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सीएम यादव की स्पेन यात्रा: निवेश और सांस्कृतिक साझेदारी की ओर कदम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेन में की निवेश, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग की नई पहल स्पेन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की बड़ी पहल, निवेश-शिक्षा-संस्कृति को मिलेगी नई दिशा सीएम यादव की स्पेन यात्रा: निवेश और सांस्कृतिक साझेदारी की ओर कदम स्पेन में डॉ. यादव की तीन मोर्चों पर पहल, निवेश, शिक्षा और संस्कृति पर खास फोकस कैटलोनिया के विदेश मंत्री जैम डच गुइलोट के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक अकादमिक साझेदारी की दिशा में नया संवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पेन यात्रा के तीसरे दिन बार्सिलोना में कैटलोनिया सरकार के विदेश मंत्री जैम डच गुइलोट से भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थान आईआईटी इंदौर और IISER भोपाल को बार्सिलोना के विश्वविद्यालयों से जोड़ते हुए अकादमिक और शोध सहयोग को बढ़ाने की बात कही। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश विश्वस्तरीय अनुसंधान और नवाचार केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेश और औद्योगिक सहयोग के लिए आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में कैटलोनिया की अग्रणी कंपनियों को मध्यप्रदेश में निवेश और तकनीकी सहयोग के लिए आमंत्रण दिया। उन्होंने प्रदेश की नई औद्योगिक नीति, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और युवा शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सही समय है जब यूरोपीय कंपनियाँ मध्यप्रदेश को अपने निवेश गंतव्य के रूप में देखें। खेल, पर्यटन और संस्कृति में साझेदारी के नए आयाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एफसी बार्सिलोना फाउंडेशन जैसे संगठनों के साथ मिलकर खेल, नेतृत्व और जीवन कौशल पर आधारित कार्यक्रमों की साझेदारी की संभावनाएं साझा कीं। साथ ही मध्यप्रदेश के विश्व धरोहर स्थलों साँची, खजुराहो और भीमबेटका को यूरोप में प्रमोट करने के लिए संयुक्त पर्यटन अभियान पर भी सहमति बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी सुझाव दिया कि दोनों सरकारें प्रदर्शन कला, सिनेमा, साहित्य और संग्रहालयों के माध्यम से सांस्कृतिक संवाद को और सशक्त बनाएं। तकनीकी सहयोग और नीति-स्तरीय समन्वय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मार्ट सिटी, ग्रीन बिल्डिंग्स और शहरी परिवहन में कैटलोनिया की विशेषज्ञता का लाभ लेने के लिए तकनीकी सहयोग प्रस्तावित किया। उन्होंने दोनों सरकारों के बीच एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने की बात कही, जो प्रमुख परियोजनाओं की पहचान कर उन्हें लागू करने में सक्रिय भूमिका निभाएगा। वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की सशक्त उपस्थिति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मुलाकात को प्रदेश की वैश्विक रणनीति का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब निवेश, शिक्षा, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के लिए तैयार है, और स्पेन यात्रा प्रदेश के विकास में नए अध्याय जोड़ेगी।  

मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती ए आजम का खत, मुस्लिम समाज से बोले दस्तावेज रखें तैयार- जानें पूरा मामला

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुफ्ती-ए-आजम का एक खत वायरल हो रहा है, जिससे राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का मुद्दा फिर उठता दिख रहा है. मुफ़्ती-ए-आजम ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील की है कि अपने सभी दस्तावेज तैयार कर लें.  दरअसल, मध्य प्रदेश मुफ्ती-ए-आजम डॉ. मौलाना मोहम्मद मुजाहिद रज़ा पत्र जारी कर मुसलमानों से आग्रह किया है कि सभी देश की नागरिकता साबित करने संबंधित और अपनी पहचान संबंधित सभी दस्तावेज चेक कर लें और कोई चूक है तो उसे सुधरवा लें.  मुस्लिम समाज को दस्तावेजी तैयारी के नसीहत वाला मुस्लिम धर्मगुरु का पत्र चर्चा में है। जिसमें उन्होंने अपनी पहचान से जुड़े पेपर तैयार कराने के लिए कहा है। मुफ्ती ए आजम मप्र डॉ. मौलाना मुशाहिद रजा कादरी की ओर से जारी इस पत्र में यह चिंता साफ नजर आ रही है। जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 16 जुलाई के इस पत्र में कहा गया है कि सभी मुसलमानों को देश की नागरिकता सिद्ध करने वाले तमाम कागजात पहले से दुरुस्त कर लेने चाहिए। क्योंकि एनआरसी की पड़ताल बहुत जोरों से चल रही है। एनआरसी, सीएए और एनपीआर के मुद्दों को लेकर भाजपा हुकूमत बहुत उत्सुकता से गौर फिक्र कर रही है। यह बात अच्छे से अपने दिमाग में बैठा कर सोच फिक्र रखना होगा, क्योंकि हमारा नाम हर लिस्ट में नं 01 पर रखा गया है। एनआरसी किसी भी समय हमारे सूबे मध्य प्रदेश में शुरू हो जाएगी। जिससे पहले हमें अपनी नागरिकता को भारतीय साबित करने के लिए कागजात की तैयारी पूरी करना होगा। उन्होंने मूल निवास, आधार, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, राशनकार्ड सहित पासपोर्ट व दूसरे दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, निकाहनामा व प्रॉपर्टी के रेकॉर्ड भी शामिल है। उसे अपने पास दुरुस्त कराकर रखने की ताकीद की है। कोई शाब्दिक त्रुटि हो तो ठीक करवा लें। 