samacharsecretary.com

शारदीय नवरात्रि में खास योग, रवि-अमृत और सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ मां दुर्गा का भव्य आगमन

इस साल शारदीय नवरात्रि बेहद खास रहने वाली है। आमतौर पर नवरात्रि 9 दिनों की होती है, लेकिन 2025 में यह पर्व पूरे 10 दिनों तक चलेगा। यह अद्भुत संयोग करीब 9 साल बाद बन रहा है। ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास बताते हैं कि इस बार नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक चलेगी। खास बात यह है कि इस बार तृतीया तिथि की वृद्धि हुई है, जिसकी वजह से नवरात्रि में एक अतिरिक्त दिन जुड़ गया है। किस देवी की होगी दो दिन पूजा? तृतीया तिथि दो दिन होने से इस बार मां चंद्रघंटा की पूजा लगातार 24 और 25 सितंबर को होगी। यानी भक्तों को मां के तृतीय स्वरूप की उपासना के लिए दो दिन का अवसर मिलेगा। नवरात्रि में वैसे तो नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री। लेकिन इस साल भक्तों को एक अतिरिक्त दिन का सौभाग्य मिलेगा। नवरात्र में नौ दिन शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी चंद्रघंटा कूष्मांडा स्कंदमाता कात्यायनी कालरात्रि महागौरी सिद्धिदात्री नौ देवियों की पूजा हाेती हैं। 10 विधाओं में काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छित्रमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी, और कमला की आराधना करते हैं। मंदिर में होगा श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन शारदीय नवरात्रों के अवसर पर श्री दुर्गा कीर्तन महिला मंडल रानियां की ओर से श्री दुर्गा कीर्तन मंदिर में श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। मंदिर कमेटी उप प्रधान संजय आहूजा ने बताया कि 22 सितंबर को कथा का प्रारंभ होगा और 30 सितंबर तक चलेगी। कथा का समय शाम 5 बजे से 7 बजे तक रहेगा। रवि, अमृत व सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग संकल्प विशेष की साधना के लिए योग-संयोग का बड़ा महत्व होता है। इस बार नवरात्रि पर्व के दौरान रवि योग, अमृत सिद्धियोग, सर्वार्थ सिद्धि योग सभी रात्रि में आएंगे जो साधना उपासना की दृष्टि से विशेष माने जाते हैं। 24 व 25 सितंबर की मध्य रात में अमृत सिद्धियोग व रवि योग बनेगा। 26 और 27 सितंबर को रवि योग और 28 सितंबर को सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि जब बढ़ते क्रम में हो तो वह शुभ मानी जाती है। इस दौरान आदि शक्ति की कृपा प्राप्त करने के लिए उपासना करनी चाहिए। मां दुर्गा का आगमन हाथी पर नवरात्रि के प्रारंभ में मां दुर्गा किस वाहन पर आती हैं, यह भी बहुत शुभ संकेत देता है। इस बार नवरात्रि की शुरुआत रविवार से हो रही है, और मान्यता है कि जब नवरात्रि रविवार या सोमवार से शुरू होती है तो मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। हाथी को समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इसका मतलब है कि इस साल नवरात्रि देश और समाज में सुख-समृद्धि और उन्नति लेकर आएगी। नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त अमृत मुहूर्त : सुबह 6:19 से 7:49 बजे तक शुभ मुहूर्त : सुबह 9:14 से 10:49 बजे तक अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:55 से 12:43 बजे तक  कलश स्थापना का विशेष महत्व है। इसे घट स्थापना भी कहते हैं, और इसी से नवरात्रि व्रतों की शुरुआत होती है। सही समय पर की गई कलश स्थापना को मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने का मुख्य साधन माना जाता है। क्यों है यह नवरात्रि खास? इस बार 9 नहीं बल्कि पूरे 10 दिन तक मां दुर्गा की पूजा होगी। खासकर मां चंद्रघंटा की उपासना दो दिन तक करने का यह अद्वितीय संयोग भक्तों को दुगुना आशीर्वाद देगा। इसके साथ ही 2 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) मनाकर नवरात्रि का समापन होगा। शारदीय नवरात्रि तिथि     22 सितंबर, सोमवार : प्रतिपदा तिथि     23 सितंबर, मंगलवार : द्वितीय तिथि     24 सितंबर, बुधवार : तृतीया तिथि     25 सितंबर, गुरुवार : तृतीया तिथि     26 सितंबर, शुक्रवार : चतुर्थी तिथि     27 सितंबर, शनिवार : पंचमी तिथि     28 सितंबर, रविवार : षष्ठी तिथि     29 सितंबर, सोमवार : सप्तमी तिथि     30 सितंबर, मंगलवार : अष्टमी तिथि     01 अक्टूबर, बुधवार : नवमी तिथि     02 अक्टूबर, गुरुवार : दशहरा हरसिद्धि मंदिर में नवरात्रि में नहीं होगी शयन आरती देश के 52 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में नवरात्रि पर्व की तैयारी हो गई है। देवी आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से शुरू होगा। शक्ति पीठ हरसिद्धि मंदिर में परंपरा अनुसार नवरात्र के दौरान मंदिर में शयन आरती नहीं होती है। वहीं मंदिर के गर्भगृह में दर्शनार्थियों का प्रवेश बंद रहेगा। शहर में देवी के प्रसिद्ध मंदिर गढ़कालिका माता मंदिर, हरसिद्धि मातामंदिर व भूखी माता मंदिर में नवरात्रि में प्रतिदिन भक्तों के सहयोग से मंदिर के आंगन में लगी दीप मालिका प्रज्ज्वलित की जाएगी। 10 दिन रहेगी गरबों की धूम शारदीय नवरात्रि पर्व इस बार 10 दिन होने से शहर में गरबा पंडालों में दस दिन गरबा आयोजन होगा। शहर में कई स्थानों पर गरबा पंडाल बनाए गए हैं। कुछ बड़े मैदान में बने पंडाल पर भी नवरात्रि पर्व के दौरान गरबा का आयोजन प्रतिदिन होगा। गरबा प्रशिक्षण का दौर पिछले 15 दिनों से कई स्थानों पर चल रहा है।

