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मुख्यमंत्री ने दिवंगत निखिल कश्यप को किया नमन, परिजनों के दुःख में हुए सहभागी

रायपुर,    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित विधायक कॉलोनी में आयोजित शोक सभा में शामिल होकर वन मंत्री श्री केदार कश्यप के भतीजे एवं बस्तर के पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप के सुपुत्र स्वर्गीय श्री निखिल कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने स्व. निखिल कश्यप की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी तथा शोकाकुल परिजनों से भेंट कर गहरी संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री साय ने इस दुःखद अवसर पर ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

मौसम विभाग का अलर्ट: जबलपुर और आसपास के जिलों में मूसलधार बारिश के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस बार के मानसूनी सीजन में अबतक कुल 21 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। हालांकि, आज 23 जुलाई तक औसत 13.7 इंच बारिश होना चाहिए थी। यानी अबतक प्रदेशभर में सामान्य से औसत से 7.3 इंच अधिक बारिश हुई है। ऐसे में सिर्फ चंद दिनों की बारिश से ही प्रदेशभर में सीजन का आधे से ज्यादा बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। मध्य प्रदेश की सामान्य औसत बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। अब तक प्रदेश में औसत 21 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो सामान्य बारिश से 15 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में अबतक 10 इंच से भी कम बारिश हो सकी है। फिर एक्टिव हो रहा स्ट्रॉन्ग सिस्टम वहीं, लगभग हफ्तेभर से लगे ब्रेक के बाद एमपी में एक बार फिर बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है। मौसम केंद्र ने बुधवार को जबलपुर समेत 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, दमोह, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं, मौसम विभाग ने जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, दमोह, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिरने का अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश का दौर रहेगा। शाजापुर में नदी से मछली पकड़ने गए 27 वर्षीय विशाल केवट की आकाशीय बिजली की चपेट में आकर मौत हो गई। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मध्यप्रदेश में फिलहाल मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हुआ है। अगले चार दिन तक कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश का अलर्ट है। 24 को इन जिलों में बारिश का अलर्ट भोपाल में दिनभर धूप रही। शाम 4 बजे के बाद मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। इससे पूरा शहर तरबतर हो गया। टीकमगढ़, नर्मदापुरम, सागर, इंदौर, छिंदवाड़ा, दमोह, उज्जैन, हरदा, शाजापुर में भी बारिश का दौर चला। रात में भी कई जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार को पन्ना, सतना, रीवा, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश होने की संभावना है। MP में 21 इंच गिर चुका पानी भारत में मानसून (Monsoon) की एंट्री 24 मई को हुई। मानसून ने सबसे पहले केरल पहुंचा। फिर कर्नाटक में दस्तक दी। तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड, आंध्र प्रदेश होते हुए 16 जून को मानसून एमपी आया। 20 जून तक मानसून ने सभी जिलों को करव कर लिया। तब से सूबे में झमाझम बारिश हो रही है। अब तक 21 इंच बारिश हो चुकी है। जबकि 13.7 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है।  एक साथ एक्टिव हुए दो साइक्लोनिक सिस्टम इसी के साथ प्रदेश के अन्य इलाकों में गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दरअसल प्रदेश में मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस कारण से कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश की स्थिति बन रही है। ये स्थिति फिलहाल चार-पांच दिन तक बनी रहने की संभावना है। भोपाल में दिन में धूप, शाम को तेज बारिश इससे पहले मंगलवार को भोपाल, इंदौर, टीकमगढ़ समेत 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश का दौर चला। भोपाल में दिनभर धूप खिली रही, लेकिन शाम 4 बजे के बाद मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। इससे पूरा शहर तरबतर हो गया। टीकमगढ़, नर्मदापुरम, सागर, इंदौर, छिंदवाड़ा, दमोह, उज्जैन, हरदा, शाजापुर में भी बारिश का दौर चला। रात में भी कई जिलों में बारिश हुई। इस बार 7.3 इंच बारिश ज्यादा मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 21 इंच बारिश हो चुकी है जबकि अब तक 13.7 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 53% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों में भी बेहतर स्थिति है। यहां 80% से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे हैं। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है।

CM दो दिनों में गोरखपुर को देंगे 252 करोड़ रुपये की सौगात, सफाई मित्रों और पार्षदों को सम्मानित करेंगे

