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सुरखी विधानसभा के अंतिम छोर के गांव तक पहुंचेगी शिक्षा : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल . सुरखी विधानसभा क्षेत्र के जैसीनगर में विकास की एक और नई इबारत लिखी गई, जहां 38 करोड़ की लागत से बने सांदीपनि विद्यालय का शुभारंभ स्कूल शिक्षा एवं परिहवन मंत्री  राव उदय प्रताप सिंह द्वारा किया गया। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्री  राव उदय प्रताप सिंह का आत्मीय स्वागत किया। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  सिंह ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय निजी स्कूलों से ज्यादा अच्छे बन रहे हैं, यह सब जनता जनार्दन के आर्शीवाद से ही संभव हुआ है।  सिंह ने कहा कि देश का नेतृत्व आज एक ऐसा राष्ट्र भक्त व्यक्ति के हाथों में है जिनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्पों से भारत विश्व में एक अलग पहचान बना चुका है। हमारे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का सपना है कि हर व्यक्ति के सर पर छत हो, जिसको लेकर उनका अभियान चल रहा है। उनके नेतृत्व में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार म.प्र. को उंचाईयों की ओर ले जा रहे हैं।  सिंह ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को मसीहा बताते हुए कहा कि सुरखी की जनता ने एक मजबूत जनप्रतिनिधि को चुना है, जिसने जनता की आवाज को मजबूती से सरकार के सामने रखा और सुरखी विधानसभा में विकास के नये आयाम बनाये हैं। उन्होंने कहा कि सुरखी के पास एक नहीं दो-दो जनप्रतिनिधि है यदि मंत्री  राजपूत भोपाल में होते हैं तो सुरखी के पास  हीरा सिंह राजपूत हमेशा उपस्थित रहते हैं। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री ने कहा कि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की मांग पर जल्द ही बिलहरा और सुरखी में करोड़ो के नये सांदीपनि विद्यालय खोले जायेंगें। अभी राहतगढ़ और जैसीनगर में आपके यहां यह विद्यालय खोले जा चुके हैं जिनमें प्राईवेट स्कूलों से अच्छी शिक्षा एवं व्यवस्थाएं मिलेगी। जिसमें अत्याधुनिक स्मार्ट क्लास, लैब, आने जाने के लिए बसें, डिजीटल लाजनिंग हब, पुस्तकालय, खेल परिसर, कोरीडोर, निःशुल्क कोचिंग, कैरियर काउंसिलिंग, इन्डोर, आउटडोर खेल की सुविधा, बाउंड्रीवाल, आधुनिक तकनीकि और सुरक्षा मानको से लैस यह सांदीपनि वि़द्यालय ग्रामीण क्षेत्र के लिए शिक्षा की संजीवनी होगा। प्रधानमंत्री की सोच को दृढ़ संकल्पों के साथ पूरा कर रहे हैं मुख्यमंत्री:  राजपूत खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मंत्री  राजपूत ने मंत्री उदय प्रताप सिंह का अभिनंदन करते हुए कहा कि स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का विशेष स्नेह है कि उनसे जो भी मांग की जाती है वह पूरी होती है, उनकी कार्य कुशलता के चलते शिक्षा एवं परिवहन विभाग में कई नवाचार हो रहे हैं, जिनका फायदा जनता को मिल रहा है।  राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की जनकल्याणकारी सोच और सपनों को हमारे मुख्यमंत्री डॉ. यादव दृढ़ संकल्पों के साथ पूरा कर रहे हैं, जिनके मार्गदर्शन में सुरखी विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में चहुंओर विकास हो रहा है।  राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र के अंतिम गांव तक विकास योजनाएं पहुंच रही है, जिन गांव की आबादी भले ही पचास परिवारों की है वह भी पक्की सड़कों से जोड़े जायेंगें। यह डबल इंजन की सरकार ही है जो हर व्यक्ति की छोटी-बड़ी समस्याओं का ध्यान रखकर जनहितैषी योजनाओं से लांभावित कर रही है। शिक्षा के क्षेत्र में हर मांग पूरी करना मेरा कर्तव्य सुरखी विधानसभा क्षेत्र में भवनविहीन शास. माध्यमिक शाला जेरा, विशनपुर, बरखेरा महंत, धाउ, हड़ा एवं भवन निर्माण हेतु शास. हाईस्कूल विदवास, बरोदा सागर, मिडवासा, मसुरहाई, गेहूंरास बुजुर्ग, पड़रई, आदि के लिए मांग की गई थी। मंत्री  राजपूत द्वारा की गई मांग को पूरा करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री  राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि जो भी मांग मंत्री  राजपूत द्वारा की जायेगी वह पूरी होगी और शिक्षा के लिए हर मांग पूरी करना मेरा दायित्व है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि विकास करने वाली सरकार है जिसमें 80 प्रतिशत बजट केवल गांव के लिए आवंटित किया है, जिससे पता चलता है कि सरकार जमीनी स्तर से काम कर ही है।  