मध्यप्रदेश को मिलेगा सड़क विकास का बड़ा तोहफा, 2 लाख करोड़ में सुधरेंगी 35,000 KM सड़कें

भोपाल   प्रदेश में करीब ढाई करोड़ की आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है। राज्य में लगभग 35 हजार किलोमीटर सड़कें हैं। शहर की सड़कें हाइवेज से अलग हैं। उन पर यातायात का काफी दबाव होता है। इसलिए जरूरी है कि नगरीय सड़कों को बेहतर गुणवत्ता के साथ बनाया जाए। नगरीय विकास विभाग अगले 5 वर्षों में 2 लाख करोड़ से सड़क विकास के काम कराएगा। यह जानकारी आयुक्त नगरीय प्रशासन संकेत भोंडवे ने  सस्टेनेबल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर पर आयोजित कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा, इंजीनियर्स सड़क निर्माण तकनीकों को समझें, इसलिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 600 इंजीनियर्स जुड़े सड़क निर्माण तकनीक पर आधारित कार्यशाला में प्रदेशभर की निकायों के 600 इंजीनियर्स जुड़े। इसमें आइआइटी इंदौर और रुड़की के अलावा अन्य रिसर्च इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों ने सड़क की गुणवत्ता को लेकर नई तकनीकों और सुधार पर जानकारी दी। शहर में बिछेगा नया सीवेज नेटवर्क वहीं बारिश में पूरा भोपाल शहर जल प्लावन ग्रस्त होने के बाद नगर निगम ने शहर में नया सीवेज नेटवर्क बिछाने के लिए 545 करोड रुपए का फंड मंजूर किया है। इससे नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाए जाएंगे ताकि बड़ा तालाब, छोटा तालाब, शाहपुरा झील जैसे जल स्रोत में गंदा पानी मिलने से बचाया जा सके। गुरुवार को महापौर परिषद की बैठक में यह प्रस्ताव मंजूर किया गया है।

