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डिजिटल ट्रांसफर सिस्टम लागू, 6884 पुलिसकर्मियों को मिली मनपसंद पोस्टिंग

 करनाल  हरियाणा पुलिस में पहली बार बिना किसी सिफारिश के 6884 सिपाहियों जनरल ड्यूटी (महिला व पुरुष) के आनलाइन तबादले किए गए हैंं। इनमें 5098 पुरुष जवान शामिल हैं और 1786 महिला सिपाही शामिल हैं। खास बात ये है कि सिपाहियों द्वारा पोर्टल पर आनलाइन भरे गए विकल्पों के तहत ही मैरिट के आधार पर जवानों को मनपसंद स्टेशन अलाट किए गए हैं। आनलाइन तबादला प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का मानवीय दखल नहीं दिया गया है, बल्कि पूरा काम आनलाइन ही साफ्टवेयर के माध्यम से हुआ है। पुलिस मुख्यालय की ओर से मार्च माह में इसके लिए आवेदन मांगे गए थे। 2 मार्च से 20 मार्च के बीच जवानों से आनलाइन ही जिलों के विकल्प मांगे गए थे। इनमें पुलिस प्रशिक्षण पूरा कर चुके महिला व पुरुष सिपाहियों ने भाग लिया। अब पोर्टल पर भरे गए विकल्पों के आधार पर ही साफ्टवेयर के माध्यम से जवानों को जिले अलाट किए गए हैं। संबंधित जिलों में खाली सीटों के आधार पर जिले अलाट किए गए हैं। जवानों को जल्द रिलीव कराने के आदेश डीजीपी अजय सिंहल की ओर से सभी पुलिस आयुक्त, एसपी, डीसीपी, एचएपी के कमांडेंट समेत एडीजीपी और एचएपी के निदेशक समेत अन्य अधिकारियों को लिखित में आदेश दिए हैं कि तबादला किए गए जवानों को जल्द ही रिलीव किया जाए, ताकि वे अपने नए स्टेशनों पर ज्वाइन कर सकें। इससे पहले, पुलिस में नए जवानों को मनचाहे स्टेशन के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। पुलिस का बेसिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सिपाहियों को खाली सीटों के आधार पर स्टेशन अलाट किए जाते थे। ऐसे में काफी संख्या में जवानों को अपने पैतृक जिलों से 200 से 300 किलोमीटर तक दूरी के स्टेशन मिलते थे। इसके अलावा, खासतौर पर राजनीतिक लोगों की सिफारिशों के साथ साथ प्रशासनिक अधिकारियों की सिफारिशों से तबादले होते थे।लेकिन एक साथ में तबादले पहली बार हैं। अगर तबादले होते भी थे तो वे बड़े छोटे स्तर पर होते थे। लेकिन जवानों को राहत देते हुए पुलिस मुख्यालय ने पहली बार ये बड़ा फैसला लिया है। इससे जवानों को बड़ी राहत मिली है और वे अपने पैतृक जिलों के आसपास पहुंच गए हैं। आइआरबी के जवान कर रहे लंबे समय से इंतजार इधर, आइआरबी के 2500 सरकार के आदेश होने के बावजूद तबादलों का इंतजार कर रहे हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद मंत्रिमंडल की मंजूरी भी हो चुकी है और बकायदा नोटिफिकेशन भी हो चुका है, लेकिन अभी तक आइआरबी के जवानों को जिला पुलिस में तबादले की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इसको लेकर आरआरबी के जवान कई बार मुख्यमंत्री से लेकर डीजीपी तक से मिलकर मांग कर चुके हैं। गौर हो कि मनोहर लाल सरकार ने 2024 में फैसला लिया था कि आइआरबी में 15 साल पूरे कर चुके जवानों को जिला पुलिस में बदला जा सकेगा।

