samacharsecretary.com

खेलों को बढ़ावा: ओलंपिक में गोल्ड लाने पर अब दिल्ली देगी 7 करोड़ और नौकरी

नई दिल्ली  दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए बड़ा एलान किया है। जीतने वाले खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि को बढ़ा दिया गया है। दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के तहत ऐतिहासिक फैसला लिया है। दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने जानकारी दी है कि ओलंपिक में जीतने वाले विजेताओं को सरकार की ओर से कैश रिवॉर्ड को बढ़ा दिया गया है।  प्रेस वार्ता में मंत्री आशीष सूद ने बताया कि ओलंपिक गेम्स में गोल्ड जीतने वाल खिलाड़ी को सात करोड़ रुपये, सिल्वर मेडल जीतने वालों को पांच करोड़ रुपये और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वालों को तीन करोड़ रुपये दिए जाएंगे। आगे कहा कि ओलंपिक गेम्स में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने वालों को ग्रुप ए की नौकरी और ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को ग्रुप बी की नौकरी दिल्ली सरकार की ओर से दी जाएगी। जानकारी के लिए बता दें पहले दिल्ली सरकार की ओर से ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तीन करोड़, दो करोड़ और एक करोड़ रुपये दिए जाते थे। लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में प्रोत्साहन राशि को बढ़ा दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की खरीफ 2025 के लिए उर्वरक व्यवस्था की समीक्षा की

उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण पर करें कठोर कार्यवाही जिला कलेक्टर डबल लॉक केन्द्रों, पैक्स और निजी विक्रय केन्द्रों का आकस्मिक रूप से करें निरीक्षण उर्वरक के अवैध व्यापार पर 30 एफ.आई.आर., 56 लायसेंस निरस्त, 70 लाइसेंस निलंबन और 188 विक्रय प्रतिबंधित करने की हुई कार्यवाही भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खरीफ 2025 के लिए किसानों को सुविधापूर्वक, व्यवस्थित ढंग से उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। यूरिया की मांग वाले जिलों में आगामी सात दिवस में प्राप्त होने वाले रैक और उर्वरक वितरण व्यवस्था संबंधी जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। राज्य स्तर से उर्वरक व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, टैगिंग, मिस ब्रांडिंग, अवैध परिवहन पर कठोर कार्यवाही की जाए। विक्रय केन्द्रों पर कृषकों की अधिक भीड़ होने पर अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था कर विक्रय प्रक्रिया संचालित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित सहकारिता, राजस्व और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विपणन संघ के विक्रय केन्द्रों और पैक्स में निर्धारित अनुपात अनुसार उर्वरक का भंडारण सुनिश्चित किया जाए। जिला कलेक्टर डबल लॉक केन्द्रों, पैक्स और निजी विक्रय केन्द्रों का आकस्मिक रूप से निरीक्षण कर स्कंध का सत्यापन सुनिश्चित करें। अनुदानित यूरिया के उपयोग की पशुआहार, पोल्ट्री फीड, लेमिनेशन, रेसिन, प्लाईवुड, पेंट, शराब उद्योग, प्रिंटिंग और मिलावटी दुग्ध उत्पादन में उपयोग की संभावना रहती है। उन्होंने इन स्थानों का औचक निरीक्षण कर अनुदानित यूरिया पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नैनो यूरिया के उपयोग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि किसानों की आवश्यकतानुसार उर्वरक की घर पहुंच सेवा आरंभ करने पर भी विचार किया जाना चाहिए। इससे अनुदानित यूरिया के दुरूपयोग को रोका जा सकेगा। बैठक में बताया गया कि उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या परिवहन और नकली उर्वरकों के संबंध में अब तक 30 एफ.आई.आर. की गईं, 56 लायसेंस निरस्त, 70 लाइसेंस निलंबन और 188 विक्रय प्रतिबंधित करने की कार्यवाही की गई है। बैठक में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 

