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OBC को 27% आरक्षण पर सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान, जल्द लेगी सरकार ऐतिहासिक फैसला

भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार OBC के लिए 27% आरक्षण लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। पहले यह घोषणा बिना सर्वे और तैयारी के की गई थी, इसलिए इसमें देरी हुई। अब अधिकारियों को कहा गया है कि वे तथ्यों और डेटा के आधार पर विधानसभा के लिए एक बिल बनाएं। मुख्यमंत्री यादव ने यह बात समन्वय भवन में मीडिया से बात करते हुए कही। EWS के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण उन्होंने यह भी कहा कि सरकार EWS के लिए 10% आरक्षण लागू कर रही है। साथ ही, कोर्ट के कारण जिन छात्रों को नियुक्ति नहीं मिल पाई, उन्हें अब नियुक्ति मिलेगी। सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रमोशन के मामले भी सुलझा लिए हैं। PM मोदी की पहल के बाद जाति-आधारित जनगणना भी शुरू हो गई है। मूंग की MSP को लेकर शिवराज सिंह को भी लिखा है पत्र मुख्यमंत्री यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मूंग का कम से कम 40% उत्पादन MSP पर खरीदने का लक्ष्य रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन मूंग का MSP 8,682 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इस साल मूंग की खेती का रकबा भी बढ़ा है। राज्य का सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा चंबल ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के बारे में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि यह जल्द ही राज्य का सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन न बेचने की अपील की, क्योंकि यहां तेजी से औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर आने वाले हैं। उन्होंने ग्वालियर में 265.56 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि जौरासी गांव में 8 करोड़ रुपये की लागत से डॉ. अंबेडकर धाम बनाया जा रहा है।

मंदिरों के बाहर लगे ड्रेस कोड वाले पोस्टर, मिनी स्कर्ट और क्रॉप टॉप पहनने पर आपत्ति

जबलपुर जिले में एक पोस्टर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह पोस्टर मंदिरों के बाहर लगाया गया जिस पर लिखा है कि मंदिर परिसर में भारतीय संस्कृति के अनुरूप ही कपड़े पहन कर अंदर प्रवेश करें। बताया जा रहा है कि यह पोस्टर हिन्दूवादी संगठन ने शहर के कई मंदिरों के बाहर लगाया है। पोस्टर में कहा गया है कि मिनी स्कर्ट,जींस-टॉप तथा वेस्टर्न कपडे पहनकर आने पर बाहर से दर्शन करें। दरअसल, जबलपुर शहर में महाकाल संघ अंतर्राष्ट्रीय बजरंग दल ने मंदिरों के बाहर पोस्टर लगाया है और उसमें लिखा है, "निवेदन है कि मंदिर परिसर में भारतीय संस्कृति के अनुरूप ही वस्त्र पहनकर प्रवेश करें। छोटे वस्त्र, हाफ पैंट, बरमुंडा, मिनी स्कर्ट, नाईट-शूट, कटी फटी जींस और क्राप टॉप आदि वेस्टर्न कपड़े पहनकर आने पर मंदिर के बाहर से ही दर्शन करें। बालिकाएं और महिलाएं मंदिर परिसर में सिर ढक कर प्रवेश करें। पोस्टर पर आगे लिखा है कि इसे अन्यथा न लें और भारतीय संस्कृति आपको ही बचानी है। पोस्टर में निवेदक के रूप में महाकाल संघ अंतर्राष्ट्रीय बजरंग दल लिखा हुआ है। शहर भर के 40 मंदिरों में लगेंगे पोस्टर इस पोस्टर को लेकर अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के जिला मीडिया प्रभारी अंकित मिश्रा ने बताया कि ऐसे पोस्टर शहर के लगभग 30 से 40 मंदिरों में लगाए गए हैं। इन पोस्टरों को शहर के अन्य मंदिर में भी लगाया जायेगा। महिलाएं ही धर्म के कार्य में सबसे आगे आती हैं। भारतीय संस्कृति को बचाना उनके हाथों में है। मेरा उनसे निवेदन है कि भारतीय संस्कृति के अनुरूप कपड़े पहनकर मंदिर परिसर में प्रवेश करें। पोस्टर को लेकर वकील ने क्या कहा? वहीं दूसरी ओर पोस्टर के संबंध में अधिवक्ता अंजना कुरलिया का कहना है कि महिला को कैसे कपड़े पहनना है, यह उनका विवेकाधिकार है। महिलाओं के लिए कई प्रकार के कपड़े हैं। प्राचीन भारतीय संस्कृति में बिना सिलाई वाले कपड़े नहीं थे। सिलाई वाले कपड़े ईरान से आये हैं, जिसे पहना जा रहा है। जींस-टीशर्ट सहित वेस्टर्न कपड़े पहनकर आने वाली महिला व युवती मंदिर आकर ऐसे पोस्टर देखेगी तो उन्हें आघात होगा।

