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मानसून में पहली बार बरगी बांध के नौ गेट खोले गए, जबलपुर में जल प्रबंधन शुरू

जबलपुर लगातार हो रही बारिश से नदी, ताालाब भी छलकने के लिए मचलने लगे हैं। रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लिहाजा जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए नौ गेट खोल दिए गए। मानसून सीजन में पहली बार बांध के 21 में से 9 स्पिल-वे गेट औसतन 1.33 मीटर की ऊंचाई तक खोले गए है। इनमें से 52 हजार 195 क्यूसेक (घनफुट पानी प्रति सेकंड) पानी छोड़ा जा रहा है।   गेट नंबर 10, 11 और 12 खोले गए कार्यपालन यंत्री बरगी बांध राजेश सिंह गौंड के अनुसार खोले गए नौ गेट में से गेट नंबर 10, 11 और 12 को दो-दो मीटर, गेट नम्बर नौ और 13को डेढ़-डेढ़ मीटर, गेट नंबर आठ और 14 को एक-एक मीटर तथा गेट नंबर सात और 15 को आधा-आधा मीटर की ऊंचाई तक खोला गया है। उन्होंने बताया कि बांध में आवक को देखते हुए कभी भी इससे पानी निकासी की मात्रा घटाई या बढ़ाई जा सकती है। 417 मीटर से ज्यादा भरा कार्यपालन यंत्री बरगी बांध के मुताबिक रविवार को दोपहर ग्यारह बजे बांध का जल स्तर 417.40 मीटर रिकार्ड किया गया था और इस समय इसमें लगभग 98 हजार 741 क्युसेक पानी प्रवेश कर रहा था। बरगी बांध का पूर्ण जल भराव स्तर 422.76 मीटर है और ऑपरेशनल मैन्युल के अनुसार 31 जुलाई तक इसका जलस्तर 417.50 मीटर रखा जाना प्रस्तावित है। पांच फीट तक बढ़ेगा नर्मदा का जलस्तर फिलहाल बांध के निचले क्षेत्र के निवासियों से नर्मदा तट से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा डूब क्षेत्र में प्रवेश न करने की अपील करते हुए बताया कि बांध से पानी छोड़ने से नर्मदा नदी का जलस्तर चार से पांच फुट तक बढ़ सकता है। अगले तीन घंटे में बरगी बांध का पानी गौरीघाट, तिलवारा घाट तक पहुंच सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में स्व. श्री मुखर्जी की 125वीं जयंती मनाई गई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को अरेरा कॉलोनी श्रेत्र में स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में स्व. श्री मुखर्जी की 125वीं जयंती मनाई गई। ज्ञात हो कि स्व. श्री मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को हुआ था। माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रहित में किए गए योगदानों को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंघ के संस्थापक स्व श्री मुखर्जी सच्चे राष्ट्रभक्त थे। वे प्रबल राष्ट्रवाद के प्रखर प्रणेता और सदैव राष्ट्रहित चिंतन में जीने वाले मुखर विचारक थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनीतिज्ञ नहीं, बल्कि एक दूरदृष्टि वाले राष्ट्रनायक थे। उनका जीवन राष्ट्र प्रेम, आत्मबलिदान और सेवा भावना की प्रेरणा देता है। उन्होंने भारतीय जनमानस की आवाज को बड़ी मुखरता से तत्कालीन सरकार के सामने रखा। स्व. डॉ. मुखर्जी ने ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ का नारा देकर राष्ट्रीय एकता की आधारशिला