मंत्रि-परिषद की मुहर: सांख्यिकी से समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम, डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने सांख्यिकी से समृद्धि के लिए डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को दी स्वीकृति मंत्रि-परिषद की मुहर: सांख्यिकी से समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम, डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मंजूरी डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मिली हरी झंडी, 'सांख्यिकी से समृद्धि' पर सरकार का फोकस सटीक आंकड़े, सशक्त नीति: डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मंत्रिमंडल की स्वीकृति नीति निर्माण को मिलेगा मजबूती का आधार, डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मिली कैबिनेट की स्वीकृति ‘सांख्यिकी से समृद्धि’ मिशन के तहत डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बूस्ट, मंत्रि-परिषद ने दी मंजूरी गांधीसागर जल विद्युत गृह की इकाइयों के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण का अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अंतर्गत सांख्यिकी संबंधी आंकड़ों का समयावधि में संकलन (डाटा कलेक्शन) एवं विश्लेषण कर विभागों, आमजन एवं योजनाविदों के उपयोग के लिए आंकड़े उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में ''डाटा सुदृढ़ीकरण योजना'' की स्वीकृति प्रदान की गयी। राज्य सरकार इस योजना के माध्यम से "सांख्यिकी से समृद्धि" की दिशा में एक नई पहल कर रही है। योजना से सरकार को डाटा के आधार पर बेहतर और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। साथ ही डाटा और उसका विश्लेषण समय पर मिलने से सरकार बेहतर नीति बना सकेगी। समस्त विभाग बिना किसी रुकावट के डाटा साझा कर सकेंगे, जिससे काम में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों की कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी। स्वतंत्र शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं को भी डाटा उपलब्ध होगा, जिससे नई योजनाओं का निर्माण आसान होगा। नागरिकों को भी डाटा की जानकारी मिल सकेगी, जिससे शासन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा। डाटा की उपलब्धता से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। गांधीसागर जल विद्युत गृह की इकाइयों के नवीनीकरण का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत संचालित (5×23) मेगावाट गांधीसागर एवं (4×43 मेगावाट) राणाप्रताप सागर जल विद्युत गृह के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए मध्यप्रदेश ‌द्वारा देय राशि का अनुमोदन प्रदान किया गया। निर्णय अनुसार गांधीसागर जल विद्‌युत गृह की पांचों इकाइयों (5×23 मेगावाट) के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण की पुनरीक्षित अनुमानित लागत 464 करोड़ 55 लाख रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। राणा प्रताप सागर जल विद्युत गृह की चारों इकाइयों (4×43 मेगावाट) के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण की डी.पी.आर. में वर्णित अनुमानित लागत 573 करोड़ 76 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। दोनो परियोजनाओं की स्वीकृति परियोजना राशि पर निर्धारित अंशपूँजी को मध्यप्रदेश एवं राजस्थान राज्य द्वारा 50:50 अनुपात पर वित्त विभाग के परामर्श अनुसार मध्यप्रदेश की हिस्से की राशि 127 करोड़ 6 लाख रुपये को वर्षवार प्रदान किये जाने का अनुमोदन किया गया। मशीनरी बदलने के लिए राशि का व्यय होगा। परियोजना अगले 40 साल के लिए उपयोगी है दोनों प्रदेश कि विद्युत् उत्पादन कंपनियां अपने-अपने राज्य में स्थित परियोजना का क्रियान्वयन करेगी एवं कार्यों की लागत का लेखा-जोखा पारदर्शी रूप से संधारित कर एक दूसरे से साझा करेंगी तथा मौजूदा प्रथा के अनुसार वितीय खातों का तिमाही/वार्षिक मिलान कर समायोजित करेगी। विक्रमोत्सव व्यापार मेला उज्जैन मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट के निर्णय का अनुसमर्थन मंत्रि-परिषद ने उज्जैन के विक्रमोत्सव व्यापार मेला वर्ष-2025 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50% छूट प्रदान करने का निर्णय लेते हुए परिवहन विभाग की अधिसूचना 14 जनवरी 2025 एवं 9 अप्रैल 2025 का अनुसमर्थन किया गया। निर्णय अनुसार ऐसे समस्त गैर-परिवहन यानों (मोटर साइकिल, मोटर कार, निजी उपयोग के लिए ओमनी बस) तथा हल्के परिवहन यानों को, विक्रय पर जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी, जिनका कि वर्ष 2025 में उज्जैन व्यापार मेला की मेला अवधि के दौरान विक्रय किया जाएगा। छूट केवल विक्रीत वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन से स्थाई पंजीयन कराने पर ही प्रदान की जाएगी। उज्जैन के बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसायी को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन से व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तथा उज्जैन में मेला प्रांगण में अपनी भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के उपरांत ही वाहन विक्रय करने को अनुमत किया जाएगा। ग्वालियर व्यापार मेला 2024-25 में मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट के निर्णय का अनुसमर्थन मंत्रि-परिषद द्वारा ग्वालियर व्यापार मेला 2024-25 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर कर में 50% छूट प्रदान करने का निर्णय लेते हुए परिवहन विभाग की अधिसूचना 14 जनवरी 2025 का अनुसमर्थन किया गया। अधिसूचना में ग्वालियर व्यापार मेला वर्ष 2024-25 के लिए शर्तों के आधार पर सहमति प्रदाय की गई थी। निर्णय अनुसार ग्वालियर व्यापार मेला वर्ष 2024-2025 में गैर-परिवहन यानों (मोटर साइकिल, मोटर कार, ओमनी बस निजी उपयोग के लिए) और हल्के परिवहन यानों को मेला अवधि के दौरान विक्रय पर जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। विक्रीत वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, ग्वालियर से स्थाई पंजीयन करने पर ही छूट प्रदान की जाएगी। ग्वालियर के बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसायी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, ग्वालियर में व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के उपरांत मेला प्रांगण में अपनी भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर ही वाहन विक्रय कर सकेंगे।  

