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हरियाणा में पंचायती जमीन पर निजी परियोजनाओं की मंजूरी के लिए नए नियम लागू, ग्राम सभा की अनुमति जरूरी

 चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ग्राम पंचायत की सामूहिक भूमि (शामलात देह) पर निजी परियोजनाओं के लिए रास्ता बनाने के नये नियम लागू करने वाली है। अब कोई भी निजी प्रोजेक्ट ग्राम पंचायत की जमीन के जरिए रास्ता लेना चाहे, तो उसके लिए पहले ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की मंजूरी लेना अनिवार्य होगी। प्रस्तावित नई नीति के मुताबिक, ग्राम पंचायत के सभी सदस्यों में से कम से कम तीन-चौथाई सदस्यों का समर्थन होना चाहिए। उसके बाद गांव की आम बैठक यानी ग्राम सभा में उपस्थित लोगों में से दो-तिहाई लोगों की हां जरूरी है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि रास्ता बनाने का फैसला सिर्फ कुछ लोगों के स्वार्थ के लिए नहीं होगा, बल्कि पूरी पंचायत और गांव की सहमति से लिया जाए। प्रदेश सरकार यह भी प्रस्तावित कर रही है कि रास्ता बनाने के लिए जमीन बेची या लीज पर नहीं दी जाएगी। नया रास्ता पंचायत के स्वामित्व में रहेगा और सभी गांववासियों के लिए सामान्य उपयोग के लिए उपलब्ध रहेगा। निजी प्रोजेक्ट के लिए रास्ता बनाते समय पंचायत की भूमि का लाभ निजी लाभ के लिए नहीं लिया जाएगा। इस नियम का उद्देश्य है कि निजी परियोजनाओं के विकास में ग्राम पंचायत की जमीन सुरक्षित रहे, गांववासियों की सहमति सुनिश्चित हो और कोई विवाद न उठे। साथ ही, यह नीति निजी निवेश और बुनियादी ढांचे के निर्माण को भी प्रोत्साहित करेगी, क्योंकि अब रास्ता बनाने की मंजूरी प्रक्रिया साफ, सरल और नियमबद्ध होगी। पानीपत की ग्राम पंचायत मच्छरौली ने शामलात देह की नौ कनाल तीन मरला भूमि को एमएस कपूर इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 15 कनाल जमीन के साथ बदलने का प्रस्ताव पास किया है। यह निर्णय इसलिए लिया गया, क्योंकि मौजूदा कुछ रास्ते और खाल अब उपयोग में नहीं हैं, और नए रास्ते की सुविधा प्रदान करने के लिए यह आदान-प्रदान आवश्यक है। आज कैबिनेट मीटिंग में पंचायत के इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। तय फार्मेट के अनुसार दिखाना होगा सरकारी अनुदान का उपयोग राज्य सरकार ने वित्तीय नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर ली है। वित्तीय नियम 8.14 (बी) के तहत यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट (यूसी) का नया फार्मेट निर्धारित किया जा रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर मुहर लग सकती है। सरकारी अनुदान (ग्रांट-इन-एड) अक्सर स्वायत्त संस्थाओं, स्थानीय निकायों, बोर्ड/कार्पोरेशनों और सहकारी समितियों को दी जाती है। इन संस्थाओं को यह प्रमाण देना होता है कि अनुदान का उपयोग केवल उस उद्देश्य के लिए किया गया, जिसके लिए इसे मंजूरी मिली थी। पहले इस यूसी का कोई तय फार्मेट नहीं था, जिससे जवाबदेही और निगरानी में दिक्कतें आती थीं। अब वित्त विभाग ने एक मानक फॉर्मेट बनाया है, जिसे सभी संस्थाओं को अब अपनाना होगा।

हरियाणा में फ्लैट्स की कीमतों में बढ़ोतरी, इन जिलों पर पड़ेगा असर; कैबिनेट बैठक में तय होंगी नई दरें