उज्जैन में आस्था का सैलाब: दो वर्षों में 12 करोड़ श्रद्धालु और 1 अरब से अधिक का चढ़ावा

उज्जैन महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ी संख्या में वृद्धि हुई है। बीते दो साल में 12.32 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। इससे महाकाल मंदिर में मिलने वाला दान बीते दो वर्ष में एक अरब रुपये को पार कर गया। महाकाल मंदिर में किसी समय 15-20 करोड़ रुपये सालाना दान आता था।   दान राशि में अचानक वृद्धि महाकाल लोक बनने के बाद दान राशि में अचानक वृद्धि हो गई। वर्ष 2023-24 में दान 59.91 करोड़ रुपये रहा। वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 51.22 करोड़ रुपये रहा। यानि दोनों वर्ष का मिलाकर यह आंकड़ा एक अरब को पार कर गया। यह राशि सिर्फ भेंट पेटियों में डाले गए दान की है। गत वर्ष का आंकड़ा 7.32 करोड़ रहा मंदिर में अन्य कमाई भी मिला दो तो आंकड़ा कहीं अधिक है। इसके साथ ही उज्जैन में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या भी बीते दो वर्ष में मिलाकर 12.32 करोड़ रही। गत वर्ष का आंकड़ा 7.32 करोड़ रहा। आने वाले श्रावण मास में श्रद्धालुओं की संख्या में बेतहाशा वृद्धि का अनुमान है।

