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अदियाला जेल से सनसनीखेज दावा: इमरान खान को मानसिक रोगी बनाने की प्लानिंग, लीक ऑडियो से बढ़ा विवाद

इस्लामाबाद पाकिस्तान की अदियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की सेहत को लेकर एक नया और गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। उनके समर्थकों के बीच यह आशंका तेज़ हो रही है कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित ऑडियो क्लिप ने इस विवाद को और भड़का दिया है। यह ऑडियो पूर्व RAW एजेंट और NSG कमांडो लक्ष्मण उर्फ लकी बिष्ट द्वारा शेयर किया गया  है, जिसमें पाकिस्तान सरकार, प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।   ऑडियो में दावा किया गया है कि जेल प्रशासन पर सरकारी एजेंसियों और सेना से जुड़े तत्वों का प्रभाव है तथा इमरान खान को कथित रूप से “ शारीरिक और मानसिक रूप से धीरे-धीरे कमजोर” करने की कोशिश की जा रही है। इन आरोपों और पलटवारों के बीच पाकिस्तान की सियासत एक बार फिर उबाल पर नजर आ रही है।  उनके परिवार और समर्थकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। वहीं सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रचार बताया है। इससे पहले इमरान खान की बहन उज्मा खान ने प्रेस वार्ता में कहा कि हालिया जेल मुलाकात के दौरान इमरान ने संदेश दिया—यदि उन्हें कुछ होता है तो इसके लिए सेना प्रमुख Asim Munir जिम्मेदार होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सेना प्रमुख और गृह मंत्री Mohsin Naqvi मिलकर उन्हें “धीरे-धीरे मारने” की योजना बना रहे हैं। अलीमा खान ने दावा किया कि इमरान की आंखों की रोशनी कमजोर हो रही है और उन्हें निजी डॉक्टरों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही। नूरीन खान ने भी सेना नेतृत्व की आलोचना करते हुए इसे “कानून के बिना राज” बताया।   प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इसे पीटीआई का राजनीतिक स्टंट बताया।सरकार द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान की आंखों की रोशनी चश्मे के साथ सामान्य स्तर तक सुधर रही है। रिपोर्ट में उनकी सेहत को स्थिर बताया गया है। अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान की गिरफ्तारी और मुकदमों को लेकर पहले ही पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव बना हुआ है। उनकी पार्टी समर्थक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

आंखों के इलाज के लिए अस्पताल में शिफ्ट होंगे इमरान खान, राहत की खबर के साथ परिवार से मुलाकात की संभावना

