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UIDAI ने बदले आधार से जुड़े नियम, जरूरी अपडेट नहीं किया तो आधार हो सकता है निष्क्रिय

भोपाल    आधार कार्ड को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। जिन लोगों के आधार कार्ड बने हुए 10 या इससे ज्यादा साल हो चुके हैं उनका आधार कार्ड रद्द हो सकता है। आधार कार्ड एक नागरिक के जीवन में अहम दस्तवेज है जो किसी भी काम काज के लिए सबसे पहले मांगा जाता है फिर चाहे वह सरकार की तरफ से दिया जाने वाला कोई लाभ हो या फिर हमारे मोबाइल से लेकर कोई काम, ऐसे में अगर किसी का आधार कार्ड रद्द हो जाए तो कितना मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।  लेकिन इन सभी सेवाओं का फायदा तभी मिल पाता है, जब आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर एक्टिव और सही हो। इसको लेकर एक नई अपडेट जारी कि गई है। जितने भी आधार कार्ड धारक हैं, सभी को यह जानना जरूरी है कि क्या-क्या अपडेट आप सभी को करना होगा। हाल ही में एक नई सूचना आई है कि अगर आप अपने आधार कार्ड को 10 साल से अपडेट नहीं कर रहे हैं, तो आपका आधार कार्ड बंद (डीएक्टिवेट) हो सकता है। इससे आपको कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। पहले मोबाइल नंबर ऑनलाइन अपडेट किया जा सकता था, लेकिन अब UIDAI ने यह सुविधा बंद कर दी है। अब अगर आपको अपने आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर को बदलना है तो आपको नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाकर ही यह काम करना होगा। तो इसलिए अब जल्दी अपने नजदीकी आधार केंद्र में जाएं और अपना मोबाइल नंबर अपडेट करवाएं।   आधार अपडेट के नए शुल्क और अनिवार्य नियम 1 अक्टूबर 2025 से आधार कार्ड में सामान्य सुधार (जैसे नाम या पता) के लिए 75 रुपये का शुल्क लगेगा. वहीं, अगर आप बायोमेट्रिक जानकारी, जैसे फिंगरप्रिंट, आइरिस या फोटो बदलना चाहते हैं, तो इसके लिए 125 रुपये देने होंगे. बच्चों (7 से 17 साल) के बायोमेट्रिक अपडेट के लिए भी अब 125 रुपये का शुल्क देना होगा. हालांकि, नया आधार कार्ड बनवाने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा, ये पहले की तरह मुफ्त ही रहेगा. UIDAI के सीईओ, भुवनेश्वर कुमार के मुताबिक 1 अक्टूबर 2025 से 10 साल पुराने आधार कार्ड को अपडेट कराना अनिवार्य होगा. ये उन लोगों के लिए एक अतिरिक्त खर्च हो सकता है जो ग्रामीण और छोटे शहरों में रहते हैं. अगर आपने पिछले दस सालों में अपना आधार अपडेट नहीं कराया है, तो अब आपको अपने दस्तावेज जमा करके ये नया शुल्क देना होगा. बच्चों और किशोरों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट एक अच्छी खबर ये है कि 5 से 7 साल के बच्चों और 15 से 17 साल के किशोरों को अब बायोमेट्रिक अपडेट के लिए कोई फीस नहीं देनी होगी. पहले ये 50 रुपये थी, जिसे अब माफ कर दिया गया है. हालांकि, इन आयु वर्गों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य है. अगर इसे समय पर नहीं कराया गया, तो उनका आधार कार्ड अवैध हो सकता है. आधार कार्ड पर अब नहीं दिखेगा पति या पिता का नाम 15 अगस्त 2025 से, नए आधार कार्ड पर 18 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए पिता या पति का नाम नहीं दिखेगा. ये जानकारी सिर्फ UIDAI के रिकॉर्ड में रहेगी. इस बदलाव से बार-बार नाम बदलने की जरूरत नहीं होगी और लोगों की प्राइवेसी भी सुरक्षित रहेगी, खासकर महिलाओं के लिए ये एक बड़ा कदम है. जन्मदिन और ‘केयर ऑफ’ कॉलम में बदलाव अब आपके आधार कार्ड पर जन्मतिथि सिर्फ साल (जैसे 1990) के रूप में दिखेगी, जबकि पूरी जन्मतिथि (जैसे 01/01/1990) UIDAI के रिकॉर्ड में ही रहेगी. इसके अलावा, कार्ड से 'केयर ऑफ' (C/o) कॉलम हटा दिया गया है. अब आपके आधार कार्ड पर सिर्फ आपका नाम, उम्र और पता ही दिखाई देगा. एड्रेस अपडेट के लिए नए दस्तावेज और डिजिटल प्रक्रिया जनवरी 2025 से पता बदलने के लिए सिर्फ बैंक स्टेटमेंट या यूटिलिटी बिल (बिजली, पानी, गैस का बिल) ही स्वीकार होंगे. अन्य सुधारों जैसे नाम या जन्मतिथि के लिए पैन कार्ड, वोटर आईडी या बर्थ सर्टिफिकेट ही मान्य होंगे. 1 अक्टूबर 2025 से अपडेट की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल हो जाएगी. इसका मतलब है कि आप UIDAI की वेबसाइट (uidai.gov.in) या mAadhaar ऐप पर रिक्वेस्ट सबमिट करके नजदीकी आधार केंद्र पर अपने डॉक्यूमेंट्स वेरिफाई करा सकते हैं. इसके बाद अपडेट ऑनलाइन ही हो जाएगा. ये सभी बदलाव लोगों को आधार अपडेट कराने में सहूलियत देने और कार्ड की जानकारी को और सुरक्षित बनाने के लिए किए जा रहे हैं.

