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मिडिल ईस्ट के लिए इंडिगो की 17 नई फ्लाइट्स, यात्रियों को दी गई जरूरी एडवाइजरी

 नई दिल्ली इंडिगो एयरलाइंस 6 मार्च 2026 को मिडिल ईस्ट के 8 अलग-अलग शहरों के लिए 17 उड़ानों का संचालन करेगी. एयरलाइन कुल 34 सेक्टरों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है, जिससे फंसे हुए यात्रियों को राहत मिल सके. एयरलाइंस मध्य पूर्व की तेजी से बदलती स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है. सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर परिचालन को सुरक्षित और चरणबद्ध तरीके से बहाल करने का काम जारी है। यात्रियों की सुरक्षा का खयाल रखते हुए सिर्फ उन्हीं लोगों को यात्रा की अनुमति दी जा रही है, जिन्हें कंपनी ने सीधे इन्फॉर्म किया है. यह कदम क्षेत्र में हवाई सेवाओं को धीरे-धीरे सामान्य बनाने के प्रयासों का हिस्सा है। एयरलाइन की टीमें रजिस्टर्स संपर्क जानकारियों के जरिए संबंधित ग्राहकों से सीधे संपर्क कर रही है। सुरक्षित बहाली के लिए सरकारी तालमेल इंडिगो ने कहा कि वह मध्य पूर्व और उसके आसपास के हालातों को लेकर बेहद सतर्क है. कंपनी सरकार और संबंधित विमानन अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है, जिससे उड़ानें पूरी तरह सुरक्षित वातावरण में संचालित की जा सकें. मौजूदा स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन को एक साथ शुरू करने के बजाय धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। यात्रियों के लिए विशेष निर्देश एयरलाइंस ने यात्रियों से गुजारिश की है कि जब तक उन्हें व्यक्तिगत रूप से सूचित न किया जाए, वे हवाई अड्डे पर न पहुंचें. इंडिगो की टीमें केवल उन्हीं विशिष्ट उड़ानों के ग्राहकों से संपर्क कर रही हैं जिन्हें संचालित किया जा रहा है. यह निर्देश हवाई अड्डों पर भीड़ को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिया गया है. यात्री अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल पर आने वाले अपडेट्स पर नजर बनाए रखें।    

फ्लाइट कैंसलेशन के बाद इंडिगो की भर्ती मुहिम, 1000 नए पायलट्स शामिल होंगे

नई दिल्ली  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो को पिछले साल दिसंबर में पायलट और अन्य क्रू की भारी किल्लत की वजह से 7 दिनों के भीतर 5000 से भी ज्यादा फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा था। अब इंडिगो अपने परिचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए 1,000 से अधिक पायलटों की भर्ती करने जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो की इस भर्ती में ट्रेनी फर्स्ट ऑफिसर, सीनियर फर्स्ट ऑफिसर और कैप्टन शामिल हैं। अगर इंडिगो इस भर्ती को सफलतापूर्वक पूरा करती है तो यह भारतीय एयरलाइन कंपनी द्वारा की गई अभी तक की सबसे बड़ी भर्तियों में से एक होगी। फ्रेशर भी रखे जाने की प्लानिंग  रिपोर्ट के अनुसार, भर्ती नोटिस से पता चलता है कि एयरलाइन अपने नेटवर्क के प्रमुख विमान एयरबस ए320 पर बिना अनुभव वाले आवेदकों की भी भर्ती करने के लिए तैयार है। वहीं, एयरलाइन के नए नियमों के तहत पायलट द्वारा रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच की जाने वाली लैंडिंग की संख्या सीमित कर दी गई है, साथ ही साप्ताहिक विश्राम की आवश्यकताएं भी बढ़ा दी गई हैं। पायलटों के भर्ती की तैयारी एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि एयरलाइन अपने विमानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पायलटों की निरंतर भर्ती के लिए सक्रिय रूप से तैयारी कर रही है। एयरलाइन के इंटरनल ट्रेनिंग सिस्टम पहले से मजबूत है, जिसके तहत प्रति माह लगभग 20-25 फर्स्ट ऑफिसर को कप्तान के पद पर पदोन्नत किया जाता है। एयरलाइन औसतन प्रति माह लगभग चार नए विमान शामिल करती है। दिसंबर में क्यों रद हुई थी उड़ानें? नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने नए नियमों के लिए पर्याप्त भर्ती नहीं की और न ही ट्रेनिंग में तेजी लाई, जिससे पायलटों पर बार-बार ट्रांसफर, लंबे वर्किंग डेज और लंबे समय तक खाली उड़ान के कारण प्रेशर बढ़ गया। इंडिगो को 2,422 कप्तानों की आवश्यकता थी, लेकिन एयरलाइन के अनुसार उसके पास केवल 2,357 कप्तान ही थे। जिसकी वजह से रोस्टर पूरी तरह से लागू नहीं हो सका और उड़ानों को रद करना पड़ा।  