जनता के हित का बजट, छात्राओं की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार और शहरों के विकास का बजट : खाद्य मंत्री राजपूत

खाद्य मंत्री ने कहा, केंद्रीय बजट में एमपी को बड़ी राहत, बेटियों से लेकर शहरों तक विकास की सौगात भोपाल केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट को मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने जनता को समर्पित, विकासोन्मुख और समावेशी बजट बताया है। मंत्री  राजपूत ने कहा कि बजट में मध्यप्रदेश को मिली सौगातें राज्य के शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, शहरी विकास और रोजगार के नए द्वार खोलेंगी। हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल निर्माण की घोषणा से विशेषकर जनजातीय और ग्रामीण अंचलों की छात्राओं को सुरक्षित आवास मिलेगा, जिससे वे बिना किसी बाधा के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी। यह निर्णय बेटियों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास हेतु किए गए बड़े आवंटन से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर जैसे शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे आम नागरिकों को बेहतर जीवन सुविधाएं, रोजगार और व्यापार के अवसर मिलेंगे।  राजपूत ने एनीमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में स्कूलों एवं कॉलेजों में लैब स्थापना के निर्णय को युवाओं के लिए भविष्य के रोजगार का रोडमैप बताते हुए कहा कि यह बजट नई पीढ़ी को तकनीक और नवाचार से जोड़ने वाला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग, सभी को राहत देने वाला है और “विकसित भारत” के संकल्प को और मजबूत करता है।  

