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सोने-चांदी की कीमतें करवा चौथ पर हुईं तेज़, गोल्ड 1045 के ऊपर; आपके शहर का हाल

मुंबई  करवा चौथ (Karwa Chauth) के महापर्व से पहले सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी का दौर लगातार जारी है. 7 अक्टूबर (मंगलवार) को यूपी की राजधानी लखनऊ से लेकर मेरठ तक सोने की चमक बढ़ी है. लखनऊ में आज सोना 1045 रुपए प्रति 10 ग्राम तक महंगा हुआ है. वहीं, वाराणसी और मेरठ में भी सोने के भाव जबरदस्त बढ़े हैं. चांदी की कीमत में भी आज 1000 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी देखी गई है. वाराणसी (Varanasi) के सर्राफा बाजार में 7 अक्टूबर को 24 कैरेट सोने की कीमत 1150 रुपए प्रति 10 ग्राम बढ़कर 1,22,070 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई. वहीं, 6 अक्टूबर को इसका भाव 1,20,920 रुपए प्रति 10 ग्राम था. इसके अलावा आज लखनऊ में सोना 1045 रुपए के उछाल के बाद 1,23,670 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया. मेरठ में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,23,680 रुपए प्रति 10 ग्राम है. 22 कैरेट गोल्ड का भाव भी बढ़ा मंगलवार को वाराणसी के सर्राफा बाजार में 22 कैरेट सोने की कीमत 1150 रुपए प्रति 10 ग्राम की बड़ी तेजी आई, जिसके बाद इसकी कीमत 1,12,000 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई. इसके पहले 6 अक्टूबर को इसकी कीमत 1,10,850 रुपए प्रति 10 ग्राम थी. वहीं, 18 कैरेट सोने की कीमत आज 940 रुपए उछलकर 91,670 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई. चांदी ने फिर बनाया रिकॉर्ड 7 अक्टूबर को चांदी की कीमत ने फिर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया. सर्राफा बाजार खुलते ही मंगलवार को चांदी की कीमत में 1000 रुपए प्रति किलो की तेजी आई, जिसके बाद उसका भाव 1,57,000 रुपए प्रति किलो हो गया. इसके पहले 6 अक्टूबर को इसकी कीमत 1,56,000 रुपए प्रति किलो थी.  अभी जारी रहेगी तेजी वाराणसी सर्राफा एसोसिएशन के महामंत्री रवि सर्राफ ने बताया कि बीते कुछ दिनों से सोने-चांदी की कीमत लगातार बढ़ रही है. बाजार के ट्रेंड को देखकर उम्मीद है कि आगे भी इसकी कीमतों में तेजी का दौर बना रहेगा.  

सोने की कीमत में आई नरमी, चांदी भी हुई सस्ती — मिडिल क्लास के लिए राहत

मुंबई  आज सोना चांदी मामूली सस्ता हुआ है. भारतीय सर्राफा बाजार में आज (शुक्रवार), 3 अक्टूबर 2025 को सोना-चांदी के भाव में गिरावट देखने को मिली है. हालांकि, सोने की कीमत 1 लाख 16 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार है. वहीं, चांदी का भाव भी कम हुआ है. ताजा रेट की बात करें तो  चांदी की कीमत 1 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलो से अधिक है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (India Bullion And Jewellers Association) के मुताबिक, बुधवार 1 अक्टूबर की शाम को 916 शुद्धता यानी 22 कैरेट गोल्ड का रेट (Gold Rate) 107476 रुपये प्रति 10 ग्राम था जो आज, 3 अक्टूबर की सुबह गिरावट के साथ 107019 रुपये तक आ गया है. बता दें कि बीते दिन यानी गुरुवार को 2 अक्टूबर एवं दशहरा के उपलक्ष में सरकारी छुट्टी होने की वजह से कीमतें जारी नहीं की गई थीं. सोना-चांदी के दामों में आज आई गिरावट सोना-चांदी के दामों में आज गिरावट दर्ज की गई है. जहां बुधवार को 999 (24 कैरेट) सोने का दाम (प्रति 10 ग्राम) 117332 रुपये था वहीं आज सुबह के समय यह दाम 116833 रुपये पहुंच गया है. यानी 24 कैरेट वाला सोना कुल 499 रुपये सस्ता हुआ है. इसके अलावा सुबह के समय चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है. Gold Price Today 3 October: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट   शुद्धता बुधवार शाम का रेट शुक्रवार सुबह का रेट कितना सस्ता या महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 999 (24 कैरेट) 117332 116833 ₹499 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 995 (23 कैरेट) 116862 116365 ₹497 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 916 (22 कैरेट) 107476 107019 ₹457 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 750 (18 कैरेट) 87999  87625 ₹374 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 585 (14 कैरेट) 68639 68347 ₹292 सस्ता चांदी (प्रति 1 किलो) 999  145120 145010 ₹110 सस्ती बुधवार को क्या रहा सोना-चांदी का भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, बुधवार को भी सोने के दामों में बढ़ोतरी देखी गई थी और चांदी के भाव भी बढ़ गए थे. IBJA के अनुसार, 999 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने का रेट सुबह के समय 116586 रुपये था जो शाम के समय 117332 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था. वहीं, चांदी की कीमत सुबह की तुलना में शाम को बढ़ी थी, जो सुबह 144125 से बढ़कर 145120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी.  

