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सम्राट चौधरी सरकार का बड़ा कैबिनेट विस्तार, 32 नए मंत्रियों को मिली जिम्मेदारी

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। पटना के गांधी मैदान में पहला कैबिनेट विस्तार किया गया, जिसमें 32 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का भी नाम शामिल है। आज से करीब 22 से दिन पहले जब सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया गया तब भी निशांत डिप्टी सीएम बनने की चर्चा हुई थी। जेडीयू के बड़े नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने पहले बिहार घूमने की बात कहकर डिप्टी सीएम बनने से इनकार कर दिया था। इसके बाद भी जेडीयू के नेता निशांत को मनाने में जुटे रहे और अब वो सम्राट कैबिनेट में बतौर मंत्री शामिल हो गए हैं। सीएम ने निशांत कुमार को बिहार का स्वास्थ्य मंत्री बनाया है, जिस पद पर लंबे समय तक रहे मंगल पांडेय इस बार सरकार से ड्रॉप हो गए हैं। सम्राट चौधरी कैबिनेट के विस्तार के वक्त जेडीयू के वरिष्ठ नेता संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने निशांत कुमार को समझाया और बिहार सरकार में शामिल होने के लिए तैयार किया। अब निशांत को बिहार का स्वास्थ्य मंत्री बना दिया गया है। पहले यह विभाग भाजपा के पास रहा करता था, जिसे जदयू को दे दिया गया है। पहली बार मंत्री बने निशातं को स्वास्थ्य जैसे बड़े मंत्रालय की कमान सौंपी गई है। आपको बता दें कि जब निशांत कुमार मंत्री पद के लिए तैयार नहीं दिख रहे थे तब उनके साथ नजर आ रहे युवा विधायकों की कोर टीम में से किसी एक को मंत्री बनाने की चर्चा थी। जेडीयू के उन युवा विधायकों में रुहैल रंजन, अतिरेक कुमार, चेतन आनंद, कोमल सिंह, ऋतुराज कुमार, नचिकेता मंडल वगैरह का नाम शामिल था। भाजपा ने इन्हें बनाया मंत्री भाजपा कोटे से विजय कुमार सिन्हा, रामकृपाल यादव, केदार गुप्ता, नीतीश मिश्रा, मिथिलेश तिवारी, रमा निषाद,दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह,प्रमोद चंद्रवंशी, लखविंदर पासवान, संजय टाइगर, इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र, नंद किशोर राम, रामचंद्र प्रसाद और अरुण शंकर प्रसाद को मंत्री बनाया गया है। जेडीयू कोटे से कौन-कौन जेडीयू कोटे से निशांत कुमार, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, रत्नेश सदा, मदन सहनी, लेसी सिंह, श्वेता गुप्ता, बुलो मंडल, दामोदर रावत, भगवान सिंह कुशवाहा, सुनील कुमार, शीला मंडल और जमा खान को मंत्री बनाया गया है। विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव पहले से मंत्री हैं। चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) से संजय सिंह व संजय पासवान, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम से संतोष सुमन और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो से दीपक प्रकाश मंत्री बने हैं।

महिला मरीज को थप्पड़ मारने वाली घटना: स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल कर्मी को सस्पेंड किया