'एमपी सरकार शुरू कर सकती है NRC' उन्होंने कहा कि जन्म, जाति, शादी, संपत्ति, निवासी, मृत्यु से संबंधित सभी दस्तावेज मुसलमानों को अब तैयार कर लेने चाहिए, क्योंकि मध्य प्रदेश सरकार कभी भी NRC शुरू कर सकती है. Mufti-e-Azam MP : उनका कहना है- आमजनों को शासकीय कार्यवाहियों में जरूरी दस्तावेज तैयार रखने की गुजारिश की है। यह पत्र जागरूकता के लिए जारी किया गया है।     मौलाना मुशाहिद रजा कादरी,मुफ्ती-ए-आजम मप्र   NRC और NPR क्या है, CAA के बाद क्यों चल रही चर्चा केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 11 मार्च 2024 को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसके साथ ही सीएए के नियम देशभर में लागू हो गए। सीएए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, जहां लोग पोर्टल के माध्यम से सीएए के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सीएए को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने नागरिकता (संशोधन) कानून को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि देश में धर्म के आधार पर कानून नहीं बनाया जा सकता। सीएए को एनआरसी और एनपीआर के साथ जोड़कर देखने की जरूरत है। भाजपा का मुख्य उद्देश्य देश में एनपीआर और एनआरसी लागू करना है। आइए जानते हैं क्या होता है एनपीआर (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर)। एनपीआर क्या है? What is NPR Bill Meaning एनपीआर की फुल फॉर्म राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर है। एनपीआर देश के सामान्य निवासियों की एक सूची है। भारत के प्रत्येक सामान्य निवासी के लिए एनपीआर में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसमें भारतीय नागरिक और विदेशी नागरिक दोनों शामिल हैं। एनपीआर का उद्देश्य देश के प्रत्येक सामान्य निवासी का डेटाबेस बनाना है। इसे नागरिकता अधिनियम 1955 और नागरिकता (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करना) नियम 2003 के प्रावधानों के तहत स्थानीय (गांव/उप-नगर), उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के लिए डेटा पहली बार 2010 में भारत सरकार द्वारा एकत्र किया गया था और इसे हर 10 साल में दोहराया जाएगा। इसका उद्देश्य देश के प्रत्येक सामान्य निवासी का एक व्यापक पहचान डेटाबेस बनाना है। डेटाबेस में जनसांख्यिकीय के साथ-साथ बायोमेट्रिक विवरण भी शामिल होंगे। एनपीआर के लिए किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी क्योंकि जनसंख्या रजिस्ट्रार में डेटा प्रविष्टि के लिए स्व-घोषणा को पर्याप्त माना जाएगा। सीएए यानी नागरिकता संशोधन अधिनियम पर चल रहे विवाद के बीच लोगों की मन में बहुत विभ्रांति उत्पन्न हो गई है, बहुत से लोग नहीं जान पा रहे हैं कि आखिर यह राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर यानी एनपीआर क्या है और उसे क्यों अपडेट किया जा रहा है? हम आपको समझते हैं कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर क्या है? एनपीआर देश के सभी नागरिकों की जनसंख्या विवरण का डेटा है। सभी नागरिकों के लिए एनपीआर में पंजीकरण और सरकार को सही विवरण बताना अनिवार्य है। भारत में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत कारगिल समीक्षा समिति ने गैर नागरिकों और नागरिकों के अनिवार्य पंजीकरण सिफारिश को 2001 में स्वीकार किया गया था। वर्तमान में प्रक्रिया असम को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में की जाएगी। दरअसल केंद्र और राज्य सरकार कल्याणकारी योजनाएं बनती है, लेकिन सरकार को कोई योजना बनाने से पहले यह जानना जरूरी होता है कि जिन लोगों के लिए कोई योजना बनाई जा रही है उन लोगों की संख्या कितनी है? उनकी आर्थिक स्थिति कैसी है? उनकी क्या आवश्यकता है? इत्यादि। एनपीआर का मूल उद्देश्य क्या है? What is NPR Objective जनगणना आयोग के अनुसार, एनपीआर का उद्देश्य प्रत्येक सामान्य निवासी का एक व्यापक पहचान डेटाबेस तैयार करना है। एनपीआर में किस तरह का डेटा शामिल किया जाएगा?     राष्ट्रीयता घोषित व्यक्ति का नाम     जन्म तिथि     जन्म स्थान     मां का नाम     पिता का नाम     लिंग     वैवाहिक स्थिति     पति का नाम यदि विवाहित है तो     स्थाई आवासीय पता     शैक्षिक योग्यता     व्यवसाय वर्तमान पता पर रहने की अवधि     सामान्य निवास का पता     घर के मुखिया से संबंध आदि एनपीआर की वर्तमान स्थिति क्या है? राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के लिए डेटा 2010 में भारत की जनगणना 2011 के साथ एकत्र किया गया था। जनगणना के दौरान एकत्र किए गए डेटा को 2015 में … Read more

