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सीएम विष्णुदेव साय की घोषणा को मिली मंजूरी, रायपुर में बनेगा 1 करोड़ 65 लाख का विश्राम गृह

सीएम विष्णुदेव साय की घोषणा को मिली मंजूरी, रायपुर में बनेगा 1 करोड़ 65 लाख का विश्राम गृह रायपुर को मिला नया तोहफ़ा, मुख्यमंत्री साय ने स्वीकृत किया 1.65 करोड़ की लागत वाला विश्राम गृह रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को एक और बड़ी सौगात दी है। उनकी घोषणा अनुरूप जिले के बागबहार में विश्राम गृह भवन के निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 1 करोड़ 65 लाख रुपए की राशि इस कार्य हेतु मंजूरी मिली है, जिसका निविदा प्रक्रिया पूर्ण होते ही निर्माण कार्य जल्द शुरू की जाएगी।  गौरतलब है कि जिले के फरसाबहार में भी विश्राम गृह निर्माण के लिए 1 करोड़ 72 लाख रुपए मंजूरी मिल चुकी है। बागबहार क्षेत्र में लंबे समय से विश्राम गृह की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, अब इस भवन के निर्माण से न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी,बल्कि विभिन्न सरकारी-अर्धसरकारी कार्यक्रमों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बाहर से आने वाले मेहमानों के ठहरने की भी उत्तम व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। लगातार सड़कों, पुल-पुलियों, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और जनसुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। इसी कड़ी में बागबहार को यह सौगात मिली है, जो आने वाले समय में क्षेत्र के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बागबहार में विश्राम गृह बनने से क्षेत्र का गौरव बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को लंबे समय से चली आ रही सुविधा की कमी पूरी होगी। मुख्यमंत्री की घोषणा पर हो रहा है तत्काल अमल यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा की गई घोषणाओं पर तत्काल अमल हो रहा है। यही कारण है कि जिले में एक के बाद एक विकास कार्यों को मंजूरी मिल रही है और आमजन सीधे तौर पर इसका लाभ मिल रहा है।

3 नई अमृत भारत ट्रेनों समेत 7 ट्रेनों का बिहार में स्वागत, जानें रूट और टाइमिंग

पटना  बिहार को तीन नई अमृत भारत ट्रेनों (तेलंगाना, राजस्थान और दिल्ली से कनेक्टिविटी) और चार नई पैसेंजर ट्रेनों की सौगात मिली है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन तीनों ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है.रेल मंत्रालय की इस पहल को बिहार के यात्रियों के लिए नई उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है. यह न केवल लोगों की यात्रा को सुगम बनाएगी, बल्कि प्रदेश के कई हिस्सों को देश के बड़े शहरों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. इस दौरान पटना जंक्शन पर आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री नितिन नवीन सहित कई सांसद ने पटना जंक्शन से खुलने वाली चार पैसेंजर ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने घोषणा किया कि पटना और भागलपुर में रिंग नेटवर्क का निर्माण को लेकर जल्द ही प्रक्रिया शुरू होगी। वही नवादा सांसद विवेक ठाकुर ने कहा की नवादा मेन लाइन से जोड़ने के लिए नवादा और पावापुरी के बीच रेल लाइन निर्माण की रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इसकी आधिकारिक तौर पर घोषणा की जाएगी।यह दीपावली और छठ से पहले बिहार वासियों के लिए बड़ी सौगात है। यह सभी ट्रेनें बिहार को मिलीं मुजफ्फरपुर से चर्लपल्ली (हैदराबाद), दरभंगा से मदार (राजस्थान) और छपरा से आनंद विहार (दिल्ली) के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस का परिचालन होगा। वहीं पटना से बक्सर, नवादा से पटना, झाझा से दानापुर और पटना से इस्लामपुर के बीच नई पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन शुरू होगा है। इन सभी ट्रेन का शुभारंभ हुआ है। लेकिन, नियमित परिचालन अक्टूबर से शुरू होगा। अभी इन रूटों पर दौड़ रही हैं ट्रेनें बता दें कि बिहार से चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का नेटवर्क लंबा है. दरभंगा, सहरसा, सीतामढ़ी, गया, राजेंद्र नगर, मोतिहारी और जोगबनी जैसे बड़े स्टेशनों से यह ट्रेन चल रही है. इनमें कुछ ट्रेनें दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों तक जाती हैं,  जबकि कुछ दक्षिण भारत और पंजाब जैसे राज्यों तक पहुंचती हैं. दरभंगा से आनंद विहार और गोमतीनगर, सहरसा से लोकमान्य तिलक टर्मिनस और अमृतसर, राजेंद्र नगर से नई दिल्ली, गया से दिल्ली और मोतिहारी से आनंद विहार तक ट्रेनें अभी चल रही हैं. जबकि मालदा, जोगबनी और सीतामढ़ी से भी लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन जारी है. क्या है खासियत अमृत भारत एक्सप्रेस को खासतौर पर मध्यम और सामान्य वर्ग के यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन इसमें मिलने वाली सुविधाएं प्रीमियम ट्रेन की तरह है. यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता यात्रियों की सुविधा को देखते हुए कोचों में कई आधुनिक बदलाव किए गए हैं. सीटें पहले से ज्यादा आरामदायक हैं, स्नैक्स टेबल फोल्डेबल है और मोबाइल रखने के लिए होल्डर भी लगे हैं. कोचों में रेडियम फ्लोर स्ट्रिप्स लगी हैं, ताकि रात में भी रास्ता साफ दिखे. पैसेंजर ट्रेन रविवार को छोड़ एक अक्टूबर से नियमित चलेगी 53203 झाझा-दानापुर पैसेंजर झाझा से 4.0 बजे खुलने के बाद जमुई, लखीसराय, बड़हिया, बाढ़, बख्तियारपुर होते हुए 9.0 बजे दानापुर पहुंचेगी। वापसी में 53204 दानापुर-झाझा पैसेंजर दानापुर से 17.25 में खुलने के बाद पटना, बख्तियारपुर, बाढ़, मोकामा, लखीसराय, जमुई होते हुए 22.30 में झाझा पहुंचेगी। 53202 बक्सर-पटना पैसेंजर 6.30 में बक्सर से खुलने के बाद 9.10 में पटना जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में 53201 पटना-बक्सर पैसेंजर पटना जंक्शन से 17.45 में खुलकर 8.35 में बक्सर पहुंचेगी। 75272 नवादा-पटना डीएमयू नवादा से 5:15 से खुलेगी और 9.30 बजे पटना जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में 75271 पटना-नवादा डीएमयू पटना से 16.15 में खुलेगी और 21.0 बजे नवादा पहुंचेगी। 75274 पटना-इस्लामपुर डीएमयू पटना जंक्शन से 9:45 में खुलेगी जो 12 बजे इस्लामपुर पहुंचेगी। वापसी में 75273 इस्लामपुर-पटना डीएमयू इस्लामपुर से 12.30 बजे खुलेगी। यह 15.55 बजे पटना पहुंचेगी। लोगों को नवादा और इस्लामपुर जाने में सुविधा और सहूलियत होगी। अमृत भारत का 14 अक्टूबर से नियमित परिचालन होगा 15293 मुजफ्फरपुर-चर्लपल्ली साप्ताहिक अमृत भारत मुजफ्फरपुर से मंगलवार को 10.40 में खुलेगी। अगले दिन 23.50 बजे चर्लपल्ली पहुंचेगी। इसका नियमित परिचालन 14 अक्टूबर से होगा। वापसी में 15294 चर्लपल्ली-मुजफ्फरपुर साप्ताहिक अमृत भारत गुरुवार को 4.05 बजे चर्लपल्ली से रवाना होगी। अगले दिन 17.00 बजे मुजफ्फरपुर पहुंचेगी। इसका नियमित परिचालन 16 अक्टूबर से होगा। छपरा-आनंद विहार अमृत भारत सप्ताह में दो दिन 15133 व 15134 छपरा-आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस सप्ताह में 2 दिन चलेगी। हालांकि रेलवे द्वारा नियमित परिचालन को लेकर अबतक तिथि और समय सारणी की घोषणा नहीं की गई है। इसके साथ ही 19623 और 19624 मदार-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस का भी समय सारणी अब तक जारी नहीं हुई है।

समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान में सुझाव देने की अवधि बढ़ी

विकसित यूपी @2047 30 अक्टूबर तक जनता दे सकेगी अपने सुझाव, अब तक मिले 14 लाख फीडबैक समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047 अभियान में सुझाव देने की अवधि बढ़ी  ग्रामीण क्षेत्रों से 11 लाख और शहरी क्षेत्रों से मिले 3 लाख सुझाव – युवाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा, 6 लाख से अधिक राय दर्ज – शिक्षा क्षेत्र पर सर्वाधिक 4.5 लाख से ज्यादा सुझाव, कृषि पर 3 लाख से अधिक सुझाव आए – स्वास्थ्य, समाज कल्याण और विकास पर 1-1 लाख से ज्यादा राय – आईटी और इंडस्ट्री पर 40-40 हजार सुझाव, सुरक्षा से संबंधित 30 हजार से अधिक सुझाव – सीएम के निर्देश पर ग्राम प्रधानों से संवाद कर बढ़ाई जाएगी भागीदारी – जनता की राय से तैयार होगा 'विकसित उत्तर प्रदेश 2047' का विज़न दस्तावेज़ लखनऊ  योगी सरकार ने 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047' अभियान की अवधि बढ़ा दी है। अब यह अभियान 30 अक्टूबर 2025 तक अनवरत रूप से जारी रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़कर प्रदेश के विकास की दिशा में अपनी राय और सुझाव दे सकें। अबतक करीब 14 लाख सुझाव हुए प्राप्त अभियान के तहत अब तक करीब 14 लाख सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से लगभग 11 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 3 लाख सुझाव शहरी क्षेत्रों से आए हैं। यह आंकड़ा प्रदेश के लोगों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। सुझाव देने वालों में युवा सबसे ज्यादा सुझाव देने वालों में सबसे ज्यादा हिस्सा युवाओं का रहा है। 6 लाख से अधिक सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, करीब 7 लाख सुझाव 31-60 वर्ष के आयु वर्ग से और लगभग 1 लाख सुझाव वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक आयु) से आए हैं। विभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो- * शिक्षा क्षेत्र में सर्वाधिक 4.5 लाख से अधिक सुझाव * कृषि क्षेत्र में 3 लाख से ज्यादा सुझाव * स्वास्थ्य, समाज कल्याण और ग्रामीण-नगरीय विकास में प्रत्येक 1 लाख से अधिक सुझाव * आईटी एवं टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री में लगभग 40-40 हजार सुझाव * सुरक्षा संबंधित विषयों पर 30 हजार से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। सीएम ने किया ग्राम प्रधानों से संवाद अभियान में आमजन की भागीदारी और बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर ग्राम प्रधानों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। ग्राम प्रधानों ने ग्रामीणों को इस अभियान से जुड़ने और अपने सुझाव पोर्टल पर दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। सरकार का कहना है कि यह निर्णय उसकी जनप्रतिबद्धता और सहभागी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लोगों की राय और सुझावों के आधार पर 'विकसित उत्तर प्रदेश 2047' का विज़न दस्तावेज़ तैयार किया जाएगा।    

विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में नगर निकायों की केंद्रीय भूमिका : मुख्यमंत्री योगी