सीएम आज गोरखपुर को 252 करोड़ रुपए के विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे गोरखपुर को आज 252 करोड़ की सौगात देंगे CM योगी, सफाई मित्रों-पार्षदों का करेंगे सम्मान CM दो दिनों में गोरखपुर को देंगे 252 करोड़ रुपये की सौगात, सफाई मित्रों और पार्षदों को सम्मानित करेंगे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज बाबा आनंदेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा कर दर्शन किए पूर्व राष्ट्रपति कोविंद ने कानपुर में किए बाबा के दर्शन, CM ने गोरखपुर में किया रुद्राभिषेक   गोरखपुर  स्वच्छ सर्वेक्षण में देश में पूरे प्रदेश का मान बढ़ाने वाले गोरखपुर नगर निगम के सफाई मित्रों और पार्षदों का सम्मान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों होगा। सम्मान का यह समारोह बुधवार (23 जुलाई) को नगर निगम परिसर में प्रस्तावित है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री गोरखपुर नगर निगम के अर्बन फ्लड मैनेजमेंट के तहत अर्बन फ्लड अर्ली मॉनिटरिंग सिस्टम के लोकार्पण सहित ढाई सौ करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास भी करेंगे। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को बाबा आनंदेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा कर दर्शन किए। उनके साथ महापौर प्रमिला पांडे, विधायक सुरेंद्र मैथानी और क्षेत्रीय पार्षद नितिन बाजपेई शामिल थे। करीब साढ़े नौ बजे पूर्व राष्ट्रपति बाबा आनंदेश्वर पहुंचे। जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, श्रृंगार और आरती कर बाबा से आशीर्वाद लिया। महंत अरुण भारती महाराज और सहयोगी पुजारियों ने पूजा कराई। उन्होंने पुजारियों को दक्षिणा दी। पूर्व राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर और मंदिर की भव्यता पर खुशी जताई। इस दौरान मंदिर और आसपास सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई थी। इस दौरान सुरक्षा कारणों से आम श्रद्धालुओं को प्रवेश से कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। पूर्व राष्ट्रपति करीब आधा घंटा मंदिर में रहे। स्वच्छता में उत्कृष्ट प्रदर्शन को लेकर गोरखपुर नगर निगम ने ऊंची छलांग लगाई है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में सफाई मित्र सुरक्षित शहर श्रेणी में देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही गोरखपुर को 3 से 10 लाख की आबादी की श्रेणी में चौथी नेशनल रैंक मिली है। इस श्रेणी में प्रदेश स्तर पर गोरखपुर पहले स्थान पर है। यह उपलब्धि इसलिए भी सराहनीय है कि गत वर्ष के सर्वेक्षण में गोरखपुर की रैंकिंग राष्ट्र स्तर पर 24वीं और राज्य में सातवीं थी। गत वर्ष गोरखपुर को गार्बेज फ्री सिटी के थ्री स्टार कटेगरी में रखा गया था जबकि इस बार यह शहर गार्बेज फ्री सिटी की फाइव स्टार सर्टिफिकेशन में आ गया है। गोरखपुर की इस उपलब्धि की मुख्यमंत्री पहले भी सराहना कर चुके हैं। अब वह एक समारोह में स्वच्छता की उत्कृष्टता में योगदान देने वाले सफाई मित्रों और पार्षदों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन करेंगे। गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव का कहना है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में गोरखपुर को हासिल बड़ी उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरक मार्गदर्शन में सफाई मित्रों, पार्षदों, कर्मचारियों, अधिकारियों के साथ ही नागरिकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। सबसे अहम बात है कि सीएम योगी हर सार्वजनिक कार्यक्रम में जनता को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हैं। अर्बन फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम का होगा उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी गोरखपुर नगर निगम द्वारा अर्बन फ्लड मैनेजमेंट के तहत अर्बन फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना की लागत 28 करोड़ 92 लाख रुपये है। इसके तहत शहर के सभी पम्पिंग स्टेशनों के पूर्ण ऑटोमेशन किया गया है। प्राइमरी और सेकेंडरी नालों पर कुल 110 ऑटोमेटिक वाटर लेवल रिकॉर्डर लगाए गए हैं। जब नालों का जल स्तर 80 प्रतिशत से अधिक हो जाता है तो संबंधित अधिकारियों को ऑटोमेटेड अलर्ट भेजी जाती है। ईंधन की कमी और पम्प रख रखाव चेतावनियां भी अधिकारियों को समय रहते भेजी जाती है। उधर, सीएम योगी आज गोरखपुर दौरे पर है। उन्होंने मानसरोवर मंदिर में रुद्राभिषेक भी किया। इस बीच भक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा होती भी नजर आई। सीएम योगी आज गोरखपुर को 252 करोड़ रुपए के विकास के कामों की सौगात देंगे। स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में देश में चौथा और प्रदेश में पहला स्थान हासिल करने वाली गोरक्षनगरी (गोरखपुर) को इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बधाई देंगे। समारोह में सीएम योगी 252.50 करोड़ रुपये की 174 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और तीन योजनाओं का लोकार्पण भी करेंगे। नगर निगम मंगलवार को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा रहा। नगर निगम की दीवारों को रंग-रोगन किया गया। अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल के कार्यालय का सौंदर्यीकरण देर रात तक चलता रहा। महापौर डॉ.मंगलेश श्रीवास्तव ने नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के साथ तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री पैडलेगंज से सफाई वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना कर सकते हैं। नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में सफाई मित्र सुरक्षित शहर श्रेणी में देश में तीसरा स्थान, 3 लाख से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देश में चौथा और 01 लाख से 10 लाख की श्रेणी में सूबे में पहला स्थान, वॉटर प्लस और गारबेज फ्री सिटी में 5-स्टार रेटिंग हासिल की है। इन उपलब्धियों के लिए नगर निगम के पार्षदों, कर्मचारियों और सफाई मित्रों का हौसला बढ़ाने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को नगर निगम में जनसभा को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम सीएम योगी सफाई-मित्रों का सम्मान करने के साथ महानगरवासियों को 252.50 करोड़ रुपये की 177 परियोजनाओं की सौगात भी देंगे। 200 जवानों की क्षमता वाले बैरक का करेंगे लोकार्पण 26वीं वाहिनी पीएसी परिसर में पीएसी जवानों के लिए 200 की क्षमता की अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुमंजिला बैरक बनकर तैयार हो गई है। 24 जुलाई को इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों होने की उम्मीद है। कानून व्यवस्था मजबूत बनाए रखने में पीएसी (प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी) के योगदान से सभी वाकिफ हैं। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीएसी के जवानों की लॉ एंड ऑर्डर में महत्वपूर्ण भूमिका की कई मंचों से सराहना कर चुके हैं। पीएसी के जवानों को अत्याधुनिक सुविधा देने के लिए योगी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर खासा जोर दे रही है। इसी सिलसिले में 26वीं वाहिनी पीएसी में 11 मंजिला बैरक टॉवर बनाया गया है। इसे बनाने के लिए 11 करोड़ 67 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई थी। अब यह टॉवर बनकर तैयार है। इन परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएण्डडीएस यूनिट 42 राज्य … Read more

