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‘गुंडा टैक्स’ और गैंगरेप का मुद्दा उठाकर पीएम मोदी ने दीदी पर बोला हमला, बोले- बंगाल की हालत चिंताजनक

दुर्गापुर पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में 6 साल बाद पीएम मोदी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इससे पहले उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार की शुरुआत दुर्गा में विशाल जनसभा को संबोधित कर किया था। शुक्रवार को अपने संबोधन में पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार की तीखे शब्दों में आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह सावन का पवित्र महीना है, ऐसे पावन समय में मुझे पश्चिम बंगाल के विकास पर्व का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल के लिए बड़े सपने देखे हैं। भाजपा एक समृद्ध पश्चिम बंगाल बनाना चाहती है। भाजपा एक विकसित पश्चिम बंगाल का निर्माण करना चाहती है। हमें बंगाल को इस बुरे दौर से बाहर निकालना है, और आज यहां जिन परियोजनाओं की शुरुआत हुई है, वो इसी का प्रतीक हैं। बंगाल बदलाव चाहता है। बंगाल में पालायन शुरू हो गयाः पीएम पीए मोदी ने कहा कि देशभर से रोजगार के लिए आते थे, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह उलट गई। आज पश्चिम बंगाल का नौजवान पलायन के लिए मजबूर है। छोटे-छोटे काम के लिए भी उसे दूसरे राज्यों की तरफ जाना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आज आपको ये यकीन दिलाने आया हूं कि बंगाल की बदहाल स्थिति को बदला जा सकता है। भाजपा की सरकार आने के बाद सिर्फ कुछ ही वर्षों में बंगाल देश के शीर्ष औद्योगिक राज्यों में से एक बन सकता है। यह मेरा दृढ़ विश्वास है। बंगाल के विकास में दिवार बनकर खड़ी टीएमसीः पीएम टीएमसी सरकार बंगाल के पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि टीमएमसी विकास के आगे दीवार बनकर खड़ी है। जिस दिन टीएमसी सरकार की ये दीवार गिरेगी, उसी दिन से बंगाल विकास की नई तेजी पकड़ लेगा। टीएमसी की सरकार जाएगी, तभी असली परिवर्तन आएगा। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा की ओर से मैं आपसे आग्रह करता हूं, एक बार भाजपा को अवसर दीजिए। एक ऐसी सरकार चुनिए जो कामदार हो, ईमानदार हो और दमदार हो। ‘गुंडा टैक्स बंगाल में निवेश को रोक रहा’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि टीएमसी का ‘गुंडा टैक्स’ बंगाल में निवेश को रोक रहा है। राज्य के संसाधन माफिया के हाथों में चले गए हैं और सरकारी नीतियां जानबूझकर मंत्रियों को खुलेआम भ्रष्टाचार करने के लिए प्रेरित करने के लिए बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि ‘मां, माटी, मानुष’ की बात करने वाली पार्टी की सरकार में बेटियों के साथ जो अन्याय हो रहा है, वो पीड़ा भी देता है और आक्रोश से भी भर देता है। आज पश्चिम बंगाल में अस्पताल भी बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। जब यहां एक डॉक्टर बेटी के साथ अत्याचार हुआ तो टीएमसी सरकार आरोपियों को बचाने में जुट गई। इस घटना से देश अभी उबरा भी नहीं था कि एक और कॉलेज में एक और बेटी के साथ भयंकर अत्याचार किया गया। इस घटना के आरोपियों का कनेक्शन भी टीएमसी से निकला है। हमें मिलकर बंगाल को इस निर्ममता से मुक्ति दिलानी है। साउथ लॉ कॉलेज में छात्रा से गैंगरेप का पीएम ने किया जिक्र बता दें कि हाल ही में कोलकाता के साउथ लॉ कॉलेज की एक छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया था। पीएम मोदी ने इसी घटना का जिक्र कर ममता सरकार को घेरा। पीएम मोदी ने कहा कि टीएमसी और लेफ्ट ने सालों तक दिल्ली में कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार चलाई। इस दौरान इनको बांग्ला भाषा की याद तक नहीं आई। ये भाजपा सरकार है, जिसने बांग्ला को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया।