ऑटो सेक्टर में मंदी के बीच पाकिस्तान ने खोला सेकेंड हैंड गाड़ियों का रास्ता, कई कंपनियां कर रहीं पलायन

नई दिल्ली पाकिस्तान की माली हालत खराब है. विदेशी कर्ज़ का बोझ बढ़ा हुआ है, डॉलर की तंगी है और दूसरी तरफ़ IMF की शर्तें सामने रखी हुई हैं. ऐसे में पाकिस्तान की ऑटोमोटिव इंडस्ट्री भी इस समय गंभीर संकट से जूझ रही है. देश की माली स्थिति, IMF का दबाव और इसी बीच पाकिस्तान सरकार ने एक ऐसा फ़ैसला लिया है, जिसने पाक ऑटो इंडस्ट्री को चुनौतीपूर्ण स्थिति में ला दिया है.  हाल ही में हुए इकोनॉमिक कोऑर्डिनेशन कमेटी (ECC) ने पुरानी यानी सेकेंड हैंड (Used Cars) गाड़ियों के आयात को मंजूरी दे दी है. सरकार इसे सुधार और आज़ादी की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, लेकिन कार मैन्युफैक्चरर्स और ऑटो पार्ट्स मेकर्स कह रहे हैं कि यह फ़ैसला उनकी जड़ों को खोद देगा. वहीं, पाकिस्तान ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (PAMA) ने चेतावनी दी है कि देश की पिछड़ी और शोषणकारी नीतियों के कारण विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगा रहा है और कुछ अन्य दिग्गज कंपनियाँ बाज़ार छोड़ सकती हैं. पाकिस्तान सरकार का फैसला वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगज़ेब की अध्यक्षता में ने न्यूयॉर्क से होने वाली वर्चुअली ECC की बैठक में तय हुआ कि, पहले चरण में सिर्फ़ 5 साल तक की पुरानी गाड़ियाँ आगामी 30 जून 2026 तक आयात की जा सकेंगी. इस पर 40 फ़ीसदी रेगुलेटरी ड्यूटी भी लगेगी, जो हर साल 10-10 प्वाइंट घटती जाएगी और 2029-30 तक ख़त्म हो जाएगी. बाद में पुरानी गाड़ियों पर उम्र की कोई पाबंदी नहीं रहेगी. ऑटो इंडस्ट्री की चिंता अरब न्यूज में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, टोयोटा, होंडा, सुज़ुकी, हुंडई और किआ जैसे बड़े ब्रांड्स का कहना है कि ये फ़ैसला उनकी मैन्युफैक्चरिंग को चौपट कर देगा. पाकिस्तान ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (PAMA) के डायरेक्टर जनरल अब्दुल वहीद खान ने साफ कहा “40 फ़ीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाकर भी मार्केट पुरानी यानी यूज्ड कारों से भर जाएगा और लोकल मैन्युफैक्चरिंग तबाह हो जाएगी.” इसी तरह पाकिस्तान ऑटोमोबाइल पार्ट्स एंड एक्सेसरीज़ मैन्युफैक्चरर्स (PAAPAM) ने भी चिंता जताई है. संगठन के वाइस चेयरमैन शेहरयार क़ादिर ने मीडिया से कहा कि, इससे 1,200 लोकल कंपनियाँ बंद होने के कगार पर पहुँच जाएँगी, जो स्टील, प्लास्टिक, रबर, कॉपर और एल्युमिनियम जैसी पार्ट्स सप्लाई करती हैं. उनके मुताबिक़ 18 लाख से ज़्यादा लोगों की रोज़ी-रोटी पर असर पड़ेगा. IMF का दबाव और डॉलर की तंगी यह फ़ैसला IMF मिशन के पाकिस्तान पहुँचने से ठीक पहले लिया गया है. IMF ने अपने 7 अरब डॉलर के लोन प्रोग्राम के तहत पाकिस्तान से व्यापार को खोलने और यूज्ड गाड़ियों पर रोक हटाने की शर्त रखी थी. विश्लेषकों का मानना है कि सेकेंड हैंड गाड़ियों का आयात पाकिस्तान के पहले से ही कमज़ोर विदेशी मुद्रा भंडार (जो अभी महज़ 14 अरब डॉलर है) पर और बोझ डालेगा. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टॉपलाइन सिक्योरिटीज़ के विश्लेषक शंकर तलरेजा के अनुसार, पहले छोटे हैचबैक मॉडल्स की आयात ही ज़्यादा होती थी, लेकिन अब रेगुलेटरी ड्यूटी में साल-दर-साल कमी के साथ मिड-एंड कार्स का आयात भी बढ़ सकता है. लोकल इंडस्ट्री के लिए चुनौती कार निर्माताओं का कहना है कि यह क़दम उनके लिए सीधे घाटे का सौदा है. जैसा कि PAMA के वहीद खान ने कहा “एक गाड़ी का आयात मतलब प्रोडक्शन लाइन पर एक गाड़ी का नुकसान. आयातित गाड़ियाँ और लोकल गाड़ियाँ, दोनों एक-दूसरे की सीधी प्रतिद्वंद्वी हैं.” निचोड़ यह है कि पाकिस्तान की सरकार IMF की शर्तें पूरी करने के लिए लोकल इंडस्ट्री को बलि का बकरा बना रही है. लेकिन सवाल यही है कि इससे पाकिस्तानी कार इंडस्ट्री बचेगी कैसे, और लाखों लोगों की रोज़ी-रोटी का क्या होगा? पाकिस्तान छोड़ भाग रही हैं कंपनियां: PAMA की चेतावनी हाल ही में जापानी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी यामाहा ने पाकिस्तान में अपने ऑपरेशन बंद करने का ऐलान किया था. अब पाकिस्तान ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि देश में “पिछड़े और शोषणकारी” नीतियों के चलते कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ पाकिस्तान छोड़ सकती हैं.  पाकिस्तान टुड में छपी एक रिपोर्ट में एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल अब्दुल वहीद खान के हवाले से कहा गया है कि, पाकिस्तान में ऑटो सेक्टर में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) बेहद कम रहा है, और शेल, उबर, केरीम, माइक्रोसॉफ्ट और टेलिनोर जैसी बड़ी कंपनियाँ पहले ही पाकिस्तान का बाज़ार छोड़ चुकी हैं. यामाहा की हाल ही में पाकिस्तान से निकासी पर चर्चा करते हुए खान ने स्थानीय मीडिया को दिए अपने बयान में बताया कि, कंपनी का यह निर्णय उस नीति के कारण हुआ, जिसमें ऑटो निर्माताओं को कच्चे माल और कंपोनेंट के आयात के लिए अनिवार्य इंपोर्ट टार्गेट पूरे करने होते थे. खान ने इस नीति की आलोचना करते हुए कहा कि यह देश की वास्तविक आर्थिक परिस्थितियों से पूरी तरह कट चुकी है और संघर्ष कर रहे ऑटो सेक्टर पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है. यामाहा ने 2015 में पाकिस्तान में 100 मिलियन डॉलर के निवेश के साथ वापसी की थी. कंपनी ने तकरीबन एक दशक पर पाकिस्तान में अपने वाहनों की असेंबलिंग और बिक्री की और तमाम रोजगार पैदा किए. लेकिन अब यामाहा ने बाजार छोड़ दिया है. बता दें कि, यामाहा दूसरी जापानी कंपनी होंडा के अलावा, पाकिस्तान में इंजन उत्पादन का लोकलाइजेशन करने वाली एकमात्र कंपनी थी.