भोपाल में ट्रैफिक कंट्रोल के लिए बड़ा फैसला: ई-रिक्शा 12 मार्गों से बाहर, पार्किंग पर भी रोक

भोपाल   राजधानी भोपाल की स्कूलों के बाद आज से शहर के 12 व्यस्ततम और अहम वीवीआईपी जगहों पर ई-रिक्शा चलाने और पार्किंग पर प्रतिबंध है। दरअसल 27 जून को हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ई-रिक्शा चलाने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया था। पहले 7 दिन दी जाएगी समइाइश इन सभी मार्गों को भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने दो पैमानों पर तय किया है। पहला ये कि इन सभी मार्गो पर नगर सेवा बाहन पहले से संचालित है। दूसरा यह कि इन सड़कों पर ई-रिक्शा की ज्यादा संख्या होने के कारण ट्रैफिक जाम के हालात बनते हैं। दो दिन पहले ई-रिक्शा से स्कूली छात्र-छात्राओं के परिवहन पर भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने प्रतिबंध लगाया था। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि अगले सात दिनों तक प्रतिबंधित मार्गों पर ई-रिक्शा चलाने और पार्क करने वाले चालकों को समइाइश दी जाएगी। इसके बाद चालान होंगे। यहां ई-रिक्शा व उसकी पार्किंग प्रतिबंधित -राजभवन से पॉलिटेक्निक चौराहा – पॉलिटेक्निक चौराहा से स्टेट हैंगर – बोट क्लब – हमीदिया रोड-अल्पना से भोपाल टॉकीज -अपेक्स बैंक से रोशनपुरा – लिंक रोड-1 बोर्ड ऑफिस चौराहा से अपेक्स बैंक तक – काटजू अस्पताल तिराहा से रंगमहल तिराहा तक – वन्दे मातरम से 10 नंबर स्टॉप तक -10 नंबर से नेशनल अस्पताल तक – 10 नंबर से साढ़े 10 नंबर तक – सेंटर प्वाइंट से रोशनपुरा तक – जीजी फ्लाईओवर  सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला यातायात पुलिस के अनुसार, भोपाल की इन सड़कों पर वीआईपी मूवमेंट और उच्च यातायात घनत्व अधिक होता है। आम नागरिकों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। ई-रिक्शा की धीमी गति और बेतरतीब पार्किंग व्यवस्था कई बार दुर्घटनाओं और जाम का कारण बनती है। स्कूली बच्चों को ले जाने पर भी सख्त रोक भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 20 जुलाई 2025 को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा, स्कूली छात्रों को अब ई-रिक्शा से नहीं ले जाया जा सकता। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। ट्रैफिक पुलिस इस विषय पर जागरूकता अभियान भी चला रही है। भोपाल में 7,000 से अधिक ई-रिक्शा संचालित भोपाल क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के मुताबिक, भोपाल में 7,000 से अधिक ई-रिक्शा संचालित हैं। इनमें से ज्यादातर बिना परमिट के संचालित हैं। भोपाल टॉकीज़ से करोंद चौराहा और अयोध्या बाईपास तक ई रिक्शा के चलते भारी ट्रैफ़िक जाम लगता है। भोपाल आरटीओ ने यह आंकड़े पिछले साल जारी किए थे। अब इनकी संख्या और बढ़ गई होगी।  स्कूलों में ई-रिक्शा पर प्रतिबंध लगेगा, बच्चों की सेफ्टी  …….  शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए शुक्रवार को कंट्रोल रूम में एक मीटिंग हुई। सांसद आलोक शर्मा ने जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मीटिंग में लेफ्ट-टर्न को सुधारने, ई-रिक्शा पर नियंत्रण रखने, ट्रांसफार्मर हटाने और पार्किंग व्यवस्था को ठीक करने जैसे मुद्दों पर बात हुई। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को उनके अधूरे प्लान के लिए फटकार लगाई गई और उन्हें एक हफ्ते में ट्रैफिक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर लेफ्ट टर्न सुधार का प्लान पेश करने का निर्देश दिया गया। शहर के 42 चौराहों पर लेफ्ट टर्न की समस्या को दूर करने के लिए 3 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। ई-रिक्शा पर रोक ई-रिक्शा के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई और कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को ई-रिक्शा में स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। इसलिए स्कूलों में ई-रिक्शा को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया, क्योंकि यह बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी था। मीटिंग में सड़कों से अतिक्रमण हटाने और कंडम वाहनों को हटाने पर भी बात हुई। सांसद शर्मा ने ट्रांसफार्मर और खंभों को हटाने की बात कही और पार्किंग व्यवस्था को आम लोगों के लिए आसान बनाने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार सांसद आलोक शर्मा ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार भी लगाई। दरअसल, पीडब्ल्यूडी अधिकारी बिना किसी वर्किंग प्लान के मीटिंग में पहुंच गए थे। इस पर सांसद ने नाराजगी जताई। मीटिंग में संबंधित विभागों को कुछ निर्देश दिए गए। उन्हें मैनिट के ट्रैफिक विशेषज्ञों की मदद से सभी 42 चौराहों की समीक्षा रिपोर्ट और एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया। इससे जल्द से जल्द काम शुरू किया जा सके। ऐसा करने से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और लोगों का आना-जाना आसान हो जाएगा। साथ ही, चौराहों की सुरक्षा और दृश्यता भी बेहतर हो जाएगी।  

