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मौसम विभाग की चेतावनी: इन इलाकों में तेज बारिश और आंधी का खतरा, रहें सतर्क

नई दिल्ली कम दबाव के क्षेत्र की वजह से दक्षिण भारत में कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 21 व 22 फरवरी को दक्षिण तमिलनाडु, दक्षिण केरल में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने वाली है। अगले सात दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, 21 व 22 फरवरी को दक्षिण तमिलनाडु, केरल, माहे में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। 20 फरवरी को अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में, 21 और 22 फरवरी को तमिलनाडु, केरल, माहे में गरज के साथ तेज हवाओं और बारिश की संभावना है। 22 फरवरी को उत्तराखंड, 23 फरवरी को विदर्भ में, 23 और 24 फरवरी को छत्तीसगढ़, ओडिशा में, 20 और 23 फरवरी को केरल, माहे में, 21 से 24 फरवरी को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में, 22 से 24 फरवरी को तटीय और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में गरज और बिजली गिरने की संभावना है। इसके अलावा, 22 व 23 फरवरी को जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, 22-24 फरवरी को उत्तराखंड में छिटपुट बारिश व बर्फबारी होने वाली है। महाराष्ट्र में अगले चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने वाला नहीं है। उसके बाद इसमें दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। गुजरात में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। उसके बाद इसमें दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। देश के बाकी हिस्सों में मिनिमम टेम्प्रेचर में भी कोई बड़ा बदला नहीं आएगा। दिल्ली का कैसा रहा मौसम दिल्ली में वायु गुणवत्ता शुक्रवार को 'खराब' श्रेणी में रही क्योंकि समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 203 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के समीर ऐप के अनुसार, 19 स्टेशन ने वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में दर्ज की। सीपीसीबी वर्गीकरण के अनुसार, शून्य से 50 के बीच का एक्यूआई 'अच्छा', 51 से 100 'संतोषजनक', 101 से 200 'मध्यम', 201 से 300 'खराब', 301 से 400 'बहुत खराब' और 401 से 500 'गंभीर' माना जाता है। वहीं न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। स्टेशनवार आंकड़े के अनुसार, पालम में न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री कम है। लोधी रोड पर न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.2 डिग्री कम है।  

मध्यप्रदेश में बिगड़ेगा मौसम: तेज आंधी और मूसलाधार बारिश से खतरे की आशंका

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के प्रभाव से 18 और 19 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। मौसम केंद्र भोपाल ने उत्तरी मध्य प्रदेश के 8 जिलों में वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में हो सकती है बारिश मौसम विभाग (IMD) के अनुसार ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में बारिश हो सकती है। इन जिलों और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने की संभावना है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो फरवरी महीने में यह तीसरी बार बारिश का दौर होगा। इससे पहले माह की शुरुआत में प्रदेश के कई हिस्सों में ओलावृष्टि, बारिश और आंधी से फसलों को भारी नुकसान हुआ था। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे भी कराया था। पश्चिम विक्षोभ के कारण MP में बदलेगा मौसम… मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि फिलहाल एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है, लेकिन उसका असर मुख्य रूप से पहाड़ी राज्यों में दिखाई दे रहा है, जहां बर्फबारी हो रही है। 16 फरवरी से एक नया सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। वर्तमान में प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर जारी है। रात और सुबह के समय ठंड महसूस हो रही है, जबकि दिन में तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अधिकांश शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है। न्यूनतम तापमान पचमढ़ी का.. ताजा आंकड़ों के अनुसार पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 14.2 डिग्री, इंदौर में 13.6 डिग्री, ग्वालियर में 12.8 डिग्री, उज्जैन में 15.7 डिग्री और जबलपुर में 14.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। कटनी, सतना, शहडोल, छतरपुर और रीवा के कुछ इलाकों में पारा 10 से 11 डिग्री के बीच रहा। अगले दो दिन का पूर्वानुमान 16 फरवरी को कुछ जिलों में हल्का कोहरा रहेगा। बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन दिन में बादल छा सकते हैं। 17 फरवरी को हल्का कोहरा रहेगा। बारिश की संभावना नहीं, हालांकि बादल छाए रहेंगे।

IMD अलर्ट: इस राज्य में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा, तैयारी जरूरी

