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Flydubai Flight Case: भारतीय कैप्टन पर हमले की जांच NIA को सौंपी गई, केंद्र का बड़ा फैसला

  नई दिल्ली फ्लाईदुबई की फ्लाइट संख्या 1073 में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार पर हुए हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) करेगी. केंद्र सरकार ने एजेंसी को केस दर्ज कर पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया है. आरोप है कि विमान के ओमानी फर्स्ट ऑफिसर ने फ्लाइट को हाईजैक करने या क्रैश कराने की कोशिश के दौरान कैप्टन पर हमला किया था।  केंद्र सरकार को मिली जानकारी के अनुसार, फ्लाईदुबई की यह फ्लाइट 30 सितंबर 2026 को सुबह 7:05 बजे दुबई से रवाना हुई थी. विमान में 174 यात्री और क्रू के 6 सदस्य सवार थे. भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार और ओमानी फर्स्ट ऑफिसर विमान उड़ा रहे थे. सुबह करीब 9:21 बजे जॉर्डन और सऊदी अरब की सीमा के पास विमान तेजी से नीचे आने लगा और फिर सऊदी हवाई क्षेत्र की ओर मुड़ गया।  यात्रियों के मुताबिक, उड़ान के दौरान ओमानी फर्स्ट ऑफिसर ने कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर दिया. आरोप है कि वह विमान को हाईजैक करने या उसे दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश कर रहा था. इस दौरान यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने उसे काबू कर लिया. हमले में कैप्टन के सिर और हाथों पर गहरे कट लगे।  इसके बाद विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के अन्य पायलटों ने कमान संभाली और विमान को सुरक्षित सऊदी अरब के तबुक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर उतार दिया. विमान की लैंडिंग सुबह 10:45 बजे हुई. इसके बाद सऊदी अधिकारियों ने ओमानी फर्स्ट ऑफिसर को गिरफ्तार कर लिया।  NIA को सौंपी गई जांच केंद्र सरकार के मुताबिक, इस मामले में एंटी हाईजैकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 16 और धारा 15(1)(a) के तहत अपराध बनते हैं. ये राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008 के तहत निर्धारित अपराधों में शामिल हैं. सरकार ने मामले की गंभीरता, इसके राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभावों और किसी बड़ी साजिश का पता लगाने की जरूरत को देखते हुए जांच NIA को सौंपने का फैसला किया है. केंद्र ने एजेंसी को केस दर्ज कर पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। 

एक नहीं, तीन स्तर पर सुरक्षा चूक! Flydubai केस में ओमान से इजरायल तक उठे गंभीर सवाल

