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Indore Metro: छोटा गणपति स्टेशन होगा अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों में सबसे छोटा

इंदौर  मेट्रो परियोजना के अंडर ग्राउंड प्रोजेक्ट में छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन पर बनी उलझन अब खत्म होने को है। मेट्रो के अंडर ग्राउंड अन्य स्टेशन के मुकाबले छोटा गणपति का स्टेशन सबसे छोटा होगा। मेट्रो प्रबंधन द्वारा छोटा गणपति स्टेशन निर्माण के लिए जो मृदा परीक्षण रिपोर्ट तैयार की है। उसमें बताया है कि यहां पर न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मैथड (नेटम) के माध्यम से खोदाई की जाएगी। इस प्रक्रिया में जमीन की सतह से 37 से 38 मीटर नीचे मेट्रो स्टेशन का निर्माण होगा। जबकि शहर में मेट्रो के अंडर ग्राउंड स्टेशन जमीन से 18 से 22 मीटर गहराई में बनाए जा रहे है। ऐसे में यह मेट्रो स्टेशन सबसे छोटा और सबसे ज्यादा गहराई में होगा। गार्डन के हिस्से में होगी खोदाई तो नहीं टूटेंगे मकान पूर्व में कट एंड कवर तकनीक के माध्यम से छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जाना था। यह अंडर ग्राउंड स्टेशन एमजी रोड के समानांतर मल्हारगंज थाने के पास 190 मीटर की लंबाई में बनाना तय किया था। ऐसे में 142 मकान टूट रहे थे। सर्वे रिपोर्ट के बाद न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मैथड से इसका निर्माण किया जाना तय किया है। ऐसे में एमजी रोड के समानांतर 146 मीटर लंबाई में स्टेशन बनाया जा सकेगा। इससे मकानों को तोड़ने की जरूरत नही होगी। सिर्फ इस क्षेत्र में बने गार्डन वाले हिस्से पर ही खोदाई की जाएगी। जमीन के नीचे स्टेशन का विस्तार किया जाएगा। इस प्रक्रिया से निर्माण एजेंसी को 25 से 30 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करना होंगे।  

इंदौर में मेट्रो सेवा 25 जनवरी तक बंद, मार्च में रेडिसन चौराहे तक होगी नई शुरुआत

इंदौर इंदौर और भोपाल मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। पहले यह जिम्मेदारी तुर्की की कंपनी असीस गार्ड को दी गई थी, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और पाकिस्तान द्वारा तुर्की ड्रोन के इस्तेमाल के बाद इस ठेके को निरस्त कर दिया गया था। दिल्ली मेट्रो को सौंपी गई जिम्मेदारी अब इंदौर और भोपाल मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन का जिम्मा Delhi Metro Rail Corporation को सौंपा गया है। फिलहाल यात्री संचालन के दौरान टिकट स्थानीय स्तर पर मैनुअल और कंप्यूटर आधारित प्रणाली से जारी किए जा रहे थे। 11 दिन के लिए यात्री संचालन बंद रहेगा एलिवेटेड कॉरिडोर पर शेष तकनीकी कार्य और टेस्टिंग को पूरा करने के लिए मेगा ब्लॉक लिया गया है। इसके चलते 15 जनवरी से 25 जनवरी तक गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर के बीच 6 किलोमीटर के हिस्से में मेट्रो का यात्री संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। वर्तमान में इसी हिस्से में सीमित यात्री संचालन हो रहा था। 17 किलोमीटर के कॉरिडोर की तैयारी तेज अधिकारियों के अनुसार पूरे 17 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर को फरवरी-मार्च तक व्यावसायिक संचालन के लिए तैयार किया जाना है। इस दौरान गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक के 16 स्टेशनों पर सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन और अन्य तकनीकी कार्य पूरे किए जाएंगे। इसके बाद परीक्षण और कमिशनिंग की प्रक्रिया होगी। अंडरग्राउंड रूट पर अब भी फैसला बाकी Madhya Pradesh Metro Rail Corporation अभी तक इंदौर के अंडरग्राउंड रूट को लेकर अंतिम निर्णय नहीं ले सकी है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार खजराना चौराहे से मेट्रो को अंडरग्राउंड किया जाना है, लेकिन इसके लिए कैबिनेट मंजूरी, सर्वे और पहले से स्वीकृत एलिवेटेड टेंडरों को निरस्त करने जैसी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। एलिवेटेड कॉरिडोर पर फोकस अंडरग्राउंड रूट पर निर्णय लंबित रहने के बीच एयरपोर्ट, रीगल चौराहा सहित अन्य स्थानों पर स्टेशनों के लिए खुदाई का काम जारी है। वहीं 17 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर को जल्द से जल्द व्यावसायिक संचालन के लिए तैयार किया जा रहा है। 