Tesla Model Y की बुकिंग लाइव: कश्मीर से कन्याकुमारी तक उमड़ी इलेक्ट्रिक कार की डिमांड, ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

मुंबई एलन मस्‍क की कंपनी टेस्‍ला की भारत में एंट्री हो गई है. मुंबई के बीकेसी में खुला टेस्‍ला का शोरूम शहर की शोभा बढ़ा रहा है. कंपनी ने स्‍पष्‍ट कर दिया है कि टेस्‍ला की Y मॉडल कार यहां एवलेबल होगी. इसी के साथ कंपनी ने कीमतों का भी खुलासा कर दिया है. कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि टेस्‍ला के वाई मॉडल की कार की ऑन रोड प्राइस करीब 61 लाख रुपये से शुरू हो रही है. कंपनी ने कार की बुकिंग को लेकर भी जानकारी दी है. सबसे पहले जान लीजिए कि टेस्‍ला के Y मॉडल में किस वेरिएंट की कितनी कीमत होगी.      कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, ब्‍लैक कलर में रियर-व्‍हील ड्राइव की कीमत 59.89 लाख रुपये के करीब बताई जा रही है, जिसकी ऑन रोड प्राइस 61.07 लाख रुपये पड़ेगी.      इसी मॉडल में रेड वेरिएंट में लॉन्‍ग रेंज रियर-व्‍हील ड्राइव की कीमत 68.14 लाख रुपये के करीब बताई जा रही है, जिसकी ऑन रोड प्राइस 71.02 लाख रुपये पड़ेगी.  ₹22,220 देकर आज ही कर सकते हैं बुकिंग  कंपनी ने ऑनलाइन साइट पर टेस्‍ला कार की बुकिंग के लिए भी जानकारी दी है. इसके लिए आपको कंपनी की वेबसाइट पर जाना होगा और वहां लोकेशन इंडिया सेलेक्‍ट करना होगा. इसके बाद भारत में आपको Y मॉडल की कीमतें दिखने लगेंगी.      सबसे पहले https://www.tesla.com/ पर जाएं.      यहां आपको मॉडल में कार का Y Model सेलेक्‍ट करना होगा.     इसके बाद आपको लेफ्ट कॉर्नर में जाकर लोकेशन भारत (India-English) सेलेक्‍ट करना होगा.      अब आपको भारत में इस कार की कीमतें दिखनी शुरू हो जाएगी.      यहां आप अपनी पसंद के हिसाब से वेरिएंट और कलर चुन सकते हैं.      इसके बाद आपको Order Now पर क्लिक करना है.  यहां पर आप यूपीआई/कार्ड या अन्‍य पेमेंट माध्‍यम से बुकिंग अमाउंट पेड कर अपने लिए कार बुक कर पाएंगे. बुकिंग के लिए 22,220 रुपये देने पड़ेंगे और एक हफ्ते के भीतर ग्राहक को 3 लाख रुपये जमा करने होंगे.  टाइमलाइन: 10 साल पहले प्रयास, अब हुआ साकार     2016: टेस्ला ने मॉडल 3 के लिए प्री-ऑर्डर लेना शुरू किया, जो भारतीय बाजार में उनकी शुरुआती दिलचस्पी को दर्शाता है. हाल ही में (2025 में), कंपनी ने इन बुकिंग का रिफंड भी किया.     2017: एलन मस्क ने भारत में लग्जरी वाहनों पर 100% आयात शुल्क को टेस्ला के लिए बड़ी बाधा बताया.     2021: टेस्ला ने बेंगलुरु में अपनी इकाई पंजीकृत की. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि टेस्ला CBU (पूरी तरह से निर्मित इकाई) के माध्यम से परिचालन शुरू करेगी.     2022: मस्क ने भारत के उच्च आयात शुल्क को फिर से बाधा बताया. टेस्ला ने भारत में अपने चार मॉडलों के लिए होमोलोगेशन प्रक्रिया भी शुरू की.     2023: टेस्ला ने मुंबई में 13 भूमिकाओं के लिए स्थानीय भर्ती शुरू की और गुजरात या महाराष्ट्र में $2 बिलियन की फैक्ट्री की योजना पर विचार किया, लेकिन उच्च टैरिफ और स्थानीय विनिर्माण के दबाव के कारण बातचीत रुक गई.     मार्च 2024: भारत ने नई ईवी नीति (SPMEPCI) की घोषणा की, जिसमें कुछ शर्तों के साथ $35,000 से अधिक कीमत वाले ईवी पर आयात शुल्क घटाकर 15% कर दिया गया.     2025 की शुरुआत: टेस्ला ने मुंबई और दिल्ली में स्टोर मैनेजर, बिक्री और सेवा भूमिकाओं के लिए भर्ती में तेजी लाकर रिटेल ऑपरेशन की नींव रखी.     मिड 2025 : नई ईवी नीति के विवरण को अंतिम रूप दिया गया और रजिस्‍ट्रेशन विंडो खोली गईं; टेस्ला को छोड़कर कई वैश्विक कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक दिवसीय पौधरोपण अभियान में लगाया बेल-पत्र का पौधा

