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हॉकी में उभरता मध्यप्रदेश: बेटों के साथ बेटियों ने भी बढ़ाया राज्य का मान

हॉकी में उभरता मध्यप्रदेश: बेटियों के साथ बेटों ने भी बढ़ाया प्रदेश का मान महिला खिलाड़ियों के साथ पुरुष वर्ग में भी कई खिलाड़ियों का राष्ट्रीय कोचिंग कैंप के लिए चयन, SAI भोपाल में होगा उच्च स्तरीय प्रशिक्षण भोपाल  मध्यप्रदेश की प्रतिभाशाली बेटियों के साथ अब प्रदेश के बेटों ने भी राष्ट्रीय पटल पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते हुए राज्य को गौरवान्वित किया है। Hockey India द्वारा आयोजित सब-जूनियर (अंडर-18) राष्ट्रीय कोचिंग कैंप के लिए महिला वर्ग में 5 एवं पुरुष वर्ग में भी प्रदेश के कई खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जो राज्य में विकसित हो रही खेल प्रतिभाओं और सुदृढ़ प्रशिक्षण तंत्र का प्रमाण है। SAI भोपाल में होगा उच्च स्तरीय प्रशिक्षण हॉकी इंडिया के निर्देशन में 19 अप्रैल से 25 मई 2026 तक Sports Authority of India (SAI) केंद्र, भोपाल में राष्ट्रीय कोचिंग कैंप आयोजित किया जाएगा। इस कैंप में देशभर से चयनित 40-40 उत्कृष्ट खिलाड़ी (महिला एवं पुरुष वर्ग) भाग लेंगे, जिन्हें उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह कैंप आगामी अंडर-18 एशिया कप (जापान) के लिए टीम चयन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश की चयनित महिला खिलाड़ी—प्रदेश का गौरव महिला वर्ग में मध्यप्रदेश से चयनित खिलाड़ियों में महक परिहार, शालिनी सिंह, स्नेहा दवाड़े, नम्मी गीताएवं नौसीन नाज़ शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने रांची (झारखंड) में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर महिला राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह उपलब्धि अर्जित की है। पुरुष वर्ग में भी मध्यप्रदेश का दमदार प्रदर्शन पुरुष वर्ग में भी मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय कोचिंग कैंप में स्थान बनाया है। चयनित खिलाड़ियों में अंश बहुत्रा, सिद्धार्थ बेन, आयुष राजक, करण गौतम, गज़ी खान एवं अवि माणिकपुरी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों का चयन राजगीर (बिहार) में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर पुरुष राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि प्रदेश में हॉकी का विकास संतुलित रूप से बालक एवं बालिका दोनों वर्गों में हो रहा है।  सुदृढ़ खेल नीति एवं प्रशिक्षण का प्रतिफल यह उपलब्धि राज्य शासन द्वारा संचालित खेल अकादमियों, वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धति, आधुनिक खेल अधोसंरचना तथा अनुभवी प्रशिक्षकों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा खेलों के समग्र विकास हेतु किए जा रहे सतत प्रयासों से प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। खेल मंत्री सारंग ने दी शुभकामनाएं प्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने चयनित सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं की क्षमता, अनुशासन एवं समर्पण का परिचायक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये खिलाड़ी आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश एवं प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगे। प्रदेश में हॉकी को मिल रही नई दिशा मध्यप्रदेश में हॉकी खेल के प्रति बढ़ती रुचि एवं उपलब्धियों से यह स्पष्ट है कि राज्य खेलों के क्षेत्र में एक सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है। खेल अकादमियों में उपलब्ध उन्नत प्रशिक्षण, पोषण प्रबंधन एवं प्रतिस्पर्धात्मक अवसरों के माध्यम से खिलाड़ियों को उच्च स्तर के लिए तैयार किया जा रहा है। अकादमी प्रशिक्षण बना सफलता का आधार मध्यप्रदेश की हॉकी अकादमियों में आधुनिक तकनीक, फिटनेस मैनेजमेंट और अनुभवी कोचिंग के माध्यम से खिलाड़ियों को निखारा जा रहा है। यही कारण है कि अब प्रदेश के खिलाड़ी लगातार महिला और पुरुष दोनों वर्गों में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हो रहे हैं और उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।  

पंजाब में होगा एशियाई हॉकी चैंपियनशिप, सीएम भगवंत मान बोले – जालंधर और मोहाली में होंगे मुकाबले

