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कीमती धातुओं में उछाल: सोना और चांदी की कीमतों ने तोड़ा रुझान, MCX पर बढ़त जारी

इंदौर  सोने-चांदी के वायदा कारोबार की शुरुआत में गुरुवार (19 फरवरी) को सुस्ती के साथ हुई, हालांकि इसमें कुछ समय बाद तेजी देखने को मिली। खबर लिखे जाने के समय घरेलू बाजार में आज सोने के वायदा भाव 0.24 फीसदी की तेजी के साथ 1,56,134 रुपए प्रति 10 ग्राम पर थे। चांदी के भाव में 1051 रुपए का उछाल आया, ये 2,45,319 रुपए प्रति किलोग्राम के करीब कारोबार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी में तेजी आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी के वायदा भाव में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। Comex पर सोना गुरुवार को 5,010.10 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। पिछला क्लोजिंग प्राइस 5,009.50 डॉलर प्रति औंस था। सोने के भाव ने इस साल 5,586.20 डॉलर के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया। Comex पर चांदी के वायदा भाव 77.96 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। पिछला क्लोजिंग प्राइस 77.59 डॉलर था। इसके भाव ने इस साल 121.79 डॉलर का उच्चतम स्तर छू लिया।   

सोने की कीमतों में बड़ा शॉक! Gold 75 हजार से नीचे, जानें आज का रेट

इंदौर  मध्य प्रदेश के सर्राफा बाजारों में आज 18 फरवरी 2026 को सोने की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। वहीं चांदी के दाम स्थिर बने हुए हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में आज सुबह नए रेट जारी किए गए हैं। ऐसे में अगर आप शादी-विवाह या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। जानकारी के मुताबिक आज 22 कैरेट सोना 14,250 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया है, जो बीते दिन 14,390 रुपये प्रति ग्राम था। यानी कीमत में 140 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट देखने को मिली है। इसी तरह 24 कैरेट सोने की कीमत में भी कमी आई है। आज 24 कैरेट सोना 14,963 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है, जबकि कल इसका भाव 15,110 रुपये प्रति ग्राम था। यानी एक ग्राम पर करीब 147 रुपये की गिरावट आई है। अगर 10 ग्राम की बात करें तो आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1,49,630 रुपये है, जो कल 1,51,100 रुपये थी। वहीं 8 ग्राम सोना आज 1,19,704 रुपये में मिल रहा है, जबकि बीते दिन इसकी कीमत 1,20,880 रुपये थी। वहीं चांदी की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं हुआ है। ताजा आंकड़ों के अनुसार एक ग्राम चांदी का भाव 265 रुपये पर स्थिर बना हुआ है। इसी तरह एक किलो चांदी का रेट भी 2,65,000 रुपये पर कायम है। सर्राफा कारोबारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और डॉलर की चाल का असर घरेलू बाजार पर देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में कीमतों में और बदलाव हो सकता है। ऐसे में खरीदारी से पहले ताजा रेट जरूर चेक कर लें।