इंदौरवासियों के लिए खुशखबरी: मेट्रो की अंडरग्राउंड बाधा खत्म, रेडिसन तक सफर तय

इंदौर वर्ष 2025 में इंदौर को प्रदेश की पहली मेट्रो चली और हजारों शहरवासियों ने मेट्रो में सफर का आनंद भी लिया। सुपर प्रायोरिटी कारिडोर के 5.9 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो चलाने के पूर्व वर्ष के शुरुआत में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी ने निरीक्षण कर इंदौर के मेट्रो ट्रेक को सुरक्षित बताया। इसके बाद मई माह में इस सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो की शुरुआत हुई। मेट्रो की शुरुआत में लोगों को निशुल्क सफर का ऑफर दिया गया। इसका लाभ भी शहरवासियों ने बढ़ चढ़कर लिया। निशुल्क व रियायती दरों पर टिकट के साथ इंदौरवासियों ने अपने परिवार व मित्रों के साथ शहर की पहली मेट्रो में बैठकर सफर किया। मेट्रो की अंडरग्राउंड की उलझन सुलझी यह वर्ष मेट्रो के लिए चुनौती थी कि बंगाली व खजराना के बीच मेट्रो अंडर ग्राउंड होगी या नहीं। वर्ष के समाप्त होते-होते दिसंबर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि इस हिस्से में मेट्रो को अंडरग्राउंड किया जाएगा और इस कार्य पर 865 करोड़ का जो खर्च आएगा उसे राज्य शासन वहन करेगी। इस तरह इस वर्ष मेट्रो की अंडरग्राउंड की उलझन सुलझी। मेट्रो प्रोजेक्ट में वर्ष 2026 का शहरवासियों के लिए उम्मीद भरा होने वाला है। मार्च तक शहरवासी सुपर कारिडोर से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो में बैठ सफर का लुत्फ ले पाएंगे। अंडरग्राउंड मेट्रो के निर्माण के लिए एजेंसी हुई तय इंदौर में 31.32 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो की रिंग तैयार होना है। पूर्व में इसमें से 22.62 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड था और 8.7 किमी हिस्सा अंडर ग्राउंड था। अंडरग्राउंड हिस्से के निर्माण के लिए इस वर्ष फरवरी माह में हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी लि., टाटा प्रोजेक्ट लि. के संयुक्त उपक्रम को 2190.91 करोड़ में निर्माण को ठेका मिला। गौरतलब है कि अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण हिस्से में एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) द्वारा 1600 करोड़ का लोन दिया जा रहा है। फिलहाल निर्माण एजेंसी ने एयरपोर्ट, रानी सराय सहित मेट्रो के अन्य प्रस्तावित सात अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए सर्वे कार्य शुरु कर दिया है। अंडरग्राउंड हिस्से में छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन को लेकर इस क्षेत्र रहवासियों ने विरोध भी किया। मंत्री विजयवर्गीय ने एक दीपावली मिलन समारोह के कार्यक्रम में कहा कि यह स्टेशन नहीं बनेगा लेकिन बाद में अधिकारियों ने कहा कि छोटा गणपति पर नेटम तकनीक से जमीन के नीचे ब्लास्टिंग कर सुरंग तैयार की जाएगी। इससे जमीन के ऊपर की इमारतों को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। वही मेट्रो के अंडरग्राउंड मुद्दे पर हाई कोर्ट में एक सुनवाई भी जारी है। इंदौर से उज्जैन व पीथमपुर तक मेट्रो चलाने का रास्ता हुआ साफ इस वर्ष इंदौर से उज्जैन व इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो चलाने की योजना पर भी राज्य सरकार ने मुहर लगाई। दिल्ली मेट्रो रेल कापोर्ररेशन ने इसकी डीपीआर भी तैयार कर ली है। नए साल में मेट्रो के अधिकारियों के समक्ष और केबिनेट के सामने इस प्रोजेक्ट को रखा जाएगा। इन कमियों ने भी मेट्रो निर्माण कार्य पर उठाया सवाल     एक्सपेंशन ज्वाइंट हुए चोरी: मेट्रो के सात किलोमीटर हिस्से एल-की से 71 स्थानों तांबे के एक्सपेंशन ज्वाइंट चोरी होने के मामला मार्च में सामाने आया और निर्माण एजेंसी ने पुलिस थाने में चोरी की एफआईआर दर्ज करवाई। निर्माण कार्य के दौरान ही सुरक्षा पर सवाल उठे।     स्टेशन पर गिरी फाल सीलिंग: मई में सुपर कारिडोर पर मेट्रो के शुभारंभ के पहले जब मेट्रो के एमडी निरीक्षण के लिए इंदौर आए थे। उसी दौरान एक स्टेशन पर फाल सीलिंग गिरने की घटना हुई। जांच कमेटी बनी और पांच स्टेशनों पर उसे खामियां भी मिली। शुभारंभ के ठीक पहले बदले मेट्रो स्टेशन के नाम: मेट्रो के शुभारंभ के ठीक एक दिन पहले स्थानीय नेताओं सुपर कारिडोर के पांचो स्टेशन के वीरांगनाओं के नाम पर करने निर्देश दिए और अफसरों को भागते दौड़ते स्टेशन के नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी करना पड़ी। नहीं शुरु हो पाया बार कोड स्कैन टिकटिंग सिस्टम: ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के मिसाइल व ड्रोन में तकनीकी सहयोग देने वाली तुर्किये की कंपनी से जुड़ी कंपनी को इंदौर मेट्रो को बार कोड स्कैनर का जुड़ाव पाने पर कंपनी का ठेका कैंसिल किया गया। इसके स्थान पर मेट्रो में मैन्युअल टिकटिंग की व्यवस्था को लागू किया गया।