 नई दिल्ली फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 में जो कुछ हुआ, उसकी शुरुआत कॉकपिट के अंदर नहीं हुई थी. हमाम अल-हम्मामी के कप्तान के पीछे खड़े होकर इमरजेंसी कुल्हाड़ी उठाने तक तीन देशों के स्तर पर उसे रोकने के कई मौके आ चुके थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि ओमान, UAE और इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था में अलग-अलग स्तर पर हुई चूक की वजह से वह उस फ्लाइट के कॉकपिट तक पहुंच सका।  सबसे पहले ओमान में हम्मामी को लेकर चिंता सामने आई थी. वॉल स्ट्रीट जर्नल यानी WSJ की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान एयर ने उसकी ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की थी. अधिकारियों ने पाया कि वह कट्टरपंथी विचारधारा में जरूरत से ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहा था. इसके बाद उसे ओमान एयर की फ्लाइंग ड्यूटी से हटा दिया गया. उसे डि-रेडिकलाइजेशन प्रोग्राम से गुजारा गया और बाद में डेस्क जॉब दे दी गई।  ओमान ने खतरा पहचाना, लेकिन जानकारी आगे नहीं पहुंची यहां पहली बड़ी चूक हुई. रिपोर्ट मुताबिक, मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि ओमान ने हम्मामी को उड़ान से हटा दिया, लेकिन उसके बारे में उठी चिंताओं को दूसरे देशों या एयरलाइंस के साथ व्यापक तौर पर साझा नहीं किया गया. इसके कुछ समय बाद फरवरी 2026 में फ्लाईदुबई ने हम्मामी को नौकरी पर रख लिया. रिपोर्ट के मुताबिक, एयरलाइन ने उसकी पिछली नौकरी के बारे में ओमान एयर से संपर्क नहीं किया और न ही वहां सामने आई चिंताओं की जानकारी ली. फ्लाईदुबई की हायरिंग प्रक्रिया से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक, एयरलाइन ने उसका क्रिमिनल बैकग्राउंड चेक जरूर किया था।  नौकरी मिलने के बाद हम्मामी को दुबई-तेल अवीव रूट पर तैनात किया गया. WSJ के मुताबिक, वह इस रूट पर कई बार उड़ान भी भर चुका था. अब इसी हायरिंग प्रक्रिया को लेकर UAE के अधिकारी फ्लाईदुबई के कर्मचारियों की जांच कर रहे हैं. जांच पूरी होने तक फ्लाईदुबई ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है।  इजरायल के पास भी था हम्मामी को रोकने का मौका WSJ के मुताबिक, हम्मामी को रोकने का आखिरी बड़ा मौका इजरायल में था. ओमान जैसे देशों के पायलट, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं, वहां उड़ान नहीं भर सकते. ऐसे में हम्मामी की राष्ट्रीयता ही उसे रोकने के लिए काफी होनी चाहिए थी. विदेशी एयरलाइंस को इजरायल पहुंचने से पहले यात्रियों और क्रू की सूची जमा करनी होती है. फ्लाईदुबई ने फ्लाइट 1073 का मैनिफेस्ट भी इजरायल को दिया था. इजरायल की टैक्स अथॉरिटी के मुताबिक, यह जानकारी देश के पैसेंजर डेटा सिस्टम में मौजूद थी।  लेकिन यहां भी एक अहम सवाल सामने आया. इजरायल के ट्रांसपोर्टेशन मंत्रालय ने कहा कि उसके पास विदेशी एयरलाइंस के क्रू की जांच करने का अधिकार या विशेषज्ञता नहीं थी. मंत्रालय के मुताबिक, 2023 में यह डेटाबेस बनने के बाद उसने कभी यात्रियों या क्रू की सूची मांगी ही नहीं थी. इतना ही नहीं, मंत्रालय को यह भी पता नहीं था कि वह इस डेटाबेस को एक्सेस कर सकता है. मंत्रालय ने बताया कि इसके बजाय फ्लाईदुबई ने लिखित तौर पर अपने पायलटों की बैकग्राउंड और राष्ट्रीयता की जांच करने पर सहमति दी थी।  2024 में भी दी गई थी सुरक्षा कमियों की चेतावनी इस मामले में एक और अहम कड़ी सामने आई है. WSJ के मुताबिक, 2024 की एक क्लासिफाइड रिपोर्ट में इजरायल आने वाली विदेशी एयरलाइंस की उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था में कमियों को लेकर पहले ही चेतावनी दी गई थी. इसके बावजूद फ्लाइट 1073 के मामले में उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल उसे रोकने के लिए नहीं हो सका।  एक के बाद एक छूटते गए मौके WSJ की रिपोर्ट का केंद्रीय सवाल यही है कि हम्मामी को रोकने के इतने मौके होने के बावजूद वह कॉकपिट तक कैसे पहुंच गया. ओमान ने उसके कट्टरपंथी विचारों को लेकर उसे उड़ान से हटा दिया, लेकिन यह जानकारी आगे नहीं पहुंची. UAE में फ्लाईदुबई ने कथित तौर पर उसकी पिछली हिस्ट्री की जांच नहीं की और उसे दुबई-तेल अवीव जैसे संवेदनशील रूट पर भेज दिया. वहीं इजरायल के पास उसकी राष्ट्रीयता और फ्लाइट क्रू की जानकारी मौजूद थी, फिर भी उसे उड़ान ऑपरेट करने से नहीं रोका गया। 

