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कर्नाटक के बेलगावी में उर्स जुलूस में हंगामा, नारेबाजी के बाद हिंसा भड़की

बेलगावी  कर्नाटक में बेलगावी के खड़क गली में स्थित महबूब सुब्हानी दरगाह के उर्स जुलूस के दौरान बवाल हो गया। नारों को लेकर हुए विवाद के बाद पथराव हुआ, जिससे इलाके में तनाव फैल गया है। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात जुलूस में शामिल कुछ युवकों ने 'आई लव मुहम्मद' का नारा लगाया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। फिलहाल शांति बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। खड़क गली से आमतौर पर जुलूस नहीं गुजरता। वहां के निवासियों ने नारे पर आपत्ति जताई और सवाल किया कि जुलूस का मार्ग क्यों बदला गया। नारे पर आपत्ति जताए जाने के बाद तनाव बढ़ गया और पथराव की खबरें आने लगीं। पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को काबू किया। सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हमने तुरंत हस्तक्षेप किया और मामला गंभीर होने से पहले ही समूहों को तितर-बितर कर दिया। स्थिति अब नियंत्रण में है।' 'आई लव मोहम्मद' को लेकर गहराता विवाद 'आई लव मोहम्मद' को लेकर विवाद पिछले कुछ दिनों से जारी है। यूपी में मेरठ के मवाना कस्बे में लगे एक पोस्टर को लेकर हंगामा मच गया। इसके बाद पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, कस्बे के मुख्य चौराहों पर शुक्रवार देर रात पोस्टर लगाया गया था, जिस पर अंग्रेजी में ‘आई लव मोहम्मद’ लिखा हुआ था। शनिवार सुबह स्थानीय लोगों ने इसे देख आपत्ति जताई और विरोध दर्ज कराया। मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासन और पुलिस सक्रिय हुई। मवाना की थाना प्रभारी पूनम ने बताया कि पोस्टर लगाने के आरोप में चौकी प्रभारी मनोज शर्मा की तहरीर पर 5 लोगों इदरीस, तस्लीम, रिहान, गुलफाम और हारून के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