त्योहारी सीजन में सोने की चमक बढ़ी, 1 अक्टूबर को गोल्ड रेट में कोई गिरावट नहीं

नई दिल्ली सोने में गिरावट का इंतजार कर रहे ग्राहकों के लिए आज भी राहत की खबर नहीं आई है। फेस्टिव सीजन में सोना नया रिकॉर्ड बना रहे है और यह आम लोगों के पहुंच से दूर होता जा रहै हे। अक्टूबर माह की शुरुआत में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है। MCX पर सोना 1,17,500 रुपए प्रति 10 ग्राम जबकि चांदी की कीमत 1,43,640 रुपए प्रति किग्रा के आसपास है।  दिल्ली में सोना, चांदी के भाव नए शिखर पर राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, सोना 500 रुपए चढ़कर रिकॉर्ड 1.20 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। सोने का भाव सोमवार को 1,500 रुपए की तेजी के साथ 1,19,500 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा था।  स्थानीय सर्राफा बाजार में 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही और यह 500 रुपए की तेजी के साथ 1,19,400 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। पिछले बाजार सत्र में इसकी कीमत 1,18,900 रुपए प्रति 10 ग्राम रही थी। इसके अलावा मंगलवार को चांदी की कीमत 500 रुपए बढ़कर 1,50,500 रुपए प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) के नए शिखर पर पहुंच गई। सोमवार को यह 7,000 रुपए चढ़कर रिकॉर्ड 1,50,000 रुपए प्रति किलोग्राम रही थी।    

सोने-चांदी के रेट में रिकॉर्ड तेजी, Gold 1.16 लाख के पार, silver भी महंगी हुई — जानें ताज़ा रेट

मुंबई  त्योहारी सीजन में सोना-चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं. भारतीय सर्राफा बाजार में इस कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन आज (मंगलवार), 30 सितंबर 2025 को सोना-चांदी के भाव में फिर बढ़ोतरी देखने को मिली है. सोने की कीमत 1 लाख 16 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई है. वहीं, चांदी का रेट 1 लाख 45 हजार रुपये प्रति किलो से अधिक है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (India Bullion And Jewellers Association) के मुताबिक,सोमवार, 29 सितंबर की शाम को 916 शुद्धता यानी 22 कैरेट गोल्ड का रेट (Gold Rate) 105756 रुपये प्रति 10 ग्राम था जो आज, 30 सितंबर की सुबह बढ़ोतरी के साथ 107083 रुपये तक आ गया है. इसी तरह शुद्धता के आधार पर सोना महंगा हुआ है और चांदी की कीमत में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए रेट पूरे देश में सर्वमान्य हैं लेकिन इसकी कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होती है. बता दें कि गहने खरीदते समय सोने या चांदी के दाम टैक्स समेत होने की वजह से ज्यादा होते हैं. Gold Price Today 30 September: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट   शुद्धता सोमवार शाम का रेट मंगलवार सुबह का रेट कितना सस्ता या महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 999 (24 कैरेट) 115454 116903 1449 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 995 (23 कैरेट) 114992 116435 1443 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 916 (22 कैरेट) 105756 107083 1327 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 750 (18 कैरेट) 86591  87677 1086 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 585 (14 कैरेट) 67541 68388 847 रुपये महंगा चांदी (प्रति 1 किलो) 999  144387 145060 673 रुपये महंगी सोमवार को क्या रहा सोना-चांदी का भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (India Bullion And Jewellers Association) के मुताबिक, सोमवार को भी सोने के दामों में बढ़ोतरी देखी गई थी और चांदी के भाव भी बढ़ गए थे. IBJA के अनुसार, 999 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने का रेट 115292 रुपये था जो शाम के समय 115454 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था. वहीं, चांदी की कीमत 144100 से बढ़कर 144387 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी. ibja की ओर से केंद्रीय सरकार द्वारा द्वारा घोषित रेट शनिवार और रविवार के साथ-साथ केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. ये सभी रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के पहले के हैं.