उज्जैन में विराजमान अष्ट भैरव को पूर्णिमा पर लगेगा छप्पन भोग, होगी दिव्य महाआरती

उज्जैन आषाढ़ी पूर्णिमा पर 10 जुलाई को भगवान कालभैरव को छप्पन पकवानों का भोग लगाया जाएगा। शहर के अन्य भैरव मंदिरों में भी सुबह अभिषेक पूजन, दिन में हवन अनुष्ठान तथा शाम को महाआरती के आयोजन होंगे। कुल परंपरा अनुसार घरों में भी कुलभैरव का पूजन किया जाएगा। आषाढ़ मास की पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा महाभैरव की पूजा का भी दिन है। मालवा की लोकपरंपरा अनुसार इस दिन घरों में कुल भैरव का पूजन किया जाता है।   भैरव मंदिर में दर्शनार्थियों का लगेगा तांता धर्मधानी उज्जैन में अष्ट महाभैरव की मान्यता है। इसलिए यह आदि अनादिकाल से भैरव साधना का केंद्र भी रही है। आज भी कालभैरव, विक्रांत भैरव आदि यहां तंत्र के अधिष्ठात्र देवता के रूप में पूजे जाते हैं। भैरव पूर्णिमा पर अष्ट महा भैरव मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगेगा। कालभैरव मंदिर के पं.ओमप्रकाश चतुर्वेदी ने बताया आषाढ़ी पूर्णिमा पर सुबह कालभैरव का भैरव सहस्त्रनामावली से महा अभिषेक होगा।   इसके बाद विशेष शृंगार किया जाएगा। सुबह शाम मदिरा का विशेष भोग लगेगा। शाम को महाआरती होगी। भक्तों को दिनभर महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा। इसी प्रकार सिंहपुरी स्थित आताल पाताल भैरव, भागसीपुरा स्थित आनंद भैरव, छप्पन भैरव, कालिदास उद्यान स्थित दंडपाणि भैरव, चक्रतीर्थ स्थित बम बटुक भैरव मंदिर में भी अभिषेक, पूजन, शृंगार, महाप्रसादी व महाआरती होगी। सांदीपनि महोत्सव के रूप में मनाएं गुरुपूर्णिमा पंचांगकर्ता, ज्योतिर्विद पं.आनंद शंकर व्यास ने मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव को पत्र लिखकर गुरुपूर्णिमा को सांदीपनि महोत्सव के रूप में मनाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए पं.व्यास ने लिखा है कि पांच हजार साल पहले आपके गृह नगर उज्जैन में मुनि सांदीपनि के आश्रम में प्रथम गुरुकुल की स्थापना हुई थी। भगवान बलराम, श्रीकृष्ण मुनि सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण करने आए और उसी दिन से गुरु शिष्य परंपरा की शुरुआत हुई। गुरुपूर्णिमा इसी परंपरा का उत्सव रूप है। इसलिए मध्य प्रदेश के स्कूल, कॉलेज में यह उत्सव सांदीपनि महोत्सव के नाम से मनाया जाना चाहिए।

आज मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व में लुधियाना में रोड शो का आयोजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बेंगलुरु और सूरत के सफल रोड शोज़ के बाद अब मध्यप्रदेश के निवेश संवादों की तीसरी कड़ी के रूप में आज लुधियाना में रोड शो का आयोजन किया जा रहा है। देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में शुमार लुधियाना में यह आयोजन टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और आईटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश साझेदारी के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लुधियाना में यह रोड शो मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, नीतिगत स्थिरता और निवेश-अनुकूल वातावरण को देश के अग्रणी उद्योग समूहों के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रभावी मंच बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरे दिन विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे और उद्योगजगत की हस्तियों से प्रत्यक्ष संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ यादव करेंगे इंडस्ट्री विजिट्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुधियाना स्थित वर्धमान टेक्सटाइल और दीपक फास्टनर जैसे प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों का दौरा करेंगे। ये यात्रा उत्पादन प्रक्रियाओं, तकनीकी दक्षता और प्रबंधन प्रणाली की समझ को गहरा करने के साथ-साथ इन समूहों के साथ संभावित निवेश के बिंदुओं पर चर्चा का अवसर भी प्रदान करेगी।मुख्यमंत्री उद्योगों की कार्य संस्कृति और नवाचार क्षमताओं को जानने के साथ मध्यप्रदेश में व्यवहारिक सहयोग के रास्ते भी तलाशेंगे। वन टू वन मीटिंग्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुधियाना के प्रमुख उद्यमियों और औद्योगिक समूहों के पदाधिकारियों के साथ व्यक्तिगत बैठकों में भी भाग लेंगे। इन संवादों में उद्योग प्रतिनिधियों से संभावित निवेश प्रस्तावों, साझेदारी के क्षेत्रों और आवश्यक सरकारी सहयोग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। इन बैठकों का उद्देश्य व्यावहारिक और परिणाममूलक संवाद के माध्यम से दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना है। इंटरएक्टिव सेशन– इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन एमपी मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव एक विशेष सत्र में लुधियाना के उद्योगपतियों को राज्य की नवीन औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं, पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल ओडीओपी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और लॉजिस्टिक्स-सक्षम क्लस्टर्स की जानकारी देंगे। यह इंटरएक्टिव सेशन संभावित निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य की गहराई से समझ का अवसर होगा। दिन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ट्राइडेंट ग्रुप के मुख्यालय में आयोजित हाई-टी इंटरएक्शन में भाग लेंगे। यह संवाद औपचारिकता से परे जाकर सहयोग, विस्तार और विश्वास की भावना को आगे बढ़ाने का मंच होगा, जिसमें कंपनी के नेतृत्व के साथ संभावित औद्योगिक निवेश और साझेदारी के पहलुओं पर चर्चा होगी।कुल जमा यह रोड शो सिर्फ एक निवेश कार्यक्रम नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की बदलती औद्योगिक सोच, सक्षम नेतृत्व और दीर्घकालिक विकास के लिए राज्य की प्रतिबद्धता की प्रभावशाली प्रस्तुति है। लुधियाना जैसे औद्योगिक केंद्र से संवाद और सहयोग स्थापित कर प्रदेश व्यवहारिक समन्वय और साझे विकास की दिशा में नए कदम रख रहा है।  