को शिद्दत से मजबूत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. डॉ. मुखर्जी देश की सांस्कृतिक और सामाजिक एकता के पक्षधर थे। उन्होंने देश को एकता के सूत्र में पिरोने के लिए नई दिशा, नये विचार दिये। उनके विचारों और मूल्यों को आत्मसात करने की जरूरत है। भारत राष्ट्र को और अधिक शक्तिशाली, समरस एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए आज श्री मुखर्जी के विचार और भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि भारत राष्ट्र सदैव डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का ऋणी रहेगा। कार्यक्रम को सांसद भोपाल श्री आलोक शर्मा ने भी संबोधित कर अपनी बात रखी। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, खजुराहो सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, श्री भगवान दास सबनानी, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सुरेश पचौरी, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, पूर्व सांसद श्री आलोक संजर, समाजसेवी श्री रविन्द्र यति, श्री राहुल कोठारी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं नागरिकगण उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री साय ने अपने निवास कार्यालय में डॉ. मुखर्जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महान शिक्षाविद्, ओजस्वी राष्ट्रवादी और भारतीय जनमानस में राष्ट्रीय चेतना का संचार करने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री साय ने अपने निवास कार्यालय में डॉ. मुखर्जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अमूल्य योगदान का स्मरण किया और उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन देशभक्ति, निःस्वार्थ सेवा और अखंड भारत के प्रति अदम्य प्रतिबद्धता का प्रतीक है। वे दूरदर्शी राजनीतिज्ञ, प्रखर विचारक और शिक्षा, सामाजिक न्याय तथा राष्ट्रीय एकता के प्रबल समर्थक थे। उनके सिद्धांत और कार्य आज भी हम सभी को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की एकता और संप्रभुता के लिए डॉ. मुखर्जी का संघर्ष भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित है। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का स्वप्न एक आत्मनिर्भर, सशक्त और गौरवशाली भारत का था, जिसे साकार करने के लिए हमें उनके आदर्शों का सतत अनुसरण करना होगा। साय ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने वैचारिक स्पष्टता और सैद्धांतिक राजनीति की नींव रखकर भारतीय लोकतंत्र को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और राष्ट्र के विकास में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं। डॉ. मुखर्जी के विचारों और मूल्यों को अपने आचरण में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हम उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर एक समृद्ध, स्वाभिमानी और समर्थ भारत के निर्माण के लिए संयुक्त प्रयास करें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद भी उपस्थित थे।