सीमा पार दोस्ती को मिलेगी रफ्तार: भारत-भूटान के बीच चलेंगी ट्रेनें, दो नई रेल परियोजनाओं को मिली मंजूरी

नई दिल्ली भारत और भूटान के रिश्तों को नई मजबूती देने के लिए सरकार ने सोमवार को 4,033 करोड़ रुपये की लागत से दो बड़े रेल प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा दी. इन परियोजनाओं से न सिर्फ दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ेगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और लोगों की आवाजाही भी आसान हो जाएगी. सबसे खास बात, अब आप ट्रेन से सीधे भूटान जा सकेंगे. पश्चिम बंगाल में हासीमारा तक ट्रेन थी, अब यह सीधे भूटान के गालेफू तक चलेगी. अब तक हा पहला प्रोजेक्ट असम के कोकराझार से भूटान के गालेफू तक रेल लाइन बिछाने का है. 69 किलोमीटर लंबी इस लाइन पर 3,456 करोड़ रुपये खर्च होंगे. दूसरा प्रोजेक्ट पश्चिम बंगाल के बनरहाट से भूटान के समत्से को जोड़ने के लिए है। इसकी लंबाई 20 किलोमीटर होगी और इस पर 577 करोड़ रुपये की लागत आएगी. रेल मंत्री अश्व‍िनी वैष्‍णव ने फैसले की जानकारी देते हुए कहा, भारत और भूटान के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं. भारत,भूटान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और उसके अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारतीय बंदरगाह अहम भूमिका निभाते हैं. भूटान के समत्से और गालेफू बड़े एक्सपोर्ट-इंपोर्ट हब हैं,जो भारत-भूटान की करीब 700 किलोमीटर लंबी सीमा को जोड़ते हैं. भारत ने भरोसा दिया है कि भूटान के इन आर्थिक केंद्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे. यह भूटान में बनने वाला पहला रेल प्रोजेक्ट है,जो भारत से सीधा जोड़ेगा. लोगों और सामान की आवाजाही पहले से कहीं आसान हो जाएगी. इस प्रोजेक्ट से इलाके के लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसर बढ़ेंगे. गालेफू को एक माइंडफुलनेस सिटी (शांतिपूर्ण और आधुनिक शहर) के रूप में विकसित किया जा रहा है,जिससे पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा. क‍िसी तीसरे देश का दखल नहीं भारत और भूटान के बीच नई रेल लाइन परियोजना पर विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि यह पूरी तरह द्विपक्षीय समझौते (MoU) के आधार पर हो रही है और इसमें किसी तीसरे देश का कोई हस्तक्षेप नहीं है. उन्होंने साफ किया कि यह कदम चीन को सीधा संदेश है कि भूटान में भारत की साझेदारी मजबूत है और बाहरी दखल की गुंजाइश नहीं है. इस रेल लाइन से दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी और भरोसा और गहरा होगा, साथ ही व्यापार और पर्यटन के नए रास्ते भी खुलेंगे। इसे भारत की रणनीतिक पहल माना जा रहा है. आवाजाही आसान होगी विदेश सच‍िव विक्रम मिसरी ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान यात्रा पर गए थे. भूटान और भारत के बीच आपसी संबंध काफी अच्छे रहे हैं. भारतीय निजी कंपनी भूटान में पावर प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं. कनेक्टिविटी को लेकर रोड कनेक्टिविटी पर काफी काम हुआ है. हम इसे और आगे बढ़ाने की कोश‍िश कर रहे हैं. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों की आवाजाही और आसान होगी. पूरा होने में चार साल लगेंगे  भारत और भूटान को जोड़ने वाली कोकराझार (असम) से गालेफू (भूटान) तक नई रेल लाइन बनाने का काम शुरू हो रहा है. इस प्रोजेक्ट पर करीब 3,456 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे पूरा करने में 4 साल लगेंगे. रूट की लंबाई: 69 किलोमीटर भूटान का इलाका: सरपांग जिला भारत का इलाका: असम के कोकराझार और चिरांग जिले कुल स्टेशन: 6 बड़े पुल: 29 छोटे पुल: 65 महत्वपूर्ण ब्रिज: 2 वायडक्ट (लंबा ऊंचा पुल): 2 रूब्स (रेलवे अंडरब्रिज): 39 रोब्स (रेलवे ओवरब्रिज): 1 गुड्स शेड (माल लोडिंग-प्वाइंट): 2 इस रेल लाइन से भारत-भूटान के बीच व्यापार और पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी और सीमा क्षेत्रों के लोगों को भी बड़ा फायदा होगा. सीमावर्ती इलाकों में रोजगार भी बढ़ेगा विशेषज्ञों का मानना है कि यह रेल कनेक्टिविटी न केवल दोनों देशों के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी, बल्कि सीमावर्ती इलाकों के लोगों को रोजगार और विकास के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगी. पर्यटक आसानी से भूटान तक ट्रेन से सफर कर सकेंगे, जिससे पर्यटन उद्योग को भी गति मिलेगी. भारत और भूटान लंबे समय से एक-दूसरे के भरोसेमंद साझेदार रहे हैं. इन प्रोजेक्ट्स को इस रिश्ते को और गहराई देने वाला कदम माना जा रहा है. सरकार का मानना है कि जब ये लाइनें तैयार होंगी, तो लोगों की जिंदगी और कारोबार दोनों ही और बेहतर तरीके से जुड़ जाएंगे.