लाहौर  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जल्द अस्पताल शिफ्ट किए जाने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक उनकी आंख के इलाज के लिए 21 फरवरी से 26 फरवरी के बीच आइलिया इंजेक्शन की एक और डोज दी जानी है. उन्हें आंखों के इलाज के लिए रावलपिंडी के अस्पताल में भर्ती किया जा सकता है. जानकारी के मुताबिक इस बार उन्हें रावलपिंडी के अल शिफा आई ट्रस्ट हॉस्पिटल में इलाज के लिए ले जाया जा सकता है. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह अस्पताल में कितने दिन रहेंगे. अंतिम फैसला डॉक्टरों से सलाह-मशविरा करने के बाद लिया जाएगा. सूत्रों का यह भी कहना है कि इलाज के दौरान या उसके बाद इमरान खान को अपने कुछ करीबी सहयोगियों और जेल में बंद उनकी पत्नी बुशरा बीबी से मुलाकात की अनुमति मिल सकती है. सरकार व्यापक मेडिकल जांच कराने की भी योजना बना रही है. इनमें एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे, हृदय संबंधी जांच और पूरे शरीर के ब्लड टेस्ट जैसे प्रमुख परीक्षण शामिल हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि इन सभी टेस्ट के जरिए उनकी सेहत की विस्तृत और आधिकारिक स्थिति स्पष्ट की जाएगी. दुनियाभर में हो रही है इमरान के इलाज की मांग इमरान खान को सरकार ने अकेले ही एक कोठरी में बंद कर रखा है, जहां न तो उनसे किसी को मिलने की इजाजत है और न ही वे वहां से निकल सकते हैं. उनसे मिलकर आए उनके वकील ने बताया था कि उनकी आंखों की रोशनी 85 फीसदी तक जा चुकी है और उन्हें दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो रही हैं. इसके अलावा उन्हें फ्रिज और टीवी जैसी बेसिक सुविधाएं भी नहीं दी गईं जबकि मच्छरों की वजह से वहां सोना तक मुश्किल हो रहा है. वकील ने मांग की थी कि उन्हें टीवी नहीं तो कम से कम किताबें ही दी जाएं, ताकि वे अपना समय बिता सकें. इमरान खान की ये हालत सामने आने के बाद पूरी दुनिया में उनके समर्थन में रैलियां हुईं और ये अपील की गई कि उनका इलाज हो. दुनिया में क्रिकेट जगत के 12 पूर्व कप्तानों ने मिलकर पाकिस्तान सरकार को चिट्ठी भी लिखी कि इमरान खान को उचित इलाज दिया जाए. खराब सेहत को बता रहे सियासी ड्रामा वहीं पाकिस्तान के पंजाब की सूचना मंत्री अज्मा बुखारी ने इमरान खान की हालिया मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि उनकी सेहत और आंखों की रोशनी पूरी तरह ठीक है. उन्होंने बताया कि खान साहब को जेल में सभी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं, जिनमें पौष्टिक भोजन और टहलने के लिए अलग स्थान भी शामिल है. अजमा बुखारी ने कहा कि मेडिकल जांच में किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की पुष्टि नहीं हुई है. उनके मुताबिक इमरान खान एक आंख से घड़ी की सुइयां तक साफ देख सकते हैं. उन्होंने इमरान खान पर निशाना साधते हुए इसे उनका राजनीतिक ड्रामा करार दिया.

जेल में इमरान खान के इलाज की मांग तेज, भारत-पाक के 14 क्रिकेट दिग्गजों ने उठाई आवाज