‘I Love Muhammad’ अभियान ने पकड़ा जोर, मुस्लिम समाज ने निकाले जुलूस

 कानपुर  उत्तर प्रदेश के उन्नाव, बरेली, कौशांबी, लखनऊ, महाराजगंज जैसे शहरों के अलावा उत्तराखंड के काशीपुर और तेलंगाना के हैदराबाद समेत देश के कई शहरों में 'I Love Muhammad' के समर्थन में मुस्लिम समाज सड़कों पर उतर आया है. जगह-जगह जुलूस भी निकाले जा रहे हैं. इस दौरान कई जगह पुलिस और मुस्लिम समाज का आमना-सामना भी हुआ है. यूपी के उन्नाव में जुलूस के दौरान पुलिस पर पथराव का आरोप सामने आया है. यहां महिलाओं ने पुलिस की लाठियां छीनी और पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाकर पथराव किया गया. सवाल ये है कि अचानक 'I Love Muhammad' को लेकर मुस्लिम समाज जुलूस क्यों निकाल रहा है? आखिर ऐसा क्या हुआ है कि मुसलमान I Love Muhammad को लेकर सड़कों पर आ रहे हैं? इस पूरे विवाद की पटकथा उत्तर प्रदेश के कानपुर में लिखी गई. यहां बारावफात के जुलूस के दौरान I Love Muhammad के साइन बोर्ड पर ऐसा विवाद हुआ, जिसका असर अब यूपी समेत देश के अलग-अलग शहरों में दिखने लगा है. कानपुर में I Love Muhammad साइन बोर्ड को लेकर क्या विवाद था? I Love Muhammad को लेकर पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक विवाद हुआ. ये पूरा मामला 5 सितंबर के दिन सामने आया था. कानपुर के रावतपुर में बारावफात जुलूस निकाला जा रहा था. जिस रास्ते पर जुलूस निकाला जा रहा था, उसी रास्ते पर एक जगह I Love Muhammad का साइन बोर्ड लगा दिया गया. इसको लेकर हिंदू पक्ष ने विरोध किया और आरोप लगाया कि यहां नई परंपरा शुरू की जा रही है. कानपुर में ये बवाल बढ़ता उससे पहले पुलिस सक्रिय हो गई. पुलिस ने कराया था समझौता जैसे ही I Love Muhammad साइन बोर्ड को लेकर विवाद शुरू हुआ, पुलिस मौके पर पहुंच गई और दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया गया. कानपुर पुलिस के डीसीपी दिनेश त्रिपाठी के मुताबिक, सरकार का नियम है कि जुलूस में किसी तरह की नई परंपरा नहीं डाली जाएगी. मगर बारावफात के जुलूस के दौरान कुछ लोगों ने नई परंपरा डालते हुए परंपरा वाली जगह से टेंट हटाकर नई जगह लगाया और I Love Muhammad का पोस्टर भी लगाया. डीसीपी दिनेश त्रिपाठी के मुताबिक, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विवाद का खात्मा किया और पुरानी परंपरा वाली जगह पर ही टेंट और साइन बोर्ड लगवा दिया. इस दौरान डीसीपी ने साफ किया कि I Love Muhammad को लेकर कोई भी केस दर्ज नहीं किया गया है. मुस्लिम और हिंदू पक्ष ने लगाए एक दूसरे पर पोस्टर फाड़ने के आरोप इस बीच कानपुर में मुस्लिम पक्ष ने आरोप लगाया कि उसके साइन बोर्ड को फाड़ दिया गया था. हिंदू पक्ष ने आरोप लगाया कि मुस्लिम पक्ष के जुलूस में शामिल लोगों ने उनके धार्मिक पोस्टर फाड़े. वैसे पुलिस के बीच-बचाव के बाद ऐसा लगा कि मामला शांत हो गया, पर तभी एक नई घटना सामने आ गई. कानपुर पुलिस की FIR के बाद शुरू हुआ बवाल इस मामले में ट्विस्ट तब आया जब कानपुर पुलिस ने 9 सितंबर को दो दर्जन से अधिक लोगों पर केस दर्ज कर दिया. ये केस बारावफात के जुलूस के दौरान I Love Mohammad नाम के बोर्ड बनाकर नई परंपरा शुरू करने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए दर्ज किया गया. रिपोर्ट में बताया गया है कि कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र के इस मामले में 9 नामजद और 15 अज्ञात लोगों पर केस किया गया. ओवैसी के एक्स पोस्ट के बाद ट्रिगर हुआ मामला 15 सितंबर को AIMIM चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक एक्स पोस्ट को कोट करते हुए पोस्ट लिखी. इसमें उन्होंने कानपुर पुलिस को टैग करते हुए लिखा कि I Love Mohammad कहना जुर्म नहीं है. अगर है तो इसकी हर सजा मंजूर है. ओवैसी ने जिस एक्स पोस्ट को कोट किया, उसमें भी दावा किया गया था कि मुस्लिम पक्ष की ओर से कथित तौर पर नई परंपरा शुरू करने को लेकर पुलिस ने केस किया है. कानपुर पुलिस ने अलग कहानी बताई वहीं कानपुर पुलिस ने दावा किया है कि आई लव मोहम्मद के लिखने या बैनर लगाने पर कोई FIR नहीं की गई, बल्कि परंपरागत स्थान से अलग हटकर नए स्थान पर बैनर लगाने और जुलूस निकालने के दौरान इस पक्ष के द्वारा दूसरे पक्ष का बैनर फाड़ने पर हुई है. कानपुर पुलिस ने अनुरोध किया इस संबंध में कोई भ्रांति न फैलाई जाए. कानपुर पुलिस की सफाई जबतक आती, तब तक देशभर में I Love Muhammad हैशटैग ट्रेंड करने लगा. देशभर में जगह-जगह मुस्लिम समाज इसके समर्थन में जुलूस निकाल रहा है. ऐसा ही जुलूस यूपी के उन्नाव में भी निकाला गया, जिस दौरान टकराव देखने को मिला है. भाजपा और सपा आमने-सामने आए हालांकि, पूरे मामले पर सपा और भाजपा आमने-सामने हैं. सपा प्रवक्ता अमीक जमाई कह रहे हैं कि यह पूरी तरह से पुलिस का फेलियर है और चाहे आई लव श्री राम हो और आई लव मोहम्मद हो बोलने की आजादी होनी चाहिए तो वहीं भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी कह रहे हैं कि आप यूपी में कोई पुलिस की वर्दी को हाथ लगाएगा या कानून भंग करने की कोशिश करेगा तो तुरंत कार्रवाई होगी. मौलाना सुफियान निजामी ने इस पूरे मामले पर FIR वापस लेने की मांग की है. कानपुर में I Love Muhammad का बैनर पोस्टर लगाने पर करीब 20 से 25 लोगों पर FIR दर्ज हुई है. उन्नाव में भी बीती रात मुस्लिम मोहल्लों में दूसरे समुदाय के युवकों ने हाथों में I Love Muhammad के बैनर पोस्टर लेकर धार्मिक नारों के साथ जुलूस निकाला और आक्रोश व्यक्त किया. कानपुर पुलिस के द्वारा 4 सितंबर को सैयदनगर जफर वाली गली के सामने बारावफात रोशनी के कार्यक्रम सड़क पर लगाए गए I Love Muhammad के बैनर लगाए जाने का जब स्थानीय लोगों ने विरोध किया तो उस बैनर को वहां से हटवाकर दूसरी जगह लगवा दिया था, क्योंकि विरोध था कि कभी ऐसा बैनर उस जगह लगा ही नहीं था, जिसे लगाया गया. पुलिस ने विवाद शांत करवाया था. पुलिस के अनुसार 5 सितंबर को बारावफात जुलूस के दौरान हिंदू बस्ती में चल रहे भंडारे के पोस्टर को अज्ञात मुस्लिम युवकों ने फाड़ दिया था. उन्नाव में पथराव के बाद पुलिस ने 8 … Read more