सीएम बोले- पत्रकारों की मेहनत से जनता जानती है अपने प्रतिनिधियों की आवाज, डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने सिखाई संसदीय रिपोर्ट

रायपुर आप लोग आज के दौर में नारद जी की तरह हैं। ये बात छत्तीसगढ़ के विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कही। मौका था विधानसभा में संसदीय रिपोर्टिंग पर आयोजित वर्कशॉप का। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि हाल ही में विधायकों के लिए भी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया था, जिसका लाभ हमारे सदस्यों को मिला है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में अनेक नवनिर्वाचित विधायक भी हैं, जिनकी यह जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाएं। CM ने कहा- इसी तरह पत्रकारों की भी अहम भूमिका है, जो विधानसभा की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी पत्रकार बंधु बड़ी मेहनत से विधानसभा की कार्यवाही को कवर करते हैं, जिससे आमजन यह जान पाते हैं कि विधायकों द्वारा उनके मुद्दों को गंभीरता से उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा उत्कृष्ट पत्रकारों को सम्मानित करने की परंपरा को भी सराहा और कहा कि इससे पत्रकारों का मनोबल बढ़ता है और संसदीय रिपोर्टिंग को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यशाला पत्रकारों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी और इसके माध्यम से विधानसभा की गतिविधियां और अधिक प्रभावी रूप से जनता तक पहुंचेंगी। कार्यक्रम में खासतौर पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी पहुंचे थे। उन्होंने कहा- कार्यशाला के प्रथम सत्र में डॉ. संजय द्विवेदी, पूर्व निदेशक, भारतीय जन संचार संस्थान एवं प्रोफेसर माखन लाल चतुर्वेदी, राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्व विद्यालय, भोपाल ने सभा में तारांकित, अतारांकित प्रश्न, व्यवस्था और औचित्य के प्रश्न, बजट की कव्हरेज, शून्यकाल, कटौती प्रस्ताव, अध्यक्ष की व्यवस्था, कार्यवाही का विलोपन इत्यादि विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया । पत्रकारों का काम पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण: डॉ. सुधांशु त्रिवेदी समापन सत्र में राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने व्यवहारिक पहलुओं पर केंद्रित करते हुए कहा, आज सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण होने के कारण पत्रकारों का काम अत्यंत जटिल हो गया है। चूंकि जनता को सदन की कार्यवाही के सीधे प्रसारण से सूचना और जानकारी तो मिल जाती है, लेकिन आम जनता उस चर्चा और घटनाक्रम का विश्लेषण भी चाहती है। उस चर्चा का इतिहास और पृष्ठभूमि भी चाहती है। उन्होंने कहा कि संसद का कानून मानना हर विधान मंडल की बाध्यता है। लेकिन कुछ राज्यों की विधानसभा अपनी कार्यवाही स्वयं के तरीके से करती हैं। ऐसी स्थिति में संसदीय पत्रकारों के लिए रिपोर्टिंग का काम थोड़ा जटिल हो जाता है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में संसदीय पत्रकारिता की महत्ता बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा में पत्रकारों का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने कहा कि संसदीय पत्रकारिता अत्यंत संवेदनशील दायित्व है, जो सदन की गोपनीयता, अनुशासन और गरिमा को बनाए रखते हुए जनता तक सटीक और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाने का कार्य करती है। निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र की असली ताकत: डॉ. रमन सिंह डॉ. सिंह ने कहा कि पत्रकार जब पक्ष–विपक्ष से परे रहकर निष्पक्ष रूप से विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन करते हैं और उसे प्रस्तुत करते हैं, तब लोकतंत्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि संसदीय प्रणाली की गहरी समझ से ही पत्रकार बेहतर ढंग से जनता को विधानसभा की गतिविधियों से अवगत करा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय पत्रकारिता में विशेष रूप से विधानसभा की प्रक्रिया से जुड़े समाचारों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना आवश्यक है, ताकि आमजन तक वे प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। पत्रकार हैं लोकतंत्र के सच्चे संवाहक: डॉ. चरणदास महंत कार्यशाला में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पत्रकारों की भूमिका को नारद मुनि की परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि पत्रकार समयबद्धता और सजगता के साथ लोकतंत्र के संवाहक होते हैं। डॉ. महंत ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से सभी को कुछ नया सीखने का अवसर मिलेगा और संसदीय पत्रकारिता को समझने का दायरा और व्यापक होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह आयोजन उपयोगी सिद्ध होगा और पत्रकारों के कार्य को नई दिशा देगा। उन्होंने अपनी लंबी संसदीय यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि इस दौरान पत्रकारों के साथ बिताए गए समय और अनुभव अत्यंत मूल्यवान रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों की सजगता, सटीकता और संवेदनशीलता की सराहना की, जो वर्षों से संसदीय गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा, आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक संजय द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद थे।  