इंदौर-पीथमपुर के बीच दौड़ेगी मेट्रो, सीएम मोहन यादव ने की घोषणा; एक और जिला होगा शामिल

इंदौर  मेट्रो को रेडिसन चौराहे तक संचालित करने के लिए ट्रैक के बाद अब स्टेशन तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। मेट्रो एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने अफसर-ठेकेदारों की बैठक ली है। इस बीच इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रैक बनानेे के लिए सर्वे का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को सौंपा गया है, टीम ने प्राथमिक जानकारी के आधार पर काम शुरू भी कर दिया है। सीएम ने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रेन (Indore Metro Rail) के संचालन की घोषणा की है। इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो (Indore Metro Rail) का सर्वे करने वाली डीएमआरसी को करीब 2 करोड़ 70 लाख में सर्वे के साथ डीपीआर बनाने के लिए जिम्मेदारी दी है। दिल्ली की टीम ने स्थानीय अफसरों के साथ तैयारी भी शुरू कर दी है। उज्जैन में अंडरग्राउंड ट्रैक नहीं इंदौर से उज्जैन के बीच भी डीएमआरसी का सर्वे हो चुका है, लवकुश चौराहे से महाकाल मंदिर व उज्जैन रेलवे स्टेशन तक मेट्रो चलाने की प्लानिंग है। उज्जैन में ट्रैक को अंडरग्राउंड करने का प्रस्ताव था, लेकिन ज्यादा खर्च होने से शहर में एलिवेटेड ट्रैक का सुझाव दिया गया। जल्द ही संशोधन के बाद प्रस्ताव पेश होगा जिसके बाद डीपीआर की स्थिति बन सकती है। महू तक मेट्रो ले जाने पर विचार नहीं अफसरों के मुताबिक, इंदौर से पीथमपुर के बीच (Indore Metro Run Between Indore Pithampur) करीब 30 किमी लंबा ट्रैक प्रस्तावित है। एयरपोर्ट से पीथमपुर अथवा एबी रोड राजेंद्रनगर से राऊ होते हुए पीथमपुर जाने के विकल्प के आधार पर सर्वे होगा। शुरुआती दौर में इंदौर से राऊ, महू होते हुए पीथमपुर जाने के विकल्प पर चर्चा हुई, लेकिन महू जाने के प्रस्ताव को फिलहाल छोड़ दिया गया है। महू जाने पर करीब 10 किमी अतिरिक्त ट्रैक बनता जिसे देखते हुए विकल्प को छोड़ा गया है। डीएमआरसी की टीम जल्द मैदानी सर्वे शुरू कर देगी। इंदौर मेट्रो का विस्तार जारी है, पहले फेज के शुभारंभ के बाद अब सेकंड फेज का ट्रायल  इंदौर मेट्रो जहां अपनी रफ्तार से दौड़ रही है तो वहीं मेट्रो के अगले चरणों की रफ्तार भी तेज है. पहले फेज के बाद अब दूसरे फेज में मेट्रो ट्रेन दौड़ने को तैयार है. दीपावली तक मेट्रो शहर में एंट्री करेगी. शुक्रवार को मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने सुपर कॉरिडोर से एम आर 10 रोड तक मेट्रो से सफर किया. मेट्रो रेल कंपनी की पूर्व घोषणा के मुताबिक दीपावली तक इंदौर मेट्रो अपने सेकंड फेज का काम पूर्ण करेगी. सेकंड फेज में रेडिसन चौराहे से मालवीय नगर दूसरे फेज के तहत इंदौर मेट्रो शहर के रेडिसन से होते हुए मालवीय नगर स्टेशन तक पहुंच जाएगी. इंदौर मेट्रो रेल कंपनी के प्रमुख एस कृष्ण चैतन्य ने बताया "इंदौर मेट्रो का सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-03 से एमआर-10 मेट्रो स्टेशन तक सफल परीक्षण किया गया. वर्तमान में मेट्रो का संचालन गांधीनगर डिपो से सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 तक 6 किलोमीटर का हो रहा है. शुक्रवार को मेट्रो कंपनी ने सुपर सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-03 से एमआर-10 मेट्रो स्टेशन तक सफल परीक्षण किया." 17 किमी ट्रैक शुरू होते ही कमर्शियल रन दीपावली तक इंदौर मेट्रो का दायरा 4 किलोमीटर तक और बढ़ जाएगा. इस तरह इंदौर मेट्रो 17 में से 10 किलोमीटर सफर प्रारम्भ होने की स्थिति मे पहुंच गई है. इंदौर मेट्रो रेल कंपनी के प्रमुख एस कृष्ण चैतन्य ने बताया "17 km का ट्रैक तैयार होने के बाद ही कमर्शियल रन प्रारंभ होगा." गौरतलब है करीब 1520 करोड़ के मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का भूमिपूजन सितंबर 2019 को कमलनाथ सरकार के दौरान हुआ था, जिसके पहले ट्रायल रन का शुभारंभ 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर किया था. अभी पिकनिक के तौर पर ही मेट्रो का आनंद इंदौर मेट्रो के शुभारंभ के दौरान सुपर कॉरिडोर के 6 स्टेशनों पर ट्रेन ने रन किया था. अब इसको सेकंड फेज में 11 किलोमीटर तक चलाया जाएगा. फिलहाल 6 स्टेशन के बीच ट्रेन में आम लोग सिर्फ पिकनिक की तरह ही सफर कर रहे हैं लेकिन सेकंड फेज के बाद लोग मेट्रो से सुपर करिडोर से लेकर रेडिसन होटल तक सुविधाजनक सफर कर पाएंगे. जून में हुए ट्रायल में क्या-क्या हुआ था इससे पहले जून में मेट्रो ट्रायल के दौरान ट्रैक के साथ ही मेट्रो स्टेशनों के निरीक्षण किया गया था. इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रगति की भी जानकारी के साथ सभी स्टेशनों के सिविल तथा सिस्टम संबंधी कार्यों का अवलोकन किया गया था. निरीक्षण के दौरान मुख्यत: स्टेशन के दोनों ओर एंट्री-एग्जिट, लिफ्ट, एस्कलेटर, कंट्रोल रूम, विभिन्न सिस्टम रूम, टिकटिंग रूम, PEB/शेड इत्यादि निर्माण कार्यों के साथ-2 आंतरिक एवं बाहरी कार्यों को चेक किया था.  