कैप्टन स्मित मच्छार की मदद करने वाले 4 लोगों को मिलेगा सम्मान? भेजी गई सिफारिश

तेल अवीव  दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में बुधवार को कॉकपिट के अंदर चाकू से हमले के बाद बड़ा हादसा होते-होते बच गया. विमान को आपात स्थिति में सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर उतारा गया. विमान में सवार सभी 174 यात्री सुरक्षित बताए गए हैं. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मुताबिक विमान के को-पायलट ने कथित तौर पर मुख्य पायलट पर हमला किया और विमान को नीचे गिराने की कोशिश की. फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान 30 सेकंड के अंदर करीब 14 हजार फीट नीचे आ गया, जिसके बाद यात्रियों में दहशत फैल गई।  भारतीय पायलट ने बचाई 174 यात्रियों की जान  हालांकि इन पूरे हालात को संभालने का काम मुख्य पायलट स्मित मच्छार ने किया, जो भारतीय नागरिक हैं. रिपोर्टों के मुताबिक घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान को संभालने की कोशिश की. इसी दौरान कई यात्री कॉकपिट की ओर पहुंचे और उन्होंने चालक दल के साथ मिलकर को-पायलट को काबू करने में मदद की. इसके बाद बाकी क्रू ने विमान का नियंत्रण संभाला और सुरक्षित रूप से तबूक में लैंडिंग कराई।  इजरायली नागरिकों की जांबाजी  विमान में 174 लोग सवार थे, जिनमें करीब 166 इजराइली नागरिक बताए गए हैं. घायल पायलट को तबूक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है. को-पायलट भी घायल हुआ और उसे अस्पताल ले जाया गया. इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, सऊदी अधिकारियों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की है. फ्लाईदुबई ने कहा है कि घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है. मामले की जांच पूरी होने तक एयरलाइन ने इजरायल आने-जाने वाली उड़ानें अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है।   भारतीय राजदूत ने कैप्टन स्मित मच्छर के परिवार से मुलाकात की   विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत ने दुबई में कैप्टन स्मित मच्छर के परिवार से मुलाकात की. उन्होंने भारत सरकार की ओर से उनके कल्याण और सहायता का पूरा आश्वासन दिया. कैप्टन स्मित मच्छर फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में कप्तान थे. उनके सह-पायलट ने उन पर हमला किया जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. हमले का मकसद अभी स्पष्ट नहीं हुआ है. भारत सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है और हर संभव मदद कर रही है।  नागरिक उड्डयन मंत्री ने स्मित मच्छर की बहादुरी की तारीफ की केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी और साहस की सराहना की. उन्होंने कहा कि उनकी कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली. नायडू ने बताया- हम कैप्टन स्मित की बहादुरी और साहस पर गर्व करते हैं. यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी, लेकिन स्मित ने इसे रोकने में बहुत अच्छा काम किया. वे भारतीय हैं इसलिए हमें गर्व है, लेकिन उनके इस काम पर पूरी दुनिया गर्व कर रही है. फ्लाईदुबई विमान की घटना में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।   सर्जरी के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की हालत स्थिर दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज पायलट स्मित मच्छार की सर्जरी हो चुकी है और अब उनकी हालत स्थिर है. उन्हें अपने साथी पायलट के हमलों का शिकार होना पड़ा था, जिसमें उन्हें चाकू से गंभीर जख्म आए थे।   फ्लाईदुबई कॉकपिट हमले का मंजर, 16 साल के यात्री ने सुनाया किस्सा 16 साल के यात्री पेलेग इटाली ने फ्लाईदुबई विमान की घटना को याद करते हुए कहा कि तेल अवीव जा रही उड़ान में कॉकपिट में हुए हमले से बचना चमत्कार जैसा लगा. उन्होंने बताया कि हमले ने उन्हें बहुत डरा दिया. पूरे शरीर में सिहरन हो गई और डर से वे बोल भी नहीं पा रहे थे. यह घटना विमान में हवा में हुई थी. सभी यात्री सुरक्षित उतरे, लेकिन उन पलों का आतंक अब भी उनके मन में है।   स्मित मच्छार के माता-पिता ने की पीएम मोदी से बात  तेल अवीव से दुबई जा रही फ्लाइट की हाईजैकिंग वाले कांड में हीरो बने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के माता-पिता से खुद पीएम मोदी ने बात की है. उन्होंने इससे पहले कैप्टन स्मित मच्छार की दिलेरी को भारत के लिए गर्व की बात कहा।  स्मित मच्छार के माता-पिता सऊदी के लिए रवाना   फ्लाईदुबई फ्लाइट के हाईजैक कांड के हीरो बने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज जारी है. इस बीच उनके माता-पिता सऊदी अरब के लिए रवाना हो गए हैं।