आसमान में टकराव का खतरा! AI-इंडिगो प्लेन्स को लेकर फैली अफवाह, असल में क्या हुआ?

मुंबई  मुंबई एयरपोर्ट पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दो प्लेन आपस में ही टकरा गए. जी हां, एयर इंडिया और इंडिगो के प्लेन के बीच मुंबई एयरपोर्ट पर ग्राउंड कोलिजन हो गया. दोनों विमानों के पंख आपस में टकरा गए. इसके बाद विमानों को जांच के लिए ग्राउंडेड कर दिया गया. जैसे ही एयर इंडिया और इंडिगो के विंग्स आपस में टकराए, प्लेन में बैठे यात्रियों की सांसें फूल गईं. एयरपोर्ट पर हलचल मच गई. कारण कि दोनों विमान में यात्री सवार थे. राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. चलिए जानते हैं कि आखिर कैसे दो प्लेन के विंग्स आपस में टकरा गए और कैसे एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया. कब और कैसे घटी यह घटना? मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर  यह असामान्य घटना घटी. जिसमें एयर इंडिया (एअर इंडिया) और इंडिगो के दो विमानों के पंखों के किनारे एक दूसरे से टकरा गए, जिसके बाद विमानों को जांच के लिए खड़ा कर दिया गया. ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्सीवे पर विमानों के पंखों के सिरे आपस में टकरा गए. यह घटना तब हुई जब एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2732 (मुंबई-कोयंबटूर) डिपार्चर के लिए पीछे हट रही थी, उसी समय इंडिगो की फ्लाइट 6E 791 (हैदराबाद-मुंबई) लैंडिंग के बाद टैक्सी कर रही थी. असल में क्या हुआ था? दरअसल, एयर इंडिया का विमान उड़ान भरने के लिए तैयार हो रहा था. वहीं, इंडिगो का विमान लैंडिंग के बाद पार्किंग-वे की तरफ जा रहा था. मुंबई से कोयम्बटूर जा रही फ्लाइट संख्या AI 2732 उड़ान भरने के लिए पुशबैक की स्थिति में थी. ठीक उसी समय हैदराबाद से आई इंडिगो की फ्लाइट 6E 791 लैंडिंग करने के बाद टैक्सी-वे से गुजर रही थी. इसी दौरान दोनों विमानों के पंख एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए और उनमें टक्कर हो गई. दोनों विमानों के दाहिने पंख (Right Wingtips) एक-दूसरे से टकरा गए. टक्कर होते ही विमान में झटका महसूस हुआ, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया. गनीमत रही कि इस घटना में किसी को कुछ नहीं हुआ. एयर इंडिया ने क्या कहा जानकारी के मुताबिक, एअर इंडिया का विमान रवाना हो रहा था, जबकि इंडिगो का विमान उतर रहा था. मुंबई एयरपोर्ट पर समानांतर रनवे हैं। दोनों ही विमान एयरबस ए320 थे. एअर इंडिया के प्रवक्ता के मुताबिक, तीन फरवरी को मुंबई से कोयंबटूर जाने वाली उड़ान एआई2732 में देरी हुई, क्योंकि निर्धारित विमान रवाना होने से पहले टैक्सीवे पर प्रतीक्षा के दौरान एक अन्य विमानन कंपनी के विमान के संपर्क में आ गया। दोनों विमानों के पंखों के किनारे टकराने से हमारे विमान के पंख के किनारे को नुकसान पहुंचा. इंडिगो ने क्या कहा? वहीं, इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा कि हैदराबाद से मुंबई आ रही उड़ान 6ई791 के पंख का किनारा उतरने के बाद एक अन्य विमानन कंपनी के विमान से संपर्क में आ गया. इसके अलावा, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की एक टीम मौके पर मौजूद है और दोनों विमानों को जांच के लिए वापस उनके स्थान पर ले जाया गया. कितने यात्री थे सवार रिपोर्ट्स में आगे बताया गया है कि यह घटना तब हुई जब दोनों विमानों में यात्री सवार थे. किसी के घायल होने की खबर नहीं है. हालांकि, विमानों में सवार यात्रियों की संख्या का तत्काल पता नहीं चल सका है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी यात्री सुरक्षित हैं. यह घटना  मुंबई एयरपोर्ट पर शाम करीब 7.30 बजे हुई, जो देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट में से एक है. दोनों प्लेन में टक्कर के बाद क्या हुआ?     एअर इंडिया के विमान के विंगटिप को नुकसान पहुंचा, इसलिए इसे ग्राउंडेड कर दिया गया। यात्रियों को दूसरी फ्लाइट्स में रीबुक किया गया।.     इंडिगो के विमान में भी जांच हुई, लेकिन ज्यादा डैमेज नहीं था. उसके यात्री भी सुरक्षित उतारे गए.     DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने तुरंत जांच शुरू कर दी.अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की छानबीन करने लगे.     दोनों एयरलाइंस ने बयान जारी कर कहा कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और कोई घायल नहीं हुआ.  