चंडीगढ़  हरियाणा में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत फ्लैट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की जाने वाली है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत फ्लैट्स की नई बढ़ी हुई दरों पर मुहर लगेगी। गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे मेट्रो सिटी में फ्लैट की कीमत में तीन से चार लाख रुपये तक बढ़ने की पूरी संभावना है। जमीन की बढ़ती कीमतों व निर्माण लागत में बढ़ोतरी के चलते हरियाणा सरकार कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही है। जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते बड़ी संख्या में बिल्डर गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे शहरों में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम से मुंह मोड़ चुके हैं। इसका मुख्य कारण लगातार बढ़ती भूमि कीमतें, निर्माण सामग्री और श्रम लागत है, जिसने योजना को आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इस कदम के बाद शहरों में अफोर्डेबल फ्लैट्स की कीमतों में वृद्धि होगी, लेकिन बिल्डर्स के लिए यह योजना में निवेश करना आसान बनाएगा। अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के समय हुई थी। योजना का उद्देश्य मध्यम वर्ग के परिवारों को किफायती फ्लैट्स उपलब्ध कराना था। मल्टी-स्टोरी फ्लैट्स के निर्माण के लिए पांच एकड़ तक की भूमि पर मंजूरी दी गई थी। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार ने इसे जारी रखा। अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार इसे आगे बढ़ा रही है। वर्तमान दरें (2021 और 2023 की नीति के अनुसार)     गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला – 5,000 रुपये प्रति वर्ग फुट     अन्य हाई और मीडियम पोटेंशियल टाउन – 4,500 रुपये प्रति वर्ग फुट     लो पोटेंशियल टाउन – 3,800 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रस्तावित नई दरें     गुरुग्राम: 5,575 रुपये प्रति वर्ग फुट     फरीदाबाद: 5,450 रुपये प्रति वर्ग फुट     अन्य हाई और मीडियम पोटेंशियल टाउन: 5,050 रुपये प्रति वर्ग फुट     लो पोटेंशियल टाउन: 4,250 रुपये प्रति वर्ग फुट संस्थागत साइट्स पर 350 प्रतिशत तक हो सकता एफएआर हरियाणा सरकार ट्रांजिट ओरंटिड डेवलेपमेंट (टीओडी) पालिसी में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। इस पालिसी के तहत एफएआर (फ्लोर एरिया रेसो) में बढ़ोतरी संभव है। अभी तक टीओडी जोन में संस्थागत साइट्स के लिए 100 से 150 प्रतिशत तक एफएआर है। अब इसे बढ़ाकर 250% से 350% तक करने का प्रस्ताव है। सरल भाषा में कहें तो पहले 1,000 वर्ग मीटर जमीन पर 1,500 वर्ग मीटर तक भवन बन सकता था। अब उसी जमीन पर 2,500 से 3,500 वर्ग मीटर तक भवन बनाया जा सकेगा। यह बढ़ी हुई क्षमता सिर्फ संस्थागत साइट्स पर लागू होगी। संस्थागत साइट्स का अर्थ है स्कूल, कालेज, अस्पताल, आफिस, सरकारी संस्थान। घर, दुकान या माल जैसी वाणिज्यिक निर्माण गतिविधियों के लिए एफएआर बढ़ोतरी लागू नहीं होगी। इसका मतलब यह है कि मेट्रो या रेलवे स्टेशन के पास अब सिर्फ संस्थानिक उपयोग वाली जगह पर ज्यादा निर्माण संभव होगा। मौजूदा भवनों में बदलाव के लिए स्ट्रक्चर सेफ्टी सर्टिफिकेट जरूरी होगा। ग्राउंड कवरेज 40% तक ही सीमित रहेगा। न्यूनतम साइट का आकार एक एकड़ होना चाहिए।

हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र समाप्त, 54 घंटे से ज्यादा चली विचारपूर्ण चर्चा