नई दिल्ली सुनील गावस्कर, कपिल देव, एलन बॉर्डर, स्टीव वॉ समेत दुनियाभर के 14 पूर्व कप्तानों ने इमरान खान के लिए अपनी आवाज बुलंद की है। इन क्रिकेट दिग्गजों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को खत लिखकर इमरान खान की जेल में उनके पसंद के डॉक्टरों से तत्काल इलाज कराने की मांग की है। जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हिरासत में खराब होती सेहत और आंखों की रोशनी कमजोर पड़ने की रिपोर्ट के बीच क्रिकेट जगत ने गंभीर चिंता जताई है। महान सुनील गावस्कर, कपिल देव, एलन बॉर्डर, स्टीव वॉ समेत दुनियाभर के 14 पूर्व कप्तानों ने इमरान खान के लिए अपनी आवाज बुलंद की है। इन क्रिकेट दिग्गजों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को खत लिखकर इमरान खान की जेल में उनके पसंद के डॉक्टरों से तत्का इलाज कराने, परिवार से नियमित मुलाकात और बिना किसी देरी के निष्पक्ष और पारदर्शी कानूनी प्रक्रिया का अधिकार देने की मांग की है। इमरान खान अपने दौर के महान ऑलराउंडर रहे हैं और उनकी ही कप्तानी में पाकिस्तान ने 1992 में वनडे वर्ल्ड कप जीतने की ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की थी। हमारे सहयोगी हिंदुस्तान टाइम्स डिजिटल ने क्रिकेट की दुनिया के दिग्गजों की पाकिस्तान सरकार को लिखे खत की कॉपी देखी है। खत में पूर्व कप्तानों ने ये भी साफ किया है कि उन्होंने ये अपील खेल भावना और मानवता के नाते किया है। किसी कानूनी कार्यवाही में दखल देने की मंशा नहीं है। इन 14 हस्तियों के हैं दस्तखत पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संबोधित खत पर दस्तखत करने वालों में सुनील गावस्कर, कपिल देव, ग्रेग चैपल, बेलिंडा क्लार्क, माइकल अथर्टन, नासिर हुसैन, इयान चैपल, एलन बॉर्डर, माइकल ब्रियर्ली, डेविड गॉवर, किम ह्यूज, क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और जॉन राइट शामिल हैं। दिलचस्प बात ये है कि इस खत पर दस्तखत करने वाले पूर्व कप्तानों में पाकिस्तान का कोई भी पूर्व कप्तान शामिल नहीं है। वैसे पिछले हफ्ते वसीम अकरम, वकार यूनुस, शाहिद अफरीदी समेत पाकिस्तान के कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने सोशल मीडिया पर ये गुजारिश की थी कि इमरान खान को उचित डॉक्टरी देखभाल दी जाए। क्रिकेट की हस्तियों का पाकिस्तान पीएम को लिखा पूरा खत 'हम अधोहस्ताक्षरी राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के पूर्व कप्तान हैं और पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और विश्व क्रिकेट की महान हस्ती इमरान खान के साथ हो रहे व्यवहार और उनकी जेल की स्थितियों को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। क्रिकेट के खेल में इमरान खान के योगदान की पूरी दुनिया तारीफ करती है। एक कप्तान के रूप में उन्होंने 1992 में पाकिस्तान को ऐतिहासिक विश्व कप जीत दिलाई। यह एक ऐसी जीत थी जो उनके कौशल, अटूट साहस और नेतृत्व पर आधारित थी, जिसने सीमाओं के पार कई पीढ़ियों को प्रेरित किया। हममें से कई लोग उनके खिलाफ खेले हैं, उनके साथ मैदान साझा किया है या उनके खेल और करिश्मे को देखते हुए बड़े हुए हैं। वे खेल के अब तक के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडरों और कप्तानों में से एक हैं, जिन्हें खिलाड़ियों और प्रशंसकों से समान सम्मान मिला है। क्रिकेट के अलावा इमरान खान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में भी सेवा की। राजनीतिक विचारों से इतर उन्हें अपने देश के सर्वोच्च पद पर लोकतांत्रिक रूप से चुने जाने का सम्मान प्राप्त है। उनकी सेहत को लेकर आ रही हालिया खबरें, खासकर हिरासत के दौरान उनकी आंखों की रोशनी कम होने की चिंताजनक रिपोर्ट और पिछले ढाई साल से जेल की स्थितियों ने हमें बहुत परेशान किया है। हम साथी क्रिकेटर होने के नाते 'फेयर प्ले' और सम्मान के मूल्यों को समझते हैं। हमारा मानना है कि इमरान खान जैसे कद के व्यक्ति के साथ वह गरिमा और मानवीय व्यवहार होना चाहिए, जो एक पूर्व राष्ट्रीय नेता और वैश्विक खेल रत्न के योग्य हो। हम सम्मानपूर्वक पाकिस्तान सरकार से आग्रह करते हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि इमरान खान को- अपनी पसंद के विशेषज्ञों से तुरंत और उचित चिकित्सा सुविधा मिले। जेल में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार मानवीय और सम्मानजनक स्थितियां दी जाएं, जिसमें परिवार से नियमित मुलाकात शामिल हो। बिना किसी देरी के निष्पक्ष और पारदर्शी कानूनी प्रक्रिया का अधिकार मिले। क्रिकेट हमेशा देशों के बीच एक पुल रहा है। मैदान पर हमारा साझा इतिहास हमें याद दिलाता है कि मुकाबला स्टंप उखड़ने के साथ खत्म हो जाता है, लेकिन सम्मान हमेशा बना रहता है। इमरान खान ने अपने पूरे करियर में इसी भावना को जिया है। हम अधिकारियों से अपील करते हैं कि वे शालीनता और न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखते हुए इसका सम्मान करें। यह अपील हम किसी कानूनी कार्रवाई में दखल देने के लिए नहीं, बल्कि खेल भावना और मानवता के नाते कर रहे हैं।'  

