samacharsecretary.com

हरियाणा पुलिस भर्ती में रिक्रूटमेंट प्रोसेस वाले महीने से होगी आयु सीमा की गणना

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस भर्ती को लेकर आयु सीमा पर चल रही असमंजस की स्थिति अब पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने इस विषय में स्थिति साफ करते हुए कहा है कि जिस महीने भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी, उसी महीने की पहली तारीख को आयु गणना की आधार तिथि माना जाएगा। दरअसल, हरियाणा पुलिस में प्रस्तावित 5500 पदों की भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों के बीच यह सवाल उठ रहा था कि उम्र की गणना किस तारीख से की जाएगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चेयरमैन हिम्मत सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस नियमों में पहले से ही यह प्रावधान मौजूद है, जिसके तहत भर्ती माह की पहली तारीख से ही अभ्यर्थियों की आयु निर्धारित की जाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि किसी वर्ष भर्ती प्रक्रिया 20 अगस्त से शुरू होती है, तो अभ्यर्थियों की उम्र की गणना 1 अगस्त को आधार मानकर की जाएगी। यानी जिस महीने आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी, उसी महीने की पहली तारीख से आयु सीमा तय होगी। हिम्मत सिंह ने यह भी दोहराया कि वर्ष 2024 में रद्द हुई पुलिस भर्ती में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को नई भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा में छूट दी जाएगी। इस संबंध में आयोग की ओर से जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। चेयरमैन ने कहा कि अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।

हरियाणा DGP का सख्त आदेश: पुलिसकर्मी ठगी या अपराध में पकड़े गए तो सीधे बर्खास्त

चंडीगढ़  हरियाणा पुलिस में भ्रष्टाचार, ठगी और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने साफ कर दिया है कि यदि कोई पुलिसकर्मी ठगी या अपराध में रंगे हाथ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय जांच की औपचारिकता में समय बर्बाद नहीं किया जाएगा, बल्कि संविधान के आर्टिकल 311(2) के तहत सीधे सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। डीजीपी ओपी सिंह ने इस संबंध में प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नर और पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हैंडल पर लिखा कि ठग और बदमाश चाहे पुलिस में हों या समाज में, पुलिस विभाग की नीति एकदम साफ है-कानून को जवाब देना होगा।  डीजीपी ने बताया कि उन्होंने सभी एसपी और सीपी को निर्देश दिए हैं कि जो भी पुलिसकर्मी आपराधिक गतिविधियों में रंगे हाथ पकड़ा जाए, उसके लिए अलग से जांच बैठाने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में संविधान द्वारा प्रदत्त असाधारण शक्तियों का उपयोग करते हुए तत्काल बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाए। ओपी सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई चेतावनी मात्र नहीं है, बल्कि बीते दो महीनों में इस नीति के तहत कई मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। रंगे हाथ पकड़े गए पुलिसकर्मियों को सेवा से हटाया गया है और आगे भी यही नीति सख्ती से लागू रहेगी। डीजीपी का यह सख्त रुख पुलिस महकमे की छवि सुधारने और ईमानदार पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। संदेश साफ है कि वर्दी में अपराध बर्दाश्त नहीं, जैसी करनी वैसी भरनी। 

हरियाणा पुलिस सतर्क: IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में हो सकता है बवाल

