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CM डॉ. यादव का मानवीय कदम: सड़क हादसे में घायल छात्रा को एयरलिफ्ट कर भेजा मुंबई इलाज के लिए

CM डॉ. यादव का मानवीय कदम: सड़क हादसे में घायल छात्रा को एयरलिफ्ट कर भेजा मुंबई इलाज के लिए संवेदनशील नेतृत्व की मिसाल: घायल संस्कृति वर्मा को CM यादव ने दिलाया एयर एंबुलेंस से मुंबई में इलाज भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार का परिचय देते हुए इंदौर की सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 17 वर्षीय संस्कृति वर्मा के उपचार की पूरी जिम्मेदारी ली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर शनिवार को उच्च स्तरीय उपचार के लिये संस्कृति वर्मा को एयरलिफ्ट कर मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका विशेष उपचार किया जाएगा। राज्य सरकार उठाएगी उपचार का पूरा खर्च मुख्यमंत्री डॉ.यादव के निर्देश मिलते ही कलेक्टर  शिवम वर्मा के निर्देशन में संस्कृति वर्मा को एयर एम्बुलेंस के माध्यम से मुम्बई भेजने की समुचित व्यवस्था की गयी। भण्डारी हॉस्पिटल से इस बालिका को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से एयरपोर्ट पहुंचाया गया और एयर एम्बुलेंस से मुम्बई के लिये रवाना किया गया। विगत दिनों इंदौर में हुये ट्रक हादसे में संस्कृति वर्मा गंभीर रूप से घायल हुई थीं। उनका उपचार इंदौर के भंडारी अस्पताल में किया जा रहा था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल पहुंचकर संस्कृति वर्मा के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी और चिकित्सकों को हर संभव बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उपचार का पूरा खर्च राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। ईलाज में कोई कोर-कसर नहीं रखी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मानवीय संवेदना को सर्वोपरि रखते हुए संस्कृति वर्मा के उच्च स्तरीय उपचार के लिये एयरलिफ्ट कर मुंबई भेजने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृति वर्मा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।  

शांति से पहले शर्तें पूरी करें: डिप्टी सीएम विजय शर्मा का नक्सलियों को दो टूक जवाब

रायपुर  नक्सलियों की शांति वार्ता से जुड़े पत्र को लेकर छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि, नक्सलियों को सबसे पहले आम जनता की हत्या बंद करनी होगी।जंगलों में लगाए गए IED को हटाकर उसकी सूचना सार्वजनिक करनी होगी। इन दोनों शर्तों को नक्सली मानेंगे, तभी किसी स्तर पर चर्चा की संभावना बन सकती है। इसे सरकार की ठोस शर्त बताते हुए उन्होंने कहा कि, जनता की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दो पत्र जारी हुए नक्सलियों की तरफ से गृहमंत्री ने बताया कि, नक्सलियों का पहला पत्र सामने आया है, वो पोलित ब्यूरो मेंबर का है, जबकि दूसरा पत्र एक जूनियर कैडर का है, जो तेलंगाना से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इन पत्रों में उठाए गए मुद्दे भ्रामक हैं। राज्य सरकार को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। अगर नक्सलियों की नीयत साफ है, तो उन्हें सबसे पहले अपने कदमों से इसे साबित करना होगा। हिंसा और धमकी के रास्ते पर रहते हुए बातचीत का कोई औचित्य नहीं है। कांग्रेस पर साधा निशाना नक्सलियों के पत्र में उठाए सवालों के जवाब में विजय शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय प्रशासन को दबाव में काम करना पड़ा। कई ईमानदार अधिकारी भी उस दौर में फंसाए गए। यही वजह है कि आज जांच में रोज-रोज नए खुलासे हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब कारोबार में बाहरी लोगों को संरक्षण मिला और उससे होने वाला पैसा कांग्रेस भवन तक पहुंचता था। इसी दबाव की राजनीति ने व्यवस्था को चरमराया। लगातार ऑपरेशन चल रहे डिप्टी सीएम ने कहा कि, सरकार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक मोर्चा खोल चुकी है। सुरक्षा बल लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं। विकास को हर गांव तक पहुंचाने की रणनीति पर काम हो रहा है। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटें। शांति की बात करनी है तो पहले बंदूकें नीचे रखनी होंगी। आम जनता की हत्या और IED की डर की राजनीति बंद होनी चाहिए। इसके बाद ही सरकार संवाद पर विचार कर सकती है।

