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गैस सिलेंडर के लिए अब शादी कार्ड नहीं, गारंटी के आधार पर मिलेगा, कंपनियों के नए नियम

भोपाल   एक तरफ जहां अक्षय तृतीया के साथ साथ देशभर में शादियों का सीजन चल रहा है तो वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के भोपाल जिले में शादी समारोह में भोजन के लिए उपयोग होने वाले कमर्शियल सिलेंडर के नियम में गैंस कंपनियों के साथ-साथ खाद्य विभाग ने एक बार फिर बड़ा बदलाव कर दिया है। दो दिन पहले ही कंपनियों द्वारा तय किए गए शादी कार्ड के नियम को निरस्त करते हुए अब कैटर्स की शादी पर बुकिंग के आधार पर उन्हीं के हवाले से कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति करने का फैसला लिया गया है। मुख्य तौर पर खाद्य विभाग ने पिछली व्यवस्था में बदलाव करते हुए नई व्यवस्था को प्रभावी किया है। आपको बता दें कि, दो दिन पहले ही गैस कंपनियों ने शादी कार्ड दिखाने के साथ सिलेंडर की गारंटी के तौर पर 4400 रुपए जमा करने पर कमर्शियल गैस सिलेंडर आपूर्ति करने के नियम जारी किए थे। बावजूद इसके एजेंसियों पर स्टॉक की समस्या आने लगी, जिससे लोगों को अधिक परेशान होना पड़ा, जिसके चलते शनिवार को एक बार फिर व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पहले गैस कंपनियों ने जारी किया था ये नियम बता दें कि, गैस कंपनियों ने पहले एजेंसियों को निर्देश दिए थे कि, सभी संचालक विवाह समारोह के लिए उपभोक्ताओं द्वारा शादी कार्ड दिखाने पर दो कमर्शियल सिलिंडर दे सकते हैं। इसके लिए उपभोक्ता को दो सिलेंडरों का रिफिलिंग शुल्क 3700 रुपए देने के साथ-साथ सिलेंडरों की गारंटी के तौर पर 4400 रुपए शुल्क जमा करना होगा। साथ ही, ये निर्देश भी दिए कि, आयोजन के अगले दिन तक सिलेंडर एजेंसी में जमा कराने होंगे, इसके बाद गारंटी शुल्क लौटा दिया जाएगा। उपभोक्ता के पत्र पर खाद्य विभाग का एक्शन लेकिन शुक्रवार को ही जब उपभोक्ता एजेंसियों पर पहुंचे तो उन्हें सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं हो सकी। इसके चलते किसी उपभोक्ता द्वारा खाद्य विभाग में पत्र लिखकर सिलेंडर की व्यवस्था कराने की मांग की थी। इस पर विभाग में अधिकारियों ने चर्चा कर गैस एजेंसियों को समस्या से अवगत कराया। इसके बाद खाद्य विभाग और गैस कंपनियों ने मिलकर सिलेंडरों की सुलभ आपूर्ति के लिए संयुक्त नियम बनाया है। अब कैटर्स के जरिए होगी कमर्शियल सिलेंडर की बुकिंग बताया जा रहा है कि, अब शादी समारोह के लिए व्यावसायिक सिलेंडर एजेंसी से कैटर्स द्वारा ही लिए जा सकेंगे। इसके लिए शादी समारोह के लिए कैटर्स की बुकिंग करने पर वो अपने कनेक्शन पर एजेंसी से सिलेंडर बुक कर सकेंगे। इससे खाली सिलिंडर के बदले में एजेंसी उसे तय समय पर आपूर्ति करेगी, जिससे लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। कैटर्स ही बुक करेंगे सिलेंडर मामले को लेकर जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन का कहना है कि, अब शादी समारोह में भोजन व्यवस्था में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल सिलेंडर शादी कार्ड के बजाए कैटर्स की प्रोग्राम बुकिंग की गारंटी लगानी होगी। इसके बाद आयोजनकर्ता के बजाए सिलेंडर कैटर्स के नाम से बुक कराना होगा।

मुंबई में LPG किल्लत से बढ़ी चिंता: कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकी, डीलर्स ने बताए कारण