हवाई सफर हुआ आसान: इंडिगो ने लॉन्च किया ₹1499 का टिकट ऑफर, 16 जनवरी तक करें बुकिंग

नई दिल्ली इंडिगो एयरलाइंस ने नए साल की शुरुआत में यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए ‘सेल इंटू 2026’ नाम से न्यू ईयर सेल लॉन्च की है। यह ऑफर 13 जनवरी से 16 जनवरी तक टिकट बुकिंग के लिए खुला रहेगा। इस सेल के तहत यात्री 20 जनवरी से 30 अप्रैल 2026 के बीच यात्रा कर सकते हैं। खास बात यह है कि यह ऑफर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरह की चुनिंदा उड़ानों पर लागू होगा।   कितनी है टिकट की कीमत इंडिगो की इस सेल में घरेलू उड़ानों के एकतरफा टिकट ₹1,499 से शुरू हो रहे हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर किराया ₹4,499 से मिल रहा है। प्रीमियम सुविधा वाले IndiGoStretch टिकट कुछ घरेलू रूट्स पर ₹9,999 से उपलब्ध हैं। इसके अलावा, दो साल तक के बच्चों के लिए घरेलू उड़ानों में सिर्फ ₹1 में टिकट दिया जा रहा है, बशर्ते बुकिंग इंडिगो के डायरेक्ट प्लेटफॉर्म से की जाए। क्या है छूट एयरलाइन ने यात्रियों के लिए अतिरिक्त सेवाओं पर भी भारी छूट दी है। 6E ऐड-ऑन पर 70% तक की छूट, प्रीपेड एक्स्ट्रा बैगेज पर 50% तक की छूट और स्टैंडर्ड सीट सिलेक्शन पर 15% तक की छूट दी जा रही है। वहीं, ज्यादा लेगरूम चाहने वाले यात्रियों के लिए इमरजेंसी XL सीटें ₹500 से चुनिंदा घरेलू रूट्स पर उपलब्ध होंगी। यह ऑफर कम से कम 7 दिन पहले की गई बुकिंग पर मान्य होगा और सभी बुकिंग चैनल्स पर लागू रहेगा। यात्री इंडिगो की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, 6ESkai AI असिस्टेंट, व्हाट्सऐप और ट्रैवल पार्टनर प्लेटफॉर्म्स के जरिए टिकट बुक कर सकते हैं। कम बजट में हवाई सफर की योजना बना रहे लोगों के लिए यह सेल एक शानदार मौका मानी जा रही है।