कंडोम यूज़ में कौन है एशिया का नंबर वन – भारत या चीन? जानें दिलचस्प आंकड़े

नई दिल्ली मेडिकल स्टोर में आपने अक्सर देखा होगा कि कंडोम का पैकेट दुकान की ऐसी जगह पर रखा होता है, जहां वह आसानी से दिख जाए. वजह साफ है-'कंडोम'. ये शब्द बोलने में लोग आज भी हिचकिचाते हैं. समाज में अक्सर यह शब्द खुलकर नहीं लिया जाता. दुकानदार भी इस मनोविज्ञान को समझते हैं और इसलिए पैकेट को सामने रखते हैं ताकि लोगों को खरीदने में कम परेशानी हो. लेकिन यह वही कंडोम है, जिसका नाम लेने में लोग झिझकते हैं, और जिसका कारोबार आज दुनिया भर में अरबों का है. एशिया में तो इसका मार्केट लगातार बढ़ रहा है. आंकड़ों पर जाने से पहले ज़रूरी है कि कंडोम के इतिहास पर एक नजर डाली जाए. कंडोम का इतिहास कंडोम का जिक्र हजारों साल पुराना है. माना जाता है कि करीब 5000 साल पहले यहूदी पौराणिक कथाओं में राजा मिनोस की कहानी में बकरी के मूत्राशय का इस्तेमाल सुरक्षा के तौर पर किया गया था. प्राचीन मिस्र में भी लोग प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करते थे, जबकि प्राचीन रोम में बकरियों और भेड़ों के मूत्राशय और आंतों से बने कंडोम काफी प्रचलित थे. 1920 में आई क्रांति हालांकि असली बदलाव 1920 में लेटेक्स की खोज के साथ आया. इसके बाद कंडोम आसानी से बनने लगे, ज़्यादा टिकाऊ और सुरक्षित हो गए. यही वजह है कि आज कंडोम दुनिया का सबसे सुलभ और भरोसेमंद गर्भनिरोधक साधन माना जाता है. यह न सिर्फ यौन संचारित रोगों से बचाता है, बल्कि जनसंख्या नियंत्रण में मदद करता है और महिलाओं को आजादी देता है. एशिया का कंडोम मार्केट इंडेक्स बॉक्स एक मार्केट रिसर्च और डेटा एनालिटिक्स कंपनी है.यह प्रोडक्ट्स और इंडस्ट्रीज पर बाजार विश्लेषण, ट्रेंड्स, खपत, उत्पादन, इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट डेटा और भविष्य के अनुमान जारी करती है. हाल ही में इंडेक्स बॉक्स ने एशिया के कंडोम मार्केट पर रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें खपत, उत्पादन, कीमतों और 2035 तक के  एनालिसिस किया है. इंडेक्स बॉक्स की ताजा रिपोर्ट बताती है कि एशिया का कंडोम मार्केट 2035 तक 19 अरब यूनिट्स और 405 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. साल 2024 इस उद्योग के लिए थोड़ा कमजोर रहा. खपत घटकर 14 अरब यूनिट्स और मार्केट वैल्यू घटकर 292 मिलियन डॉलर रह गई. यह लगातार दूसरा साल था जब गिरावट दर्ज की गई. हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सुस्ती अस्थायी है और आने वाले सालों में बाजार फिर से रफ्तार पकड़ेगा. कौन है सबसे बड़ा उपभोक्ता? रिपोर्ट के अनुसार, चीन 5.8 अरब यूनिट्स के साथ एशिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, जो कुल खपत का लगभग 42% है. भारत 2.4 अरब यूनिट्स के साथ दूसरे और तुर्की 701 मिलियन यूनिट्स के साथ तीसरे स्थान पर है. प्रति व्यक्ति खपत में UAE आगे कुल खपत में चीन भले ही सबसे बड़ा हो, लेकिन प्रति व्यक्ति खपत के मामले में UAE सबसे आगे है. यहां हर शख्स औसतन 31 यूनिट्स सालाना इस्तेमाल करता है. इसके बाद तुर्की, वियतनाम और थाईलैंड का नंबर आता है. कीमतों और उत्पादन का हाल कीमतों में भी बड़ा अंतर देखने को मिलता है. औसतन इम्पोर्ट कीमत 31 डॉलर प्रति हजार यूनिट्स रही, लेकिन वियतनाम में यह 48 डॉलर और मलेशिया में सिर्फ 9.6 डॉलर रही.उत्पादन की बात करें तो 2022 में 32 अरब यूनिट्स बनने के बाद, 2024 में यह घटकर 26अरब यूनिट्स रह गया. वैल्यू के लिहाज से भी उत्पादन घटकर 522 मिलियन डॉलर रह गया.निर्यात के मामले में थाईलैंड, मलेशिया और चीन सबसे आगे हैं और मिलकर एशिया के 95% एक्सपोर्ट को नियंत्रित करते हैं. आने वाले सालों की तस्वीर रिपोर्ट का अनुमान है कि 2024 से 2035 के बीच एशियाई कंडोम मार्केट औसतन 3% सालाना ग्रोथ रेट दर्ज करेगा. यानी आने वाले दशक में यह बाजार न सिर्फ पहले जैसी रफ्तार पकड़ेगा, बल्कि और बड़ी छलांग लगाएगा.

राजनीति की तैयारी: MP कांग्रेस जिला अध्यक्षों की बैठक कल से, PCC मुख्यालय में होगी अहम चर्चा

भोपाल  कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की पहली बैठक राजधानी भोपाल कांग्रेस मुख्यालय में रविवार 21 सितंबर से मंगलवार 23 सितम्बर तक आयोजित की जाएगी। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जिला अध्यक्षों से वन टू वन चर्चा करेंगे। मध्य प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की पहली बैठक राजधानी भोपाल कांग्रेस मुख्यालय में रविवार 21 सितंबर से मंगलवार 23 सितम्बर तक आयोजित की जाएगी। शुरुआती दौर में  6 संभागों की अलग-अलग समय में बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में पिछले 1 महीने में अध्यक्षों द्वारा किए गए काम का हिसाब मांगा जाएगा। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जिला अध्यक्षों से वन टू वन चर्चा करेंगे। नियुक्ति के बाद पहली बार हो रही बैठक  जानकारी के लिए बता दें कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद पहली बार भोपाल में बैठक बुलाई गई है। ब्लॉक अध्यक्ष और जिला कार्यकारिणी को लेकर रिपोर्ट ली जाएगी। कार्यकारिणी और ब्लॉक अध्यक्ष को लेकर एक महीने की जिला अध्यक्षों को डेडलाइन दी गई थी। कामकाज को मजबूत करना उद्देश्य बतादें के एमपी कांग्रेस 2028 में होने वाले चुनाव की अभी से तैयारी शुरू कर दी। इसी बीच संगठ को मजबूत करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले ने बताया कि इस बैठक का उद्देश्य जिला अध्यक्षों को संगठन सृजन अभियान के तहत अपने कामकाज को मजबूत करने और आगामी चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना है।   बैठक की तारीखें और समय – 21 सितंबर: भोपाल संभाग (सुबह 10 बजे), नर्मदापुरम संभाग (दोपहर 3 बजे) और सागर संभाग (दोपहर 12 बजे) – 22 सितंबर: ग्वालियर चंबल संभाग (सुबह 10 बजे) और इंदौर संभाग (दोपहर 3 बजे) – 23 सितंबर: उज्जैन संभाग (सुबह 10 बजे) 

