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एडीए बोर्ड बैठक: जूता मंडी और ग्रेटर आगरा में तय हुई नई दरें, बड़े फैसले पास

आगरा आगरा विकास प्राधिकरण की 152वीं बोर्ड बैठक में बुधवार को ग्रेटर आगरा और जूता मंडी में भूमि की दरों पर मुहर लगाई गई। ग्रेटर आगरा में आवासीय भूखंड 33 हजार रुपये और जूता मंडी में भूतल पर 78 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मिल सकेंगे। इसके अलावा एडीए की सीमा में 98 नए गांवों को भी शामिल किया जाने का फैसला हुआ। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में एडीए बोर्ड बैठक में बुधवार को कई अहम फैसले हुए। ग्रेटर आगरा और जूता मंडी के अलावा ताजनगरी फेज-2 के जर्जर ईडब्ल्यूएस आवासों को गिराने और आवंटियों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का निर्णय हुआ। वहीं, इनर रिंग रोड के टोल प्लाजा को मानसून से पहले चालू करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में शहर के विकास, सीमा विस्तार और नई योजनाओं को लेकर कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गए।   बैठक में हुए यह निर्णय….. ग्राम रायपुर-रहनकलां में प्रस्तावित ग्रेटर आगरा योजना में आवासीय भूखंड (प्लॉट) की दर 33 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर होगी। वहीं, ग्रुप हाउसिंग के लिए यह दर आवासीय से डेढ़ गुना लगभग 50 हजार और व्यावसायिक भूखंडों के लिए 66 हजार रुपये वर्ग मीटर होगी। सार्वजनिक सुविधाओं वाले भूखंड आवासीय दर पर ही मिलेंगे। ताजनगरी फेज-2 में प्राधिकरण द्वारा बनाए गए दुर्बल आय वर्ग के भवनों को गिराया जाएगा। आईआईटी रुड़की और पीडब्ल्यूडी की जांच में इन भवनों को जर्जर और खतरनाक घोषित किया गया है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि यहां रहने वाले आवंटियों की सहमति लेकर उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए और उसके बाद इन जर्जर इमारतों को ध्वस्त कर यहां नई प्लानिंग की जाए। 98 गांव होंगे शामिल, 21 किए जाएंगे बाहर: प्राधिकरण के विकास क्षेत्र का दायरा अब और बढ़ जाएगा। एडीए की सीमा में 98 नए गांवों को शामिल करने के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। वहीं, पहले से अधिसूचित 19 पूरे गांव और 2 आंशिक गांवों को एडीए की सीमा से बाहर किया जाएगा। – मौजा पट्टी पचगई में पीपीपी मॉडल पर एक इंटरनेशनल इंडोर स्टेडियम बनाया जाएगा, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। – खेरिया मोड़ के पास खाली पड़ी नजूल की जमीन को कब्जे में लेकर उसकी बाउंड्री कराई जाएगी। खेल विभाग के साथ मिलकर इसका इस्तेमाल खेल गतिविधियों के लिए होगा। – ककुआ-भांडई आवासीय योजना में कन्वेंशन सेंटर बनाने के लिए एजेंसी से अनुबंध की प्रक्रिया चल रही है। बोर्ड सदस्यों ने दिए ये सुझाव – बैठक में बोर्ड सदस्य शिवशंकर शर्मा और नागेंद्र दुबे गामा ने कई जनहित के मुद्दे उठाए। प्राधिकरण में नक्शा (मानचित्र) आवेदन के बाद हर हाल में एक महीने के भीतर उसका निस्तारण किया जाए। – ऐसी कॉलोनियां जो सहकारी आवास समितियों ने पास कराई थीं, लेकिन अब समितियां वजूद में नहीं हैं, उनका सर्वे कर उन्हें नगर निगम को हस्तांतरित किया जाएगा। – पुराने शहर में एएसआई संरक्षित स्मारकों से 100 मीटर के बाहर एनओसी की बाध्यता खत्म करने के मुद्दे पर भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मानसून से पहले शुरू होगा टोल प्लाजा मंडलायुक्त ने इनर रिंग रोड के दूसरे चरण में बन रहे नए टोल प्लाजा की भी समीक्षा की। इसका 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। उन्होंने एनएचएआई से एमओयू कर बारिश से पहले हर हाल में गुणवत्ता के साथ इसका निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल, एडीए उपाध्यक्ष एम. अरुन्मौली, सचिव संजय कुमार, मुख्य अभियंता संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।  