मौसम की मार: कोहरे से वाराणसी और प्रयागराज एयरपोर्ट पर फ्लाइट संचालन प्रभावित

वाराणसी देश के कई हिस्सों में इस समय मौसम कुछ ज्यादा ही खराब है। खासकर वाराणसी और प्रयागराज में घने कोहरे की वजह से उड़ानों पर असर पड़ रहा है। इंडिगो ने गुरुवार को यात्रियों को सतर्क रहने के लिए अपनी तरफ से ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। वाराणसी में कोहरे के कारण एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स थोड़ी धीरे चल रही हैं। इससे उड़ानों में थोड़ा बदलाव हो सकता है, यानी कुछ फ्लाइट्स लेट हो सकती हैं और कुछ रद्द भी हो सकती हैं। एयरलाइन ने सभी यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस वेबसाइट या ऐप पर चेक कर लें। इससे किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सकेगा। इंडिगो ने ये भी कहा है कि उनकी टीम मौसम पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही हालात सुधरेंगे, फ्लाइट्स सामान्य समय पर उड़ने लगेंगी। यात्रियों से भी धैर्य रखने और समझदारी दिखाने की अपील की गई है। एयरलाइन का भरोसा है कि जल्द ही आसमान साफ होगा और यात्रा फिर से आरामदायक और समय पर हो पाएगी। प्रयागराज में भी दृश्यता कम होने और कोहरे की वजह से उड़ानों पर असर पड़ सकता है। एयरलाइन ने कहा कि वे मौसम को लगातार मॉनिटर कर रहे हैं और पूरी कोशिश कर रहे हैं कि यात्रियों की यात्रा सुरक्षित और आरामदायक बनी रहे। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे फ्लाइट का स्टेटस अपडेट चेक करते रहें और किसी भी मदद के लिए एयरलाइन की टीम से संपर्क कर सकते हैं। इंडिगो ने कहा कि उनका स्टाफ हर कदम पर यात्रियों की मदद के लिए तैयार है। चाहे वह फ्लाइट में बदलाव हो, देरी हो या रद्द हो जाए, एयरलाइन अपनी पूरी कोशिश करती है कि किसी को परेशानी न हो। इंडिगो ने यात्रियों से निवेदन किया है कि थोड़ा धैर्य रखें और समझें कि मौसम की वजह से ये परिस्थितियां अस्थायी हैं। जैसे ही मौसम साफ होगा, फ्लाइट्स सामान्य समय पर उड़ने लगेंगी और यात्रा फिर से सुचारू रूप से हो पाएगी।

यात्रियों को राहत: इंडिगो 26 दिसंबर से जारी करेगा ₹10,000 का ट्रैवल वाउचर, रद्द उड़ानों का मुआवजा