छोटे गांव से राष्ट्रीय गौरव तक: छत्तीसगढ़ के गांव से उठकर देश का सबसे तेज धावक बना अनिमेष कुजूर

रायपुर  छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव घुइटानगर से निकले 22 वर्षीय अनिमेष कुजूर आज भारत के सबसे तेज धावक बन चुके हैं. मात्र 10.18 सेकंड में 100 मीटर की दौड़ पूरी कर उन्होंने गुरिंदरवीर सिंह का रिकॉर्ड तोड़ा और भारतीय एथलेटिक्स में एक नई क्रांति की शुरुआत की. अब वे सिर्फ देश नहीं, बल्कि विश्व पटल पर भारत की पहचान बनाने की राह पर हैं. मोनाको डायमंड लीग में हिस्सा लेने वाले पहले भारतीय स्प्रिंटर बनकर अनिमेष ने इतिहास रच दिया है. यहां उन्होंने 200 मीटर U-23 स्पर्धा में भाग लिया और दुनिया के दिग्गज एथलीट्स के सामने भी आत्मविश्वास से दौड़े. हालांकि वे केवल 0.10 सेकंड से पोडियम से चूक गए, लेकिन उनका प्रदर्शन भारत के लिए गर्व का विषय बना. गांव से लेकर ग्लोबल मंच तक कोविड लॉकडाउन के दौरान जब दुनिया ठहर सी गई थी, तब अनिमेष का करियर दौड़ने लगा. शुरुआत फुटबॉल से हुई, लेकिन गांव के पास आर्मी के जवानों के साथ ट्रैक पर दौड़ते हुए उनकी स्पीड ने लोगों को चौंका दिया. किसी ने उन्हें लोकल रेस में भाग लेने की सलाह दी और वहीं से एथलेटिक्स की दुनिया में उनका प्रवेश हुआ. जब कोच और खिलाड़ी की जिद ने इतिहास रचा अनिमेष के कोच मार्टिन ओवेन्स बताते हैं, "वह बहुत बड़ा लड़का था, और खुद को ट्रेनिंग में लेने की जिद कर रहा था. हम दोनों में आज तक बहस होती है कि किसने किससे गुजारिश की थी!" HPC (हाई परफॉर्मेंस सेंटर) में आने के बाद अनिमेष ने पहले ही टूर्नामेंट में U-23 200 मीटर दौड़ जीत ली. छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव घुइटानगर से निकले अनिमेष अब भारतीय एथलेटिक्स में नया अध्याय लिख रहे हैं. वह पहले ही भारत के सबसे तेज धावक बन चुके हैं. उन्होंने 100 मीटर दौड़ 10.18 सेकेंड में पूरी कर ली और गुरिंदरवीर सिंह का 10.20 सेकेंड वाला रिकॉर्ड तोड़ दिया. अनिमेष कुजूर ने एथलेटिक्स में क्या नया किया है? सिर्फ 22 साल की उम्र में और 6 फीट 2 इंच लंबाई के साथ कुजूर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. जुलाई में उन्होंने पहली बार डायमंड लीग में हिस्सा लिया, जहां उनका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के उभरते सितारे गॉट गॉट (Gout Gout,) से हुआ, जो पहले से ही एथलेटिक्स की दुनिया में सबका ध्यान खींच रहे हैं. मोनाको डायमंड लीग में कुजूर ने U-23 200 मीटर दौड़ में हिस्सा लिया और स्प्रिंट प्रतियोगिता में भारत के पहले प्रतिभागी बने. महान मंच से दबाव महसूस करने की बजाय, उन्होंने खुद को प्रेरित किया और दुनिया के कुछ सबसे बड़े उभरते सितारों के साथ पदक जीतने की लड़ाई लड़ी. मुकाबले से डरने की बजाय अनिमेष  कुजूर ने कड़ी मेहनत की (20.55), लेकिन वह पोडियम से महज दसवें सेकेंड से चूक गए. निमेष दक्षिण अफ्रीका के जैक नईम (20.42 सेकेंड) से पीछे रहे.यह समय बहुत मायने रखता है. भारत को आमतौर पर 100 मीटर या 200 मीटर जैसी विश्व स्तरीय स्प्रिंट रेस में कम ही देखा गया है, लेकिन कुजूर  इस सोच को बदल रहे हैं. छत्तीसगढ़ की पूर्वी सीमा से आने वाले कुजूर लगातार रिकॉर्ड बना रहे हैं और भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा में ला रहे हैं. कुजूर वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के लिए क्वालीफाई कर पाएंगे? हालांकि वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिए सीधे क्वालीफाई करना (100 मीटर में 10.00 सेकें ड और 200 मीटर में 20.16 सेकेंड) मुश्किल लगता है,लेकिन कुजूर रैंकिंग सिस्टम के जरिए क्वालिफाई करने की काबिलियत रखते हैं. फिर भी वह सीधे क्वालिफाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, जो उनकी अंदर की जज्बे का प्रमाण है. अनिमेष के कोच ओवेन्स ने, जो इंटरव्यू में उनके साथ थे, मुस्कराते हुए कहा, 'अनिमेष को मेडल या रिकॉर्ड की चाह नहीं है, वो तो मेहनत के साथ अपने आप मिल जाते हैं. वह सिर्फ खुद को बेहतर बनाना चाहता है. इसीलिए ग्रां प्री में आना उसके लिए खास था- ये जानने के लिए कि बड़े खिलाड़ी क्या अलग करते हैं, वो कैसे रहते हैं, और वो क्या-क्या त्याग करते हैं. यह सिर्फ दौड़ने या वजन उठाने की बात नहीं है, इसमें आइसक्रीम खाना छोड़ना पड़ता है, शादियों में नहीं जाना पड़ता है और भी बहुत कुछ छोड़ना होता है.' ओवेन्स का मानना है कि डायमंड लीग में आना और नोआ लाइल्स (100 मीटर) तथा लेट्सिले तेबोगो (200 मीटर) जैसे ओलंपिक चैम्पियनों के साथ रहना, इस युवा एथलीट के लिए सही दिशा में उठाया गया एक अहम कदम था. डायमंड लीग में कुजूर का अनुभव कैसा रहा? रिलायंस फाउंडेशन की ओर से रखे गए इस इंटरव्यू में कुजूर ने कहा, 'मैंने लाइल्स और टेबोगो को देखा, उनके साथ तस्वीरें लीं और उनके वॉर्म-अप रूटीन देखे. मैंने अपने प्रशिक्षण में लागू करने के लिए बहुत कुछ सीखा. भीड़ खचाखच भरी थी, जोश चरम पर था…मैं बस दौड़ना चाहता था.' हालांकि कुजूर ने माना कि वह मोनाको में अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं थे. उनका समय 20.55 सेकेंड रहा, जो उनके पर्सनल बेस्ट 20.32 सेकेंड से धीमा था. कोच ओवेन्स ने कहा, 'यह दौड़ तेज हवा (-1.9 मीटर/सेकेंड) के बीच हुई, जिससे सभी प्रतियोगियों की गति धीमी हो गई. इसके अलावा, मोनाको इस सीजन में कुजूर की यूरोप में तीसरी दौड़ थी, और थकान ने उन पर भारी असर डाला.' ओलंपिक चैम्पियनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दौड़ने से पहले कुजूर पेशेवर एथलेटिक्स की दुनिया से दूर थे. दरअसल, कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान वह गंभीरता से दौड़ भी नहीं रहे थे. शुरुआत में वह एक फुटबॉल खिलाड़ी थे और कभी-कभी अपने गांव के पास सेना के जवानों के साथ दौड़ लिया करते थे.एक ऐसा इलाका जहां न तो कोई ट्रैक था, न कोच, और न ही किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी को तैयार करने की कोई योजना… यह वो जगह थी, जहां से एक पीढ़ी का सबसे तेज धावक निकल आएगा, ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं था. … तो क्या इस सुझाव ने अनिमेष को बड़ा धावक बना डाला? लेकिन जैसा कहा जाता है, हर बड़ी यात्रा एक छोटे से कदम से शुरू होती है. कुजूर के लिए भी वो शुरुआत एक साधारण सुझाव से हुई-'क्यों न तुम एक स्थानीय दौड़ में हिस्सा लो?' जब उन्होंने अपनी पहली दौड़ पूरी की, तो उनके अंदर … Read more