डॉ. यादव ने जताई सरकार की प्रतिबद्धता: जनता के लिए विकास और सुरक्षा सर्वोपरि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की उपस्थिति में सेवा पखवाड़ा के संबंध में हुई बैठक में कहा कि  राज्य सरकार विकास, जनकल्याण और सुराज के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेश में सेवा पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश में अब सेवा पखवाड़ा की गतिविधियो ंको सत्ता और संगठन मिलकर तेज गति देंगे। इसको लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में बैठक हुई।  बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार विकास, जनकल्याण और सुराज के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में 17 सितंबर से सेवा पखवाड़ा आरंभ किया गया है। साथ ही आमजन को जीएसटी  रिफॉर्म्स के लाभ दिलाने तथा आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत जन-जन को स्वदेशी अभियान में शामिल करने के उद्देश्य से भी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान में आमजन की सक्रिय भागीदारी से सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास तथा वोकल फॉर लोकल की भावना के अनुरूप गतिविधियां जारी हैं।  मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक वार्ड और ग्राम स्तर तक गतिविधियों का प्रभावी व्यवस्थित और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'स्वच्छता ही सेवा अभियान', 'एक बगिया मां के नाम' और 'एक पेड़ मां के नाम' के अंतर्गत पौधरोपण, नमो पार्क तथा नमो उपवन विकसित करने, विद्यालय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन, जनसामान्य को स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प सामग्री खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने जैसी गतिविधियां जनभागीदारी से संचालित की जा रही हैं। विद्यालयों और महाविद्यालयों में 'विकसित भारत' थीम पर निबंध, वाद-विवाद और चित्रकला प्रतियोगिताएं तथा संगोष्ठियां भी हो रही हैं। बैठक में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल सहित शिवप्रकाश और हितानंद शर्मा उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- प्रदेश में विकास की रफ्तार किसी भी हाल में थमेगी नहीं

विकास के कामों के लिए धन की कमी नहीं रसुल्ला का हाईस्कूल प्रोन्नत होगा हायर सेकंडरी स्कूल में और बनेगा खेल परिसर प्रस्तावित सिंचाई परियोजना का कराया जायेगा सर्वे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में विकास की रफ्तार किसी भी हाल में थमेगी नहीं। सरकार के पास विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन में अभी मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर है। हम दूध उत्पादन में मध्यप्रदेश को देश में पहले स्थान पर लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। डॉ. आंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत पशुपालकों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके तहत 25 से अधिक गाय पालने वाले गोपालकों को 10 लाख रूपये तक का अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को अशोकनगर जिले के मुंगावली विधानसभा के ग्राम रसुल्ला में सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में ग्राम रसुल्ला के समाजसेवी स्व. श्री रघुवीर सिंह यादव की स्मृति में आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में गाय पालन करें और दूध, दही, मक्खन सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के उत्पादन में बढ़ोत्तरी कर सरकार की अनुदान योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों एवं परम्पराओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। दशहरे पर शस्त्रपूजन पूरे प्रदेश के शस्त्रागारों में किया जाएगा। इसी तरह दीपावली में गोवर्धन पूजा भी की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। भगवान श्रीराम के चरणों के पड़ावों को राम वन गमन पथ के रूप में सजाया-संवारा जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेशभर में गीता भवन बनाए जाएंगे तथा श्रीकृष्ण के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को स्कूल और कॉलेज के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा किसान सम्‍मान निधि के माध्‍यम से किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। हर घर नल से जल योजना के अंतर्गत घर-घर जल पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत हितग्राहियों को पक्‍का मकान,उज्‍जवला योजना के तहत गैस सिलेण्‍डर तथा नि:शुल्क खाद्यान्‍न उपलब्‍ध हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्‍व में प्रदेश सरकार हर वर्ग को साथ लेकर कार्य कर रही है। लाड़ली बहनों को प्रतिमाह राशि उपलब्‍ध कराकर उनका मान सम्‍मान बढ़ा रही है। पूरे प्रदेश में विद्युत आपूर्ति की व्‍यवस्‍था बेहतर हुई है। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा संचालित आयुष्‍मान भारत योजना के तहत आयुष्‍मान कार्ड के माध्‍यम से गरीबों का इलाज मुफ्त कराया जा रहा है। साथ ही और अधिक गंभीर इलाज के लिए आवश्‍यकता होगी तो प्रदेश सरकार एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्‍ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने की अनेक घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम रसुल्ला के हाईस्कूल को हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रोन्नत करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने खेल मैदान एवं खेल परिसर के निर्माण की भी घोषणा की। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री ने ग्राम रसुल्ला से लगे गांवों में लगभग 100 हेक्टेयर की सिंचाई परियोजना का सर्वेक्षण करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की हर सिंचाई योजना पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है और प्रदेश का कोना-कोना सिंचित होगा। राहवीर योजना बनेगी मददगार मुख्‍यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राहवीर योजना के तहत अगर किसी का एक्सीडेंट हो जाता है और यदि कोई व्‍यक्ति उन्हें समय से अस्पताल पहुंचाकर जान बचाते हैं तो व्‍यक्ति को 25 हजार रुपये की राशि योजना के अंतर्गत उपलब्‍ध कराई जायेगी। इस योजना का उद्देश्य आम लोगों को बिना किसी डर के इमरजेंसी में सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने के लिए प्रेरित करना है। प्रतिमा का किया अनावरण मुख्‍यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने ग्राम रूसल्‍ला में पूर्व सांसद डॉ. के.पी. यादव के पिताजी और समाजसेवी स्‍व. रघुवीर सिंह यादव की छटवीं पुण्‍यतिथि पर प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने राधाकृष्‍ण मंदिर पहुंचकर दर्शन किये तथा पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की। प्रदर्शनी का अवलोकन कार्यक्रम स्‍थल पर मुख्‍यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा विभिन्‍न विभागों द्वारा सेवा पखवाडा अभियान अंतर्गत लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। पूर्व सांसद डॉ. के.पी. यादव, मुंगावली विधायक श्री बृजेन्‍द्र सिंह यादव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में चंदेरी विधायक श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी,जिला पंचायत अध्‍यक्ष श्री अजय प्रताप सिंह यादव,नगरपालिका अध्‍यक्ष श्री नीरज मनोरिया, वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि सहित बडी संख्‍या में समाजजन एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