जालंधर  पंजाब में पहली बार हॉकी के इंटरनेशनल मुकाबलों की मेजबानी करेगा। पुरुषों के एशियन चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट की पंजाब मेजबानी करेगा। यह दावा पंजाब के सीएम भगवंत मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस में किया। उन्होंने कहा कि इस मुकाबले में एशियन खेलों की टॉप छह टीमें इसमें खेलेंगी। पूरी उम्मीद है भारत इसमें रहेगा। 26-27 अक्टूबर को पहली बार मैच होगा। सारे मुकाबले मोहाली व जालंधर में होंगे। इससे पहले 1997 में पाकिस्तान के साथ जालंधर में टेस्ट मैच हुआ था। कल सारी चीजों को चेक टीम कर गई है। वहीं, हॉकी की टीम ने हमें ऑफर दिया है कि आप हर साल एक 4 नेशन टूर्नामेंट करवा सकते हैं। इसे वह अपने हॉकी टूर्नामेंट में रख लेंगे। बैडमिंटन अंडर 13 राष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी पंजाब को 44 साल बाद मिली है। यह मुकाबले जालंधर में होगा। जालंधर व मोहाली में होंगे एशिया कप हॉक मैच खेलों के क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय बाद पंजाब को एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता की मेजबानी मिलने जा रही है। यह मुकाबले जालंधर के बल्टन पार्क मैदान और मोहाली में आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब की खेल परंपरा को नई पहचान मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का नया क्रिकेट मैदान बनाया जाएगा। उनका कहना था कि राज्य में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार निवेश कर रही है और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार आने से पहले राज्य में नहरों के पानी का उपयोग लगभग 21 से 22 प्रतिशत तक ही सीमित था, जबकि अब यह बढ़कर 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इसके लिए नहर प्रणाली को मजबूत बनाने पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि पिछले चार वर्षों में करीब 65 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए निवेश आकर्षित किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, चैंपियनशिप में भारत, पाकिस्तान, मलेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया और चीन की टीमों के साथ-साथ अन्य क्वालीफाइंग टीमें भी भाग लेंगी। आधे मैच जालंधर में खेले जाएंगे, जबकि शेष मैच मोहाली में होंगे। इस आयोजन से राज्य की खेल संस्कृति को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जालंधर, जो अपने समृद्ध खेल सामग्री उद्योग और हॉकी की विरासत के कारण एक खेल केंद्र के रूप में जाना जाता है, इस टूर्नामेंट की मेजबानी करके एक बार फिर सुर्खियों में आ जाएगा। इस बीच, बर्लटन पार्क में विकास कार्य 78 करोड़ रुपये की लागत वाली एक चल रही खेल केंद्र परियोजना का हिस्सा है। आगामी चैंपियनशिप से न केवल अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं के साथ पंजाब के जुड़ाव को पुनर्जीवित करने की उम्मीद है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलने की संभावना है।  

खेल प्रेमियों के लिए खुशखबरी: एमपी में सिंथेटिक टर्फ हॉकी स्टेडियम को मिली मंजूरी, तय समय सीमा में होगा निर्माण

रायसेन औद्योगिक शहर मंडीदीप सहित सम्पूर्ण रायसेन जिले के हॉकी के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने मंडीदीप के हॉकी फीडर सेंटर की उपलब्धियों को देखते हुए 13.71 करोड़ रुपए स्वीकृत की है। यहां एक आधुनिक सिंथेटिक टर्फ वाला हॉकी स्टेडियम बनाया जाएगा, जो ढाई साल में तैयार होगा। हॉकी की नर्सरी माना जाता है मंडीदीप मंडीदीप को "हॉकी की नर्सरी" के रूप में जाना जाता है, जहां के खिलाड़ी वर्षों से प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। खिलाड़ियों की लगातार मांग पर अब यह सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर ही अंतरराष्ट्रीय मानकों का अभ्यास संभव हो सकेगा। इस योजना के साथ प्रदेश में सिंथेटिक टर्फ की कुल संख्या 17 हो जाएगी।   अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताएं अब केवल सिंथेटिक टर्फ पर ही खेली जाती है। फिलहाल मंडीदीप के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए भोपाल, नर्मदापुरम या ग्वालियर जाना पड़ता है। नए स्टेडियम के बनने से शहर में ही बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे खिलाडियों का प्रदर्शन और बेहतर होगा। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे। ढाई साल में बनकर होगा तैयार सरकार द्वारा राशि स्वीकृत होने के बाद अगले दो महीनों में निर्माण एजेंसी तय कर टेंडर निकाले जाएंगे। टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड की प्रक्रिया पूरी होने में करीब डेढ़ महीना लगेगा। इसी माह में विभिन्न टीमों की ओर से स्टेडियम के लिए जरूरी अन्य प्रक्रियाओं को पूरा किया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें डेढ़ से दो साल का समय लगेगा। इस प्रकार कुल ढाई साल में स्टेडियम तैयार हो जाएगा।   उपलब्ध होंगी अत्याधुनिक सुविधाएं मंडीदीप के नयापुरा गांव में सिंथेटिक टर्फ का लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण होगा। इसके साथ ही टर्फ पर वाटरिंग के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया जाएगा। शुरुआत में 300 दर्शकों की क्षमता वाली दर्शक दीर्घा (स्टैंड) बनेगी, बाद में इसे और बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा यहां खिलाड़ियों के लिए 5 ड्रेसिंग रूम, एक बड़ा स्टोर और हॉल, जिसमें फिटनेस सेंटर होगा। वहीं एक इलेक्ट्रिक रूम भी बनाया जाएगा। कई खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के करीब मंडीदीप हॉकी फीडर सेंटर के कई खिलाड़ी, खासकर लड़कियां, राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खटखटा रहे हैं। लगभग 10 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। यह पहल खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने में मदद करेगी।