सीएम योगी का निर्देश: फेक अकाउंट्स के खिलाफ अफसर करें कड़ी कार्रवाई

लखनऊ  यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ अब और अधिक सख्ती बरती जाएगी. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी नामों और फेक अकाउंट के जरिए समाज में जातीय मनमुटाव, धार्मिक उन्माद या अराजकता फैलाने की कोशिश करने वाले तत्वों पर पैनी नजर रखी जाए. उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को कोई छूट न मिले. निगरानी के लिए लोकल इंटेलिजेंस मजबूत करने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया एक शक्तिशाली माध्यम बन चुका है, लेकिन कुछ लोग इसका इस्तेमाल समाज को तोड़ने, अफवाह फैलाने और माहौल को खराब बनाने के लिए कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि फेक आईडी बनाकर नफरत फैलाने वाले अब कानून से नहीं बच सकेंगे. सीएम ने लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) और पुलिस की साइबर विंग को और अधिक सक्रिय एवं सुदृढ़ बनाए जाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि तकनीकी संसाधनों और स्थानीय इनपुट के आधार पर ऐसे तत्वों को पहले ही पहचान कर, उनके खिलाफ साक्ष्य आधारित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. जातीय तनाव, धार्मिक उन्माद फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो जातीय तनाव, धार्मिक उन्माद या सामाजिक अस्थिरता फैलाने का प्रयास करता है, वह प्रदेश की एकता और विकास में बाधा है. ऐसे लोगों के साथ पूरी सख्ती से निपटा जाएगा. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को पहचानकर, उन पर तत्काल प्रभावी और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को यह भी निर्देश दिया कि वे सोशल मीडिया गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए एक समर्पित टीम तैनात करें जो 24×7 इनपुट एकत्र कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराए. सीमावर्ती जिलों में अवैध गतिविधियों पर सख्ती का आदेश वाराणसी में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती जिलों में नशा, शराब और अन्य अवैध गतिविधियों को पूरी तरह खत्म करने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि अवैध शराब के ट्रांजिट रूट, गो-तस्करी और नशीले पदार्थों के व्यापार में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाया जाए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन माफियाओं के नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाए. न सिर्फ गिरफ्तारी, बल्कि इनकी संपत्ति को जब्त कर कानूनी कार्रवाई भी की जाए, ताकि इनकी आर्थिक कमर तोड़ी जा सके. विकास कार्यों को गति देने के निर्देश, सड़क चौड़ीकरण पर विशेष जोर मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी गतिमान परियोजनाओं को युद्धस्तर पर पूर्ण कराया जाए. उन्होंने खासतौर पर सड़क चौड़ीकरण से संबंधित कार्यों पर फोकस करते हुए कहा कि जहां धार्मिक स्थल कार्य में बाधा बनते हैं, वहां स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर, उपयुक्त वैकल्पिक स्थल विधि-विधान के साथ चिन्हित किए जाएं और स्थानांतरित किया जाए. सीएम ने कहा कि कार्यदायी संस्थाएं निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करें, अन्यथा उन पर कार्रवाई तय होगी. स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा पर विशेष निर्देश वाराणसी को स्वच्छता में देश के अग्रणी शहरों में लाने की मंशा दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर में नियमित स्वच्छता अभियान चलाया जाए. उन्होंने कहा, वाराणसी जैसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शहर की पहचान स्वच्छता के स्तर से भी होनी चाहिए. इसे टॉप-5 स्वच्छ शहरों में लाना हमारी प्राथमिकता है. बच्चों के लिए भी दिए आदेश  शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि परिषदीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि कोई भी विद्यालय अध्यापक विहीन न रहे, और सभी बच्चों को बैग, जूते-मोजे व ड्रेस समय से उपलब्ध कराई जाए. टीबी उन्मूलन के प्रयासों को लेकर भी मुख्यमंत्री गंभीर दिखे. उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि वाराणसी को नवंबर 2025 तक पूरी तरह टीबी मुक्त घोषित किया जाना चाहिए. इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता, जनप्रतिनिधियों का सहयोग और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि विद्युत विभाग जनपद में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करे, ताकि किसी भी क्षेत्र में अनावश्यक कटौती न . आईजीआरएस और जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने का निर्देश सीएम योगी ने जनसुनवाई पोर्टल, आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा. उन्होंने कहा कि इन माध्यमों से प्राप्त होने वाली जनशिकायतों का निष्पक्ष, समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. शिकायतकर्ता को यह अनुभव होना चाहिए कि शासन-प्रशासन उसकी आवाज सुन रहा है और उसका समाधान कर रहा है. 64 बड़ी परियोजनाएं प्रगति पर, 15000 करोड़ का निवेश बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने प्रेजेंटेशन के जरिए जनपद की 64 बड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी, जिनकी कुल लागत लगभग ₹15,000 करोड़ है. उन्होंने बताया कि कज्जाकपुरा फ्लाईओवर का कार्य सितंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को श्रावण मास, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी. वहीं, एडीजी ज़ोन पीयूष मोर्डिया ने जोन के अन्य जनपदों में चल रहे गो-तस्करी और शराब माफिया के खिलाफ अभियानों की जानकारी दी.

सीएम योगी का निर्देश: फेक अकाउंट्स के खिलाफ अफसर करें कड़ी कार्रवाई

लखनऊ  यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ अब और अधिक सख्ती बरती जाएगी. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी नामों और फेक अकाउंट के जरिए समाज में जातीय मनमुटाव, धार्मिक उन्माद या अराजकता फैलाने की कोशिश करने वाले तत्वों पर पैनी नजर रखी जाए. उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को कोई छूट न मिले. निगरानी के लिए लोकल इंटेलिजेंस मजबूत करने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया एक शक्तिशाली माध्यम बन चुका है, लेकिन कुछ लोग इसका इस्तेमाल समाज को तोड़ने, अफवाह फैलाने और माहौल को खराब बनाने के लिए कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि फेक आईडी बनाकर नफरत फैलाने वाले अब कानून से नहीं बच सकेंगे. सीएम ने लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) और पुलिस की साइबर विंग को और अधिक सक्रिय एवं सुदृढ़ बनाए जाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि तकनीकी संसाधनों और स्थानीय इनपुट के आधार पर ऐसे तत्वों को पहले ही पहचान कर, उनके खिलाफ साक्ष्य आधारित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. जातीय तनाव, धार्मिक उन्माद फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो जातीय तनाव, धार्मिक उन्माद या सामाजिक अस्थिरता फैलाने का प्रयास करता है, वह प्रदेश की एकता और विकास में बाधा है. ऐसे लोगों के साथ पूरी सख्ती से निपटा जाएगा. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को पहचानकर, उन पर तत्काल प्रभावी और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को यह भी निर्देश दिया कि वे सोशल मीडिया गतिविधियों की मॉनिटरिंग के लिए एक समर्पित टीम तैनात करें जो 24×7 इनपुट एकत्र कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराए. सीमावर्ती जिलों में अवैध गतिविधियों पर सख्ती का आदेश वाराणसी में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती जिलों में नशा, शराब और अन्य अवैध गतिविधियों को पूरी तरह खत्म करने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि अवैध शराब के ट्रांजिट रूट, गो-तस्करी और नशीले पदार्थों के व्यापार में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाया जाए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इन माफियाओं के नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाए. न सिर्फ गिरफ्तारी, बल्कि इनकी संपत्ति को जब्त कर कानूनी कार्रवाई भी की जाए, ताकि इनकी आर्थिक कमर तोड़ी जा सके. विकास कार्यों को गति देने के निर्देश, सड़क चौड़ीकरण पर विशेष जोर मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी गतिमान परियोजनाओं को युद्धस्तर पर पूर्ण कराया जाए. उन्होंने खासतौर पर सड़क चौड़ीकरण से संबंधित कार्यों पर फोकस करते हुए कहा कि जहां धार्मिक स्थल कार्य में बाधा बनते हैं, वहां स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर, उपयुक्त वैकल्पिक स्थल विधि-विधान के साथ चिन्हित किए जाएं और स्थानांतरित किया जाए. सीएम ने कहा कि कार्यदायी संस्थाएं निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करें, अन्यथा उन पर कार्रवाई तय होगी. स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा पर विशेष निर्देश वाराणसी को स्वच्छता में देश के अग्रणी शहरों में लाने की मंशा दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर में नियमित स्वच्छता अभियान चलाया जाए. उन्होंने कहा, वाराणसी जैसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शहर की पहचान स्वच्छता के स्तर से भी होनी चाहिए. इसे टॉप-5 स्वच्छ शहरों में लाना हमारी प्राथमिकता है. बच्चों के लिए भी दिए आदेश  शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि परिषदीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि कोई भी विद्यालय अध्यापक विहीन न रहे, और सभी बच्चों को बैग, जूते-मोजे व ड्रेस समय से उपलब्ध कराई जाए. टीबी उन्मूलन के प्रयासों को लेकर भी मुख्यमंत्री गंभीर दिखे. उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि वाराणसी को नवंबर 2025 तक पूरी तरह टीबी मुक्त घोषित किया जाना चाहिए. इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता, जनप्रतिनिधियों का सहयोग और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि विद्युत विभाग जनपद में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करे, ताकि किसी भी क्षेत्र में अनावश्यक कटौती न . आईजीआरएस और जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने का निर्देश सीएम योगी ने जनसुनवाई पोर्टल, आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा. उन्होंने कहा कि इन माध्यमों से प्राप्त होने वाली जनशिकायतों का निष्पक्ष, समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. शिकायतकर्ता को यह अनुभव होना चाहिए कि शासन-प्रशासन उसकी आवाज सुन रहा है और उसका समाधान कर रहा है. 64 बड़ी परियोजनाएं प्रगति पर, 15000 करोड़ का निवेश बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने प्रेजेंटेशन के जरिए जनपद की 64 बड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी, जिनकी कुल लागत लगभग ₹15,000 करोड़ है. उन्होंने बताया कि कज्जाकपुरा फ्लाईओवर का कार्य सितंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को श्रावण मास, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी दी. वहीं, एडीजी ज़ोन पीयूष मोर्डिया ने जोन के अन्य जनपदों में चल रहे गो-तस्करी और शराब माफिया के खिलाफ अभियानों की जानकारी दी.