चंडीगढ़  15वीं हरियाणा विधान सभा का दूसरा बजट सत्र सार्थक चर्चा के साथ संपन्न हो गया। 20 फरवरी को शुरू हुए इस सत्र में 18 मार्च तक कुल 13 बैठकें हुईं, जिनमें लगभग 54 घंटे 24 मिनट सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान अनेक विषयों पर सदन का माहौल गर्म भी हुआ, जिसे विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने अपनी कुशलता से संभाला और कार्य उत्पादकता की मिसाल पेश की। सत्र संपन्न होने के अगले दिन वीरवार को मीडिया में जारी एक बयान में विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने बताया कि बजट सत्र 20 फरवरी को राज्यपाल प्रो. असीम घोष द्वारा प्रस्तुत किए गए अभिभाषण से शुरू हुआ था। इस अभिभाषण पर सदन में 23, 24, 25, 26 और 27 फरवरी को कुल 7 घंटे 58 मिनट व्यापक चर्चा करवाई गई।  इस चर्चा में मुख्यमंत्री समेत भाजपा के 19 सदस्य 217 मिनट, कांग्रेस के 14 सदस्य 229 मिनट, इनेलो के 2 सदस्य 24 मिनट तथा 2 निर्दलीय विधायकों ने 8 मिनट अपनी बात रखी। 2 मार्च को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट प्रस्तुत किया। सदन में 5, 6, 9 और 17 मार्च को 10 घंटे 3 मिनट इस पर चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री सहित भाजपा के 15, कांग्रेस के 7 तथा 3 निर्दलीय विधायकों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री के जवाब सहित भाजपा को 407 मिनट, कांग्रेस को 167 मिनट तथा निर्दलीय विधायकों को 29 मिनट का समय मिला। सत्र के दौरान 6 दिन शून्यकाल रहे। इस दौरान 5 घंटे 3 मिनट चली कार्यवाही में भाजपा के 23 विधायक 129 मिनट बोले, कांग्रेस के 24 विधायक 139 मिनट बोले, इनेलो के 2 विधायक 23 मिनट तथा निर्दलीय 3 विधायकों को 12 मिनट का समय मिला। इनेलो के एक विधायक को दो बार बोलने का मौका मिला। इस प्रकार कुल 52 विधायकों ने शून्यकाल में हिस्सा लिया। बजट सत्र के दौरान 11 दिन प्रश्नकाल हुए। इसके लिए 220 तारांकित प्रश्न शामिल किए गए थे, इनमें से 168 के जवाब हाउस में दिए गए। विधान सभा सचिवालय को 57 सदस्यों से 390 तारांकित प्रश्नों के लिए नोटिस प्राप्त हुए थे, इनमें से 258 एडमिट हुए। इनमें भाजपा के 23, कांग्रेस के 29, इनेलो के 2 तथा 3 निर्दलीय विधायकों ने प्रश्नों के लिए नोटिस भेजे। इस दौरान एक रिकॉर्ड यह बना कि लगातार 3 दिन और कुल 4 दिन निर्धारित सभी सवालों के जवाब सदन में दिए गए। इसी प्रकार 28 विधायकों की ओर से 183 अतारांकित प्रश्नों के नोटिस प्राप्त हुए। अतारांकित प्रश्न लगाने वालों में भाजपा के 10, कांग्रेस के 15 इनेलो के 2 तथा एक निर्दलीय विधायक शामिल रहा। इनमें से 145 अतारांकित प्रश्न स्वीकृत हुए। सभी 145 प्रश्नों के जवाब विधायकों को भेजे गए। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के लिए 32 नोटिस प्राप्त हुए थे, इनमें से 5 स्वीकृत हुए। इसी प्रकार कार्य स्थगन प्रस्ताव के लिए 4 नोटिस प्राप्त हुए, जिनमें से एक स्वीकृत किया गया। सत्र के लिए 8 विधेयकों के प्रारूप मिले थे। ये सभी चर्चा उपरांत पारित कर दिए गए। सत्र के दौरान 2 सरकारी संकल्प भी पारित किए गए। इनमें आवासन बोर्ड को भंग कर इसका एचएसवीपी में विलय करने तथा सफाई कर्मचारी नियोजन एवं शुष्क शौचालय निर्माण अधिनियम, 1993 के निरसन शामिल हैं। इसके अलावा नियम 84 के अधीन ‘विकसित भारत जी-राम’ योजना के प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। नियम 66 व 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा भी चर्चा हुई। यह स्थगन प्रस्ताव हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और हरियाणा लोक सेवा आयोग की हाल ही में आयोजित भर्ती के बारे में था। नियम 171 के तहत एक गैर सरकारी प्रस्ताव पर भी पारित किया गया। इसके तहत सदन ने राज्य सरकार से केन्द्र सरकार को यह सूचित करने के लिए सिफारिश की कि जी.एस.टी. के अतंर्गत टैक्स स्लैब में संशोधन सराहनीय तथा प्रशंसनीय है। इस बीच अध्यक्ष ने कुछ मुख्य रूलिंग्स भी दी, जिनमें राज्य सभा चुनाव संबंधी भी प्रमुख रही। सत्र के दौरान बजट का अध्ययन करने के लिए गठित 8 स्थायी समितियों समेत अनेक कमेटियों की वार्षिक रिपोर्ट्स भी पेश हुईं। इनमें एक प्रिविलेज कमेटी की फाइनल रिपोर्ट भी शामिल है। सत्र के बीच होली पर्व आया। इस अवसर विधान परिसर में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। सत्र के अंतिम दिन गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत द्वारा प्राकृतिक खेती पर विशेष व्याख्यान दिया गया। उनके मार्गदर्शन से सदन को विशेष जानकारी मिली। इस सत्र के दौरान अलग-अलग दीर्घाओं में 2139 दर्शकों ने सदन की कार्यवाही देखी। 