ब्रिक्स के वित्त मंत्रियों संग निर्मला सीतारमण की बैठक, द्विपक्षीय मामलों पर हुई विस्तार से चर्चा

रियो डी जेनेरियो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ब्रिक्स समकक्षों के साथ बैठकें की और इस दौरान द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर चर्चा हुई। यह जानकारी आधिकारिक सरकारी बयान में गई। ब्रिक्स वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक के दौरान रूसी वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव के साथ अपनी बैठक में वित्त मंत्री सीतारमण ने भारत-रूस की दीर्घकालिक साझेदारी पर चर्चा की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वित्त मंत्रालय की पोस्ट के अनुसार, वित्त मंत्री सीतारमण ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा दिए गए समर्थन के लिए आभार भी व्यक्त किया। मंत्रालय ने बताया, “केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि भारत और रूस के बीच आपसी विश्वास और समझ का स्तर सराहनीय है और हमारी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी मजबूत और दृढ़ बनी हुई है।” उन्होंने 2024 में ब्रिक्स की सफल अध्यक्षता के लिए रूस को बधाई दी और कहा कि भारत साझा हितों के क्षेत्रों में दक्षिण-दक्षिण सहयोग बनाने के लिए ब्रिक्स मंच का लाभ उठाना जारी रखेगा। उन्होंने हाल ही में ब्रिक्स में शुरू की गई विभिन्न पहलों के तौर-तरीकों पर भी चर्चा की। दोनों पक्षों ने वित्तीय क्षेत्र में सहयोग सहित द्विपक्षीय सहयोग के मुद्दों पर और न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) से संबंधित मामलों पर भी चर्चा की। वित्त मंत्री सीतारमण ने ब्राजील के वित्त मंत्री फर्नांडो हद्दाद से मुलाकात की और दक्षिण-दक्षिण सहयोग, वैश्विक दक्षिण की आवाज को बढ़ावा देने, सीओपी30 और जलवायु वित्त मुद्दों और संयुक्त राष्ट्र, जी20, ब्रिक्स, डब्ल्यूटीओ और आईबीएसए जैसे क्षेत्रीय और वैश्विक मंचों में भागीदारी सहित आपसी हितों के मुद्दों पर बातचीत की। ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान ब्राजील द्वारा किए गए गहन कार्य की सराहना करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत ब्राजील द्वारा निर्धारित एजेंडे और प्राथमिकताओं का समर्थन करता है और उम्मीद करता है कि जनवरी 2026 में जब भारत अध्यक्षता संभालेगा तो इस सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारत और ब्राजील, रणनीतिक साझेदार के रूप में कई क्षेत्रों में गर्मजोशी और सौहार्दपूर्ण संबंध साझा करते हैं और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। चीन के वित्त मंत्री लैन फोआन के साथ अपनी बैठक में वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और चीन समावेशी वैश्विक विकास और नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए अद्वितीय स्थिति में हैं, क्योंकि दोनों देश दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं हैं। मंत्रालय के अनुसार, वित्त मंत्री ने कहा कि भारत और चीन साझा समृद्ध मानव पूंजी, गहरे सभ्यतागत संबंध और बढ़ते आर्थिक प्रभाव के कारण कई क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत कर सकते हैं। वित्त मंत्री ने सुझाव दिया कि दोनों देशों के बीच गहन जुड़ाव विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की आवाज को बढ़ाने और वैश्विक नैरेटिव को आकार देने में मदद कर सकता है।  