कई इलाकों में मूसलधार बारिश का असर, बाढ़ की चेतावनी से हड़कंप

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 487.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 67% ज़्यादा है। विंध्य और निमाड़ क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात हैं। हरदा में एक सब-इंस्पेक्टर की गाड़ी बह गई, लेकिन वह कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। खंडवा में अजनाल नदी के पुल पर पानी आने से हाईवे बंद है। डिंडोरी और मऊगंज में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।  सतना-मैहर जलसमाधि में, ग्वालियर-चंबल में रेड अलर्ट सतना और मैहर ज़िले पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। रामघाट और भरतघाट की 100 से ज़्यादा दुकानें पानी में डूब गईं। 50 से ज़्यादा नदियां और नाले उफान पर हैं और 100 गांवों का ज़िला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। उत्तर प्रदेश से आ रहे मौसमी सिस्टम के चलते ग्वालियर, मुरैना, भिंड और दतिया में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने यहाँ 10 इंच तक बारिश का अनुमान जताया है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।  22 जिलों के लिए IMD का अलर्ट जारी  मॉनसून इस बार खूब मेहरबान है। प्रदेश में जगह-जगह झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज 7 जिलों में अति भारी, 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, दतिया, मुरैना और भिंड में बारिश का ऑरेंज अलर्ट, यहां 24 घंटे के दौरान 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान तेज हवाएं भी चलने का अनुमान है। भारी बारिश और तूफानी हवाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। 200 परिवार फंसे छतरपुर जिले में उर्मिल नदी उफान पर है। यहां ओरछा रोड थाना क्षेत्र का गांव धामची पानी से लबालब हो गया है। इसके चलते करीब 2000 परिवार फंसे हुए हैं। ग्रामीण जान बचाने को घरों की छतों पर चढ़ गए हैं। पानी भरने से मुख्य मार्गों से गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उन्हें सुरक्षित गांव से बाहर निकलवाने की की अपील की है। गांव में पानी भरने से बिजली सप्लाई ठप हो गई है। साथ ही मोबाइल फोन नेटवर्क भी दिक्कत कर रहे हैं। इस बीच पूरे छतरपुर जिले में 12 घंटे से हो रही तेज तेज बारिश के चलते लोगों के घरों में पानी घुस गया। लोग कार को हाथों से उठाते नजर आए। पूर्व विधायक अलोक चतुर्वेदी के घर के पीछे लोगों के घरों में पानी घुसा हुआ है। दो लोगों की मौत इस बीच, प्राकृतिक आपदा में दो लोगों की मौत की भी खबर है। ग्राम ढिलापुर में रात में मकान में सो रहीं मां-बेटी के ऊपर कच्चा ढह गया। इस हादसे में बेटी की मौत हो गई, जबकि मां घायल हो गई। वही हतना में घर के अंदर जानवर छोड़ने गए युवक पर कच्चा घर गिर गया। दोनों जगह मलबे में दबने से मौत हुई है। मौसम विभाग ने भारी बारिश और तूफानी हवाओं के मद्देनजर लोगों को कुछ सुझाव भी दिए हैं। सुझाए गए कार्य     भारी वर्षा के कारण दृश्यता कम हो सकती है, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।     सड़कों और अंडरपास सहित निचले इलाकों में जलभराव की संभावना है, जिससे यातायात जाम और देरी हो सकती है।     भारी वर्षा से जमा हुआ पानी जलजनित रोगों के खतरे को बढ़ा सकता है।     झोंकेदार तेज हवाओं के कारण उड़ने वाला मलबा और कम दृश्यता हो सकती है, जिससे यात्रा और परिवहन प्रभावित हो सकते हैं। यदि संभव हो तो यात्रा करने से बचें।     परिवहन व्यवस्था सहित निकासी के तरीके के बारे में पहले से योजना बना लें।     वाहन धीरे चलाएं और स्टीयरिंग व्हील को मजबूती से पकड़ें, पुलों और ऊंची खुली सड़कों से बचें।     मचान (स्कैफोल्डिंग) और निर्माण स्थलों से दूर रहें। ऊंचे या खुले इलाकों में न जाएं। खुले खेतों और बाहरी गतिविधियों के दौरान बिजली गिरने का खतरा बना रहता है।     पेड़, बिजली के खंभे, अस्थायी शेड और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की संभावना है। आंधी-तूफान के दौरान खुले खेतों में कार्य करने से बचें।     गरज-चमक के दौरान घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद करें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें।     आपातकालीन किट में आवश्यक वस्तुएं जैसे कि जल्दी खराब न होने वाला भोजन, पानी, दवाइयां, टॉर्च, बैटरी और प्राथमिक मेडिकल किट रखें।     सुरक्षित स्थानोंं पर आश्रय लें; पेड़ों के नीचे शरण न लें तथा तूफान के दौरान जल निकायों से तुरंत बाहर निकलें। पेड़ों और बिजली की तारों से दूर रहें।     कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों का सहारा न लें। इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें एवं उन सभी वस्तुओं से दूर रहें जो बिजली का संचालन करती हैं।     पशुओं का विशेष ध्यान रखें, सभी जानवरों को रात के दौरान विशेष रूप से संरक्षित और सुरक्षित पशु शेड में रखा जाना चाहिए।     अगले 24 घंटों में अपेक्षित वर्षा के कारण मानचित्र के अनुसार कुछ पूर्ण रूप से संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में सतही अपवाह /जलप्लावन हो सकता है।     स्थानीय अधिकारियों द्वारा निर्धारित निकटतम बाढ़ आश्रयों, निकासी मार्गों और सभा स्थलों के बारे में जानें।     सरकार द्वारा जारी बाढ़ की चेतावनियों और सलाह पर अपडेट रहें। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय अधिकारियों जैसे आधिकारिक स्रोतों से मौसम के पूर्वानुमान और अलर्ट पर नजर रखें।  भोपाल में बादलों का डेरा राजधानी भोपाल में गुरुवार को दिन भर बादल छाए रहे। अरेरा हिल्स में 25 मिमी और बैरागढ़ में 12 मिमी बारिश दर्ज की गई। दृश्यता भी घटकर 2000 मीटर रह गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हल्की से मध्यम बारिश जारी है। अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट जारी आज राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार एक सक्रिय मॉनसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया बारिश को और उग्र बना रहा है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इसी बीच, रीवा और मऊगंज जिलों में भारी … Read more

