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लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश, असम सरकार और केंद्र पर बरसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

असम  असम सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सभा करने की अनुमति नहीं दी गयी. उन्हें असम के रोंगोनदी और चाबुआ विधानसभा में सभा करना था. पीएम के कार्यक्रम की वजह से उनके हैलीकॉप्टर को उड़ने की इजाजत नहीं दी गयी. इसके ठीक एक दिन पहले कल्पना सोरेन को तीन जगहों पर सभा करने की अनुमति नहीं दी गयी. असम में जब सभा करने नहीं दिया गया तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोबाइल फोन से ही जनता को संबोधित किया. सीएम ने सोशल मीडिया किया पोस्ट सीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि असम की वीर और क्रांतिकारी धरती पर लोकतंत्र की आवाज को दबाने की फिर कोशिशें की गयी. कल कल्पना जी को सभा करने से रोका गया, आज मुझे असम के रोंगोनदी और चाबुआ विधानसभा के अपने भाई-बहनों से मिलने नहीं दिया गया.क्या सच में विरोधियों को लगता है कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर ऐसे षड्यंत्र से वे तीर-धनुष की ताकत को रोक पाएंगे? असम में आदिवासी समाज को रोकने की कोशिश: हेमंत सोरेन सीएम ने कहा कि इतने वर्षों तक तो चाय बागान के मेरे लाखों शोषित, वंचित आदिवासी समाज के भाइयों बहनों को रोकने की नाकाम कोशिश की है, और कितना रोक पाओगे?इतिहास गवाह है, जब-जब आवाज दबाई गई है, वह और बुलंद होकर उभरी है. आगामी नौ अप्रैल के दिन मेरे ये लाखों भाई-बहन अपने संघर्ष का हिसाब लेकर रहेंगे. विरोधियों को चुनाव प्रचार करने से रोकते हैं: हेमंत सीएम ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि असम की क्रांतिकारी धरती ने कभी झुकना नहीं सीखा है.प्रधानमंत्री जी का कार्यक्रम बताकर आज मुझे प्रचार के लिए जाने नहीं दिया गया. हमलोगों को जहां है वहीं पर रहने का आदेश दिया गया. पीएम अपने कुर्सी व राजनीतिक ताकत के बदौलत चुनाव के अंतिम चरण में विरोधियों को प्रचार-प्रसार करने से इसी तरह रोकते हैं. ये लोग ऐन-केन प्रकारेण चुनाव जीतने का प्रयास करते हैं. कभी वोट चोरी कर जीतते हैं. झामुमो पहली बार यहां चुनाव लड़ रहा है. जय भारत पार्टी के साथ हैं. लोकतंत्र की आड़ बंद किया जायेगा: सीएम क्या लोकतंत्र अब कार्यक्रमों की आड़ में बंद किया जायेगा? और यह सब कैसे हो रहा है? संवैधानिक संस्थाओं का खुलेआम दुरुपयोग कर, एजेंसियों को हथियार बनाकर. हमारे पुरखों ने हमें झुकना नहीं, संघर्ष करना सिखाया है. हम लड़ते आए हैं और हर लड़ाई जीतकर ही आगे बढ़े हैं. अब यह समाज चुप नहीं रहेगा सीएम ने कहा कि असम का शोषित, वंचित, आदिवासी, दलित और पिछड़ा समाज अब जाग चुका है. चाय बागान में रहने वाले लोग भी अब आगे बढ़कर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. अब यह समाज चुप नहीं रहेगा, अपने अधिकार लेकर ही रहेगा.इसलिए साथियों, हमें एकजुट होना है. हमारी एकजुटता ही विरोधियों के लिए सबसे बड़ा जवाब है, और यही एकजुटता पहले ही इनके डर का कारण बन चुकी है. 250 रुपये में जहर भी नहीं मिलता सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि चाय बगान को मजदूरों को एक दिन की मजदूरी 250 रुपये मिलती है. इतनी राशि में तो जहर भी नहीं मिलता.राज्य सरकार ने चाय बगान के मजदूरों को न जीने के लिए छोड़ा है और न ही मरने के लिए छोड़ा है. नौ अप्रैल को अत्याचार का बदला वोट से देगी जनता सीएम ने कहा कि याद रखिये, जितना हमें रोकोगे, हम उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ेंगे क्योंकि हमारे तीर-धनुष की ताकत सिर्फ प्रतीक नहीं, यह हमारे आत्मसम्मान और संघर्ष की पहचान है.आगामी नौ अप्रैल को हमारा यह संघर्षी समाज अपने ऊपर वर्षों से हुए शोषण और अत्याचार का बदला वोट की ताकत के साथ लेकर रहेगा.

