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कर्मचारियों को तोहफ़ा: अब रोटी-कपड़ा-मकान के साथ डिजिटल खर्च भी होगा न्यूनतम वेतन में शामिल

नई दिल्ली  सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का आधार अब बदल सकता है। 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी यूनियनों ने एक अहम मांग रखी है। न्यूनतम वेतन तय करते समय मोबाइल रिचार्ज, इंटरनेट डेटा और वाई-फाई जैसे डिजिटल खर्च अपनी गणना में शामिल किए जाएं। उनका कहना है कि आज के समय में डिजिटल सेवाएं जरूरत बन चुकी हैं और इन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता। यूनियनों की दलील रोटी, कपड़ा, मकान काफी नहीं डिजिटल खर्च भी जरूरी कर्मचारी संगठनों ने आयोग को भेजे सुझाव में कहा कि आज सरकारी दफ्तरों से लेकर घर के काम तक सब मोबाइल और इंटरनेट पर निर्भर हैं। सरकारी ऐप्स, ऑनलाइन फॉर्म, डिजिटल पेमेंट, ई-ऑफिस इन सबके लिए डेटा और फोन अनिवार्य हो चुके हैं। अब तक न्यूनतम वेतन की गणना में सिर्फ ये चीजें शामिल होती थीं: भोजन  कपड़े मकान बिजली-पानी बच्चों की शिक्षा साधारण मनोरंजन लेकिन यूनियनों का दावा है डिजिटल भारत के दौर में मोबाइल, डेटा पैक और इंटरनेट भी बुनियादी जरूरतों की लिस्ट में शामिल होना चाहिए। नया प्रस्ताव परिवार की पूरी जरूरत के आधार पर सैलरी तय हो राष्ट्रीय परिषद–जेसीएम (स्टाफ साइड) ने सुझाव दिया है कि न्यूनतम वेतन तय करते समय यह देखा जाए कि: एक वयस्क को रोज कितनी कैलोरी की जरूरत होती है पति-पत्नी और दो बच्चों के परिवार के खर्च पूरे हों कपड़ों, जूतों-चप्पलों और त्योहार/सामाजिक अवसरों पर होने वाले खर्च का भी हिसाब जोड़ा जाए  सबसे ज़रूरी मोबाइल बिल, इंटरनेट सब्सक्रिप्शन, डेटा पैक और ओटीटी जैसी डिजिटल सेवाओं को भी लागत में शामिल किया जाए उनका कहना है कि यह आज की वास्तविक जीवन लागत का हिस्सा है, इसलिए इसे नज़रअंदाज़ करना गलत होगा। 7वें वेतन आयोग से क्या है फर्क? 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये तय किया गया था। यह 1957 के पुराने भारतीय श्रम सम्मेलन के फॉर्मूले पर आधारित था, जिसमें डिजिटल खर्चों का कोई उल्लेख नहीं था। उस समय मोबाइल और इंटरनेट आम जरूरत नहीं थे। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है— ऑनलाइन क्लासेज़ डिजिटल पेमेंट सरकारी ऐप स्मार्टफोन पर आधारित दफ्तर का काम इन सबने मोबाइल और इंटरनेट को दैनिक जरूरत बना दिया है। यूनियन का कहना है कि अगर इन खर्चों को शामिल किया गया तो न्यूनतम सैलरी में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है। 8वें वेतन आयोग से बढ़ सकती है सैलरी? जानकारों के मुताबिक, डिजिटल खर्च जुड़ने पर न्यूनतम वेतन में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी संभव है। फिटमेंट फैक्टर भी बढ़ सकता है, जिससे बेसिक और कुल सैलरी दोनों पर असर पड़ेगा।  8वां वेतन आयोग बना चुकी है। यह अपनी विस्तृत रिपोर्ट 2026–27 तक पेश करेगा। कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार आयोग आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई गणना प्रणाली बनाएगा।  

अब नहीं चलेगी मनमानी छुट्टी! पंजाब में अफसरों को मंजूरी लेना होगा अनिवार्य

खमाणों  डिप्टी कमिश्नर डॉ. सोना थिंद ने शहीदी सभा के अग्रिम प्रबंधों को लेकर बचत भवन में अधिकारियों के साथ बैठक की और दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह और माता गुजरी जी की बेमिसाल शहादत को समर्पित शहीदी सभा के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, इसलिए विभाग द्वारा किए जाने वाले सभी प्रबंध समय पर पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी पर्व को समर्पित भव्य धार्मिक यात्रा 21 नवंबर को जिला फतेहगढ़ साहिब की सीमा में प्रवेश करेगी, जिसके मद्देनजर जरूरी प्रबंध जल्द पूरे कर लिए जाएं। बैठक के दौरान उन्होंने पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, नगर परिषद, लोक निर्माण विभाग, मंडी बोर्ड, जन स्वास्थ्य, स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न विभागों द्वारा निभाई जाने वाली जिम्मेदारियों के बारे में निर्देश दिए। डीसी ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मिनी बसें, ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध करवाने, एंबुलेंस की तैनाती, मेडिकल टीमों का गठन, अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था, साफ-सफाई, संपर्क सड़कों की मरम्मत प्रक्रिया में तेजी लाने सहित अन्य प्रबंधों के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि दिसंबर माह में कोई भी अधिकारी उनकी मंजूरी के बिना छुट्टी नहीं लेगा। उन्होंने ए.डी.सी. विकास को जिला प्रशासनिक परिसर में लगने वाली प्रदर्शनियों के लिए उचित प्रबंध करने और शहर में प्रवेश के लिए बनाए गए गेटों की आवश्यक सजावट करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान ए.डी.सी. (अतिरिक्त कार्यभार) अरविंद गुप्ता, ए.डी.सी. विकास सुरिंदर सिंह धालीवाल, एस.डी.एम. चेतन बांगड़, एस.डी.एम. हरवीर कौर, मुख्यमंत्री के फील्ड अधिकारी शंकर शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी करुण गुप्ता, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जसप्रीत कौर सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।