नई दिल्ली भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इस महीने की शुरुआत में बड़ी संख्या में उड़ानों के रद्द होने से प्रभावित यात्रियों को अगले हफ्ते से 10,000 रुपए का ट्रैवल वाउचर जारी करना शुरू करेगा। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, बजट एयरलाइन इंडिगो 26 दिसंबर से इस महीने की 3,4 और 5 तारीख को रद्द हुई उड़ानों से प्रभावित यात्रियों को 10,000 रुपए की वैल्यू का ट्रैवल वाउचर जारी करेगा। यह वाउचर प्रभावित यात्रियों को सरकारी नियमों के अनुसार दिए जाने वाले 5,000 रुपए से 10,000 रुपए तक के मुआवजे के अतिरिक्त होगा। सरकार ने इंडिगो को सख्ती के साथ कहा है कि वह इस बात को बिना पुख्ता करें कि सभी पात्र यात्रियों तक भुगतान बिना किसी देरी के पहुंचे। इंडिगो को ट्रैवल एजेंटों और ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों से यात्रियों का विवरण एकत्र करने और प्रभावित ग्राहकों को सीधे भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। नागर विमानन महानिदेशालय को मुआवजे के सफल वितरण की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है और नागर विमानन मंत्रालय अपने वायु सेवा शिकायत पोर्टल के माध्यम से इस प्रक्रिया की निगरानी करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडिगो ने रद्द उड़ानों के लिए रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों (ओटीए) के जरिए बुकिंग कराने वाले कई यात्रियों को अभी तक भुगतान नहीं मिला है, जो एयरलाइंस और बुकिंग प्लेटफॉर्म के बीच समन्वय की कमी को दर्शाता है। रिपोर्ट्स में कहा गया कि मेकमाईट्रिप ने डीसीजीए के निर्देश के बाद इंडिगो से भुगतान मिलने से पहले ही लगभग 10 करोड़ रुपए का रिफंड प्रोसेस कर दिया है। इससे पहले इंडिगो के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा था कि एयरलाइन का बोर्ड, प्रबंधन के साथ मिलकर काम करने और पिछले सप्ताह हुई व्यापक उड़ान रद्दीकरण के मूल कारणों की पहचान करने के लिए बाहरी तकनीकी विशेषज्ञों को नियुक्त करेगा। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करने में मदद करेंगे कि इस तरह की व्यापक परिचालन विफलताएं दोबारा न हों। इस बीच, कंपनी ने बताया कि 8 दिसंबर से एयरलाइन के नेटवर्क के सभी गंतव्य पूरी तरह से जुड़े हुए हैं और 9 दिसंबर से परिचालन स्थिर हो गया है।

DGCA सख्त: इंडिगो की उड़ानों में खामी, जांच पूरी होने पर होगी सख्त कार्रवाई

नई दिल्ली इंडिगो एयरलाइन में हाल ही में हुई बड़े पैमाने पर उड़ानों की गड़बड़ी को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) अब कड़े कदम उठाने की तैयारी में है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि डीजीसीए की ओर से गठित चार सदस्यीय पैनल की रिपोर्ट मिलते ही एयरलाइन के खिलाफ विस्तृत और सुधारात्मक कार्रवाई होगी। इस महीने की शुरुआत में उड़ानों में हुई गड़बड़ियों के बाद, डीजीसीए ने इंडिगो के शीतकालीन समय-सारणी में 10 प्रतिशत की कटौती की है। परिचालन संकट से पहले देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो रोजाना 2,300 फ्लाइट्स ऑपरेट करती थी। अधिकारी ने साफ किया कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य भविष्य में ऐसी तकनीकी और परिचालन संबंधी गड़बड़ियों को दोबारा होने से रोकना है। यह पूछे जाने पर कि क्या अन्य एयरलाइंस के शेड्यूल पालन की भी निगरानी की जा रही है? इस पर जवाब देते हुए अधिकारी ने कहा 'कोहरे के मौसम और छुट्टियों के सीजन को देखते हुए एयरलाइंस को अधिक जिम्मेदारी से काम करना चाहिए ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। अधिकारी ने कहा हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो' इस बीच, इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने गुरुवार को भविष्य की रणनीति साझा करते हुए कहा कि कंपनी का पूरा ध्यान अब स्थिति को सुधारने पर केंद्रित है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि एयरलाइन अब तीन प्रमुख स्तंभों लचीलापन, मूल कारण विश्लेषण और पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी का लक्ष्य उन कारणों को जड़ से खत्म करना है जिनकी वजह से उड़ानें बाधित हुईं।