यूपी में त्योहारों की सुरक्षा पर CM योगी का कड़ा रुख, शोहदों को सख्त चेतावनी

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आगामी पर्व और त्योहारों को लोग हर्ष उल्लास के साथ मनाएं आगामी पर्व-त्योहार, लोगों की सुरक्षा, सुविधा का रखें पूरा ध्यान रखा जाए. मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक में आगामी पर्व-त्योहारों के सुचारु आयोजन, स्वच्छता, बेहतर कानून व्यवस्था आदि महत्वपूर्ण विषयों के संबंध में शासन-प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (ज़ोन), समस्त पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक, आदि वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता रही. बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव से त्योहारों के दृष्टिगत उनकी विभागीय तैयारियों के बारे में जानकारी प्राप्त की. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का मिशन शक्ति कार्यक्रम नारी सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन को व्यक्त करता है. शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन आगामी 22 सितंबर से प्रदेशव्यापी मिशन शक्ति 5.0 की शुरुआत होगी. चरणबद्ध रूप से यह अभियान एक माह तक चलेगा. इसके लिए सभी संबंधित विभाग तैयारियां सुनिश्चित करें. लोगों को जागरूक करने के लिए 21 सितंबर को सायंकाल को महिला पुलिसकार्मिकों द्वारा हर जनपद में एक बाइक रैली निकाली जाए. 22 सितंबर से सार्वजनिक स्थलों, बालिका विद्यालयों इत्यादि जगहों पर एंटी रोमियो स्क्वायड द्वारा शोहदों को चिन्हित करते हुए प्रभावी कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला बीट अधिकारी ग्राम पंचायतों में लोगों को महिला सुरक्षा के संबंध में जागरूक करें तथा शासन की योजनाओं की जानकारी भी दें. पिंक बूथ सक्रिय रहें. मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत अच्छा कार्य करने वाली महिलाओं के चिन्हित कर उन्हें प्रदेश व जनपद स्तर पर सम्मानित किया जाए. प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी हर कॉमन मैन को सुरक्षा देने की है. इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, सतत संवाद और सभी वर्गों से मिल रहे सहयोग का ही परिणाम है कि हाल के वर्षों में प्रदेश में सभी पर्व-त्योहार शांति और सौहार्द पूर्ण माहौल में सम्पन्न हो रहे हैं. बीते पर्व-त्योहार पर प्रदेश में सुखद माहौल रहा. इसी तरह आगामी पर्व त्योहारों- पितृ विसर्जन, शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी, गांधी जयंती, लाला बहादुर शास्त्री जयंती, अग्रेसन जयंती, महर्षि वाल्मीकि जयंती, दीपोत्सव, दीपावली और काशी की देव दीपावली और छठ महापर्व जैसे विशेष त्योहारों में बेहतर टीमवर्क और जनसहयोग का यह क्रम सतत जारी रखा जाए. सभी पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति, सुरक्षा और सुशासन के दृष्टिगत यह समय संवेदनशील है. पिछले अनुभवों से सीख लें. पर्व- त्योहारों के इस समय में पुलिस और प्रशासन सहित पूरी टीम यूपी को 24×7 अलर्ट रहना होगा. सभी पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं. पिछले एक माह की गतिविधियों की समीक्षा करें और चिन्हित उपद्रवियों/अराजक तत्वों को पाबंद करें. माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता की जाए. प्रदेश में किसी भी प्रकार का उपद्रव स्वीकार नहीं किया जा सकता. अराजक तत्वों/उपद्रवियों को उनकी भाषा में ही जवाब दिया जाए. फेक न्यूज प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारीगण सोशल मीडिया पर चौकसी बढाएं. फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वाली अफवाह/फेक न्यूज प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए. सोशल व डिजिटल मीडिया के माध्यम से घटनाओं के सही तथ्य समय पर लोगों के सामने लाया जाए. नगर की जरूरत के अनुसार ट्रैफिक प्लान तैयार करें- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि शरारती तत्व दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को अनावश्यक उत्तेजित करने की कुत्सित कोशिश कर सकते हैं, ऐसे मामलों पर नजर रखें. हर नगर की जरूरत के अनुसार ट्रैफिक प्लान तैयार करें. छोटी सी घटना लापरवाही के कारण बड़े विवाद का रूप ले सकती है. ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता आवश्यक है. त्वरित कार्यवाही और संवाद-संपर्क अप्रिय घटनाओं को संभालने में सहायक होती है. किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर बिना विलंब किए, जिलाधिकारी/पुलिस कप्तान जैसे वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे. संवेदनशील प्रकरणों में वरिष्ठ अधिकारी लीड करें. मंदिरों में साफ-सफाई व पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए- सीएम योगी पर्व एवं त्योहारों के दौरान पूरे प्रदेश में स्वच्छ्ता का माहौल हो, इसके लिए नगर विकास और पंचायती राज विभाग द्वारा विशेष प्रयास किए जाएं. लोगों की आस्था का यथोचित सम्मान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि मंदिरों में साफ-सफाई व पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए. साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विद्युत की आपूर्ति रोस्टर के अनुरूप निर्बाध रूप से हो. विभिन्न विभागों से संबंधित संड़कों की मरम्मत व नवीनीकरण निश्चित समय सीमा के अंदर पूरी कर ली जाए. जिससे त्योहारों में लोगों को परेशानी न हो. ट्रॉमा सेवाएं अनवरत रूप से चलती रहनी चाहिए- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, ट्रॉमा सेवाएं अनवरत रूप से चलती रहनी चाहिए. चिकित्सालयों में दवाओं की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में रहे तथा स्नेक वेनम व रैबीज इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित रहे. अतिवृष्टि के कारण बाढ़ से प्रभावित जनपदों में राहत किट व सूखा खाद्य पदार्थ हर जरूरतमंद को प्राप्त हो. जनहानि पर पीड़ित परिवार को 24 घंटे के अंदर मुआवजा दिया जाए. निचले इलाकों में बाढ़ से जिनके घर गिरे हैं उनको उंचे स्थानों पर आवासीय पट्टे दिए जाएं, आवश्यकतानुसार लोगों को आवास की कॉलोनी की व्यवस्था की जाए और यह आवास परिवार की महिला मुखिया के नाम किए जाएं. निराश्रित गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं बेहतर की जाएं. कृषि विभाग सुनिश्चित करे कि किसानों को समय से खाद्य व उर्वरक की उपलब्धता हो. अधिकारी घटनाओं की दैनिक समीक्षा करें- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों में आईजीआरएस, सम्पूर्ण समाधान दिवस और सीएम हेल्पलाइन अथवा प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्रीगणों के स्तर से प्राप्त आम जनता की शिकायतों, आवेदनों के समयबद्ध और संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित किया जाए. अधिकारीगण घटनाओं की दैनिक समीक्षा करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत- विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान के अंतर्गत प्रदेश सरकार द्वारा 300 से अधिक विद्वतजनों को जनपदों में लोगों से संवाद के लिए भेजा गया. इसी प्रकार हर जनपद में पांच से दस विद्वतजनों को चिन्हित कर विकसित भारत- विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के संबंध में सुझावों के लिए कार्य किया … Read more