मुंबई ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले की वजह से मुंबई में एलपीजी कुकिंग गैस की कमी हो गई है। जंग के चलते मुंबई में एलपीजी सप्लाई में रुकावट आई है, जिस वजह से लोगों को कुकिंग गैस की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। शहर में रिफिल बुक करने के बाद इंतजार का समय अब दो से लेकर आठ दिनों तक हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डीलरों का कहना है कि होटल और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह से रुक गई है। इस वजह से अब खाने-पीने की जगहों पर मुश्किलें आ सकती हैं। मुंबई में सोमवार सुबह से ही बुकिंग में कई गुना बढ़ोतरी होने से पैनिक बाइंग पहले से ही दिख रही थी। इसके साथ ही जिन परिवारों के पास दो सिलेंडर थे, वे तुरंत डीलर आउटलेट पर रीफिल बुकिंग कराने के लिए दौड़ पड़े। ‘25 दिन बाद ही बुक होगा नया रिफिल’ एक डीलर ने बताया कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के एक नए नोटिफिकेशन में कहा गया है कि घरेलू ग्राहक एक सिलेंडर मिलने के 25 दिन बाद ही नया रिफिल बुक कर सकते हैं। डीलर ने बताया कि यह पिछले हफ्ते जैसा नहीं है, जब आप एक या दो दिन में अगला सिलेंडर बुक कर सकते थे। उन्होंने बताया कि कम से कम घरेलू 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर अभी भी उपलब्ध है। उन्होंने आगे बताया कि रविवार से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दी गई है। इससे उन होटलों और रेस्टोरेंट के लिए संकट पैदा हो जाएगा जो ये बड़े सिलेंडर खरीदते हैं। लोगों को करना पड़ रहा सिलेंडर के लिए इंतजार     ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले के चलते मुंबई में एलपीजी कुकिंग गैस की कमी     रिफिल बुक करने के बाद अब लोगों को करना पड़ रहा दो से लेकर आठ दिन तक का इंतजार     होटल और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाली कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह से रुकी डीलर्स ने बताया- बढ़ सकती है ब्लैक मार्केटिंग एलपीजी डीलर्स का कहना है कि होटल और दूसरी कमर्शियल जगहों को ब्लैक मार्केट से घरेलू सिलेंडर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यह गैर-कानूनी होने के साथ-साथ खतरनाक भी है। एक डीलर ने बताया कि मेरा सुझाव है कि अगर जरूरी हो तो सरकार होटल के मालिकों से ज्यादा कीमत ले, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर देना जारी रखे। उन्होंने आगे बताया कि वैसे भी रविवार को कमर्शियल और घरेलू दोनों सिलेंडर की कीमतों में एक के बाद एक 115 रुपये और 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहे परिवारों के लिए राहत, यूपी सरकार की योजना

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहे 19,225 परिवारों को राशन कार्ड तथा रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसके तहत परिवार के मुखिया के नाम से जारी राशन कार्ड और आधार कार्ड का मिलान कराया जा रहा है। साथ ही ऐसे परिवारों की पहचान की जा रही है, जो आज भी लकड़ी अथवा अन्य परंपरागत ईंधन से भोजन पकाने को मजबूर हैं। पिछले सात दिनों में 7,873 परिवारों की जांच पूरी की जा चुकी है। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि इनमें से कई परिवारों को पूर्व में उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन प्रदान किया जा चुका है। जीरो पावर्टी लाइन के तहत सर्वेक्षण जीरो पावर्टी लाइन अभियान के अंतर्गत जिला पूर्ति कार्यालय द्वारा उज्ज्वला योजना से वंचित परिवारों का सत्यापन किया जा रहा है। सर्वेक्षण में सबसे अधिक 2,093 परिवार परशुरामपुर ब्लॉक में चिन्हित किए गए हैं, जबकि सबसे कम 842 परिवार कप्तानगंज ब्लॉक में पाए गए हैं। बनकटी ब्लॉक में 1,500, बस्ती सदर में 1,584, बहादुरपुर में 1,371 तथा दुबौलिया ब्लॉक में 1,022 परिवार चिन्हित हुए हैं। इसी तरह गौर में 1,618 और हर्रैया में 1,201 परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहे हैं। अन्य ब्लॉकों में भी एक हजार से अधिक ऐसे परिवार पाए गए हैं। सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा सरकार का उद्देश्य इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना, विकलांग पेंशन, निराश्रित पेंशन, वृद्धा पेंशन तथा उज्ज्वला गैस योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर मुख्यधारा में लाना और गरीबी के आंकड़ों को समाप्त करना है। पात्र परिवारों को राशन कार्ड भी उपलब्ध कराए जाएंगे। सर्वेक्षण के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि संबंधित परिवार के मुखिया के नाम से पहले कोई गैस कनेक्शन न जारी हुआ हो और परिवार खाना पकाने के लिए लकड़ी अथवा अन्य ठोस ईंधन का उपयोग करता हो। इसके आधार पर टीम पात्र और अपात्र परिवारों का चिन्हांकन कर रही है। आधार और राशन कार्ड का ऑनलाइन मिलान जिला पूर्ति अधिकारी विमल शुक्ल ने बताया कि जीरो पावर्टी लाइन में चिन्हित उज्ज्वला योजना से वंचित परिवारों के राशन कार्ड और आधार कार्ड का ऑनलाइन मिलान कराया जा रहा है। पात्र पाए गए परिवारों को शासन की मंशा के अनुरूप खाद्यान्न तथा उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।  