परिवार को बिना बताए इमरान खान को अस्पताल में किया शिफ्ट

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने आरोप लगाया कि इमरान को जेल से गुप्त रूप से अस्पताल में भेजा जा रहा है। पार्टी का दावा है कि इस कदम से उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और उनकी जान को खतरा पैदा हो सकता है। इमरान खान की फैमिली को इस ट्रांसफर के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। पीटीआई ने मांग की है कि कोई भी मेडिकल जांच या इलाज उनके निजी डॉक्टरों की मौजूदगी में और कम से कम एक परिवार के सदस्य के साथ होना चाहिए। जेल नियमों के अनुसार भी परिवार और डॉक्टरों को पहले सूचित करना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इमरान खान 73 वर्ष के हैं। वह अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें लाहौर में उनके घर से गिरफ्तार किया गया था और भ्रष्टाचार के आरोपों में अदियाला जेल में रखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेल में रहते हुए उनकी सेहत बिगड़ गई है, खासकर दाहिने आंख में लगभग 85 प्रतिशत विजन लॉस हो चुका है। परिवार और लीगल टीम का आरोप है कि जेल अथॉरिटीज ने उन्हें उचित मेडिकल केयर नहीं दिया, जिससे यह स्थिति बनी। जनवरी 2026 के अंत में उन्हें आंख की समस्या के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां एक छोटी प्रक्रिया हुई, लेकिन फैमिली को पहले सूचित नहीं किया गया था। पीटीआई ने लगाए गंभीर आरोप पीटीआई ने बयान जारी कर गंभीर चिंता जताई है कि इमरान खान को बिना परिवार की जानकारी के अस्पताल शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है। पार्टी ने कहा, 'ऐसा कदम मौलिक मानवाधिकारों और कानूनी प्रावधानों का खुला उल्लंघन है।' उन्होंने इसे इमरान खान की सेहत और जान के साथ छेड़छाड़ करार दिया और इलाज में देरी को अमानवीय बताया। पार्टी ने तत्काल इलाज शुरू करने की मांग की है, बिना किसी समझौते के। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने भी विजन लॉस की रिपोर्ट्स पर ध्यान देते हुए मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया है, ताकि उनकी आंखों की जांच हो सके। इमरान खान की सेहत को लेकर गरमाई राजनीति इस मुद्दे पर राजनीतिक विरोध बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को पाकिस्तान के विपक्षी गठबंधन ने संसद के पास धरना दिया और इमरान खान को तुरंत अल-शिफा अस्पताल में भर्ती करने की मांग की। प्रदर्शनकारी तब तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं। सरकार की ओर से जानकारी मंत्री ने कहा कि इमरान खान को स्पेशलाइज्ड आंखों के इलाज के लिए ले जाया जा रहा है और स्पेकुलेशन से बचने की अपील की है। हालांकि, परिवार और पीटीआई का कहना है कि बिना उनकी सहमति के कोई कदम नहीं उठाया जाए। यह घटनाक्रम पाकिस्तान की राजनीति में तनाव को और बढ़ा रहा है।

पूर्व PM इमरान खान की सेहत पर बड़ा खुलासा, 85% दृष्टि प्रभावित; पाक सुप्रीम कोर्ट के CJP को करनी पड़ी दखल