हरियाणा हरियाणा के सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या से उपजे तनाव और असंतोष को देखते हुए हरियाणा सरकार को प्रदेश का माहौल खराब होने की चिंता सताने लगी है। विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सरकार ने सोमवार रात पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए अलर्ट जारी किया है। सरकार ने सभी फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा है। मुख्य सचिव कार्यालय के राजनीतिक शाखा की ओर से यह निर्देश जारी किए गए, जिसमें सभी डीसी, एसपी, आईजीपी और पुलिस आयुक्तों को कानून-व्यवस्था और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है। सरकार के निर्देशों में कहा गया है कि हाल के दिनों में पूरन कुमार की मौत से जुड़े घटनाक्रमों को देखते हुए राज्य में सामाजिक तनाव की स्थिति बन सकती है इसलिए सभी जिलों में स्थानीय संगठनों और सामुदायिक नेताओं से समन्वय बनाए रखते हुए हालात पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि किसी भी ऐसी गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करें जो शांति और सौहार्द को प्रभावित कर सकती है। स्थिति की नियमित रिपोर्ट सरकार को भेजी जाए। राहुल गांधी के दौरे से सियासी पारा बढ़ा महापंचायत की तरफ से दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम का समय भी आज पूरा हो रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज अमनीत पी कुमार के आवास पहुंचेंगे। उनके साथ सोनिया गांधी के भी आने की चर्चा है। राहुल गांधी के इस दौरे से सियासी पारा बढ़ गया है। विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव बढ़ने के बीच डीजीपी शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने छुट्टी की अवधि के बारे में कुछ नहीं बताया गया है। हरियाणा सरकार ने कहा है कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन अब तक पूरन कुमार का पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ है। उनकी पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने पोस्टमार्टम की इजाजत देने से इनकार कर दिया और वह इस मांग पर कायम हैं कि सरकार को पहले सुसाइड नोट में नामजद सभी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे। अब देखना ये होगा कि डीजीपी को छुट्टी पर भेजने के बाद वह पोस्टमार्टम के लिए राजी होंगी या नहीं। गृह मंत्री अमित शाह आज गुरुग्राम आयेंगे आईपीएस कुमार के सुसाइड के बाद से प्रदेश में बने माहौल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हरियाणा दौरा रद्द हो गया है। वह 17 अक्टूबर को सोनीपत में रैली को संबोधित करने वाले थे। प्रदेश की नायब सरकार के एक साल पूरा होने के अवसर पर होने वाली रैली भी स्थगित कर दी गई है, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज गुरुग्राम आयेंगे। वह नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने आ रहे हैं। वे यहां एनएसजी के विशेष जवानों को संबोधित करेंगे और ब्लैक कैट स्पेशल ऑपरेशंस ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह में हिस्सा लेंगे। समारोह के दौरान एनएसजी की मैग्जीन का भी विमोचन करेंगे। नगर पालिका कर्मचारी संघ प्रदेश में प्रदर्शन करेगा कुमार के परिवार के समर्थन में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करेगा। कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने बताया कि आज एक प्रतिनिधि मंडल सेक्टर 24 स्थित आवास पर पीड़ित परिवार से मिलेगा। सांत्वना देने के बाद आगामी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर कोई बड़ा और कड़ा निर्णय भी लिया जाएगा।

शत्रुजीत कपूर की विदाई के बाद ओपी सिंह को हरियाणा DGP का चार्ज

हरियाणा आईपीएस अधिकारी वाई पूरन सिंह की खुदकुशी मामले में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर को रातोंरात छुट्टी पर भेज दिया गया है। वहीं उनकी जगह पर एडीजीपी रैंक के सीनियर आईपीएस अधिकारी ओपी सिंह को कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। ओपी सिंह दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के जीजा हैं। वह हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन और एफएसएल मधुबन के निदेशक का कार्यभार संभाल रहे थे। पुलिस ने इस मामले में डीजीपी समेत उन सभी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है जिनके नाम सुसाइड नोट में लिखे थे। गौरतलब है कि वाई.पूरन कुमार 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे और रोहतक के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) के पद पर तैनात थे। उन्होंने 7 अक्टूबर को कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी। उनके आठ पन्नों के सुसाइड नोट में 13 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल थे, जिन पर उन्होंने उत्पीड़न और करियर को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए थे। इनमें सबसे अधिक आरोप डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी पर थे। इस मामले में पूर्व रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारनिया को शनिवार को पद से हटा दिया गया था और उनकी जगह सुरिंदर सिंह भोरिया को रोहतक का नया एसपी नियुक्त किया गया है। फिलहाल बिजारनिया को कोई नया पद नहीं दिया गया है। डीजीपी शत्रुजीत कपूर को जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेजा गया है। इसके अलावा, चंडीगढ़ पुलिस ने वाई. पूरन कुमार की पत्नी से उनका लैपटॉप भी जांच के लिए मांगा है।