आधुनिक और सशक्त नगर निकाय ही बनाएंगे विकसित उत्तर प्रदेश की राह: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयाग हो या गाजियाबाद, लखनऊ, झांसी, फिरोजाबाद और गोरखपुर, हर नगर नई ऊर्जा-नए स्वरूप में नए उत्तर प्रदेश की पहचान बने हैं: मुख्यमंत्री विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में नगर निकायों की केंद्रीय भूमिका : मुख्यमंत्री योगी महापौरों तथा नगर पालिका व नगर पंचायत अध्यक्षों से विकसित यूपी@2047 के लिए मुख्यमंत्री ने मांगा सुझाव जनप्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री का आह्वान, विकसित यूपी@2047 को बनाएं लोक चर्चा-संवाद का विषय ईज़ ऑफ लिविंग और आधुनिक नागरिक सेवाएँ हों नगर निकायों की कार्ययोजना का आधार: मुख्यमंत्री स्मार्ट सेवाएँ, हरित क्षेत्र और डिजिटल पहुँच बने हर नगर का आदर्श मॉडल: मुख्यमंत्री आय सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में नए माध्यम तलाशें नगर निकाय: मुख्यमंत्री ‘विकसित यूपी@2047’ संवाद शृंखला में मुख्यमंत्री ने महापौरों, पार्षदों, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अध्यक्षों व सभासदों से किया संवाद नगर निकाय प्रतिनिधियों से बोले मुख्यमंत्री, शहरीकरण की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए नगर निकायों को अपनानी होगी नई कार्यशैली प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शहरी विकास की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ : 127 नए निकाय, 17 स्मार्ट सिटी, मेट्रो-आरआरटीएस जैसी परियोजनाएँ विकसित यूपी@2047 की सफलता में जनसहभागिता अहम, क्यूआर कोड और पोर्टल से अब तक 12 लाख से अधिक नागरिकों ने साझा किए सुझाव श्रेष्ठ सुझावों को मिलेगा सम्मान, नगर निकाय प्रतिनिधियों ने अभियान को घर-घर तक पहुँचाने का किया संकल्प लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रत्येक नगर निकाय अपनी कार्ययोजना में नवाचार को स्थान दे और ईज़ ऑफ लिविंग की अवधारणा के साथ नागरिक सेवाओं के आधुनिकीकरण को केंद्र में रखे। उन्होंने कहा है कि शहरी विकास केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित न रहे, बल्कि हर नगर स्मार्ट सेवाओं, हरीतिमा विस्तार, बेहतर यातायात व्यवस्था और डिजिटल पहुँच का आदर्श बने। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर नगरीय निकाय को आय सृजन के नए माध्यम बनाने होंगे। अपनी कार्ययोजना बनाते समय सभी निकायों को इसके लिए प्रयास करना चाहिए। यह तभी संभव है, जब जनप्रतिनिधि स्वयं पहल करें और नागरिकों को इस यात्रा का सक्रिय भागीदार बनाएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सोमवार को ‘विकसित यूपी@2047’ संवाद शृंखला के अंतर्गत प्रदेश के 17 नगर निगमों के महापौरों व पार्षदों तथा 200 नगर पालिका और 545 नगर पंचायतों के अध्यक्षों व सदस्यों से वर्चुअल माध्यम से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में नगर निकायों की भूमिका सबसे अहम है। हर नगर निकाय को यह संकल्प लेना होगा कि वह अपने नगर को स्वच्छ, आधुनिक, सुगठित और आत्मनिर्भर बनाने में कोई कमी न छोड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश इस राष्ट्रीय यात्रा का अग्रणी राज्य है। बीते साढ़े 08 वर्षों में नगरीय विकास के क्षेत्र में राज्य ने ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। 127 से अधिक नए नगर निकायों का सृजन और पुनर्गठन, 17 स्मार्ट सिटी का विकास, ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार, मेट्रो, आरआरटीएस और रोपवे जैसे आधुनिक परिवहन के प्रयास तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सीवरेज की नई योजनाएँ इसी दिशा में उठाए गए ठोस कदम हैं। लखनऊ और गाजियाबाद नगर निगम ने अपने म्युनिसिपल बांड जारी किए। हर नगरीय निकाय ने ढाई से तीन गुना तक आय बढ़ाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयाग हो या गाजियाबाद, लखनऊ, झांसी, फिरोजाबाद और गोरखपुर, हर नगर नई ऊर्जा-नए स्वरूप में नए उत्तर प्रदेश की पहचान बने हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की शहरी आबादी कई गुना बढ़ेगी, ऐसे में नगर निकायों को अपनी सोच और कार्यशैली दोनों को बदलना होगा। शहरी विकास की योजनाएँ भविष्य की चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखकर ही तैयार करनी होंगी। उन्होंने नगर निगमों में इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर के बहुआयामी उपयोग के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अमृतकाल के पंच प्रण’ को दोहराते हुए ‘विकसित यूपी@2047’ का विज़न साझा किया। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को इनसे जुड़ना होगा। विकसित यूपी अभियान के बारे में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह रोडमैप अर्थशक्ति, सृजनशक्ति और जीवनशक्ति के तीन स्तंभों पर आधारित है। इसके तहत निर्धारित 12 सेक्टर के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाना है। कार्यक्रम के दौरान अभियान से जुड़ी एक वीडियो फ़िल्म प्रदर्शित की गई। क्यूआर कोड और पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों से सुझाव आमंत्रित करने की प्रक्रिया का परिचय भी कराया गया। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे उनके द्वारा इस अभियान से संबंधित भेजे गए पत्र को विभिन्न बैठकों और सभाओं में अनिवार्य रूप से पढ़ें, ताकि सरकार का संदेश हर नागरिक तक पहुँचे। जनप्रतिनिधियों को इसे आम चर्चा का विषय बनाने के लिए प्रयास करना होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि सभी नगरीय निकायों में विकसित यूपी@2047 विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, नगर विकास और नियोजन विभाग इस संबंध में आवश्यक प्रबंध करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक परिवार से कम से कम एक सुझाव जरूर प्राप्त हो, इसके लिए सभी को प्रयास करना होगा। यह आने वाली पीढ़ी के लिए एक स्मरणीय दस्तावेज होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद से तीन और प्रदेश स्तर पर पाँच श्रेष्ठ सुझावों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पाँच वर्षों में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है और वर्ष 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य हर प्रदेशवासी के सहयोग से ही प्राप्त हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 12 लाख नागरिक अपने सुझाव साझा कर चुके हैं। इन सुझावों का सारांश भविष्य की नीतियों और योजनाओं का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया केवल अभिमत संग्रहण नहीं है, बल्कि जनता की आकांक्षाओं को राज्य की नीतियों में शामिल करने का ऐतिहासिक प्रयास है।

ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण का भव्य समापन

तीसरी बार इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन करने वाला देश का पहला राज्य बना यूपी  ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण का भव्य समापन  कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और नन्द गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने समापन समारोह को किया सम्बोधित – सीएम योगी-पीएम मोदी के मार्गदर्शन में कारीगरों को मिला वैश्विक मंच : राकेश सचान  – रूस पार्टनर कंट्री, 30 से ज्यादा रुसी प्रतिनिधियों ने दिखाई निवेश में रुचि – 2,200 से अधिक स्टॉल, 80 देशों के 500 खरीदारों ने की खरीदारी – 26 शैक्षणिक संस्थानों ने किया करार, छात्रों ने देखा नया कारोबार – ओडीओपी और एमएसएमई से कारीगरों को ऑर्डर और  मिली पहचान – खादी फॉर नेशन-खादी फॉर फैशन ने खादी को दी नई उड़ान – 24 हजार से अधिक मीटिंग्स और 2400 एमओयू से 11,200 करोड़ का कारोबार – दीपावली से पहले सभी जिलों में लगेगा यूपीआईटीएस का मेला – उद्यमियों को बड़ा बाजार देने के लिए घर-घर पहुंचेगा लोकल प्रोडक्ट – मंत्री नंदी बोले- यह आयोजन चौथे संस्करण की शुरुआत का संकेत ग्रेटर नोएडा इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के तृतीय संस्करण का सोमवार को भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने उद्बोधन दिया और इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया। आयोजन ने प्रदेश के उद्यमियों और कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ा राकेश सचान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने लगातार तीसरी बार अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो का आयोजन किया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन ने प्रदेश के उद्यमियों और कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ा और उन्हें नया आत्मविश्वास दिया। निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए 30 से अधिक रुसी प्रतिनिधि  पिछले संस्करण में 70 हजार विजिटर्स, 1.25 हजार बी2बी और 4 लाख से अधिक बी2सी सहभागिता दर्ज हुई थी। इस बार रूस पार्टनर कंट्री रहा और निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए 30 से अधिक रुसी प्रतिनिधि पहुंचे। 2,200 से अधिक स्टॉल लगे और 80 से अधिक देशों के 500 से ज्यादा खरीदारों ने खरीदारी की। 26 शैक्षणिक संस्थानों ने किया करार राकेश सचान ने बताया कि सीएम युवा उद्यमी अभियान से 90 हजार से अधिक युवाओं को जोड़ा गया। 26 शैक्षणिक संस्थानों ने करार किए और छात्रों ने नए बिजनेस अवसरों के बारे में जानकारी ली। ओडीओपी और एमएसएमई योजनाओं से कारीगरों को मंच और ऑर्डर मिले, वहीं श्रम सम्मान योजना ने भी उन्हें मजबूती दी। प्रधानमंत्री मोदी ने इन योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर लागू कर सम्मान दिया। वन ट्रिलियन डॉलर इकोनमी बनने की और अग्रसर यूपी खादी को प्रोत्साहित करने के लिए खादी फॉर नेशन-खादी फॉर फैशन का आयोजन हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी लोगों को आकर्षित किया। प्रदेश का निर्यात 80 हजार करोड़ से बढ़कर 2 लाख करोड़ तक पहुंचा है और यह यूपी को वन ट्रिलियन इकॉनमी लक्ष्य की ओर ले जा रहा है। 9 अक्तूबर से सभी 75 जिलों में लगेंगे यूपीआईटीएस मेले सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि दीपावली से पहले 9 अक्तूबर से सभी 75 जिलों में यूपीआईटीएस के तहत स्थानीय उत्पादों के मेले लगाए जाएंगे, ताकि हर उद्यमी को बड़ा बाजार मिल सके और लोग स्थानीय उत्पादों को खरीदने के लिए प्रेरित हों। चौथे संस्करण के आगाज का भी संकेत मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन तृतीय संस्करण का समापन ही नहीं, बल्कि चौथे संस्करण के आगाज का भी संकेत है। उन्होंने इसे कारीगरी, हुनर और शिल्प का आधुनिक मेला बताया, जिसमें एक छत के नीचे 2500 एग्जिबिटर्स ने स्टॉल लगाए। नंदी ने कहा कि पिछले चार दिनों में 24,400 से अधिक मीटिंग्स हुईं और 2400 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनसे 11,200 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक व्यापार हुआ है। पांचवें दिन यह आंकड़ा और ऊंचाई पर पहुंचेगा।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूपीआईटीएस के समापन समारोह को किया संबोधित

सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी आज ऐसे रनवे पर है जो अनस्टॉपेबल हैः पीयूष गोयल केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूपीआईटीएस के समापन समारोह को किया संबोधित  केंद्रीय मंत्री ने प्रदेशवासियों और समस्त उद्यमियों से किया स्वदेशी को अपनाने का आह्वान   कहा – विकसित भारत 2047 के लिए स्वदेशी और समावेशी विकास का लें संकल्प उद्योग और निवेश के लिए सुरक्षित वातावरण और मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने यूपी को निवेशकों की पहली पसंद बनाया जीएसटी दरों में बदलाव आजादी के बाद सबसे बड़ा रिफॉर्म, दशकों तक लोग इसे याद करेंगे  2017 के बाद उत्तर प्रदेश में हुआ नया सवेरा, समावेशी विकास की हुई शुरुआत  ओडीओपी आज देश के 750 से अधिक जिलों में पहुंची, 1200 से अधिक उत्पादों को मिली वैश्विक पहचान हर राज्य में बनाए जा रहे यूनिटी मॉल, प्रदेश के 75 जिलों के साथ-साथ पूरे देश के वन डिस्ट्रिक्ट वन उत्पाद होंगे प्रदर्शित ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) का तीसरा संस्करण सोमवार को भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। अंतिम दिन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आयोजन की सफलता पर उत्तर प्रदेश सरकार को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश की आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक क्षमता का आईना है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सब मिलकर स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करें, उद्यमिता को बढ़ावा दें और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सामूहिक संकल्प लें। केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश में बीते आठ वर्षों में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्णायक एवं संवेदनशील नेतृत्व ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है। आज यूपी ऐसे रनवे पर है, जो अनस्टॉपेबल है। उद्योग और निवेश के लिए सुरक्षित वातावरण और मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने यूपी को निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है।  इस अवसर पर पीयूष गोयल ने आयोजन को सफल बनाने के लिए टीम यूपीईपीसी, टीम ओडीओपी, टीम सीएम युवा मिशन, टीम आईईएमएल को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।  स्टेकहोल्डर्स का परफेक्ट समागम पीयूष गोयल ने कहा कि यूपीआईटीएस 2025 इस मायने में अनोखा है क्योंकि, इसमें सभी स्टेकहोल्डर्स एक साथ जुड़े हैं। मंच पर उद्योग, सरकार और उसके दोनों अंग मंत्री और अधिकारी मौजूद हैं तो मंच के नीचे उद्यमी, निर्यातक, एमएसएमई, महिला उद्यमी और स्टार्टअप प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में उपस्थित हैं। जब सब मिलते हैं तो यह परफेक्ट मिक्स बनता है और यही उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का असली राज है। जीएसटी बचत उत्सव – नवरात्रि का तोहफ़ा अपने संबोधन में गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हाल ही में घोषित “जीएसटी बचत उत्सव” का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स में कमी उपभोक्ताओं के लिए नवरात्रि का बड़ा तोहफा है। उन्होंने कहा कि 22 सितंबर का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा, क्योंकि यह स्वतंत्रता के बाद का सबसे बड़ा सुधार है, जिसका असर आने वाले दशकों तक महसूस किया जाएगा।   भारत की वैश्विक पहचान मजबूत पीयूष गोयल ने 2014 से पहले की स्थिति याद दिलाते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने देश को भ्रष्टाचार और आर्थिक कुप्रबंधन की भेंट चढ़ा दिया था। विकास दर मात्र 4 प्रतिशत थी, महंगाई 8 से 8.5 प्रतिशत पर पहुंच गई थी और विदेशी मुद्रा भंडार कमजोर था। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने लगातार 11 वर्षों की मेहनत से व्यवस्था बदली। अब खदानें, स्पेक्ट्रम और अन्य संसाधन केवल नीलामी से दिए जाते हैं। इससे सरकारी खजाने को राजस्व मिलता है और जनता का विश्वास बढ़ता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। विदेशी मुद्रा भंडार में व्यापक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि आज भारत का पासपोर्ट सम्मान और विश्वास का प्रतीक है। दुनिया के विकसित देश भारत के साथ फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट करने के लिए उत्सुक हैं।  कानून-व्यवस्था से उद्योग को बल गोयल ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि तब दहशत और अपराध का माहौल था। व्यापारी असुरक्षित थे, नोएडा के आधे प्रोजेक्ट अधूरे थे, फैक्ट्रियां बंद थीं। लेकिन योगी सरकार के आने के बाद हालात बदल गए। कानून-व्यवस्था सख्त हुई और निवेशकों का विश्वास लौटा। उन्होंने कहा कि जब 2017 में प्रदेश की जनता ने दो तिहाई बहुमत देकर भाजपा की सरकार बनाई तब उत्तर प्रदेश में नया सवेरा शुरू हुआ और समावेशी विकास की शुरुआत हुई।  एक्सपोर्ट प्रमोशन में यूपी कर रहा नेतृत्व उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने निर्यात प्रोत्साहन के लिए अलग मंत्रालय बनाया। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना आज पूरे देश में 750 से अधिक डिस्ट्रिक्ट्स में पहुंची है और 1200 से अधिक उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली है। आज जहां भी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मत्री या राजदूत कहीं जाते हैं, वे इन्हीं ओडीओपी को उपहार स्वरूप भेंट करते हैं। इससे उद्यमियों का मनोबल बढ़ा है।  यूनिटी मॉल से स्वदेशी को नई पहचान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परिकल्पित यूनिटी मॉल का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि हर राज्य में यह मॉल बनाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में तीन जिलों (लखनऊ, आगरा और वाराणसी) में यूनिटी मॉल बनेंगे। इनमें प्रदेश के 75 जिलों के साथ-साथ पूरे देश के वन डिस्ट्रिक्ट वन उत्पाद प्रदर्शित होंगे। यह महिला उद्यमियों और युवाओं के लिए अवसर का मंच बनेगा।  स्वदेशी का आह्वान गोयल ने प्रधानमंत्री मोदी की स्वदेशी की परिभाषा को दोहराते हुए कहा कि मोदी जी ने आह्वान किया है कि अब जो भी सामान हम खरीदते हैं उसमें यथासंभव स्वदेशी वस्तु खरीदने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वदेशी का अर्थ है जो सामान भारत के लोगों के खून पसीने से बना हो, जो भारत मिट्टी में बना हो वो स्वदेशी भारत है। कंपनी विदेश की हो सकती है, निवेश विदेश से आ सकता है, टेक्नोलॉजी बाहर से आ सकती है, लेकिन उत्पादन भारत में होना चाहिए और रोजगार भारत के लोगों को मिलना चाहिए। मोदी जी के इस आह्वान को हम सबको अपनाना चाहिए।  तेजी से बढ़ता औद्योगिक ढांचा केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले 400-500 … Read more