शिवभक्ति में डूबेगा रायपुर: पश्चिम क्षेत्र से निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा

रायपुर  3 अगस्त रविवार की सुबह रायपुर पश्चिम विधानसभा से प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी विशाल कावड़ यात्रा का आयोजन विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में होने जा रहा है जिसकी तैयारिया को लेकर पश्चिम विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में जिला भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में एक बड़ी बैठक का आयोजन किया गया जहां आगामी 3 अगस्त को होने वाली कावड़ यात्रा के संबंध में सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओ को दिशानिर्देश दिए गए एवं प्रदाय जिम्मेदारियों का जायजा भी लिया गया राजेश मूणत ने कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए कहा की प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी हमारे द्वारा विशाल कावड़ यात्रा का आयोजन रायपुर पश्चिम में किया जाना है जिसके संदर्भ में यह बैठक आहूत की गई है । रायपुर के सभी जिला एवं मंडल पदाधिकारियों को यात्रा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौपी गई है कावड़ यात्रा का यह कार्यक्रम अपनी भव्यता के लिए सदैव राजधानी सहित आसपास चर्चित रहा है , और यह आप सभी के परिश्रम और सहयोग से यह संभव हुआ है । विभिन्न क्षेत्रों से आई झांकियां और बाजे गाजे होंगे मुख्य आकर्षण राजेश मूणत ने आगे कहा इस वर्ष कावड़ यात्रा को और भी अधिक भव्यता और वैभव प्रदान करने हमने स्थानीय लोक कलाकारों के अलावा अन्य प्रदेशों के कलाकारों को भी अपनी प्रस्तुति देने निमंत्रित किया है जैसे की उज्जैन मध्यप्रदेश में बाबा महाकाल की सवारी में डमरू और ढोल बजाने वाली टीम , उत्तर प्रदेश से अघोरी नृत्य की प्रस्तुति देने वाली टीम , उत्तर प्रदेश से ही युवतियों द्वारा मां काली की जीवंत झांकी का प्रदर्शन , उड़ीसा के बाहुबली कट्टपा की वेशभूषा में संबलपुरी बाजे में प्रस्तुति देने वाले चर्चित कलाकारों की टीम , छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध नृत्य कलाकारों जैसे आदिवासी नृत्य , पंथी नृत्य और राउत नाचा की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का दल , भगवान भोलेनाथ की चलित झांकी और प्रदेश के प्रमुख ढोल धुमाल पार्टी अपनी अपनी प्रस्तुति देंगे जो कावड़ यात्रा का मुख्य आकर्षण होगा । सुबह बाबा हटकेश्वरनाथ को अर्पित किया आमंत्रण पत्र 3 अगस्त को होने जा रही भव्य कावड़ यात्रा हेतु सभी सनातनियों हेतु आमंत्रण पत्रक भी छपवाए गए हैं जिसकी प्रथम प्रति आज 22 जुलाई को सुबह, विधायक राजेश मूणत ने महादेवघाट तीर्थ पहुंचकर बाबा हटकेश्वरनाथ, माँ महाकाली, और मंदिर परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं को कांवड़ यात्रा का विशेष आमंत्रण पत्र अर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने पूजा-अर्चना कर भगवान शिव से प्रार्थना की कि रायपुर शहर के नागरिकों पर सदैव उनका आशीर्वाद बना रहे।  