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सोने-चांदी के रेट में रिकॉर्ड तेजी, Gold 1.16 लाख के पार, silver भी महंगी हुई — जानें ताज़ा रेट

मुंबई  त्योहारी सीजन में सोना-चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं. भारतीय सर्राफा बाजार में इस कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन आज (मंगलवार), 30 सितंबर 2025 को सोना-चांदी के भाव में फिर बढ़ोतरी देखने को मिली है. सोने की कीमत 1 लाख 16 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई है. वहीं, चांदी का रेट 1 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलो से अधिक है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (India Bullion And Jewellers Association) के मुताबिक,सोमवार, 29 सितंबर की शाम को 916 शुद्धता यानी 22 कैरेट गोल्ड का रेट (Gold Rate) 105756 रुपये प्रति 10 ग्राम था जो आज, 30 सितंबर की सुबह बढ़ोतरी के साथ 107083 रुपये तक आ गया है. इसी तरह शुद्धता के आधार पर सोना महंगा हुआ है और चांदी की कीमत में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए रेट पूरे देश में सर्वमान्य हैं लेकिन इसकी कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होती है. बता दें कि गहने खरीदते समय सोने या चांदी के दाम टैक्स समेत होने की वजह से ज्यादा होते हैं. Gold Price Today 30 September: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट   शुद्धता सोमवार शाम का रेट मंगलवार सुबह का रेट कितना सस्ता या महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 999 (24 कैरेट) 115454 116903 1449 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 995 (23 कैरेट) 114992 116435 1443 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 916 (22 कैरेट) 105756 107083 1327 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 750 (18 कैरेट) 86591  87677 1086 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 585 (14 कैरेट) 67541 68388 847 रुपये महंगा चांदी (प्रति 1 किलो) 999  144387 145060 673 रुपये महंगी सोमवार को क्या रहा सोना-चांदी का भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (India Bullion And Jewellers Association) के मुताबिक, सोमवार को भी सोने के दामों में बढ़ोतरी देखी गई थी और चांदी के भाव भी बढ़ गए थे. IBJA के अनुसार, 999 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने का रेट 115292 रुपये था जो शाम के समय 115454 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था. वहीं, चांदी की कीमत 144100 से बढ़कर 144387 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी. ibja की ओर से केंद्रीय सरकार द्वारा द्वारा घोषित रेट शनिवार और रविवार के साथ-साथ केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. ये सभी रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के पहले के हैं.

रहस्य खुला: हेडगेवार ने संघ की स्थापना की थी सिर्फ 17 साथियों के साथ, इस घर से हुई शुरुआत

नई दिल्ली  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल पूरे हो रहे हैं। 2 अक्तूबर को होने वाले विजयादशमी पर्व के साथ ही RSS अपनी स्थापना के 100 सालों के उत्सव को मनाने की शुरुआत कर रहा है। कभी नागपुर के मोहिते का वाड़ा नाम की जगह पर शुरू हुआ संगठन भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के तमाम देशों में चल रहा है। करोड़ों स्वयंसेवकों के साथ आरएसएस एक लंबी यात्रा पूरी कर चुका है। इस संगठन ने भारत छोड़ो आंदोलन, आजादी, विभाजन, आपातकाल से लेकर अब तक देश और समाज के जीवन में कई उतार चढ़ाव देखे। यही नहीं तीन बार प्रतिबंधों का भी सामना किया, लेकिन हर बार आरएसएस पहले से ज्यादा मजबूत होकर उभरा। आरएसएस की स्थापना से जुड़ी पहली मीटिंग डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के घर पर ही हुई थी, जो संघ के संस्थापक थे। 27 सितंबर, 1925 को पहली मीटिंग हुई थी और संयोग से वह दशहरे का दिन था। तभी से आरएसएस दशहरे को एक उत्सव के रूप में मनाता है और इस दिन पथ संचलनों का भी आयोजन किया जाता है। दिलचस्प तथ्य यह है कि जिस दिन आरएसएस की स्थापना हुई थी, उस समय 17 लोग ही डॉ. हेडगेवार के साथ मौजूद थे। इनमें से कुछ लोगों ने आगे सालों तक संघ का कार्य किया, जबकि कुछ लोगों की राह अलग भी हुई। इन 17 नामों में ये लोग शामिल थे। हेडगेवार के जिस घर पर आरएसएस की पहली बैठक हुई थी, आज वह देश भर के स्वयंसेवकों के लिए आस्था का केंद्र रहा है। अकसर देश भर के स्वयंसेवक यहां पहुंचते रहे हैं और यादें ताजा करते रहे हैं। बता दें कि डॉ. हेडगेवार एक दौर में कांग्रेस में ही थे और तब मध्य प्रांत के अध्यक्ष हुआ करते थे। लेकिन उन्होंने कांग्रेस छोड़कर आरएसएस का गठन किया। उनका उद्देश्य था कि स्वतंत्र भारत में हिंदू समाज की जागरूकता के लिए एक संगठन का निर्माण हो। डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार 2.    बापूजी साठे 3.    प्रल्हाद ठाकरे 4.    बालाजी हेडगेवार 5.    बापूराव भेड़ी 6.    भाऊजी कावरे 7.    अन्ना सोहनी 8.    विश्वनाथ राव केलकर 9.    रघुनाथराव बांडे 10.    अन्ना वैद्य 11.    नरहर पालेकर 12.    दादाराव परमार्थ 13.     अन्नाजी गायकवाड़ 14.    बाबूराव तेलंग 15.    तात्या तेलंग 16.     बालासाहेब आठाल्ये 17.     भाऊजी दाफे

