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अरबपति परिवार की महिला जिम ट्रेनर बनी शिकार, आरोपी की गिरफ्तारी

 सूरत ये हैरान कर देने वाली कहानी सूरत के एक जिम की है. यहां अरबपति फैमिली की एक महिला काफी समय से वर्कआउट के लिए जा रही थी. जिम के ट्रेनर ने महिला से नजदीकियां बढ़ानी शुरू कीं और धीरे-धीरे अपनी बातों में उलझाकर प्रेमजाल में फंसा लिया. यह सब करीब सात साल तक चलता रहा. ट्रेनर ने तस्वीरें लेकर ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू कर दिया. यह मामला तब सामने आया, जब पीड़िता के पति ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस से शिकायत की. अब आरोपी पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है।  दरअसल, सूरत के एक अरबपति परिवार की महिला सिटीलाइट इलाके के एक जिम में कसरत करने जाती थी. वहां जिम ट्रेनर के रूप में शब्बीर असगर ट्रंकवाला नाम का व्यक्ति काम कर रहा था. उसने महिला को अपनी बातों में बहला-फुसलाकर प्रेमजाल में फंसा लिया. यह युवक पिछले 7 साल से महिला के संपर्क में था. जब महिला के पति को अपना वैवाहिक रिश्ता टूटता दिखा, तो उन्होंने जिम ट्रेनर से संपर्क किया।  पिछले सात महीनों के दौरान उन्होंने जिम ट्रेनर से बातचीत भी की थी, लेकिन वह ब्लैकमेलिंग पर उतर आया था. आरोपी शब्बीर ने महिला के साथ कुछ निजी तस्वीरें खींच ली थीं. इसके बाद वह फोटो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगा था. जब महिला के पति ने शब्बीर से बात की, तो उसने तस्वीरों को वायरल करने की धमकी दी. इसके बदले में उसने महिला के पति से 5 लाख रुपये की मांग की और पति को जान से मारने की धमकी भी दी।  कुछ दिनों पहले ही सूरत पुलिस की SOG टीम ने जिम ट्रेनरों के साथ बैठक कर उन्हें महिलाओं से बिना काम के दूर रहने और मैसेज न करने के निर्देश दिए थे. महिला के पति ने इस मीटिंग की खबरें देखीं तो उन्होंने तुरंत SOG पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई. सूरत पुलिस ने एक्शन लेते हुए आरोपी शब्बीर असगर ट्रंकवाला को अरेस्ट कर लिया।  शिकायत में महिला के पति ने बताया कि उन्होंने बार-बार जिम ट्रेनर शब्बीर से मुलाकात कर उससे तस्वीरें वायरल न करने को कहा था. इसके बावजूद ट्रेनर ने एक बार उनके ही मोपेड का कांच तोड़कर महिला के पति के गले पर लगा दिया और जान से मारने की धमकी दी. इसी के साथ पांच लाख रुपये मांगे।  सूरत पुलिस की एसओजी टीम के डीसीपी राजदीप सिंह नकुम ने बताया कि कुछ दिनों पहले एसओजी ने जिम ट्रेनर और संचालकों की मीटिंग बुलाई थी. उन्हें चेतावनी दी गई थी कि जो भी ट्रेनर नियुक्त करते हैं, उनकी कैरेक्टर जांच जरूर करवाएं, उसके बाद ही काम पर रखें. साथ ही, ट्रेनर के रूप में कार्य करने वाले व्यक्तियों के लिए यह निर्देश था कि वे जिम में आने वाली महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का संबंध न बनाएं, यह न केवल गलत है, बल्कि आचार संहिता के भी विरुद्ध है।  आरोपी ने महिला के पति से कहा- मैं तुम्हारी पत्नी को नहीं छोड़ूंगा इसके बाद एक पीड़ित पुलिस के पास पहुंचे और उन्होंने शिकायत में कहा कि उनकी पत्नी लगभग सात साल से सैटेलाइट क्षेत्र के जिम में जा रही थी. वहां शब्बीर असगर ट्रंकवाला नाम के व्यक्ति से उसका अफेयर हो गया था. शब्बीर अब पत्नी को छोड़ने को तैयार नहीं है।  पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने धमकी दी थी कि मैं तुम्हारी पत्नी को नहीं छोड़ूंगा, मेरे पास तुम्हारी पत्नी के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो हैं, जिन्हें वायरल कर दूंगा. अगर तुमने 5 लाख नहीं दिए. इसके बाद आरोपी दोबारा मिला और पैसों को लेकर दबाव बनाया. आरोपी शब्बीर कांच का व्यवसाय करता है, उसने कांच का टुकड़ा पीड़ित की गर्दन पर रखकर डराते-धमकाते हुए 50,000 रुपए ऐंठ लिए. इसके बाद से पीड़ित दहशत में था. हालिया मीटिंग देखकर पीड़ित ने हिम्मत जुटाई और पुलिस ने मामले की शिकायत की। 