रायपुर के सनातनी समाज से कावड़ यात्रा में शामिल होकर भव्यता प्रदान करने और धर्म लाभ लेने की अपील रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने बाबा हटकेश्वर नाथ में जलाभिषेक हेतु निकाली जा रही कांवड़ यात्रा के संदर्भ में रायपुर में निवासरत सभी सनातन बंधुओं से सार्वजनिक अपील करते हुए कहा कि । “यह यात्रा सामाजिक समरसता, शिवभक्ति और नगर की संस्कृति का उत्सव है। सभी शिवभक्तों से आग्रह है कि समय पर उपस्थित होकर यात्रा का हिस्सा बनें और शहर की धार्मिक गरिमा , सनातन धर्म प्रेमी शिवभक्ति में लीन होकरधर्म लाभ ग्रहण करें । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ,विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह सहित सभी प्रमुख नेता रहेंगे उपस्थित :- राजेश मूणत उन्होंने आगे कहा की कावड़ यात्रा का आयोजन विशुद्ध रूप से गैर राजनैतिक कार्यक्रम है इसमें पूरे रायपुर शहर के समस्त सनातनी बंधु बांधव सादर आमंत्रित हैं ऐसे में आप सभी की महती जिम्मेदारी है की आप सभी को इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने आ रहे समस्त सनातनी धार्मिक बंधुओं माताओं बहनों भोले भक्तों के लिए कावड़ सहित समस्त व्यवस्थाएं श्रेष्ठता से करनी है चूंकि कावड़ यात्रा में अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय , पूर्व मुख्यमंत्री विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह , रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल , रायपुर जिले के सभी 7 विधानसभाओं के विधायक एवं अन्य सभी वरिष्ठ भाजपा नेताओ सहित सामाजिक संस्थाओं और सनातन धर्म के प्रमुख साधु संतो महात्माओं की सम्मानित उपस्थिति रहेगी ऐसे में कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखना एवं सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तरीय रखना हम सभी की जिम्मेदारी है मैं इस मंच और मीडिया के माध्यम से राजधानी रायपुर सहित आसपास के सभी शिवभक्तों सनातन धर्म प्रेमियों को कावड़ यात्रा में सम्मिलित होकर कावड़ यात्रा में धर्म लाभ लेने निमंत्रित करता हूं । मंचन संचालन कर रहे कार्यक्रम प्रभारी ओंकार बैस ने आगे की जानकारी देते हुए बताया की झांकियों और बाजे गाजे डीजे के साथ ही निकाली जा रही कावड़ यात्रा का शुभारंभ प्रातः 9:30 बजे गुढ़यारी स्थित हनुमान मंदिर से किया जाएगा जहां से यात्रा प्रारंभ होकर मुख्य मार्ग गुढ़यारी से होते हुए पड़ाव, शुक्रवारी बाजार , खाल बाड़ा , रामनगर से ओवर ब्रिज तेलघानी नाका से अग्रसेन चौक मार्ग होते हुए अमापारा , लाखेनगर , अश्वनी नगर मुख्य मार्ग से बाबा हाटकेश्वर नाथ मंदिर पहुंच कर भक्तगण जल अर्पण करेंगे जहां अलग अलग स्थान पर पुश्पवर्षा , आतिशबाजी और भंडारे की भी व्यवस्था की जाएगी । बैठक में प्रमुख रूप से महापौर श्रीमती मीनल चौबे , जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर , ओंकार बैस,अशोक पांडेय, अमित मैशरी गोवेर्धन खंडेलवाल, बी. श्रीनिवास राव, प्रीतम ठाकुर, अनिल सोनकर, भूपेंद्र ठाकुर, विनोद अग्रवाल, राजेश ठाकुर, भोला साहू, रजयंत ध्रुव, गज्जू साहू, पुरुषोत्तम देवांगन, सुनील चंद्राकर, कमलेश्वरी बसंत वर्मा, अमर बंसल, दीपक जायसवाल , मंडल एवं बूथ के के वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे।

स्पेन से सीखेंगे उन्नत खेती के गुर: किसानों का दल विदेश भेजेगी राज्य सरकार — सीएम डॉ. यादव