पटियाला पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला के माता कौशल्या अस्पताल में महिला मरीज के साथ हुई मारपीट की घटना का गंभीरता से संज्ञान लिया।  अस्पताल के एक ठेका कर्मचारी द्वारा महिला को थप्पड़ मारने और शीशा तोड़ने की वायरल वीडियो के बाद मंत्री ने तत्काल एक्शन लेते हुए संबंधित कर्मचारी गुरप्रीत सिंह को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दिए। वीरवार को डॉ. बलबीर सिंह ने अस्पताल का औचक दौरा किया और ओपीडी में मरीजों से उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घटना का वीडियो देखकर मुझे गहरा दुख हुआ है क्योंकि कर्मचारी द्वारा महिला मरीज को थप्पड़ मारने और शीशा तोड़ने से न केवल महिला को चोट लगी बल्कि अन्य मरीजों के लिए भी यह खतरनाक हो सकता था। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस घटना में शामिल ठेका कर्मचारी गुरप्रीत सिंह को एक महीने का नोटिस देकर सेवा से हटा दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर का निरीक्षण करते हुए एसएमओ डॉ. विकास गोयल और डॉ. जैदीप भाटिया को निर्देश दिए कि मरीजों को पर्ची बनाने में कम से कम समय लगे, इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए। डॉ. बलबीर सिंह ने इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का विशेष ध्यान मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने पर केंद्रित है और आम आदमी पार्टी सरकार का उद्देश्य लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर शिक्षा प्रदान करना है। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के स्टाफ से आह्वान किया कि वे मरीजों के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार रखें। उन्होंने कहा, कई बार मरीज मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं और उल्टा-सीधा बोल सकते हैं लेकिन उन्हें इलाज की आवश्यकता होती है इसलिए स्टाफ को धैर्य और नरमी से पेश आना चाहिए। मंत्री ने माता कौशल्या अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों की सराहना की जिनकी मेहनत और ईमानदारी से अस्पताल में हर दिन लगभग 1500 से 1700 मरीज इलाज के लिए आते हैं। अंत में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की हंगामेबाजी या दुर्व्यवहार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कई मामलों में पुलिस केस भी दर्ज किए गए हैं। यह घटना सरकारी अस्पतालों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है जिसमें मरीजों को बेहतर सुविधाएं और संवेदनशीलता से इलाज मिलने की उम्मीद है।

साइकिल से विधानसभा पहुंचे झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी

रांची. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी बुधवार को साइकिल से विधानसभा पहुंचे. उन्होंने यह कदम राज्य में गैस और तेल की सप्लाई से जुड़े संकट को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में उठाया. मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, खासकर ईरान युद्ध के प्रभाव के कारण देश में गैस और तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिसका असर झारखंड के कई क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है. इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से साइकिल से विधानसभा पहुंचकर विरोध जताया. केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर झारखंड में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति तुरंत बहाल करने की मांग की है. उन्होंने अपने पत्र में कहा कि राज्य में कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई बाधित होने से कई औद्योगिक संस्थानों, होटलों और कैंटीनों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उद्योग और होटल व्यवसाय पर पड़ रहा असर डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि एलपीजी की कमी का असर सिर्फ व्यवसाय पर ही नहीं, बल्कि हजारों कामगारों के भोजन की व्यवस्था पर भी पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि रांची स्थित उषा मार्टिन लिमिटेड समेत कई औद्योगिक इकाइयों की कैंटीनों में गैस की कमी के कारण भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है. इससे वहां काम करने वाले कर्मचारियों और श्रमिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि औद्योगिक कैंटीनों और होटल व्यवसाय के लिए कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जाए. उन्होंने कहा कि यदि गैस की नियमित आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो इससे उद्योगों के कामकाज, होटल व्यवसाय और श्रमिकों की भोजन व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है. मंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर जल्द सकारात्मक कदम उठाएगी.

सात नए मेडिकल कॉलेजों के साथ पंजाब में स्वास्थ्य व्यवस्था का विस्तार, युवाओं को विदेश जाने की जरूरत नहीं