रूस की रणनीति से सोने की कीमतें धड़ाम, 1 लाख रुपये से नीचे जाने की आशंका

इंदौर   भारत में सोने की कीमतों ने वर्ष 2025 में शानदार रिटर्न दिया था. 2026 की शुरुआत में भी तेजी का सिलसिला जारी रहा और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम के शिखर तक पहुंच गया. हालांकि, हाल के सत्रों में इसमें तेज करेक्शन भी देखने को मिला है. पिछले सप्ताह के अंत में MCX पर सोना लगभग ₹1,56,200 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जो अपने उच्चतम स्तर से करीब 13 प्रतिशत नीचे है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुझान दिखा. COMEX पर सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग 10 प्रतिशत नीचे कारोबार करता नजर आया. अब बाजार में यह चर्चा तेज है कि अगर भू राजनीतिक समीकरण बदलते हैं तो सोना 3,000 डॉलर प्रति औंस तक फिसल सकता है. दरअसल, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सोने की तेजी को अब नई चुनौतियां मिल रही हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस अमेरिका के साथ डॉलर आधारित व्यापार समझौते की संभावनाएं तलाश रहा है. यदि ऐसा होता है तो यह BRICS देशों की ‘डीडॉलराइजेशन' रणनीति के लिए बड़ा झटका हो सकता है. रूस-अमेरिका गठजोड़  अब तक BRICS देशों द्वारा व्यापार में डॉलर पर निर्भरता कम करने और सोने का भंडार बढ़ाने की कोशिशें की जा रही थीं. इसी कारण वैश्विक स्तर पर सोने की मांग मजबूत बनी हुई थी. लेकिन रूस के संभावित रुख में बदलाव से यह धारणा कमजोर पड़ सकती है, जिसका सीधा असर सोने की कीमतों पर दिख सकता है. अमेरिकी आर्थिक संकेतक भी बने कारण दरअसल, सोने की कीमतें केवल भू राजनीतिक घटनाओं पर ही निर्भर नहीं करतीं, बल्कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. हाल में अमेरिका में महंगाई के आंकड़े मजबूत आए हैं, जिससे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हुई हैं. ऐसे में अगर फेड दरों में कटौती टालता है, तो डॉलर मजबूत रह सकता है. मजबूत डॉलर आमतौर पर सोने के लिए नकारात्मक माना जाता है, क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना महंगा हो जाता है और मांग घटती है. निवेशकों के लिए क्या है संकेत? मौजूदा परिस्थितियों में कीमती धातुओं के बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि सोने में लंबी अवधि के निवेशक घबराएं नहीं, लेकिन अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए. यदि रूस-अमेरिका व्यापार में डॉलर की वापसी की खबरें पुख्ता होती हैं और फेड दरों में कटौती नहीं करता, तो सोना ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम के नीचे भी आ सकता है. हालांकि अंतिम दिशा वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी. सोना परंपरागत रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है. लेकिन जब वैश्विक जोखिम कम होते हैं और डॉलर मजबूत होता है, तो इसमें मुनाफावसूली बढ़ जाती है. फिलहाल, बाजार इसी दोराहे पर खड़ा है. आने वाले हफ्तों में रूस की आधिकारिक प्रतिक्रिया, अमेरिकी आर्थिक डेटा और वैश्विक बाजार का रुख तय करेगा कि सोना फिर से चमकेगा या कीमतों में और गिरावट देखने को मिलेगी.

आज चांदी 8,000 रुपये तक गिरी, ₹1.84 लाख तक सस्ता हुआ, सोने की कीमतों में भी गिरावट

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों के क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने का सिलसिला जारी है. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर ओपनिंग के साथ ही दोनों कीमती धातुएं धड़ाम नजर आईं. बीते सप्ताह मामूली उछाल के बाद कारोबार की शुरुआत में ही 1 Kg Silver Price 8,000 रुपये से ज्यादा फिसल गया और अपने हाई से अब तक चांदी के भाव में गिरावट को देखें, तो ये 1.84 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा सस्ती हो चुकी है. वहीं Gold Rate भी चांदी की तरह ही गिर गया है. एक झटके में सोना 1700 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया.  अब कितना रह गया 1Kg चांदी का भाव?  सोमवार को एमसीएक्स पर कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही 5 मार्च की एक्सपायरी वाली वायदा चांदी पिछले बंद के मुकाबले अचानक 8,857 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई. बता दें कि बीते शुक्रवार को MCX Silver Price 2,44,360 रुपये पर क्लोज हुआ था और इसकी तुलना में ये गिरकर 2,35,503 रुपये के लेवल पर आ गया.  अपने हाई से कितनी सस्ती मिल रही Silver? बात अगर चांदी के हाई लेवल से करें, तो अब चांदी काफी सस्ती हो चुकी है. बता दें कि बीते 29 जनवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमत रॉकेट सी रफ्तार से भागते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आंकड़े के पार निकली थी और कारोबार के अंत में 4,20,048 रुपये का लाइफ टाइम हाई रिकॉर्ड बना दिया था. इस स्तर पर पहुंचने के बाद Silver Price Crash होने का सिलसिला शुरू हुआ और एक-दो दिनों को छोड़कर ये तेजी से फिसली है. चांदी फिलहाल अपने हाई लेवल से 1,84,545 रुपये प्रति किलोग्राम तक टूट चुकी है. ये तगड़ी गिरावट चांदी के हाई छूने के बाद महज 17 दिन में देखने को मिली है.  Gold Rate भी अचानक फिसला  चांदी के साथ-साथ गोल्ड रेट भी सोमवार को खुलने के साथ ही बुरी तरह फिसला है. MCX पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले सोने का भाव बीते शुक्रवार को 1,55,895 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और इसकी तुलना में ये खुलते ही गिरते हुए 1,54,191 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से देखें, तो 10 Gram 24 Karat Gold 1,704 रुपये सस्ता हो गया है.  सोना अपने हाई लेवल से इतना सस्ता  अब सोने के हाई लेवल से अब तक आई गिरावट की बात करें, तो चांदी की तरह ही Gold Rate भी बीते 29 जनवरी को ही अपने लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंचा था. सोने का वायदा भाव तेज रफ्तार के भागते हुए 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था और यहां से इसमें तेज गिरावट देखने को मिली है. सोमवार की ओपनिंग गिरावट को देखें, तो अब तक Gold Price 38,905 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हुआ है. 