UPSC की मंजूरी के बाद DPC बैठक जल्द, HPS अफसरों को मिलेगा IPS काडर

 पंचकूला  हरियाणा पुलिस सेवा (एचपीएस) के 22 अधिकारी जल्द ही भारतीय पुलिस सेवा (आइपीएस) में शामिल होंगे। एचपीएस अधिकारियों को आइपीएस बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। अगले सप्ताह विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक होगी। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के अनुरोध पर यह बैठक चंडीगढ़ में किए जाने स्वीकृति दे दी है। प्रदेश में लंबे समय से एचपीएस अफसरों को आइपीएस काडर में पदोन्नति की प्रक्रिया लंबित चल रही है। करीब दो महीने पहले मुख्य सचिव ने 22 एचपीएस अफसरों को इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट जारी किया था। हालांकि, मुख्य सचिव रस्तोगी का स्वास्थ्य खराब होने से डीपीसी की बैठक नहीं हो पाई। अब खुद मुख्य सचिव ने यूपीएससी से जल्द बैठक का आग्रह किया है। हालांकि उन्होंने बैठक दिल्ली के बजाए चंडीगढ़ में करने का अनुरोध किया है। सचिव सहित कुछ नामित व्यक्ति चुने जाते हैं मुख्य सचिव की ओर से कहा गया है कि अभी वह स्वास्थ्य कारणों से यात्रा करने में सक्षम नहीं है ऐसे में यदि डीपीसी चंडीगढ़ में हो तो बेहतर रहेगा। इस पर यूपीएससी ने अपनी सहमति जता दी है। बैठक में आयोग की ओर से सचिव सहित कुछ नामित सदस्य आते हैं, जिसमें मुख्य सचिव और गृह सचिव सुधीर राजपाल मौजूद रहेंगे। दो साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यकाल में 13 एचपीएस के प्रमोशन की फाइल की मंजूरी मिली थी। तब गृह विभाग की ओर से तैयार की गई फाइल को तत्कालीन मुख्य सचिव संजीव कौशल ने आपत्ति जताते हुए वापस भेज दिया था। उस समय कई एचपीएस अफसरों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट ही पूरी नहीं थी। इस कारण उनके इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट जारी नहीं हो सके। अब यह प्रक्रिया दोबारा शुरू होने जा रही है।