आस्था की नगरी उज्जैन तैयार, जुलाई के अंतिम 3 दिन होंगे त्योहारों से सराबोर

उज्जैन जुलाई के आखिरी तीन दिन उज्जैन में आस्था का महा सैलाबल देखने को मिलेगा। 27 जुलाई को रविवार होने के कारण छुट्टी का लाभ उठाते हुए देशभर से श्रद्धालुओं की भीड़ उज्जैन(Mahakal Temple Crowd) में उमड़ेगी। । 28 जुलाई को श्रावण मास में भगवान महाकाल की तीसरी सवारी निकलेगी, इसी दिन रात 12 बजे नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट भी खुलेंगे। 29 जुलाई को नागपंचमी होने से देशभर से हजारों भक्त भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए आएंगे। महाकाल व नागचंद्रेश्वर के लिए अलग कतार नागपंचमी पर दर्शन व्यवस्था का प्लान तैयार किया जा रहा है। भीड़ नियंत्रण के लिए महाकाल( Darshan Arrangements Ujjain) और नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए अलग-अलग कतारें रहेंगी। यह निर्णय इसलिए लिया जा रहा है ताकि भक्तों को कम समय में सुविधा से भगवान के दर्शन हो सकें। एक-दो दिन में नागपंचमी की व्यवस्था संबंधी बैठक में दर्शन व्यवस्था पर अंतिम मुहर लग जाएगी।   दो दिन में 10 लाख से अधिक भक्तों के आने का अनुमान 28 जुलाई को श्रावण का तीसरा सोमवार और 29 जुलाई को नागपंचमी(Nag Panchami Ujjain) होने से प्रशासन को इन दो दिनों में 10 लाख से अधिक भक्तों के भगवान महाकाल और नागचंद्रेश्वर के दर्शन(Nagchandreshwar Darshan) के लिए उज्जैन पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं का उज्जैन पहुंचने का सिलसिला 27 जुलाई, रविवार से शुरू हो जाएगा। तीन दिन के लिए शहर की होटलें, यात्रीगृह और होमस्टे में यात्रियों को जगह मिलना मुश्किल रहेगा। महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल का कहना है कि “नागपंचमी को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। व्यवस्था के लिए विभिन्न विभागों को पत्र लिखा गया है। एक-दो दिन में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक होगी। इसमें दर्शन व्यवस्था सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिए जाएंगे।” 

प्रयागराज में कांवड़ियों पर हमला, धार्मिक तनाव के बीच मारपीट और लूट का माहौल

प्रयागराज सरायं ख्वाजा मऊआइमा के पास शुक्रवार को कांवड़िए और नमाजियों में भिड़ंत हो गई. जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया है. आरोप है कि नमाजियों ने लाठी-डंडे और तलवार से कांवड़ियों पर हमला किया, जिसमें कई कांवड़ियों के घायल होने की जानकारी है. बताया जा रहा है कि विवाद DJ बजाने को लेकर हुआ था. मुस्लिम पक्ष ने DJ की आवाज कम करने को कहा था. घटना की जानकारी मिलते ही दो थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची. पुलिस के सामने भी नमाजी और कांवड़ियों में धक्कामुक्की हुई है. पुलिस ने किसी तरह हालात संभाला. इधर पीड़ित पक्ष ने 15 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ शिकायत दी है. कांवड़ यात्रा में शामिल महेंद्र कुमार ने मऊआइमा थाने में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है. फिलहाल कड़ी सुरक्षा के बीच कांवड़ियों को मुस्जिद के पास से निकाला गया है. घटना के दौरान महिलाओं से अभद्रता करने का आरोप है. एक महिला को घसीटते हुए कपड़े तक फाड़ दिए गए. यात्रियों के मोबाइल फोन तोड़ दिए गए, भगवा झंडा फाड़ दिया गया और कई श्रद्धालुओं से पैसे और जेवर भी छीन लिए गए. ये भी आरोप है कि आरोपियों ने ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा कि अगर गांव से फिर कभी कोई धार्मिक यात्रा निकली तो वह उसे जानलेवा हमला करके रोक देंगे.