धड़ाम से गिरे सोने के दाम, 22 कैरेट सोना सस्ता हुआ, चांदी के रेट में भी गिरावट

इंदौर  13 फरवरी 2026 को सोना और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट आई है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, गुरुवार शाम को 916 शुद्धता यानी 22 कैरेट गोल्ड का दाम ₹1,42,575 प्रति 10 ग्राम था, जो शुक्रवार को घटकर ₹1,33,920 प्रति 10 ग्राम आ गया है. वहीं, चांदी (999, प्रति किलो) के रेट में भी शुक्रवार को 17 हजार रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है.सोने चांदी का भाव में आज यानि 13 फरवरी 2026 को बड़ी गिरावट रिकॉर्ड हो रही है। अंतर्राष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट कॉमेक्स पर मार्केट ओपन होते ही गोल्ड और सिल्वर रेट में बड़ी गिरावट देखने, को मिली है। एमसीएक्स पर भी कल यानि 12 फरवरी को मार्केट क्लोज होने तक चांदी के भाव में 9% से ज्यादा की गिरावट रिकॉर्ड हुई थी। सोने का भाव भी 4% से ज्यादा गिर गए। मार्केट के जानकारों का कहना है कि भू राजनीतिक तनाव, अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक की नीतियों और महंगाई के आंकड़ों से सोने चांदी की चाल तय होगी। इसके अलावा डॉलर की स्थिति भी कमोडिटी मार्केट को प्रभावित कर रही है। Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट                               शुद्धता               गुरुवार शाम का रेट     शुक्रवार सुबह का रेट     जानें कितना सस्ता हुआ गोल्ड/सिल्वर सोना (प्रति 10 ग्राम)     999 (24 कैरेट)     155650                         152751                     ₹2899 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     995 (23 कैरेट)     155027                         152139                     ₹2888 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     916 (22 कैरेट)     142575                         133920                     ₹8655 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     750 (18 कैरेट)     116738                         114563                     ₹2175 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     585 (14 कैरेट)     91055                           89359                       ₹1696 सस्ता चांदी (प्रति 1 किलो)     999                    259133                         241945                      ₹17188 सस्ता IBJA रेट (गुरुवार, 12 फरवरी 2026) गुरुवार को सोने का भाव (999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹156147 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹155650 प्रति 10 ग्राम गुरुवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹260614 प्रति किलो शाम का रेट: ₹259133 प्रति किलो कॉमेक्स पर कैसा है सोना चांदी का हाल कॉमेक्स पर मार्केट ओपन होने के बाद सोने का भाव $4,953.00 प्रति औन्स से नीचे आ गया। कल गोल्ड रेट $5,081.50 प्रति औन्स और सिल्वर रेट $82.515 प्रति औन्स के साथ ओपन हुए थे, लेकिन उसके बाद भी गिरावट जारी रही। आज सिल्वर रेट गिरावट के साथ $74.865 प्रति औन्स पर ओपन हुआ है। घरेलू कमोडिटी मार्केट का हाल MCX पर गुरुवार को 02 अप्रैल 2026 डिलीवरी वाला सोना एक दिन में 4.07% की गिरावट के बाद 1,52,300 रुपये प्रति दस ग्राम पर क्लोज हुआ था। इसके अलावा 05 मार्च 2025 डिलीवरी वाली चांदी MCX पर एक दिन में 9.84% की बड़ी गिरावट के बाद 2,37,136 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। कमोडिटी मार्केट में जारी है उठापटक इस महीने की शुरुआत से ही सोने, चांदी, तांबे जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में वोलैटिलिटी बनी हुई है। निवेशकों के साथ ही आम जनता भी स्थिरता का इंतजार कर रहे हैं। फेड रिजर्व बैंक की पॉलिसी, भू राजनीतिक तनाव में कमी, डॉलर की कीमतों में उतार चढ़ाव से मार्केट काफी प्रभावित होता है इसीलिए बाजार के जानकारों द्वारा निवेशकों को यह सलाह दी जाती है कि ऐसे वोलेटाइल मार्केट में निवेश करने से पहले हर छोटी बड़ी अपडेट पर नजर बनाकर रखें। इस समय सतर्क रुख अपनाना जरूरी है।  इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए दाम देश में सर्वमान्य हैं लेकिन इनकी कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होती है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी के रेट टैक्स समेत होने की वजह से ज्यादा होते हैं. IBJA की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित रेट शनिवार और रविवार के साथ-साथ केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. ये सभी रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के पहले के हैं.