शहडोल में आफत की बारिश, जिला अस्पताल और रेलवे स्टेशन तक डूबे पानी में

शहडोल रात से शुरू हुई बारिश रविवार की सुबह अभी तक जारी है। स्थिति यह है की नदी नाले उफान पर है और शहर के रेलवे स्टेशन, जिला अस्पताल, सड़कों और घरों में पानी भर गया है। गलियों में पानी का बहाव तेजी से चल रहा है। जो मकान निचले इलाके में है वहां पानी भर गया है और लोग घरों से पानी निकालने में जुटे हुए हैं। हालत यह है कि जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है । शहडोल कलेक्टर ने नाकाबंदी करवा दी है नदी जहां से गुजरती है वहां के पुल और रपटों पर आना-जाना रोक दिया गया है। इस तरह से ग्रामीण क्षेत्र का शहर से पूरी तरह से संपर्क टूट चुका है। भारी बारिश ने स्थिति को बहुत ही दुष्कर बना दिया है। हालत यह है कि एक ही स्पीड में कई घंटे से बरसात हो रही है लोग अपने घरों में हैं। जिन घरों में पानी भरा हुआ है वहां के लोग पूरा परिवार पानी निकालने में जुटा हुआ है। बारिश को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए शहडोल जिला मुख्यालय के अधिकांश निचले इलाकों में पानी का सैलाब देखा जा रहा है ।लोग नहीं समझ पा रहे हैं कि क्या किया जाए। शहडोल शहर में बरसात के पहले नगर पालिका को ड्रेनेज सिस्टम ठीक करना था और बरसात के पानी की निकासी का व्यवस्था करनी थी, लेकिन इस तरह के कोई इंतजाम नहीं किए गए। यही कारण है कि अब पानी का यह सैलाब लोगों के घरों में घुस रहा है। कई इलाकों में घरों में घुस गया पानी आज रविवार का दिन है और छुट्टी का दिन है लोग अपने घरों में है लेकिन उनका समय घरों में घुसे पानी को निकालने में बीत रहा है। जिला अस्पताल के कई वार्डों में पानी भर गया है। पांडव नगर के शासकीय आवासों में भी पानी का भराव देखा जा रहा है। शहर के मुख्य मार्ग जलमग्न हो गए हैं और आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। पिछले कई सालों में इस तरह की बरसात जुलाई के महीने में देखी जा रही है। बारिश से शहडोल शहर के आलीशान कॉलोनियों में भी घुटने तक पानी भरा, स्वास्तिक ग्रीन वैली, एमआर सिटी, राज रेजिडेंसी में लोगों के घरों में घुसा बारिश का पानी,पार्किंग में खड़ी कार और दुपहिया वाहन डूबे। 

मुख्यमंत्री नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के 03 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ में हुए शामिल