गोदाम संचालकों के लिए नई कमाई का रास्ता, वैकल्पिक भंडारण पर मंत्री राजपूत का जोर

भोपाल. वैकल्पिक भंडारण से बढ़ेगी गोदाम संचालकों की आय : खाद्य मंत्री  राजपूत वर्तमान परिस्थितियों में अनेक वेयरहाउस अपनी पूर्ण क्षमता का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, जिससे गोदाम संचालकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अब वेयरहाउस का उपयोग केवल अनाज भंडारण तक सीमित न रहकर, उन्हें बहुआयामी व्यावसायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। वैकल्पिक भंडारण से गोदाम संचालकों की आय बढ़ेगी। कार्यशाला औपचारिक नहीं, परिणाममूलक होना चाहिए। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री   गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश में वेयरहाउस की उपलब्ध क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने एवं गोदाम संचालकों को आय के वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “वेयर हाउस की आय वृद्धि के अन्य व्यावसायिक उपयोग” विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में कही। मंत्री  राजपूत ने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धी व्यावसायिक वातावरण में सप्लाई-चेन मैनेजमेंट और ऑपरेशन मैनेजमेंट की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इस बात को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा यह कार्यशाला आयोजित की गई है, जिससे निजी निवेश से बने गोदामों में सरकारी अनाज भंडारण के साथ-साथ अन्य वैकल्पिक माध्यमों से भी आय अर्जन के अवसर विकसित किए जा सकें। मंत्री   राजपूत ने कहा कि शासन की नीतियों, नियमों एवं उपलब्ध योजनाओं की स्पष्ट जानकारी देकर गोदाम संचालकों को नीतिगत समर्थन प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ निवेश एवं व्यावसायिक निर्णय ले सकें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की भंडारण एवं लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में निजी गोदाम संचालकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से प्राप्त सुझाव और नवाचार प्रदेश के वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई दिशा देंगे और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशाला अन्य स्थानों पर भी आयोजित की जायेंगी। अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण  मती रश्मि अरूण शमी ने कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहाँ पर खुले में अनाज नहीं रखा जाता। प्रदेश में भण्डारण की क्षमता अधिक होने से वेयर हाउस संचालकों को कई बार आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कार्यशाला में विशेषज्ञ इसी विषय पर जरूरी मार्गदर्शन देंगे। कार्यशाला में आईआईएम मुम्बई के प्रो. वीपन कुमार और सु  सुमिता नारायण ने "ट्रांसफार्मिंग पब्लिक गोडाउन्स टू प्रायवेट वेयर हाउसेस – केस ऑफ अदर स्टेटस्" पर विचार व्यक्त किये। स्केलर स्पेस ऑफ मुसद्दीलाल ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. गोपाल मोर ने "ओवरव्यू ऑफ प्रायवेट वेयरहाउसिंग मार्केट एण्ड अप्रोच टू सेटिंग अप प्रायवेट कामर्शियल वेयरहाउसेस इन द कंट्री" पर चर्चा की। सीबीआरसी दिल्ली के सीनियर डायरेक्टर   नितिन चंद्रा ने "प्रायवेट वेयरहाउसिंग मार्केट – प्रिवेलिंग कॉमर्शियल स्ट्रक्चर्स एण्ड अल्टरनेटिव एवेन्यूज फॉर वेयरहाउस ओनर्स एण्ड बेनेफिटस्" विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। एमपीआईडीसी के कन्सल्टेंट   सुदीप शौर्य ने इन्सेन्टिव्स अवेलेबल अंडर एमपी लॉजिस्टिक्स पॉलिसी" पर और डिलाइट के   अनुराग गुप्ता ने "वेयरहाउस मॉर्डनाइजेशन एण्ड ट्रांसफार्मिंग वेयरहाउसेस टू स्टेट ऑफ द ऑर्ट फेसीलिटीज" पर चर्चा की। विशेषज्ञों द्वारा गोदामों में लॉजिस्टिक्स सेवाएँ, मल्टी-कमोडिटी स्टोरेज, ई-कॉमर्स सपोर्ट, पैकेजिंग, ग्रेडिंग, कोल्ड-चेन, मूल्य संवर्धन, वेयरहाउस ऑटोमेशन एवं डिजिटलीकरण जैसी आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही कृषि आधारित वेयरहाउस को कमर्शियल वेयरहाउस में परिवर्तित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। एमडी मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन  अनुराग वर्मा ने कहा कि कार्यशाला में आये महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार कर इन्हें अमल में लाया जायेगा। इस दौरान आयुक्त खाद्य   कर्मवीर शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं वेयरहाउस संचालक उपस्थित थे।  