ब्रिक्स शिखर बैठक के लिए ब्राजील पहुंचे पीएम मोदी, स्वागत में दिखी खास तैयारी

रियो डी जेनेरियो ब्राजील में 6-7 जुलाई को ब्रिक्स सम्मेलन हो रहा है। 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए पीएम नरेंद्र मोदी भी रियो डी जेनेरियो पहुंच गए हैं। यहां पर ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। बता दें कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक शासन में सुधार, शांति और सुरक्षा, बहुपक्षवाद को मजबूत करने, एआई के उपयोग, जलवायु कार्रवाई, वैश्विक स्वास्थ्य और आर्थिक और वित्तीय मामलों सहित प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।   पीएम मोदी पहुंचे ब्राजील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय 8 दिनों की पांच देशों की आधिकारिक दौरे पर हैं। पीएम शनिवार को अर्जेंटीना की ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के बाद पांच देशों की अपनी यात्रा के चौथे चरण में आज दिन में ब्राजील पहुंचे। बता दें कि पीएम मोदी की ब्राजील की चौथी यात्रा है और दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के बाद उनका ब्रासीलिया का राजकीय दौरा करने का कार्यक्रम है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी इस शिखर सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं। हालांकि, इसको लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। चीन के राष्ट्रपति नहीं लेंगे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा ब्राजील में हो रहे इस शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति और चीन के राष्ट्रपति हिस्सा नहीं लेंगे। चीनी राष्ट्रपति बनने के बाद ये पहला मौका है, जब शी चिनफिंग इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले रहे हैं। उनके स्थान पर चीन के पीएम ली क्यांग सम्मेलन में भाग लेंगे। बता दें कि ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। मिस्त्र, इथोपिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई को शामिल करके इस समूह का विस्तार किया गया है।