इस्लामाबाद पाक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान खान के दाहिनी आंख में 'सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन' (CRVO) नामक गंभीर बीमारी का पता चला है, जो समय पर इलाज न मिलने पर स्थाई अंधापन पैदा कर सकती है। इसी वजह से उनकी 85 फीसदी रोशनी चली गई। लंबे समय से जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के हेल्थ अपडेट से पाकिस्तान में हड़कंप मचा हुआ है। पाक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खान की दाहिनी आंख की रोशनी 85 फीसदी खत्म हो चुकी है। उसमें अब सिर्फ 15 फीसदी को रोशनी बची है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इमरान खान की आंख की जांच के लिए एक स्पेशल मेडिकल टीम बनाने का आदेश दिया है। यह आदेश कोर्ट में पेश की गई एक रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें PTI फाउंडर ने दावा किया था कि उनकी दाहिनी आंख में “सिर्फ़ 15 फीसदी” रोशनी बची है। SC ने यह भी निर्देश दिया कि इमरान को उनके बच्चों से बात करने की इजाज़त दी जाए। यह आदेश दिया गया कि आंखों की जांच और फोन कॉल दोनों 16 फरवरी (सोमवार) से पहले किए जाएं। SC का यह निर्देश तब आया जब पाकिस्तान के चीफ जस्टिस (CJP) याह्या अफरीदी की अगुवाई वाली और जस्टिस शाहिद बिलाल हसन सहित दो अन्य जजों की बेंच ने PTI संस्थापक के अदियाला जेल में रहने की स्थिति से जुड़े मामले की सुनवाई फिर से शुरू की। खून का थक्का जमने से गई रोशनी कोर्ट में पेश रिपोर्ट में बताया गया कि इमरान खान ने कहा है कि उनकी दाईं आंख की केवल लगभग 15% दृष्टि बची है। रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक उनकी दोनों आंखों की दृष्टि सामान्य थी, लेकिन बाद में धुंधलापन शुरू हुआ और इलाज में देरी के कारण स्थिति बिगड़ गई। बताया गया कि बाद में डॉक्टरों ने जांच में खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) जैसी समस्या की पहचान की और इंजेक्शन सहित इलाज किया गया, लेकिन दृष्टि पूरी तरह वापस नहीं आ सकी। कैदी की सेहत राज्य की जिम्मेदारी सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कैदी की सेहत सर्वोच्च प्राथमिकता है और राज्य का दायित्व है कि उसे उचित इलाज मिले। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून के तहत सभी कैदियों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। कोर्ट ने माना कि परिवार से संपर्क भी महत्वपूर्ण मानवीय पहलू है। इसलिए बच्चों से टेलीफोन पर बातचीत की अनुमति देने के निर्देश दिए गए। सुनवाई के दौरान टॉप जज ने कहा, “हम उनकी (इमरान की) हेल्थ के मामले पर सरकार का स्टैंड जानना चाहते हैं।” इस पर पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल (AGP) मंसूर उस्मान अवान ने कन्फर्म किया कि मेडिकल फैसिलिटी देना सरकार की ज़िम्मेदारी है। AGP अवान ने कहा, “अगर कैदी सैटिस्फाइड नहीं है, तो सरकार कदम उठाएगी।” इस पर CJP अफरीदी ने फिर कहा कि इमरान के “अपने बच्चों के साथ टेलीफोन कॉल का मामला भी जरूरी है”। जेल में इलाज पर उठे सवाल रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इमरान खान ने पहले जेल प्रशासन को आंख की समस्या की शिकायत की थी, लेकिन समय पर विशेष इलाज नहीं मिला। बाद में विशेषज्ञ डॉक्टर बुलाए गए। यह मामला सिर्फ एक कैदी के स्वास्थ्य का नहीं बल्कि जेलों में मेडिकल सुविधाओं, मानवाधिकार और राजनीतिक संवेदनशीलता से भी जुड़ा माना जा रहा है। इस बीच, इन्फॉर्मेशन मिनिस्टर अताउल्लाह तरार ने कहा कि जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार द्वारा फैलाई जा रही कहानी रिपोर्ट के सामने “पूरी तरह से गलत साबित हुई है।”