मोदी का आत्मनिर्भर मंत्र: ‘अब हर चिप और शिप भारत में’, साथ ही खोला सबसे बड़े दुश्मन का राज

भावनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के दौरे पर हैं. इस दौरान भावनगर में उन्होंने 34,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. प्रधानमंत्री ने 'समुद्र से समृद्धि' कार्यक्रम में हिस्सा लिया और जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि 'भारत का सबसे बड़ा दुश्मन दूसरे देशों पर निर्भरता है'. प्रधानमंत्री के गुजरात दौरे से जुड़े सभी अपडेट्स आप यहां देख सकते हैं: -प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब भारत जो भी लक्ष्य तय करता है, उसे समय से पहले पूरा करता है. सोलर क्षेत्र हो या पोर्ट सेक्टर, दोनों में तय लक्ष्य समय से पहले हासिल किए गए हैं. पोर्ट कनेक्टिविटी दोगुनी हो गई है और शिप अराउंड टाइम घटकर सिर्फ एक दिन रह गया है. नए पोर्ट भी तेजी से विकसित किए जा रहे हैं और 2047 तक दुनिया के समुद्री व्यापार में भारत की हिस्सेदारी तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. दुनिया को भारत का सामर्थ्य दिखाना है. इसी दिशा में लोथल में दुनिया का सबसे बड़ा नेशनल मेरीटाइम म्यूजियम बनाया जा रहा है, जिसका मैं स्वयं निरीक्षण करने भी जा रहा हूं. वर्तमान में देश में समुद्र के रास्ते जितना भी कार्गो आता है, उसमें से 40 प्रतिशत गुजरात से होकर आता है. साथ ही, शिप ब्रेकिंग का एक बड़ा इको सिस्टम बन रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार मिल रहा है. विकसित भारत का रास्ता आत्मनिर्भर भारत से होकर ही गुजरता है. उन्होंने सभी देशवासियों से आग्रह किया कि हम जो भी खरीदें वह स्वदेशी हो और जो भी बेचें वह भी स्वदेशी हो. यही भारत की शक्ति है और यही भारत को आत्मनिर्भर बनाएगा. -पीएम मोदी ने कहा, 'देशवासी यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि 75 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 6 लाख करोड़ रुपये हर साल विदेशी शिपिंग कंपनियों को किराए में दिए जाते हैं. यह रकम भारत के रक्षा क्षेत्र के बजट के बराबर है. हमारे पैसों से विदेशों में लाखों नौकरियां बनी हैं. अगर पूर्व सरकारों ने हमारे शिपिंग इंडस्ट्री पर ध्यान दिया होता तो आज दुनिया भारत में बने जहाजों से व्यापार कर रही होती और उसका सीधा लाभ हमारे देश को मिलता. 2047 तक विकसित भारत बनने के लिए आत्मनिर्भर होना ही होगा, इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है. सभी देशवासियों का एक ही संकल्प होना चाहिए कि चाहे चिप हो या शिप, वह भारत में ही बने. इसी सोच के साथ वन नेशन, वन डॉक्यूमेंट और वन नेशन, वन पोर्ट प्रोसेस लागू किया जाना है. भारत को सबसे बड़ी समुद्री शक्ति बनाने के लिए तीन बड़ी योजनाओं पर काम चल रहा है और आने वाले वर्षों में इस पर 70 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे.' -पीएम ने कहा, 'भारत में सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है, लेकिन आजादी के बाद कांग्रेस ने हर सामर्थ्य को नकारा. लंबे समय तक कांग्रेस सरकार ने देश को लाइसेंस-कोटा राज में उलझाए रखा. जब ग्लोबलाइजेशन का समय आया तो देश को आयात तक सीमित कर दिया, जिससे भारी