सोना 94% और चांदी 180% महंगी, हरियाणा के बाजार में 40% तक घटे ज्वेलरी ऑर्डर

चंडीगढ़  दो साल में सोने के दाम 94 फीसदी और चांदी के दाम 180 फीसदी की बढ़ोत्तरी होने से हरियाणा के सर्राफा बाजार में मंदी नजर आने लगी है। ज्वेलर्स के मुताबिक सोना-चांदी कारोबार में 40 फीसदी की कमी आई है। हरियाणा में धनतेरस पर सर्राफा बाजार में एक हजार करोड़ रुपये का व्यापार अनुमानित है। हरियाणा अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा ने बताया कि इस बार कारोबार पर ऐसी मार है कि कारीगरों की नौकरी संकट में है। पहले भारी और डिजाइनर गहनें बनवाने वाले लोग पितृपक्ष से ऑर्डर करने लगते थे और नवरात्रि में ऑर्डर की धूम मच जाती थी। इस बार स्थिति एकदम उलट है, पितृपक्ष से पहले हर बार के मुकाबले मात्र 15 से 25 फीसदी ही ऑर्डर मिले थे। इसी तरह नवरात्रों में भी ऑर्डर कम मिल रहे हैं और ज्यादातर हल्के गहनों की मांग है। 2023 में धनतेरस पर सोना 55 हजार रुपये तोला था 2023 में धनतेरस के समय सोने का दाम 55 हजार से 58 हजार रुपये तोला था जबकि चांदी 50 हजार रुपये किलो थी। अक्तूबर 2024 में धनतेरस पर सोने का दाम 78 से 80 हजार रुपये तोला पहुंच गया है। चांदी एक लाख एक हजार रुपये किलो थी। 2025 के नवरात्रों तक ही सोने का दाम 1.13 लाख रुपये और चांदी की दाम 1.40 लाख रुपये किलो तक छू चुका है। 2024 में धनतेरस पर 1100 करोड़ का हुआ था कारोबार हरियाणा अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के मुताबिक 2024 में नवरात्र से बंपर ऑर्डर मिलने लगे थे। धनतेरस पर प्रदेश में करीब 1,100 करोड़ रुपये के सोने-चांदी की बिक्री हुई थी। इनमें 11 टन से अधिक सोना और 3,500 किलो चांदी की बिक्री हुई थी। सात जिलों में सोना और चार में चांदी की बिक्री ज्यादा हरियाणा अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा के मुताबिक राज्य के सात जिलों में सबसे ज्यादा सोने के आभूषणों की बिक्री होती है। इसमें गुरुग्राम, अंबाला, पानीपत, हिसार, सिरसा, फरीदाबाद और भिवानी हैं। वहीं, मेवात, झज्जर, नारनौल और महेंद्रगढ़ जिलों में चांदी की बिक्री ज्यादा होती हैं।

सिंगरौली में छिपा खजाना अब आएगा बाहर! एग्रीमेंट फाइनल, जल्द शुरू होगा गोल्ड एक्सट्रैक्शन