ट्रंप की नई योजना से गाज़ा का भूगोल बदला, बफर ज़ोन और रंगबिरंगे मैप का विश्लेषण

गाज़ा  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा युद्ध को खत्म करवाने के लिए नया प्लान तैयार किया है. उन्होंने व्हाइट हाउस में इस प्लान को जारी किया. ट्रंप ने यह भी कहा है कि इजरायली पीएम बेंजामिन नेतान्याहू इस प्लान से सहमत हैं. इसके साथ ही ट्रंप ने गाजा का नया नक्शा तैयार किया है. इस नक्शे के अनुसार गाजा और इजरायल के बीच अब हमेशा के लिए एक बफर जोर रहेगा. यानी कि इस रेखा के पार न तो इजरायली सैनिक जा सकेंगे, न ही फिलीस्तीन के लोग आ सकेंगे.  ट्रंप ने कहा कि इजरायल और अन्य देशों ने उनके द्वारा बताई गई रूपरेखा को स्वीकार कर लिया है. ट्रंप ने कहा, "अगर हमास इसे स्वीकार कर लेता है, तो इस प्रस्ताव में सभी शेष बंधकों को तुरंत रिहा करने का प्रावधान है, लेकिन किसी भी स्थिति में 72 घंटे से ज़्यादा समय नहीं लगेगा." इस प्रावधान के तहत हमास को सभी जीवित और मृत बंधकों को रिहा करना होगा. इजरायल-गाजा बॉर्डर पर बफर जोन राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा जारी नक्शे में तीन लाइनें हैं. नीली, पीली और लाल. इसके बाद बफर जोन है. नीली वो रेखा है जहां तक अभी इजरायली रक्षा बलों का नियंत्रण है.  ये रेखा खान यूनुस के पास है.  इसके बाद राफा से होकर पीली रेखा गुजरती है. इसे फर्स्ट विदड्राअल लाइन कहा गया है. इस पीली रेखा का मतलब है कि बंधकों के छोड़े जाने के साथ ही इजरायली सेना पीली रेखा तक आ जाएगी.  इसके बाद सेकेंड विदड्राअल लाइन है. ये लाल रेखा है. यानी कि सेकेंड विदड्राअल के बाद इजरायल की सेना यहां आकर रूक जाएगी.   इसके बाद बफर जोन शुरू होता है. इजरायल के सैनिक थर्ड विदड्राअल के बाद यहीं आकर रुक जाएंगे.    हमास को चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, "मुझे उम्मीद है कि हम शांति के लिए एक समझौता करेंगे, और अगर हमास इस समझौते को अस्वीकार कर देता है, जो हमेशा संभव है, तो इस डील से सिर्फ वे ही बच जाएंगे.  अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी देते हुए कहा, "बाकी सभी ने इसे स्वीकार कर लिया है. लेकिन मुझे लगता है कि हमें एक सकारात्मक जवाब मिलेगा. लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो जैसा कि आप जानते हैं बीबी (इजरायली पीएम), आपको जो करना होगा, उसके लिए हमारा पूरा समर्थन है." प्रस्ताव में कहा गया है, "इजरायली सेना बंधकों की रिहाई की तैयारी के लिए सहमत रेखा पर वापस लौट जाएगी." इस प्लान  में यह भी कहा गया है कि गाजा का "गाजा के लोगों के लाभ के लिए पुनर्विकास" किया जाएगा, और "यदि दोनों पक्ष इस प्रस्ताव पर सहमत होते हैं, तो युद्ध तुरंत समाप्त हो जाएगा." इजरायल रिहा करेगा 250 कैदी हमास द्वारा सभी बंधकों को रिहा कर दिए जाने के बाद इजरायल 250 आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों को रिहा करेगा, साथ ही 7 अक्टूबर 2023 के बाद हिरासत में लिए गए 1,700 गाजावासियों को भी रिहा करेगा. इजरायल रिहा किए गए प्रत्येक इज़रायली बंधक के बदले, 15 मृत गाजावासियों के अवशेष भी रिहा करेगा.  गाजा छोड़ने को स्वतंत्र होंगे हमास सदस्य सभी बंधकों की वापसी के बाद, शांति की राह पर चलने को इच्छुक हमास के सदस्यों को माफी दे दी जाएगी. इसके लिए उन्हें अपने हथियार सरेंडर करने होंगे. गाज़ा छोड़ने के इच्छुक हमास सदस्यों को उनके गंतव्य देशों तक सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जाएगा.  गाजा में हमास का नहीं होगा कोई रोल  हमास और अन्य गुट इस बात पर सहमत हैं कि वे गाजा के शासन में प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या किसी भी रूप में कोई भूमिका नहीं निभाएंगे. सुरंगों और हथियार उत्पादन सुविधाओं सहित सभी सैन्य, आतंकवादी और आक्रामक बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया जाएगा और उनका पुनर्निर्माण नहीं किया जाएगा.    