महाअष्टमी पर कन्या पूजन का वक्त और विधि – जानिए शुभ मुहूर्त

 वैसे तो शारदीय नवरात्र के पूरे 9 दिन बहुत ही खास और विशेष माने जाते हैं, लेकिन महाअष्टमी और महानवमी नवरात्र के दो सबसे महत्वपूर्ण दिन होते हैं. इस बार महाअष्टमी 30 सितंबर, आज मंगलवार को मनाई जाएगी और महानवमी 1 अक्टूबर, बुधवार को मनाई जाएगी. ज्योतिषियों के मुताबिक, इन दोनों दिनों पर शारदीय नवरात्र के पारण के लिए कन्या पूजन किया जाता है. कन्या पूजन पर 9 कन्याओं को मां दुर्गा के रूप में पूजकर, उनको हलवा-पूरी का भोग लगाया जाता है. तो चलिए जानते हैं कि इन दोनों शुभ दिनों पर मां दुर्गा के किन स्वरूपों की पूजा होती है और क्या रहेगा कन्या पूजन का मुहूर्त. महाअष्टमी 2025 कन्या पूजन मुहूर्त महाअष्टमी के पूर्वी भारत में महा दुर्गाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है. महाअष्टमी दुर्गा पूजा का सबसे खास माना जाता है. शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि की शुरुआत इस बार 29 सितंबर को शाम 4 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और तिथि का समापन 30 सितंबर की शाम 6 बजकर 06 मिनट पर होगा.  वहीं, महाअष्टमी के दिन कन्या पूजन का पहला मुहूर्त सुबह 5 बजकर 01 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 13 मिनट तक रहेगा. दूसरा मुहूर्त सुबह 10 बजकर 41 मिनट दोपहर 12 बजकर 11 मिनट रहेगा. साथ ही, अभिजीत मुहूर्त भी कन्या पूजन जैसे कार्यों के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है, जो कि सुबह 11 बजकर 47 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा. इन तीनों मुहूर्तों में आप कन्या पूजन कर सकते हैं.  महाअष्टमी के दिन किसकी होती है पूजा? शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर मां दुर्गा के आठवें स्वरूप माता महागौरी की उपासना की जाती है. माता महागौरी को उज्ज्वलता और पवित्रता की देवी माना गया है. मान्यता है कि मां महागौरी की उपासना से भक्त के जीवन से सभी दुख और कठिनाइयां दूर होती हैं और उसे नई ऊर्जा और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है.  महानवमी 2025 कन्या पूजन मुहूर्त  इस बार शारदीय नवरात्र की महानवमी 1 अक्टूबर को मनाई जाएगी. इस दिन का पारण भी कन्या पूजन से किया जाता है. पंचांग के मुताबिक, महानवमी के दिन कन्या पूजन का मुहूर्त 1 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 01 मिनट से सुबह 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. दूसरा मुहूर्त, दोपहर 2 बजकर 09 मिनट से लेकर 2 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. महानवमी के दिन किसकी होती है पूजा? महानवमी के दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. ये मां दुर्गा का अंतिम स्वरूप है. जैसा की इनके नाम से ही स्पष्ट हो रहा है कि मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों को सभी प्रकार की सिद्धियां और मनचाही इच्छाएं प्रदान करती हैं. ऐसे करें कन्या पूजन नवरात्र की अष्टमी तिथि पर कन्याओं को आमंत्रित करें और उनका पूरे विधि-विधान के साथ स्वागत करें. कन्याओं को बिठाकर उनके पैरों को दूध से धोएं और उनके माथे पर कुमकुम लगाएं. मां भगवती का ध्यान करके कन्याओं को भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा और उपहार दें. अंत में कन्याओं के पैर छूकर आशीर्वाद लें.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खोला विकास का पिटारा, 20,658 योजनाओं की दी सौगात