यात्रियों की परेशानी देख शिवराज का अनुरोध, ट्रेन में जनरल डिब्बे बढ़ाने की मांग

भोपाल केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ट्रेन में बैठकर भोपाल से गंजबासौदा जा रहे थे। रविवार को उन्होंने पंजाब मेल एक्सप्रेस के जनरल बोगी में यात्रा करने की कोशिश की, लेकिन उस बोगी में जगह नहीं मिली। उन्होंने जनरल बोगी के यात्रियों से बात की और उनकी परेशानियां जानी। शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हर जनप्रतिनिधि को आम होना चाहिए। उन्होंने खुद को आम आदमी बताया और कहा कि जनता के बीच जाकर ही उनकी तकलीफों का पता चलता है। उन्होंने जनरल बोगी को बढ़ाने की बात भी कही। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जनरल बोगी में यात्रियों से बात करके उनकी मुश्किलों का पता चला। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में शिवराज यात्रियों से बातचीत करते हुए दिख रहे हैं। शिवराज ने कहा कि जनता के हर प्रतिनिधि को जनरल ही होना चाहिए। हम खास नहीं हैं हम आम हैं। जनरल बोगी में बैठने के लिए नहीं थी जगह शिवराज ने कहा कि हम खास नहीं, आम हैं। उनका मानना है कि आम लोगों के बीच जाकर ही उनकी कठिनाइयों और तकलीफों का अहसास होता है। उन्होंने जनरल बोगी में जगह की कमी के बारे में बात करते हुए कहा कि मैं जनरल कोच में बैठना चाहता था, लेकिन वहां जगह ही नहीं थी। खचाखच भरा हुआ था। कुछ लोग खड़े भी हैं। इससे उस तकलीफ का भी अहसास होता है। शिवराज ने जनरल डिब्बों को बढ़ाने की बात कही केंद्रीय मंत्री ने इस समस्या को देखते हुए ट्रेनों में जनरल डिब्बों की संख्या बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा, "इसको देखकर मुझे लगता है कि ट्रेन में जनरल डिब्बों की और जरूरत है।" शिवराज का मानना है कि आम जनता के बीच जाकर ही उनकी समस्याओं का पता चलता है। इसलिए, उन्होंने ट्रेन में सफर कर रहे लोगों से मिलने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि मैं सभी भाई-बहनों के बीच जाऊं, जो ट्रेन से सफर कर रहे हैं। यह उनको समझने का और समझ कर उनकी सेवा करने का एक प्रयास है। 1 जुलाई से बढ़ गया है ट्रेनों का किराया दूसरी तरफ रेलवे ने 1 जुलाई से ट्रेनों के किराए में बढ़ोतरी कर दी है। यह बढ़ोतरी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में की गई है। मीडिया के अनुसार रेलवे ने नान एसी क्लास का किराया 1 पैसा प्रति किलोमीटर बढ़ाया है। वहीं, सभी एसी क्लास का किराया 2 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ाया गया है। रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने पहले ही किराया बढ़ाने के संकेत दे दिए थे। 24 जून को किराया संशोधन का प्रस्ताव रखा गया था। इसके बाद ट्रेनों और श्रेणियों के अनुसार किराया तालिका जारी की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वनाधिकार और पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पहली बैठक में दिए निर्देश