कृषि, उद्यानिकी और फल उत्पादन की उन्नत तकनीकी प्रबंधन की जानकारी के लिए कृषक दल जाएंगे स्पेन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के प्राकृतिक खेती और हरित ऊर्जा पर आधारित उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर करेंगे प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सफल दुबई-स्पेन यात्रा के लिए मंत्रीगण ने किया अभिवादन मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 13 से 19 जुलाई तक दुबई-स्पेन की सफल निवेश यात्रा से प्रदेश को वैश्विक निवेश के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान मिली है और यूरोप तथा खाड़ी देशों में यह संदेश पहुंचा है कि मध्यप्रदेश निवेश मित्र राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस यात्रा में कुल 11 हजार 119 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे लगभग 14 हजार से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। दुबई-स्पेन की सफल निवेश यात्रा के लिए मंत्रीगण ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प गुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर उनका अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्पेन में उद्यानिकी, फल उत्पादन और कृषि क्षेत्र का प्रबंधन सराहनीय और अनुकरणीय है। इस क्षेत्र में आधुनिकतम तकनीक अपनाने के लिए प्रदेश के कृषक दलों को स्पेन भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वस्त्र व्यवसाय में लगे अंतर्राष्ट्रीय समूह, हरित ऊर्जा के उपयोग और प्राकृतिक खेती से उत्पादित सामग्री को विशेष महत्व देते हैं। इस दृष्टि से मध्यप्रदेश के उत्पादों का अंतर्राष्ट्रीय बाजार में विशेष महत्व है। राज्य सरकार प्रदेश के उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करने की पहल करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई, मैड्रिड, बार्सिलोना में आयोजित “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश’’ कार्यक्रम एवं “प्रवासी भारतीयों से चर्चा’’ में 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। मध्यप्रदेश में टेक्समास (दुबई) के साथ एमओयू हुआ है। अरब देशों में मध्यप्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिये अरब चैम्बर ऑफ कामर्स के साथ भी एमओयू किया गया। इसी तरह निवेश, तकनीकी सहयोग और सतत ‍डिजिटल अधोसंरचना विकास के लिये सबमर टेक्नॉलाजीस एस.एल. के साथ एमओयू किया गया। दुबई में इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्टील मेन्युफेक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी, डिफेंस, वेयरहाउसिंग और सस्टेनेबल सिटी जैसे क्षेत्रों में कम्पनियों से कुल 6801 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। स्पेन में डिजिटल, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन में कम्पनियों से 4318 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें उन्नत बायोफ्यूल और एसएएफ प्रोजेक्ट्स में 4000 करोड़ रुपये का एक बड़ा निवेश प्रस्ताव भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह यात्रा मध्यप्रदेश को निवेश के नए क्षेत्रों में व्यापार की संभावनाएं बनाने और उसे वैश्विक मंच पर एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने में अभूतपूर्व रूप से सफल रही है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी और सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत होंगे। महाकाल की सवारी में मंत्रीगणों को किया आमंत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संपूर्ण वैश्विक जगत में विख्यात 12 ज्योतिर्लिंगों में से उज्जैन की धरती पर भूतभावन महाकाल बाबा विराजमान हैं। श्रावण तथा भाद्र मास में बाबा महाकाल की सवारी के रूप में आमजन के बीच पहुंचते हैं। बाबा महाकाल की सवारी का स्वरूप प्रत्येक सोमवार को अलग-अलग रूप में देखा जाता है। बाबा महाकाल की गौरवशाली सवारी में उपस्थित होने के लिए मंत्रि-परिषद के सभी साथियों के लिए उज्जैन के स्थानीय प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई। अब तक 21 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खरीफ-2025 के लिए कुल उपलब्ध उर्वरक 31.52 लाख मीट्रिक टन था, जिसमें से 20 जुलाई तक 21.05 लाख मीट्रिक टन वितरण हो चुका है। विपणन संघ के डबललॉक केन्द्रों पर इलेक्ट्रॉनिक टोकन सिस्टम लगाने की व्यवस्था कराई जा रही है। डबललॉक केन्द्रों पर किसानों को सुविधा से, व्यवस्थित ढंग से उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले के लिये ट्रांजिट रेक, प्राप्त होने वाली संभावित रेक, जिले में उपलब्ध स्कंध का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये एवं इसकी जानकारी समस्त जन-प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाये। विपणन संघ के विक्रय केन्द्रों एवं पैक्स में निर्धारित अनुपात अनुसार उर्वरक का भंडारण करवाया जा रहा है। रासायनिक उर्वरकों की विक्रय दरों का अनुमोदन किया गया है। जैव-विविधता एवं पर्यावरण संरक्षण की पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जैव विविधता से सम्पन्न क्षेत्रों की पहचान कर उक्त क्षेत्र में सतत संरक्षण के लिये बायोस्फियर रिजर्व स्थापित किये जा रहे हैं। बायोस्फियर रिजर्व घोषित होने से उक्त क्षेत्र में सतत विकास और जैव विविधता एवं पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित होता है। पचमढ़ी क्षेत्र को 1999 में, अचानकमार-अमरकंटक को 2011 में एवं पन्ना को 2011 में बायोस्फियर रिजर्व घोषित किया गया है। लगभग 15 वर्षों के अंतराल के बाद राज्य शासन के प्रयास एवं पहल से कान्हा, पेंच एवं बांधवगढ़ को भी बायोस्फियर रिजर्व घोषित किये जाने के लिये प्रोजेक्ट डॉक्यूमेंट तैयार कर भारत सरकार/यूनेस्को को प्रेषित किये गये हैं तथा इन्हें यूनेस्को के वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ बायोस्फियर रिजर्व में नामांकित करने के लिये प्रयास करेंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यटन तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने अभिवादन किया। मंत्रि-परिषद की बैठक राष्ट्रगीत वंदे-मातरम के सामूहिक गायन के साथ प्रारंभ हुई।  

राज्य सरकार जनसामान्य की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील, आगामी त्यौहारों में उचित व्यवस्था और आवश्यक सावधानी बरतें-CM

अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति में पुख्ता सूचना-तंत्र की व्यवस्था हो सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राहत कार्यों और शिविरों के प्रबंधन में सामाजिक संस्थाओं को भी सहभागी बनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार जनसामान्य की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील, आगामी त्यौहारों में उचित व्यवस्था और आवश्यक सावधानी बरतें-CM  मुख्यमंत्री ने अतिवृष्टि एवं बाढ़ के दृष्टिगत आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति में जान-माल की हानि न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए समय रहते सूचना-तंत्र की पुख्ता व्यवस्था की जाए। राज्य शासन जनसामान्य की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है। बाढ़ उन्मुख नदियों के लेवल पर लगातार निगरानी रखी जाए, बाढ़ संवेदनशील क्षेत्रों का पूर्व आंकलन कर राहत कैम्प की तैयारी रखें। आवश्यकता होने पर राहत शिविर लगाकर आवास और भोजन उपलब्ध कराया जाए। इन कार्यों में आवश्यकता होने पर सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में अतिवृष्टि एवं बाढ़ के दृष्टिगत आवश्यक तैयारियों की मंत्रालय में समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्षाकाल में आने वाले त्यौहारों में उचित व्यवस्था और आवश्यक सावधानियां बरतना जरूरी हैं। आपदाओं से बचाव के संबंध में सामान्य जानकारियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और जनसामान्य को मॉकड्रिल व आपदा प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण में भी शामिल किया जाए। बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में अब तक 61 प्रतिशत से अधिक वर्षा हुई है। सर्वाधिक वर्षा टीकमगढ़, मंडला, छतरपुर, निवाड़ी और सीधी में दर्ज की गई। आगामी माहों में वर्षा के अनुमान को देखते हुए प्रदेश में बाढ़ और अतिवृष्टि से बचाव के लिए एनडीआरएफ की 2 टीमों को भोपाल में, एक-एक टीम जबलपुर, ग्वालियर और धार में तैनात की गई हैं। एसडीईआरएफ की टीमें भी तैनात हैं। आपदा की स्थिति में सेना से सहायता प्राप्त करने के लिए सेना के जिलेवार नोडल अधिकारियों की सूची जिलों को प्रदान की गई है। जिलों को मोटर बोट, लाइफ जैकेट, फ्लड लाइट, प्राथमिक उपचार किट और अन्य आपदा उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं। बैठक में प्रदेश के बांधों में जलभराव की स्थिति की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।  

‘तन्वी द ग्रेट’ को प्रदेश में टैक्स‑फ्री घोषित किया गया — मुख्यमंत्री यादव की घोषणा

फिल्म  तन्वी द ग्रेट मध्यप्रदेश में कर मुक्त होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में कर मुक्त: ‘तन्वी द ग्रेट’ को मिली बड़ी सरकारी घोषणा — मुख्यमंत्री डॉ. यादव ‘तन्वी द ग्रेट’ को प्रदेश में टैक्स‑फ्री घोषित किया गया — मुख्यमंत्री यादव की घोषणा डीबी माल के सिनेमाघर में हुआ फिल्म का प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म "तन्वी द ग्रेट" का देखा विशेष प्रदर्शन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में फिल्म "तन्वी द ग्रेट" कर मुक्त होगी। मध्यप्रदेश शासन द्वारा ऐसी सार्थक फिल्मों को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म अभिनेता और निर्देशक अनुपम खेर के साथ मंगलवार की रात्रि भोपाल में फिल्म "तन्वी द ग्रेट" का विशेष प्रदर्शन देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म सिने प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि फिल्म का विषय चयन, कलाकारों का अभिनय, गीत संगीत, सभी दर्शकों का दिल जीतने योग्य रहा। यह फिल्म मानवीय संवेदनाओं और हमारे तानेबाने से संबंधित सार्थक संदेश देती है। यह फिल्म नहीं बल्कि एक सीख और एक पाठ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी सेना से जुड़े विषयों पर ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आटिज्म से प्रभावित बच्चे भी सक्षम होते हैं और वे सेना में भर्ती होने की योग्यता भी रखते हैं। यह फिल्म में बखूबी दिखाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फिल्मकार अनुपम खेर और सभी कलाकार अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीबी मॉल स्थित सिनेमाघर परिसर में अनेक नागरिकों से भेंट और चर्चा भी की। फिल्म के प्रदर्शन के प्रारंभ में अभिनेता और निर्देशक अनुपम खेर ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। खेर ने फिल्म प्रदर्शन के बाद कहा कि पिता का स्वप्न पूरा करने के लिए बेटी सभी जतन करती है। कोई व्यक्ति सबसे अलग हो सकता है लेकिन वह कमजोर नहीं होता। इस फिल्म की नायिका ने सिद्ध किया है, कि उसकी योग्यता से ही भारतीय सेना में उसका चयन होता है। फिल्म प्रदर्शन के अवसर पर हेमंत खण्डेलवाल, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोंविद सिंह राजपूत, संस्कृति, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी, विधायक भगवान दास सबनानी, समाजसेवी रविन्द्र यति सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 

खाद्य सुरक्षा पर सवाल: आलू, प्याज और रोटी अब नहीं रहे सुरक्षित – इंटरनेशनल स्टडी का दावा