LPG सिलेंडर पर राहत मिल सकती है! 22 सितंबर से घट सकती हैं कीमतें, GST रेट जानें

नई दिल्ली 3 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया था, जिसमें नए GST Reform को मंजूरी दे दी गई. इस बैठक में 12  और 28 फीसदी GST स्‍लैब को हटाकर सिर्फ दो स्‍लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी को ही रखा गया. फूड आइटम्‍स से लेकर कपड़ा और कार- एसी, टीवी तक की चीजों पर जीएसटी रेट कट किया गया है, जो 22 सितंबर से प्रभावी होंगे.  नए GST Reform से आम जरूरत की ज्‍यादातर चीजें 22 सितंबर से सस्‍ती हो रही हैं. खाने-पीने की चीज से लेकर रोजमर्रा की लगभग हर जरूरी चीज 22 से सस्‍ती हो रही हैं. इसी बीच, लोग एलपीजी सिलेंडर को लेकर भी सर्च कर रहे हैं और ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्‍या LPG सिलेंडर के दाम घटेंगे या नहीं? तो आइए जानते हैं कि एलपीजी पर जीएसटी कितना लगेगा.  अभी कितना जीएसटी लगता है?  सरकार घरेलू सिलेंडर यानी रसोई गैस वाले सिलेंडर और कमर्शियल यूज वाले सिलेंडर पर अलग-अलग जीएसटी रेट लगाती है. घरेलू स‍िलेंडर पर 5% जीएसटी वसूला जाता है तो वहीं कमर्शियल यूज वाले सिलेंडर पर 18% GST लगता है. जीएसटी काउंसिल की तरफ से एलपीजी सिलेंडर पर GST रेट में बदलाव का ऐलान नहीं किया गया है, जिसका मतलब है कि एलपीजी पर जीएसटी नहीं कम होगा.  कमर्शियल सिलेंडर पर क्‍यों 18% जीएसटी?  22 सितंबर से घरेलू और कमर्शियल यूज वाले LPG सिलेंडर के दाम अपरिवर्तित रहेंगे. इनमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं होगा. कमर्शियल एलपीजी पर 18% जीएसटी इसलिए लागू किया गया है, क्‍योंकि ये सिलेंडर व्‍यवसाय के लिए यूज किए जाते हैं, जैसे होटल ओर रेस्‍तरां में कमर्शियल सिलेंडर का यूज होता है.  ये प्रोडक्‍ट्स हो रहे सस्‍ते गौरतलब है कि 3 सितंबर को हुई GST काउंसिल मीटिंग में कई बड़े फैसले की मंजूदी दी गई थी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद के फैसले ने 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से सबसे बड़ा बदलाव किया. काउंसिल ने डेली आवश्यक वस्तुओं (FMCG) और स्वास्थ्य सेवा उत्पादों से लेकर शिक्षा सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कृषि उपकरण, बीमा और ऑटोमोबाइल तक जैसी वस्‍तुओं पर GST रेट को घटा दिया.  सिर्फ तंबाकू जैसे सिन प्रोडक्‍ट्स पर जीएसटी रेट 40 फीसदी करने का ऐलान किया. इसमें इस बार कोल्‍ड ड्रिंग्‍स को भी रखा गया है. सुपर लग्‍जरी कारों पर भी जीएसटी रेट को 40 फीसदी कर दिया गया है.