नुकसान हुआ. शिपिंग इंडस्ट्री इसका बड़ा उदाहरण है. कभी भारत का 40% इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट देश में बने जहाजों से होता था. लेकिन कांग्रेस की कुनीतियों का शिकार होकर शिपिंग सेक्टर बर्बाद हो गया. विदेशी जहाजों पर निर्भरता बढ़ाई गई और शिप बिल्डिंग बंद हो गया. नतीजा यह हुआ कि 50 साल पहले जहां 40% व्यापार भारत में बने जहाजों से होता था, वह घटकर केवल 5% रह गया. हमारे व्यापार के लिए हम विदेशी जहाजों पर निर्भर हो गए और उसका देश को बहुत बड़ा नुकसान हुआ.' -प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया. मुंबई के अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल का लोकार्पण भी यहीं से हुआ. भारत आज विश्वबंधु की भावना से आगे बढ़ रहा है. दुनिया में हमारा कोई बड़ा दुश्मन नहीं है. अगर कोई दुश्मन है तो वह है हमारी दूसरे देशों पर निर्भरता. हमें मिलकर इस दुश्मन को हराना है, क्योंकि जितनी ज्यादा विदेशी निर्भरता होगी, उतनी ज्यादा देश की विफलता होगी. दुनिया की शांति के लिए, दुनिया की सबसे बड़ी जनसंख्या वाले देश को आत्मनिर्भर बनना ही होगा. 140 करोड़ देशवासियों के भविष्य को हम दूसरों पर या उनकी निर्भरता पर नहीं छोड़ सकते. भावी पीढ़ी के भविष्य को दांव पर नहीं लगाया जा सकता. 100 दुखों की एक ही दवा है और वह है आत्मनिर्भर भारत. इसलिए हमें चुनौतियों से टकराना होगा और भारत को आत्मनिर्भर बनकर दुनिया के सामने खड़ा होना होगा.' -पीएम मोदी ने कहा, 'विश्वकर्मा जयंती से गांधी जयंती तक पूरे देश में लाखों लोग सेवा पखवाड़ा मना रहे हैं. गुजरात में सैकड़ों जगह ब्लड डोनेशन कैंप लगे, जिसमें 1 लाख लोग ब्लड डोनेट कर चुके हैं. अनेक शहरों में सफाई अभियान चला और हेल्थ कैंप लगे, जिनमें महिलाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखा गया. इन सेवा कार्यों से जुड़े सभी का मैं धन्यवाद करता हूं. आज मैं भावनगर के राजा कृष्णकुमारसिंह जी को याद करता हूं, जिन्होंने सरदार पटेल के एक भारत के संकल्प में सबसे पहले योगदान दिया. नवरात्र का पावन पर्व शुरू होने वाला है और जीएसटी में कमी से बाजार में रौनक बढ़ने वाली है. भावनगर के लोगों से माफी चाहता हूं कि मुझे हिंदी में बोलना पड़ रहा है, क्योंकि देशभर के लोग इस कार्यक्रम से जुड़े हैं.' -पीएम मोदी ने कहा, 'हमारे भावनगर ने आज रंग जमा दिया. सभी जगह सिर्फ मानव समुद्र ही दिख रहा है. इतनी बड़ी संख्या में आप सब आए, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं. ये कार्यक्रम भावनगर में हो रहा है लेकिन यह पूरे देश का कार्यक्रम है. 'समुद्र से समृद्धि' की हमारी दिशा क्या है, इसे समझाने के लिए भावनगर को चुना गया है. 17 सितंबर को आपने अपने नरेंद्र भाई को जो शुभकामनाएं भेजी हैं, और देश-दुनिया से जो प्यार और आशीर्वाद मिला है, वह मेरी असली संपत्ति और ताकत है. इसलिए आज मैं सार्वजनिक रूप से इन शुभेच्छाओं के लिए आपका हृदय से धन्यवाद करता हूं.' –पीएम मोदी ने 'समुद्र से समृद्धि' थीम पर आयोजित प्रदर्शनी का निरीक्षण किया, जिसका उद्घाटन वे स्वयं करेंगे. साथ ही वह कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनकी कुल लागत 34,200 करोड़ रुपये से अधिक … Read more