पटना  बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार जनोपयोगी और विकास योजनाओं का उपहार प्रदेशवासियों को दे रहे हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत भवन निर्माण विभाग एवं बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित विज्ञान, प्राविधिकी एवं तकनीकी शिक्षा, पशु एवं मत्स्य संसाधन, समाज कल्याण, परिवहन, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण सहित अन्य विभाग के भवनों के निर्माण से संबंधित 997 करोड़ रुपये लागत की 97 योजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ तथा 2,467 करोड़ की लागत से 137 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अंतर्गत छूटे हुए टोलों में पेयजल आपूर्ति तथा बहुग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं से संबंधित 5,190 करोड़ रुपये की लागत की 15,670 योजनाओं का शिलान्यास एवं 1,377 करोड़ रुपये की लागत की 4,312 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। साथ ही साथ स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक भवन, अनुमंडलीय अस्पताल, औषधि भंडार गृह एवं स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से संबंधित 1,121 करोड़ रुपये की लागत की 281 योजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ एवं 272 करोड़ की लागत की 144 योजनाओं का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग के अंतर्गत 497 करोड़ की लागत से पर्यटन के विकास से संबंधित 17 विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास किया। इसके साथ ही, लघु जल संसाधन विभाग के तहत मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के 13,716 लाभार्थियों के खाते में 81 करोड़ 29 लाख रुपये का डीबीटी के माध्यम से अंतरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी संबद्ध विभागों को बधाई देते हुए कहा कि इन योजनाओं के शुरू होने से राज्य में विकास कार्यों को नई गति और दिशा मिलेगी। इसका प्रत्यक्ष लाभ लोगों को मिलेगा, जिससे उनका जीवन स्तर और बेहतर होगा। कार्यक्रम के दौरान लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, स्वास्थ्य एवं पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि एवं लघु जल संसाधन विभाग के सचिव बी कार्तिकेय धनजी ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी।

आरटीई से लाभान्वित स्कूली बच्चों को अगले सत्र से उपलब्ध कराई जाएंगी पाठ्यपुस्तकें और बैग

बच्चों की बेहतर शिक्षा और भविष्य की सुरक्षा है आरटीई मुख्यमंत्री ने शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत 8.45 लाख से अधिक विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति के 489 करोड़ रुपये निजी स्कूलों को किए अंतरित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार सभी वर्गों के हर चौथे बच्चे को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने की फीस दे रही है। राज्य सरकार ने बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम से लाभान्वित निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को अगले सत्र से पाठ्यपुस्तकें और बैग उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश की पहचान आज सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले राज्य की बन चुकी है। राज्य सरकार ने संपूर्ण प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की है। विद्यार्थियों को स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जा रही है। शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिल, ड्रेस और किताबें मिल रही हैं। शाला में प्रथम आने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी और 75 प्रतिशत अंक लाने वालों को लैपटॉप प्रदान कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आया है। बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना उनके बेहतर भविष्य की सुरक्षा है। बच्चे अपना भविष्य बनाते हुए देशभक्त नागरिक बनें, वे डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक बनें, साथ ही सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को हरदा जिले के खिरकिया में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत राज्यस्तरीय कार्यक्रम में 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों को 489 करोड़ रुपये सिंगल क्लिक से अंतरित कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर 72 किलोमीटर लम्बी आशापुर-हरदा सड़क निर्माण की घोषणा भी की। केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके, प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह और पूर्व मंत्री श्री कमल पटेल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जो कहा है, वो करके दिखाया है। किसानों कल्याण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को गेहूं की उपज पर 175 रुपए का बोनस उपलब्ध कराकर उन्हें गेहूं का 2600 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य दिलाया गया है। अब भावांतर योजना लागू करते हुए प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक हर किसान को प्रति क्विंटल 5328 रूपये समर्थन मूल्य दिलवाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। राज्य सरकार ने मूंग और धान उत्पादक किसानों को भी उपज का उचित मूल्य दिलाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरदा में हुई भीषण विस्फोट दुर्घटना का स्मरण करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन ने उस कठिन परिस्थिति में तत्परता दिखाते हुए पीड़ित व्यक्तियों को हर संभव राहत और बचाव उपलब्ध कराने के प्रबंध किए गए थे। अब राज्य सरकार ने बीमार और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए पीएमश्री एयर एंबुलेंस की व्यवस्था आरंभ की है। कठिन परिस्थितियों में पीड़ित और जरूरतमंद व्यक्तियों को त्वरित रूप मदद उपलब्ध कराने के प्रति राज्य सरकार संवेदनशील है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च महत्व दिया गया है। गुरुजन के प्रयास और माताओं के आशीर्वाद से ही समाज का कल्याण हो सकता है। रामायणकाल में महर्षि विश्वामित्र की बालक राम को प्रभु श्रीराम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा-दीक्षा प्राप्त करने पहुंचे। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के प्रसंग से हम मित्रता और आपसी संबंधों में एक दूसरे को सम्मान देने के महत्व से भी परिचित होते हैं। हमें प्रयास करना होगा कि वर्तमान पीढ़ी भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा के इन प्रसंगों से प्रेरणा लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने ब्रिटिश काल में सबसे कठिन परीक्षा आईसीएस में चयनित होकर अंग्रजों की नौकरी ठुकराई और उन्हें भारतीय मेधा से परिचित कराया। दो स्कूलों को फीस प्रतिपूर्ति की राशि के सांकेतिक चेक भेंट किये मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रदेश के निःशुल्क प्रवेशित 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति के लिये प्रदेश के 20 हजार से अधिक अशासकीय विद्यालयों को 489 करोड़ रूपये अंतरित किये। उन्होंने इस दौरान शांति निकेतन हायर सेकण्ड्री स्कूल छीपाबड को 62 निःशुल्क प्रवेशित विद्यार्थियों के लिये 4 लाख एक हजार 593 रूपये और सरस्वती शिशु विद्या मंदिर खिरकिया को 59 निःशुल्क प्रवेशित विद्यार्थियों के लिये 3 लाख 61 हजार 979 रूपये के सांकेतिक चेक वितरित किये। केंद्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उईके ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा, सुशासन, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में नवाचार और पारदर्शिता को प्रोत्साहित किया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम समाज के कमजोर वर्ग के लिए वरदान की तरह है। इस योजना से गरीब परिवार के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार गरीब और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए संकल्पित है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि यह देश और समाज की प्रगति का मार्ग है। शासकीय स्कूलों में अच्छे भवन बने हैं। बच्चों को पौष्टिक मध्यान भोजन मिल रहा है और उन्हें हर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षा का अधिकार के माध्यम से निजी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों में 70 प्रतिशत विद्यार्थी किसान परिवार से आते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के लिए भावांतर योजना प्रारंभ की है। उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है। पूर्व कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा कि हरदा जिला सिंचाई से लेकर पेयजल, सड़क एवं बिजली सहित हर क्षेत्र में अग्रणी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हम हर क्षेत्र में विकास करने के लिये कटिबद्ध है। विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिरकिया में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 1851.04 लाख रूपये के 5 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इसमें 130.70 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाले हाई स्कूल भवन कायदा में 4 क्लास रूम तथा 3 प्रयोगशाला, 404 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाले महाविद्यालयीन बालक छात्रावास टिमरनी, 265 लाख रूपये की … Read more