सुंदर-स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार है पौधरोपण – मुख्यमंत्री डॉ. यादव पौधरोपण को बताया जीवन का रक्षा कवच, सीएम यादव ने दिए पर्यावरण संरक्षण के मंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक दिवसीय पौधरोपण अभियान में लगाया बेल-पत्र का पौधा राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में हुआ पौधरोपण कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सौभाग्य का विषय है कि मध्यप्रदेश में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक वन संपदा विद्यमान है। वृक्ष ही पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं, कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का परस्पर एक दूसरे पर अवलंबन ही धरा पर जीवन प्रदान करता है। सावन के महीने में पौधारोपण का संकल्प राजधानी की आने वाली पीढ़ियों को सुंदर, स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को नगर निगम भोपाल और भोजपाल मित्र परिषद के सहयोग से राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में सामूहिक वृहद् वृक्षारोपण कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेल-पत्र का पौधा रोपा एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरुकता का संदेश देती पेंटिंग्स और प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतीत में जो क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, वहां दोबारा पौधारोपण करना आवश्यक है। पौधारोपण से प्रभावित क्षेत्र पुनः हरे-भरे और जीवंत हो उठेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पुनीत कार्य को समर्पित संस्थाओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं। एक दिवसीय वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत भोपाल शहर में 5100 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पर्यावरण प्रेमी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।  