सरकार वनवासियों के साथ है, यह भावना जन जन तक जानी चाहिए दुग्ध उत्पादन के जरिए जनजातीय भाई-बहनों की बढ़ाएं नकद आय पेसा मोबालाईजर की निुयक्ति के अधिकार अब ग्राम सभाओं को देगी सरकार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्नेह का बंधन एकतरफा नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार हर पल वनवासियों के साथ खड़ी है, यह बात पूरी शिद्दत से उन तक पहुंचनी चाहिए। सभी वनवासियों को सरकार की योजनाओं से जोड़ें और उनके जीवन में विकास का प्रकाश लाने की दिशा में काम करें। वनवासियों के कल्याण के लिए हरसंभव प्रबंध किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग के अध्ययनरत एवं रोजगार कर रहे बच्चों का सामाजिक सम्मेलन बुलाएं। इस सम्मेलन के जरिए सरकार इन बच्चों को उन तक पहुंचने वाले लाभ का फीड-बैक भी लेगी और जिन्हें जरूरत है, उन तक सरकार की योजनाएं तथा सुविधाएं भी पहुंचाई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में प्रदेश में वन अधिकार अधिनियम और पेसा एक्ट के क्रियान्वयन के लिए गठित की गई राज्य-स्तरीय टास्क फोर्स की शीर्ष समिति तथा इसी विषय के लिए गठित कार्यकारी समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय कार्य एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को वनाधिकार के व्यक्तिगत और सामुदायिक दावों का तेजी से निराकरण कर 31 दिसंबर 2025 तक पेंडेसी जीरो करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पेसा एक्ट यानि पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 लागू है। इसमें पेसा मोबालाईजर्स के जरिए जनजातियों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देकर योजनाओं से लाभान्वित भी कराया जाता है। इन सभी पेसा मोबालाईजर्स की अपने काम पर उपस्थिति और उच्च कोटि का कार्य प्रदर्शन फील्ड में दिखाई भी देना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेसा मोबालाईजर्स को नियुक्त करने और संतोषजनक प्रदर्शन न करने पर इन्हें हटाने के अधिकार सरकार अब ग्राम सभाओं को देने जा रही है।इस निर्णय से एकरूपता आएगी और ग्राम सभाएं पेसा मोबालाईजर्स से अपने मुताबिक काम भी ले सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वनवासियों की बेहतरी के लिए संकल्पित है। उनके सभी हितों की रक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग का मैदानी अमला यह सुनिश्चित करे कि वन भूमि पर अब कोई भी नये अतिक्रमण कदापि न होने पाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम के सुचारू क्रियान्वयन के लिए महाराष्ट्र सरकार के 'जलयुक्त शिविर' अभियान की तरह समन्वय पर आधारित मॉडल मध्यप्रदेश में भी अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों द्वारा इस अधिनियम के अमल के लिए की जा रही कार्यवाही के सभी पहलुओं का अध्ययन कर लें और जो सबसे उपयुक्त है उसी मॉडल पर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों के विकास के लिए विधायकों द्वारा विजन डॉक्यूमेंट बनाया गया है। वनाधिकार अधिनियम और पेसा कानून के अमल के लिए समुचित प्रावधान भी इसी विजन डॉक्यूमेंट में शामिल कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार क्रमबद्ध रूप से विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूहों और अन्य जनजातीय बहुल गांव, मजरों-टोलों तक सड़कों का निर्माण कर रही है। ग्राम पंचायत विकास कार्ययोजना में पेसा कोष की राशि खर्च करने का अधिकार भी संबंधित पेसा ग्राम सभा को दिया जा रहा है। बैठक में समिति के सदस्य एवं पूर्व विधायक श्री भगत सिंह नेताम ने बताया कि वनाधिकार अधिनियम के प्रभावी अमल के लिए बालाघाट जिले में पुलिस विभाग द्वारा सभी पुलिस चौकियों में एकल सुविधा केन्द्र स्थापित कर इसके जरिए कैम्प लगाकर जनजातियों को लाभान्वित किया जा रहा है। अब तक 450 वनाधिकार दावे भरवाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस नवाचार की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी 88 जनजातीय विकासखंडों वाले जिलों के कलेक्टर को बालाघाट मॉडल भेजकर इसी अनुरूप कार्यवाही करने के लिए कहा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन क्षेत्र के सभी गांवों के विकास के लिए प्रस्ताव दिए जाएं। उन्होंने कहा कि यह कार्य एक्शन प्लान बनाकर किया जाए। उन्होंने कहा कि 31 दिसम्बर 2025 तक सभी गांवों के दावे प्राप्त कर लें और इसी दौरान इनका निराकरण भी कर लें। वन अधिकारियों की ट्रेनिंग का काम 15 अगस्त तक पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई तकनीकी परेशानी आ रही है तो इसके लिए वन और जनजातीय कार्य विभाग मिलकर एक नया पोर्टल भी विकसित कर लें। वनांचल विकास केन्द्र को करें और अधिक सक्रिय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातियों के पारम्परिक ज्ञान को उनके विकास के लिए बनाई जा रही नीति निर्माण में भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं को और भी सशक्त बनाने, सामुदायिक वन संसाधनों के समुचित प्रबंधन, जैव विविधता के संरक्षण और वन एवं वनोपज संसाधनों के न्यायसंगत वितरण के लिए वन/वनांचल विकास केन्द्रों को और अधिक भी सक्रिय कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि ये केंद्र वन अनुसंधान, प्रशिक्षण, मार्केट लिंकेज और कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व-सीएसआर/कैम्पा जैसे वित्त स्रोतों के समन्वय में महत्त्वपूर्ण भूमिका भी अदा करें। सामुदायिक आजीविका पर करें फोकस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजीविका सबसे पहली जरूरत होती है। सामुदायिक आजीविका के साधनों पर फोकस कर जनजातियों की नकद आय के साधन बढ़ाने की दिशा में उन्हें दुग्ध उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्हें शासन की योजना के तहत अधिक से अधिक दुधारू पशु (मुख्यत: गाय, भैंस) उपलब्ध कराए जाएं। इससे वे आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि जनजातियों को कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की रोजगारमूलक योजनाओं से भी जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि चूंकि वनवासी वनोपजों पर विशेष रूप से आश्रित रहते हैं। इसलिए लघु वनोपजों के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन गतिविधियों में जनजातीय समुदायों को लाभ का बड़ा हिस्सा मिलना चाहिए,इससे उनका जीवन स्तर सुधरेगा। औषधीय पौधों की खेती पर विशेष जोर दिया जाए ताकि जनजातीय वर्ग के उत्पाद सीधे बाजार से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्गों की स्थायी आजीविका विकास के लिए मूल्य संवर्धन केंद्र भी विकसित किए जाएं, जिससे जनजातियां रोजगार की तलाश में बाहर न जाएं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातियों द्वारा उत्पादित श्रीअन्न … Read more