सिंधु और कावेरी जैसी 10 पवित्र नदियों के नाम पर बसेगी टाउनशिप

सांस्कृतिक पुनरुद्धार से होगा ग्रेटर आगरा का नवनिर्माण सिंधु और कावेरी जैसी 10 पवित्र नदियों के नाम पर बसेगी टाउनशिप नोएडा और गुरुग्राम जैसे शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करेगा ग्रेटर आगरा वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से ताज नगरी की बदलेगी पहचान, ग्रेटर आगरा बनेगा नया ग्रोथ इंजन 10 टाउनशिप में 1.5 लाख लोगों के लिए होंगी आधुनिक आवासीय सुविधाएं सांस्कृतिक विरासत के साथ होगा आधुनिकता का संगम लखनऊ/आगरा पर्यटन नगरी आगरा अब केवल अपने ऐतिहासिक स्मारकों के लिए ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनरुद्धार और आधुनिक शहरी विकास के संगम के रूप में नई पहचान बनाने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर विकसित हो रहे ‘ग्रेटर आगरा’ में सांस्कृतिक पुनरुद्धार के जरिए नवनिर्माण की अनूठी अवधारणा को केंद्र में रखा गया है, जहां सिंधु से लेकर कावेरी तक 10 पवित्र नदियों के नाम पर टाउनशिप बसाई जाएंगी। सबसे खास बात ये है कि नोएडा और गुरुग्राम जैसे शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी ग्रेटर आगरा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह परियोजना संतुलित क्षेत्रीय विकास के विजन के अनुरूप एक नए शहरी केंद्र के रूप में उभरेगी। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण / नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम रायपुर और रहनकलां में लगभग 450 हेक्टेयर क्षेत्र में यह महत्वाकांक्षी परियोजना विकसित की जा रही है। करीब 5142 करोड़ रुपए की लागत वाली यह योजना आगरा को एक आधुनिक, योजनाबद्ध और बहुआयामी शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। भारतीय संस्कृति को सम्मान देने वाली पहलः जयवीर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ग्रेटर आगरा की सबसे बड़ी खासियत इसका सांस्कृतिक दृष्टिकोण है। यहां विकसित की जा रही 10 टाउनशिप सिंधुपुरम, गोमतीपुरम, गंगापुरम, यमुनापुरम, बेतवापुरम, महानदीपुरम, नर्मदापुरम, गोदावरीपुरम, कृष्णापुरम और कावेरीपुरम भारतीय सभ्यता की पवित्र नदियों के नाम पर बसाई जा रहीं हैं। यह पहल न केवल भारतीय संस्कृति को सम्मान देती है, बल्कि शहर के विकास को एक नई पहचान भी प्रदान करती है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा नया शहर इन टाउनशिप में लगभग 1.5 लाख लोगों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाएं विकसित की जा रहीं हैं। कुल 4712 भूखंडों में आवासीय, ग्रुप हाउसिंग, कमर्शियल और मिश्रित उपयोग के प्लॉट शामिल हैं। यहां स्कूल, अस्पताल, कम्युनिटी सेंटर, होटल, बैंक, डाकघर, पुलिस चौकी और फायर स्टेशन जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे यह क्षेत्र पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सके। परियोजना के तहत आधुनिक सड़क नेटवर्क, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र एक स्मार्ट और सस्टेनेबल शहरी मॉडल के रूप में उभरेगा।  बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी विकास की रीढ़ ग्रेटर आगरा योजना की लोकेशन इसे और भी खास बनाती है। यह परियोजना 100 मीटर चौड़ी इनर रिंग रोड के पास स्थित है और नेशनल हाईवे-19, फतेहाबाद रोड तथा यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ी हुई है। साथ ही, यमुना नदी की निकटता और कुबेरपुर रेलवे स्टेशन की आसान पहुंच इसे आवागमन और व्यापार के लिए बेहद उपयुक्त बनाती है।  ग्रीन और सस्टेनेबल विकास पर जोर हर टाउनशिप में कम से कम 15 प्रतिशत क्षेत्र ग्रीन स्पेस के लिए आरक्षित रखा गया है। पार्क, ओपन स्पेस और स्पोर्ट्स सुविधाओं के साथ यह योजना पर्यावरण संतुलन और बेहतर जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी।  कमर्शियल और पर्यटन का नया केंद्र योजना के तहत यमुनापुरम को कमर्शियल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं कावेरीपुरम को वाटर-बेस्ड एक्टिविटी और मनोरंजन के लिए तैयार किया जाएगा, जिससे पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। रोजगार और निवेश का बड़ा केंद्र बनेगा ग्रेटर आगरा पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ग्रेटर आगरा केवल एक आवासीय परियोजना नहीं, बल्कि रोजगार और निवेश का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। निर्माण कार्य से लेकर उद्योग और सेवा क्षेत्र तक लाखों लोगों को रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के कारण बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां निवेश के लिए आकर्षित होंगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। देश के लिए आदर्श शहरी विकास का बनेगा मॉडल ग्रेटर आगरा योजना केवल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक पुनरुद्धार और आधुनिक विकास का एक ऐसा मॉडल है, जो आगरा को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगा। आने वाले समय में यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल साबित हो सकती है।