कर्नाटक में 22 सितंबर से जाति जनगणना प्रारंभ, सरकार ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय

बेंगलुरु  कर्नाटक सरकार ने 22 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच सभी नागरिकों का जाति जनगणना कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सरकार ने अपने आदेश में कहा, ‘प्रस्ताव में दिए गए विवरणों को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया गया है। इसके तहत कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को 22 सितंबर से सात अक्टूबर 2025 तक राज्य के सभी नागरिकों की सामाजिक और शैक्षिक स्थिति पर सर्वेक्षण करने की मंजूरी दी जाती है।’ आदेश में कहा गया कि कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष ने पहले सरकार को पत्र लिखकर उक्त अवधि के दौरान सर्वे कराने की मंशा जताई थी। सरकार ने स्पष्ट किया कि उसने सर्वे की तिथियां तय करने और औपचारिक आदेश जारी करने से पहले प्रस्ताव की सावधानीपूर्वक जांच की थी। इस बीच, शुक्रवार को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 22 सितंबर से शुरू होने वाले आगामी सामाजिक और शैक्षिक सर्वेक्षण की वैधता पर सवाल उठाने वाली जनहित याचिकाओं पर राज्य सरकार से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति अनु शिवरमण और न्यायमूर्ति राजेश राय की खंडपीठ ने आदेश दिया कि याचिकाओं को सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के साथ-साथ भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त को भी नोटिस जारी हुआ। भाजपा ने क्यों जताई आपत्ति इस बीच, भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार जातिगत जनगणना के माध्यम से हिंदू धर्म को बांटने का प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जातिगत जनगणना के दौरान धर्म कॉलम में खुद को हिंदू के रूप में दर्ज करें। हाल ही में वीरशैव-लिंगायत महासभा ने अपने समुदाय के लोगों से अपील की थी कि वे धर्म कॉलम में खुद के लिए वीरशैव-लिंगायत लिखें। यह सर्वे 22 सितंबर से सात अक्टूबर के बीच प्रस्तावित है, जिसकी अनुमानित लागत 420 करोड़ रुपये है। शिकारीपुरा से विधायक विजयेंद्र ने कहा, 'भाजपा के राजनीतिक चिंतन शिविर में हमने संकल्प लिया है कि जातिगत जनगणना के दौरान किसी भी जाति या समुदाय के लोग धर्म कॉलम में केवल हिंदू ही लिखें।'

LPG सिलेंडर पर राहत मिल सकती है! 22 सितंबर से घट सकती हैं कीमतें, GST रेट जानें

नई दिल्ली 3 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया था, जिसमें नए GST Reform को मंजूरी दे दी गई. इस बैठक में 12  और 28 फीसदी GST स्‍लैब को हटाकर सिर्फ दो स्‍लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी को ही रखा गया. फूड आइटम्‍स से लेकर कपड़ा और कार- एसी, टीवी तक की चीजों पर जीएसटी रेट कट किया गया है, जो 22 सितंबर से प्रभावी होंगे.  नए GST Reform से आम जरूरत की ज्‍यादातर चीजें 22 सितंबर से सस्‍ती हो रही हैं. खाने-पीने की चीज से लेकर रोजमर्रा की लगभग हर जरूरी चीज 22 से सस्‍ती हो रही हैं. इसी बीच, लोग एलपीजी सिलेंडर को लेकर भी सर्च कर रहे हैं और ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्‍या LPG सिलेंडर के दाम घटेंगे या नहीं? तो आइए जानते हैं कि एलपीजी पर जीएसटी कितना लगेगा.  अभी कितना जीएसटी लगता है?  सरकार घरेलू सिलेंडर यानी रसोई गैस वाले सिलेंडर और कमर्शियल यूज वाले सिलेंडर पर अलग-अलग जीएसटी रेट लगाती है. घरेलू स‍िलेंडर पर 5% जीएसटी वसूला जाता है तो वहीं कमर्शियल यूज वाले सिलेंडर पर 18% GST लगता है. जीएसटी काउंसिल की तरफ से एलपीजी सिलेंडर पर GST रेट में बदलाव का ऐलान नहीं किया गया है, जिसका मतलब है कि एलपीजी पर जीएसटी नहीं कम होगा.  कमर्शियल सिलेंडर पर क्‍यों 18% जीएसटी?  22 सितंबर से घरेलू और कमर्शियल यूज वाले LPG सिलेंडर के दाम अपरिवर्तित रहेंगे. इनमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं होगा. कमर्शियल एलपीजी पर 18% जीएसटी इसलिए लागू किया गया है, क्‍योंकि ये सिलेंडर व्‍यवसाय के लिए यूज किए जाते हैं, जैसे होटल ओर रेस्‍तरां में कमर्शियल सिलेंडर का यूज होता है.  ये प्रोडक्‍ट्स हो रहे सस्‍ते गौरतलब है कि 3 सितंबर को हुई GST काउंसिल मीटिंग में कई बड़े फैसले की मंजूदी दी गई थी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद के फैसले ने 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से सबसे बड़ा बदलाव किया. काउंसिल ने डेली आवश्यक वस्तुओं (FMCG) और स्वास्थ्य सेवा उत्पादों से लेकर शिक्षा सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कृषि उपकरण, बीमा और ऑटोमोबाइल तक जैसी वस्‍तुओं पर GST रेट को घटा दिया.  सिर्फ तंबाकू जैसे सिन प्रोडक्‍ट्स पर जीएसटी रेट 40 फीसदी करने का ऐलान किया. इसमें इस बार कोल्‍ड ड्रिंग्‍स को भी रखा गया है. सुपर लग्‍जरी कारों पर भी जीएसटी रेट को 40 फीसदी कर दिया गया है. 

बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन से लोगों में बढ़ा सरकार के प्रति विश्वास: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त कर गढ़ेंगे विकास की राह : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन से लोगों में बढ़ा सरकार के प्रति विश्वास: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के संकल्प को पूरा करने राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कर रही है काम रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गुरुवार को सुदर्शन चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में साक्षात्कार के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समाप्त करना, लोगों का विश्वास जीतना और विकास की दिशा में आगे बढ़ना हमारी सरकार के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस उद्देश्य को धरातल पर उतारने के लिए नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को उन्नत बनाने का कार्य कर रही है। अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अनेक गांव पुनः आबाद हो चुके हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। नक्सलियों की गतिविधियों से निर्दोष लोगों की मौत हो रही थी, आम लोगों की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। हमारी सरकार ने नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। सरकार बनने के बाद ज्वाइंट टास्क फोर्स का गठन कर नक्सलवाद को समाप्त करने का प्रयास जारी है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम के आयोजन से लोगों में बढ़ा सरकार के प्रति विश्वास मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बस्तर के लोगों को मिल रहा है। वनांचल में तेंदूपत्ता खरीदी का कार्य सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। नक्सलवादी विचारधारा से लोगों को बाहर निकालकर विकास की धारा में जोड़ने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार लोग शामिल हुए, जिससे यह साबित हुआ कि बस्तरवासी विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी विदेश यात्रा के बारे में बताया कि यह यात्रा अत्यंत सफल रही। जापान में छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से 24 से 31 अगस्त तक हमें राज्य की कला, संस्कृति और संभावनाओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया गया है और उन्हें नई उद्योग नीति से भी अवगत कराया गया है। नई उद्योग नीति में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग की अपार संभावनाएँ हैं। यहाँ प्रचुर प्राकृतिक संपदा उपलब्ध है। आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में भी यहाँ विशाल संभावनाएँ हैं क्योंकि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा वनों से आच्छादित है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विकास हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सहित कई उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना हो चुकी है। मुख्यमंत्री  साय ने लोगों से आग्रह किया कि गायों को लावारिस न छोड़ा जाए। लावारिस पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएँ हो रही हैं। गौवंश की रक्षा करना हम सबका दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोचर भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। विकसित भारत के संकल्प के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा पूरा मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का संकल्प है। यह संकल्प सबकी सहभागिता से ही पूरा होगा और इसे साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ ही अंजोर विजन-2047 (छत्तीसगढ़ विजन) डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य के सर्वांगीण विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि सभी को मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहयोग करना चाहिए।

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

रायपुर : एनएचएम कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त करने का निर्णय स्वागतयोग्य : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात प्रमुख मांगें पूर्ण होने पर संघ ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए वापस ली प्रदेशव्यापी हड़ताल रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी प्रमुख मांगें पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री  साय का आभार जताते हुए प्रदेशव्यापी हड़ताल वापस लिए जाने के निर्णय से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री  साय को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कल से प्रदेशभर में एनएचएम कर्मचारी काम पर लौटेंगे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय और राज्यहित में उठाया गया कदम बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर कर्मचारी को अपने परिवार का हिस्सा मानती है और उनकी जायज़ मांगों के प्रति सदैव संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि जनता का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार ने सदैव इस दिशा में ठोस पहल की है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों के इस निर्णय से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ और मज़बूत होंगी तथा जनता को उत्कृष्ट और सुलभ चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ एक और बेहतर, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होगा। उल्लेखनीय है कि एनएचएम कर्मचारी अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर गए थे। राज्य सरकार ने इनमें से चार मांगों को पूरा कर दिया है। तीन अन्य मांगों पर समिति गठित कर कार्यवाही प्रारंभ की गई है, जबकि संविलयन, पब्लिक हेल्थ केडर और आरक्षण संबंधी मांगों पर भारत सरकार से निर्णय लिया जाना है। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पहल पर हड़ताल समाप्त होने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक कर्मचारी परिवार का सदस्य है और एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर राज्यहित में सराहनीय निर्णय लिया है। इस अवसर पर विधायक  किरण देव, छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ से डॉ अमित मिरी, डॉ रविशंकर दीक्षित,  पूरन दास,  कौशलेश तिवारी,  हेमंत सिन्हा,  दिनेश चंद्र,  संतोष चंदेल,  प्रफुल्ल पाल, डॉ देवकांत चतुर्वेदी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