किसानों के लिए खुशखबरी: हरियाणा में रबी फसलों की खरीद शुरू, MSP के अनुसार भुगतान होगा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 की फसलों की खरीद प्रक्रिया घोषित कर दी है। राज्य में मसूर की खरीद 20 मार्च से आरंभ होकर 30 अप्रैल तक होगी, जबकि सरसों की खरीद 28 मार्च से आरंभ होकर एक मई तक संचालित होगी। चने की खरीद एक अप्रैल से आरंभ होगी, जो कि 10 मई तक चलेगी। ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद 15 मई से 20 जून तक और सूरजमुखी की खरीद एक जून से 30 जून तक की जाएगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने  चंडीगढ़ में सीजन 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी तथा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद को लेकर किए जा रहे खरीद प्रबंधों की समीक्षा की। बैठक के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025-26 में प्रमुख फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि हुई है। सरसों का उत्पादन लगभग 13.17 लाख टन होने का अनुमान है। सूरजमुखी का उत्पादन 0.70 लाख टन रहने की संभावना है, जबकि चना और मसूर के उत्पादन में भी सुधार दर्ज किया गया है। ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन 98 टन तक बढ़ने का अनुमान है। मुख्य सचिव ने उच्च उत्पादन अनुमानों पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि समयबद्ध खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को बिना किसी विलंब के लाभकारी मूल्य मिल सके। साथ ही, किसानों में एमएसपी और खरीद प्रक्रिया के संबंध में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित की जाए। बैठक में चालू सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की भी समीक्षा की गई। सरसों के लिए एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, चने के लिए 5,875 रुपये, मसूर के लिए 7,000 रुपये, सूरजमुखी के लिए 7,721 रुपये तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। 28 मार्च से होगी सरसों की सरकारी खरीद सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च से शुरू होगी और 1 मई तक अनाज मंडियों में सरसों को खरीदा जाएगा. चने की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू होकर 10 मई तक चलेगी जबकि ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद 15 मई से 20 जून तक और सूरजमुखी की खरीद 1 जून से 30 जून तक चलेगी. चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत सरसों, चना, मसूर, सूरजमुखी तथा ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद को लेकर किए जा रहे खरीद प्रबंधों की समीक्षा बैठक बुलाई थी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि समयबद्ध तरीके से खरीद सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को बिना किसी देरी के MSP का लाभ मिल सके. साथ ही, किसानों में MSP और खरीद प्रक्रिया के संबंध में व्यापक जागरूकता सुनिश्चित की जाए. यह रहेगा न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बैठक में चालू सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की भी समीक्षा की गई. सरसों के लिए MSP 6,200 रुपये प्रति क्विंटल, चने के लिए 5,875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर के लिए 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल, सूरजमुखी के लिए 7,721 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए 8,768 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. पूर्व वर्षों की खरीद की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा ने मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत प्रभावी खरीद सुनिश्चित की है। वर्ष 2024-25 में 8.12 लाख टन से अधिक सरसों की खरीद की गई। वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार की स्वीकृतियों के अनुरूप खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत निर्धारित 25 प्रतिशत खरीद सीमा सहित सभी मानकों का कड़ाई से पालन करें। यदि आवश्यक हो तो किसानों के हित में इस सीमा से अधिक खरीद के लिए भी आवश्यक वित्तीय प्रविधान सुनिश्चित करें।

ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम: हरियाणा के इस जिले में बनेगा पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट, 200MW पावर जनरेशन

चंडीगढ़ प्रदेश में किसानों को निर्बाध और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार हरियाणा एग्री डिस्काम नाम से तीस्सरी ऊर्जा बिजली वितरण कंपनी स्थापित करेगी। साथ ही सरकार हरियाणा हरित हाइड्रोजन नीति भी लागू करेगी। ऊर्जा क्षेत्र के बजट में बढ़ोतरी करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के 6,379.63 करोड़ रुपये की तुलना में वर्ष 2026-27 के लिए बजट 7.66 प्रतिशत बढ़ाकर 6,868 करोड़ रुपये निर्धारित किया है। हरियाणा एयी डिस्काम राज्य के सभी 5,084 कृषि फीडरों और 7.12 लाख कृषि उपभोक्ताओं को सेवाएं प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य नए ट्यूबवेल कनेक्शन तेजी से जारी करना, खराब ट्रांसफार्मरों को शीघ्र बदलना और किसानों के खेतों तक नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। वर्तमान में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम 14,391 फीडरों से घरेलू, वाणिज्यिक, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध करा रहे हैं। 2004-05 से 2014-15 के बीच इन दोनों निगमों ने 1,89,978 नए ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए थे। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत 35,000 नए सौर पंप स्थापित होंगे। 13 जिलों में 200 मेगावाट क्षमता की पराली आधारित बायोमास परियोजनाएं स्थापित होंगी। किसान अपने ट्यूबवेल पर सौर पैनल लगाकर अतिरिक्त बिजली बेच भी सकेंगे। किसानों के मौजूदा बिजली आधारित ट्यूबवेल कनेक्शनों पर खेतों में सौर ऊर्जा लगाने की अनुमति मिलेगी। ऐसे में उपयोग से बढ़ने वाली बिजली निगम खरीदेंगे। प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पानीपत में पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट बनेगा। वर्ष 2030 तक 250 किलो टन प्रतिवर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन और 2 गीगावाट इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2.2 लाख घरों की छतों पर सौर संयंत्र लगेंगे। गैर बकायेदार उपभोक्ताओं और अंत्योदय परिवारों को इसके लिए ब्याज मुक्त सहायता भी दी जाएगी। शेष 68 लाख उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।