दशहरे के दिन मध्यप्रदेश में बारिश की संभावना, तवा डैम के 5 गेट खुले, धार-बड़वानी प्रभावित

भोपाल  मध्यप्रदेश में जहां एक ओर मानसून विदाई की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का सिलसिला अभी भी जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ और निम्न दबाव क्षेत्र के सक्रिय होने से अगले 24 घंटों में प्रदेशभर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।1 अक्टूबर से एक नया सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिससे 2 अक्टूबर को दशहरे के दिन भी बारिश की संभावना जताई जा रही है। इसको लेकर रावण दहन समितियां तैयारियों में जुट गई हैं ताकि बारिश के चलते पुतलों को नुकसान न पहुंचे।मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के एक्टिव होने से मध्यप्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो रही है। सोमवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। कई जिलों में हुई बारिश रविवार को नरसिंहपुर में आधा इंच से ज्यादा पानी बरस चुका है। बैतूल, पचमढ़ी, रतलाम, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, सागर और सिवनी जैसे जिलों में भी बारिश दर्ज की गई है। नर्मदापुरम जिले के तवा डैम में भी जलस्तर बढ़ने के चलते इसके पांच गेट खोल दिए गए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए पूरे प्रदेश में हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। लोकल सिस्टम की वजह से कहीं-कहीं तेज बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 अक्टूबर से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इससे 2 अक्टूबर को दशहरे के दिन भी बारिश हो सकती है। ऐसे में दशहरा उत्सव समिति रावण के पुतलों को बचाने के लिए उपाय कर रही हैं। इससे पहले रविवार को धार के मनावर और बड़वानी के सेंधवा में पानी गिरा। सेंधवा में तेज बारिश से खेतों में पानी भर गया, जिससे मक्के की फसल को नुकसान पहुंचा है। यहां एक कच्चा मकान भी गिर गया। नर्मदापुरम जिले के तवा डैम के पांच गेट खोले गए। नरसिंहपुर में आधा इंच से ज्यादा बारिश हो गई। बैतूल, इंदौर, पचमढ़ी, रतलाम, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, सागर, सिवनी में भी पानी गिरा। 12 जिलों से विदा हो चुका है मानसून प्रदेश के 12 जिलों  ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम और शाजापुर से मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्सों में भी मानसून लौटने लगा है। हालांकि नया सिस्टम बनने से इसकी पूरी विदाई की प्रक्रिया थोड़ी देर से पूरी हो सकती है। गुना सबसे अधिक भीगा, ये जिले रहे सूखे 16 जून को प्रदेश में दस्तक देने वाले मानसून ने अब तक औसतन 45 इंच बारिश दी है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.2 इंच है। यानी अब तक प्रदेश में 122% बारिश हो चुकी है।अब तक सबसे ज्यादा बारिश गुना जिले में दर्ज की गई है यहां कुल 65.5 इंच पानी गिरा है। वहीं मंडला और रायसेन में 62 इंच से ज्यादा पानी बरस चुका है। इसके विपरीत, शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार सबसे कम बारिश वाले जिलों में शामिल हैं।  इंदौर संभाग की तस्वीर भी सुधरी इस मानसूनी सीजन में शुरुआत से ही इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं रही। एक समय तो इंदौर में प्रदेश की सबसे कम बारिश हुई थी। ऐसे में अटकलें थीं कि क्या इस बार इंदौर में सामान्य बारिश भी होगी? लेकिन सितंबर महीने में तेज बारिश की वजह से इंदौर में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया। संभाग के सभी जिलों में भी बारिश की बेहतर तस्वीर हो गई। दूसरी ओर, उज्जैन जिले में अब भी कोटा पूरा नहीं हुआ है। सबसे कम बारिश वाले जिलों में शाजापुर पहले नंबर पर है। ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं। सबसे ज्यादा बारिश वाले 49 में से भोपाल संभाग के 5, इंदौर के 8, जबलपुर के 8, ग्वालियर के 5, सागर के 6, उज्जैन के 4, चंबल के सभी 3, शहडोल के 3, रीवा के 5 और नर्मदापुरम संभाग के 3 जिले शामिल हैं। एमपी के 5 बड़े शहरों में बारिश का रिकॉर्ड… भोपाल में 4 साल से कोटे से ज्यादा बारिश भोपाल में सितंबर महीने की औसत बारिश 7 इंच है, लेकिन पिछले 4 साल से कोटे से ज्यादा पानी बरस रहा है। ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1961 में पूरे सितंबर माह में 30 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक 9.2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 2 सितंबर 1947 को बना था। इस महीने औसत 8 से 10 दिन बारिश होती है। वहीं, दिन में तापमान 31.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। इंदौर में सितंबर में रिकॉर्ड 30 इंच बारिश इंदौर में सितंबर महीने में रिकॉर्ड 30 इंच बारिश हो चुकी है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है, जो साल 1954 में बना था। वहीं, 20 सितंबर 1987 को 24 घंटे में पौने 7 इंच पानी गिर चुका है। इस महीने इंदौर में औसत 8 दिन बारिश होती है, लेकिन इस बार 15 या इससे अधिक दिन तक बारिश हो सकती है। ग्वालियर में वर्ष 1990 में गिरा था 25 इंच पानी ग्वालियर में सितंबर 1990 में 647 मिमी यानी साढ़े 25 इंच बारिश हुई थी। यह सितंबर में मासिक बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 7 सितंबर 1988 को 24 घंटे में साढ़े 12 इंच बारिश हुई थी। सितंबर में ग्वालियर की औसत बारिश करीब 6 इंच है, लेकिन पिछले तीन साल से इससे अधिक बारिश हो रही है। ग्वालियर में इस बार अगस्त में ही बारिश का कोटा पूरा हो गया। ऐसे में सितंबर में जितनी भी बारिश होगी, वह बोनस की तरह ही रहेगी। जबलपुर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का … Read more