जिम में ड्रग्स डोज़ देने का खुलासा, पुलिस पकड़ने से पहले संचालक हुआ फरार

भोपाल  भोपाल के हाई प्रोफाइल ड्रग तस्करी, रेप-ब्लैकमेलिंग और जमीन कब्जाने के गिरोह से जुड़ा बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी चाचा शाहवर और भतीजे यासीन मछली के गुर्गों से भोपाल के एक फेमस जिम का संचालक मोनिस खान सबसे ज्यादा ड्रग्स खरीदता था।  इसका खुलासा 18 जुलाई 2025 को सबसे पहले गिरफ्तार किए गए सैफउद्दीन ने पूछताछ में किया था। मोनिस जिम संचालन करने से पहले फिटनेस ट्रेनर भी रह चुका है। क्राइम ब्रांच ने मेमोरेंडम के आधार पर मोनिस को आरोपी बनाया है, लेकिन केस में नाम आने के बाद वह मलेशिया भाग गया। अब पुलिस उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कराने की तैयारी में है। सैफउद्दीन की ही निशानदेही पर मछली चाचा-भतीजे अरेस्ट सैफउद्दीन की ही निशानदेही पर पुलिस ने शाहवर और यासीन की गिरफ्तारी की थी। पूछताछ में उसने दोनों से ड्रग लेकर बेचने की बात स्वीकार की थी। तब मेमोरेंडम में पुलिस ने चाचा और भतीजे को आरोपी बना दिया था। इसकी जानकारी इन दोनों को नहीं थी। 21 जुलाई को घेराबंदी कर अलग-अलग जगहों से टीम ने चाचा-भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। यासीन के मोबाइल से नाबालिग किशोर, युवक और युवतियों को टॉर्चर करते वीडियो मिले थे। जिसके बाद उसके खिलाफ रेप पॉक्सो और धोखाधड़ी की शिकायतें अलग-अलग थानों में दर्ज की गईं। बेन नाम के नाइजीरियन से अंशुल खरीदता था एमडी चाचा-भतीजे की निशानदेही पर पुलिस ने पुराने बदमाश अंशुल सिंह उर्फ भूरी को गिरफ्तार किया। शाहवर और यासीन इसी से ड्रग खरीदते थे। अंशुल ने पूछताछ में बताया था कि वह बेन नाम के नाइजीरियन नागरिक से एमडी ड्रग खरीदकर भोपाल लाता था और पार्टियों में खास ग्राहकों को बेचा करता था। यासीन और शाहवर भी उसके ग्राहक थे। सैफउद्दीन से ड्रग खरीदकर आगे बेचने का काम करते थे सैफउद्दीन ने ही पूछताछ में इस बात का भी खुलासा किया था कि कोहेफिजा और चूना भट्‌टी में स्थित जिम का संचालन करने वाले मोनिस खान और जहांगीराबाद के उमेर पट्‌टी भी ड्रग की तस्करी करते हैं। ये लोग उससे नशे का सामान लेकर आगे बेचने का काम करते थे। मोनिस इस ड्रग्स को अपने जिम में आने वाली युवतियों सहित युवकों को वजन कम कराने की दवा बताकर बेचता था। अरेरा कॉलोनी निवासी विशाल उर्फ सावन और अशोका गार्डन निवासी लारिब उर्फ बच्चा भी सैफउद्दीन से ड्रग खरीदकर आगे बेचने का काम करते थे। शाहिद मछली को सालाना 30 हजार कारतूस की लिमिट ड्रग्स तस्करी के बाद भोपाल के मछली परिवार का कनेक्शन अब शूटिंग की आड़ में कारतूसों की हेराफेरी से भी जुड़ गया है। जांच के दौरान पता चला है कि मछली परिवार के बुधवारा निवासी शाहिद अहमद पिता शरीफ अहमद का आपराधिक रिकॉर्ड है। इसी वजह से उसके तीन गन लाइसेंस निरस्त कर दिए गए। शाहिद मछली को 2012 में लाइसेंस मिला था। उसके पास तीन हथियार 0.32 बोर रिवॉल्वर, 12 बोर सेमी-ऑटोमैटिक गन और 30.06 राइफल (विदेश से खरीदी गई) थे। उसे सालाना 30 हजार कारतूस की लिमिट मिली थी। शाहिद ने किसी शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया जांच में सामने आया कि शाहिद ने किसी शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया। न इस आधार पर कारतूस खरीदे। उसने सिर्फ आत्मरक्षा के लिए जरूरी कारतूस खरीदे। जिला प्रशासन के मुताबिक मछली परिवार से जुड़े कुल 5 लोगों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। शाहिद के अलावा सोहेल, शहरयार, शफीक और शावेज के नाम पर भी शस्त्र लाइसेंस थे। इन पर कुल 8 हथियार दर्ज थे।