अब आम आदमी के लिए और भी खुशखबरी! GST रेट कट के बाद सरकार कर सकती है ये बड़ा कदम

रॉयटर्स जीएसटी में कटौती के बाद आम आदमी को एक और बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। खबर है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक सरप्राइज रेट कट कर सकता है। यानी अगर ऐसा होता है तो आने वाले दिनों में आम आदमी पर से ईएमआई का बोझ कम हो सकता है। बता दें कि आरबीआई अपनी मौद्रिक नीति बैठक में बुधवार को रेपो रेट को 5.50% पर स्थिर रखने की संभावना है। हालांकि, कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि कमजोर निवेश, वैश्विक व्यापार दबाव और नरम महंगाई को देखते हुए RBI सरप्राइज रेट कट का विकल्प भी चुन सकता है। बता दें कि RBI की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति बैठक 1 अक्टूबर को समाप्त हो रही है। अनुमान है कि RBI अपनी प्रमुख नीति दर (रेपो रेट) को 5.50% पर बनाए रखेगा। लेकिन, अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी व्यापार और कमजो महंगाई दर के प्रभाव को देखते हुए दर में कटौती की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। क्या है डिटेल रॉयटर्स पोल के मुताबिक, करीब तीन-चौथाई अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि, सिटी, बार्कलेज, कैपिटल इकॉनॉमिक्स और एसबीआई जैसी बड़ी वित्तीय संस्थाओं ने रेट कट की संभावना जताई है। उनका कहना है कि विकास दर पर दबाव और महंगाई की नरमी, कटौती के पक्ष में माहौल बना रही है। इस साल की शुरुआत से अब तक RBI ने 100 बेसिस प्वाइंट की दरों में कटौती की है, लेकिन इसके बावजूद निजी निवेश कमजोर बना हुआ है। अगस्त पॉलिसी मीटिंग में RBI ने दरों को स्थिर रखते हुए 'न्यूट्रल स्टांस' बनाए रखा था, जिसके बाद वित्तीय हालात और सख्त हो गए। एनालिस्ट की राय सिटी इकॉनॉमिस्ट्स ने लिखा कि अक्टूबर की बैठक फिर से 'लाइव' हो गई है। RBI एक 'इंश्योरेंस रेट कट' का विकल्प चुन सकता है ताकि बाहरी झटकों से अर्थव्यवस्था को सहारा मिल सके, या फिर डोविश पॉज लेकर संकेत दे सकता है कि आने वाले समय में कार्रवाई की जाएगी। भारत की अर्थव्यवस्था ने जून तिमाही में 7.8% की बेहतर-से-उम्मीद ग्रोथ दर्ज की। हालांकि, कुछ अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यह आंकड़ा महंगाई के समायोजन के बाद वास्तविक मजबूती से अधिक दिख रहा है। बता दें कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए आयकर राहत और जीएसटी दरों में कटौती जैसे कदम उठाए हैं। लेकिन बढ़े हुए टैरिफ और रुपये की कमजोरी ने आर्थिक दृष्टिकोण को अनिश्चित बना दिया है। अमेरिका के साथ व्यापार तनाव बढ़ने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव की आशंका गहराई है। अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 50% टैरिफ लगा दिया है और वीजा फीस बढ़ाई है, जिससे सेवाओं के व्यापार पर और सख्त कदम उठाए जाने की चिंताएं बढ़ गई हैं। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि रिजर्व बैंक पूरी स्थिति का असर देखने का इंतजार करने की बजाय पहले ही कदम उठा सकता है। कैपिटल इकॉनॉमिक्स के मुताबिक, “अमेरिकी टैरिफ से जीडीपी ग्रोथ को झटका लग सकता है। वहीं, महंगाई का स्तर अभी भी नियंत्रित है। ऐसे में RBI एक बार फिर से रेट कट चक्र शुरू कर सकता है।” संस्था ने अनुमान जताया है कि RBI अगले हफ्ते दरों में कटौती कर सकता है और दिसंबर में एक और कटौती संभव है।  