दुकानों पर लगाएं QR कोड, कांवड़ मार्ग पर योगी -धामी सरकार का आदेश SC ने माना सही

लखनऊ / देहरादून  कांवड़ यात्रा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत का कहना है कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित दुकानों में क्यूआर कोड लगाने के फैसले के सही करार दिया है। योगी आदित्यनाथ सरकार की तरफ से यह आदेश दिया गया था, जिसे प्रोफेसर अपूर्वानंद समेत कई लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इसी पर अदालत का कहना है कि दुकानदारों को क्यूआर कोड और अपना लाइसेंस लगाना चाहिए। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। इस तरह यूपी सरकार की ओर से जारी आदेश जारी रहेगा। हालांकि इस फैसले का अब कोई खास असर नहीं होगा। इसकी वजह यह है कि बुधवार को कांवड़ यात्रा का महाशिवरात्रि के साथ समापन होना है। फिर भी अदालत का यह फैसला आने वाले सालों के लिए लागू हो सकता है। योगी सरकार ने बीते साल भी एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि दुकानदारों को अपना नाम बोर्ड पर लिखना होगा। इसे लेकर भी अदालत का रुख किया गया था और तब सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले को गलत करार दिया था। हालांकि तब भी फैसला आते-आते कांवड़ यात्रा का समापन हो गया था। फिर भी अदालत का आदेश ऐसे मामलों में भविष्य के लिए एक नजीर होता है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा, ‘हमें बताया गया है कि आज यात्रा का अंतिम दिन है. बहरहाल, निकट भविष्य में इसके समाप्त होने की संभावना है. इसलिए इस समय हम केवल यह आदेश पारित करेंगे कि सभी संबंधित होटल मालिक वैधानिक आवश्यकताओं के अनुसार लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदर्शित करने के आदेश का पालन करें. हम स्पष्ट करते हैं कि हम अन्य विवादित मुद्दों पर विचार नहीं कर रहे हैं. आवेदन समाप्त किया जाता है. पिछली सुनवाई में उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा 25 जून को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति का हवाला देते हुए झा ने कहा था, ‘नए उपायों में कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों पर क्यूआर कोड प्रदर्शित करना अनिवार्य है जिससे मालिकों के नाम और पहचान का पता चलता हो। इस तरह उसी भेदभावपूर्ण तरीके से पहचान की बात हो रही है जिस पर पहले इस अदालत ने रोक लगा दी थी.’ याचिका में कहा गया था कि राज्य सरकार का निर्देश, जिसमें दुकान मालिकों को ‘‘कानूनी लाइसेंस आवश्यकताओं’’ के तहत धार्मिक और जातिगत पहचान बताने के लिए कहा गया है, दुकान, ढाबा और रेस्टोरेंट मालिकों की निजता के अधिकार का उल्लंघन है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्रावण महीने में शिवलिंगों का जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगा और अन्य नदियों से जल लेकर आते हैं. कई श्रद्धालु इस महीने में मांसाहार से परहेज करते हैं. कई लोग तो प्याज और लहसुन युक्त भोजन भी नहीं खाते.

पुनरारोपण का संदेश: CM ने स्वीकारीं चूकें, 4000 पौधों से दी पर्यावरण को नई सांस

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें करीब 4,000 पौधे रोपे गए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राजधानी भोपाल को हरियाली से समृद्ध बनाना और जन-जागरण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना था। पर्यावरण सुरक्षा का लिया संकल्प इस आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक अशोक पांडे, सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, भोपाल उत्तर के विधायक भगवानदास सबनानी, भोपाल महापौर मालती राय और भोजपाल मित्र संस्था के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से