प्रमुख ग्लोबल शूटिंग हब के रूप में स्थापित हो रहा मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ऑस्कर नॉमिनेशन ने बढ़ाया प्रदेश का मान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल और आस पास के क्षेत्रों में की गई फिल्म ‘होमबाउंड’ की पूरी शूटिंग वर्ष 2024 में फिल्म लापता लेडीज पहुंची थी ऑस्कर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा मंच पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। वैश्विक स्तर पर सराही गई फिल्म 'लापता लेडीज' के बाद, अब राज्य में शूट हुई फीचर फिल्म 'होमबाउंड' को 98वें अकादमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर 2026) की बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चयनित किया गया है। गतवर्ष फिल्म लापता लेडीज को भी ऑस्कर के लिए नॉमिनेट किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर फिल्म की पूरी टीम को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे प्रदेश में शूट हुई फिल्म होमबाउंड को ऑस्कर के लिए चुना गया है। यह न केवल फिल्म जगत के लिए, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए एक अभूतपूर्व गौरव का क्षण है। मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति-2025 ने सिंगल विंडो सिस्टम, पारदर्शी प्रक्रिया और अनुमतियों को कम एवं सरल कर फिल्मांकन को आसान बनाया है। साथ ही आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन भी उपलब्ध कराए हैं। होमबाउंड का मध्यप्रदेश में फिल्माया जाना और उसका अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश तेजी से एक प्रमुख ग्लोबल शूटिंग हब के रूप में स्थापित हो रहा है। यह सफलता हमारे प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और कला के प्रति समर्पण को दर्शाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के उन सभी युवा फिल्म निर्माताओं के लिए प्रेरणा बनेगी जो अपने सपनों को पंख देना चाहते हैं। फिल्म होमबाउंड का चयन भारतीय सिनेमा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है, जो मध्यप्रदेश की कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि होमबाउंड ऑस्कर में भी शानदार सफलता हासिल करेगी और भारत के साथ मध्यप्रदेश का नाम रोशन करेगी। फिल्म होमबाउंड की पूरी शूटिंगवर्ष 2024 में एक बड़ा हिस्सा मध्यप्रदेश के भोपाल और आसपास के क्षेत्र में प्राकृतिक, सांस्कृतिक और शहरी परिवेश में शूट किया गया है। फिल्म की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा राज्य की फिल्म अनुकूल नीतियों और फिल्म की कहानी के अनुसार उपयुक्त लोकेशनों की सफलता का प्रमाण है। गौरतलब है कि होमबाउंड फिल्म, धर्मा प्रोडक्शन के बैनर तले बनी है। मध्यप्रदेश में शूट होने वाली यह उनकी 5वीं फिल्म है। फिल्म के निर्माता करण जौहर हैं। निर्देशक  नीरज घेवान हैं। इससे पहले उनके निर्देशन में बनी “मसान” फिल्म को भी दर्शकों ने खूब सराहा था। 'होमबाउंड' में कलाकार ईशान खट्टर, विशाल जेठवा और जान्हवी कपूर मुख्य भूमिका में हैं।   नई टूरिज्म पॉलिसी ने फिल्मांकन किया आसान मध्यप्रदेश की नई फिल्म टूरिज्म पॉलिसी ने निर्माता–निर्देशकों का काम आसान किया है। सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान हुई है, वहीं सब्सिडी से निर्माता–निर्देशकों को प्रोत्साहन मिला है। मध्यप्रदेश की फिल्म टूरिज्म पॉलिसी के बाद प्रदेश में 350 से अधिक फिल्में और वेबसीरीज शूट हो चुकी हैं। अब तक 12 हिंदी फिल्में, 1 तेलुगु फिल्म और 6 वेब सीरीज को 24 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय अनुदान दिया जा चुका है। भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” के अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है।  