संस्कार और सुविधा से सजेगा सुंदर रायपुर — अरुण साव का आह्वान

रायपुर : स्वच्छ, सुंदर, सुनियोजित, सुव्यवस्थित, संस्कारित और सुविधापूर्ण शहर बनाने के लिए करें काम –  अरुण साव उप मुख्यमंत्री की मौजूदगी में 14 शहरों के बीच करार स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत छत्तीसगढ़ के सभी सात शहर एक-एक और शहर की रैंकिंग सुधारने में करेंगे मदद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वच्छ शहर जोड़ी संवाद का आयोजन उप मुख्यमंत्री  साव ने आरडीएफ ट्रैकिंग पोर्टल, व्हाट्स-अप चैटबॉट तथा स्वच्छता लीग टूलकिट का हिंदी संस्करण किया लॉन्च रायपुर   उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव की मौजूदगी में शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने आज 14 नगरीय निकायों के बीच करार (MoU) हुआ। इन समझौतों में संबंधित नगरीय निकायों के महापौरों, अध्यक्षों, आयुक्तों और सीएमओ ने हस्ताक्षर किए। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की नई पहल ‘स्वच्छ जोड़ी शहर’ के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत छत्तीसगढ़ के सभी सात शहर एक-एक और शहर की रैंकिंग सुधारने में मदद करेंगे। इसके लिए आज समझौता ज्ञापन में हस्ताक्षर के साथ ही नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा ‘स्वच्छ शहर जोड़ी संवाद’ का आयोजन किया गया। प्रदेश के सभी 192 नगरीय निकाय इससे वर्चुअली जुड़े। उप मुख्यमंत्री  साव ने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित कार्यक्रम में आरडीएफ ट्रैकिंग पोर्टल, व्हाट्स-अप चैटबॉट तथा स्वच्छता लीग के हिन्दी टूलकिट को भी लॉन्च किया। भारत सरकार के नवीन अभियान "स्वच्छ शहर जोड़ी" के तहत स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शहर अपने राज्य के उन शहरों को जो स्वच्छ सर्वेक्षण में अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाये हैं, उन्हें अपने अनुभवों का लाभ प्रदान कर स्वच्छता में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित और सहयोग करेंगे। इसके लिए आज मेन्टोर (Mentor) शहर एवं मेन्टी शहरों द्वारा एमओयू पर हस्ताक्षर करने के साथ ही आगे के रोडमैप पर विस्तृत चर्चा की गई। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा आज लॉन्च किए गए डिजिटल नवाचार ‘आरडीएफ (Refused Derived Fuel) ट्रैकिंग पोर्टल’ के द्वारा निकाय स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुदृढ़ की जाएगी। यह पोर्टल राज्य के सभी नगरीय निकायों में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत संचालित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) केंद्रों से उत्पन्न होने वाले रिफ्युज्ड डिराइव्ड फ्युइल (Refused Derived Fuel) की आवाजाही के डिजिटल निरीक्षण, निगरानी और विश्लेषण के लिए तैयार किया गया है। आज लॉन्च किए गए व्हाट्स-अप चैटबॉट के माध्यम से नागरिक 851-900-9090 नम्बर पर अब सीधे स्वच्छता संबंधी शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। स्वच्छता में नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने की दृष्टि से विभाग द्वारा यह चैटबॉट प्रारंभ किया गया है। स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने, लोगों को जागरूक करने तथा साफ-सफाई के महत्व के बारे में शिक्षित करने के लिए विभाग द्वारा स्वच्छता लीग टूलकिट का हिंदी संस्करण तैयार किया गया है। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कार्यक्रम में मौजूद महापौरों, अध्यक्षों, निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों तथा ऑनलाइन जुड़े नगरीय निकायों के पदाधिकारियों एवं अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए छत्तीसगढ़ में अच्छा काम हो रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में 115 नगरीय निकायों ने अपनी रैंकिंग सुधारी है। 20 हजार से कम आबादी वाले देश के 100 सबसे साफ-सुथरे शहरों में अकेले छत्तीसगढ़ के 58 शहर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शहरों में केवल निर्माण ही नहीं करना है, बल्कि उन्हें स्वच्छ, सुंदर, सुनियोजित, सुव्यवस्थित, संस्कारित और सुविधापूर्ण भी बनाना है। इसके लिए जनसहभागिता जरूरी है।  साव ने नगरीय निकायों के पदाधिकारियों और अधिकारियों से कहा कि आप लोग शहर के नागरिकों, महिलाओं, बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कार्य करें। शहरों से राज्य की प्रतिष्ठा बनती है। इसलिए आप लोग पुराने तौर-तरीके छोड़कर नई सोच, नए विजन और नवाचार के साथ अनुकरणीय व परिणाममूलक काम करें। उन्होंने कहा कि इस साल हम छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। हमें नए संकल्प के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए अपने शहर को तैयार करना है। हमारा शहर देश और प्रदेश में अग्रणी बने, इसके लिए काम करना है।  साव ने सभी नगरीय निकायों से कहा कि विभाग द्वारा आज जो सुविधाएं लॉन्च की गई हैं, उनका अपने शहर में सक्रियता से उपयोग करें। इनसे ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ें और सहभागिता बढ़ाएं।   रायपुर की महापौर मती मीनल चौबे, बिलासपुर की महापौर मती पूजा विधानी और अंबिकापुर की महापौर मती मंजूषा भगत ने भी मेंटरशिप के जरिए क्रमशः बिरगांव, रतनपुर एवं बैकुंठपुर में बेहतर स्वच्छता के लिए हर तरीके के सहयोग के लिए आश्वस्त करने के साथ ही इसके लिए रोडमैप साझा किया। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक  आर. एक्का, संयुक्त सचिव डॉ. रेणुका वास्तव, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ  शशांक पाण्डेय और अतिरिक्त सीईओ  दुष्यंत कुमार रायस्त के साथ ही नगरीय प्रशासन विभाग तथा सुडा के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। सात नगरीय निकाय सात और निकायों को बनाएंगे स्वच्छ और सुंदर मेंटर और मेंटी शहरों के बीच आज हुए एमओयू के अनुसार स्वच्छ सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित रायपुर मेंटर के रूप में अपने मेंटी शहर बिरगांव नगर निगम को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करेगा। इसी तरह से बिलासपुर नगर निगम रतनपुर को, अंबिकापुर नगर निगम बैकुंठपुर को, कुम्हारी नगर पालिका अहिवारा को, बिल्हा नगर पंचायत कोटा को, पाटन नगर पंचायत गुरुर को और विश्रामपुर नगर पंचायत जरही को स्वच्छता के कार्यों में सहयोग प्रदान करेगा।