61 साल बाद यूपी को मिला गौरव, योगी के नेतृत्व में लखनऊ बनेगा युवाओं का वैश्विक केंद्र

19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के लिए लखनऊ में बनेगी विश्वस्तरीय टेंट सिटी, संपन्न हुआ भूमिपूजन 61 साल बाद यूपी को मिला गौरव, योगी के नेतृत्व में लखनऊ बनेगा युवाओं का वैश्विक केंद्र  योगी सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, गुलाब देवी व संदीप सिंह भूमिपूजन कार्यक्रम में हुए शामिल – पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, राष्ट्रपति मुर्मू के भी शामिल होने की संभावना – लखनऊ में 35 हज़ार स्काउट्स-गाइड्स जुटेंगे, बनेगी विश्वस्तरीय टेंट सिटी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से प्रदेश युवाओं के लिए वैश्विक मंच बन रहा है। इसी क्रम में लखनऊ में पहली बार भारत स्काउट्स और गाइड्स की डायमंड जुबली ग्रैंड फिनाले एवं 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी का भव्य आयोजन आगामी 23 से 29 नवम्बर तक होने जा रहा है। वृंदावन योजना स्थित डिफेन्स एक्सपो ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस विश्वस्तरीय शिविर का भूमि पूजन सोमवार को मंत्रोच्चार और विधिविधान के साथ हुआ।  भूमिपूजन समारोह में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को उत्तर प्रदेश के लिए “गौरव का अवसर” बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। 23 से 29 नवंबर तक आयोजित होगा जम्बूरी डॉ. महेंद्र सिंह ने जम्बूरी की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि 23 से 29 नवंबर 2025 तक चलने वाला यह आयोजन भारत के 30,000 और विभिन्न देशों के 2,000 स्काउट्स-गाइड्स, साथ ही 3,000 अधिकारियों-स्टाफ को आकर्षित करेगा। यहां कुल 35,000 प्रतिभागी इकट्ठा होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे, जबकि समापन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शामिल होने की संभावना है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने इसे युवाओं का वैश्विक उत्सव करार देते हुए कहा कि जम्बूरी केवल एक शिविर नहीं, बल्कि भाईचारे, संस्कृति और नेतृत्व का मंच है। यह आयोजन 1953 में हैदराबाद में पहली राष्ट्रीय जम्बूरी के बाद 18 सफल आयोजनों के बाद उत्तर प्रदेश को 61 वर्षों बाद मिला है, पिछली बार 1964 में प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) में हुआ था। आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी जम्बूरी, होंगे विभिन्न कार्यक्रम जम्बूरी के लिए डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में एक सप्ताह के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘टेंट सिटी’ तैयार की जाएगी, जिसमें 3,500 टेंट, 1,600 शौचालय-स्नानागार, 25,000 क्षमता का एरिना, 64 रसोईघर, 100 बिस्तरों का अस्पताल, 15 डिस्पेंसरी, 100 प्रदर्शनी स्टॉल, जम्बूरी मार्केट, ग्लोबल विलेज, एडवेंचर जोन, वाई-फाई जोन और दो दिवसीय ड्रोन शो शामिल होंगे। एयर फोर्स के एयर अग्निवीर प्रदर्शनी, HAM रेडियो स्टेशन और आईटी हब भी आकर्षण का केंद्र होंगे। योगी सरकार ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, परिवहन और पर्यावरणीय संतुलन के लिए विश्वस्तरीय प्रबंध सुनिश्चित किए हैं। ‘टेंट सिटी’ ग्रीन और सर्कुलर इकोनॉमी सिद्धांतों पर आधारित होगी। पीएम मोदी की प्राथमिकताओं पर आधारित थीम जम्बूरी की थीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं—आत्मनिर्भर स्वदेशी भारत, स्वच्छ एवं विकसित भारत, ग्रीन एवं सस्टेनेबल भारत, और विकसित युवा-विकसित भारत पर केंद्रित है। यह आयोजन युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का विकास करेगा, साथ ही राष्ट्रीय एकता, वैश्विक भाईचारा, संस्कृति का आदान-प्रदान और सेवाभावी नागरिकों को प्रोत्साहित करेगा।