केरल केरल में आने वाले दिनों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना बढ़ गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि अरब सागर के ऊपर एक चक्रवाती हवा का क्षेत्र बन गया है, जो राज्य में मौसम की स्थिति को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 11 से 15 अक्टूबर के बीच केरल में हल्की से लेकर भारी बारिश हो सकती है और कई जगह तेज हवाओं का भी सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से पत्तनमतिट्टा, इडुक्की, पालक्काड, मलप्पुरम और वायनाड जिलों में 12 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में 64.5 मिलीमीटर से लेकर 115.5 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। IMD ने आगे बताया कि 12 से 17 अक्टूबर के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में हर 24 घंटे में 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है। अधिकारियों ने भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी आपदाओं से सतर्क रहने की सलाह दी है। लक्षद्वीप और समुद्री क्षेत्रों में अलर्ट IMD ने कहा कि लक्षद्वीप में 11 और 12 अक्टूबर को भी बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम खराब रहेगा। वहां गरज-चमक और तूफानी हवाओं के साथ हवाओं की रफ्तार 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने लक्षद्वीप, केरल और कर्नाटक के समुद्री तटों पर मछली पकड़ने पर रोक लगा दी है। इसका उद्देश्य मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, क्योंकि समुद्र की स्थिति अस्थिर है। पूर्वोत्तर मानसून का प्रभाव केरल में इस महीने के अंत तक पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत होने की संभावना है। सामान्यतः यह मानसून अक्टूबर के मध्य में आता है और भारी बारिश लेकर आता है। हालांकि इस बार यह कुछ देर से शुरू हो सकता है, लेकिन आने के बाद राज्य में बारिश और तेज हो सकती है।

मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट, अगले दो दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश के आसार

रायपुर प्रदेश में पिछले 24 घंटों में दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और बस्तर संभाग के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं सरगुजा संभाग में कुछ स्थानों पर रिमझिम बरसात का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को राजधानी रायपुर में 8.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री और न्यूनतम 22.5 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से क्रमशः 1.6 डिग्री और 1.4 डिग्री कम रहा। अगले 48 घंटों तक प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। इसका सबसे अधिक असर सरगुजा संभाग के जिलों पर पड़ेगा। रायपुर शहर के लिए विभाग ने बताया है कि मंगलवार को आकाश सामान्यतः मेघमय रहेगा, साथ ही बिजली कड़कने के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान लगभग 31डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री रहने का अनुमान है। प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अगले एक दो दिनों तक ऐसी ही स्थिति बने रह सकता है। 7 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश के साथ गर्जन की संभावना है। आठ अक्टूबर को बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। नौ अक्टूबर से बादल तो रहेंगे पर बारिश नहीं होगी। मौसम शांत रहेगा, हवा हल्की चलेगी। दिन और रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जाएगी। प्रमुख बारिश आंकड़े (मिमी में) नारायणपुर – 60, फरसगांव – 60, हरदी बाजार – 50, मुंगेली – 40, विनोरा – 40, माना रायपुर – 40, देवभोग – 40, सकोला – 40, कुकरेल – 40, मंपदर हसौद – 30, अंमतरढ़ चौकी – 30, खरोरा – 30, रायपुर शहर – 30, महासमुंद – 30, चारामा – 30, मरवाही – 30 मिमी। तापमान की स्थिति प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 31.8 डिग्री दुर्ग में और सबसे कम 21.0 डिग्री राजनांदगांव में दर्ज किया गया। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री और पेण्ड्रारोड में 30.6 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। प्रदेश के कुछ इलाकों में मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में निम्नदाब के कारण बदली परिस्थितियां मौसम विशेषज्ञ अब्दुल सिराज खान का कहना है कि अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में मानसूनी गतिविधियां इस साल कम होने के संकेत मिले थे, लेकिन बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दाब का क्षेत्र बनने से परिस्थितियां बदल गई। यही कारण है कि इन दिनों मध्य छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय है।

विदाई से पहले मानसून का तांडव: 13-18 सितंबर इन राज्यों में बर्फीली बारिश की संभावना