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  राजधानी रायपुर के निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के लिए तीन दिवसीय आधारभूत/उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं ग्रामीण विकास की रीढ़ की हड्डी हैं। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के रूप में आप सभी के पास बहुत बड़ा अवसर और बड़ी जिम्मेदारी है। यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो एक व्यक्ति भी पूरे जिले की तस्वीर बदल सकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लोक कल्याण की भावना से जनता की सेवा करने वालों को जनता स्वयं आगे बढ़ाती है। अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने भी अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत पंच के रूप में की थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि राजनीति में आऊंगा। 10 वर्ष की आयु में पिताजी के स्वर्गवास के बाद मेरे कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई। मेरा पूरा जीवन संघर्ष में बीता। मैं सरपंच भी बनूंगा, यह मैंने कभी कल्पना नहीं की थी, लेकिन जनता का आशीर्वाद मिला, जिससे विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुछ कर गुजरने के लिए संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण इच्छाशक्ति होती है। जनहित में कार्य करने की सोच से अकेला व्यक्ति भी बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि मुझे जिन प्रेरणादायी लोगों के जनसेवा के कार्यों को निकट से देखने का अवसर मिला, उनमें ओडिशा के डॉ. अच्युत सामंत और नानाजी देशमुख का उल्लेख करना चाहूंगा। अभावों में पले-बढ़े डॉ. अच्युत सामंत ने आजीवन जनता की सेवा का संकल्प लिया और भुवनेश्वर में एक बड़ा शिक्षण संस्थान स्थापित किया। इस संस्थान में वे लगभग 25 हजार जनजातीय बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसी तरह, चित्रकूट में नानाजी देशमुख ने दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के माध्यम से 500 गांवों को गोद लेकर उनके सर्वांगीण विकास का कार्य किया। वर्ष 2006-07 में जब मैं वहां गया, तब मुझे पता चला कि अब तक 80 गांवों को उन्होंने आत्मनिर्भर बना दिया है। इन गांवों में हर परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कार्य किया गया। ये उदाहरण हमें यह बताते हैं कि एक व्यक्ति भी कितना बड़ा परिवर्तन ला सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हर दृष्टि से एक समृद्ध राज्य है। यहां 44 प्रतिशत भूभाग पर वन हैं। यहां की मिट्टी उर्वरा है और किसान मेहनतकश हैं। छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी बाधा था, जिसे हम समाप्त कर रहे हैं। जो नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं, उनके लिए हमने एक उत्कृष्ट पुनर्वास नीति बनाई है। जल्द ही राज्य नक्सलमुक्त होगा और बस्तर में सड़क, बिजली, पानी सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर संभाग के मुलेर ग्राम का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के आदिवासियों को राशन के लिए 25 किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ता था, जिसमें तीन दिन लगते थे। कल्पना की जा सकती है कि यह इलाका विकास में कितना पीछे था। हमने मुलेर को अलग पंचायत बनाने का निर्णय लिया और वहां राशन दुकान खोली। जब मैं वहां गया, तो लोगों की खुशी उनके चेहरों पर साफ दिखाई दे रही थी। मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों से कहा कि गांवों का विकास किए बिना हम विकसित छत्तीसगढ़ नहीं बना सकते। प्रशिक्षण के इस समय का पूरा लाभ उठाएं। यह सदैव ध्यान रखें कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का दौरा करें। प्रवास और निरीक्षण से प्रशासनिक कसावट आती है और विकास कार्यों को गति मिलती है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में बेहतर कार्य करने के लिए स्वयं को पूरी तरह तैयार करें। पंचायती राज से जुड़े कानूनी प्रावधानों की गहन जानकारी रखें। गांव की उन्नति के लिए केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि अन्य संभावनाओं पर भी सतत विचार करें। दुग्ध उत्पादन जैसे कार्यों से गांव की आर्थिक उन्नति सुनिश्चित होती है। गांव में आर्थिक समृद्धि आने से युवाओं को नई दिशा मिलती है और वे व्यसनों से दूर रहते हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आप ग्राम पंचायत के कार्य स्वरूप पर भी चिंतन करें। पंचायती राज संस्था से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को भलीभांति समझें, ताकि आप जनता के हित में बेहतर कार्य कर सकें। पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े सभी स्तर के एक लाख सत्तर हजार लोगों को यहां प्रशिक्षित किया जाएगा। आज आप सभी से इसकी शुरुआत हो रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पेसा : पंचायत उपबंध एवं छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध मार्गदर्शिका, पंचमन पत्रिका तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों हेतु पठन सामग्री का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के प्रांगण में मौलश्री पौधे का रोपण भी किया। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारीक सिंह, सचिव भीम सिंह, संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया तथा ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के संचालक पी. सी. मिश्रा उपस्थित थे।

रियो डी जेनेरियो में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे पीएम मोदी