‘अभेद्य’ ऐप से बदलेगा खेल! हरियाणा पुलिस की नई पहल से रंगदारी कॉल्स पर रोक

चंडीगढ़ हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराध, धमकी भरे कॉल्स और रंगदारी (Extortion) की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से ‘अभेद्य’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह देश में अपनी तरह का पहला मोबाइल आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म है, जो नागरिकों को संदिग्ध कॉल्स, धमकी भरे संदेशों, स्टॉकिंग और डिजिटल उत्पीड़न से बचाने में सक्षम होगा। इस पहल के साथ ही हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां पर इस प्रकार की अनूठी पहल की गई है। इस संबंध में हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने आज पुलिस मुख्यालय, सेक्टर-6, पंचकूला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ‘अभेद्य’ ऐप के फीचर्स और कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी साझा की। इस दौरान उनके साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक साइबर एवं पुलिस आयुक्त पंचकूला शिबास कबिराज तथा डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि बदलते समय में अपराधी इंटरनेट आधारित कॉलिंग, फर्जी नंबरों और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों को डराने और ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं, ऐसे में यह ऐप नागरिकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा। सिंघल ने कहा कि पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने एक्सटॉर्शन कॉल्स पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए योजनाबद्ध रणनीति के तहत कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दिशा में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत सख्त एवं स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए थे, जिनके अनुरूप पुलिस ने ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि इस मोबाइल ऐप के माध्यम से डॉक्टरों, ठेकेदारों, व्यापारियों सहित आम नागरिकों को व्यापक स्तर पर सुरक्षा और राहत मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो व्यक्ति भय और आतंक का माहौल बनाने का प्रयास करता है, उसे आतंकवादी की श्रेणी में रखकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सिंघल ने बताया कि देश के भीतर से आने वाली कॉल्स को ट्रेस करना अपेक्षाकृत सरल होता है, जबकि विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल्स एक बड़ी तकनीकी चुनौती पेश करती हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस के तकनीकी विशेषज्ञों ने दिन-रात मेहनत कर एक सशक्त समाधान विकसित किया, जिसके सफल परीक्षण के बाद आज इसे लॉन्च किया गया है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि यह पूरी तरह हरियाणा पुलिस की इन-हाउस पहल है, जो उनकी तकनीकी क्षमता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने जानकारी दी कि इस ऐप का ट्रायल 25 चयनित उपयोगकर्ताओं द्वारा किया गया, जिसमें इसकी कार्यक्षमता पूरी तरह सफल पाई गई। भविष्य में आवश्यकतानुसार इसमें और सुधार व अपडेट किए जाएंगे। पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर प्राप्त करे मोबाइल ऐप का एक्सेस   इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए इच्छुक व्यक्ति को संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक से संपर्क करना होगा, जिसके उपरांत उसे अधिकृत एक्सेस प्रदान किया जाएगा। यह ऐप एंड्रॉयड एवं एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। सिंघल ने यह भी बताया कि हरियाणा पुलिस की सक्रिय कार्यवाही के परिणामस्वरूप जनवरी एवं फरवरी 2026 में पिछले वर्ष की तुलना में एक्सटॉर्शन कॉल्स में लगभग 40 प्रतिशत की कमी तथा अपराध में 8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मोबाइल ऐप के शुरू होने से डिजिटल फ्रॉड, साइबर अपराध और एक्सटॉर्शन कॉल्स पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। ऐप की कार्यप्रणाली ‘अभेद्य’ ऐप अज्ञात और संदिग्ध नंबरों से आने वाली कॉल्स और संदेशों की पहचान कर उन्हें उपयोगकर्ता तक पहुँचने से पहले ही रोक देता है। यह विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय, वर्चुअल और अनसेव्ड नंबरों की निगरानी करता है तथा संदिग्ध पाए जाने पर कॉल को स्वतः रिजेक्ट कर नंबर को ब्लॉक कर देता है। यह ऐप संदिग्ध चैट, वॉयस मैसेज, नोटिफिकेशन और वॉयस नोट को भी डिवाइस से हटा देता है, जिससे उपयोगकर्ता किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव या भय से सुरक्षित रह सके। इतना ही नहीं, विदेशो से आने वाली संदिग्ध कॉल्स पर भी नजर जाएगी। इससे एक तरफ उपयोगकर्ता मानसिक दबाव से दूर रहेगा वही दूसरी तरफ संदिग्ध कॉल करने वाले व्यक्ति को हरियाणा पुलिस द्वारा बैकहैंड से ट्रेस किया जाएगा। अभेद्य-2.0: और मजबूत सुरक्षा प्रणाली प्रेस वार्ता में ‘अभेद्य-2.0’ के बारे में भी जानकारी दी गई, जो इस ऐप का अपडेटेड वर्जन है। इसके माध्यम से न केवल इंटरनेट आधारित  फ्रॉड कॉल्स बल्कि सामान्य कॉल्स पर भी नियंत्रण संभव होगा। इसमें अज्ञात अंतरराष्ट्रीय कॉल्स, संदिग्ध घरेलू कॉल्स (यूजर विकल्प अनुसार), तथा प्राइवेट या हिडन नंबरों को ब्लॉक करने की सुविधा दी गई है, जबकि केवल सेव एवं सत्यापित नंबरों से कॉल की अनुमति होगी। नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ यह ऐप नागरिकों को धमकी भरे कॉल्स, रंगदारी के प्रयासों और साइबर अपराध से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले गुमनाम संचार माध्यमों पर रोक लगेगी और उनकी पहचान एवं ट्रैकिंग कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए अधिक आसान हो सकेगी। डिजिटल अरेस्ट पर कड़ा वार: ड्यूल ओटीपी सिस्टम से बढ़ेगी सुरक्षा इसके साथ ही उन्होंने बताया कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस शीघ्र ही “ड्यूल ओटीपी सिस्टम” लागू करने जा रही है। इस पहल के तहत एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है और प्रारंभिक चरण में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के खाताधारकों को इसमें शामिल किया जाएगा। इस व्यवस्था के अंतर्गत किसी भी वित्तीय लेन-देन के लिए आने वाला ओटीपी मूल खाताधारक के साथ-साथ उनके परिजन—जैसे बेटे, बेटी या अन्य विश्वसनीय सदस्य—के पास भी भेजा जाएगा। दोनों की पुष्टि के पश्चात ही ट्रांजेक्शन को स्वीकृति दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, खाताधारकों के बैंक लेन-देन की सीमा (ट्रांजेक्शन लिमिट) भी निर्धारित की जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। सिंघल ने कहा कि इस अभिनव व्यवस्था के लागू होने से “डिजिटल अरेस्ट” जैसे साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक एवं विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा रही है। हरियाणा पुलिस का संकल्प डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस प्रत्येक अपराधी को ट्रेस कर कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ‘अभेद्य’ ऐप का अधिक से अधिक … Read more