 सिंगरौली  मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में कोयले और बिजली उत्पादन के बाद अब सोने का भी उत्खनन होगा. चितरंगी इलाके में 23 हेक्टेयर भूमि से 18 हजार 356 टन सोना निकाला जाएगा. गोल्ड ब्लॉक का एग्रीमेंट हो चुका है और जल्द ही यहां सोना निकालने का काम शुरू हो जाएगा. जिला खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने बताया कि चकरिया गोल्ड ब्लॉक के लिए एग्रीमेंट हो चुका है. कंपनी 5 साल तक यहां गोल्ड माइंस चलाएगी. इसके बाद यहां से कुल 18 हजार 356 टन सोना निकलेगा. पिछले एक साल से कंपनी ने यहां ड्रिलिंग करके सोने का रेशियो पता कर लिया है.  1.33 लाख टन स्वर्ण भंडार का अनुमान सोने के भंडार के खनन के लिए नीलामी प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है. चकरिया गोल्ड ब्लाॅक का ई-नीलामी के जरिए प्रक्रिया को पूरा किया जा चुका है. चकरिया गोल्ड ब्लाॅक 23.57 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है. इस ब्लॅक में थोड़ा बहुत नहीं, बल्कि 1 लाख 33 हजार 785 टन सोने के भंडार का अनुमान लगाया गया है. अनुमान है कि इसके खनन से 1 लाख 76 हजार 600 ग्राम सोने की रिकवरी हो सकती है. सोने के खनन के लिए खनिज विभाग ने सभी जरूरी वैधानिक अनुमतियां भी प्राप्त कर ली हैं. 4 दूसरे गोल्ड ब्लाॅक की हो चुकी नीलामी मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने कहा कि, ''प्रदेश में सोने और दूसरे खनिज के मामले में जबरदस्त संभावनाएं मौजूद हैं. इसको लेकर लगातार खोज की जा रही है. इसी का ही नतीजा है कि कटनी और सिंगरौली में खनिजों को लेकर सकरात्मक संकेत मिले हैं. प्रदेश में अभी तक 4 दूसरे गोल्ड ब्लाॅक की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं. इनमें गुहर पहाड़, इमलिया, ईस्टर्न एक्सटेंशन आफ सोनकुरवा और अम्लीय वाह हैं. प्रदेश के प्रयासों और केन्द्र के सहयोग से मध्य प्रदेश खनिज के क्षेत्र में तेजी से उभरा है और देश-विदेश के निवेशकों का ध्यान मध्य प्रदेश ने खींचा है.'' मुख्यमंत्री बोले- प्रदेश में स्वर्ण खनिज में जबरदस्त संभावना मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने स्वर्ण खनन की दिशा में एक कदम आगे बढ़ने को लेकर कहा कि, ''प्रदेश में सोने और दूसरे खनिज के मामले में जबरदस्त संभावनाएं मौजूद हैं. इससे मध्य प्रदेश के आर्थिक विकास में नए पंख लगेंगे. खनिज साधन के अलावा मध्य प्रदेश कई दूसरे औद्योगिक क्षेत्र में भी लगातार आगे बढ़ रहा है. खास तौर से रिफाइनिंग, लाॅजिस्टिक सहित दूसरे उद्योगों में निवेश आए और प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को और मजबूरी मिलेगी.'' 2 वर्षों में कंपनी माइंस के डेवलपमेंट का करेगी काम जिला खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल बताती हैं कि, ''इस गोल्ड ब्लॉक की नीलामी के बाद एग्रीमेंट की जो प्रक्रिया है वह पूरी कर ली गई है और गरिमा नेचुरल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को लीज दे दी गई है. जल्द ही कंपनी काम शुरू करेगी और 18356 टन सोने के उत्पादन का जो लक्ष्य रखा गया है उस पर काम करना शुरू करेगी. पहले 2 वर्षों में कंपनी माइंस के डेवलपमेंट का काम करेगी, उसके बाद कंपनी आगामी तीन वर्षों में सोना उत्पादन का कार्य करेगी.'' उन्होंने यह भी कहा कि, ''इस गोल्ड माइंस के आने से सरकार को जाने वाले राजस्व में बढ़ोतरी होगी और राजस्व का जो लक्ष्य है वह बड़ा बनेगा. यह देश के विकास में अहम योगदान के साथ-साथ जिले का भी विकास होगा.'' अधिकारी ने बताया कि इस गोल्ड माइंस का रकबा बहुत बड़ा हिस्सा शासकीय जमीन का है और कुछ हिस्सा निजी भूमि का है. सिंगरौली जिले में पहले से ही कोयले की 11 खदानें चल रही हैं. इसके अलावा, अब सोने का उत्खनन भी होगा. यह सिंगरौली के लिए गौरव की बात है.  उन्होंने यह भी बताया कि अभी इस गोल्ड माइंस के अलावा दो और गोल्ड ब्लॉक बनाए गए हैं. उनकी नीलामी हो चुकी है. अभी उनमें ड्रिलिंग का काम चल रहा है. उसके बाद पता चलेगा कि बाकी की दो अन्य खदानों में कितना सोना निकलेगा? फिलहाल कोयला और बिजली उत्पादन के बाद अब सिंगरौली की धरती सोना उगलेगी.

रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद सोने की कीमतें लुढ़कीं, चांदी में भी आई गिरावट

मुंबई  गोल्ड ज्वेलरी खरीदने वालों को आज राहत मिली है। बुधवार (17 सितंबर) को सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। रिकॉर्ड हाई बनाने के बाद दोनों कीमती धातुओं के दाम लुढ़के हैं। MCX पर 10 ग्राम सोने का भाव 1,09,749 रुपए पर है। चांदी की कीमत में भी 1.07 फीसदी की गिरावट आई है, ये 1,27,437 रुपए प्रति किग्रा पर है। सोना रिकॉर्ड 1.15 लाख के पार, चांदी भी नए शिखर पर मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 1,800 रुपए उछलकर 1,15,100 रुपए प्रति 10 ग्राम के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, इसके अलावा 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,800 रुपये बढ़कर 1,14,600 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गयी। स्थानीय सर्राफा बाजार में, पिछले कारोबारी सत्र में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 500-500 रुपए गिरकर क्रमशः 1,13,300 रुपए और 1,12,800 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।  एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटीज) सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘कमजोरर डॉलर और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर कटौती की बढ़ती उम्मीदों के चलते मंगलवार को सोना एक और रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। डॉलर सूचकांक दस हफ्तों के निचले स्तर पर आ गया है, जिससे कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी को बल मिल रहा है।'' इसके अलावा, मंगलवार को चांदी 570 रुपए चढ़कर 1,32,870 रुपए प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। सोमवार को चांदी 1,32,300 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।  

सस्ता होगा सोना? जानिए क्यों US फेड की बैठक बन सकती है गेमचेंजर

नई दिल्‍ली  सोने की चमक ने सबको चकाचौंध कर रखा है। इसने एक साल में ताबड़तोड़ तेजी दर्ज की है। इस दौरान यह करीब 53% तक चढ़ा है। दूसरे किसी भी एसेट क्‍लास में ऐसी बंपर तेजी देखने को नहीं मिली है। हालांकि, 17 सितंबर से पहले सोने की कीमतों में तेजी पर कुछ अंकुश लग सकता है। अगले हफ्ते बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व नीतिगत दरों पर फैसला लेने वाला है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि आगे चलकर सोने की चमक बनी रहेगी। वे टैर‍िफ के असर, ब्रिटेन और यूरो क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं के आंकड़ों और बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की बैठकों पर नजर रखेंगे। सोने की कीमतों में तेजी आई है। लेकिन, अब यह रफ्तार धीमी हो सकती है। जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रणव मेर का कहना है कि निवेशक अब सतर्क हो गए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में सोने के दाम काफी बढ़ गए हैं। इसलिए, वे अब और ज्यादा पैसा लगाने से डर रहे हैं। 17 सितंबर पर दुन‍िया की नजर मेर ने कहा कि पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन के युद्ध के कारण सोने के दाम बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सोने और चांदी के दाम बढ़ सकते हैं। लेकिन, निवेशकों को फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजों का इंतजार है। ऐसे में कीमतों में कुछ बदलाव हो सकता है। फेडरल रिजर्व की दो दिन की बैठक 16 सितंबर को शुरू होगी। नीतिगत फैसले की घोषणा 17 सितंबर को की जाएगी। एंजल वन के प्रथमेश माल्या ने कहा कि अमेरिका में भारतीय सामान पर 50% टैरिफ लगने और रूस-यूक्रेन के बीच लड़ाई बढ़ने से सोने के दाम में तेजी आना कोई हैरानी की बात नहीं है। सोने के दाम में तेजी क्यों आई? भू-राजनीतिक तनाव पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन में बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सोने को एक सुरक्षित निवेश मानकर इसमें पैसा लगा रहे हैं। व्यापार शुल्क (टैरिफ) अमेरिका में भारतीय सामान पर 50% टैरिफ लगने से भी सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।   आगे क्या हो सकता है? कीमतों में स्थिरता फेडरल रिजर्व के आगामी फैसले तक सोने के दाम स्थिर रह सकते हैं। तेजी जारी रह सकती है जानकारों के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव और अन्य वैश्विक कारकों के कारण आगे भी सोने के दाम बढ़ सकते हैं।   निवेशकों को क्या करना चाहिए? सतर्क रहें सोने में निवेश करते समय सावधानी बरतें और बाज़ार के उतार-चढ़ाव पर नज़र रखें। फेडरल रिजर्व के फैसले का इंतजार करें कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले फेडरल रिजर्व के 17 सितंबर के फैसले का इंतजार करें, क्योंकि यह सोने के भविष्य के दाम तय कर सकता है। प्रणव मेर ने कहा, 'सोने की कीमतों में सकारात्मक रफ्तार जारी रही और यह लगातार चौथे सप्ताह बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, सप्ताह के मध्य में बढ़त की रफ्तार कुछ धीमी हो गई। पिछले चार हफ्तों में कीमतों में 10 फीसदी से ज्‍यादा की बढ़ोतरी के बाद निवेशक और कारोबारी अब सतर्क हो गए हैं। मौजूदा कीमतों पर नए तेजी के सौदे जोड़ने से हिचक रहे हैं।'    