एमएसपी पर धान, ज्वार एवं बाजरा की उपार्जन नीति जारी : खाद्य मंत्री राजपूत

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों से की जाएगी औसत अच्छी गुणवत्ता की फसल खरीदी एक दिसम्बर से शुरू होगी धान की खरीदी भोपाल  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार द्वारा समय – समय पर घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर औसत अच्छी गुणवत्ता की धान, ज्वार एवं बाजरा का उपार्जन किसानों से किया जाएगा। राज्य शासन ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा की उपार्जन नीति घोषित कर दी है। समर्थन मूल्य पर ज्वार एवं बाजरा की 24 नवम्बर से 24 दिसम्बर तक और धान की खरीदी एक दिसम्बर से 20 जनवरी, 2026 तक की जायेगी। खरीदी सोमवार से शुक्रवार तक की जायेगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश के समस्त कलेक्टर्स, नागरिक आपूर्ति निगम तथा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि उपार्जन नीति का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराएं, जिससे किसानों को लाभ पहुंचाने की सरकार की मंशा पूरी हो सके। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर उपार्जन कार्य से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि निर्धारित अवधि में उपार्जन किया जाएगा। समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा के उपार्जन के लिए मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज़ कार्पोरेशन नोडल एजेंसी होगी। इसके अलावा विभाग द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार की अन्य एजेन्सी अथवा उनके द्वारा अधिकृत संस्था को भी उपार्जन एजेन्सी घोषित किया जा सकेगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य धान कॉमन का 2369 रूपये, धान ग्रेड-ए का 2389, ज्वार मालदण्डी का 3749 हजार, ज्वार हाइब्रिड का 3699 और बाजरा का 2775 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों की सुविधा अनुसार होगा उपार्जन केन्द्रों का निर्धारण मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि उपार्जन केन्द्र के स्थान का निर्धारण किसानों की सुविधा अनुसार किया जाएगा। उपार्जन केन्द्र प्राथमिकता से गोदाम/केप परिसर में स्थापित किए जाएंगे। गोदाम/केप उपलब्ध न होने पर समिति एवं अन्य स्तर पर उपार्जन केन्द्र स्थापित किए जा सकेंगे। जिले में उपार्जन केन्द्रों की संख्या का निर्धारण किसान पंजीयन, पंजीयन में दर्ज बोया गया रकबा एवं विगत वर्ष निर्धारित उपार्जन केन्द्रों के आधार पर राज्य उपार्जन समिति द्वारा किया जाएगा। बारदाना व्यवस्था समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिये 46 प्रतिशत पुराने और 54 प्रतिशत नवीन जूट बारदाने उपयोग किये जायेंगे। बारदानों की व्यवस्था उपार्जन एजेंसी द्वारा की जायेगी। ज्वार एवं बाजरे का उपार्जन नवीन जूट बारदानों में किया जायेगा। केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा धान, ज्वार एवं बाजरा के समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिये निर्धारित यूनिफार्म स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार एवं समय-समय पर इसमें दी गई शिथिलता के अनुसार उपार्जन किया जायेगा। गुणवत्ता परीक्षण का दायित्व उपार्जन केन्द्र में उपार्जन करने वाली संस्था और भण्डारण स्थल पर उपार्जन एजेंसी का होगा। कृषि उपज मण्डियों में एफएक्यू मानक की धान, ज्वार एवं बाजरा की खरीदी समर्थन मूल्य से कम पर क्रय नहीं किया जायेगा। नॉन एफएक्यू उपज का सैम्पल कृषि उपज मण्डी द्वारा संधारित किया जायेगा। किसान पंजीयन में दर्ज फसल के रकबे एवं राजस्व विभाग द्वारा तहसीलवार निर्धारित उत्पादकता के आधार पर कृषक द्वारा खाद्यान्न की विक्रय योग्य अधिकतम मात्रा का निर्धारण किया जायेगा। कृषक द्वारा उपज बेचने के लिये उपार्जन केन्द्र एवं विक्रय दिनांक के चयन के लिये स्लॉट बुकिंग करानी होगी। उपार्जित खाद्यान्न का उपार्जन केन्द्र से गोदाम तक परिवहन का दायित्व उपार्जन एजेंसी का और धान को उपार्जन केन्द्र/गोदाम से सीधे मिलर्स तक परिवहन का दायित्व मिलर्स का होगा। 

मिलिंग कार्य में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जायेगी : खाद्य मंत्री राजपूत