नक्सलियों पर करारा प्रहार: नारायणपुर में सुरक्षाबलों ने किया बड़ा ऑपरेशन, हथियारों का जखीरा जब्त

नारायणपुर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में जवानों को बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार को सुरक्षाबल के जवानों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में जवानों ने 6 नक्सलियों को मार गिराया है। अभी इलाके में सर्चिंग अभियान जारी है। माना जा रहा है कि इस एनकाउंटर में नक्सलियों के कई टॉप लीडर के ढेर होने की संभावना है। सुरक्षाबल के जवान सर्चिंग अभियान के लिए निकले थे इसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ में छह नक्सलियों को मार जाने की पुष्टि पुलिस अधिकारियों ने की है। एनकाउंटर के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में छह नक्सलियों को मार गिराया। हालांकि अभी मारे गए नक्सलियों की पहचान नहीं है। नक्सलियों के शव के साथ भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार भी बरामद किया गया है। क्या कहा अधिकारी ने बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में माओवादियों के मौजूदगी की सूचना मिली थी। जिसके बाद नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबल के जवानों की संयुक्त टीम को रवाना किया गया है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान शुक्रवार दोपहर माआवोदियों ने सुरक्षाबलों की टीम पर हमला किया। जिसके जवाब में जवानों ने भी फायरिंग की। अभी मिशन जारी है उन्होंने बताया कि माओवादियों और जवानों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ चल रही है। अब तक तलाशी अभियान के दौरान मुठभेड़ स्थल से छह नक्सलियों के शव, एके-47 और एसएलआर राइफल, कई अन्य हथियार, विस्फोटक सामग्री तथा दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई हैं। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि अभियान अभी जारी है, इसलिए इसमें शामिल जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिक जानकारी अभी नहीं दी जा सकती है। मिशन पूरा होने के बाद देंगे जानकारी उन्होंने बताया कि अभियान पूरा होने के बाद इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मिशन में शामिल सभी जवान पूरी तरह से सुरक्षित हैं। बता दें कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ अभियान में जवानों ने माओवादियों के कई टॉप लीडरों को ढेर किया है जिसके बाद से नक्सली संगठन कमजोर हो रहे हैं।