शादी में इमरान खान का गीत गाने पर बवाल, कव्वाल समेत 7 लोग हिरासत में

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान इन दिनों जेल में बंद हैं तो उनके समर्थकों का भी बुरा दौर चल रहा है। एक कव्वाल को पाकिस्तानी पंजाब की पुलिस ने सिर्फ इसलिए अरेस्ट कर लिया क्योंकि उसने अपने गाने में इमरान खान का नाम लिया था। यह बात पाकिस्तानी एजेंसियों को इतनी नागवार गुजरी कि उसे गिरफ्तार ही कर लिया गया। इस मामले में दर्ज एफआईआर में थानाध्यक्ष जमीरुल हसन ने आरोप लगाया कि कव्वाल फराज अमजद खान ने एक गाना गया था, जिसमें कैदी नंबर 804 का जिक्र किया। इमरान खान इन दिनों जेल में बंद हैं और उनका कैदी नंबर 804 ही है। FIR में कहा गया कि यह सीधे तौर पर एक सरकारी आयोजन को राजनीतिक रंग देने का मामला है।   इस मामले में जब कव्वाल की लाहौर के अडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज शाहजेब डार के समक्ष पेशी हुई तो उन्होंने कहा कि यह गाना मेरी ओर से पेश नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि दर्शकों में से ही कुछ लोगों ने ऐसे गाने की डिमांड रखी, तभी मैंने गाया था। फराज ने कहा कि मेरा तो किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। कव्वाल ने कहा कि मुझे इस मामले में अग्रिम जमानत दी जाए और यदि आवश्यकता पड़ती है मैं जांच में हर तरह का सहयोग करने के लिए तैयार हूं। शुरुआती दलीलों के बाद जज ने कव्वाल को 13 जनवरी तक के लिए बेल दी है और पुलिस से मामले का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। लाहौर के इस वाकये के अलावा एक और घटना गुजरांवाला जिले में हुई है। यहां पुलिस ने एक शादी से 7 लोगों को हिरासत में ले लिया। इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने विवाह समारोह के दौरान इमरान खान के पोस्टर लहराए और उनके समर्थन में नारेबाजी की। इस मामले में पुलिस ने वैमनस्यता पैदा करने, शांति भंग करने और जनता में सरकार के प्रति विद्रोह पैदा करने के आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया गया है। शादी से क्यों उठा लिए गए 7 लोग, इमरान की तस्वीर दिखाने पर ऐक्शन इन लोगों को 14 दिन की हिरासत में रखने का फैसला लिया गया है। फिलहाल इन्हें गुजरांवाला जेल में भेज दिया गया है। बता दें कि पाकिस्तान में इन दिनों इमरान खान के समर्थकों की शामत आई हुई है। पाकिस्तान की सेना भी पीटीआई के खिलाफ और राजनीतिक नेतृत्व से भी पूर्व पीएम की अदावत चल रही है। ऐसे में इमरान खान के नाम पर समर्थन करने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  

हाईकोर्ट आदेश के बावजूद जेलर का विरोध, शहबाज सरकार झुकी—इमरान से मिलने जाएंगी बहन