ब्राजील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए ब्राजील पहुंच चुके हैं। ब्राजील पहुंचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। पीएम मोदी राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा के निमंत्रण पर ब्राजील की यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री रियो डी जेनेरियो में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, उसके बाद राजकीय यात्रा पर जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी की यह ब्राजील की चौथी यात्रा है। पीएम मोदी शिखर सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं। ब्राजील की राजकीय यात्रा के लिए प्रधानमंत्री ब्रासीलिया जाएंगे, जहां वे राष्ट्रपति लूला के साथ व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी, कृषि, स्वास्थ्य और लोगों के बीच आपसी संबंधों सहित आपसी हितों के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को व्यापक बनाने पर द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। पीएम मोदी की ब्राजील की यात्रा को लेकर प्रवासी भारतीयों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद की निदेशक ज्योति किरण ने कहा कि प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर जबरदस्त उत्साह है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी के चौथी बार ब्राजील आगमन को लेकर भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य कार्तिक ने कहा कि मैं हैदराबाद से हूं और पिछले 16 वर्षों से ब्राजील में रह रहा हूं। हम प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए बहुत उत्साहित हैं। रियो डी जेनेरियो में रहने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय की सदस्य पूजा ने कहा कि मैं गुजरात से हूं और पिछले तीन वर्षों से ब्राजील में रह रही हूं। मैं उनसे यानी पीएम मोदी से मिलने के लिए बहुत उत्साहित हूं। प्रधानमंत्री मोदी की ब्राजील यात्रा पर शक्ति ग्रुप के चेयरमैन और एमडी श्रेयांस गोयल ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से हमें ब्रिक्स देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और जानकारी साझा करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ब्राजील इथेनॉल का एक प्रमुख खिलाड़ी है। साल 2005 में हमने पहली बार ब्राजील से भारत में इथेनॉल आयात किया था। लेकिन आज हम ऐसे मुकाम पर खड़े हैं, जहां अगले कुछ वर्षों में हम भारत से इथेनॉल निर्यात करेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सभी वर्गों की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। बगैर सर्वे, बगैर तैयारी, आरक्षण देने की बात करके फैलाए गए भ्रम के कारण यह मामला कोर्ट में लंबित रहा। आरक्षण के संबंध में तथ्यात्मक आंकड़ों के आधार पर विधानसभा में बिल प्रस्तुत करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार 14 प्रतिशत आरक्षण से शेष बचे लोगों को आरक्षण का लाभ दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही कर रही है। इसी क्रम में सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों के लिए भी 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। ऐसे विद्यार्थी जो न्यायालयीन प्रक्रिया के कारण ज्वाइनिंग नहीं दे पाए, उनको ज्वाइन कराने के भी प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अधिकारियों- कर्मचारियों की पदोन्नति के लंबित प्रकरणों का निराकरण किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर जातिगत जनगणना की प्रक्रिया भी आरंभ हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समन्वय भवन में मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए।  

एम-आधार से होगी पहचान की जांच, फर्जी आईडी वाले रेल यात्रियों पर होगी सख्ती

भोपाल  ट्रेन यात्रा के दौरान यात्री को अपनी पहचान साबित करने के लिए मोबाइल ऐप एम-आधार का सहारा लेना होगा। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोन को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। एमआधार ऐप के जरिए अब ट्रेनों में सफर के दौरान यात्रियों की पहचान तकनीकी रूप से सत्यापित की जाएगी। ट्रेनों में अक्सर देखा जाता है कि दूसरे के टिकट पर लोग यात्रा कर लेते हैं। लेकिन अब ट्रेन यात्रा के दौरान यात्री को अपनी पहचान साबित करने के लिए मोबाइल ऐप एम-आधार का सहारा लेना होगा। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोन को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। एमआधार ऐप के जरिए अब ट्रेनों में सफर के दौरान यात्रियों की पहचान तकनीकी रूप से सत्यापित की जाएगी। दूसरों के नाम पर टिकट लेकर यात्रा करते हैं लोग मिली जानकारी के अनुसार रेलवे को लंबे समय से ऐसी शिकायतें मिलती रही हैं कि कुछ लोग दूसरों के नाम पर टिकट लेकर यात्रा करते हैं या फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर ट्रेन में चढ़ जाते हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए रेलवे अब एमआधार ऐप का इस्तेमाल करेगा, जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने विकसित किया है। जाने कैसे काम करेगे एम आधार एप रेवले द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस ऐप में क्यूआर कोड स्कैन कर पहचान सत्यापन की सुविधा है। टीटीई इस ऐप के माध्यम से यात्री का आधार कार्ड स्कैन कर उसकी वास्तविकता को तुरंत जांच सकेंगे। इससे फर्जी आधार कार्ड की पहचान आसान हो जाएगी और टिकटों की कालाबाजारी पर भी नियंत्रण संभव होगा। रेलवे बोर्ड ने कहा है कि ऐप को जल्द ही HHT (हैंड हेल्ड टर्मिनल) डिवाइस से जोड़ा जाएगा, जिससे टीटीई को यह सुविधा सीधे उनके उपकरण में उपलब्ध होगी। इससे आरक्षित टिकटों का गलत इस्तेमाल रुकेगा और यात्रा के दौरान यात्रियों की असली पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। यात्री सुरक्षा और ट्रेनों में अनधिकृत यात्रा को रोकने का प्रयास रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कदम यात्री सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रेनों में अनधिकृत यात्रा को रोकने की दिशा में एक बड़ा सुधार है। साथ ही डिजिटल इंडिया की दिशा में भी यह प्रयास मील का पत्थर साबित हो सकता है।  