होशियारपुर पंजाब सरकार राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने बताया कि राज्य में सात नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जिससे मेडिकल सीटों में बड़ा इजाफा होगा और विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए यूक्रेन, ईरान और चीन नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 20 मार्च से होशियारपुर में मेडिकल कॉलेज की शुरुआत की जा रही है। यहां 100 एमबीबीएस सीटों के साथ 300 बेड का अस्पताल भी बनाया जा रहा है। इस परियोजना का काम 19 मार्च 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय इस प्रोजेक्ट का बजट 550 करोड़ रुपये तय किया गया था, लेकिन कई बार टेंडर फेल हो गए। अब इंजीनियरिंग रिपोर्ट के आधार पर लागत घटाकर करीब 274 करोड़ रुपये कर दी गई है। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि कपूरथला अस्पताल का टेंडर जारी हो चुका है, जबकि संगरूर और शहीद भगत सिंह नगर में मेडिकल कॉलेज के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा मलेरकोटला में मुस्लिम माइनॉरिटी मेडिकल कॉलेज और लहरागागा में भी मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले पंजाब में मेडिकल सीटें करीब 1900 थीं, लेकिन सरकार ने इसमें 300 नई सीटें जोड़ दी हैं और आने वाले समय में 600 सीटें और बढ़ाई जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को काफी फायदा होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अमृतसर, पटियाला और फरीदकोट में पोस्ट ग्रेजुएट स्पेशलिटी अस्पताल बनाए जाएंगे, जहां मरीजों को पीजीआई) जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही मोहाली में मेडिकल छात्रों के लिए हॉस्टल बनाए जा रहे हैं और नए कॉलेज भी विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्टर समिट में कॉर्पोरेट अस्पतालों के साथ भी साझेदारी की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। लुधियाना में एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज भी बन रहा है। 

स्वास्थ्य मंत्री पहुंचे जांजगीर-चांपा अस्पताल, नई सुविधाओं का किया शुभारंभ

रायपुर, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज जिला चिकित्सालय जांजगीर-चांपा का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, संचालक संजीव झा एवं सहायक संचालक डॉ. सुरेंद्र पाम्भोई उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं, स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों को मिल रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय में नवनिर्मित ओपीडी हॉल एवं नवजात शिशुओं के बेहतर उपचार हेतु 10 बेड के अत्याधुनिक एनआईसीयू वार्ड का विधिवत शुभारंभ  किया। उन्होंने कहा 10 बेड के एनआईसीय से अब क्षेत्र के नवजात शिशुओं को क्रिटिकल केयर हेतु बाहर नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य मंत्री मंत्री ने जीवनदीप समिति के माध्यम से स्वीकृत कार्यों की जानकारी लेते हुए कलेक्टर जन्मेजय मोहबे के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकता के अनुरूप जीवनदीप समिति से समयबद्ध स्वीकृतियाँ देना सराहनीय कदम है, जिससे अस्पताल की सेवाएँ निरंतर सुदृढ़ हुई हैं। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.के. मरकाम, सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक उत्कर्ष तिवारी, जिला अस्पताल प्रबंधक अंकित ताम्रकार, आरएमओ डॉ. संदीप साहू सहित जिला चिकित्सालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

सरकारी अस्पतालों में घटिया दवाइयों का मामला: मंत्री जायसवाल ने दिए जांच के आदेश

रायपुर सरकारी अस्पतालों में अमानक दवाइयां मिलने के मामले पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि पिछले 5 सालों में CGMSC के सिस्टम में जंग लग गया था, उन सभी बीमारियों को हमने ठीक करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी जांच या कार्रवाई होती है, तो हम उसे जनता के सामने रखते हैं। जो भी गलत पाया जा रहा है, उस पर हम कार्रवाई कर रहे हैं। अमानक दवाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बता दें कि हाल ही में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने दवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। रायपुर स्थित ड्रग वेयरहाउस ने सभी प्रमुख शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिया है कि “ऑफ्लॉक्सासिन ऑर्निडाजोल टैबलेट ” के एक विशेष बैच का उपयोग तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए। कांग्रेस के हस्ताक्षर अभियान पर बयान वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस के 20 लाख लोगों के हस्ताक्षर अभियान पर बयान देते हुए मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य की आबादी का 10 प्रतिशत भी हस्ताक्षर नहीं हुआ है। कितने हस्ताक्षर बैठकर किए गए, यह जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है।

बिना पूर्व सूचना के स्वास्थ्य मंत्री पहुंचे चाईबासा सदर अस्पताल, कर्मचारियों में हड़कंप!