भारतीय हॉकी टीम का होबार्ट मिशन, हार्दिक की कमान में 24 खिलाड़ी होंगे मैदान में

नई दिल्ली  हॉकी इंडिया ने एफआईएच मेंस प्रो लीग 2025–26 के होबार्ट राउंड के लिए 24 सदस्यीय वाली टीम घोषित कर दी है। ये राउंड 20 से 25 फरवरी तक होबार्ट के तस्मानिया हॉकी सेंटर में आयोजित होगा। टूर्नामेंट के इस स्टेज में भारत के साथ स्पेन और होस्ट देश ऑस्ट्रेलिया शामिल होगा। टूर्नामेंट के राउरकेला लेग में भारतीय टीम का सामना बेल्जियम और अर्जेंटीना से हुआ था, लेकिन अब फैंस का ध्यान होबार्ट लेग पर है। 24 सदस्यीय भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ होनहार युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी शामिल हैं। टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 में दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट हार्दिक सिंह को टीम का कप्तान चुना गया है। इस टीम में अमनदीप लाकड़ा और मनमीत सिंह जैसे होनहार युवा खिलाड़ी भी शामिल हैं, जिन्होंने राउरकेला लेग के दौरान सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था। हालांकि, हरमनप्रीत सिंह निजी कारणों की वजह से टीम का हिस्सा नहीं हैं। भारतीय टीम में सूरज करकेरा और मोहित होनेनहल्ली शशिकुमार बतौर गोलकीपर नजर आएंगे। वहीं, अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, संजय और सुमित डिफेंस को मजबूती देंगे।कप्तान हार्दिक सिंह, संजय, विवेक सागर प्रसाद और राज कुमार पाल मिडफील्ड को लीड करेंगे। यहां उनका साथ राजिंदर सिंह, मनमीत सिंह, मोइरंगथेम रबीचंद्र सिंह और विष्णु कांत सिंह देंगे। फॉरवर्ड लाइन की कमान मंदीप सिंह, अभिषेक और शिलानंद लाकड़ा जैसे जाने-माने स्टार संभालेंगे। अंगद बीर सिंह, जिन्होंने पिछले साल सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था, अपने पहले इंटरनेशनल टूर के लिए भी वापस आ गए हैं। इसके अलावा, उभरते हुए टैलेंट अरायजीत सिंह हुंडल और आदित्य अर्जुन लालागे अटैकिंग लाइनअप को पूरा करते हैं। एफआईएच मेंस प्रो लीग 2025–26 (होबार्ट लेग) के लिए 24 सदस्यीय भारतीय टीम: गोलकीपर: सूरज करकेरा और मोहित होनेनहल्ली शशिकुमार। डिफेंडर: अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, अमनदीप लाकड़ा, यशदीप सिवाच और पूवन्ना चंदुरा बॉबी। मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, मनमीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद, हार्दिक सिंह, मोइरंगथेम रबीचंद्र सिंह, विष्णु कांत सिंह और राज कुमार पाल। फॉरवर्ड: अभिषेक, शिलानंद लाकड़ा, मंदीप सिंह, अरजीत सिंह हुंदल, आदित्य अर्जुन लालगे, अंगद बीर सिंह और मनिंदर सिंह।

स्टार हॉकी खिलाड़ी सुमित ने सोनिका संग ऋषिकेश में लिए सात फेरे

सोनीपत. देश के दो स्टार हॉकी खिलाड़ी अब शादी के बंधन में बंध चुके है। सोनीपत के रहने वाले सुमित निवासी गांव कुराड़ और हिसार की रहने वाली सोनिका ने उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित आर्चित होटल में अपने परिवारों की मौजूदगी में सात फेरे लिए और सात जन्मों के लिए साथ रहने का प्रण ले लिया। बताया जा रहा है कि शादी को दोनों परिवार से बिल्कुल गोपनीय रखा गया और दोनों के परिवारों के करीब 60 लोगों ही मौजूद थे। आपको बता दें कि सुमित उस भारतीय टीम का हिस्सा रहे है जिन्होंने पिछले ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था और सोनिका भी उस टीम का हिस्सा है जिस महिला टीम ने देश का नाम पिछले ओलम्पिक में शानदार जानदार प्रदर्शन किया था और एक बार देश की हॉकी टीम में जान डाल दी थी। सोनिका और सुमित अब दोनों आयकर विभाग में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुमित की शादी के बाद उसके बड़े भाई प्रवेश ने बताया कि दस दिन पहले बड़े की गोपनीय तरीके से ऋषिकेश में शादी समारोह आयोजित किया गया था,  जिसमें सुमित और सोनिका की शादी हुई। सोनिका कॉमनवेल्थ गेम्स में चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और एशियन में मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रही है। दोनों की शादी में परिवार के ही लोग ही मौजूद थे और सोनिका हिसार की रहने वाली है।