भारत की जीत की हैट्रिक पूरी, ओमान को हराकर अब पाकिस्तान से बड़ी भिड़ंत

दुबई   एशिया कप 2025 का आखिरी ग्रुप स्टेज मुकाबला भारत और ओमान के बीच खेला गया. अबु धाबी में खेले गए इस मैच में भारत ने 21 रनों से जीत हासिल की और एशिया कप में जीत की हैट्रिक लगाई. टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया था. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने संजू की फिफ्टी के दम पर ओमान के सामने 189 रनों का लक्ष्य रखा था. इसके जवाब में उतरी ओमान की टीम ने भी अच्छी बल्लेबाजी की 167 तक का स्कोर बना लिया. भारत ने अपनी प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए थे. बुमराह और वरुण चक्रवर्ती को आराम दिया दिया गया था. उनकी जगह अर्शदीप और हर्षित राणा टीम में थे. वहीं, इस मैच में अर्शदीप ने कमाल किया और अपना 100वां टी20 विकेट पूरा किया. बता दें कि टीम इंडिया इस मुकाबले से पहले ही सुपर-4 में जगह बना चुका था. 21 सितंबर को भारत की भिड़ंत पाकिस्तान से है. वहीं, ओमान का सफर अब खत्म हो चुका है. उसे अपने तीनों मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है. ऐसी रही ओमान की पारी 189 रनों के जवाब में उतरी ओमान की शुरुआत बेहद शानदार रही. जतिंदर सिंह और आमिर कलीम ने तेज गेंदबाजों की जमकर खैर ली. दोनों ने 7वें ओवर में स्कोर 50 के पार पहुंचा दिया. लेकिन 9वें ओवर में कुलदीप यादव ने ओमान को पहला झटका दिया. जतिंदर सिंह 32 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन इसके बाद कलीम और हम्माद मिर्जा के बीच कमाल की साझेदारी हुई. कलीम ने केवल 38 गेंदों में फिफ्टी लगाई. वहीं मिर्जा ने भी उनका बखूबी साथ दिया. भारत ने 8 गेंदबाजों को लगाया लेकिन भारतीय गेंदबाज विकेट को तरस गए. दोनों के बीच 93 रनों की साझेदारी हुई. आखिरकार हर्षित राणा ने इस साझेदारी को तोड़ा और कलीम 64 रन बनाकर आउट हुए. आखिरकार ओमान की टीम 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 167 रन ही बना सकी. ऐसे रही भारत की बल्लेबाजी टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे ओवर में ही शुभमन गिल अपना विकेट गंवा बैठे और शाह फैसल ने उन्हें बोल्ड किया. गिल के बल्ले से केवल 5 रन ही आए. लेकिन इसके बाद संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने भारतीय पारी को संभाला और 4 ओवर में भारत का स्कोर 30 रन तक पहुंचा दिया. लेकिन 38 रन बनाकर अभिषेक शर्मा का विकेट गिर गया. इसके बाद हार्दिक पंड्या भी आठवें ओवर में रन आउट हो गए. अक्षर पटेल ने पारी को संभालने की कोशिश की. 13 गेंद में 26 रन बनाए लेकिन अपना विकेट गंवा बैठे. इसके बाद 14वें ओवर में शिवम दुबे भी अपना विकेट गंवा बैठे. दुबे के बल्ले से केवल 5 रन आए. इसके बाद संजू सैमसन ने फिफ्टी लगाई. लेकिन 18वें ओवर में वह आउट हो गए. तिलक वर्मा अच्छी लय में दिख रहे थे. लेकिन 19वें ओवर में वो अपना विकेट गंवा बैठे. 18 गेंदों में उन्होंने 29 रन बनाए. भारत ने ओमान के सामने 189 रनों का लक्ष्य रखा. पाकिस्तान को फिर कप्तान सूर्या ने दिखाए तेवर, ओमान के प्लेयर्स को भी लगाया गले कप्तान सूर्यकुमार यादव ने शुक्रवार को ओमान पर जीत के बाद पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन में एक बार फिर पाकिस्तान को तेवर दिखाए और उन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज किया. इस मैच में भारत ने ओमान को 21 रनों से हराकर सुपर-4 चरण में प्रवेश किया. भारत ने ग्रुप-ए में यूएई, पाकिस्तान और ओमान पर लगातार जीत दर्ज कर शीर्ष स्थान हासिल किया. सुपर-4 में भारत  रविवार को दुबई में एक बार फिर अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान का सामना करेगा.  अगले मुकाबले से पहले सूर्यकुमार से पूछा गया कि क्या टीम हाई-वोल्टेज भिड़ंत के लिए तैयार है. हालांकि, भारत के कप्तान ने पाकिस्तान का नाम लेने से परहेज़ किया और कहा कि वे सुपर-4 में किसी भी टीम से भिड़ने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, 'सुपर फोर के लिए पूरी तरह तैयार हैं.' ओमान के खिलाड़ियों से मिले गले, खूब ठहाके लगाए पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए मैच में हैंडशेक विवाद सुर्खियों में आया था, जहां टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के साथ हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था. लेकिन ओमान के खिलाफ मैच के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने साथ मिलकर खूब मस्ती की. सूर्या ने ओमान बल्लेबाजों की तारीफ की और उन्हें गले भी लगाया. टीम इंडिया के खिलाड़ी ओमान प्लेयर्स को क्रिकेट के टिप्स भी देते दिखे. ये नजारा देखकर सोशल मीडिया पर लोग पाकिस्तान की मौज ले रहे हैं. यूजर्स का कहना है कि भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान का ही बायकॉट किया है और बाकी हर मैच में खेल भावना का परिचय दे रहे हैं.