शिवराज ने किसानों की समस्याओं को लेकर लिया कड़ा कदम, फोन पर सुनाया बड़ा फरमान

सीहोर  सीहोर जिले में खराब हुई सोयाबीन फसल को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों को अब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से राहत की उम्मीद जगी है। किसानों की समस्याएं सुनते ही शिवराज ने मौके से ही कलेक्टर को फोन कर खराब फसलों का सर्वे कराने और बीमा योजना का लाभ तुरंत दिलाने के निर्देश दिए। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को सीहोर जिले में किसानों की समस्याएं सुनने पहुंचे। भोपाल-इंदौर हाईवे पर इछावर जोड़ पर रुके मंत्री से जब किसानों ने सोयाबीन की खराब फसल की बात कही, तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस दौरान कई किसान सोयाबीन की खराब फसल को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री के पास गुहार लगाने पहुंचे थे। किसानों की शिकायतें सुनने के बाद कृषि मंत्री ने सीहोर कलेक्टर बाला गुरु से मौके पर ही फोन पर बात कर निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खराब फसलों का सर्वे कराया जाए और किसानों को फसल बीमा योजना का पूरा लाभ तुरंत दिलाया जाए। शिवराज ने कहा कि इससे किसानों को आर्थिक राहत मिल सकेगी। पिछले तीन सप्ताह से सीहोर जिले के कई गांवों के किसान आंदोलन कर रहे थे। पीला मोज़ेक और अन्य बीमारियों ने फसल को नुकसान पहुंचाया किसान मांग कर रहे थे कि सोयाबीन की खराब फसल का उचित मुआवजा मिले और बीमा की राशि समय पर दी जाए। किसान नेता एवं समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा ने बताया कि बीते पांच साल से सोयाबीन की फसल लगातार प्रभावित हो रही है। इस बार पीला मोज़ेक और अन्य बीमारियों ने फसल को चौपट कर दिया है। हर साल काटी जाती है फसल बीमा राशि, लेकिन मिलता नहीं लाभ मेवाड़ा ने कहा कि किसानों से हर साल बीमा की राशि काटी जाती है, लेकिन बीमे के नाम पर उन्हें एक चवन्नी भी नहीं मिली। जब सरकार किसानों को राहत नहीं दे रही तो उनसे बीमा राशि काटना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीहोर, शाजापुर और भोपाल जिलों में किसान अलग-अलग तरीकों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक सुनवाई नहीं हुई थी। इस मौके पर विधायक सुदेश राय, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा और जिला मंत्री पंकज गुप्ता समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों से जल्द समाधान की बात कही। राजस्व मंत्री भी हुए थे सख्त गौरतलब है कि शुक्रवार को इछावर में आयोजित सेवा पखवाड़ा और स्वस्थ नारी सशक्त परिवार कार्यक्रम में मंत्री करण सिंह वर्मा ने भी इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि सोयाबीन पर पीला मोज़ेक रोग फैल रहा है। वर्मा ने बताया कि उन्होंने खुद सीहोर और सिवनी में जाकर खेतों का निरीक्षण किया। कुछ जगह फसलें ठीक थीं, लेकिन कई जगह रोग ने फसल बर्बाद कर दी थी। इस विषय की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी गई है और आने वाली कैबिनेट बैठक में इसे प्रमुखता से रखा जाएगा। किसानों को राहत की उम्मीद किसानों का कहना है कि शिवराज सिंह चौहान के सीधे हस्तक्षेप से अब उन्हें उम्मीद जगी है कि खराब फसल का सही आकलन होगा और बीमा योजना का लाभ जल्द मिलेगा। लंबे समय से आंदोलन कर रहे किसान अब राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