वृक्षारोपण में भाग लिया और पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। सीएम ने रोपा बेलपत्र का पौधा सीएम ने मानव संग्रहालय में बेलपत्र का पौधा रोपा। पौधारोपण के बाद सीएम ने मीडिया से चर्चा में कहा, पूरे प्रदेश में बृहद पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा- अकेले पौधा रोपें नहीं, बल्कि बड़ा होने तक उसकी देखभाल भी करें। सीएम बोले- एमपी वन संपदा में सबसे समृद्ध राज्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि आज यहां 4 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं और पूरे भोपाल नगर में 5,100 पौधे लगाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर जीवन वृक्षों के बिना संभव नहीं है। वृक्षों से प्राप्त ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का संतुलन ही पर्यावरण को संतुलित बनाए रखता है। सीएम ने गर्व के साथ बताया कि मध्यप्रदेश देश का वह राज्य है जहां सबसे अधिक वन संपदा है। उन्होंने कहा कि हम आर्थिक समृद्धि की ओर तो बढ़ ही रहे हैं, लेकिन साथ ही हमें प्राकृतिक समृद्धि और वन संरक्षण को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। पेड़-पौधों से रक्षाबंधन जैसा रिश्ता मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण के सांस्कृतिक पक्ष को भी रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में पेड़-पौधों के साथ वैसा ही आत्मीय रिश्ता है जैसा रक्षाबंधन में भाई-बहन के बीच होता है। बहनें अपने आंगन में लगे पौधों को राखी बांधकर अपनी भावनाएं प्रकट करती हैं।  यह हमारी संस्कृति में प्रकृति के साथ संबंध का जीवंत उदाहरण है। बेलपत्र का पौधा लगाकर दी प्रेरणा मुख्यमंत्री ने संग्रहालय परिसर में बेलपत्र का पौधा रोपित कर वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की। उन्होंने मीडिया से चर्चा में बताया कि पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सिर्फ पौधा लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी देखरेख तब तक करें जब तक वह बड़ा न हो जाए। पीएम के दौरे की स्मृति में किया गया आयोजन मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि संग्रहालय का पूरा इलाका आज से चार महीने पहले ही प्रधानमंत्री जी ने अपनी उपस्थिति से हमारे जनजीवन के साथ मप्र को समृद्ध बनाने का संकल्प कराया। एक तरफ हम आर्थिक समृद्धि की तरफ जाना चाह रहे हैं। दूसरे तरफ वन संपदा में भी समृद्धि आना चाहिए। मप्र में सबसे ज्यादा वन संपदा सीएम ने कहा- आज यहां (मानव संग्रहालय) चार हजार पौधे रोपे जा रहे हैं। भोपाल नगर में मिलाकर 5100 पौधे लगाने का संकल्प है। हम सब जानते हैं कि इस पृथ्वी का जीवन वृक्ष और बाकी जनजीवन से जुड़ा हुआ है। कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का परस्पर एक दूसरे पर अवलंबन ये हमारे लिए जीवन प्रदान करता है। खासकर मप्र तो और भाग्यशाली है। पूरे देश के बाकी राज्यों की तुलना में यदि सर्वाधिक वन संपदा कहीं हैं तो मप्र में हैं। हमसे जहां गलतियां हुई वहां पौधारोपण की जरूरत सीएम ने कहा- ये संग्रहालय का पूरा इलाका आज से चार महीने पहले ही प्रधानमंत्री जी ने अपनी उपस्थिति से हमारे जनजीवन के साथ मप्र को समृद्ध बनाने का संकल्प कराया। एक तरफ हम आर्थिक समृद्धि की तरफ जाना चाह रहे हैं। दूसरे तरफ वन संपदा में भी समृद्धि आना चाहिए। वृक्षारोपण से रक्षाबंधन जैसा संबंध एक दूसरे से जुड़कर ही जीवन बनता है। हमारी सनातन संस्कृति में प्रारंभ से वृक्षारोपण के साथ ऐसा संबंध है जैसे कि हमारे यहां रक्षाबंधन होता है तो अपने घर-आंगन में बने गमले से लेकर पेड़ पौधों को राखी बांधकर बहनें अपने भाव को प्रकट करती हैं।