MP के 28 अफसर बिहार विधानसभा चुनाव में रहेंगे सक्रिय, IAS-IPS का किया गया चयन

भोपाल चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के साथ ही आगामी दिनों में होने वाले उपचुनावों में मध्य प्रदेश के अधिकारियों की भी सेवाएं लेने का फैसला किया है। चुनाव आयोग ने प्रदेश संवर्ग के 25 आइएएस और तीन आइपीएस अधिकारियों को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। निर्धारित तिथि पर पहुंचने का निर्देश इन्हें तीन अक्टूबर को नई दिल्ली बुलाया गया है, जहां भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान में चुनाव संबंधी भूमिका के बारे में जानकारी दी जाएगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को भेजे पत्र में चुनाव आयोग ने कहा कि चयनित सभी अधिकारियों को यह सूचित किया जाए कि वे निर्धारित तिथि और समय पर पहुंचे। बैठक से अनुपस्थिति को आयोग गंभीरता से लेगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।   इन आइएएस को बनाया पर्यवेक्षक शोभित जैन, सोनाली पोंक्षे वायंगणकर, विवेक पोरवाल, पी नरहरि, संजय गोयल, रघुराज एम आर, जीवी रश्मि, नागरगोजे मदन बिभीषण, स्वतंत्र कुमार सिंह, भारत यादव, अभिषेक सिंह, अजय गुप्ता, अमित तोमर, अविनाश लवानिया, प्रीति मैथिल, अनुराग चौधरी, कर्मवीर शर्मा, तरुण राठी, गौतम सिंह, गिरीश शर्मा, हरजिंदर सिंह, सरिता बाला प्रजापति, वीरेंद्र कुमार, फिटिंग राहुल दास और कुमार पुरुषोत्तम।  

स्वास्थ्य के प्रति सजगता ही निरोग जीवन की कुंजी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