मध्यप्रदेश में सोने की बड़ी खोज, कटनी में मिला गोल्ड रिजर्व; जल्द शुरू होगी माइनिंग

कटनी  मध्यप्रदेश के कटनी जिले की धरती अब सोना-चांदी उगलेगी. दरअसल, कटनी जिले के इमलिया गांव की पहचान अब जल्द ही सुनहरी होने जा रही है, क्योंकि इस गांव में साढ़े 6 हेक्टेयर धरती में खनन कर करीब 7 लाख टन सोना-चांदी सहित मिनरल्स निकाले जाएंगे.यह काम मुंबई की निजी कंपनी प्रोस्पेक्ट रिसोर्स मिनिरल्स प्राइवेट लिमिटेड स्लीमनाबाद करेगी. इसके लिए जिला प्रशासन के साथ 50 साल के लिए करार किया गया है, जहां कटनी जिले को कंपनी से टैक्स के रूप में करीब 100 करोड रुपए से अधिक का राजस्व मिलेगा. करीब 50 साल की लंबी खोज और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बाद, जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के इमलिया गांव में सोने का खनन शुरू होने की तैयारी अंतिम चरण में है। अनुमान है कि मार्च के दूसरे पखवाड़े से खनन का काम शुरू हो जाएगा। एक साल की तेज प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद स्वर्ण खनन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, मार्च से खनन कार्य शुरू होने का अनुमान है, जो मध्यप्रदेश के खनिज इतिहास में नया अध्याय लिखेगा, 121 करोड़ की ऐतिहासिक बोली ने इमलिया को राष्ट्रीय मानचित्र पर ला खड़ा किया है। अब कटनी सिर्फ जिला नहीं, स्वर्ण नगरी बनने की दहलीज पर खड़ी है…। जिले के इतिहास में एक ऐसी उपलब्धि जुडऩे जा रही है, जो न केवल जिले बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की पहचान बदल देगी। ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम इमलिया में स्वर्ण खनन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और मार्च माह के दूसरे पखवाड़े से खनन कार्य शुरू होने का अनुमान है। यह मध्यप्रदेश की पहली सक्रिय स्वर्ण खदान होगी, जिससे राज्य को राष्ट्रीय खनिज मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। ई-नीलामी प्रक्रिया के तहत मुंबई की कंपनी प्रॉस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड खनन कंपनी ने 121 करोड़ रुपए की ऊंची बोली लगाकर इमलिया गोल्ड ब्लॉक की खनन लीज हासिल की। कंपनी और कलेक्टर आशीष मिवारी के बीच खनन अनुबंध (एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते के साथ ही जिले में विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं के नए द्वार खुल गए हैं। यह परियोजना न केवल कटनी को ‘स्वर्ण नगरी’ के रूप में एक नई पहचान देगी, बल्कि यह मध्य प्रदेश की पहली सक्रिय स्वर्ण खदान भी होगी। इस ऐतिहासिक कदम से राज्य का नाम देश के खनिज मानचित्र पर प्रमुखता से अंकित हो गया है। 121 करोड़ की ऐतिहासिक बोली इस स्वर्ण खदान के लिए हुई ई-नीलामी प्रक्रिया में मुंबई की कंपनी ‘प्रॉस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड’ ने सबसे ऊंची बोली लगाई। कंपनी ने 121 करोड़ रुपए की बोली के साथ इमलिया गोल्ड ब्लॉक की खनन लीज हासिल की। इसके बाद, कंपनी और कटनी के कलेक्टर आशीष तिवारी के बीच खनन अनुबंध (एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे खनन का रास्ता आधिकारिक तौर पर साफ हो गया। 50 साल की खोज का अंत इमलिया में सोने की मौजूदगी की खोज पिछले पांच दशकों से चल रही थी। बीते एक साल में प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाई गई, जिसके परिणामस्वरूप यह परियोजना अब हकीकत बनने की दहलीज पर है। इस समझौते ने जिले में बड़े निवेश, विकास और रोजगार की नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। बदलेगी जिले की पहचान अब तक कटनी की पहचान चूना पत्थर और संगमरमर जैसे खनिजों से होती थी, लेकिन अब यह सोने की चमक से भी जाना जाएगा। इस परियोजना से न केवल राज्य सरकार को राजस्व का लाभ होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह मध्यप्रदेश के खनिज इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने दिया था बड़ा संकेत इस परियोजना को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार सक्रियता रही। 18 सितंबर को बड़वारा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच से कटनी को कनकपुरी की संज्ञा देते हुए इमलिया गांव में स्वर्ण भंडार की सार्वजनिक जानकारी दी थी। इसके बाद नवरात्रि के पहले दिन ही खनन से जुड़ा एग्रीमेंट होना, इस परियोजना की प्राथमिकता और गंभीरता को दर्शाता है। यह है सोना व उत्पादन का स्तर खनन विभाग की तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार इमलिया गोल्ड ब्लॉक से प्रतिवर्ष लगभग 33,214 टन अयस्क उत्पादन का अनुमान है। यहां कुल स्वर्ण खनिज भंडार 3,57,789 टन बताया गया है, जिसमें से 3,35,059 टन खानयोग्य है। तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, प्रति टन अयस्क से औसतन 1.13 ग्राम सोना निकलने की संभावना है। इसके अलावा तांबा 2,71,632 टन, लेड-जिंक 3,88,726 टन, चांदी 3,86,468 टन का अनुमान है। रोजगार और विकास की नई उम्मीद गांव और आसपास के क्षेत्र में इस परियोजना को लेकर उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि खनन शुरू होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार, बेहतर सडक़, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। इमलिया की पहचान अब सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जानी जाएगी। अब तक देश में बड़े पैमाने पर स्वर्ण खनन कर्नाटक के कोलार और हत्ती क्षेत्रों तक सीमित था, लेकिन इमलिया खदान के शुरू होते ही मध्यप्रदेश भी स्वर्ण उत्पादक राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा। मार्च से शुरू होने वाला यह खनन न केवल कटनी को स्वर्ण नगरी के रूप में स्थापित करेगा, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी नई ऊंचाई देगा।