IndiGo में बढ़ी सख्ती, पायलट से लेकर विमान तक, अब रोज़ जांचेंगी 8 सदस्यीय टीम

 नई दिल्ली इंडिगो संकट अभी भी जस का तस बना हुआ है. इस संकट पर दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार को फटकार लगाई है. ऐसे में अब इंडिगो पर सख्ती बढ़ती जा रही है. डीजीसीए ने इंडिगो के कॉर्पोरेट दफ्तर में अपने अधिकारियों को तैनात कर दिया है.  ऐसे में खबर है कि डीजीसीए की ओर से बनी आठ सदस्यों की ओवरसाइट टीम इंडिगो के कामकाज पर नजर रखेगी. इस ओवरसाइट टीम में से दो सदस्य इंडिगो के कॉर्पोरेट दफ्तर में रोजाना तैनात होंगे. डीजीसीए के अधिकारी अब निजी तौर पर इंडिगो के कामकाज को मॉनिटर करेंगे. डीजीसीए के अधिकारी इंडिगो के कॉर्पोरेट ऑफिस में मौजूद रहकर हर चीज की सीधी निगरानी करेंगे, जिसमें विमानों की संख्या और स्थिति से लेकर पायलटों की संख्या और उनकी उपलब्धता, क्रू के कामकाजी घंटे और स्टैंडबाय क्रू की पूरी डिटेल शामिल है. इसके अलावा, इंडिगो के गुरुग्राम स्थित कॉर्पोरेट ऑफिस में पहले से बनी डीजीसीए की निगरानी टीम के साथ-साथ दो और डीजीसीए अधिकारियों को भी तैनात कर दिया गया है. इन तैनात किए गए डीजीसीए अधिकारियो के नाम ऐश्वीर सिंह- डिप्टी डायरेक्टर और मणि भूषण- सीनियर स्टैटिस्टिकल ऑफिसर है. ये अधिकारी कई चीजों की रोजाना निगरानी करेंगे.  – उड़ानों का कैंसिलेशन स्टेटस (घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय)   – रिफंड की स्थिति: एयरलाइन, ओटीए प्लेटफॉर्म और ट्रैवल एजेंट्स के जरिए   – ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (समय पर उड़ान भरने का रिकॉर्ड)   – यात्रियों को मुआवजा (CAR नियमों के अनुसार)   – सामान लौटाने की स्थिति बता दें कि दोनों टीमें रोजाना शाम छह बजे तक अपनी रिपोर्ट अनिवार्य रूप से डीजीसीए के समक्ष पेश करेंगी.  वहीं, आठ सदस्यीय ओवरसाइट टीम में कौन-कौन हैं?     कैप्टन कपिल मंगलिक – सीनियर फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर (ए)     कैप्टन वी.पी. सिंह – सीनियर फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर (ए)     कैप्टन अपूर्वा अग्रवाल – सीनियर फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर (ए)     कैप्टन स्वाति लूम्बा – सीनियर फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर (ए)     कैप्टन अमन सुहाग – सीनियर फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर (ए)     कैप्टन नित्या जैन – फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर (ए)     कैप्टन एन.जे. सिंह – फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर (ए) इनमें से दो सदस्यों को गुड़गांव स्थित इंडिगो के कॉरपोरेट ऑफिस में रोजाना तैनात किया जाएगा. ये अधिकारी निम्न क्षेत्रों की गहन जांच और निगरानी करेंगे. – कुल फ्लीट (कंपनी के पास कुल कितने विमान हैं)   – औसत स्टेज लेंथ (प्रति उड़ान औसत दूरी)   – कुल पायलटों की संख्या   – नेटवर्क डिटेल्स (किन-किन रूट्स पर उड़ानें हैं)   – क्रू के कामकाजी घंटे    – मासिक/दैनिक डेड हेडिंग (बिना यात्रियों के क्रू को दूसरे शहर भेजना)   – ट्रेनिंग में लगे क्रू की संख्या   – स्प्लिट ड्यूटी (एक दिन में दो हिस्सों में ड्यूटी)   – प्रतिदिन सभी अनप्लांड लीव्स (बीमारी, आकस्मिक अवकाश, इमरजेंसी लीव आदि)   – प्रतिदिन कुल उड़ानें और उपलब्ध क्रू की संख्या – क्रू की कमी के कारण प्रभावित हुए सेक्टर्स की कुल संख्या   – प्रतिदिन और प्रति बेस (कॉकपिट एवं केबिन) स्टैंडबाय क्रू की संख्या ये सभी डेटा रोजाना चेक किया जाएगा और रिपोर्ट शाम 6 बजे तक जमा की जाएगी. बता दें कि इससे पहले इंडिगो संकट पर दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी. अदालत ने केंद्र से पूछा कि जब एयरलाइन फेल हो गई थी, तब सरकार ने क्या किया.