धान परिवहन कार्य में लगे वाहनों पर लगेगा जीपीएस खाद्य मंत्री ने दिये एनसीसीएफ के प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई एवं ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने सख्त निर्देश दिये हैं कि मिलर्स धान मिलिंग के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरते।मिलिंग कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आई तो कठोर कार्रवाई की जायेगी। मिलिंग कार्य के दौरान कोई भी गड़बड़ी या अनियमितता पाई जायेगी तो संबंधित जिला प्रबंधक एवं क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ भी दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी। खाद्य मंत्री श्री राजपूत मंत्रालय में प्रदेश के मिलर्स के साथ आयोजित बैठक में विपणन वर्ष 2025-26 की मिलिंग नीति के प्रारूप पर चर्चा कर रहे थे। बैठक में शहडोल उमरिया क्षेत्र के मिलर्स द्वारा एनसीसीएफ के प्रभारी एवं कर्मचारियों के कार्य व्यवहार पर विरोध जताये जाने के कारण खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने एनसीसीएफ के प्रभारी एवं संबंधित जिले के ब्रांच मैनेजर के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के साथ कम्पनी को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव खाद्य को दिये। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि अन्तर जिला मिलिंग एवं धान के परिवहन के लिये किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि विपणन वर्ष 2025-26 में जिन ट्रकों से धान परिवहन होगा उन पर जीपीएस ट्रेकर अनिवार्य रूप से लगाते हुए उक्त वाहनों का सत्यापन परिवहन सेवा पोर्टल से कराया जाये। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि यदि कोई ट्रक बिना जीपीएस पाया जायेगा, तो संबंधित धान प्रदाय करने वाले कर्मचारी एवं परिवहनकर्ता तथा संबंधित मिलर्स के खिलाफ दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी। गोदामों की भंडारण क्षमता का निरीक्षण करे अधिकारी खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि वो समय पर मिलर्स के गोदामों की वास्तविक भंडारण क्षमता की पड़ताल करने के साथ इस वर्ष धान मिलिंग के लिये अनुबंध करने वाले मिलर्स के साथ उनके गोदाम, मिल का निरीक्षण जिला स्तरीय समिति द्वारा आवश्यक रूप से कराया जाये। उन्होंने कहा कि यह संज्ञान में आया है कि मिलर्स द्वारा बताये गये गोदाम की स्थिति एवं उसकी क्षमता पर्यप्त नहीं होती है, इसलिये अधिकारी पड़ताल में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरते। खाद्य मंत्री ने अफसरों को निर्देश दिये कि इस विपणन वर्ष 2025-26 में जो मिलर्स गुणवत्तायुक्त अच्छा कार्य करेंगे, उन्हें गत वर्ष की तुलना में 3 से 4 गुना अधिक मात्रा में धान देने के प्रावधान किये जाए, जिससे उनकी मिलिंग क्षमता का पूरा उपयोग किया जा सके। तय समय सीमा में पूर्ण करें मिलिंग कार्य खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सभी मिलर्स द्वारा इस बार धान मिलिंग का कार्य भारत सरकार द्वारा जून 2026 की तय की गई समय सीमा में पूर्ण करना अनिवार्य है। उन्होंने दिसम्बर 2025 से ही पूरी मिलिंग प्रक्रिया की सतत् निगरानी एवं समीक्षा करने के निर्देश नान के प्रबंध संचालक को दिये। इसके साथ ही उन्होंने निगम मुख्यालय पर प्रत्येक 15 दिवस में क्षेत्रीय प्रबंधक एवं जिला प्रबंधक की बैठक कर प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिये। मिलर्स को समय पर भुगतान करने के दिये निर्देश मिलर्स द्वारा उपार्जन एवं मिलिंग का भुगतान समय पर नहीं होने की समस्या पर खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने नान के प्रबंध संचालक अनुराग वर्मा को समय पर मिलर्स के भुगतान करने के निर्देश दिये गये। साथ ही निर्देश दिये गये कि नियमित रूप से भुगतान कार्य की समीक्षा अनिवार्य रूप से करें। अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरूण समी ने मिलिंग के लिये उपार्जन केन्द्र से ही अधिक से अधिक धान उठाव कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि धान उठाव के उपयोग में आने वाले वाहनों के रजिस्टेशन प्रक्रिया का टेस्ट रन करें। बैठक में मिलर्स ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। इस दौरान एमडी नागरिक आपूर्ति विभाग श्री अनुराग वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 

बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ ने विश्व में रोशन किया बुंदेलखंड का नाम : खाद्य मंत्री राजपूत

आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप जीतने पर दी बधाई भोपाल  खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 के फाइनल में भारत की शानदार जीत की बधाई देते हुए मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम घुवारा की महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ से फोन पर बात की। उन्होंने क्रांति गौड़ को जीत की बधाई देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है जब हमारी बेटियों ने पूरे विश्व में अपने देश व अपने बुंदेलखंड का नाम रोशन किया। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जब क्रांति गौड़ लौटकर आएंगी तो उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। क्रांति गौड़ ने धन्यवाद प्रेषित करते हुए कहा कि मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा है कि हमारे बुंदेलखंड का नाम विश्व में रोशन हुआ है। हम सभी बहुत खुश हैं कि सभी खिलाड़ियों की मेहनत से भारत ने महिला विश्व कप जीतकर नया इतिहास रचा है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निरंतर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन कर आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करते हैं। देश के खिलाड़ियों ने विश्व में कई कीर्तिमान स्थापित कर देश का नाम रोशन किया है। भारतीय टीम की जीत पर पूरे देश में जश्न का माहौल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हमारे बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ के लिए एक करोड़ की राशि की घोषणा की है। मंत्री श्री राजपूत ने इंडिया टीम की जीत पर सभी देशवासी एवं प्रदेशवासियों को बधाई दी।

