुछ माओवादियों के मारे जाने की सूचना आ रही है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने मुठभेड़ की घटना की पुष्टि की है। उन्होंने मुठभेड़ में माओवादियों के मारे जाने की बात से इनकार किया है, लेकिन ये स्पष्ट किया है कि जंगल में मुठभेड़ हुई है और मौके पर हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान तैनात हैं। वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बैहर) आदर्शकांत शुक्ला ने बताया कि मुठभेड़ शनिवार सुबह नौ बजे के आसपास शुरू हुई थी। दो-तीन घंटे के बाद मुठभेड़ रुक गई। फिलहाल सुरक्षा जवान इलाके की सर्चिंग कर रहे हैं। मुठभेड़ में माओवादी के मारे जाने की भी जानकारी सामने आ रही है, लेकिन पुलिस का कहना है कि अभी किसी भी माओवादी का शव नहीं मिला है। इसलिए मुठभेड़ में माओवादी मारे गए हैं या नहीं, ये शव मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा। 14 जून को मारी गईं थीं चार हार्डकोर महिला माओवादी बता दें कि 36 दिन पहले 14 जून को रूपझर थाना क्षेत्र के कटेझिरिया के जंगल में हाकफोर्स के जवानों ने चार हार्डकोर महिला माओवादियों को मार गिराया था। इसके बाद इस महीने हट्टा थाना क्षेत्र के ठाकुरटोला के नैनसिंह धुर्वे को पुलिस ने माओवादियों को विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस अब तक पांच संदेहियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है। हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान मौके पर तैनात है। आशंका है कि फायरिंग में कुछ माओवादियों जान बचाकर जंगल में भाग गए हैं। अभी कोई शव बरामद नहीं हुआ है, लेकिन यह बताया जा रहा है कि कई माओवादियों को इसमें गोली लगी है। सर्चिंग पर निकले थे जवान जानकारी के मुताबिक हाकफोर्स और कोबरा बटालियन के जवान इलाके में सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान वहां मौजूद माओवादियों ने गोलियां चलाना शुरू कर दी। बदले में जवानों ने भी डटकर उनका मुकाबला किया, इस दौरान कई माओवादी भागने पर मजबूर हो गए। छत्तीसगढ़ से भागकर आने की आशंका जिस इलाके में यह मुठभेड़ हुई वह छत्तीसगढ़ की सीमा के काफी करीब है, आशंका जताई जा रही है कि माओवादी वहीं से भागकर मध्य प्रदेश के बालाघाट में आए हैं। छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का एक्शन लगातार जारी है। केंद्र सरकार ने अगले साल तक देश को माओवाद से मुक्त करने का निर्णय लिया है। ऐसे में मध्य प्रदेश में भी उनके छिपने के संभावित ठिकानों पर लगातार सर्चिंग की जा रही है।