कितनी भी बड़ी कंपनी क्यों न हो, यात्रियों को तंग नहीं होने देंगे: IndiGo को सरकार की सख्त चेतावनी

नई दिल्ली  हवाई यात्रा बाधित होने के मुद्दे पर सरकार ने IndiGo के खिलाफ बड़े ऐक्शन की तैयारी कर ली है। केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा है कि कंपनी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। साथ ही कहा है कि किसी भी कंपनी को यात्रियों को परेशान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे पहले ही इंडिगो के रूट्स में 5 फीसदी की कटौती करने का फैसला लिया गया था।   इंडिगो संकट पर लोकसभा में बोलते हुए, केंद्रीय उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा, 'ऑपरेशन तेजी से स्थिर हो रहे हैं, सुरक्षा पूरी तरह से लागू है, इंडिगो को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, यात्रियों की सुविधा और सम्मान की रक्षा की जा रही है और भारत के उड्डयन सेक्टर को और ज्यादा यात्री-केंद्रित बनाने के लिए लंबे समय के उपाय किए जा रहे हैं…।' उन्होंने कहा, 'इंडिगो की दिक्कतें अब ठीक हो रही हैं। देशभर में अन्य एयरलाइन्स आराम से काम कर रही हैं। देशभर के एयरपोर्ट्स पर हालात सामान्य हैं। मंत्रालय की देखरेख में रिफंड्स, सामान का पता लगाना और यात्रियों की मदद करने के उपाय किए जा रहे हैं। DGCA की तरफ से इंडिगो नेतृत्व को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं और जांच शुरू की गई है।' उन्होंने कहा, 'रिपोर्ट के आधार पर उचित और कठोर कार्रवाई की जाएगी। कोई भी एयरलाइन्स हो, फिर भले ही वह कितनी भी बड़ी क्यों न हो। उसे यात्रियों को ऐसे परेशान नहीं करने दिया जाएगा।' DGCA ने कर दी कटौती डीजीसीए ने मंगलवार को कहा कि उसने एक दिसंबर 2025 से बड़े पैमाने पर उड़ान व्यवधानों के बाद विमान कंपनी इंडिगो की उड़ान सेवाओं में पांच प्रतिशत की कटौती है। मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। बयान के अनुसार, सभी क्षेत्रों में उड़ानों में कटौती की गई है खासकर उच्च मांग वाले मार्गों पर। इंडिगो को बुधवार शाम पांच बजे तक डीजीसीए को संशोधित शेड्यूल प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया है। इससे पहले नगार विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोमवार को कहा था कि सरकार चालू शीतकालीन कार्यक्रम के तहत इंडिगो द्वारा जिन मार्गों पर उड़ान सेवाएं संचालित की जाती हैं उन्हें कम किया जाएगा। वित्त वर्ष 2025-26 के शीतकालीन कार्यक्रम के तहत विमानन कंपनी प्रतिदिन 2,200 से अधिक उड़ानें संचालित कर रही हैं।  