इस शारदीय नवरात्र में भारत को मिलेगी सामरिक, आर्थिक और कूटनीतिक सफलता: शुभ संकेत

उज्जैन  अश्विन शुक्ल प्रतिपदा पर 22 सितंबर को सोमवार के दिन शारदीय नवरात्र का आरंभ हो रहा है। इस बार नवरात्र नौ के बजाय दस दिन के रहेंगे। देवी आराधना के पर्वकाल में तिथि वृद्धि का यह योग विश्व पटल पर भारत को सामरिक, आर्थिक, कूटनीतिक मोर्चों पर सफलता दिलाने वाला माना जा रहा है। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार 81 साल में अब तक चार बार दस दिन के नवरात्र का योग बना है और इस योग ने हर बार भारत को विजयश्री का वरण कराया है। ज्योतिषाचार्य  ने बताया श्रीमद् भागवत देवी पुराण के अनुसार देवी दुर्गा की आराधना के नवरात्र के नौ दिन विशेष माने गए हैं। वर्षभर में चार बार नवरात्र का योग बनता है। इनमें दो गुप्त व दो प्राकट्य नवरात्र माने जाते हैं। चैत्र व अवश्विन मास की नवरात्र प्रकट तथा माघ व आषाढ़ मास के नवरात्र गुप्त नवरात्र माने गए हैं। आमतौर पर नवरात्र आठ या नौ दिन के होते हैं। लेकिन बीते 81 साल में चार बार ऐसा संयोग बना है, जब नवरात्र दस दिन के हुए हैं। अब तक ऐसा संयोग वर्ष 1944, 1971, 1998 तथा इस बार वर्ष 2025 में बनने जा रहा है। यह संयोग ही है कि जब-जब दस दिन के नवरात्र आए हैं, इसके आसपास युद्ध की स्थिति निर्मित हुई है। 1944 में विश्व युद्ध, 1971 में पड़ोसी देश से युद्ध, 1998 के बाद कारगिल वार तथा हाल ही में कुछ दिनों पहले आपरेशन सिंदूर की स्थिति निर्मित हो चुकी है। इन सभी के परिणाम किसी ना किसी दृष्टिकोण से भारत के अनुकूल रहे हैं। यह समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को सुदृढ़ करने वाला भी रहा है। पंचांग के पांच अंगों की स्थिति एक समान 81 साल में चार बार जब-जब दस दिन के नवरात्र योग बना है, पंचांग के पांच अंग तिथि,वार,योग,नक्षत्र, करण एक समान रहा है। इस बार भी अश्विन शुक्ल प्रतिपदा, सोमवार का दिन, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र, शुक्ल योग, किंस्तुघ्न करण व कन्या राशि के चंद्रमा की साक्षी में नवरात्र का आरंभ होगा। प्रतिपदा तिथि के अधिपति अग्निदेव, सोमवार के अधिपति भगवान शिव, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के अधिपति अर्यमा, शुक्ल योग की अधिष्ठात्री माता पार्वती तथा किंस्तुघ्न करण के स्वामी वायु देवता हैं। हर बार वैश्विक ऐतिहासिक परिवर्तन जब भी पंचांग के पांच अंगों का एक विशेष तिथि अथवा विशेष पर्वकाल के शुभारंभ पर संयुक्त योग बनता है, वह इतिहास बदल देता है। क्योंकि पंचांग के पांच अंगों का देवत्व अपनी विशिष्ट स्थितियों से यह परिवर्तन चक्र को प्रदर्शित करते हैं और आगाह करते हैं कि सावधानी के साथ सुरक्षा के आयामों को स्थापित करते हुए आगे बढ़ें। विदेश नीति में दूरदर्शिता की आवश्यकता भारत को इस समय संचार, तकनीक व सामरिक नीति के साथ साथ विदेश नीति में दूरदर्शिता रखना चाहिए। यह समय प्रतिद्वंदियों से संभलकर रहने और नए अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर चिंतन का है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक अपनी सूझबूझ से भारत पर किसी भी आर्थिक दबाव को आने नहीं दिया है। फिर भी पड़ोसी देशों से संभलकर रहने की आवश्यकता है, क्योंकि धोखे की संभावना बन सकती है।  