Hemant Soren in Assam: JMM का चुनावी बिगुल आज, सोरेन संभालेंगे कमान

रांची. असम विधानसभा चुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार शाम असम पहुंच गए, जहां वे 28 मार्च से पार्टी के चुनावी प्रचार अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे। उनका पहला कार्यक्रम कोकराझार जिले के गोसाई गांव विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित है, जहां वे एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। झामुमो के लिए यह चुनाव महज विस्तार का प्रयास नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने की रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री अगले कुछ दिनों तक असम में ही रहेंगे और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में लगातार सभाएं करेंगे। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में अभियान को धार पार्टी अध्यक्ष के रूप में हेमंत सोरेन खुद पूरे चुनावी अभियान की कमान संभाल रहे हैं। झामुमो ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह असम में अपने दम पर चुनाव लड़ रही है और इसके लिए संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय किया गया है। पार्टी महासचिव विनोद पांडेय असम में लगातार कैंप कर रहे हैं और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। उनके नेतृत्व में स्थानीय समीकरणों और मुद्दों के आधार पर प्रचार की रूपरेखा तैयार की जा रही है। स्टार प्रचारकों की तैनाती, संगठन हुआ सक्रिय झामुमो ने अपने 20 स्टार प्रचारकों की सूची चुनाव आयोग को सौंप दी है। इसमें हेमंत सोरेन के अलावा डा. सरफराज अहमद, सुप्रियो भट्टाचार्य, जोबा मांझी, दीपक बिरुआ, चमरा लिंडा, कल्पना मुर्मू सोरेन, अभिषेक प्रसाद और डा. महुआ माजी जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। पार्टी के कई मंत्री और विधायक जैसे दीपक बिरुआ, चमरा लिंडा और आलोक सोरेन, एमटी राजा पहले ही असम पहुंचकर स्थानीय स्तर पर चुनावी गतिविधियों को गति दे रहे हैं। चुनिंदा क्षेत्रों पर फोकस, स्थानीय मुद्दों पर जोर झामुमो की रणनीति असम के चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों में अपने प्रभाव को मजबूत करने पर केंद्रित है। पार्टी स्थानीय सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को प्रमुखता देते हुए मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हेमंत सोरेन की सभाएं झामुमो कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने के साथ-साथ पार्टी को नए क्षेत्रों में पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

उच्च शिक्षा को बढ़ावा: गोड्डा के बोआरीजोर में डिग्री कॉलेज बनाने की घोषणा

गोड्डा. राज्य सरकार ने बोआरीजोर प्रखंड के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा मुहैया कराने के लिए डिग्री कॉलेज का तोहफा दिया है। बीते दिनों कैबिनेट के फैसले के बाद बोआरीजोर में डिग्री कॉलेज के निर्माण के लिए सरकार ने 40.19 करोड़ रुपये का आवंटन जारी कर दिया। अब यहां के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। बोरियो विधायक धनंजय सोरेन के प्रयास के बाद यह काम हुआ है। कैबिनेट के फैसले के बाद अब बोआरीजोर में डिग्री कॉलेज खुलने का रास्ता साफ हो गया है। छात्रों को नहीं जाना पड़ेगा बाहर झारखंड सरकार ने कॉलेज निर्माण के लिए 40 करोड़ 19 लाख 1800 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। अनुसूचित जन जाति बहुल और ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण इंटर स्तरीय शिक्षा हासिल करने के बाद बच्चों को गांव से बाहर जाकर उच्च शिक्षा हासिल करनी पड़ती थी। डिग्री कॉलेज की स्वीकृति के बाद अब आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे गांव में ही डिग्री की पढ़ाई हासिल कर सकेंगे। इसकी स्वीकृति मिलने पर क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। लोगों ने सरकार और विधायक को धन्यवाद दिया है। लोगों ने बताया कि डिग्री कालेज खुलने पर ग्रामीण क्षेत्र में शैक्षणिक विकास को और गति मिलेगी। झारखंड सरकार द्वारा उच्च शिक्षा ढांचा को सशक्त बनाने एवं छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर करने में यह महत्वाकांक्षी योजना मील का पत्थर साबित होगा। लोगों ने सरकार की इस पहल को स्वागत योग्य बताया है। 2 लाख से अधिक आबादी वाला है प्रखंड जिला समिति सदस्य दिलीप ठाकुर, अनुसील हेमब्रम,दिनेश, चांद नारायण मुर्मू, दीनबंधु मंडल आदि सामाजिक चिंतकों ने बताया कि बोआरीजोर एक कृषि आधारित क्षेत्र है। करीब 2 लाख से अधिक की आबादी वाला यह प्रखंड है। प्रखंड में कॉलेज नहीं रहने से अधिकतर छात्र एवं छात्राएं उच्च शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाती थी। उच्च शिक्षा के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ता था, जो प्रखंड से लगभग 55 किलोमीटर दूर है। लेकिन अब सरकार की पहल से कॉलेज निर्माण होने के बाद हर बच्चे उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगे। ग्रामीणों ने कॉलेज को प्रखंड के आस-पास बनाने की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट ने हेमंत सोरेन को दी राहत, ED की खिंचाई, CJI ने दी अहम नसीहत

