samacharsecretary.com

शुक्रवार को गोरखनाथ रोड पर नए ओवरब्रिज का लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री

गोरखपुर,  गोरखपुर में यातायात सुगमता के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों बड़ी सौगात मिलने जा रही है। नाथपंथ के विश्व विख्यात गोरखनाथ मंदिर और सोनौली मार्ग होते हुए नेपाल तक की कनेक्टिविटी वाले धर्मशाला-गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर नए गोरखनाथ ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा गया है। इस नवनिर्मित ओवरब्रिज का लोकार्पण मुख्यमंत्री शुक्रवार (19 दिसंबर) को करेंगे। धर्मशाला-गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर पड़ने वाले लखनऊ-गोरखपुर रेलमार्ग के डोमिनगढ़ व गोरखपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन के मध्य क्रॉसिंग संख्या 162ए पर एक ओवरब्रिज पहले से है। इस पर ट्रैफिक लोड बढ़ने के कारण सीएम योगी के निर्देश पर मौजूद ओवरब्रिज के समानांतर एक और ओवरब्रिज बनवाया गया है। इसके निर्माण पर 137.83 करोड़ रुपये की लागत आई है। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश सेतु निगम के महाप्रबंधक मिथिलेश कुमार के अनुसार दो लेन के नए ओवरब्रिज की कुल लंबाई 600.653 मीटर और चौड़ाई 7.50 मीटर है। इसमें रेलवे भाग की लंबाई 76 मीटर है। गोरखनाथ मंदिर मार्ग शहर के व्यस्ततम मार्गों में से एक है। नए ओवरब्रिज पर आवागमन शुरू होते ही गोरखनाथ की तरफ आने वाले वाहनों को पुराने ओवरब्रिज पर नहीं जाना होगा। आने-जाने के लिए अलग-अलग ओवरब्रिज होने से जाम भी नहीं लगेगा। खिचड़ी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को होगी सहूलियत गोरखनाथ मंदिर मार्ग पर दो ओवरब्रिज हो जाने से शहर के उत्तर पश्चिम क्षेत्र में आने-जाने वालों, सोनौली रोड आने-जाने वाले लोगों की यात्रा काफी सुविधाजनक हो जाएगी। इसके अलावा मकर संक्रांति से शुरू होकर एक माह तक लगने वाले गोरखनाथ मंदिर के खिचड़ी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को भी आवागमन की बड़ी सहूलियत मिल जाएगी। व्यू कटर से खास बना नया ओवरब्रिज नया गोरखनाथ ओवरब्रिज शहर में पहले से मौजूद ओवरब्रिज से विशेष है। इसके दोनों किनारों पर व्यू कटर भी लगाया गया है। इससे ओवरब्रिज के समीप के घरों की निजता बनी रहेगी और उन्हें वाहनों की आवाज भी कमतर सुनाई देगी।

गोरखपुर से मुख्यमंत्री योगी करेंगे स्वदेशी मेलों का भव्य शुभारंभ

  शहर के व्यवसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और उपयुक्त स्थलों पर किया जा रहा है दस दिवसीय स्वदेशी मेलों का आयोजन, सुगमता से पहुंच सकेंगे आमजन प्रदेशभर में जनपद स्तर पर हो रहा स्वदेशी मेलों का आयोजन, स्थानीय उत्पादकों, स्वयं सहायता समूहों और उद्योग विभाग की योजनाओं को मिल रहा व्यापक मंच जीएसटी बचत उत्सव के रूप में भी मनाए जाएंगे मेले, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और युवाओं की भागीदारी से बढ़ेगी उत्सव की गरिमा लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गोरखपुर से स्वदेशी मेले का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। स्वदेशी मेले का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देना, उद्योगों को बढ़ावा देना और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। हालांकि, कई जनपदों में गुरुवार को ही स्वदेशी मेले की अनौपचारिक शुरुआत हो गई है। हालांकि, इसकी औपचारिक शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा शुक्रवार को की जाएगी। दस दिवसीय स्वदेशी मेलों का आयोजन शहर के व्यवसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और उपयुक्त स्थलों पर किया जा रहा है, ताकि आम जनता सुगमता से पहुंच सके और सक्रिय रूप से सहभागिता कर सके। उल्लेखनीय है कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 के अंतर्गत जनपद स्तर पर स्वदेशी मेलों के आयोजन के निर्देश जारी किए गए हैं। आयोजन के दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री समेत अन्य जनपद प्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया गया है। प्रत्येक जनपद के उपायुक्त उद्योग नोडल अधिकारी के रूप में मेले की व्यवस्था देखेंगे और जिलाधिकारी से मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए मेले की गरिमा एवं गुणवत्तापूर्ण आयोजन सुनिश्चित कर रहे हैं। उपलब्ध कराए गए निशुल्क स्टॉल स्वदेशी मेला में उद्योग विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, माटी कला बोर्ड, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग, रेशम विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, सीएम युवा, ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, पीएमईजीपी, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों, वित्त पोषित इकाईयों, स्वयं सहायता समूहों और अन्य उत्पादकों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त, पूर्व में उपलब्ध कराए गए जन उपयोगी योजनाओं/कार्यक्रमों के स्टॉल भी लगवाए गए हैं। मेले में वस्तुओं एवं सेवाओं के क्रय के लिए जेम पोर्टल का उपयोग अनिवार्य रूप से किया गया है। स्वदेशी मेले बनेंगे जीएसटी बचत उत्सव का आधार स्वदेशी मेले को जीएसटी बचत उत्सव के रूप में भी मनाया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा की गई जीएसटी दरों में कमी की जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जा रही है, ताकि वे दीपावली और अन्य अवसरों पर अपने दैनिक उपयोग की वस्तुएं खरीद सकें। कार्यक्रम को उल्लासपूर्ण और रोचक बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर संस्कृति विभाग, युवक मंगल दल, नेहरू युवा केंद्र, विभिन्न शैक्षिक एवं स्वैच्छिक संस्थाओं के समन्वय और सहयोग से सामाजिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों को मिलेगा मंच इन मेलों में स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्पियों और ग्रामीण उद्योगों को अपनी कला और उत्पाद प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में सजने वाले ये मेले दिवाली के पूर्व “वोकल फॉर लोकल” अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नई दिशा मिलेगी। प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे कारीगरों और उद्यमियों को आर्थिक सहयोग एवं बाजार से सीधा जुड़ाव दिलाना है।