नई दिल्ली  भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मानसून की विदाई से पहले देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 13 से 19 सितंबर तक पूर्वोत्तर, दक्षिण, पूर्वी, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम भारत में तीव्र वर्षा और तेज हवाओं का अनुमान है। उत्तराखंड, बिहार, असम और तमिलनाडु जैसे राज्यों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। आइए जानते हैं IMD की ताजा रिपोर्ट। पूर्वोत्तर भारत में बहुत भारी बारिश IMD के अनुसार, 13 से 18 सितंबर तक अरुणाचल प्रदेश में भारी वर्षा के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 16 सितंबर तक बहुत भारी बारिश का अनुमान है। खासकर 13 सितंबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में, जबकि 14-15 सितंबर को असम और मेघालय में भारी वर्षा होगी। अरुणाचल में 18-19 सितंबर को फिर से भारी बारिश की संभावना है।   दक्षिण भारत में तेज हवाओं के साथ बारिश दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में 13 और 16-19 सितंबर को तमिलनाडु में भारी बारिश और 30-40 किमी/घंटे की तेज हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 13-14 सितंबर, रायलसीमा में 13 सितंबर और तेलंगाना में 13-17 सितंबर तक भारी बारिश होगी। 13 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में बहुत भारी वर्षा संभावित है। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 13-16 सितंबर तक भारी बारिश होगी। तटीय आंध्र और रायलसीमा में अगले 5 दिनों तक 30-50 किमी/घंटे की तेज हवाएं चलने की चेतावनी है। पूर्वी और मध्य भारत में बाढ़ का खतरा पूर्वी और मध्य भारत में 14-16 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और ओडिशा में 13-15 सितंबर, छत्तीसगढ़ में 13-16 सितंबर और बिहार में 13-17 सितंबर तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13-19 सितंबर और झारखंड में 15-17 सितंबर तक भारी वर्षा होगी। अंडमान और निकोबार में 14 और 17-19 सितंबर को बारिश का अनुमान है। पश्चिम और उत्तर-पश्चिम भारत में वर्षा पश्चिम भारत में कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 13-15 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश होगी, जिसमें 14-15 सितंबर को कोंकण और गोवा में बहुत भारी वर्षा संभावित है। उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में 13 सितंबर को बहुत भारी बारिश, हिमाचल प्रदेश में 13-14 सितंबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15-19 सितंबर तक बारिश होगी। कल की बारिश का रिकॉर्ड पिछले 24 घंटों (12 सितंबर 8:30 बजे से 13 सितंबर 8:30 बजे तक) में उत्तराखंड के हरिपुर में 25 सेमी, नरेन्द्रनगर में 23 सेमी और मसूरी में 19 सेमी बारिश दर्ज की गई। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बरोभिषा और चेल में 16 सेमी, मराठवाड़ा के पूर्णा में 16 सेमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के बिलहरी में 10 सेमी वर्षा हुई।

IMD अलर्ट: अगले 3 दिनों में इन राज्यों में आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश का खतरा

नई दिल्ली  देशभर में मानसून ने इस बार अपना जलवा दिखाया है। हालांकि मानसून की रफ्तार में लगातार बदलाव देखे गए हैं। कभी तेज बारिश के साथ मानसून सक्रिय होता है तो कभी धीमी गति से हल्की बारिश होती है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 72 घंटों में मानसून करवट लेगा और कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान में मानसून का असर जारी राजस्थान के कई जिलों में मानसून ने अच्छी बारिश दी है। राज्य में बारिश का सिलसिला जारी है, लेकिन रफ्तार में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला है। अगले तीन दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ जिलों में हल्की-फुल्की रिमझिम बारिश भी हो सकती है। दिल्ली में मानसून की धीमी चाल देश की राजधानी दिल्ली में इस बार मानसून अपेक्षाकृत कम सक्रिय रहा है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में दिल्ली के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। अगले 72 घंटे में यहां रिमझिम बारिश और तेज हवाओं के चलने की संभावना है। उत्तरपश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अनुमान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में अगले तीन दिनों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और नागालैंड में मूसलाधार बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। पश्चिमी, दक्षिणी एवं पूर्वी भारत में भी बारिश का दौर गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात-सौराष्ट्र और कोंकण में अगले 72 घंटे में कहीं भारी तो कहीं हल्की-मीठी बारिश होगी। दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, लक्षद्वीप और यनम में भी तेज बारिश का अलर्ट है।  बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी तेज बारिश और रिमझिम बरसात का अनुमान है। मौसम विभाग ने सभी राज्यों से सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां करने की सलाह दी है।