एमपी में टेक क्रांति की दस्तक, स्पेन की कंपनी ‘सबमर’ लगाएगी इंडस्ट्रियल प्लांट

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्पेन के बार्सिलोना में छा गए। उनका अंदाज और उनकी बातों ने यहां की टेक जायंट कंपनी सबमर टेक्नोलॉजीज प्रबंधन को इतना प्रभावित किया कि उसने सीएम डॉ. यादव के कुछ घंटे पहले हुए दौरे के बाद ही मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) साइन कर लिया। यह एमओयू मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (MPSEDC) और सबमर के बीच हुआ है। इसका उद्देश्य सहयोग को बढ़ाना, मध्यप्रदेश में निवेश और साझेदारी के अवसरों की खोज करना है। इसमें टिकाऊ डेटा सेंटर टेक्नोलॉजी, इमर्शन कूलिंग सॉल्यूशन, ग्रीन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्च के जॉइंट डेवलपमेंट पर फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 जुलाई की रात ही सबमर (Submer) का दौरा किया था। उनकी विजिट के दौरान सरकार और कंपनी प्रबंधन के बीच अहम चर्चा भी हुई थी। इस चर्चा के बाद ही कंपनी प्रबंधन ने कह दिया था कि मध्यप्रदेश सरकार और हम एक साथ सतत एआई तकनीकि विकास पर काम कर सकते हैं।   बता दें, मध्यप्रदेश और सबमर टेक्नोलॉजीज इस बात पर सहमत हुए हैं कि सबमर द्वारा मध्यप्रदेश में इमर्शन कूलिंग और टिकाऊ डेटा सेंटर से संबंधित निर्माण, रिसर्च एंड डेवलपमेंट बुनियादी ढांचे की स्थापना में निवेश करेगा। एमपीएसईडीसी द्वारा उपयुक्त भूमि, बुनियादी ढांचे, और सिस्टम में मदद करेगी। एमपीएसईडीसी योजनाओं और नीतियों के अनुरूप आवश्यक प्रोत्साहन और नीति पर सहयोग करेगी। इसके अलावा दोनों डिजीटल बुनियादी ढांचे क्षेत्र में कौशल विकास, नवाचार, और स्थानीय रोजगार सृजन को बढ़ावा देंगे। मध्यप्रदेश की बदल जाएगी सूरत सबमर से मध्यप्रदेश की टेक्नोलॉजी संबंधी कई चुनौतियां हल हो जाएंगी। इस पहल से प्रदेश टिकाऊ, एआई तैयार डेटा सेंटर के मामले में देश में अग्रणी होगा। डेटा सेंटर डिजाइन और इस्टेब्लिशमेंट में नई जनरेशन के स्टैंडर्ड की देखरेख होगी। सबमर तकनीकी सलाहकार के रूप में काम करेगी। इससे राज्य में नए डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए वैश्विक विशेषज्ञता आएगी। लिक्विड कूलिंग, ऊर्जा अनुकूलन, और एआई बुनियादी ढांचे में अपनी विशेषज्ञता के साथ सबमर यह सुनिश्चित करेगा कि ये परियोजनाएं दक्षता, स्थिरता, और आर्थिक प्रभाव के उच्च मानकों को पूरा करें। यह साझेदारी वैश्विक खिलाड़ियों को आकर्षित करने और मध्यप्रदेश के लिए दीर्घकालिक आर्थिक मूल्यों को सृजित करने के लिए की गई है। क्या है सबमर कंपनी का इतिहास सबमर की स्थापना बार्सिलोना में साल 2015 में हुई। यह कंपनी डेटा सेंटर, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और एज कंप्यूटिंग के लिए सिंगल फेज कूलिंग प्रणालियों में विशेषज्ञता रखती है। यह कंपनी स्मार्टपॉड, स्मार्टपॉडएक्स, ईएक्सओ और माइक्रोपॉड बनाती है। यह कंपनी पारंपरिक तरीकों की तुलना में कूलिंग ऊर्जा की खपत 45 प्रतिशत तक कम कर देती है 90 प्रतिशत तक पानी की बचत करती है। कंपनी वैश्विक स्तर पर डेटा सेंटर्स, एआई प्रयोगशालाओं, वित्तीय संस्थानों और सरकारी कंप्यूटिंग क्लस्टरों में सिस्टम स्थापित कर चुकी है। मई साल 2022 में सबमर ने भारत में इंग्राम माइक्रो इंडिया के साथ साझेदारी की। दोनों ने क्लाउड प्रदाताओं, आईटी पार्कों, सरकारी प्रतिष्ठानों और निजी उद्यमों में स्मार्ट, टिकाऊ डेटा सेंटर की स्थापना की। गौर करने वाली और सबसे खूबसूरत बात ये रही कि एमओयू के समय सबमर के फाउंडर पोल वाल्स सोलर मध्यप्रदेश हैंडलूम की टाई में नजर आए। यह सिर्फ टाई नहीं, बल्कि संस्कृति, सम्मान और साझेदारी के रिश्ते को पहनने जैसा है। 