नेतन्याहू का दांव: गाजा संघर्ष के बीच ट्रंप से मीटिंग, US में युद्धविराम की आस

गाजा इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस समय वॉशिंगटन में हैं। आज (सोमवार, 29 सितंबर को) उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात होने वाली है। इससे पहले नेतन्याहू ने कहा है कि वह वाइट हाउस के साथ गाजा में एक नए युद्धविराम योजना पर काम कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इसका कोई विवरण नहीं दिया और सिर्फ इतना कहा कि इसके विवरण तय किए जा रहे हैं। नेतन्याहू का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है, जब एक तरफ इजरायली फौज गाजा में लगातार आगे बढ़ रही है और ताबड़तोड़ हमले कर रही है, ताकि शहर को हमास से मुक्त कराया जा सके। वहीं दूसरी तरफ, नेतन्याहू पर गाजा युद्ध को समाप्त करने का भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव है। इस बीच, गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इजरायल और हमास के बीच लगभग तीन साल से जारी युद्ध में मारे गए फिलिस्तीनी नागरिकों की संख्या अब बढ़कर 66,000 से अधिक हो गई है। वाइट हाउस में सोमवार को होने वाली ट्रंप-नेतन्याहू की बैठक में, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए एक नया प्रस्ताव साझा करने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि ट्रंप इसके लिए 21 सूत्री प्रस्ताव का ऐलान कर सकते हैं। इसी के मद्देनजर नेतन्याहू के सुर में बदलाव देखा गया है। नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज़ संडे के 'द संडे ब्रीफिंग' में कहा, “हम इस पर काम कर रहे हैं। इसे अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है, लेकिन हम राष्ट्रपति ट्रंप की टीम के साथ काम कर रहे हैं, और मुझे उम्मीद है कि हम इसे सफल बना सकते हैं।” 21-सूत्रीय प्रस्ताव में तत्काल युद्धविराम योजना की जानकारी रखने वाले अरब अधिकारियों का कहना है कि 21-सूत्रीय प्रस्ताव में तत्काल युद्धविराम, हमास द्वारा बंधक बनाए गए सभी लोगों को 48 घंटों के भीतर रिहा करने और गाजा से इजरायली सेना की क्रमिक वापसी की बात शामिल है। अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर एसोसिएट प्रेस से यह बात कही क्योंकि प्रस्ताव की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। अधिकारियों ने कहा कि प्रस्ताव अंतिम नहीं है और इसमें बदलाव की पूरी संभावना है। अरब नेताओं के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा दरअसल, ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में अरब नेताओं के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की थी। हमास के एक अधिकारी ने कहा कि समूह को योजना के बारे में जानकारी दे दी गई है, लेकिन अभी तक मिस्र और कतर के मध्यस्थों से कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं मिला है। हमास ने कहा है कि वह ‘किसी भी प्रस्ताव का सकारात्मक और जिम्मेदारी से अध्ययन करने’ के लिए तैयार है। गाजा में अभी भी 48 लोग बंधक बता दें कि नेतन्याहू ने हमास के खात्मे तक लड़ाई जारी रखने की कसम खाई है। हालांकि, उन्होंने संघर्ष समाप्त करने वाले समझौते के तहत हमास के गुर्गों को गाजा छोड़ने की अनुमति देने की पेशकश दोहराई है। बता दें कि 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के आतंकी हमले के बाद से इजरायल ने हमास के ठिकानों को नेस्तनाबूद करना शुरू कर दिया था। गाजा में आक्रमण उसी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "अगर वे युद्ध खत्म कर देते हैं, सभी बंधकों को रिहा कर देते हैं, तो हम उन्हें छोड़ देंगे।" गाजा में अभी भी 48 लोग बंधक है। सीजफायर की बात क्यों करने लगे नेतन्याहू? दरअसल, नेतन्याहू पर युद्ध समाप्त करने के लिए काफी अंतरराष्ट्रीय दबाव है। इजरायली आपत्तियों के बावजूद, प्रमुख पश्चिमी सहयोगी देश फिलिस्तीनी राष्ट्र को मान्यता देने वाले देशों की बढ़ती सूची में शामिल हो गए हैं। अमेरिका पर भी इस युद्ध को रुकवाने का दबाव बढ़ गया है। दूसरी तरफ, यूरोपीय संघ इजरायल के खिलाफ प्रतिबंधों पर विचार कर रहा है और उसके खिलाफ खेल एवं सांस्कृतिक बहिष्कार के प्रयास भी तेज हो गए हैं।

मोदी के ट्वीट से पाकिस्तान में हड़कंप, नकवी और आसिफ का रिएक्शन वायरल

नई दिल्ली  पाकिस्तान को एशिया कप में करारी हार का स्वाद चखाने के बाद भारतीय टीम ने प्रतिद्वंद्वी देश की डबल बेइज्जती की है। पहले तो लगातार तीसरे मुकाबले में टीम इंडिया ने पाकिस्तान पर जोरदार जीत हासिल की। इसके बाद जब फाइनल में ट्रॉफी पाकिस्तान के होम मिनिस्टर और एशिया क्रिकेट परिषद के चीफ मोहसिन नकवी के हाथ से लेने की बात आई तो इनकार ही कर दिया। मोहसिन नकवी काफी देर तक इंतजार करते रहे, लेकिन भारतीय टीम निकलकर ही नहीं आई। अंत में जलील होकर मोहसिन नकवी वहां से निकल ही गए। एशिया कप फाइनल के परिणाम को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट किया और लिखा कि खेल के मैदान में भी ऑपरेशन सिंदूर जारी है और रिजल्ट वही निकला है- भारत की जीत। पीएम मोदी के इस ट्वीट ने पाकिस्तान के जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। उनके इस ट्वीट पर ट्ऱॉफी लेकर खड़े रहे मोहसिन नकवी ने जवाब दिया है और कहा कि नरेंद्र मोदी ने खेल भावना का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह खेल में जंग को घसीटना ठीक नहीं है। भारतीय पीएम ने खेल भावना को कमजोर करने की कोशिश की है। नकवी ने बौखलाहट में बढ़-चढ़कर यह दावा भी कर दिया कि भारत इतिहास में हर बार पाकिस्तान से हारा है। वहीं एक ही तथ्य काफी कुछ कहता है कि 1971 की जंग में पाकिस्तान के 93,000 सैनिकों ने भारत के आगे सरेंडर किया था और इसके साक्ष्य आज भी फोटो सहित उपलब्ध हैं। नकवी ने एक्स पर फर्जी दावे करते हुए लिखा, 'यदि जंग ही आपके लिए गर्व का विषय है तो इतिहास में कई जीत पाकिस्तान के नाम हैं। कोई क्रिकेट मैच सत्य नहीं बदल सकता। खेल में जंग को घसीटना दिखता है कि आप किस तरह से अधीर हैं।' वहीं पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ भी बौखला गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने खेल भावना के खिलाफ जाकर ट्वीट किया है। इससे महाद्वीप में शांति और स्थिरता पर असर होगा।