सोने की कीमत में मामूली कमी, चांदी 9,000 रुपए से अधिक सस्ती हुई

नई दिल्ली  सोने की कीमत में  मामूली गिरावट देखने को मिली और चांदी का दाम 9,000 रुपए से अधिक कम हो गया है। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 424 रुपए कम होकर 1,52,078 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,52,502 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 22 कैरेट सोने की कीमत 1,39,692 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,39,303 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। 18 कैरेट सोने का दाम 1,14,377 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,14,059 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।  चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है। चांदी का दाम 9,410 रुपए कम होकर 2,44,929 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,54,339 रुपए प्रति किलो था। आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार दोपहर 12 बजे और शाम को 5 बजे कीमतें जारी की जाती हैं। हाजिर के उलट वायदा बाजार में सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हुआ है। सोने के 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 0.83 प्रतिशत बढ़कर 1,53,337 रुपए हो गया है और चांदी के 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 1.84 प्रतिशत कम होकर 2,39,339 रुपए पर था। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में मिलाजुला कारोबार हुआ है। खबर लिखे जाने तक, कॉमेक्स पर सोने की कीमत 0.39 प्रतिशत बढ़कर 4,908 डॉलर प्रति औंस है और चांदी की कीमत 3.61 प्रतिशत कम होकर 73.90 डॉलर प्रति औंस है। जानकारों ने कहा कि सोने में सत्र के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। फिलहाल कॉमेक्स पर यह 4,900 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। आने वाले समय में सोने की चाल अमेरिका के बेरोजगारी के साथ अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों पर निर्भर करेगी। -आईएएनएस

95 प्रकार के मेटल्स में सोना-चांदी का है खास आकर्षण, जानें साइंस के नजरिए से क्यों हैं ये सबसे पसंदीदा