भारत-मालदीव रिश्तों में गर्माहट: स्वतंत्रता समारोह में प्रधानमंत्री मोदी होंगे मुख्य अतिथि

नई दिल्ली मोहम्मद मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार दो दिवसीय मालदीव की यात्रा पर जा रहे हैं। वह मालदीव की आजादी की 60वीं सालगिरह के जश्न में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। प्रधानमंत्री 25 और 26 जुलाई को मालदीव में रहगें। राष्ट्रपति मुइज्जू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मालदीव आने का न्योता दिया था। अपने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि बनाना इस बात की ओर संकेत करता है कि मालदीव और भारत के रिश्ते फिर से पटरी पर लौट रहे हैं। वहीं मालदीव को अपनी पिछली गलतियों का अहसास भी हो गया है। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। मुक्त व्यापार समझौते से 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 60 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना करने का मार्ग प्रशस्त होगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, मोदी पहले चरण में दो दिवसीय यात्रा पर ब्रिटेन जाएंगे और फिर मालदीव की यात्रा करेंगे। क्यों अहम है पीएम मोदी की यह यात्रा प्रधानमंत्री की 25 से 26 जुलाई तक होने वाली मालदीव यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह द्विपक्षीय संबंधों को पुनः स्थापित करने का प्रतीक है। चीन समर्थक माने जाने वाले मोहम्मद मुइज्जू के नवंबर 2023 में सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव पैदा हो गया था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अपनी यात्रा के पहले चरण में मोदी 23 से 24 जुलाई को ब्रिटेन की यात्रा पर जाएंगे और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर के साथ व्यापक वार्ता करेंगे। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की लंदन यात्रा के दौरान भारत और ब्रिटेन द्वारा मुक्त व्यापार समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किये जाने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन ने समझौते पर हस्ताक्षर करने की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर ली है। मई में भारत और ब्रिटेन ने मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया था, जिससे 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात को टैरिफ से लाभ मिलने की उम्मीद है और इससे ब्रिटिश कंपनियों के लिए भारत में व्हिस्की, कार और अन्य उत्पादों का निर्यात आसान हो जाएगा, साथ ही समग्र व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। यूरोपीय संघ छोड़ने के बाद ब्रिटेन द्वारा किए गए सबसे बड़े मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के साथ-साथ, दोनों पक्षों ने दोहरे योगदान समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। यह भारतीय कामगारों के नियोक्ताओं को ब्रिटेन में सामाजिक सुरक्षा अंशदान देने से छूट प्रदान करता है। अधिकारियों के अनुसार, तीन वर्षों की बातचीत के बाद तय हुए इस व्यापार समझौते से सभी क्षेत्रों में भारतीय वस्तुओं के लिए व्यापक बाजार पहुंच सुनिश्चित होने की उम्मीद है और भारत को लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइन (उत्पाद श्रेणियों) पर टैरिफ हटने से लाभ होगा, जो लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्यों को कवर करेगा। ब्रिटेन सरकार के एक बयान में कहा गया था कि भारतीय टैरिफ में कटौती की जाएगी, जिससे 90 प्रतिशत टैरिफ लाइन में कटौती सुनिश्चित हो जाएगी, तथा इनमें से 85 प्रतिशत एक दशक के भीतर पूरी तरह टैरिफ मुक्त हो जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि एफटीए से द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक वर्तमान 60 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना हो जाएगा। विदेश मंत्रालय ने  दो देशों की यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, स्टॉर्मर के साथ भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण पहलुओं पर व्यापक चर्चा करेंगे, साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन की चौथी यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के महाराजा चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात करने की संभावना है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "यात्रा के दौरान दोनों पक्ष व्यापार और अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों पर विशेष ध्यान देते हुए व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे।" लंदन से मोदी मालदीव जाएंगे। वह मुख्य रूप से 26 जुलाई को मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित होने वाले समारोह में शामिल होंगे। यह मोदी की मालदीव की तीसरी यात्रा होगी तथा नवंबर 2023 में राष्ट्रपति मुइज्जू के पदभार ग्रहण करने के बाद भारतीय शासनाध्यक्ष की पहली यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे और 'व्यापक आर्थिक एवं समुद्री सुरक्षा साझेदारी' के लिए भारत-मालदीव संयुक्त दृष्टिकोण के कार्यान्वयन में प्रगति का जायजा लेंगे। यह संयुक्त दृष्टिकोण पिछले साल अक्टूबर में मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान अपनाया गया था। विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह यात्रा भारत द्वारा अपने समुद्री पड़ोसी, मालदीव को दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है, जो भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति और ‘विजन महासागर’ (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) में एक विशेष स्थान रखता है।” मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा दोनों पक्षों को घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा तथा मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री के स्वदेश आगमन पर खाद्य मंत्री राजपूत ने व्यक्त की खुशी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विदेश यात्रा से लौटने पर खाद्य मंत्री राजपूत ने दी शुभकामनाएं डॉ. यादव की विदेश यात्रा से वापसी पर खाद्य मंत्री ने किया स्वागत, दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री के स्वदेश आगमन पर खाद्य मंत्री राजपूत ने व्यक्त की खुशी डॉ. यादव की वापसी पर मंत्रिमंडल में उल्लास, खाद्य मंत्री ने दी हार्दिक बधाई मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को मिलेंगे नए आयाम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दुबई और स्पेन की सफल विदेश यात्रा के बाद मंगलवार को कैबिनेट बैठक से पूर्व खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। मंत्री राजपूत ने मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि यह यात्रा मध्यप्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच और निर्णायक नेतृत्व से प्रदेश में वैश्विक निवेश के नए द्वार खुलेंगे। राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह ऐतिहासिक यात्रा प्रदेश में औद्योगीकरण को नई गति देगी, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 से 19 जुलाई 2025 तक दुबई और स्पेन के प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने 'ग्लोबल डायलॉग 2025' के तहत मध्यप्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार सृजन को लेकर अनेक वैश्विक कंपनियों और संगठनों से मुलाकाते की। दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड, जेबेल अली फ्री जोन जैसे अंतर्राष्ट्रीय समूहों से मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक चर्चा की। स्पेन में उन्होंने ला लीगा मुख्यालय, यूरोपीय टेक्सटाइल निर्माता संघ और स्पेनिश फिल्म आयोग के अधिकारियों से बैठक कर खेल, पर्यटन और फिल्म उद्योग में संभावनाओं को टटोला। मुख्यमंत्री डॉ यादव की विदेश यात्रा के बाद प्रदेश में 11 हजार करोड़ से अधिक के निवेश की संभावनाएं बनी है, जिससे लगभग 14000 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वैश्विक मंच पर चमकेगा मध्यप्रदेश मंत्री राजपूत ने कहा कि यह यात्रा प्रदेश को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की रणनीतिक पहल से आने वाले समय में प्रदेश में निवेशकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और इससे उद्योग, सेवा, खेल, पर्यटन, टेक्सटाइल व फिल्म सेक्टर में रोजगार और विकास के नए द्वार खुलेंगे। मंत्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सतत विकास की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है। उनकी कार्यशैली और सोच ने प्रदेश को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है।  