इंदौर मेट्रो: एयरपोर्ट सर्वे और ट्रायल रन अलग-अलग स्पीड पर, 80 किमी/घंटा से होगा संचालन

इंदौर  इंदौर में छह किलोमीटर का मेट्रो रूट बनकर पूरी तरह तैयार है। अब अलग-अलग टीमें आकर सेफ्टी ऑडिट कर रही हैं। मंगलवार को मेट्रो ट्रैक पर कोच का स्पीड ट्रायल हुआ। मेट्रो ट्रेन 80 किलोमीटर की गति से ट्रैक पर चली। इस दौरान कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी जनक कुमार गर्ग भी मौजूद थे। इसके पहले उन्होंने छह किलोमीटर हिस्से के ट्रैक का ट्राॅली पर बैठकर निरीक्षण किया था। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम सोमवार को ही इंदौर आ गई थी। टीम  गांधी नगर डिपो भी गई थी। उन्होंने वहां पर सुरक्षा मानकों के हिसाब से मेट्रो कोच को परखा। टीम ने डिपो में संचालन से जुड़ी गतिविधियों को देखा। मेट्रो के लिए बनाए सेंटर की भी जांच की गई। पहले भी मेट्रो कोच का अलग-अलग स्पीड के हिसाब से ट्रायल हो चुका है। सिविल वर्क का ऑडिट भी होने वाला है। इस ऑडिट की रिपोर्ट के बाद मेट्रो के कामर्शियल रन की रिपोर्ट मिल जाएगी। इसके बाद मेट्रो का कामर्शियल रन संभव हो सकेगा।  छह किलोमीटर के अंतर्गत आने वाले मेट्रो स्टेशन का निरीक्षण भी टीम ने किया। यहां लगी लिफ्ट, टिकट खिड़की, प्लेटफार्म सुरक्षा, यात्रियों की सुविधा सहित अन्य मापदंडों पर स्टेशनों को परखा गया। इसके बाद टीम रवाना हो गई। सर्टिफिकेट जारी होने के बाद इंदौर में छह किलोमीटर हिस्से में मेट्रो के संचालन की राह आसान हो जाएगी। डेढ़ माह पहले जब मेट्रो ट्रेन रेडिसन चौराहे तक आई थी तो उसकी गति दस किलोमीटर प्रति घंटे से भी कम थी। अब उसकी स्पीड धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है। मंगलवार को ट्रेन का आठ बार से ज्यादा ट्रायल रन हुआ है। छह माह बाद इस ट्रेन का संचालन गांधी नगर डिपो से 17 किलोमीटर लंबाई तक रेडिसन चौराहे तक हो सकेगा। अभी मेट्रो ट्रेन छह किलोमीटर के हिस्से में चल रही है, लेकिन यहां मेट्रो को यात्री नहीं मिल पा रहे है,क्योकि उस हिस्से न तो बसाहट है और न ही बड़े संस्थान। इस कारण लोगों की आवाजाही इस हिस्से में नहीं है। यात्री नहीं मिलने के कारण मेट्रो का संचालन भी शाम के समय हो रहा है, लेकिन उसमें भी ठीक से यात्री नहीं मिल पा रहे है।   