सोने ने रचा इतिहास: 61 साल में पहुँचा ₹113,736.75 तक, जानें साल-दर-साल रेट

मुंबई  सोने की खरीद करने वालों के लिए एक बहुत ही महत्पूर्ण जानकारी है. वह यह है कि 31 दिसंबर 2024 के बाद साल 2025 की शुरुआत से लेकर 12 सितंबर 2025 तक देश के सर्राफा बाजारों में सोना रिकॉर्ड की झड़ी लगाते हुए करीब 34,850 रुपये या 44.14% तक महंगा हो गया है. साल 2025 में अब तक इसकी कीमतों में उछाल आने के पीछे कई कारकों को अहम माना जा रहा है. इनमें वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिकी टैरिफ नीतियां, कमजोर डॉलर, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती की उम्मीदों और भारत में त्योहारी मांग प्रमुख हैं. सबसे अहम बात यह है कि सोने की चिड़िया कहे जाने वाले भारत में आज से करीब 60 साल पहले 1964 में सोने की कीमत जानकर आप माथा पकड़कर बैठ जाएंगे, क्योंकि उस समय इसकी कीमत मात्र 63.25 रुपये प्रति 10 ग्राम था. इन 60 सालों के दौरान सोने की कीमतों आई उछाल का मूल्यांकन करेंगे, उस समय से अब तक इसकी कीमत में करीब 1798 गुना बढ़कर 1,13,800 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है. इसका मतलब यह है कि आज के 60 साल पहले वर्ष 1964 में जिस व्यक्ति ने 100 सोना खरीदकर रख लिया होगा, आज वह करोड़पति हो गया होगा. आइए, टाइमलाइन के माध्यम से जानते हैं कि साल 2025 में सोने की कीमत ने कब-कब रिकॉर्ड बनाया और साल 1964 से लेकर 12 सितंबर 2025 तक साल-दर-साल सोना कैसे महंगा होता चला गया? 2025 में किन कारणों से सोना हुआ महंगा     वैश्विक स्तर पर: गोल्ड का अंतरराष्ट्रीय भाव 3,500 डॉलर प्रति औंस को पार कर 3,674 डॉलर तक पहुंचा, जो ट्रंप की टैरिफ नीतियों और भू-राजनीतिक तनावों से प्रेरित है.     भारतीय बाजार में: कमजोर रुपये (88.16 तक गिरावट), सेंट्रल बैंक खरीदारी (आरबीआई ने 2025 में 72.6 टन सोना जोड़ा) और त्योहारी सीजन की मांग से सोना महंगा हुआ.     उपभोग का प्रभाव: भारत में 2025 का गोल्ड उपभोग 600-700 टन अनुमानित है, लेकिन ऊंची कीमतों से ज्वेलरी डिमांड 10% घट गई. 2025 में सोने की कीमतों ने कब-कब बनाया नया रिकॉर्ड वर्ष 2025 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमतों में भारी उछाल आया है. 31 दिसंबर 2024 को सोने का भाव 78,950 रुपये प्रति 10 ग्राम था, यानी इस साल अब तक 34,850 रुपये या 44.14% की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है.        31 दिसंबर 2024: 78,950 रुपये प्रति 10 ग्राम     16 अप्रैल 2025: 94,579 रुपये प्रति 10 ग्राम     17 अप्रैल 2025: 97,310 रुपये प्रति 10 ग्राम     18 अप्रैल 2025: 97,580 रुपये प्रति 10 ग्राम     22 अप्रैल 2025: 1,01,350 रुपये प्रति 10 ग्राम     30 अप्रैल 2025: 1,02,000 रुपये प्रति 10 ग्राम     23 जुलाई 2025: 1,00,510 रुपये प्रति 10 ग्राम     7 अगस्त 2025: 101,470 रुपये प्रति 10 ग्राम     8 अगस्त 2025: 101,900 रुपये प्रति 10 ग्राम     29 अगस्त 2025: 1,02,490 रुपये प्रति 10 ग्राम     2 सितंबर 2025: 1,06,140 रुपये प्रति 10 ग्राम     3 सितंबर 2025: 1,08,000 रुपये प्रति 10 ग्राम     9 सितंबर 2025: 1,12,750 रुपये प्रति 10 ग्राम     10 सितंबर 2025: 1,10,000 रुपये प्रति 10 ग्राम     11 सितंबर 2025: 1,13,100 रुपये प्रति 10 ग्राम     12 सितंबर 2025: 1,13,800 रुपये प्रति 10 ग्राम स्रोत: दिल्ली एमसीएक्स 61 साल में 113,736.75 रुपये महंगा हो गया सोना आपको बता दें कि साल 1964 में जब गुलजारी लाल नंदा और लाल बहादुर शास्त्री देश के प्रधानमंत्री थे, तब भारत के सर्राफा बाजारों में सोने की कीमत करीब 63.25 रुपये प्रति 10 ग्राम थी. आज करीब 61 साल बाद 12 सितंबर 2025 तक देश के सर्राफा बाजारों में इसकी कीमत 1,13,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई है. इन 61 सालों में सोना करीब 113,736.75 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया है. 1964 से 2025 तक सोने का भाव     1964: 63.25 रुपये प्रति 10 ग्राम     1965: 71.75 रुपये प्रति 10 ग्राम     1966: 83.75 रुपये प्रति 10 ग्राम     1967: 102.50 रुपये प्रति 10 ग्राम     1968: 162.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1969: 176.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1970: 184.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1971: 193.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1972: 202.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1973: 278.50 रुपये प्रति 10 ग्राम     1974: 506.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1975: 540.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1976: 432.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1977: 486.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1978: 685.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1979: 937.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1980: 1,330.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1981: 1670.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1982: 1,645.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1983: 1,800.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1984: 1,970.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1985: 2,130.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1986: 2,140.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1987: 2,570.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1988: 3,130.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1989: 3,140.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1990: 3,200.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1991: 3,466.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1992: 4,334.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1993: 4,140.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1994: 4,598.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1995: 4,680.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1996: 5,160.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1997: 4,725.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1998: 4,045.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1999: 4,234.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2000: 4,400.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2001: 4,300.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2002: 4,990.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2003: 5,600.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2004: 5,850.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2005: 7,000.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2007: 10,800.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2008: 12,500.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2009: 14,500.00 रुपये … Read more