स्वास्थ्य के प्रति सजगता ही निरोग जीवन की कुंजी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है स्वास्थ्य जागरूकता — उप मुख्यमंत्री का संदेश सेवा पखवाड़ा के तहत आदर्श विज्ञान महाविद्यालय रीवा में सिकल सेल एनीमिया जांच एवं जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि निरोगी काया तभी होगी जब हम स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें। सेवा पखवाड़ा में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार के तहत स्वास्थ्य शिविर आयोजित किये जा रहे हैं जिसमें महिलाएँ, बच्चे, किशोरी बालिकाएँ एवं अन्य लोग भी अपने स्वास्थ्य की जांच करायें तथा स्वास्थ्य रीवा विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करें। शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय रीवा में किरण सेवा संस्थान के सहयोग से सिकल सेल एनीमिया जागरूकता एवं टेस्टिंग शिविर का आयोजन किया गया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक रक्तविकार है जिससे बीमारी होती है इसकी जांच के उपरांत इलाज आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किरण सेवा संस्थान बधाई की पात्र है जो इस क्षेत्र में सिकल सेल की जांच व उपचार का कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक संचालित सेवा पखवाड़ा अन्तर्गत स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान में सभी अपने स्वास्थ्य की जांच करायें। किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य की जांचकर आभा कार्ड बनाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिये नियमित दिनचर्या में प्राणायम, योगासन, ध्यान करते हुए खानपान में सावधानी रखें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सरकार द्वारा चलाये जा रहे राइट टू स्क्रीनिंग अभियान का लाभ लें व स्वास्थ्य की जांच करायें। उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर व मातृ मृत्युदर को कम करने के प्रयास जारी हैं। आने वाले समय में स्वस्थ व विकसित भारत एवं विकसित रीवा का संकल्प पूरा होगा। किरण सेवा संस्थान के डॉ. अभय मिश्रा ने शिविर की संक्षिप्त जानकारी दी। अध्यक्ष नगर निगम  व्यंकटेश पाण्डेय, प्राचार्य  आरएन तिवारी सहित प्राध्यापक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।  

टैरिफ की धमक के बीच शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, इन 10 स्टॉक्स ने बनाई रॉकेट जैसी छलांग

मुंबई  शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत मंगलमय हुई. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स गिरावट से उबरते हुए तेज रफ्तार से भागते हुए नजर आए. खास बात ये है कि बाजार में ये तेजी अमेरिका की ओर से लगातार किए जा रहे टैरिफ ऐलान के बावजूद देखने को मिल रही है, जिनसे भारतीय कारोबार भी प्रभावित हो सकता है. इसमें ताजा फार्मा और बाहरी फिल्मों पर 100% टैरिफ का ऐलान शामिल है. लेकिन ये शुरुआती तेजी ज्यादा देर तक टिकी नहीं रह सकी और घंटेभर बाद दोनों इंडेक्स ने ये तेजी गंवा दी. मंगलवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद 80,364.94 की तुलना में उछलकर ओपन हुआ और झटके में करीब 300 अंक की छलांग लगा गया. तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 24,634.90 के मुकाबले तेज बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की. शुरुआती कारोबार में टाटा ग्रुप के टाइटन से लेकर टीसीएस तक के शेयर ग्रीन जोन में कारोबार करते हुए नजर आए. लेकिन सुबह 10.15 बजे पर दोनों इंडेक्स कभी मामूली गिरावट के साथ रेड जोन में, तो कभी मामूली बढ़त लेकर ग्रीन जोन में कारोबार करते नजर आने लगे.  सेंसेक्स-निफ्टी की तेज शुरुआत  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स बढ़त के सात 80,541.77 पर ओपन हुआ और फिर इसकी रफ्तार तेज हो गई और ये करीब 300 अंक से ज्यादा चढ़कर 80,677.82 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया. वहीं दूसरी ओर एनएसई का निफ्टी इंडेक्स 24,691.95 पर ओपनिंग करने के बाद अचानक उछलकर 24,720.40 के लेवल पर पहुंच गया  शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 430 कंपनियों के शेयर अपने पिछले बंद के मुकाबले बढ़त के साथ ग्रीन जोन में खुले, तो 256 शेयरों की ओपनिंग गिरावट के साथ लाल निशान पर हुई, वहीं 76 शेयर फ्लैट खुले. सबसे तेज भागने वाले शेयरों में Titan Company, Asian Paints, Cipla, Tata Consumer आगे रहे, तो वहीं गिरावट वाले शेयरों की बात करें, तो SBI Life Insurance, Tata Motors, SBI, Tech Mahindra और Dr Reddy's Labs रेड जोन में ओपन हुए.  सबसे तेज भागने वाले ये 10 स्टॉक  मंगलवार को बाजार में तेजी के बीच सबसे तेज भागने वाले शेयरों की बात करें, तो इस लिस्ट में बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल पावरग्रिड शेयर (1.40%), एशियन पेंट्स शेयर (1.20%), बीईएल शेयर (1.15%) और टाइटन भी करीब 1 फीसदी की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा शुरुआती कारोबार में ओला इलेक्ट्रिक (3.40%), फर्स्ट क्राई शेयर (2.55%), कल्याण ज्वेलर्स (2.90%), बैंक ऑफ इंडिया (2.20%), डेल्हीवेरी शेयर (2.05%) और महाराष्ट्र बैंक भी 2 फीसदी की तेजी लेकर कारोबार करते हुए नजर आए. 