हरियाणा पुलिस भर्ती में रिक्रूटमेंट प्रोसेस वाले महीने से होगी आयु सीमा की गणना

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस भर्ती को लेकर आयु सीमा पर चल रही असमंजस की स्थिति अब पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने इस विषय में स्थिति साफ करते हुए कहा है कि जिस महीने भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी, उसी महीने की पहली तारीख को आयु गणना की आधार तिथि माना जाएगा। दरअसल, हरियाणा पुलिस में प्रस्तावित 5500 पदों की भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों के बीच यह सवाल उठ रहा था कि उम्र की गणना किस तारीख से की जाएगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चेयरमैन हिम्मत सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिस नियमों में पहले से ही यह प्रावधान मौजूद है, जिसके तहत भर्ती माह की पहली तारीख से ही अभ्यर्थियों की आयु निर्धारित की जाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि किसी वर्ष भर्ती प्रक्रिया 20 अगस्त से शुरू होती है, तो अभ्यर्थियों की उम्र की गणना 1 अगस्त को आधार मानकर की जाएगी। यानी जिस महीने आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी, उसी महीने की पहली तारीख से आयु सीमा तय होगी। हिम्मत सिंह ने यह भी दोहराया कि वर्ष 2024 में रद्द हुई पुलिस भर्ती में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को नई भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा में छूट दी जाएगी। इस संबंध में आयोग की ओर से जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। चेयरमैन ने कहा कि अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है और भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।

हरियाणा DGP का सख्त आदेश: पुलिसकर्मी ठगी या अपराध में पकड़े गए तो सीधे बर्खास्त

चंडीगढ़  हरियाणा पुलिस में भ्रष्टाचार, ठगी और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने साफ कर दिया है कि यदि कोई पुलिसकर्मी ठगी या अपराध में रंगे हाथ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय जांच की औपचारिकता में समय बर्बाद नहीं किया जाएगा, बल्कि संविधान के आर्टिकल 311(2) के तहत सीधे सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। डीजीपी ओपी सिंह ने इस संबंध में प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नर और पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हैंडल पर लिखा कि ठग और बदमाश चाहे पुलिस में हों या समाज में, पुलिस विभाग की नीति एकदम साफ है-कानून को जवाब देना होगा।  डीजीपी ने बताया कि उन्होंने सभी एसपी और सीपी को निर्देश दिए हैं कि जो भी पुलिसकर्मी आपराधिक गतिविधियों में रंगे हाथ पकड़ा जाए, उसके लिए अलग से जांच बैठाने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में संविधान द्वारा प्रदत्त असाधारण शक्तियों का उपयोग करते हुए तत्काल बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाए। ओपी सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई चेतावनी मात्र नहीं है, बल्कि बीते दो महीनों में इस नीति के तहत कई मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। रंगे हाथ पकड़े गए पुलिसकर्मियों को सेवा से हटाया गया है और आगे भी यही नीति सख्ती से लागू रहेगी। डीजीपी का यह सख्त रुख पुलिस महकमे की छवि सुधारने और ईमानदार पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। संदेश साफ है कि वर्दी में अपराध बर्दाश्त नहीं, जैसी करनी वैसी भरनी। 

हरियाणा पुलिस सतर्क: IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में हो सकता है बवाल