मुरैना में सोलर-स्टोरेज प्रोजेक्ट से ग्रीन एनर्जी को मिली नई रफ्तार: CM डॉ. यादव

देश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बनी मिसाल, मिला ऐतिहासिक न्यूनतम 2.70 रुपये प्रति यूनिट टैरिफ रेट पीक-ऑवर्स में 440 मेगावॉट की सप्लाई होगी सुनिश्चित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। मुरैना की यह परियोजना ‘सेवा पखवाड़ा’ के दौरान राष्ट्र को समर्पित है। उन्होंने कहा कि ”मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना से पूरे देश में ग्रीन ऊर्जा उत्पादन और स्टोरेज की नई राह खुलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना परियोजना में प्राप्त की गई सफलता के आधार पर लंबे समय की ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं के लिए संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना में प्राप्त किया गया कम टैरिफ प्रदर्शित करता है कि नवकरणीय ऊर्जा भी डिस्कॉम के लिए अधिक किफायती हो सकता है। मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गत् दिवस प्राप्त निविदा में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। मुरैना में विकसित हो रही प्रदेश की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना में 2.70 रुपये प्रति यूनिट, अब तक की सबसे कम टैरिफ दर प्राप्त हुई है। यह देश की पहली परियोजना है, जिसमें 3 रुपये प्रति यूनिट से कम पर फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी उपलब्ध होगी। यह परियोजना 95 प्रतिशत वार्षिक उपलब्धता के साथ भारत की पहली ‘सोलर-प्लस-स्टोरेज’ परियोजना बन गई है। अब तक देशभर की परियोजनाओं में केवल 50% पीक ऑवर्स उपलब्धता और 85% वार्षिक उपलब्धता सुनिश्चित हो पाती थी। मुरैना परियोजना इस ट्रेंड को बदलते हुए पीएम ऑवर्स में 95% आपूर्ति के नए मानक स्थापित करेगी। परियोजना की संरचना और क्षमता मुरैना सोलर पार्क को रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया गया है, जिसने पहले भी प्रतिष्ठित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित किया है। मुरैना परियोजना से उत्पादित बिजली राज्य द्वारा खरीदी जाएगी। मुरैना सोलर पार्क में 2 यूनिट स्थापित की जा रही हैं, प्रत्येकइकाई से तीनों चरणों में 220 मेगावॉट क्षमता ऊर्जा का उत्पादन होगा।         पहला चरण: वास्तविक समय पर सौर ऊर्जा (220 मेगावॉट तक)         दूसरा चरण: शाम के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (बैटरी में संचित सौर ऊर्जा से)         तीसरा चरण: सुबह के पीक ऑवर्स में 2 घंटे (रात्रि में ग्रिड से चार्ज बैटरी से) इस नवाचार से बैटरी का उपयोग दिन में दो बार संभव होगा, जिससे लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। कुल मिलाकर सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में 440 मेगावॉट सप्लाई सुनिश्चित होगी। मुरैना परियोजना दो परियोजनाओं का मिश्रण है, जिसमें पहलाएक सामान्य सिंगल-चार्ज कम्पोजिट सोलर प्रोजेक्ट,जिसमें बैटरी को सोलर एनर्जी से चार्ज जाता है।दूसरा स्टोरेज एज ए सर्विस प्रोजेक्ट है, जिसमें अतिरिक्त ग्रिड पॉवर से रात के समय बैटरी दोबारा चार्ज की जाएगी। इससे सुबह के पीक ऑवर्स की आपूर्ति की जाएगी। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि बैटरी, दिन में दो बार उपयोग की जाएगी। यह परियोजना सुनिश्चित करती है कि राज्य ग्रिड में उपलब्ध रात के समय अतिरिक्त बिजली का उपयोग सुबह की पीक ऑवर्समें विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा। मुरैना परियोजना पीक ऑवर्सऔर दिन के समय में समान स्तर की आपूर्ति (प्रत्येक इकाई से 220 मेगावाट) के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करती है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह द्वारा नियोजित भविष्य की परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करता है जो दिन और रात के समय एक फ्लेटप्रोफाईलकी बिजली की आपूर्ति करते हुए एक ऐसीपरियोजना की आधारशिला रखेगी जो पूरे 24 घंटों के लिए समान स्तर की बिजली की आपूर्ति करे। यह नवकरणीय ऊर्जा को पारंपरिक ऊर्जा के समान निश्चितता प्रदान करेगा और इसे तकनीकी और व्यावसायिक रूप से समतुल्य बना देगी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा ई-रिवर्स नीलामी 19 सितंबर, 2025 को 25 वर्षों के लिए निर्धारित2.70 रूपये प्रति यूनिटके ऐतिहासिक टैरिफ के साथ संपन्न हुई, नीलामी प्रक्रिया लगभग 12 घंटे चली। यह पूरे भारत में एफडीआरईनिविदाओं के लिए एक मील का पत्थर है,परियोजना के ई-रिवर्स ऑक्शन में 16 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया। यह क्षमता की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन था। ऑक्शन में अडानी रिन्यूएबल्स, एनटीपीसी रिन्यूएबल्स, रिन्यू सोलर, एसीएमई, एंजी एनर्जी, दिलीप बिल्डकॉन, एमबी पॉवर जैसी कंपनियाँ शामिल थीं।     यूनिट-1 के लिए Ceigall India Ltd ने 2.70 रूपये प्रति यूनिट।     यूनिट-2 के लिए Acme Solar Holding Ltd ने 2.764 रूपये प्रति यूनिट की दर पर यह निविदा हासिल की।इस ऑक्शनमें प्राप्त टैरिफ से स्पष्ट है कि डिस्पेजेबल नवकरणीय ऊर्जा (बैटरी भंडारण के साथ सौर ऊर्जा के संयोजन से सक्षम) कोयला आधारित बिजली की तुलना में अधिक किफायती हो गई है। निवेशकों के लिए भरोसेमंद मॉडल परियोजना का विकास रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जिसने रीवा और आगर जैसी परियोजनाओं को सफलतापूर्वक विकसित किया है। RUMSL द्वारा  परियोजना को निविदा से पहले निवेश के लिए तैयार किया गया। International Finance Corporation द्वारा Transaction Advisor के रूप में मध्यप्रदेश में तैयार की गई जोखिम मुक्त परियोजनाओं ने समय-समय पर साबित किया है कि बैंकेएबल अनुबंध, पूरी तरह से भूमि एकत्रीकरण, सक्रिय पारेषण योजना, वित्तपोषण और अनुबंध सहित साइट तैयार करना, पर्यावरण और सामाजिक जोखिमों को पर्याप्त रूप से कम करना, साथ ही एक पारदर्शी और विकासक अनुकूल निविदा प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बेहतर मूल्य निर्धारण से उल्लेखनीय बचत होती है। पार्क डेवलपर के रूप में RUMSL भूमि और आंतरिक बिजली निकासी का बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा, जबकि MP Transco परियोजना के लिए आवश्यक बाहरी विद्युत निकासी हेतु बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है। इस परियोजना में एक मजबूत 3-स्तरीय payment security mechanism है, जिसमें बेहतर bankability के लिए राज्य गारंटी शामिल है तथा procurer default और assured procurement of excess energy के लिए उचित termination compensation और reduced offtake तथा ग्रिड अनुपलब्धता के लिए compensation दिया गया है। परियोजना, चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला ने चंबल क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मुरैना परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। एनर्जी ट्रांजिशन में मील का पत्थर मुरैना भारत की एनर्जी ट्रांजिशनमें एक नया मोड़ है; उम्मीद … Read more