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान कहां गए? वो सही सलामत हैं भी या नहीं. 4 नवंबर के बाद से परिवार के किसी सदस्य ने या फिर उनके किसी वकील ने उनसे अदियाला जेल में मुलाकात नहीं की है. इस वजह से ही आज मंगलवार को पाकिस्तान में इस्लामाबाद हाईकोर्ट और रावलपिंडी में अदियाला जेल के बाहर इमरान खान की बहनों और समथर्कों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया. स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शनों के बाद इमरान की एक बहन को मुलाकात करने की अनुमति मिल गई है. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि शायद अब इमरान खान की सेहत को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो जाएगा. दरअसल, इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बाहर पाकिस्तानी तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं, सांसदों और नेताओं की भारी भीड़ जुटी और सरकार के खिलाफ नारे लगाए. एक PTI प्रदर्शनकारी ने कहा, “यह सरकार अब सो नहीं पा रही. हम इमरान खान को रिहा कराएंगे. जब तक इमरान खान की बहनों को मुलाकात की इजाजत नहीं मिलेगी, हम यहीं बैठे रहेंगे.” अदियाला जेल के बाहर भी भारी प्रदर्शन कोर्ट के आदेश के बावजूद इमरान खान से उनकी बहनों और वकीलों को मिलने नहीं दिया जा रहा है. वहीं अदियाला जेल के बाहर भी इमरान समर्थकों ने पूर्व पीएम को रिहा करने की मांग को लेकर जबरदस्त प्ररदर्शन किया. इमरान खान की तीनों बहनों- अलीमा खान, नूरीन खान और आजमी खान का शक अब उनकी हालत को लेकर बढ़ रहा है. उनकी तीनों बहनें अदियाला जेल के बाहर चल रहे प्रदर्शन में भी शामिल हुईं. इससे पहले इमरान खान के बेटे ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि उनके पिता के साथ शायद कुछ ऐसा हुआ है, जिसे बदला नहीं जा सकता है. इस वजह से ही हुकूमत उनसे किसी को मिलने नहीं दे रही है. खैबर पख्तूनख्वा में इमरान की पार्टी की सरकार होगी बर्खास्त? बता दें कि बीते कई दिनों से न तो इमरान खान की कोई तस्वीर सामने आई है, ना ही उनसे मुलाकात के बाद किसी ने उनके सही-सलामत होने का भरोसा दिया है. पूर्व प्रधानमंत्री को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच ये खबर भी जोर पकड़ रही है कि खैबर पख्तूनख्वा में इमरान खान की पार्टी की सरकार को बर्खास्त कर राज्यपाल शासन लागू किया जा सकता है. दरअसल, खैबर पख्तूनख्वा के सीएम सोहेल अफरीदी इमरान को रिहा करने के प्रदर्शन में जोर-शोर से अपनी आवाज उठा रहे हैं. जल्‍लाद से कम नहीं ये जेलर! हाईकोर्ट के आदेश को रद्दी की टोकरी में फेंका, मिलने गए सीएम को 8 बार लौटाया पाकिस्तान की राजनीति में कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता. यहां प्रधानमंत्री जेल जाते हैं और जेलर ‘किंगमेकर’ की भूमिका में आ जाते हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही जेलर की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसका रसूख शायद इस वक्‍त पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से कम नहीं है. एक ऐसा सरकारी मुलाज‍िम, जो वर्दी तो जेल पुलिस की पहनता है, लेकिन उसके तेवर किसी तानाशाह से कम नहीं हैं. हम बात कर रहे हैं रावलपिंडी की मशहूर अडियाला जेल के सुपरिंटेंडेंट (जेलर) अब्दुल गफूर अंजुम की. वही जेल, जहां पाकिस्तान की सियासत का सबसे बड़ा चेहरा, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, ‘कैदी नंबर 804’ बनकर बंद हैं. इस जेलर की कहानी पढ़कर आपको लगेगा कि क्या वाकई पाकिस्तान में कोई कानून-कायदा बचा है या फिर वहां ‘जिसकी लाठी, उसकी भैंस’ वाली कहावत ही संविधान बन चुकी है. अब्दुल गफूर अंजुम कोई आम जेलर नहीं हैं. वे पंजाब प्रेसिडेंट सर्विस के अफसर हैं और इन दिनों उनकी हनक ऐसी है कि वे हाईकोर्ट के जजों के आदेशों को भी सिगरेट के धुएं की तरह हवा में उड़ा देते हैं. हाईकोर्ट का आदेश? वो क्या होता है भाई जरा सोचिए, देश का एक पूर्व प्रधानमंत्री जेल में है. उसका परिवार अदालतों के चक्कर काट रहा है, सिर्फ इसलिए कि उन्हें अपने घर के मुखिया से मिलने दिया जाए. इस्लामाबाद हाईकोर्ट, जो देश की प्रतिष्ठित अदालतों में से एक है, साफ-साफ आदेश जारी करती है. आदेश में कहा जाता है कि इमरान खान के परिवार को उनसे हफ्ते में कम से कम दो बार मिलने की इजाजत दी जाए. यह बुनियादी मानवाधिकार है. किसी भी कैदी को उसके परिवार और वकीलों से मिलने का हक होता है. लेकिन, जब यह आदेश लेकर इमरान का परिवार और वकील अडियाला जेल के दरवाजे पर पहुंचते हैं, तो वहां उनकी मुलाकात होती है जेलर अब्दुल गफूर अंजुम के फरमान से. अंजुम साहब साफ कह देते हैं कि यह आदेश पूरा नहीं किया जा सकता. आप अंदाजा लगाइए, एक जेल सुपरिंटेंडेंट हाईकोर्ट के लिखित आदेश को मानने से इनकार कर रहा है. यह सिर्फ आदेश की अवहेलना नहीं है, यह न्यायपालिका के मुंह पर करारा तमाचा है. मानो जेलर साहब कह रहे हों कि जेल के अंदर मेरी अदालत चलती है, बाहर वालों की नहीं. सीएम को एक नहीं, आठ बार बेइज्‍जत कर लौटाया अगर आपको लगता है कि यह सिर्फ इमरान खान के परिवार तक सीमित है, तो आप गलत हैं. इस जेलर का खौफ और रसूख इतना है कि वह एक चुने हुए मुख्यमंत्री को भी कुछ नहीं समझता. खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मुख्यमंत्री सुहेल आफरीदी, जी हां, एक सिटिंग सीएम अपने नेता इमरान खान से मिलने अडियाला जेल पहुंचे. एक बार नहीं, दो बार नहीं, बल्कि पूरे आठ बार. और आठों बार जेलर अब्दुल गफूर अंजुम ने उन्हें जेल के दरवाजे से ही वापस लौटा दिया. प्रोटोकॉल के हिसाब से एक मुख्यमंत्री का दर्जा बहुत बड़ा होता है. लेकिन अंजुम के सामने प्रोटोकॉल की कोई अहमियत नहीं है. सोचिए, जिस देश में एक जेलर एक मुख्यमंत्री को आठ बार मिलने से मना कर दे, वहां लोकतंत्र की क्या हालत होगी? यह घटना बताती है कि पाकिस्तान में असली ताकत चुनी हुई सरकारों के पास नहीं, बल्कि कहीं और है. 4 नवंबर से ‘कालकोठरी’ में तब्दील इमरान की सेल जेलर अंजुम की मनमानी का सिलसिला यहीं नहीं रुकता. 4 नवंबर के बाद से तो उन्होंने अडियाला जेल में इमरान खान की सेल को एक तरह से ‘ब्लैक होल’ बना दिया है. तब से लेकर अब तक, इमरान खान को पूरी तरह अलग-थलग कर दिया गया है. … Read more