गोरखपुर में रोजगार महाकुम्भ-2025, युवाओं को मुफ्त आवास-भोजन के साथ मिलेगा ₹24 हजार से ₹1.20 लाख तक का आकर्षक पैकेज

रोजगार महाकुम्भ में श्रमिक से सुपरवाइज़र तक, हर स्किल्ड युवाओं को मिलेगा मौका पारदर्शिता और निष्पक्षता से होगी भर्ती, एडमिट कार्ड पर क्यूआर कोड होगा अनिवार्य सेवायोजन विभाग ने युवाओं से की तत्काल पंजीकरण करने की अपील लखनऊ,  योगी सरकार के मिशन रोजगार के तहत प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ में तीन दिवसीय रोजगार महाकुम्भ के बाद अब सेवायोजन विभाग द्वारा गोरखपुर में आगामी 14 से 15 अक्टूबर तक मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 'रोजगार महाकुम्भ-2025' का आयोजन किया जा रहा है। इस मेगा जॉब फेयर के माध्यम से यूएई और ओमान जैसे देशों में कंस्ट्रक्शन और अन्य क्षेत्रों में 10,855 रिक्तियों के लिए विभिन्न पदों पर भर्तियां की जाएंगी, जिसमें मासिक वेतन 24,000 रुपये से लेकर 1,20,769 रुपये तक निर्धारित किया गया है। योगी सरकार की यह पहल न केवल बेरोजगारी को कम करेगी, बल्कि रेमिटेंस के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। गोरखपुर में आयोजित यह रोजगार महाकुम्भ पूर्वांचल के युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा, जो अपने कौशल को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर पाएंगे। सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करते हुए हर युवा को रोजगार के योग्य बनाना है। बता दें कि अगस्त महीने में लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय रोजगार महाकुम्भ 2025 में 10 हजार युवाओं को देश व विदेश में रोजगार के अवसर प्रदान किये जाने का लक्ष्य था, परन्तु इस महाकुम्भ में कुल 16897 युवाओं को विभिन्न संस्थानों एवं कम्पनियों के माध्यम से चयन किया गया है। योगी सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पर प्रदान कर रही है। गोरखपुर में लगने वाले रोजगार महाकुम्भ में विभिन्न क्षेत्रों में कुल 10,855 रिक्तियों पर भर्तियां की जाएंगी। इसमें निर्माण श्रमिकों, सुपरवाइजर्स, ड्राइवर्स और कार्पेंटर्स जैसे कुशल व अकुशल पदों पर भर्ती का विशेष जोर रहेगा। प्रमुख पदों में शामिल हैं- •    कंस्ट्रक्शन वर्कर्स सहित सुपरवाइजर रिगिंग: 6 पद (यूएई व ओमान), वेतनमान 1,20,760 रुपये प्रतिमाह। •    मोबाइल पंप ऑपरेटर: 50 पद, वेतनमान 90,643 रुपये प्रतिमाह। •    ट्रांजिट मिक्सर ड्राइवर (यूएई): 50 पद, वेतनमान 72,514 रुपये प्रतिमाह। •    फोरमैन सिविल: 15 पद, वेतनमान 66,422 रुपये प्रतिमाह। •    हैवी ट्रक ड्राइवर (यूएई): 50 पद, वेतनमान 58,011 रुपये प्रतिमाह। •    हैवी बस चालक (यूएई लाइसेंस): 50 पद, वेतनमान 53,177 रुपये प्रतिमाह। •    शटरिंग कार्पेंटर: 1,000 पद, वेतनमान 28,800 रुपये प्रतिमाह। •    कंस्ट्रक्शन हेल्पर: 4,500 पद, वेतनमान 24,000 रुपये प्रतिमाह। सेवायोजन विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए सभी रिक्तियों का विवरण अपने आधिकारिक पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in पर अपलोड किया है। इच्छुक अभ्यर्थी इस पोर्टल पर पंजीकरण और आवेदन कर सकते हैं। साक्षात्कार के लिए चयनित उम्मीदवारों को क्यूआर कोड लिंक्ड एडमिट कार्ड डाउनलोड करना जरूरी होगा। यह डिजिटल व्यवस्था न केवल प्रक्रिया को सुगम बनाएगी, बल्कि पारदर्शिता और निष्पक्षता भी सुनिश्चित करेगी। रोजगार महाकुम्भ में भाग लेने के लिए सेवायोजन विभाग ने युवाओं से तत्काल पंजीकरण करने की अपील की है। सेवायोजन विभाग के अपर निदेशक पीके पुन्डीर ने बताया कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए न केवल रोजगार का सुनहरा अवसर है, बल्कि वैश्विक स्तर पर उनकी पहचान स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।