हरियाणा हरियाणा के सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या से उपजे तनाव और असंतोष को देखते हुए हरियाणा सरकार को प्रदेश का माहौल खराब होने की चिंता सताने लगी है। विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सरकार ने सोमवार रात पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए अलर्ट जारी किया है। सरकार ने सभी फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा है। मुख्य सचिव कार्यालय के राजनीतिक शाखा की ओर से यह निर्देश जारी किए गए, जिसमें सभी डीसी, एसपी, आईजीपी और पुलिस आयुक्तों को कानून-व्यवस्था और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है। सरकार के निर्देशों में कहा गया है कि हाल के दिनों में पूरन कुमार की मौत से जुड़े घटनाक्रमों को देखते हुए राज्य में सामाजिक तनाव की स्थिति बन सकती है इसलिए सभी जिलों में स्थानीय संगठनों और सामुदायिक नेताओं से समन्वय बनाए रखते हुए हालात पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि किसी भी ऐसी गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करें जो शांति और सौहार्द को प्रभावित कर सकती है। स्थिति की नियमित रिपोर्ट सरकार को भेजी जाए। राहुल गांधी के दौरे से सियासी पारा बढ़ा महापंचायत की तरफ से दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम का समय भी आज पूरा हो रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज अमनीत पी कुमार के आवास पहुंचेंगे। उनके साथ सोनिया गांधी के भी आने की चर्चा है। राहुल गांधी के इस दौरे से सियासी पारा बढ़ गया है। विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव बढ़ने के बीच डीजीपी शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने छुट्टी की अवधि के बारे में कुछ नहीं बताया गया है। हरियाणा सरकार ने कहा है कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन अब तक पूरन कुमार का पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ है। उनकी पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने पोस्टमार्टम की इजाजत देने से इनकार कर दिया और वह इस मांग पर कायम हैं कि सरकार को पहले सुसाइड नोट में नामजद सभी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे। अब देखना ये होगा कि डीजीपी को छुट्टी पर भेजने के बाद वह पोस्टमार्टम के लिए राजी होंगी या नहीं। गृह मंत्री अमित शाह आज गुरुग्राम आयेंगे आईपीएस कुमार के सुसाइड के बाद से प्रदेश में बने माहौल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हरियाणा दौरा रद्द हो गया है। वह 17 अक्टूबर को सोनीपत में रैली को संबोधित करने वाले थे। प्रदेश की नायब सरकार के एक साल पूरा होने के अवसर पर होने वाली रैली भी स्थगित कर दी गई है, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज गुरुग्राम आयेंगे। वह नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने आ रहे हैं। वे यहां एनएसजी के विशेष जवानों को संबोधित करेंगे और ब्लैक कैट स्पेशल ऑपरेशंस ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह में हिस्सा लेंगे। समारोह के दौरान एनएसजी की मैग्जीन का भी विमोचन करेंगे। नगर पालिका कर्मचारी संघ प्रदेश में प्रदर्शन करेगा कुमार के परिवार के समर्थन में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करेगा। कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने बताया कि आज एक प्रतिनिधि मंडल सेक्टर 24 स्थित आवास पर पीड़ित परिवार से मिलेगा। सांत्वना देने के बाद आगामी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर कोई बड़ा और कड़ा निर्णय भी लिया जाएगा।

शत्रुजीत कपूर की विदाई के बाद ओपी सिंह को हरियाणा DGP का चार्ज

हरियाणा आईपीएस अधिकारी वाई पूरन सिंह की खुदकुशी मामले में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर को रातोंरात छुट्टी पर भेज दिया गया है। वहीं उनकी जगह पर एडीजीपी रैंक के सीनियर आईपीएस अधिकारी ओपी सिंह को कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। ओपी सिंह दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के जीजा हैं। वह हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन और एफएसएल मधुबन के निदेशक का कार्यभार संभाल रहे थे। पुलिस ने इस मामले में डीजीपी समेत उन सभी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है जिनके नाम सुसाइड नोट में लिखे थे। गौरतलब है कि वाई.पूरन कुमार 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे और रोहतक के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) के पद पर तैनात थे। उन्होंने 7 अक्टूबर को कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी। उनके आठ पन्नों के सुसाइड नोट में 13 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल थे, जिन पर उन्होंने उत्पीड़न और करियर को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए थे। इनमें सबसे अधिक आरोप डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी पर थे। इस मामले में पूर्व रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारनिया को शनिवार को पद से हटा दिया गया था और उनकी जगह सुरिंदर सिंह भोरिया को रोहतक का नया एसपी नियुक्त किया गया है। फिलहाल बिजारनिया को कोई नया पद नहीं दिया गया है। डीजीपी शत्रुजीत कपूर को जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेजा गया है। इसके अलावा, चंडीगढ़ पुलिस ने वाई. पूरन कुमार की पत्नी से उनका लैपटॉप भी जांच के लिए मांगा है।