 नई दिल्ली दुनिया में करीब 95 ज्ञात धातुएं (Metals) हैं – लोहा, तांबा, एल्यूमिनियम से लेकर दुर्लभ प्लैटिनम तक. लेकिन हजारों साल से हर सभ्यता में सिर्फ सोना और चांदी ही मूल्य, सौंदर्य और धन के प्रतीक बने रहे हैं. मिस्र, रोम, भारत, चीन – सभी जगहों पर इन्हें देवता की तरह पूजा गया. गहने बनाए गए. सिक्के ढाले गए. आज भी शादियों में सोना-चांदी की मांग सबसे ज्यादा है. निवेश के रूप में ये सबसे सुरक्षित माने जाते हैं. आखिर इन दो धातुओं में ऐसा क्या खास है जो बाकी 93 धातुओं में नहीं? रासायनिक स्थिरता: ये कभी खराब नहीं होते सबसे बड़ी वजह विज्ञान में छिपी है. सोना और चांदी नोबल मेटल्स कहलाते हैं – यानी ये हवा, पानी, एसिड या नमी से आसानी से प्रतिक्रिया नहीं करते. सोना सबसे ज्यादा निष्क्रिय (इनर्ट) धातु है. यह ऑक्सीजन से नहीं जुड़ता. जंग नहीं लगता. हजारों साल तक चमक बरकरार रहती है. चांदी थोड़ी प्रतिक्रिया करती है. सल्फर से काली पड़ जाती है. लेकिन अन्य धातुओं की तुलना में बहुत कम. अन्य धातु जैसे– लोहा हवा लगते ही जंग लग जाता है. तांबा हरा पड़ जाता है. एल्यूमिनियम पर ऑक्साइड की परत बन जाती है. इसलिए प्राचीन काल में जब लोग कब्रों में सोने-चांदी के गहने दफनाते थे, तो हजारों साल बाद भी वे वैसा ही चमकदार मिलते था. यह स्थिरता ही इन्हें अमर धातु बनाती है. प्रकृति में शुद्ध रूप में मिलना प्राचीन मनुष्य को धातु गलाने (स्मेल्टिंग) की तकनीक नहीं थी. ज्यादातर धातुएं अयस्क (ऑक्साइड या सल्फाइड) के रूप में मिलती हैं, जिन्हें निकालने के लिए उच्च तापमान चाहिए. लेकिन… सोना और चांदी अक्सर शुद्ध रूप (नेटिव फॉर्म) में नदियों, चट्टानों में छोटे-छोटे दाने या टुकड़े के रूप में मिल जाते थे. इन्हें बस उठाकर हथौड़े से पीटकर आकार दिया जा सकता था. आज भी इतनी बड़ी मात्रा में इस्तेमाल क्यों?     गहने: भारत में सालाना 600-800 टन सोना सिर्फ गहनों में इस्तेमाल होता है. सौंदर्य और सामाजिक प्रतिष्ठा की वजह से.      निवेश: सोना सुरक्षित निवेश है – महंगाई और संकट में मूल्य बढ़ता है. औद्योगिक उपयोग…     चांदी: इलेक्ट्रॉनिक्स (सबसे अच्छी चालक), फोटोग्राफी, दर्पण, बैटरी.     सोना: इलेक्ट्रॉनिक्स (कनेक्टर), दंत चिकित्सा, अंतरिक्ष यान.     सांस्कृतिक महत्व: शादी-ब्याह, त्योहारों में परंपरा. विज्ञान और मानव स्वभाव का परफेक्ट मेल सोना और चांदी प्रकृति की ऐसी धातुएं हैं जो दुर्लभ, स्थिरता, सौंदर्य और इस्तेमाल होने का सही बैलेंस रखती हैं. अन्य धातुएं या तो बहुत आम हैं (जैसे लोहा) या बहुत प्रतिक्रियाशील या बहुत देर से खोजी गईं (जैसे प्लैटिनम). हजारों साल पहले मनुष्य ने जो चुना, वही आज भी पसंद है – क्योंकि विज्ञान और मानव भावनाएं दोनों इनके साथ में हैं. अगली बार जब आप सोने का गहना पहनें, तो याद रखिए – यह सिर्फ धातु नहीं, विज्ञान और इतिहास की जीती-जागती कहानी है. इसीलिए 5000-6000 ईसा पूर्व से सोने का इस्तेमाल शुरू हुआ. सबसे पुराना प्रमाण बुल्गारिया की वार्ना संस्कृति (4600 ई.पू.) से मिला है. चांदी का इस्तेमाल लगभग 4000 ई.पू. से शुरू हुआ. भौतिक गुण: सुंदरता और काम करने में आसानी     दुर्लभ लेकिन बहुत कम भी नहीं: दोनों पर्याप्त दुर्लभ हैं कि मूल्यवान लगें, लेकिन इतने कम नहीं कि मिलना असंभव हो.     चमक और रंग: सोना की पीली चमक और चांदी की सफेद चमक आंखों को बहुत आकर्षक लगती है.      मैलिबिलिटी और डक्टिलिटी: सोने की एक ग्राम को 1 वर्ग मीटर पतली शीट (गोल्ड लीफ) में पीटा जा सकता है. चांदी सबसे अच्छी बिजली और गर्मी की चालक है. ये आसानी से पिघलते नहीं (सोने का गलनांक 1064°C, चांदी का 962°C), इसलिए गहने बनाने में सुरक्षित. इतिहास में मुद्रा और मूल्य का प्रतीक क्यों बने?     टिकाऊ: खराब नहीं होते, इसलिए धन के रूप में जमा करने के बेस्ट है.       छोटे-छोटे टुकड़े किए जा सकते हैं.     पहचानने में आसान: नकली बनाना मुश्किल.      पूरी दुनिया में स्वीकृति: हर संस्कृति में मूल्यवान.     लिदिया (आधुनिक तुर्की) में 600 ई.पू. पहला सोने-चांदी का सिक्का बना. भारत में भी प्राचीन काल से रूप्य (चांदी) और हिरण्य (सोना) मुद्रा के रूप में इस्तेमाल होते थे.  