नई दिल्ली  जलवायु परिवर्तन देखते-देखते हमारी थाली और जेब तक पहुंचने लगा है. शोधकर्ताओं ने बताया कि क्लाइमेट चेंज के कारण कहीं रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो रही है तो कहीं बाढ़ तो वहीं कुछ जगहें भीषण सूखा या अकाल का सामना कर रही हैं. इसका सबसे बड़ा असर खेती पर पड़ रहा है.  खेती कैसे हो रही है प्रभावित? जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा असर दुनिया भर में होने वाली खेती पर काफी बुरे तरीके से पड़ रहा है. खेती कम होने के कारण अनाज, फल और सब्जियों के दाम को बढ़ाया जा रहा है. अगर इसी तरह से मौसम बिगड़ता रहा तो आने वाले समय में गरीब देश कुपोषण, राजनीतिक समस्या और समाज में अशांति की समस्या से जूझ रहे होंगे. किन-किन चीजों के दाम में आया उछाल? ब्रिटेन की एनर्जी एंड क्लाइमेट इंटेलीजेंस यूनिट, European Central Bank, फूड फाउंडेशन और पॉट्सडैम इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट इमपैक्ट के संयुक्त अध्ययन में 2022 और 2024 के बीच 18 देशों के मौसम का डाटा लिया गया जिसमें पाया गया कि खाने वाली चीजों के दाम में बढ़ोतरी का कनेक्शन गर्मी, सूखा और बारिश से था. शोध से पता चला कि बीते साल ब्रिटेन में आलू, साउथ कोरिया में पत्तागोभी और घाना में कोको के दाम में तेजी से उछाल आया. इनकी वजह असामान्य मौसम था. खेती करने में क्या आ रही है मुश्किल? Climate Change ने खेती को चुनौतीपूर्ण बना दिया है. लंबे समय तक सूखा पड़ने से फसलें बर्बाद हो जाती हैं. तेज बहाव के साथ आने वाली बाढ़ ऊपजाऊ मिट्टी को अपने साथ बहा ले जाती है. इसके बाद उस जगह पर सिर्फ ऐसी जमीन रह जाती है जिस पर खेती करना बहुत मुश्किल काम हो जाता है. इसके बाद अनाज की कमी और मंहगाई की वजह से परिवारों को बुनियादी पोषण का खर्च उठाना भी मुश्किल हो जाता है.  आलू-प्याज पर भी खतरा? इसी शोध में ये भी पाया गया कि साल 2022 के मुकाबले भारत में जून 2024 तक प्याज और आलू के दाम 89 फीसदी तक बढ़े थे. यहीं हाल बाकी देशों का भी है. बता दें कि मोजाम्बिक में जब ब्रेड की कीमत बढ़ी थी तो लोग सड़कों पर उतर आए थे. शोधकर्ता मैक्सिमिलियन कोट्ज ने कहा कि, जब खाने की चीजें महंगी होती हैं तो गरीबों को कम पोषण मिलता है जिसका असर स्वास्थ्य पर पड़ता है. 

नागरिक सेवाएँ ई-नगर पालिका 2.0 एवं ऐप के माध्यम से देने का प्रयास

भोपाल प्रदेश में नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के लिये केंद्रीयकृत वेब आधारित ई-नगर पालिका 2.0 संचालित हो रही है। यह परियोजना डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने तथा पारदर्शी एवं त्वरित नागरिक सेवा देने के उद्देश्य से नगरीय निकायों में चल रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है जहां प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने वर्ष 2025-26 में ई-गवर्नेंस-आईटी के माध्यम से नागरिक सुविधाओं के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की है। नगरीय निकायों की सभी सेवाओं को ऑनलाइन नवीन तकनीक से अपग्रेड किया जायेगा। समस्त नगरीय निकायों में नागरिक सेवाओं को ई-नगर पालिका 2.0 पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से प्रदाय किया जाएगा। एनालिटिल डेशबोर्ड नगरीय क्षेत्रों के सतत् और योजनाबद्ध विकास तथा विभागीय कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिये रियल टाइम डेशबोर्ड विकसित किया जा रहा है। विभाग की एआई गार्ड योजना में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के प्रयोग किये जाने की भी योजना तैयार की गई है। ई-गवर्नेंस में ज्योग्रोफिकल इन्फॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) के संयोजन के साथ शहरी विकास और सेवा विस्तार में आधुनिक पारदर्शी और डेटा संचालित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जायेगी। जीआईएस पोर्टल पर 90 से अधिक महत्वपूर्ण डाटा लेयर्स का प्रयोग कर इसका विकास किया जायेगा। नवीन 3.0 पोर्टल ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम 3.0 पोर्टल (एबीपीएएस) के माध्यम से ऑनलाइन भवन अनुज्ञा की सुविधा समस्त नगरीय निकायों में प्रदाय की जायेगी। इसके साथ ही कॉलोनी विकास अनुज्ञा को भी ऑनलाइन किये जाने को इस वर्ष की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस एवं आईटी के विस्तार में व्हाट्सएप चेटबोट के माध्यम से नगरीय निकायों के सभी प्रकार के कर एवं गैर करों के बिल भुगतान की सुविधा एवं सेवाओं की जानकारी देने का प्रयास किया जायेगा।