भारतीय फार्मा सेक्टर को बड़ा तोहफा, चीन ने लगाया शुल्क मुक्त नीति

चीन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तगड़ा झटका लगा है। जहां एक ओर ट्रंप ने भारतीय फॉर्मा कंपनियों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाया था, वहीं दूसरी ओर चीन ने भारतीय फॉर्मा4 कंपनियों पर टैरिफ हटा लिया है। अभी तक चीन भारतीय फॉर्मा कंपनियों ने 30 प्रतिशत टैरिफ लेता था। अब चीन में बिना किसी शुल्क के भारतीय दवाएं निर्यात हो सकेंगी। चीन का यह फैसला ट्रंप के खिलाफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है। एससीओ शिखर सम्मेलन में भारत, चीन और रूस के साथ आने के बाद से ट्रंप को घेरने की योजना बन रही थी। अब दिशा में कदम उठाए जाने लगे हैं। चीन ने भारतीय दवाईंयों पर टैरिफ शून्य किया, भारत ट्रंप टैरिफ पर कोई प्रतिक्रिया नहीं कर रहा हैं, वहीं रूस ट्रंप की लाख धमकियों के बाद भी यूक्रेन के खिलाफ अपना रुख बनाए हुए है। तीन महाशक्तियों के एक साथ आने से ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। चीन पहले भी निवेश की कर चुका है पहल हाल ही में चीन के राजदूत ने भारत का दौरा किया था। इसके बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने चीन का दौरा किया था। दोनों देशों के बीच एक बार फिर से ट्रेड डील की शुरुआत दिखाई दे रही है। चीन के राजदूत ने चीन में निवेश के लिए भारतीय कंपनियों का आव्हान किया था। उन्होंने भारत पर लगे 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ का विरोध किया था। चीन लगातार भारतीय कंपनियों के लिए नरम रुख दिखा रहा है। इन देशों के हो रही भारत की बात केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत ट्रेड के लिए नए देशों में भी संभावनाएं तलाश रहा है। कहा कि हम यूरोपीय संघ, न्यूजीलैंड, ओमान, पेरू और चिली के साथ भी बातचीत कर रहे हैं। कतर और बहरीन के मंत्रियों ने हाल ही में भारत का दौरा किया था और भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने में रुचि व्यक्त की थी। यूरेशिया के साथ विचारार्थ विषय अंतिम रूप दे दिए गए हैं। यह विकसित देशों सहित कई देशों की भारत में रुचि को दर्शाता है। गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ भी हमारी व्यापार वार्ता जारी है।

पंजाब में स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा, CM मान के नेतृत्व में मोहाली बनेगा मेडिकल हब