बदलते दौर में बदलती शादियां: दिखावे से हटकर अब प्रैक्टिकल अप्रोच, परिवार अपनाएंगे ये रास्ता?

इंदौर  बिटिया की शादी, सोना खरीदना है… ये हर माता-पिता की चाहत होती है, और यही भारतीय परंपरा भी है. लेकिन अब कुछ ऐसे माता-पिता भी हैं, जो कह रहे हैं कि बिना गहनों के कैसे बिटिया को विदा करेंगे? भारतीय शादी में श्रृंगार का अहम स्थान है, और उसमें सोने की ज्वेलरी सबसे ऊपर है. दुल्हन के श्रृंगार से लेकर वर-वधू के परिवारों की शान तक, हर जगह सोना ही मुख्य आकर्षण होता है. यही कारण है कि सोने के बिना भारतीय शादी की कल्पना अधूरी-सी लगती है.  हालांकि शादी में मिले सोने-चांदी को संजोकर रखना भी हमारी परंपरा रही है, जो एक तरह से सुरक्षित निवेश भी है. परंपरा के अनुसार, दुल्हन को विवाह के समय सोने के गहने देना न सिर्फ उसकी सुंदरता को बढ़ाने के लिए होता है, बल्कि यह उसके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का भी संकेत है.  दरअसल, मौजूदा समय में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं, लेकिन इस साल शादी का सीजन कई परिवारों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है, क्योंकि इस वक्त सोना न सिर्फ महंगा हुआ है, बल्कि लगातार बढ़ती कीमतों ने उन परिवारों को सोचने पर मजबूर कर दिया है, जिनके यहां इस साल शादी है.  एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए शादी का बजट सीमित होता है. इस बदले हुए दौर में लोग ज्वेलरी के अलावा डेकोरेशन, फोटोग्राफी और हनीमून पैकेज जैसी चीजों पर खर्च कर रहे हैं. खासकर शहरों में युवाओं की सोच बदल रही है. ऐसे में शादी का बजट बिगड़ता जा रहा है और सोने का भाव भी बढ़ता जा रहा है.  सबसे ज्यादा चिंता उन परिवारों को है, जिनके यहां इस साल शादी है, क्योंकि पिछले एक साल में सोना करीब 46-47% महंगा हो चुका है. जबकि इसी साल यानी 2025 में ही सोने की कीमत करीब 40 फीसदी बढ़ चुकी है. एक साल पहले 24K कैरेट 10 ग्राम गोल्ड की कीमत करीब 75 हजार रुपये थी, जो बढ़कर 1,10,000 रुपये को पार कर चुकी है.  एक साल में सोने की  कितनी बढ़ी है (24 कैरेट)  सितंबर-2024         सितंबर- 2025 ₹75,930         ₹1,11,280 यानी एक साल में 10 ग्राम सोने की कीमत में 35000 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है.  आमतौर पर एक मध्यवर्गीय परिवार शादी में 5 से 10 लाख रुपये खर्च करता है, एक अनुमान 5 लाख रुपये खर्च करने वाला परिवार कम से कम 20 ग्राम सोना खरीदता था, जो करीब 1.50 लाख रुपये में आ जाता था. लेकिन इस साल शादी में 5 लाख खर्च करने वाला परिवार परेशान है, वो सोच रहे हैं कि अब कितने का सोना खरीदें, क्योंकि सोना हर रोज महंगा हो रहा है, और बजट से भी बाहर हो रहा है. भारत में शादी को लेकर परंपरा और दिखावे का दबाव हमेशा रहा है. ऐसी स्थिति बिना गहनों की शादी भी नहीं हो सकती. 10 लाख रुपये तक शादी में खर्च करने वाले पहले 40 ग्राम सोना खरीदते थे, जो कि करीब 3 लाख रुपये में आज जाता था, अब इस साल 10 लाख रुपये शादी में खर्च करने वाले केवल 20 ग्राम ही सोना खरीद सकता है, क्योंकि 40 ग्राम खरीदने पर बजट बिगड़ जाएगा.  सोना महंगा होने पर अब क्या विकल्प?    सोने की कीमतों में उछाल का सीधा असर ज्वेलरी बाजार पर भी दिख रहा है. ज्वेलर्स की बिक्री में गिरावट आई है और कई दुकानदार किस्तों पर गहने देने की योजना ला रहे हैं. जानकार भी कह रहे हैं कि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले महीनों में ज्वेलरी इंडस्ट्री को बड़ा झटका लग सकता है.  हालांकि सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद अब लोग परंपरा निभाने के लिए नए विकल्प तलाश रहे हैं. शादी-ब्याह और त्योहारों में गहनों का महत्व बना रहता है, लेकिन बढ़ते दामों ने लोगों की पसंद और रणनीति दोनों बदल दी है.  1. हल्की और मिनिमल ज्वेलरी भारी नेकलेस और कंगन की जगह अब लोग हल्के डिजाइन चुन रहे हैं. छोटे चेन, स्लीक रिंग्स और मिनिमल ब्रेसलेट्स की डिमांड बढ़ी है. इससे सोना भी खरीदा जाता है और बजट पर बोझ भी कम पड़ता है. 2. 18 कैरेट और 14 कैरेट गोल्ड पहले लोग ज्यादातर 22 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड खरीदते थे, लेकिन अब 18K और 14K के गहने बनवा रहे हैं. इससे सोना सस्ता भी पड़ रहा है और फैशनेबल डिजाइनों की भी बड़ी रेंज मिलती है. 3. गोल्ड प्लेटेड और इमीटेशन ज्वेलरी खासकर शादी या फंक्शन के लिए, कई परिवार अब गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी या फिर हाई क्वालिटी वाली इमीटेशन ज्वेलरी ले रहे हैं. दिखने में ये लगभग असली सोने जैसी लगती हैं और खर्च काफी कम आता है. यानी बजट में होता है.  4. सिल्वर और प्लैटिनम सोने के विकल्प के तौर पर लोग अब सिल्वर और प्लैटिनम ज्वेलरी की तरफ रुख कर रहे हैं.. खासकर शहरी युवाओं में यह चलन बढ़ा है, क्योंकि यह आधुनिक लुक देता है और वैल्यू भी बनाए रखता है.