खाद्य मंत्री राजपूत ने 1.50 करोड़ की लागत से निर्मित रेस्ट हाउस का किया लोकार्पण

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बुधवार को सुरखी विधानसभा क्षेत्र में राहतगढ़ के पास चौकी में 1 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित अत्याधुनिक सर्किट हाउस का लोकार्पण किया। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने  कहा कि राहतगढ़ को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करना मेरा सपना है। हमारा लक्ष्य है कि इस क्षेत्र के लोग बड़े शहरों जैसी सभी आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकें। यह सर्किट हाउस न केवल अधिकारियों और पर्यटकों के लिए सुविधाजनक ठहराव प्रदान करेगा, बल्कि यह राहतगढ़ को एक नई पहचान भी देगा। उन्होंने कहा कि यह सर्किट हाउस सागर संभाग का सबसे व्यवस्थित और सुसज्जित सर्किट हाउस है। सर्किट हाउस में सभी कमरों में एयर कंडीशन, आधुनिक ड्राइंग रूम, डाइनिंग हॉल और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह सर्किट हाउस न केवल राहतगढ़ की शान बढ़ाएगा, बल्कि यहां आने वाले अतिथियों को घर जैसा आराम देगा। उन्होंने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की मैं स्वयं नियमित समीक्षा करता हूं, जिससे क्षेत्रवासियों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिलें। मेरा संकल्प है कि राहतगढ़ क्षेत्र विकास के हर पैमाने पर अग्रणी बने। निर्धारित समय पर पूरा हुआ निर्माण कार्य मंत्री श्री राजपूत ने सर्किट हाउस के निर्माण कार्य को निर्धारित समय पर पूरा करने के लिए संबंधित विभागों, अधिकारियों  और कांट्रेक्टर की प्रशंसा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्किट हाउस का रखरखाव नियमित रूप से किया जाए और इसकी सुंदरता व सुविधाओं में कोई कमी न आए। यहां 24 घंटे दो कर्मचारी मौजूद रहें, जिससे अतिथियों को तुरंत सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा सकें। साथ ही उन्होंने सर्किट हाउस परिसर में लगे पेड़-पौधों की देखभाल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, जिससे परिसर में हरियाली और स्वच्छता बनी रहे। मंत्री श्री  राजपूत ने  राहतगढ़ के विकास के लिए अपनी भविष्य की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि  सरकार जनकल्याण और क्षेत्रीय विकास के लिए कटिबद्ध है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और भारी संख्या में क्षेत्रवासियों की उपस्थिति रही।

खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा- उपार्जन केन्द्रों पर पारदर्शिता अनिवार्य, किसानों के हितों से नही होगा समझौता

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा) की समर्थन मूल्य पर खरीदी की तैयारियां युद्ध स्तर पर की जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं कि जायेगी। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े। श्री राजपूत ने मंगलवार को मंत्रालय में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा) उपार्जन तैयारियों की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरुण शमी, प्रबंध संचालक नागरिक आपूर्ति निगम अनुराग वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि खरीदी कार्य की तैयारियों में कोई ढिलाई न बरती जाये। उन्होंने सभी उपार्जन केन्द्रों पर सतत् निगरानी रखने के निर्देश अधिकारियों को दिये। श्री राजपूत ने कहा कि किसी भी उपार्जन केन्द्र पर किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी की किंचित भी शिकायत बर्दाश्त नहीं कि जायेगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि खरीदी के दौरान किसानों की सुविधा के सभी इंतजाम किये जायें, ताकि किसानों को कतारों में खड़े न रहना पड़े और तौल एवं भुगतान प्रक्रिया सरल और तेज रहे। खाद्य मंत्री ने निर्देश दिये कि किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाये। बैठक में उपार्जन केन्द्रों की व्यवस्थाओं, परिवहन, भंडारण और भुगतान की समय-सीमा पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री श्री राजपूत ने निर्देश दिये कि विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर मूँग एवं उड़द की खरीदी के दौरान उपार्जन केंद्रों में कराई गई जांच की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि अनियमितताओं को लेकर संबंधित खरीदी केन्द्रों और अधिकारियों की जबाहदेही तय की जायेगी। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी, गुणवत्ता परीक्षण में लापरवाही या किसानों को भुगतान जैसी शिकायतों पर कठोर कदम उठाये जाएंगे। खाद्य मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों से समझौता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जिन केन्द्रों में अनियमितता सामने आई है उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी भविष्य में खरीदी केन्द्रों की नियमित मॉनिटरिंग के साथ-साथ ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम को मजबूत किया जायेगा, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न उठाना पड़ें।