मुख्यमंत्री ने आवास एवं पर्यावरण विभाग की ली समीक्षा बैठक

रायपुर,   मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आवास एवं पर्यावरण विभाग के विभागीय काम-काज की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के अतंर्गत संचालित कार्यो की जानकारी लेते हुए अधिकरियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में वित्त एवं आवास पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सचिव आवास एवं पर्यावरण श्री अंकित आंनद, एन आर डी ए के सी.ई.ओ श्री चंदन कुमार, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त श्री अवनीश शरण, रायपुर विकास प्राधिकरण के सी.ई.ओ. श्री आकाश छिकारा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर का सुव्यवस्थित विकास सरकार की पहली प्राथमिकता है। नवा रायपुर क्षेत्र में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुनियोजित विकास किया जायेगा। नवा रायपुर देश की सबसे आधुनिक व खुबसूरत राजधानी है। देश के आई.आई.एम., ट्रिपल आई.टी., नेशनल लॉ विश्वविद्यालय जैसे शीर्ष शिक्षण संस्थान यहां स्थापित किए गए हैं। भविष्य में नवा रायपुर में बसाहट और बढ़ेगी इसलिए यह आवश्यक है कि आगमाी जरूरतों के हिसाब से यहां नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के संबंध में चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। भारत सरकार द्वारा परमालकसा – खरसिया नई रेलवे लाईन का निर्माण बलौदाबाजार जिले से होकर किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस रेल लाईन को नवा रायपुर से जोड़ने की मंशा जाहिर करते हुए कहा कि इससे नवा रायपुर में रेल सुविधाओं का विस्तार होगा और आम नागरिको को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत माला परियोजना के अंतर्गत विशाखापट्टनम को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण विकास के साथ आयात और निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु नवा रायपुर अटल नगर में एक लॉजिस्टीक हब की निर्माण आवश्यकता पर बल दिया। अधिकाारियों ने बाताया कि छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण लगभग 95 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसके बनने से रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी 100 कि.मी. कम हो जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कि नई औद्योगिक नीति से बड़ी संख्या में निवेशक आकर्षित हो रहे है। इससे यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर क्षेत्र में ऑक्सीजोन निर्माण के अंतर्गत पीपल, बरगद, करंज, नीम, अशोक, अमलतास, गुलमोहर आदि पौधों के रोपण एवं ग्रोथ कि जानकारी ली। बैठक मे अधिकरियों ने बताया कि नवा रायपुर क्षेत्र में भविष्य में राज्य सरकार के विभिन्न आयोग-बोर्ड-निगम आदि के लिए आयोग बिडिंग कॉम्पलेक्स तैयार करने की योजना है। इसके अलावा काम-काजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल, 100 बिस्तर अस्पताल, नवा रायपुर में एक और नवीन थाना की स्थापना का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर क्षेत्र में नवीन भवनों के निर्माण के लिए आबंटित भू-खण्डों का समूचित उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने आवास एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत शामिल – छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ भू-सम्पदा नियामक प्राधिकरण (रेरा), रायपुर विकास प्राधिकरण के काम-काज की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।