रांची  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज शिकायत वाद पर रांची सिविल कोर्ट के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा लिए गए संज्ञान को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने रांची की MP-MLA कोर्ट की विशेष अदालत में चल रही कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी। साथ ही ED को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस आदेश के बाद फिलहाल निचली अदालत में आगे की प्रक्रिया स्थगित रहेगी, जिससे मुख्यमंत्री को अस्थायी राहत मिल गई है। सीजेआई की अगुवाई वाली खंडपीठ में हुई सुनवाई मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई, जिसमें जस्टिस जॉयमंगल बागची भी शामिल थे। मुख्यमंत्री की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता प्रज्ञा सिंह बघेल ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि रांची सिविल कोर्ट के सीजेएम द्वारा संज्ञान लिये जाने और उसके बाद MP-MLA कोर्ट में कार्यवाही शुरू होने की प्रक्रिया विधि सम्मत नहीं है। बहस के बाद अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले में हस्तक्षेप करते हुए विशेष अदालत की कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया। कोर्ट ने ED को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में जवाब दाखिल करने को कहा है। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर पहुंचे थे सुप्रीम कोर्ट इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने MP-MLA कोर्ट के आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट के इस निर्णय के खिलाफ मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया था। अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आगे की कानूनी दिशा स्पष्ट होगी। सुप्रीम कोर्ट की इस अंतरिम राहत को मुख्यमंत्री के लिए बड़ी कानूनी उपलब्धि माना जा रहा है। हालांकि अंतिम निर्णय अभी बाकी है। ED के जवाब के बाद ही मामले में अगली सुनवाई की दिशा तय होगी। फिलहाल, MP-MLA कोर्ट में चल रही कार्रवाई पर रोक से राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल तेज हो गई है।  

महिलाओं से लेकर किसानों तक पर मेहरबान झारखंड सरकार, 1.58 लाख करोड़ के बजट में क्या-क्या खास?