इंदौर सफलता के पीछे रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल, रिफ्यूज, रिथिंक, रिपेयर, रिपर्पस और रिनोवेशन की महत्वपूर्ण भूमिका

इंदौर ने एक बार फिर स्वच्छता में अपनी श्रेष्ठता की साबित ,सुपर स्वच्छ लीग में नंबर वन का स्थान  इंदौर की सफलता के पीछे गीला और सूखा कचरा अलग करने की आदत एक महत्वपूर्ण कारक  इंदौर सफलता के पीछे रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल, रिफ्यूज, रिथिंक, रिपेयर, रिपर्पस और रिनोवेशन की महत्वपूर्ण भूमिका  इंदौर  इंदौर ने एक बार फिर बता दिया कि स्वच्छता में उसका कोई सानी नहीं है। गुरुवार सुबह जब दिल्ली के विज्ञान भवन में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, निगमायुक्त शिवम वर्मा और महापौर पुष्यमित्र भार्गव महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों से सम्मान स्वीकार कर रहे थे, हर इंदौरी खुद को गौरवांवित महसूस कर रहा था। जिन अष्टसिद्धियों को पाने का संकल्प हमने 11 मार्च 2024 को स्वच्छता का सातवां आसमान छूते वक्त लिया था, उन्हें आखिर पा ही लिया। अब तक स्वच्छ सर्वेक्षण में 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में शामिल रहे इंदौर को इस बार सुपर स्वच्छ लीग में रखा गया था, लेकिन पिछले सात वर्ष की तरह इंदौर ने यहां भी खुद को पहले स्थान पर कायम रखा। इस बार प्रतियोगिता में 4,989 शहर थे। इन सबमें इंदौर को सबसे ज्यादा अंक मिले। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई मौकों पर कह चुके हैं कि इंदौरियों को नंबर वन पर रहने की आदत है, गुरुवार को यह बात एक बार फिर साबित हो गई। कहा जाता है कि नंबर वन पर पहुंचना जितना आसान है, उतना ही मुश्किल है इस पर लगातार बने रहना। इंदौर ने इस चुनौती को स्वीकारा और जीत हासिल की। कोई शहर यूं ही नहीं नंबर वन बन जाता। दरअसल स्वच्छता इंदौरियों के संस्कार में हैं, यहां के नागरिकों के रग-रग में रची-बसी है। आने वाले समय में चुनौतियां और कठिन होंगी। अष्टसिद्धि पाने के साथ ही इंदौर अब नई भूमिका में आ चुका है। अब खुद को स्वच्छ बनाए रखने के साथ-साथ इंदौर की जिम्मेदारी एक अन्य शहर को भी स्वच्छ बनाने की है। निश्चित ही इंदौर इस कठिन परीक्षा में भी सफल होगा। आखिर हमारी आदत है नंबर वन आने की। सुपर स्वच्छ लीग में शीर्ष पर रहने के मायने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देते हुए इस बार सुपर स्वच्छ लीग में पांच अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई थीं। दस लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में इंदौर के साथ 11 अन्य शहर प्रतिस्पर्धा में शामिल थे। पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में सूरत ने इंदौर को कड़ी चुनौती दी थी। इंदौर को पहला स्थान उसके साथ साझा तक करना पड़ा था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। पिछली बार से सबक लेते हुए इंदौर ने इस बार ऐसी तैयारी की कि सूरत उसके आसपास भी नहीं पहुंच सका। सुपर स्वच्छ लीग में शीर्ष पर रहने से इंदौर की जिम्मेदारी बढ़ गई है। वह अब बड़े भाई की भूमिका में आ गया है। परिवार के सदस्यों का ध्यान रखना उसकी जिम्मेदारी हो गई है। इंदौर की सफलता के पीछे गीला और सूखा कचरा अलग करने की आदत एक महत्वपूर्ण कारक  आठ साल पहले इंदौर ने स्वच्छता का संकल्प ले सड़क किनारे के कचरे के ढेर व कचरा पेटियों को हटाया और हर घर से गीला व सूखा कचरा अलग-अलग लेने (सोर्स सेग्रिगेशन) का नवाचार किया। नगर निगम द्वारा किए गए इस बदलाव का साथ शहरवासियों ने दिया। उन्होंने अपने घर में गीले व सूखे कचरे का डिब्बा अलग रखा। कचरा पृथक्करण की इस मूल आदत के कारण इंदौर सात साल से स्वच्छता में नंबर-1 रहा। वहीं आठवीं बार सुपर लीग में शामिल होने के बाद भी देश के सभी शहरों में इंदौर सबसे आगे रहा। घर-बाजार से गीला-सूखा नहीं, छह तरह का कचरा अलग देने की शहरवासियों की आदत ही इंदौर को दूसरे शहरों से आगे बनाए हुए है। अलसुबह 6.30 बजे से शहर की कालोनियों में पहुंचने वाली डोर टू डोर कचरा संग्रहण की गाड़ियां देर रात छप्पन दुकान व सराफा बाजार के बंद होने के पहले उनका कचरा एकत्र कर ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचाती हैं। इस कार्य में हर दिन दो हजार से ज्यादा कर्मचारी इन वाहनों के साथ मौसम की परवाह किए बगैर नियमित जिम्मेदारी निभाते हैं। साल के 365 दिन शहरवासियों व निगम के कर्मचारियों की शहर को नंबर एक बनाने के प्रण की यह जीवटता ही जो इंदौर को हर मुकाबले में सिरमौर बनाती है। गीला-सूखा कचरा अलग-अलग लेने से आगे रहा इंदौर सुपर स्वच्छ लीग में शामिल इंदौर के शामिल होने के कारण इस बार इंदौर किसी भी शहर से नंबर-1 के खिताब के लिए मुकाबला नहीं था। इस सर्वेक्षण में देश के अन्य शहरों के साथ इंदौर का स्कोर कार्ड भी जारी किया गया। लीग में शामिल सूरत व इस बार का नंबर-1 स्वच्छ शहर अहमदाबाद भी स्वच्छता के अन्य मापदंडों पर इंदौर की तरह शत प्रतिशत अंक लाए हैं। सोर्स सेग्रिगेशन यानि घर-बाजारों से गीला-सूखा कचरा अलग-अलग मिलने वाली श्रेणी में इंदौर को 98 प्रतिशत अंक मिले। वहीं सूरत को 92 व अहमदाबाद को 94 प्रतिशत अंक मिले। यानी इंदौर के मुकाबले सूरत, अहमदाबाद व अन्य शहरों को गीला-सूखा कचरा पूर्ण रूप से अलग-अलग नहीं मिल पा रहा है। इसी वजह से सोर्स सेग्रिगेशन ने इंदौर को स्कोर कार्ड में सबसे ऊपर खड़ा कर दिया।  इंदौर सफलता के पीछे रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल, रिफ्यूज, रिथिंक, रिपेयर, रिपर्पस और रिनोवेशन की महत्वपूर्ण भूमिका  स्वच्छता के जिन सितारों को अपने दामन में संजोने का स्वप्न देखते-देखते देश के बड़े शहरों की आंखे पथरा गईं उन सितारों को इंदौर ने अपने आसमान पर संजो लिया है। गुरूवार को दिल्ली में जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इंदौर को सुपर लीग श्रेणी में देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया तो मालवा के सिरमौर शहर इंदौर के लोगों ने कुछ यही पंक्तियां याद करते हुए बड़े गर्व से अपनी सफलता को सराहा। स्वच्छता की दौड़ में अपने मानक ऊंचे कर इंदौर इतना आगे निकल आया है कि प्रतिस्पर्धा करने वाले शहर सशंकित ही रहते हैं कि स्पर्धा में नंबर वन तो इंदौर को ही आना है, उन्हें दूसरा-तीसरा स्थान भी मिल जाए तो बात बन जाए। सफलता की सही कसौटी उसकी निरंतरता ही होती है। स्वच्छता की अष्टसिद्धि प्राप्त करके इंदौर ने दुनिया को बता दिया कि यूं ही कोई शहर इंदौर नहीं हो जाता। इसके … Read more