मेट्रो ट्रेन-फैक्ट फाइल     इंदौर मेट्रो एयरपोर्ट, दो बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को कवर करेगी। शहर के मध्य हिस्से के ट्रैफिक को कम करने में मददगार साबित होगी।     हर 30 मिनट के अंतर से मेट्रो ट्रेन चलेगी।शहर में कुल 28 स्टेशनों से ट्रेन गुजरेगी। फिलहाल 15 जगह स्टेशनों का काम चल रहा है। 20 से लेकर 80 रुपये तक मेट्रो ट्रेन का किराया होगा। मेट्रो ट्रेन कार्पोेरेशन ने किराए के लिहाज से मेट्रो रुट को पांच जोन में बांटा है।     अभी अंडरग्राउंड हिस्से का काम शुरू नहीं हो पाया है। मेट्रो ट्रेन के इस हिस्से में बदलाव के लिए इंदौर के जनप्रतिनिधियों ने फैसला लिया है। अभी इस पर प्रदेश सरकार की मंजूरी नहीं मिली है।     20 से ज्यादा मेट्रो ट्रेन का संचालन होगा। एक ट्रेन में साढ़े चार सौ यात्री सवार हो सकेंगे। बैठने के अलावा खड़े रहकर सफर करने में भी आसानी होगी। ट्रेन के भीतर लगे पोल में चार ग्रिप दी गई है। जिसे यात्री पकड़ कर सफर कर सकते है। मेट्रो ट्रेन बाहरी और आतंरिक रुप से सीसीटीवी कैमरों से लैस होगी।   एयरपोर्ट के लिए भी हुआ सर्वे इंदौर में एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भी मंगलवार को सर्वे हुआ। एयरपोर्ट, नगर निगम और प्रशासन की टीम ने आसपास के हिस्से में दौरा किया। कुछ दिनों में मेट्रो का काम भी एयरपोर्ट परिसर के समीप शुरू हो जाएगा। मेट्रो स्टेशन और एयरपोर्ट को जोड़ा जाएगा। 31 किलोमीटर का रहेगा मेट्रो का रूट इंदौर में मेट्रो का रूट 31 किलोमीटर रहेगा। फिलहाल 18 किलोमीटर लंबे हिस्से में काम चल रहा है। मेट्रो एयरपोर्ट से सुपर काॅरिडोर, विजय नगर, खजराना रिंग रोड, तिलक नगर, पलासिया, गांधी प्रतिमा, राजवाड़ा, सदर बाजार, बड़ा गणपति, एरोड्रम रोड होते हुए एयरपोर्ट तक जाएगी। नाथ मंदिर रोड से एरोड्रम रोड तक मेट्रो भूमिगत रहेगी। फिलहाल इसका काम शुरू नहीं हो पाया है। पहले 17 किलोमीटर हिस्से में ट्रायल रन का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण अभी छह किलोमीटर हिस्से में मेट्रो का संचालन शुरू करने की तैयारी की गई है, हालांकि इस हिस्से में मेट्रो के लिए यात्री काफी कम मिलेंगे।