रांची झारखंड सरकार ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश कर दिया है। 24 फरवरी (मंगलवार) को झारखंड की हेमंत सरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर विधानसभा में बजट पेश किया। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर (Radhakrishna Kishore) ने विधानसभा में कहा, ‘‘ मैं सदन के पटल पर वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट रखता हूं। किशोर ने कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग.. गरीब, किसान, आदिवासी और महिलाओं की आकांक्षाओं को पूरा करेगा। यह बजट हेमंत सोरेन सरकार का बड़ा इकोनॉमिक रोडमैप है, जिसे ‘अबुआ दिशोम बजट’ भी कहा जाता है। बजट का मकसद राज्य के ओवरऑल डेवलपमेंट, सोशल वेलफेयर और इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन को तेज़ करना है। राज्य सरकार ने खर्च की इफेक्टिवनेस और ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने के लिए हाउस में एक आउटकम बजट, जेंडर बजट और चाइल्ड बजट भी पेश किया। जारी रहेगी मुख्‍यमंत्री मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट में मुख्‍यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लिए भी बड़ी रकम का प्रावधान किया है। बता दें, मईंया सम्मान योजना के तहत महिलाओं को 2500 रुपये प्रति महीने मिलता है। सरकार ने मइया सम्मान के लिए 14 हज़ार 65 करोड़ 57 लाख का बजट दिया है। कैंसर के इलाज के लिए बजट में 200 करोड़ का अलग से प्रावधान राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया कि झारखंड सरकार ने बजट में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए 200 करोड़ रुपये की अलग से व्यवस्था की है, जिससे राज्य में कैंसर के इलाज की सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जा सके। झारखंड में कुल 5 बालिका आवासीय विद्यालय बनेंगे राधाकृष्ण किशोर ने बजट में ऐलान किया कि झारखंड में कुल 5 बालिका आवासीय विद्यालय बनेंगे। धनबाद में 2, पलामू, लातेहारलातेहार और गढ़वा में 1-1 बनेंगे। साथ ही शहीद के आश्रितों के लिए आदर्श विद्यालय, महिला किसानों के लिए ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ शुरू की गई है। महिलाओं को इंटीग्रेटेड फार्मिंग से जोड़ने के लिए तकनीक की मदद दी जाएगी।  महिला एवं बाल विकास के लिए 22 हजार करोड़ का प्रावधान मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया कि सरकार ने आधी आबादी और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सबसे बड़ा वित्तीय प्रावधान किया है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, उनके पोषण और सर्वांगीण विकास के लिए बजट में 22,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। यह राशि महिला सशक्तिकरण और बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में मील का पत्थर साबित होगी। पर्यटन कला और संस्कृति के लिए कितना बजट अनुसूचित जनजाति- अनुसूचित जाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा जनकल्याण के लिए 3 हज़ार 568 करोड़ 19 लाख, नगर विमानन के लिए 138 करोड़ 63 लाख प्रस्तावित है। वहीं ऊर्जा के लिए 5 हज़ार 405 करोड़, उद्योग विभाग के लिए 541 करोड़ 30 लाख, पर्यटन कला संस्कृति एवं खेलकूद के लिए 361 करोड़ 67 लाख, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई गवरनेंस के लिए 328 करोड़ 99 लाख, गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन 11 हज़ार 38 करोड़ 53 लाख, योजना एवं विकास के लिए 539 करोड़ 94 लाख रुपये प्रस्तावित किये गए हैं। झारखंड में खोले जाएंगे 100 पीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए 16,251 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है। बजट भाषण के दौरान एक महत्वपूर्ण ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि राज्यभर में 100 पीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे।  किसानों को ऋण से मुक्त करने का लक्ष्य वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि अध्यक्ष महोदय, राज्य की आर्थिक-संस्कृति मुख्यतः खेती-किसानी पर आधारित होने के कारण हमारी सरकार की मुख्य प्राथमिकता किसानों को ऋण से मुक्त करना, कृषि में समग्र विकास को बढ़ावा देना और सबसे महत्वपूर्ण किसानों की आय में वृद्धि करना रही है। महोदय, इसका असर भी दिखने लगा है। अद्यतन आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण के अनुसार कृषि प्रक्षेत्र में रोजगार का प्रतिशत गत तिमाही में 44.3 प्रतिशत से बढ़कर 50.4 प्रतिशत हो गया है।

झारखंड की ऐतिहासिक जीत: सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी चैंपियन टीम का CM हेमंत सोरेन ने किया अभिनंदन