सीएम योगी का साफ संदेश: आगजनी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा

वाराणसी वाराणसी में बिरसा मुंडा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कावंड़ियों पर जुबानी प्रहार करने वालों पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि कावंड यात्रा चल रही है। समाज के श्रमिक वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक लोग इसमें जुड़ते हैं। कोई भेदभाव नहीं, न जाति का भेद है न वर्ग का और न ही क्षेत्र का। हर- हर बम- बम बोलते हुए भक्ति भाव से चलते हैं। लेकिन इनका मीडिया ट्रायल होता है। बदनाम किया जाता है। ये मानसिकता भारत की विरासत को अपमानित करती है। कांवड़ियों को उपद्रवी कहना और अपमानित करना गलत है। कांवड़ियों को आतंकवादी बोला जाता है। विरासत और आस्था को अपमानित किया जाता है।  व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला मुख्यमंत्री ने समाज में विभेद पैदा करने वालों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर जातियों और समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दो- तीन साल पहले एक आगजनी की घटना हुई थी। तब मैंने कहा था कि यह आगजनी किसी विशेष समुदाय ने नहीं की होगी। जांच में पता चला कि आगजनी करने वाला व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला। ऐसे लोगों को चिह्नित कर समाज से बाहर करना होगा, तभी राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज को तोड़ने का काम करते हैं, वे वही हैं जो फर्जी अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष को बढ़ावा देते हैं। यह वही वर्ग है, जिसने आदिवासियों को भड़काने और भारत के खिलाफ खड़ा करने का प्रयास किया। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। सीएम ने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने जनजाति समुदाय को भारत से अलग करने और भड़काने का प्रयास किया है। भारत के खिलाफ संघर्ष करने के लिए हर स्तर पर षडयंत्र किए। ये वही समुदाय है जो भारत की आस्था का सदैव अपमान करते हैं। सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। इन सबसे अगर सावधान रह करके अपने आपको और अपने समाज को सुरक्षित कर सकें तो राष्ट्रीय एकता को संबल प्रदान करने की भूमिका में हमारी से संस्थाएं बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती हैं। सीएम ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जो विरासत है वो हमें राष्ट्रीय एकता की उन्हीं चुनौतियों से जूझने के लिए राष्ट्रीय एकता प्रदान कर रहा है। उस प्रेरणा से हम कुछ सबक सीख सकें। उन्होंने ब्रिटिशर्स और जमींदारी के शोषण के खिलाफ आंदोलन किया था। अगर हम इससे कुछ सीख सकेंगे तो आपकी चुनौती कम होगी।  सीएम ने कहा- ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते सीएम ने कहा कि जौनपुर में जबरदस्ती ताजिया निकलते वक्त लोग हाइटेंशन तार की चपेट में आ गए। फिर सड़क जाम कर दिया गया, तो पुलिस द्वारा मुझसे पूछा गया कि क्या करना है तो मैंने कहा लाठी से मारकर बाहर निकालो। ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते। एक भी जगह सोशल मीडिया पर विरोध नहीं किया, सिर्फ उन्होंने ही किया। मुहर्रम पर अस्त्र शस्त्र इस्तेमाल पर रोक लगा दी।  दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया के फेक अकाउंट से जातीय संघर्ष बढ़ाने वालों से सुरक्षित रहना होगा। किसी गांव के किसी दो लोगों का मामला है तो उसके लिए प्रशासन है। लेकिन तुम वहां पर जबरदस्ती दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे। जो बीच में आकर जबरन करने का प्रयास करते हैं उनको रोकना चाहिए।  

सीएम योगी का साफ संदेश: आगजनी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा

वाराणसी वाराणसी में बिरसा मुंडा पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कावंड़ियों पर जुबानी प्रहार करने वालों पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि कावंड यात्रा चल रही है। समाज के श्रमिक वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक लोग इसमें जुड़ते हैं। कोई भेदभाव नहीं, न जाति का भेद है न वर्ग का और न ही क्षेत्र का। हर- हर बम- बम बोलते हुए भक्ति भाव से चलते हैं। लेकिन इनका मीडिया ट्रायल होता है। बदनाम किया जाता है। ये मानसिकता भारत की विरासत को अपमानित करती है। कांवड़ियों को उपद्रवी कहना और अपमानित करना गलत है। कांवड़ियों को आतंकवादी बोला जाता है। विरासत और आस्था को अपमानित किया जाता है।  व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला मुख्यमंत्री ने समाज में विभेद पैदा करने वालों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर जातियों और समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दो- तीन साल पहले एक आगजनी की घटना हुई थी। तब मैंने कहा था कि यह आगजनी किसी विशेष समुदाय ने नहीं की होगी। जांच में पता चला कि आगजनी करने वाला व्यक्ति भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला। ऐसे लोगों को चिह्नित कर समाज से बाहर करना होगा, तभी राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज को तोड़ने का काम करते हैं, वे वही हैं जो फर्जी अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष को बढ़ावा देते हैं। यह वही वर्ग है, जिसने आदिवासियों को भड़काने और भारत के खिलाफ खड़ा करने का प्रयास किया। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। सीएम ने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने जनजाति समुदाय को भारत से अलग करने और भड़काने का प्रयास किया है। भारत के खिलाफ संघर्ष करने के लिए हर स्तर पर षडयंत्र किए। ये वही समुदाय है जो भारत की आस्था का सदैव अपमान करते हैं। सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। इन सबसे अगर सावधान रह करके अपने आपको और अपने समाज को सुरक्षित कर सकें तो राष्ट्रीय एकता को संबल प्रदान करने की भूमिका में हमारी से संस्थाएं बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती हैं। सीएम ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जो विरासत है वो हमें राष्ट्रीय एकता की उन्हीं चुनौतियों से जूझने के लिए राष्ट्रीय एकता प्रदान कर रहा है। उस प्रेरणा से हम कुछ सबक सीख सकें। उन्होंने ब्रिटिशर्स और जमींदारी के शोषण के खिलाफ आंदोलन किया था। अगर हम इससे कुछ सीख सकेंगे तो आपकी चुनौती कम होगी।  सीएम ने कहा- ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते सीएम ने कहा कि जौनपुर में जबरदस्ती ताजिया निकलते वक्त लोग हाइटेंशन तार की चपेट में आ गए। फिर सड़क जाम कर दिया गया, तो पुलिस द्वारा मुझसे पूछा गया कि क्या करना है तो मैंने कहा लाठी से मारकर बाहर निकालो। ये लातों के भूत बातों से नहीं मानते। एक भी जगह सोशल मीडिया पर विरोध नहीं किया, सिर्फ उन्होंने ही किया। मुहर्रम पर अस्त्र शस्त्र इस्तेमाल पर रोक लगा दी।  दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया के फेक अकाउंट से जातीय संघर्ष बढ़ाने वालों से सुरक्षित रहना होगा। किसी गांव के किसी दो लोगों का मामला है तो उसके लिए प्रशासन है। लेकिन तुम वहां पर जबरदस्ती दारोगा की भूमिका में जाओगे तो पिटोगे। जो बीच में आकर जबरन करने का प्रयास करते हैं उनको रोकना चाहिए।  