चंडीगढ़  पंजाब को “रंगला, सेहतमंद, और भविष्य के लिए तैयार” बनाने की मुहिम में एक बड़ा कदम उठाते हुए, फोर्टिस हेल्थकेयर ने मोहाली में अपने कैंपस के विस्तार के लिए ₹900 करोड़ का ऐलान किया है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि इस निवेश के तहत 400 से अधिक नये बेड्स जुड़ेंगे और इसे 13.4 एकड़ में फैला कर विश्वस्तरीय उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) बनाया जाएगा जिससे पंजाब मेडिकल, रोज़गार और आधुनिक सुविधाओं का नया गढ़ बन रहा है। प्रदेश सरकार की सक्रियता, मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदृष्टि और मज़बूत नेतृत्व के चलते, फोर्टिस का यह अभूतपूर्व निवेश प्रदेश के युवाओं के लिए 2,200 से अधिक नई नौकरियां और हजारों अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर लेकर आएगा। यह परियोजना सीधे–सीधे 2500 से ज़्यादा लोगों को रोज़गार देगी, जिससे पंजाब के युवाओं को भविष्य की हेल्थकेयर इंडस्ट्री में दमदार शुरुआत मिलेगी।   इस विस्तार में अत्याधुनिक ICU, कार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, अंग प्रत्यारोपण, रोबोटिक सर्जरी, और 40 से ज़्यादा सुपरस्पेशलिटी सुविधाएं शामिल होंगी। मौजूदा फोर्टिस कैंपस पहले ही 375 बेड्स और 194 ICU बेड्स सहित, क्षेत्र में उच्चतम क्वॉलिटी की सेवाएं दे रहा है। राज्य सरकार ने निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की मज़बूत साझेदारी (Public–Private Partnership) के ज़रिये, पंजाब को हेल्थ और मेडिकल का ग्लोबल हब बनाने का निश्चय कर लिया है। इस विज़न के तहत न केवल मोहाली, बल्कि लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और अन्य ज़िलों में भी मल्टी–स्पेशलिस्ट अस्पतालों की शुरुआत की गई है, ताकि हर नागरिक को उनके घर के पास बेहतरीन चिकित्सा मिले।   फोर्टिस हेल्थकेयर ने 2013 से अब तक पंजाब में ₹1,500 करोड़ से भी अधिक का निवेश किया है और राज्यभर में आधुनिक, विश्वस्तरीय अस्पतालों का नेटवर्क बनाया है। लुधियाना में 259 बेड वाले सुपरस्पेशलिटी कैंपस, अमृतसर और जालंधर में भी अग्रणी स्वास्थ्य सेवाएँ दी जा रही है। यह निवेश योजना पंजाब के “Sehatmand, Rangla Punjab” विजन को धरातल पर उतारने का प्रमाण है — जहां हर नागरिक को समय पर, सुलभ और उम्दा स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हो। स्वास्थ्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा, “पंजाब सरकार हेल्थकेयर में संपूर्ण परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश के नागरिकों को वैश्विक स्तर की सुविधाएँ देने के लिए लगातार निवेश और सुधार कर रही है” पंजाब सरकार द्वारा हॉस्पिटल PPP एक्ट पास करने के बाद, प्रदेश में निजी और सरकारी सहयोग से कई पायलट प्रोजेक्ट्स शुरू हो रहे है, जिससे चिकित्सा संसाधन, नई तकनीकी, और डॉक्टरों की उपलब्धता बेहतर हुई है। इसका सीधा लाभ आम लोगों को फ्री या सस्ती सेवाओं के रूप में मिलेगा।इस मेडिकल हब के विकास से न सिर्फ मोहाली बल्कि पूरे पंजाब को मेडिकल टूरिज़्म में नई पहचान मिलेगी, और आने वाले वर्षों में पंजाब हेल्थकेयर इनोवेशन का नायक बनेगा। फोर्टिस के इस निवेश के चलते पंजाब नॉर्थ इंडिया के सबसे बड़े और रणनीतिक रूप से अहम हेल्थकेयर सेंटर के तौर पर उभरेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यभर में 800 से भी अधिक आम आदमी क्लीनिक, मुफ्त दवाई, और मुफ्त 38 प्रकार की डायग्नॉस्टिक सेवाएं शुरू की है जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में पंजाब का रैंकिंग ऊपर आई है और प्रदेश का हर नागरिक “सस्ती, समय पर, और गुणवत्तापूर्ण” चिकित्सा सेवा का लाभ उठा रहा है।पंजाब सरकार और फोर्टिस हेल्थकेयर की यह साझेदारी भविष्य के स्वस्थ्य, उन्नत एवं खुशहाल पंजाब के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी और पंजाब का शोर्य, मज़बूती एवं सेहत पूरे भारत व विश्व में उदाहरण बनेगा।  

दिल्ली के लिए पीएम मोदी का संदेश: भाजपा के साथ है भावना और विश्वास

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में नवनिर्मित दिल्ली भाजपा प्रदेश कार्यालय का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि नवरात्र के इन पावन दिनों में सोमवार को दिल्ली भाजपा को अपना नया कार्यालय मिला है। ये नए सपनों और नए संकल्पों से भरा पल है। मैं दिल्ली भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि 1980 में जब भाजपा की स्थापना हुई तो वीके मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा के पहले अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। आज दिल्ली भाजपा जिस मजबूती में है, वो बीते दशकों में हमारे लाखों कार्यकर्ताओं के त्याग और परिश्रम का परिणाम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि केदारनाथ साहनी, साहिब सिंह वर्मा, मदनलाल खुराना…ऐसे अनेक दिग्गज नेताओं ने हमें सेवा की अमिट राह दिखाई। अरुण जेटली और सुषमा स्वराज जैसे कितने ही व्यक्तित्वों ने पार्टी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली और भाजपा का संबंध सिर्फ एक शहर और पार्टी का नहीं है। ये संबंध सेवा, संस्कार और सुख-दुख की साथी होने का है। पहले जनसंघ के रूप में और फिर भाजपा के रूप में, हमारी पार्टी दिल्ली के दिल से, दिल्ली के हितों से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौर में दिल्ली के लोगों के साथ जनसंघ के नेताओं ने सत्ता के दमन के खिलाफ संघर्ष किया। 1984 में जिन सिख दंगों में दिल्ली की आत्मा पर मानवता पर एक भयंकर आघात हुआ, उस संकट काल में भी दिल्ली बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने हमारे सिख भाइयों की हर संभव रक्षा की। दिल्ली और भाजपा का साथ भावना का है, भरोसे का है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे लिए कोई भी भाजपा कार्यालय किसी देवालय से, किसी मंदिर से कम नहीं है। कोई भी भाजपा कार्यालय सिर्फ इमारतें नहीं है, ये मजबूत कड़ियां हैं, जो पार्टी को जमीन से, जन-अपेक्षाओं से जोड़े रखती हैं। भाजपा सत्ता के लिए नहीं, सेवा के लिए सरकार में है। ये कार्यालय इसी चेतना को जागृत रखते हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि भाजपा के सुशासन का एक और मजबूत पहलू है। हमारी सरकारों का फोकस डिलीवरी पर है और सामान्य जन की बचत बढ़ाने पर भी है। एनडीए की सरकारों ने देश में सुशासन का एक नया मॉडल दिया है। हम विकास भी और विरासत भी के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हमने देश की और देशवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। हमने बड़े-बड़े घोटालों से देश को मुक्ति दिलाकर भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक जंग का विश्वास जगाया है। उन्होंने कहा कि 2014 तक हमारे देश में इनकम टैक्स का क्या हाल था। 2 लाख रुपए से ज्यादा की आय होने पर टैक्स लग जाता था। आज 12 लाख रुपए तक की इनकम पर भी टैक्स जीरो है। यही स्थिति गुड एंड सर्विस पर लगने वाले टैक्स की भी थी।