हरियाणा थंडर ने रोमांचक फाइनल में दिल्ली दंगल वॉरियर्स को हराकर पीडब्ल्यूएल 2026 का खिताब जीता

नोएडा  हरियाणा थंडर नोएडा इंडोर स्टेडियम में दिल्ली दंगल वॉरियर्स के खिलाफ फाइनल में आखिरी बाउट तक चले मैच के बाद प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) 2026 का चैंपियन बन गया। आठ बाउट के बाद स्कोर 4-4 से बराबर था, नतीजा आखिरी महिलाओं की 62 किलोग्राम बाउट पर निर्भर था, जिसमें पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट इरीना कोलियाडेन्को ने दबाव में शानदार प्रदर्शन किया। उनकी शानदार टेक्निकल जीत ने हरियाणा थंडर को 5-4 से जीत दिलाई और पीडब्ल्यूएल 2026 का खिताब दिलाया, जो लीग के इतिहास के सबसे नाटकीय फाइनल में से एक था। हरियाणा थंडर पीडब्ल्यूएल 2026 ट्रॉफी के साथ 1.5 करोड़ रुपये की इनामी राशि घर ले जाएगा। रनर-अप, दिल्ली दंगल वॉरियर्स को 75 लाख रुपये मिलेंगे। व्यक्तिगत पुरस्कारों में, दिल्ली दंगल वॉरियर्स के तुरान बायरामोव ने 57 किलोग्राम पुरुष वर्ग में सभी 7 बाउट जीतकर और पीडब्ल्यूएल 2026 में कुल 59 अंक हासिल करके 2.5 लाख रुपये का 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' खिताब जीता। पंजाब रॉयल्स के चंदरमोहन टूर्नामेंट के टॉप पॉइंट स्कोरर थे। नेहा सांगवान (हरियाणा थंडर) को आखिरी बाउट तक फाइनल को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार मिला। रौनक (दिल्ली दंगल वॉरियर्स) को पुरुष 125 किलोग्राम वर्ग में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए 'फाइटर ऑफ द मैच' का सम्मान मिला। 'इंपैक्ट प्लेयर ऑफ द मैच' अक्षय धेरे (हरियाणा थंडर) थे, जिन्हें 57 किलोग्राम पुरुष वर्ग में उनके मजबूत प्रदर्शन के लिए पहचाना गया। चैंपियनशिप की रात दिल्ली ने बढ़त के साथ शुरू की, जब अजेय तुरान बायरामोव ने 74 किलोग्राम पुरुष बाउट जीती, जल्दी ही शुरुआती बढ़त बनाई और 8-1 से जीत हासिल करने के लिए नियंत्रण बनाए रखा। हरियाणा ने 76 किलोग्राम महिला वर्ग में तुरंत जवाब दिया, जहां अंडर20 विश्व चैंपियन काजल धोचक ने यूरोपीय चैंपियन अनास्तासिया अल्पीयेवा को 3-1 से हराकर स्कोर बराबर कर दिया। 65 किलोग्राम पुरुषों के मैच में मोमेंटम तब बदला जब दिल्ली के कप्तान सुजीत कल्कल ने शानदार वापसी करते हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट तुमुर ओचिर तुलगा को 8-6 से हरा दिया। हरियाणा ने तुरंत अपनी स्टार और कई बार की वर्ल्ड चैंपियन यूई सुसाकी के साथ जवाब दिया, जिन्होंने सारिका पर शानदार टेक्निकल जीत हासिल करके अपना कौशल दिखाया और स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। 86 किलोग्राम पुरुषों के मैच में दिल्ली ने फिर से बढ़त बना ली, जब एशियन चैंपियनशिप के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट वफाईपुर हादी बख्तियार ने अशिरोव अशरफ को 11-0 से हरा दिया। हरियाणा ने जोरदार जवाब दिया, जिसमें अक्षय धेरे ने 57 किलोग्राम पुरुषों के इवेंट में दिल्ली के अमित कुमार को टेक्निकल सुपीरियरिटी से हरा दिया। हेवीवेट मैच निर्णायक था, जिसमें रौनक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अनिरुद्ध गुलिया को 12-2 से हराया, जिससे दिल्ली को 4-3 की बढ़त मिली। हरियाणा ने हार नहीं मानी, और नेहा सांगवान ने 57 किलोग्राम महिलाओं के मुकाबले में अंजलि को पिन करके मैच को जारी रखा, जिससे स्कोर 4-4 से बराबर हो गया। चैंपियनशिप दांव पर लगी थी, और इरीना कोलियाडेन्को ने महत्वपूर्ण 62 किलोग्राम महिलाओं के मैच में कदम रखा। अपने अनुभव और शांत स्वभाव का फायदा उठाते हुए, पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट ने लगातार टर्न-एंड-एक्सपोजर मूव्स से अंजलि को हराया और 16-0 से टेक्निकल जीत हासिल की। ​​इस जीत ने उन्हें हरियाणा थंडरर्स के लिए खिताब दिलाया।