ट्रंप की नजर दुनिया के सबसे बड़े सोने के भंडार पर, बलूचिस्तान में अमेरिकी निवेश से पाक का खजाना लुटेगा

वाशिंगटन  पाकिस्तान के बलूचिस्तान को खजानों की धरती कहा जाता है. बलूचिस्तान की बंजर जमीन के अंदर खूब खजाने दबे हैं. बलूचिस्तान रेयर अर्थ मिनिरल्स से भरा है. दुनिया के सबसे बड़े सोने का भंडार भी यहीं है. यही कारण है कि चीन भी इसमें इंट्रेस्ट लेता रहा है. अब इसी बलूचिस्तान की धरती पर अमेरिका की नजर पड़ गई है. जी हां, बलूचिस्तान के सोना-चांदी और तांबा समेत कई रेयर अर्थ मिनिरल्स को पाने की ख्वाइश में अमेरिका पाकिस्तान में पानी की तरह पैसा बहाने जा रहा है. अमेरिका ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में दुनिया के सबसे बड़े सोने-तांबे के भंडार ‘रेको डीक माइन में 1.3 अरब डॉलर (करीब 117,594,574,500 करोड़ रुपये) का निवेश करने का ऐलान कर दिया है. यह पैसा अमेरिका के नए प्रोजेक्ट ‘वॉल्ट’ का हिस्सा है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिन ही लॉन्च किया था. दरअसल, अमेरिका ने घोषणा की है कि वह अपने ‘प्रोजेक्ट वॉल्ट’ के हिस्से के रूप में पाकिस्तान की रेको डिक खदान में 1.3 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा. बुधवार को विदेश विभाग की ओर से घोषित इस परियोजना का मकसद महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ पृथ्वी के लिए वैश्विक बाजार को नया आकार देना है. अमेरिका का मकसद चीन से भी जुड़ा है. रेयर अर्थ मिनिरल्स का बादशाह चीन है. उसे टक्कर देने के लिए ही अमेरिका ने यह चाल चली है. कहां है यह खजाने का भंडार हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रेको डिक बलूचिस्तान प्रांत में है, यह दुनिया का सबसे बड़ा सोने और तांबे का भंडार है. अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा दिए गए डेटा के अनुसार, रेको डिक ‘प्रोजेक्ट वॉल्ट’ के लिए अमेरिका के बाहर किया गया एकमात्र निवेश भी है. प्रोजेक्ट वॉल्ट की घोषणा डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी, 2026 को की थी, जो यूनाइटेड स्टेट्स एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक (EXIM) के चेयरमैन के नेतृत्व में एक पहल थी. रेको डीक में क्या खजाना है? पाकिस्तान के बलूचिस्तान में रेको डिक खदान दुनिया के सबसे बड़े तांबे और सोने के भंडारों में से एक है. रिपोर्टों के अनुसार, इस क्षेत्र में अनुमानित 5.9 बिलियन टन अयस्क है, जिसमें 0.41 फीसदी तांबा और 41.5 मिलियन औंस सोने का भंडार है. यानी दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड-कॉपर डिपॉजिट. बलूचिस्तान के चागई पहाड़ों में यह स्थित है. इलाका ज्वालामुखी चेन का हिस्सा है, जो अफगानिस्तान बॉर्डर तक फैला हुआ है. अब समझते हैं कि आखिर प्रोजेक्ट वॉल्ट क्या है? डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिका की ‘स्ट्रैटेजिक क्रिटिकल मिनरल्स रिजर्व’ बनाने के लिए शुरू किया है. इसका मकसद है- रेयर अर्थ मिनिरल्स के मामले में चीन पर निर्भरता कम करना और ग्लोबल मार्केट को रीशेप करना. अमेरिकी एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ने इसके लिए 10 अरब डॉलर का सबसे बड़ा लोन मंजूर किया है. कुल 12 अरब डॉलर का यह प्रोजेक्ट अमेरिका के अंदर कई माइनिंग और प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट्स पर खर्च हो रहा है. लेकिन एक ही विदेशी निवेश है और वह है पाकिस्तान का रेको डीक. विवाद क्या 2011 में पाकिस्तान ने चिली की एंटोफागास्टा और कनाडा की बैरिक गोल्ड की कंपनी टेथियन को माइनिंग राइट्स देने से मना कर दिया था. मामला इंटरनेशनल कोर्ट तक गया. अब बैरिक गोल्ड फिर से प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, लेकिन हाल ही में बलूचिस्तान में सुरक्षा घटनाओं के कारण उसने पूरे प्रोजेक्ट की समीक्षा शुरू कर दी है. फिर भी अमेरिका का 1.3 अरब डॉलर का निवेश आगे बढ़ रहा है. अमेरिका क्यों आया बलूचिस्तान? अमेरिका को क्रिटिकल मिनरल्स (तांबा, सोना, रेयर अर्थ्स) की जरूरत है. .ये रेयर अर्थ मिनिरल डिफेंस, इलेक्ट्रिक कार, टेक्नोलॉजी सबके लिए जरूरी हैं. चीन इनकी सप्लाई चेन पर दबदबा रखता है. रेको डीक में निवेश इसका सबसे बड़ा विदेशी कदम है. बलूचिस्तान में अलगाववादी मूवमेंट और सुरक्षा इश्यूज हैं, फिर भी अमेरिका ने दांव लगाया है. अमेरिका की नजर अब बलूचिस्तान के सोने पर टिक गई है. और लगता है आसिम मुनीर की वाइट हाउस में बिरयानी वाली लंच की कीमत अमेरिका इसी से वसूलेगा.