भारत का गिनी इंडेक्स अब 25.5, दुनिया का चौथा सबसे समान देश बना

नई दिल्ली पहले अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन और अब वर्ल्ड बैंक ने भारत की ताकत का लोहा माना है। भारत सरकार ने एक खास मुकाम हासिल करते हुए चीन-अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है। इस सफलता का प्रमुख आधार बनीं केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही सरकारी योजनाएं। वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का गिनी इंडेक्स अब 25.5 है। इसके साथ ही भारत दुनिया का चौथा सबसे समान देश बन गया है। इस लिस्ट में स्लोवाक रिपब्लिक, स्लोवेनिया और बेलारूस पहले तीन स्थान पर हैं। दरअसल गिनी इंडेक्स एक तरीका है, जिससे पता चलता है कि किसी देश में आय, संपत्ति या उपभोग लोगों के बीच कितनी बराबरी से बंटा हुआ है। इसका स्कोर 0 से 100 तक होता है। 0 का मतलब है कि सब कुछ बराबर है। 100 का मतलब है कि सब कुछ सिर्फ एक व्यक्ति के पास है। भारत का स्कोर चीन (35.7) और अमेरिका (41.8) से बहुत कम है। यह कई विकसित देशों से भी बेहतर है। गरीबी कम करने से मिली सफलता भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के साथ-साथ समान समाज में से एक है। सरकार के अनुसार, गिनी इंडेक्स में भारत की अच्छी रैंकिंग कोई संयोग नहीं है। यह गरीबी कम करने में मिली सफलता का नतीजा है। World Bank की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दस सालों में 17.1 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर निकले हैं। भारत में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या 2011-12 में 16.2% थी। 2022-23 में यह घटकर 2.3% हो गई। यह आंकड़ा 2.15 डॉलर प्रति दिन से कम कमाने वाले लोगों का है। वर्ल्ड बैंक ने गरीबी की नई सीमा 3 डॉलर प्रति दिन तय की है। इसके अनुसार, 2022-23 में गरीबी दर 5.3% होगी। सरकारी योजनाओं ने कर दिया कमाल भारत की इस सफलता के पीछे सरकार द्वारा चलाई जा रही सरकारी योजनाएं हैं। इन्हीं योजनाओं के दम पर भारत ने आय में समानता लाने की ओर मजबूती से कदम बढ़ाया है। इन योजनाओं में पीएम जन धन योजना, DBT, आयुष्मान भारत, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) और पीएम विश्वकर्मा योजना शामिल हैं। जन धन योजना और डीबीटी जैसी योजनाओं से देश के आम नागरिक बैंकिंग सिस्टम से जुड़े हैं। वहीं आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं ने गरीब लोगों को मुफ्त इलाज, पक्के घर जैसी आधारभूत सुविधाएं दी हैं। इसके अलावा स्टैंड अप इंडिया, पीएम विश्वकर्मा जैसी योजनाओं से लोग अपना खुद का बिजनेस शुरू करने में कामयाबी हासिल कर रहे हैं। किसानों के लिए भी पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम कुसुम जैसी योजनाएं चलाकर उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर की जा रही है। ILO ने भी बांधे तारीफों के पुल अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने भी हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की थी। इसके अनुसार पिछले 11 साल में भारत की सामाजिक सुरक्षा काफी बेहतर हुई है। रिपोर्ट के अनुसार 2019 में जहां सिर्फ 19 फीसदी कवरेज था, वहीं 2025 में यह बढ़कर 64.3% हो गया है। भारत ने दुनिया में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। इस उपलब्धि को हासिल करने में भी केंद्र द्वारा चलाई जा रही सरकारी योजनाओं ने अहम भूमिका निभाई है।