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, चैतन्य बघेल को किया गया गिरफ्तार

भिलाई  प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने अरेस्ट कर लिया है. उन्हें भिलाई स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया है. चैतन्य बघेल की यह गिरफ्तारी ऐसे समय पर हुई है, जब आज सुबह ईडी ने भूपेश बघेल के घर पर छापेमारी की. चैतन्य बघेल की यह गिरफ्तारी कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है. चैतन्य का आज जन्मदिन भी है.  बताया जा रहा है कि इस मामले में नए साक्ष्य मिलने के बाद ईडी ने पीएमएलए के तहत चैतन्य को गिरफ्तार किया है. ईडी ने शुक्रवार सुबह-सुबह भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य के भिलाई घर पर छापेमारी की थी. ईडी की टीम तीन गाड़ियों में सुबह करीब 6:30 बजे मौके पर पहुंची और CRPF के सुरक्षा घेरे में घर की तलाशी शुरू की गई. यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है, जब आज छत्तीसगढ़ विधानसभा का अंतिम दिन है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज विधानसभा में रायगढ़ जिले में हो रही पेड़ कटाई का मुद्दा उठाने वाले थे.  शराब घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के भिलाई स्थित आवास पर छापेमारी की. ईडी की टीम तीन गाड़ियों में सुबह करीब 6:30 बजे मौके पर पहुंची और CRPF के सुरक्षा घेरे में घर की तलाशी शुरू की गई. सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई शराब घोटाले और उससे जुड़ी आर्थिक गड़बड़ियों की जांच के तहत की गई है. फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. भिलाई स्थित घर पर मौजूद हैं भूपेश बघेल गौरतलब है कि यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब आज छत्तीसगढ़ विधानसभा का अंतिम दिन है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज विधानसभा में रायगढ़ जिले में हो रही पेड़ कटाई का मुद्दा उठाने वाले थे. पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर उन्होंने हाल ही में ग्रामीणों से मुलाकात भी की थी. हालांकि आमतौर पर विधानसभा सत्र के दौरान वह रायपुर में रहते हैं, लेकिन इस बार वह भिलाई में ही मौजूद थे- जहां ईडी की टीम पहुंची.  भूपेश बघेल ने शुक्रवार को इस संबंध में सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया, ''ईडी आ गई। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था। भिलाई निवास में “साहेब” ने ईडी भेज दी है।  ईडी ने पहले कहा था कि चैतन्य बघेल पर कथित शराब घोटाले की आपराधिक आय का ‘प्राप्तकर्ता’ होने का संदेह है। इसमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के कारण राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और अपराध से प्राप्त 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबों में गई। कार्रवाई के बीच विधानसभा के लिए निकले बघेल ईडी के कार्रवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा के सत्र के लिए अपने निवास से निकल गए हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार केंद्रीय एजेंटीयों का दुरुपयोग कर रही है। जिसे जो करना है वह कर ले मुझे न्याय पालिका पर भरोसा है।  उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मुझे तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है परंतु मैं हार नहीं मानूंगा। भूपेश बघेल अपने निवास से 100 मीटर दूर नेशनल हाईवे पैदल ही समर्थकों के साथ चल कर आए। इस दौरान फोरलेन पर कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बन गई थी। शराब घोटाला मामले में भूपेश बघेल के घर छापा आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ का आबकारी घोटाल अब 2100 करोड़ से बढ़कर 3200 करोड़ का हो गया है। मामले में एजेंसियां लगातार जांच कर रही हैं।मंगलवार को ईडी टीम ने होटल कारोबारी विजय अग्रवाल के भिलाई स्थित निवास के साथ-साथ होटल और कई अन्य ठिकानों पर छापा मारा था।  बता दें कि छापेमारी के दौरान विजय अग्रवाल के जुड़े गोवा और दिल्ली के ठिकानों पर भी टीम ने दबिश दी थी। जिसमें ईडी को 70 लाख रुपये नगद बरामद हुए थे। होटल कारोबारी विजय अग्रवाल पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में अब शुक्रवार को सुबह तड़के ईडी ने भूपेश बघेल के घर छापा मार दिया है। इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि- ईडी आ गई। आज विधानसभा के सत्र का अंतिम दिन है। अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठाना था। भिलाई निवास में 'साहेब' ने ED भेज दी है।  बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज पांचवां और अंतिम दिन है। ऐसे में भूपेश बघेल ने साय सरकार पर आरोप लगाया है कि सदन में तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा उठाया जाना था, लेकिन ऐसा न हो सके इसलिए लिए यह ईडी की कार्रवाई की जा रही है। शराब घोटाले में अब तक क्या-क्या हुआ? 7 जुलाई को आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) ने शराब घोटाले में चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, जिसमें घोटाले की अनुमानित राशि को 2,161 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,200 करोड़ रुपये बताया गया. यह चार्जशीट 30 जून को दाखिल की गई थी. इस केस में अब तक कुल पांच चार्जशीट दायर की जा चुकी हैं, जिनमें से तीन पहले दाखिल की जा चुकी थीं. इस घोटाले में 29 आबकारी अधिकारियों (जिला अधिकारी, सहायक आयुक्त, उप आयुक्त) को आरोपी बनाया गया है, जिनमें कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हैं. शराब घोटाले में अब तक क्या-क्या हुआ? 7 जुलाई को आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) ने शराब घोटाले में चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, जिसमें घोटाले की अनुमानित राशि को 2,161 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 3,200 करोड़ रुपये बताया गया. यह चार्जशीट 30 जून को दाखिल की गई थी. इस केस में अब तक कुल पांच चार्जशीट दायर की जा चुकी हैं, जिनमें से तीन पहले दाखिल की जा चुकी थीं. इस घोटाले में 29 आबकारी अधिकारियों (जिला अधिकारी, सहायक आयुक्त, उप आयुक्त) को आरोपी बनाया गया है, जिनमें कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हैं.