मुख्यमंत्री यादव का संदेश: नवरात्रि से बढ़ाएं सामाजिक समरसता

नवरात्रि पर्व मिलकर आराधना करने और सद्भाव बढ़ाने का माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री भोपाल के भेल क्षेत्र में भोजपाल गरबा महोत्सव में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नवरात्रि पर्व हमें एक साथ मिलकर आराधना करने, मेलजोल और सद्भाव बढ़ाने का माध्यम बनता है। यह पावन पर्व शक्ति-आराधना का पर्व है। यह अवसर इतिहास के गौरवशाली अध्याय का स्मरण करवाता है। नवरात्रि पर्व में मां जगदम्बा, भगवान कृष्ण के स्वरूप और देवी-देवताओं के रूप में हमारे कलाकार उत्साह और श्रद्धा का परिचय देते हैं। ऐसी अनुभूति होती है कि माँ भवानी साक्षात हमारे बीच आ गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि दशहरा पर्व भगवान राम की असुरों पर विजय के साथ माँ जगदम्बा द्वारा महिषासुर का वध करने के उल्लास का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार की रात्रि भोपाल के भेल क्षेत्र में भोजपाल गरबा महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। वर्ष 2014 के बाद बदल गया है भारत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व में अलग पहचान बनाई है। जहां तक शौर्य की बात है अब कोई भी शत्रु भारत में आतंकवादी गतिविधि घटित करने की हिम्मत नहीं कर सकता। भारत, शत्रु को पाताल तक जाकर भी तलाश कर सकता है और शत्रु के घर में घुसकर उसे सबक सिखाने की क्षमता रखता है। ऑपरेशन सिंदूर इस बात का उदाहरण है कि भारत दुश्मन के किसी मंसूबे को सफल नहीं होने देगा। वर्ष 2014 के पहले का भारत बदल चुका है, अब कोई शत्रु भारत से बच नहीं सकता। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में भारत के समस्त देव स्थानों पर आनंद की वर्षा हो रही है। भारत में शौर्य प्रदर्शन और विकास के साथ कई क्षेत्रों में अभूतपूर्व कार्य हो रहा है। खेल क्षेत्र में की बात करें तो गत रविवार को हुए 20-20 एशिया कप मैच में भारत की विजय सभी भारतीयों का गर्व बढ़ाने का कारण बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोजपाल गरबा महोत्सव का यह दूसरा वर्ष है। यहां नागरिकों और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदाधिकारी और गरबा महोत्सव के संयोजक  सुनील यादव के साथ अन्य पदाधिकारियों को गरबा महोत्सव को अभिनव स्वरूप देने की बधाई दी और सराहना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निर्वहन के लिए अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में संयोजक  सुनील यादव,  रविंद्र यति,  विकास विरानी,  अमन यादव और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। गरबा महोत्सव के आखिरी दिन विशाल जनसमूह और कलाकार दल ने गरबा की आकर्षक प्रस्तुति दी।  

ई-व्हीकल यूज़र्स के लिए खुशखबरी! सरकार लगाएगी 72 हजार चार्जिंग स्टेशन, PM E-Drive को मिला बूस्ट

