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हाईराइज बिल्डिंग्स के लिए इंटरनेट मॉनिटरिंग सिस्टम लागू, फायर अलर्ट सीधे DFS को मिलेगा

नई दिल्ली  आग की बढ़ती घटनाओं के बीच अब रेजिडेंशल और कर्मशल इमारतें का थर्ड पार्टी फायर सेफ्टी ऑडिट होगा। यह ऑडिट दिल्ली फायर डिपार्टमेंट के बजाए उनकी ओर से अधिकृत प्राइवेट फायर सेफ्टी ऑडिटर करेंगे। इसके साथ ही हाईराइज इमारतों में अब इंटरनेट आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू किया जाएगा, जिसके बाद किसी मी फायर इक्विपमेंट में खराबी आई ते बिल्डिंग मालिक के साथ दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) को भी अलर्ट जाएगा। दिल्ली सरकार ने नियमों में किया बदलाव दिल्ली सरकार ने फायर NOC लेने के लिए थर्ड पार्टी फायर सेफ्टी ऑडिटर के लिए दिल्ली फायर सर्विस (संशोधन) नियम-2025 में बदलाव कर लागू कर दिया है। फायर इक्विपमेंट की 24 घंटे निगरानी के लिए इंटरनेट आधारित मॉनीटरिंग को भी शामिल किया गया है। जिससे समय पर खराब इक्विपमेंट की जानकारी मिलेगी। नियमों में बदलाव को लेकर क्या बोले गृह मंत्री आशीष सूद सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करने का अधिकार DFS (दिल्ली फायर सर्विसेज) से हटाकर अधिकृत फायर सेफ्टी ऑडिटर्स (FSAS) को सौंप दिया गया है। गृह मंत्री आशीष सूद के मुताबिक दिल्ली सरकार ने फायर सेफ्टी सर्टिफिकेशन की प्रक्रिय को डिसेंट्रलइज किया गया है, जिससे यह काम तेजी से हो सके। इमारतें में एक पेशेवर फायर ऑडिटिंग सिस्टम बने। जिससे आग जैसे घटनाओं से बच जा सके। एजेंसी को कार्रवाई करने का भी होगा अधिकार DFS अब सिर्फ इनफोर्समेंट पर काम करेगी। साथ ही प्राइवेट ऑडिटर्स की ओर से किए गए सर्टिफिकेशन की जांच भी करेगी। अधिसूचना में कहा गया है कि DFS चहे तो प्राइवेट ऑडिटर्स की ओर से किए गए 5 फीसदी सर्टिफिकेशन की रैडम जांच कर सकती है। अगर उसमें कोई गढ़बढ़ी मिलती है, तो उसपर कार्रवाई का अधिकार भी होगा। जुमाने का भी प्रावधान है। ऑडिट के लिए बिल्डिंग मालिक फायर सेफ्टी सर्विसेज की वेबसाइट पर जाकर उनकी बुकिंग कर सकेंगे। तीन लेवल के होंगे फायर सेफ्टी ऑडिटर्स अलग-अलग इमारतें की कैटिगरी के हिसाब से थर्ड पार्टी फायर सेफ्टी ऑडिटर्स को तीन कैटिगरी में बांटा गया है। लेवल 1 में ऑडिटर्स 15 मीटर से कम ऊंची बिल्डिंग्स (स्कूल, अस्पताल, गेस्ट हाउस, छोटे व्यावसायिक भवन) का फायर सेफ्टी सर्टिफिकेशन कर सकते है। इसके लिए उनके पास फायर सेफ्टी इंजिनियरिंग, अर्किटेक्चर डिग्री और डिप्लोमा होना चाहिए।  

CAF फायर फाइटिंग व्हीकल 300 मीटर ऊंचाई तक बुझाएगा आग

नोएडा दिल्ली से सटे नोएडा में तेजी से बढ़ रही हाईराइज बिल्डिंग्स में आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए फायर विभाग लगातार नई तकनीकों को अपनाने की दिशा में काम कर रहा है. इसी क्रम में नोएडा में कम्प्रेश्ड एयर फोम (CAF) आधारित हाईराइज फायर फाइटिंग व्हीकल का सफल ट्रायल किया गया. यह ट्रायल दिल्ली NCR की सबसे ऊंची बिल्डिंग सुपरनोवा की 45वीं मंजिल पर किया गया है, जहां इस अत्याधुनिक व्हीकल की क्षमता को परखा गया. ट्रायल के दौरान यह देखा गया कि यह वाहन तकरीबन 300 मीटर की ऊंचाई तक आसानी से पानी और फोम पहुंचाने में सक्षम है, जिससे ऊंची इमारतों में लगी आग पर तेजी से काबू पाया जा सकता है. अधिकारियों के अनुसार, इस तकनीक में पानी और कंप्रेस्ड एयर को मिलाकर एक विशेष प्रकार का फोम तैयार किया जाता है. यह फोम आग बुझाने में अधिक प्रभावी होता है और 100 मंजिल तक की ऊंचाई पर लगी आग को भी नियंत्रित करने की क्षमता रखता है. इस हाईराइज फायर फाइटिंग व्हीकल की एक बड़ी खासियत यह भी है कि इसके जरिए अग्निशमन कर्मियों को इमारत के अंदर जाकर आग बुझाने में काफी सहायता मिलती है, जिससे रिस्क कम होता है और रेस्क्यू ऑपरेशन अधिक सुरक्षित बनता है. ट्रायल के दौरान डीजी फायर सुजीत पांडे भी मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने इस तकनीक को हाईराइज इमारतों के लिए बेहद उपयोगी बताया. DG फायर ने कहा कि इस तरह की आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में इमरजेंसी सेवाओं को और मजबूत किया जा सकेगा.