मुख्यमंत्री साय की घोषणा: धान खरीदी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर,  प्रदेश के किसानों के लिए आज एक अत्यंत हर्ष और गर्व का दिन है। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के अनुमान को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन करने की ऐतिहासिक स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं की मेहनत को नई पहचान और उनकी आर्थिक समृद्धि को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अभूतपूर्व निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी जी के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केंद्र और राज्य सरकार की "डबल इंजन" प्रतिबद्धता का सजीव प्रमाण है, जिसमें किसान कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा सोशल मीडिया 'एक्स' में पोस्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 8 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त धान खरीदने की स्वीकृति, हमारे किसानों के परिश्रम को मान्यता देने वाला कदम है। यह न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है और केंद्र सरकार से समन्वय करते हुए उनके लिए हरसंभव सुविधा सुनिश्चित कर रही है। राज्य के धान उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य, समय पर भुगतान और सुगम खरीदी प्रक्रिया के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है। धान खरीदी सीमा में यह वृद्धि प्रदेश के किसानों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है। यह उनके परिश्रम और उत्पादन क्षमता में केंद्र की आस्था का संकेत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगठित बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए सरकार लगातार नई योजनाएँ और उपाय लागू कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों के जीवन में खुशहाली और सम्मान लाना ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के अन्नदाता नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री साय की घोषणा: धान खरीदी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर,  प्रदेश के किसानों के लिए आज एक अत्यंत हर्ष और गर्व का दिन है। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के अनुमान को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन करने की ऐतिहासिक स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं की मेहनत को नई पहचान और उनकी आर्थिक समृद्धि को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अभूतपूर्व निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी जी के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केंद्र और राज्य सरकार की "डबल इंजन" प्रतिबद्धता का सजीव प्रमाण है, जिसमें किसान कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा सोशल मीडिया 'एक्स' में पोस्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 8 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त धान खरीदने की स्वीकृति, हमारे किसानों के परिश्रम को मान्यता देने वाला कदम है। यह न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है और केंद्र सरकार से समन्वय करते हुए उनके लिए हरसंभव सुविधा सुनिश्चित कर रही है। राज्य के धान उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य, समय पर भुगतान और सुगम खरीदी प्रक्रिया के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है। धान खरीदी सीमा में यह वृद्धि प्रदेश के किसानों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है। यह उनके परिश्रम और उत्पादन क्षमता में केंद्र की आस्था का संकेत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगठित बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए सरकार लगातार नई योजनाएँ और उपाय लागू कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों के जीवन में खुशहाली और सम्मान लाना ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के अन्नदाता नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ेंगे।

देश और सनातन पर आए संकट में जनजातीय समाज सबसे आगे: योगी आदित्यनाथ

वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश या सनातन धर्म के सामने जब कोई चुनौती आई तो भारत का जनजातीय समाज आगे बढ़कर खड़ा हुआ। भगवान राम के वनवास के 12 वर्ष कुशलतापूर्वक संपन्न हुए। उसके बाद माता सीता का अपहरण हो गया। तब राम के पास न तो अयोध्या न ही जनकपुर की सेना थी। तब जनजातीय समाज ने आगे बढ़कर उनका स्वागत और सहयोग किया। भगवान कृष्ण को भी सहयोग मिला। योगी शुक्रवार को वसंत महिला महाविद्यालय में आइसीएसएसआर के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी का विषय बिरसा मुंडा की विरासत आदिवासी सशक्तीकरण और राष्ट्रीय आंदोलन है। योगी ने महाविद्यालय परिवार को बिरसा मुंडा की राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि महाविद्यालय के पास भी अपनी एक विरासत है। जिस प्रकार बिरसा मु़ंडा ने छोड़ा है। कृष्णमुर्ति फाउंडेशन इस महाविद्यालय के संचालन में अपनी भूमिका अदा करती है। जो एक विरासत है। उन्होंने एनी विसेंट के योगदान को भी याद किया। मदन मोहन मालवीय को याद करते हुए उनके द्वारा बीएचयू जैसी विरासत को छोड़ने का उल्लेख किया। कहा हम सभी को महापुरूषों की विरासत को आगे बढ़ाना चाहिए। महाविद्यालय परिसर की तारीफ करते हुए कहा आप प्राकृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। जो जैसा दिखेगा वैसा बिकेगा का उल्लेख करते हुए कहा परिसर में प्रवेश करते ही लगा कि आपने भारत की गौरवशाली गुरुकुल परंपरा की स्मृतियों को ताजा करता है। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता पद्म पुरस्कार विजेता अशोक भगत का उल्लेख करते हुए कहा कि आपने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्गदर्शन में जीवन जीया। उस क्षेत्र में गए जो लोग पिछड़े थे जहां तक सरकार नहीं पहुंच पाई। इसलिए इनका जीवन जनजातीय समाज की स्थिति, संघर्ष, उनकी विरासत आदि को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, श्रम व सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टांप मंत्री रवींद्र जायसवाल, विधायक डा. नीलकंठ तिवारी, अवधेश सिंह, एमएलसी धर्मेंद्र राय, अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकरपुरी महाराज, सतुआबाबा संतोषाचार्य महाराज, प्रबंधक एसएन दूबे, प्राचार्य अलका सिंह, कार्यक्रम कन्वेनर रंजना सिंह आदि मौजूद रहे। योगी दो दिवसीय काशी दौरे पर थे। वह गुरुवार को विकास कार्य और कानून व्यवस्था की समीक्षा के साथ ही कुछ परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। आज सुबह कुछ विशिष्टजन से मिले। वह दोपहर 12 बजे के करीब हेलीकाप्टर से वापस चले गए।  