नई दिल्ली इलेक्ट्रिक कार खरीदने से पहले हर किसी के जेहन सबसे बड़ा सवाल चार्जिंग इंफ्रा को लेकर ही उठता है. ड्राइविंग रेंज की चिंता को तो कार कंपनियों ने काफी हद तक बड़े बैटरी पैक से दूर करने की कोशिश की है. लेकिन अब भी लोग ये सोचते हैं कि, “इलेक्ट्रिक कार ले तो लें… लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का क्या?”. इलेक्ट्रिक कारों की कीमत के बाद दूसरी सबसे बड़ी टेंशन यही है, जिसने भारत में EV क्रांति की रफ्तार धीमी कर दी है. अब सरकार इस सबसे बड़े रोड़े को हटाने की तैयारी में है.  भारी उद्योग मंत्रालय ने प्रधानमंत्री ई-ड्राइव (PM E-Drive) योजना के तहत पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए विस्तृत ऑपरेशनल गाइडलाइंस जारी की है. यह गाइडलाइंस न सिर्फ उद्योग जगत बल्कि आम उपभोक्ता के लिए भी अहम साबित होंगी, क्योंकि अब भारत में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या और पहुंच दोनों में बड़ा विस्तार देखने को मिलेगा. इसमें साफ कहा गया है कि पब्लिक चार्जिंग स्टेशन बनाने वालों को तगड़ी सब्सिडी मिलेगी. कहीं 70%, कहीं 80%, और सरकारी इमारतों में लगे फ्री चार्जर पर तो पूरी 100% सब्सिडी दी जाएगी. सरकार की 10,000 करोड़ रुपये की PM E-Drive योजना में से 2,000 करोड़ रुपये चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होंगे. इसका लक्ष्य है 72,300 नए पब्लिक चार्जिंग स्टेशन, बैटरी स्वैपिंग और बैटरी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना. योजना का जोर खासतौर पर मेट्रो शहरों, स्मार्ट सिटीज़, राज्य की राजधानियों और नेशनल व स्टेट हाईवे जैसे हाई-डेन्सिटी इलाकों पर होगा. गाइडलाइंस के मुताबिक-      सरकारी इमारतों (जैसे दफ्तर, अस्पताल, स्कूल, रेज़िडेंशियल कॉम्प्लेक्स) में यदि पब्लिक के लिए मुफ्त चार्जिंग की सुविधा दी जाएगी, तो 100% सब्सिडी मिलेगी.     PSU आउटलेट्स, एयरपोर्ट, मेट्रो/बस स्टेशन, बंदरगाह और NHAI टोल प्लाज़ा पर बने चार्जिंग स्टेशनों को 80% तक इंफ्रास्ट्रक्चर और 70% तक EVSE सब्सिडी दी जाएगी.     मॉल, मार्केट और सड़कों पर बने स्टेशन को 80% सब्सिडी सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर पर मिलेगी।     बैटरी स्वैपिंग और बैटरी चार्जिंग स्टेशन भी 80% सब्सिडी के दायरे में आएंगे. सब्सिडी की गणना ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) द्वारा तय बेंचमार्क कॉस्ट या वास्तविक लागत (जो भी कम हो) के आधार पर होगी. उदाहरण के लिए, 50 kW तक के चार्जर पर 6.04 लाख रुपये और 150 kW से अधिक पर 24 लाख रुपये की लागत तय है. वहीं, एक 50 kW CCS-II चार्जर की बेंचमार्क कॉस्ट 7.25 लाख रुपये और 100 kW CCS-II चार्जर की 11.68 लाख रुपये तय की गई है. योजना का सबसे अहम पहलू यह है कि चार्जिंग स्टेशनों को नेशनल यूनिफाइड EV चार्जिंग हब से जोड़ा जाएगा. इससे यूज़र्स को रियल-टाइम में चार्जिंग स्टेशन की लोकेशन, उपलब्धता और पेमेंट ऑप्शन मिलेंगे. भारत में फिलहाल करीब 30,000 पब्लिक EV चार्जिंग स्टेशन हैं, जो मौजूदा ईवी डिमांड की तुलना में बेहद कम माने जाते हैं. यही वजह है कि सरकार ने इस योजना में चार्जिंग नेटवर्क को प्राथमिकता दी है. योजना का लक्ष्य है 22,100 फास्ट चार्जर (कारों के लिए), 1,800 (बसों के लिए) और 48,400 चार्जर (टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर के लिए) पब्लिक चार्जर इंस्टॉल करना है. इस पूरी परियोजना की इंप्लीमेंटिंग एजेंसी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) होगी. सब्सिडी दो चरणों में जारी की जाएगी, जिसमें परफॉर्मेंस और कम्प्लायंस मानकों को पूरा करना अनिवार्य होगा. चार्जिंग स्टैंडर्ड्स भी तय कर दिए गए हैं-      टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर: लाइट EV DC (IS-17017-2-6) और लाइट EV AC/DC कॉम्बो (IS-17017-2-7) – 12 kW तक.     कार और बसें: CCS-II (IS-17017-2-3) – 50 kW से 250 kW तक.     हेवी ड्यूटी ई-बसेस और ई-ट्रक: CCS-II (250–500 kW), हर गन से कम से कम 120 kW आउटपुट. इस नई गाइडलाइन से यह साफ हो रहा है कि, भारत सरकार अब चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की दिशा में आक्रामक रणनीति अपना रही है. जानकारों का भी मानना है कि चार्जिंग नेटवर्क का रणनीतिक विस्तार ही वह निर्णायक कदम होगा, जिससे देश में EV अपनाने की गति दोगुनी हो सकती है. क्या है PM E-Drive स्कीम? पीएम ई-ड्राइव (PM E-Drive) यानी प्राइम मिनिस्टर इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट, भारत सरकार की नई योजना है, जिसे 1 अक्टूबर 2024 से लागू किया गया है और यह मार्च 2026 तक चलेगी. इसका मकसद देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) को बढ़ावा देना और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करना है. करीब 10,900 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना के तहत ई-टू व्हीलर, ई-थ्री व्हीलर, ई-बस और ई-ट्रक जैसे वाहनों पर सब्सिडी मिलेगी. साथ ही, सरकार 72,000 से ज़्यादा चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग पॉइंट्स लगाने की तैयारी में है.  इस योजना की खासियत यह है कि सब्सिडी सीधे ग्राहक तक e-voucher सिस्टम से पहुँचेगी और चार्जिंग स्टेशनों को नेशनल यूनिफाइड EV चार्जिंग हब से जोड़ा जाएगा. ताकि लोकेशन और पेमेंट की सुविधा आसान हो. सरकार चाहती है कि पेट्रोल-डीज़ल पर निर्भरता कम हो, प्रदूषण कम हो और आम लोगों को EV अपनाने में “रेंज एंग्ज़ाइटी” यानी चार्जिंग की चिंता न रहे.