साइबर अटैक से यूरोप की हवाई सेवा ठप: चेक-इन सिस्टम फेल, यात्रियों को भारी परेशानी

लंदन  लंदन, ब्रसेल्स और कई बड़े यूरोपीय एयरपोर्ट्स पर साइबर अटैक के चलते फ्लाइट्स में देरी का मामला सामने आया है. दुनियाभर के हवाई अड्डों और एयरलाइनों के लिए सिस्टम संचालित करने वाली कंपनी कॉलिन्स एयरोस्पेस ने साइबर हमले से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ी की पुष्टि की.  हीथ्रो एयरपोर्ट ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि तकनीकी समस्या को जल्द से जल्द हल करने का प्रयास किया जा रहा है. यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट स्थिति एयरलाइन से जांच लें और लंबी उड़ानों के लिए तीन घंटे पहले, घरेलू उड़ानों के लिए दो घंटे पहले एयरपोर्ट पर पहुंचें.  हीथ्रो एयरपोर्ट ने बताया कि चेक-इन क्षेत्रों में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया है, ताकि यात्रियों की मदद की जा सके और व्यवधान को कम किया जा सके. एयरपोर्ट ने हुई असुविधा के लिए माफी भी मांगी है. बर्लिन और हीथ्रो एयरपोर्ट भी प्रभावित जर्मनी के ब्रांडेनबर्ग एयरपोर्ट ने भी पुष्टि की है कि उनके सेवा प्रदाता के सिस्टम पर साइबर हमला हुआ है। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर हवाई अड्डा प्रशासन ने अपने नेटवर्क कनेक्शन को अस्थायी रूप से काट दिया। वहीं लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे ने भी तकनीकी समस्या की बात कही है। हीथ्रो एयरपोर्ट के अनुसार, कॉलीन्स एयरोस्पेस कंपनी जो कई एयरलाइनों को चेक-इन और बोर्डिंग सिस्टम मुहैया कराती है। तकनीकी दिक्कतों का सामना कर रही है। इसके कारण उड़ानों में देरी हो रही है। यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह सभी हवाई अड्डों ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे अपनी उड़ानों का स्टेटस समय-समय पर ऑनलाइन जांचते रहें और आवश्यकतानुसार फ्लाइट के समय को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनाएं। साथ ही हवाई अड्डा प्रबंधन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया है और समस्या के समाधान के लिए काम जारी रखने का आश्वासन दिया। सुरक्षा और समाधान के प्रयास जारी साइबर हमलों के कारण प्रभावित हवाई अड्डों ने अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्त कर दिया है। कई जगह पर सिस्टम को अस्थायी रूप से ऑफलाइन कर दिया गया है। ताकि आगे के हमलों को रोका जा सके। विशेषज्ञ इस मामले की गंभीरता को लेकर अलर्ट मोड में हैं और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कदम उठा रहे हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ब्रसेल्स एय़रपोर्ट ने बताया कि साइबर हमले के कारण स्वचालित चेक-इन और बोर्डिंग सेवाएं बंद हो गईं, जिसके चलते कर्मचारियों को मैन्युअल प्रक्रिया अपनानी पड़ी. एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कहा कि इससे फ्लाइट्स पर गंभीर असर पड़ा है. इसके चलते कई फ्लाइट्स में देरी हुई और फ्लाइट्स को कैंसल करना पड़ा, जबकि सेवा प्रदाता समस्या को जल्द हल करने में जुटा है. शनिवार को एयरपोर्ट अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी कि वे यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट्स की पुष्टि कर लें. इस साइबर हमले से कई जगह यात्री प्रभावित हुए.  वहीं, बर्लिन एयरपोर्ट ने अपनी वेबसाइट पर सूचना दी कि यूरोपभर में काम करने वाले एक सिस्टम प्रदाता में तकनीकी दिक़्क़त के कारण चेक-इन में लंबा इंतज़ार हो रहा है. एयरपोर्ट ने कहा कि समस्या के समाधान पर काम किया जा रहा है.