इमरान खान को मिली सुप्रीम कोर्ट से जमानत, क्या जल्द होंगे जेल से रिहा?

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए अच्छी खबर है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। 2023 में सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों से जुड़े कई मामलों में उन्हें राहत मिली है। अदालत के रिकॉर्ड और उनके वकील ने यह जानकारी साझा की। मुख्य न्यायाधीश याह्या अफरीदी की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने लाहौर हाईकोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें खान की 8 मामलों में जमानत याचिका खारिज की गई थी। सुप्रीम कोर्ट की रिहाई की शर्त सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की रिहाई का आदेश दिया, लेकिन शर्त रखी कि उन्हें किसी अन्य मामले में वांछित नहीं होना चाहिए। यही कारण है कि इमरान खान अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे, क्योंकि वे भ्रष्टाचार के एक मामले में पहले ही दोषी ठहराए जा चुके हैं। क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान पर भ्रष्टाचार से लेकर आतंकवाद तक के कई मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि, वे इन सभी मामलों को झूठा और राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताते हैं। किस मामले में मिली जमानत? मई 2023 में इमरान खान को एक भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिनमें रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय भी शामिल था। इस हिंसा के बाद इमरान खान और उनकी पार्टी ( पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ) के कई नेताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए। उनकी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और सांसदों को भी हाल ही में ऐसे ही मामलों में दोषी ठहराया गया है। क्या जेल से बाहर आ पाएंगे इमरान खान? सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बावजूद इमरान खान की कानूनी मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। उन्हें अन्य मामलों में अभी जेल में रहना होगा। इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में इसे 'इमरान खान की जीत' करार दिया।