हरियाणा का राखीगढ़ी 15 आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों में शामिल

चंडीगढ़/हिसार. हरियाणा की धरती पर बसी सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे बड़ी पहचान राखीगढ़ी अब एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर है। केंद्रीय बजट में किए गए एलान के बाद राखीगढ़ी को देश के 15 ‘आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों’ की सूची में शामिल करने की घोषणा हुई है। इस फैसले के साथ ही राखीगढ़ी केवल खुदाई और शोध का केंद्र नहीं रहेगी, बल्कि इसे संरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल मानी जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को आम लोगों से जोड़ने के लिए चयनित पुरातात्विक स्थलों पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसी नीति के तहत हिसार जिले की राखीगढ़ी को आइकॉनिक साइट के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए पाथ-वे, सूचना तंत्र और गाइड की व्यवस्था की जाएगी, ताकि आने वाले लोग सभ्यता के अवशेषों के साथ उसका ऐतिहासिक संदर्भ भी समझ सकें। बजट से पहले भी बनी थी जमीन यह पहला मौका नहीं है जब बजट में राखीगढ़ी का जिक्र हुआ हो। केंद्रीय बजट 2025-26 में पहले ही राखीगढ़ी को वैश्विक धरोहर केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 500 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की जा चुकी है। उस घोषणा के बाद से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा यहां खुदाई और संरक्षण के कार्यों को गति मिली, जिससे इसके ऐतिहासिक महत्व को और मजबूती मिली है। इन बिंदुओं से समझें बजट के बाद राखीगढ़ी को मिलने वाली नई पहचान को – देश के 15 आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों में शामिल किया जाएगा  – संरक्षित टूरिज्म साइट के रूप में विकास, पाथ-वे और गाइड की व्यवस्था – पहले से घोषित 500 करोड़ के आवंटन से संरक्षण और खुदाई को बल – सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े केंद्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान की दिशा टूरिज्म के नजरिये से क्या बदलेगा बजट के बाद राखीगढ़ी में केवल खोदाई स्थल नहीं, बल्कि सुनियोजित पर्यटन ढांचा विकसित करने की योजना है। परिसर के भीतर पाथ-वे बनने से पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी। प्रशिक्षित गाइड नियुक्त किए जाएंगे, जो सभ्यता, खुदाई और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जानकारी देंगे। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए प्राचीन जीवन-शैली को समझाने का प्रयास किया जाएगा। क्यों खास है राखीगढ़ी राखीगढ़ी को हड़प्पाकालीन सभ्यता की सबसे बड़ी साइट माना जाता है। यहां अब तक हजारों साल पुराने मानव कंकाल, मकानों की दीवारें, कच्ची ईंटें, तांबा, मनके, मोहरें और जल निकासी व्यवस्था के प्रमाण मिल चुके हैं। इन अवशेषों से संकेत मिलता है कि यह नगर सुव्यवस्थित शहरी योजना और तकनीकी समझ के साथ विकसित हुआ था। नदी से नगर तक की कहानी इतिहासकारों के अनुसार राखीगढ़ी प्राचीन सरस्वती नदी प्रणाली के किनारे बसा था। माना जाता है कि इसी नदी की सहायक धाराओं के सूखने के बाद इस नगर का पतन हुआ। खुदाई में मिले सूखे नदी-तल, कुएं और जल संरचनाएं इस थ्योरी को मजबूती देती हैं।