मार्केट में भूचाल! गिरावट के बाद सोना-चांदी की जबरदस्त वापसी, चांदी ₹21 हजार महंगी

 इंदौर / नई दिल्ली    सोना-चांदी की कीमतों में बीते कुछ दिनों से क्रैश होने का सिलसिला देखने को मिल रहा था, लेकिन मंगलवार को इसपर ब्रेक लग गया. एमसीएक्स पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही Gold-Silver की कीमतों में तूफानी तेजी के साथ ओपनिंग हुई. चांदी बीते सोमवार को गिरकर 2.25 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई थी, लेकिन पिछले बंद की तुलना में एक झटके में 21,000 रुपये से ज्यादा चढ़ गई. सोना भी कम नहीं दिखा और खुलने ही 5,000 रुपये से ज्यादा महंगा हो गया. चांदी की कीमतों में फिर उछाल  सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कारोबार शुरू होने पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी के वायदा भाव में तगड़ा उछाल देखने को मिला. 1 Kg Silver Price एक झटके में अपने पिछले बंद भाव से 21,000 रुपये से ज्यादा महंगी हो गई.सोमवार को MCX Silver Price 2,36,261 रुपये था और मंगलवार को ये खुलने के साथ ही 2,57,480 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई.  तेजी के बाद भी हाई से इतनी सस्ती Silver मंगलवार को आई तूफानी तेजी के बावजूद अभी चांदी का वायदा भाव अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से काफी सस्ता बना हुई है. बता दें कि 29 जनवरी को MCX Silver Price ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार किया था और 4,30,048 रुपये प्रति किलो के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी. इस स्तर से अभी भी चांदी का भाव 1,62,568 रुपये सस्ती (Silver Cheaper From High) मिल रही है.  Gold Rate में भी तगड़ी तेजी चांदी के अलावा सोने की कीमत में भी तेजी आई है और MCX Gold Rate सोमवार के अपने बंद 1,43,991 रुपये प्रति 10 ग्राम से उछलकर शुरुआती कारोबार में ही 1,49,485 रुपये पर पहुंच गया. इस हिसाब से 10 Gram 24 Karat Gold Rate 5,494 रुपये बढ़ गया.  सोने का लाइफ टाइम हाई लेवल से तुलना करें, तो ये भी उच्चतम स्तर के काफी सस्ता मिल रहा है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले गोल्ड का हाई रेट 1,93,096 रुपये है, जो इसने चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए बीते 29 जनवरी को ही छुआ था और इसके बाद लगातार ये Silver Price की तरह ही क्रैश होता जा रहा था. वहीं अब मंगलवार को अचानक आई बड़ी तेजी के बाद भी ये अभी इस स्तर से 43,611 रुपये कम पर मिल रहा है.