रांची झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के अचानक चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य मंत्री ने लगभग तीन घंटे तक गहन जांच की और अस्पताल के सभी वाडरं, प्रयोगशालाओं एवं मरीजों की देखभाल व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान थैलेसीमिया मरीज की रिपोटर् में एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने की गंभीर लापरवाही सामने आई। मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने तत्काल कारर्वाई के निर्देश दिए और पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। इस दौरान चाईबासा के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, सिविल सर्जन और स्वास्थ्य विभाग के जांच विशेषज्ञ भी उपस्थित थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वर्ष 2023-24 में कुछ बच्चों को संक्रमित प्लाज्मा का ट्रांसफ्यूजन किया गया था। कुल 259 डोनर्स से रक्त लिया गया, जिनमें से 44 लोगों की जांच कराई गई। जांच में चार लोगों के एचआईवी पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। मंत्री ने बताया कि यह मामला गंभीर है और जांच जारी है। रिपोर्ट आने तक किसी को भी अफवाह या राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए। डॉ. अंसारी ने कहा की यदि जांच में किसी की लापरवाही साबित होती है, तो मैं स्वयं उस परिवार की पूरी जिम्मेदारी लूंगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। डॉ अंसारी ने आगे कहा कि कोल्हान क्षेत्र से चार-चार पूर्व मुख्यमंत्री रहे, लेकिन किसी ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया। आज जब खामियां सामने आ रही हैं, तो उन्हें बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। डॉ अंसारी ने यह भी कहा कि गलती हुई है, मैं स्वीकार करता हूं। मैंने तत्काल कार्रवाई की है और आगे जांच रिपोर्ट के आधार पर और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। भाजपा पर निशाना साधते हुए डॉ अंसारी ने कहा कि 'भाजपा इस गंभीर मामले को राजनीतिक रंग देकर अपनी रोटियां सेंक रही है। 20 वर्षों तक उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजाक बना दिया था। आज स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है और जनता यह महसूस कर रही है कि अब उनका इलाज बेहतर हो रहा है। डॉ अंसारी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि मैं लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए दिन-रात काम कर रहा हूं। जनता से अनुरोध है कि मुझे सहयोग दें और बेवजह की बयानबाजी से बचें।  

NOC नियमों में बदलाव और स्वास्थ्य केंद्रों में ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की मूर्ति लगाने की मांग

रायपुर छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन (CGDF) के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल से भेंट कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक हित से जुड़ी दो प्रमुख मांगें रखी गईं, जिस पर मंत्री ने त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया। ज्ञापन में CGDF ने मांग की है कि चिकित्सकों के लिए, उच्च शिक्षा अध्यन के लिए संपत्ति गिरवी रखने वाले नियम को शिथिल किया जाए एवं नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) की वर्तमान अनिवार्यता को समाप्त किया जाए। एक नवंबर को राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की प्रतिमाओं की स्थापना की जाए। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी का स्मरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में एक सकारात्मक, सांस्कृतिक वातावरण का निर्माण करना और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देना है। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने CGDF के प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए इन मुद्दों को गंभीरता से सुना और दोनों मांगों पर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। CGDF के प्रवक्ता डॉ. गंधर्व पांडे ने कहा, “हम मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन का स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि इन दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों पर शीघ्र ही सकारात्मक कार्यवाही होगी, जिससे राज्य के चिकित्सकों को लाभ मिलेगा।”

एनएमसी के मापदंड को पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देशों का हो पालन: स्वास्थ्य मंत्री

रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों के डीन एवं मेडिकल सुप्रीटेंडेंट की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वशासी समिति एवं प्रबंधकारिणी की बैठकों में स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पताल के चिकित्सक सेवा भावना के साथ कार्य करें और जन अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करें। बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए डीन और मेडिकल सुप्रीटेंडेंट को स्वशासी समिति के माध्यम से 10 लाख रुपए तक के अति आवश्यक उपकरणों और दवाइयों की खरीदी के अधिकार को बढ़ाते हुए 20 लाख रुपए तक किए जाने पर चर्चा हुई। बैठक में NMC मापदंडों का गैप एनालिसिस भी प्रस्तुत किया गया।इस दौरान मानव संसाधन के तहत नर्सिंग स्टाफ और पैरा मेडिकल पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। साथ ही राजनांदगांव में  वायरोलॉजी लैब की स्थापना का प्रस्ताव भी पारित हुआ। बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि उपकरणों एवं दवाओं के अत्यधिक लंबित क्रय को कॉलेज स्तर पर पूरा करने के लिए CGMSC द्वारा मेडिकल कॉलेजों को त्वरित रूप से एनओसी मिले। साथ ही अग्रिम राशि को शीघ्र प्रदाय किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत नवीन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें नए मेडिकल कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज शामिल हैं। बैठक में अवसंरचना विकास के तहत छात्रावास भवन, कॉलेज भवन, आंतरिक सड़क, पेयजल व्यवस्था और विद्युतीकरण की दिशा में कार्य करने का निर्णय लिया गया। सुविधाओं के अंतर्गत उपकरण उपलब्धता, CGMSC को समय पर मांग पत्र प्रेषण, वित्तीय राशि के निर्गमन तथा खरीद प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। दवाइयों एवं उपभोग्य सामग्रियों की आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, डीकेएस एवं अन्य सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की सेवाओं और आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाताओं की मॉनिटरिंग पर भी चर्चा की गई।  इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा एवं सभी मेडिकल कॉलेजों के डीन और मेडिकल सुप्रीटेंडेंट उपस्थित थे।

कोर्ट से अनुमति लेकर मां बनीं हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री, परिवार में गूंजी किलकारी

हिसार  हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव सरोगेसी से सिंगल मदर (एकल मां) बन गई हैं। उनका बेटा तीन माह का हो गया है। आरती ने बेटे का नाम राव जयवीर सिंह रखा है। माना जा रहा है जयवीर अपने नाना केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाएगा। स्वास्थ्य मंत्री के परिवार ने आरती के सरोगेसी से सिंगल मदर बनने की सूचना सार्वजनिक नहीं की है। मंत्री के निजी सहायक नवीन यादव ने सरोगेसी से आरती के सिंगल मदर बनने की पुष्टि की है। जयवीर सिंह का लालन-पालन मंत्री आवास पर हो रहा है। केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत की दो बेटियां हैं। आरती राव बड़ी बेटी हैं। उन्होंने साल 2024 के विधानसभा चुनाव में अटेली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता था। नायब सैनी सरकार में आरती स्वास्थ्य मंत्री हैं। छोटी बेटी का नाम भारती राव है। भारती दो बेटों की मां हैं। वह राजनीति व सुर्खियों से दूर रहती हैं। बड़ी बेटी आरती राव ही पिता की सियासी विरासत को संभाल रही हैं। सरोगेसी से मां बनने के लिए कोर्ट से ली थी अनुमति बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य मंत्री आरती ने सरोगेसी से सिंगल मदर बनने के लिए पहले कोर्ट से अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद ही पूरी प्रक्रिया अपनाई गई। करीब तीन माह पहले आरती राव के घर बेटे के जन्म की खुशियां आईं। राव तुलाराम की पांचवीं पीढ़ी में अब राव जयवीर सिंह हैं। आरती के दादा राव बीरेंद्र सिंह मार्च 1967 में हरियाणा के दूसरे मुख्यमंत्री बने थे। राव बीरेंद्र की सियासी विरासत को उनके बेटे राव इंद्रजीत ने संभाला। इंद्रजीत के भाई भी राजनीति में आए लेकिन ज्यादा सफल नहीं रहे। शुरू से पिता के करीब रही हैं आरती तीन जुलाई 1979 को जन्मीं आरती राव शुरू से पिता राव इंद्रजीत के ज्यादा करीब रही हैं। पिता से प्रेरित होकर ही आरती निशानेबाज बनीं और बाद में राजनीति में आईंं। छह से अधिक बार सार्वजनिक मंच से हरियाणा में भाजपा सरकार दक्षिण हरियाणा में जीत की वजह से बनने की बात कहकर उन्होंने राजनीतिक हलचल मचाई थी। उनके पिता भी हमेशा से अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं। आरती 15 बार राष्ट्रीय निशानेबाजी चैंपियन रह चुकी हैं।