मेयर पुष्यमित्र का दावा: इंदौर लगातार 9वीं बार बनेगा स्वच्छता चैंपियन

इंदौर  स्वच्छता लीग में शीर्ष अंक हासिल करने के बाद मेयर पुष्य मित्र भार्गव, निगमायुक्त शिवम वर्मा शुक्रवार को दिल्ली से इंदौर लौटे। अवार्ड मिलने की खुशी में इंदौर में जश्न मनाया गया। एयरपोर्ट से राजवाड़ा तक निकली रैली का जगह-जगह स्वागत शहरवासियों ने किया। इस मौके पर राजवाड़ा पर आयोजित कार्यक्रम में मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि स्वच्छता अब हमारा संस्कारों में शामिल हो गई है। हमने सफाई में अष्ठसिद्धि प्राप्त की। अब नौवीं बार भी हम स्वच्छता के शीर्ष पर होंगे। स्वच्छता में अब हम और भी नवाचार करने जा रहे है। शहरवासी एप के माध्यम से कचरा वाहन घर पर बुलवा सकेंगे। मेयर ने कहा कि सफाईकर्मियों के लिए भी सुविधाएं बढ़ाने का काम नगर निगम करेगा। तनख्वाह में एक हजार रुपये की बढ़ौत्री की मांग हमने सरकार से की है। दिल्ली से मिली ट्राॅफी के साथ महापौर परिषद सदस्यों व पार्षदों ने फोटों खिंचावाई। नाचकर मनाया जश्न राजवाड़ा पर नगर निगम कर्मचारी, सफाई मित्रों ने ढोलक की थाप पर नाच कर अपनी खुशी का इजहार किया। इसके अलावा मिठाई भी बांटी गई। एयरपोर्ट से जब मेयर का काफिला निकाला तो कालानी नगर चौराहे पर भी स्वागत हुआ। इसके अलावा अन्य जगह भी मंच लगे हुए थे। राजवाड़ा के बाद दिल्ली से मिले अवार्ड को नगर निगम परिसर में गया। उधर गुरुवार रात को प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी इंदौर आए थे तो उनका भी भाजपा समर्थकों ने राजवाड़ा पर स्वागत किया।  

एक पेड़, एक ज़िंदगी अभियान को उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सराहा

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि विकास और पर्यावरण संतुलन एक साथ आवश्यक हैं। सुखद, समृद्ध और सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के पुनीत कार्य में सभी की सहभागिता ज़रूरी है। पौधारोपण व्यक्ति को जीवन और प्रकृति के बीच आत्मीय संबंध की गहरी अनुभूति भी कराता है। प्रदेश में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनचेतना के लिए मीडिया समूह के “एक पेड़, एक ज़िंदगी” अभियान की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सराहना की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि यह अभियान हरियाली बढ़ाने में सहायक होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मीडिया समूह द्वारा जनसामान्य को तुलसी के बीज वितरित कर आयुर्वेदिक परंपरा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच के संबंध को भी सशक्त किया जा रहा है। यह नवाचार न सिर्फ सराहनीय है, बल्कि प्रेरणादायक भी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली भूमिका निभाई है। मध्यप्रदेश में “जल-गंगा संवर्धन अभियान”, “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति वृक्षारोपण को अपनी भावनाओं और स्मृतियों से जोड़ता है, तो उसका संरक्षण भी स्वाभाविक रूप से होता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पर्यावरण और विकास विरोधी तत्व नहीं, बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं। जितना आवश्यक अधोसंरचना, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में विकास है, उतना ही महत्वपूर्ण स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरियाली को संरक्षित रखना भी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नागरिकों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों से जुड़ें और अपने आसपास हरियाली बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।