हरियाणा में 31 पेड़ों की कटाई पर दो अधिकारी सस्पेंड

सिरसा. हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने सिरसा में कष्ट निवारण समिति की बैठक में डेढ़ साल से चल रहे 31 पेड़ कटाई की शिकायत मामले में दो अफसरों को लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया। इसमें एक जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता विजय ढांडा और दूसरे वन विभाग कटाई के रेंज आफिसर सुंदर संधू है। विज ने अपने फैसले के खिलाफ दोनों को कोर्ट में जाने का सुझाव भी दे दिया। गांव कालुआना के ग्रामीणों ने 9 अप्रैल 2023 को गांव के जलघर से पेड़ काटने की शिकायत दी थी। इस शिकायत पर 25 मई 2024 को कष्ट निवारण समिति की बैठक में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए। लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि युवाओं को इसमे झूठा फंसाया जा रहा है। विज ने पिछली मीटिंग में चर्चा की तो पता चला कि 51 पेड़ों के अनुमति के अतिरिक्त 31 पेड़ काटे गए हैं। इसका खुलासा होने पर विज ने एडीसी की अध्यक्षता में डीएसपी और जिला वन मंडल अधिकारी को शामिल करके जांच कमेटी का गठन किया। एडीसी ने जांच रिपोर्ट में बताया कि पेड़ 12 से 13 काटे गए है। बाकी झाड़ियां थी। विज ने जनस्वास्थ्य विभाग के जलघर द्वारा अपनी संपत्ति की देखभाल ना करने और वन विभाग के रेंज आफिसर द्वारा जांच रिपोर्ट में इसका जिक्र ना करने पर सख्ती दिखाते हुए दोनों अधिकारियों को सस्पेंड करने के आदेश दिए। साथ ही लेबर ठेकेदार द्वारा झूठा शपथ पत्र देने पर उसके खिलाफ भी कारवाई के निर्देश दिए। विज ने पीडब्लूडी से आरओबी की मांगी रिपोर्ट मीटिंग के दौरान अनिल विज ने हिसार के उकलाना में बनाए जा रहे आरओबी को लेकर पीडब्लूडी के अधिकारियों से इस प्रोजेक्ट के बारे में पूछा। विज ने कहा कि आरओबी के चलते तंग गलियों से लोग गुजर रहे हैं। पीडब्लूडी के अधिकारियों से पूछा कि ये कौन सा साल चल रहा है। अधिकारी ने जवाब दिया कि 2026, विज ने कहा कि उकलाना के हालात देखकर मुझे तो 1946 लग रहा है। विज ने डीसी शांतनु शर्मा से पूछा कि डीसी साहब आप चंडीगढ़ किधर से जाते हो। डीसी ने जवाब दिया कि मैं तो पंजाब से जाता हूं। विज ने पीडब्लूडी के अधिकारियों से कहा कि मैं कहीं पर भी किसी भी जिले की रिपोर्ट ले सकता हूं। आरओबी की संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर मुझे भेजो। वहीं, पत्रकारों से बातचीत में विज ने कहा कि प्रदेश में रोडवेज के बेड़े में जल्द ही नई बसों को शामिल किया जाएगा और बसों में ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने से बसों की सटीक लोकेशन यात्रियों को मिलती रहेगी। आम आदमी एप के जरिए भी बसों की लोकेशन ट्रेस कर सकेंगे। इसके अलावा बस अड्डों पर स्क्रीन भी लगाई जाएगी, जिससे यात्रियों को बस के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी।

राष्ट्रपति के साथ गणतंत्र परेड में होंगी हरियाणा की फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता

झज्जर. कासनी गांव निवासी अक्षिता धनखड़ का नाम आज पूरे देश में गूंज रहा है। वह भारतीय वायु सेना की फ्लाइट लेफ्टिनेंट हैं और गणतंत्र दिवस परेड में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ रहेंगी। अक्षिता ने बताया कि वे बचपन में गणतंत्र दिवस की परेड देखती थीं और कर्तव्य पथ पर खड़े होने का सपना देखती थीं। पिता ने भी गणतंत्र दिवस की परेड में हिस्सा लिया था। उनकी कहानियां सुनकर वर्दी पहनने का सपना पक्का हो गया। बचपन की यादें ही कॅरिअर का आधार बनीं। अक्षिता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज से पढ़ाई की। एनसीसी (नेशनल कैडेट कोर) में हिस्सा लिया। अक्षिता ने मेहनत से कैडेट सजेंट मेजर का रैंक हासिल किया। एनसीसी यूनिट ने उन्हें एक्स-सीएसएम कहकर याद किया क्योंकि उन्होंने साथी कैडेट्स को उदाहरण से प्रेरित किया। एनसीसी की मिलिट्री जैसी ट्रेनिंग ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से सेना के लिए तैयार किया। अक्षिता ने बताया कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है। जहां उनको देश की राष्ट्रपति के साथ तिरंगा झंडा फहराने का मौका मिला है। राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद 27 तोपों की सलामी भी दी जाएगी। अक्षिता की माता सुनीता ने भी इसे गर्व का क्षण बताया।