कांवड़ यात्रा में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, जितेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में 28 जुलाई को टोलाघाट पहुंचेंगे हजारों शिवभक्त

रायपुर  पवित्र श्रावण मास के तीसरे सोमवार को बोल बम कांवड़ यात्रा समिति, पाटन द्वारा भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा पुराना बाजार पाटन से प्रारंभ होकर टोलाघाट तक जाएगी, जिसमें सैकड़ों शिवभक्त भगवा वस्त्र धारण कर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों के साथ सहभागी बनेंगे। कांवड़ यात्रा को भव्य और दिव्य बनाने के लिए समिति के संयोजक जितेन्द्र वर्मा के मार्गदर्शन में गांव–गांव में बैठकों और तैयारियों का जोर चल रहा है। आज ग्राम सेलूद, पतोरा, पाटन एवं टोलाघाट में बैठक सम्पन्न हुआ। समिति के संयोजक जितेन्द्र वर्मा ने बैठक में यात्रा की रूपरेखा की जानकारी दी और यात्रा को अधिक भव्य, सुरक्षित व अनुशासित रूप देने हेतु विस्तृत चर्चा की गई। पिछले वर्षों की समीक्षा करते हुए इस बार यात्रा में नए उत्साह के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं भक्तिमय वातावरण निर्माण के साथ जल संरक्षण पर विशेष बल दिया गया है। टोलाघाट में प्रसिद्ध सांस्कृतिक एवं भक्तिमय गायिका पायल साहू की संगीतमय प्रस्तुति, जो श्रद्धालुओं को शिवभक्ति में सराबोर करेगी। यात्रा के संयोजक श्री जितेन्द्र वर्मा जी ने कहा कि श्रावण मास में कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी आस्था, एकता और शिवभक्ति का प्रतीक है। यह यात्रा पाटन की पवित्र परंपरा बन चुकी है। मैं सभी शिवभक्तों से अपील करता हूं कि अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस आध्यात्मिक यात्रा को सफल बनाएं। हर हर महादेव की गूंज के साथ हम एक नई ऊर्जा, विश्वास और भक्ति का संचार करेंगे। कांवड़ यात्रा को लेकर जन–जन उत्साहित हैं। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष योगेश निक्की भाले जी,भाजपा पाटन मण्डल अध्यक्ष रानी बंछोर,विनोद साहू,दिलीप साहू,खेमलाल साहू,केशव बंछोर,निशा सोनी,रवि सिन्हा,गिरधर वर्मा,सुरेश निषाद,दिव्या कलिहारी साहू, प्रवीण मढ़रिया,राकेश आडिल,भावना निषाद,विष्णु निषाद,केवल देवांगन,अमित वर्मा,संतराम कुम्भकार,सुनील वर्मा,राजेन्द्र वर्मा,नीलमणी साहू,संतोष घिरवानी,संगीता धुरंधर, चंद्रप्रकाश देवांगन,अन्नपूर्णा पटेल,विनोद बाग,देवेन्द्र ठाकुर,मनोज वर्मा,अनुपम साहू,चन्द्रिका साहू,रेणुका बिजौरा,अवधेश ठाकुर,गुलशन सोनी,कुणाल वर्मा,घनश्याम सोनी,भुनेश्वर साहू,  देवचरण कौशल,  टीकाराम देवांगन , हर प्रसाद आडिल गोरेलाल श्रीवास , सनत वर्मा, चित्र सेन कलिहारी राजीव साहू ,शशिकांत देवांगन ,मनोज साहू ,राधेश्याम साहू ,करण साहू ,हेमचंद ठाकुर , महेंद्र साहू,श्रीमती सरस्वती साहू ,दीपक साहू, डिलेश्वरी साहू ,एकता साहू ,दीप्ति श्रीवास, कमलेश्वरी साहू ,जितेंद्र देवांगन ,लोकेश्वर ठाकुर, देवनारायण ठाकुर,कालेश्वर शुक्ला,रमेश देवांगन,तारेंद्र बंछोर,महेश्वर बंछोर,खेमिन साहू,केवरा साहू,राजू साहू,चंचल यादव,मनेंद्र वैष्णव,अतीस सपहा,रमेश वर्मा,बेनीराम साहू,विकास साहू,तिलेश्वर निषाद,गजेन्द्र निषाद, लवकुश निषाद,लक्ष्मण विनायक सहित शिव भक्त बड़ी संख्या में उपस्थित थे।