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी- 2025 का खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली वाली झारखंड क्रिकेट टीम के सदस्यों ने मुलाकात की। इस अवसर पर टीम के कप्तान और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर ईशान किशन ने पूरी टीम के साथ विजेता ट्रॉफी मुख्यमंत्री को सांकेतिक रूप से हैंडओवर कर जीत का जश्न मनाया। CM ने सभी खिलाड़ियों को शॉल ओढ़ाकर किया सम्मानित मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक जीत के लिए सभी खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ्स  तथा जेएससीए को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना सोरेन और मुख्य सचिव अविनाश कुमार की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। वहीं, टीम के कप्तान ईशान किशन समेत सभी खिलाड़ियों ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के अपने प्रदर्शन और अनुभवों को मुख्यमंत्री के साथ साझा किया। यह पूरे राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि इस दौरान सीएम हेमंत ने कहा कि सैयद मुश्ताक अली टी- ट्वेंटी क्रिकेट टूर्नामेंट जीतकर झारखंड ने डोमेस्टिक क्रिकेट में एक नया कीर्तिमान गढ़ा है। यह पूरे राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि और गौरवान्वित करने वाला पल है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में इस तरह की जीत हासिल होने से राज्य में खेलों को बढ़ावा मिलता है। आज क्रिकेट के साथ हॉकी और तीरंदाजी जैसे कई खेलों में झारखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर देश और राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग किया जाएगा मुख्यमंत्री ने क्रिकेटरों से संवाद के क्रम में राज्य में खेल वातावरण बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेलों का एक ऐसा इकोसिस्टम बने जिसमें राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे आने का मौका मिले। इसके लिए स्कूल और कॉलेज स्तर पर खेलों को जोड़े जाने की मजबूत शुरुआत होनी चाहिए ताकि विभिन्न खेलों के होनहार खिलाड़ी को बेहतर प्लेटफार्म मिले ताकि वे अपने प्रदर्शन को और भी निखार सकें। इस दिशा में राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग किया जाएगा। झारखंड की टीम बेहतर एवं शानदार प्रदर्शन करे मुख्यमंत्री ने जेएससीए से कहा कि खिलाड़ियों को आगे ले जाने में खेल एसोसिएशन की की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में विदेशों में खेलने और प्रशिक्षण देने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की पहल होनी चाहिए। इससे खिलाड़ियों को अलग-अलग माहौल तथा वातावरण में खेलने का अनुभव प्राप्त होगा, जिससे उनके प्रदर्शन में और भी निखार आएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले अन्य प्रतियोगिताओं में झारखंड की टीम बेहतर एवं शानदार प्रदर्शन करे, इसके लिए टीम को मजबूत बनाने का प्रयास लगातार जारी रहना चाहिए। हमें झारखंड को एक ऐसा राज्य बनाना है, जो… मुख्यमंत्री ने कहा कि आज क्रिकेट, हॉकी और फुटबॉल जैसे कई लोकप्रिय खेलों के साथ परंपरागत खेलों का भी दौर नए रूप में लौट रहा है। ऐसे परंपरागत खेलों की कई प्रतियोगिताएं आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित हो रही हैं। ऐसे में अगर कोई अगर खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहता है तो उसके लिए कई दरवाजे खुले हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने में सरकार हर तरह का सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार है। हमें झारखंड को एक ऐसा राज्य बनाना है, जो खेलों की दुनिया में पूरे देश में अपनी मजबूत तथा दमदार दावेदारी पेश कर सके। मुख्यमंत्री ने झारखंड में खेल प्रतियोगिताएं नियमित रूप से आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर राज्य स्तर पर विभिन्न खेलों के लिए प्रतियोगिताएं नियमित रूप से होती रहनी चाहिए। इस पहल से खिलाड़ियों को ना सिर्फ अपना खेल कौशल दिखाने का मौका मिलता है, बल्कि कई प्रतिभावान खिलाड़ी सामने आते हैं जो अपने प्रदर्शन से राज्य और देश को नाम रौशन करते हैं।  

फर्जी कॉलर ने खुद को हेमंत सोरेन से जुड़ा बताया, उप मुख्यमंत्री की पत्नी से बात कराने का दबाव

रांची झारखंड के रांची से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बताकर कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री को फोन कर परेशान किया। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय ने गोंदा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। अपनी पत्नी से बात कराएं जानकारी के मुताबिक अज्ञात व्यक्ति ने कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री को कॉल कर कहा कि अपनी पत्नी से बात कराएं। उस व्यक्ति ने खुद को झारखंड का मुख्यमंत्री बताते हुए कॉल किया था। कॉल का ऑडियो रिकॉर्ड एक पेन ड्राइव में पुलिस को सौंप दिया गया है, जिसमें बातचीत स्पष्ट सुनाई दे रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है और कॉल करने वाले की पहचान के लिए ट्रैकिंग की जा रही है। यह घटना मुख्यमंत्री की छवि खराब करने का प्रयास प्रतीत होती है शिकायत के अनुसार 15 नवंबर की रात 9:50 बजे एक व्यक्ति ने कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को फोन कर न केवल परेशान किया, बल्कि उनकी पत्नी से बात कराने की भी जिद की। एफआईआर में कहा गया है कि यह घटना मुख्यमंत्री की छवि खराब करने का प्रयास प्रतीत होती है, जो गंभीर और निंदनीय है। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय ने गोंदा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।