डोडा हादसे में बलिदान हुए हरियाणा के दो लालों की आज होगी अंतिम विदाई

यमुना नगर. जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर हुए सैन्य वाहन हादसे ने झकझोर दिया। इस हादसे में सेना के 10 जवान बलिदान हो गए। हरियाणा के लिए यह हादसा और भी पीड़ादायक रहा। इनमें हरियाणा के दो शामिल हैं। बलिदानियों में यमुनानगर जिले के शेरपुर गांव निवासी सुधीर नरवाल और झज्जर जिले के गिजाड़ौद गांव निवासी मोहित चौहान शामिल हैं। दोनों वीर सपूतों की शहादत की सूचना मिलते ही उनके गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। सुधीर नरवाल का पार्थिव शरीर अंबाला और मोहित का पािर्थव शरीर दिल्ली पहुंच गया है। दोनों जवानों के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार आज उनके गांवों में किया जाएगा। हादसे में बलिदान जवान यमुनानगर के छछरौली खंड के शेरपुर गांव निवासी सुधीर नरवाल (30) हैं। सुधीर वर्ष 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उस समय उनकी उम्र मात्र 19 वर्ष थी। वह 72 टैंक बटालियन में तैनात थे। करीब दो वर्ष पहले उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में हुई थी। हादसे में सुधीर नरवाल के बलिदान होने की सूचना सेना के अधिकारियों ने वीरवार शाम उनके स्वजन को फोन पर दी। यह सूचना मिलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। राजकीय सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार सेना अधिकारियों ने स्वजनों को बताया कि शुक्रवार सुबह सुधीर का पार्थिव शरीर अंबाला एयरपोर्ट पर पहुंचना था, लेकिन सुबह से दोपहर बाद तक लगातार वर्षा होने के कारण इसमें देरी हो गई। परिजनों को उम्मीद है कि मौसम साफ होने के बाद पार्थिव शरीर गांव लाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। फोन आने के बाद पत्नी हो गई थी बेसुध परिजनों के अनुसार सुधीर की पत्नी रूबी अपनी जेठानी के साथ खेतों की ओर टहलने गई हुई थीं। उसी दौरान सेना के एक अधिकारी का फोन आया। जैसे ही फोन पर सुधीर के बलिदान होने की जानकारी मिली, रूबी सदमे में बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ीं। परिवार और आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला। घटना की जानकारी फैलते ही रिश्तेदारों और गांव के लोगों का उनके घर पहुंचना शुरू हो गया। हर आंख नम थी और हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने में जुटा था। दो बहनों के इकलौते भाई थे सुधीर सुधीर नरवाल के पिता हरपाल सिंह किसान थे, जिनका वर्ष 2017 में निधन हो चुका है। पिता के निधन के बाद से ही परिवार पहले से दुख के साये में था। अब जवान बेटे के बलिदान ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सुधीर अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और दो बहनों के भाई थे। परिवार में उनकी मां उर्मिला देवी, पत्नी रूबी और सात वर्षीय मासूम बेटा अयांश है। इस हादसे ने मां से उनका सहारा, पत्नी से जीवनसाथी और मासूम बेटे से पिता का साया छीन लिया। झज्जर के मोहित भी हुए बलिदान डोडा हादसे में मां भारती के चरणों में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले झज्जर जिले के गांव गिजाड़ौद निवासी मोहित चौहान का पार्थिव शरीर शुक्रवार रात 8:55 पर दिल्ली पहुंच गया। लेकिन पैतृक गांव में शनिवार सुबह पहुंचेगा। दिनभर स्वजन और ग्रामीण वीर सपूत का इंतजार करते रहे। शुक्रवार सुबह से ही गिजाड़ौद गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा और हर आंख गांव की दहलीज पर टकटकी लगाए बैठी रही। सेना के अधिकारियों ने पहले सुबह 11 बजे और फिर दोपहर 2 बजे पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंचने की सूचना दी थी बाद में रात 8:55 पर पहुंचने की जानकारी दी गई। गांव के सरपंच नरेश कुमार सैन्य मुख्यालय के निरंतर संपर्क में हैं। बलिदानी के छोटे भाई जितेंद्र उर्फ जीतू ने रुंधे गले से बताया कि उसकी मोहित से अंतिम बार बुधवार शाम को ही बात हुई थी। मोहित ने वादा किया था कि वह मार्च में छुट्टी लेकर घर आएगा। करीब दो महीने पहले ही मोहित शादी की सालगिरह मनाने घर आया था। वर्ष 2019 में सेना में भर्ती हुए मोहित की शादी एक वर्ष पूर्व ही हुई थी। गांव में बनेगा स्मारक जीतू ने बताया कि पहले घायल होने की सूचना मिली थी, लेकिन शाम पांच बजे जब शहादत की खबर आई, तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पिता सतपाल, माता और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। गिजाड़ौद गांव ने अपने वीर सपूत के सम्मान में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। ग्राम पंचायत ने मुख्य सड़क के साथ लगती 500 वर्ग गज पंचायती भूमि बलिदानी मोहित चौहान के स्मारक के लिए आवंटित की है। शुक्रवार को दिनभर जेसीबी मशीनों से इस जमीन को समतल करने का कार्य चला। शनिवार को मोहित का अंतिम संस्कार किया जाएगा।