संकट का असर: IndiGo के शेयर धड़ाम, शेयर बाजार भी लाल निशान में

नई दिल्ली देश के कई हवाई अड्डों पर IndiGo की उड़ानें सामान्य नहीं हो पाई हैं, जिसके कारण देरी और कैंसिलेशन का सिलसिला जारी है. लगातार सातवें दिन बड़े पैमाने पर फ्लाइट्स रद्द होने का सिलसिला जारी रहा जिसकी वजह से प्रमुख हवाई अड्डों पर IndiGo के यात्री परेशान दिखे. भारत में एयर ट्रैवल के इतिहास में ऐसे संकट का इतना बड़ा स्तर पहले कभी नहीं देखा गया. सोमवार को विभिन्न हवाई अड्डों पर लगभग 300 इंडिगो उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. दिल्ली एयरपोर्ट पर आज 134 फ्लाइट (75 डिपार्चर और 59 अराइवल) रद्द की गईं. वहीं, बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 127 उड़ानें रद्द हुईं. अहमदाबाद में 20 और विशाखापत्तनम में 7 उड़ानें रद्द रहीं. मुंबई और कोलकाता सहित अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर भी भारी अव्यवस्था देखी गई. सुबह 9:30 बजे तक कुल 289 रद्द उड़ानों की पुष्टि हो चुकी थी. दरअसल देश की सबसे बड़ी एयरलाइन ने रविवार को 650 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी थी, हालांकि यह संख्या दो दिन पहले के 1000 से अधिक कैंसिलेशन से कम है. अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित यात्रियों के लिए 610 करोड़ रुपये से अधिक का टिकट रिफंड जारी किया जा चुका है. कंपनी के अनुसार, यह संकट मुख्य रूप से फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस (FDTL) नियमों (पायलट आराम पर सरकारी नियम) के पूर्ण कार्यान्वयन के बाद कॉकपिट क्रू की कमी के कारण शुरू हुआ. इससे बड़े पैमाने पर कैंसिलेशन हुआ और प्रमुख हवाई अड्डों पर पूरी तरह अराजकता फैल गई.  सरकारी सख्ती और रिफंड पर दबाव इसके बाद सरकार ने हस्तक्षेप किया और नियमों पर रोक लगाई. यह क्राइसिस पूरी तरह कब खत्म होगा इस पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि 10 दिसंबर तक परिचालन सामान्य हो सकता है. नागर विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन पर हवाई किराए की सीमा तय करने और रिफंड प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देने सहित कई उपाय किए हैं.  मंत्रालय ने IndiGo को अल्टीमेटम दिया था, जिसके बाद कंपनी ने शनिवार तक 610 करोड़ रुपये का रिफंड प्रोसेस कर 3000 सामान यात्रियों तक इसे पहुंचाया है. वहीं इस संकट की उच्च-स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है.  नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने स्पष्ट किया कि जिम्मेदारी एयरलाइन की है क्योंकि पायलट ड्यूटी के निर्देश एक साल पहले ही जारी किए गए थे. रविवार को नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने IndiGo के सीईओ पीटर एल्बर्स और जवाबदेह प्रबंधक इसिड्रो पोरक्वेरास को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 24 घंटे (सोमवार शाम 6 बजे तक) का अतिरिक्त समय दिया. दिल्ली एयरपोर्ट की यात्री एडवाइजरी वहीं दिल्ली एयरपोर्ट (IGI) ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी उड़ानों की ताजा स्थिति चेक कर लें. एयरपोर्ट ने कहा कि उनकी टीमें दिक्कतों को कम करने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रही हैं. दिल्ली एयरपोर्ट ने अपनी एडवाइजरी में कहा, "IndiGo की उड़ानों में अभी भी देरी हो सकती है. यात्रियों से अनुरोध है कि किसी असुविधा से बचने के लिए हवाई अड्डे आने से पहले अपनी एयरलाइन के साथ ताजा फ्लाइट स्टेट्स को चेक कर लें. हमारी टीम सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि व्यवधान को कम किया जा सके और यात्रियों को सहज यात्रा अनुभव सुनिश्चित किया जा सके. सहायता के लिए, जिसमें मेडिकल सपोर्ट भी शामिल है, कृपया सूचना काउंटर पर जाएं, जहां हमारा ऑन-ग्राउंड स्टाफ मदद के लिए तैयार है. '