इंदौर मेट्रो को बड़ी कामयाबी: ट्रायल रन पूरा, 4 माह में तैयार होंगे तीन स्टेशन

इंदौर  इंदौर में मेट्रो ट्रेन का 17 किलोमीटर का ट्रायल रन गुरुवार को पूरा हुआ। अब गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक मेट्रो का ट्रायल रन की राह आसान हो गई है। पहली बार मेट्रो ट्रेन सुखलिया ग्राम, विजय नगर और मालवीय नगर क्षेत्र के लोगों ने ट्रेक पर चलते हुए देखी। पहले दिन मेट्रो ट्रेन ने यह सफर एक घंटे में पूरा किया। पहली बार मेट्रो ट्रेन की स्पीड काफी कम रखी गई थी। अब धीरे-धीरे रफ्तार के साथ रेडिसन चौराहा तक मेट्रो का ट्रायल रन होगा। अगले साल तक 17 किलोमीटर तक मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा। मेट्रो ट्रेन गांधी नगर स्टेशन से निकली। सात किलोमीटर तक स्पीड तेज रखी गई, लेकिन चंद्रगुप्त मोर्य प्रतिमा चौराहे के पास कम स्पीड में ट्रायल रन लिया गया। पहली बार मेट्रो को देख शहरवासी रुक गए और हाथ हिलाकरअभिवादन करने लगे। हार्न बजाते हुए मेट्रो धीरे-धीरे रेडिसन चौराहा तक पहुंची, फिर गांधी नगर डिपो की तरफ रवाना हुई।   तीन स्टेशन तैयार नहीं अभी मेट्रो के तीन स्टेशन पूरी तरह तैयार नहीं हुए है। इस कारण रेडिसन चौराह तक मेट्रो की सवारी शहरवासी टिकट लेकर नहीं कर सकते है। चार माह के भीतर तीनों स्टेशन तैयार हो जाएंगे। इसके बाद फिर मेट्रो कार्पोरेशन कमर्शियल रन की अनुमति लेगी। दो साल पहले मेट्रो का सात किलोमीटर का ट्रायल रन हुआ था। दो माह में 13 किलोमीटर तक का ट्रायल रन हुआ। अब गुरुवार को 17 किलोमीटर तक मेट्रो ट्रेन चली, लेकिन इससे आगे के ट्रायल में अब लंबा समय लगेगा, क्योकि खजराना चौराहा तक मेट्रो के ट्रेक भी अभी तक नहीं बन पाए है।    

पहली बार हीरा नगर स्टेशन तक पहुंची इंदौर मेट्रो, दशहरे तक रेडिसन चौराहे तक ट्रायल रन जारी

 इंदौर  इंदौर मेट्रो ने शुक्रवार को अपने ट्रायल रन के दौरान पहली बार हीरा नगर स्टेशन तक का सफर तय किया। गांधी नगर स्टेशन से रवाना हुई मेट्रो 11.65 किमी की दूरी तय कर दोपहर चार बजे हीरा नगर स्टेशन पहुंची। इस मौके पर मेट्रो के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य भी मौजूद रहे, जो रेडिसन चौराहे से ट्रॉली में बैठकर हीरा नगर पहुंचे और फिर मेट्रो से सुपर कॉरिडोर स्टेशन तक यात्रा की। गौरतलब है कि 19 सितंबर को मेट्रो पहली बार गांधी नगर से एमआर-10 स्टेशन तक पहुंची थी। वहीं शुक्रवार को यह हीरा नगर स्टेशन तक चली। योजना के अनुसार दशहरे तक मेट्रो बापट चौराहा, मेघदूत उद्यान और विजय नगर चौराहा होते हुए रेडिसन चौराहे तक पहुंचेगी। मेट्रो संचालन शुरू करने से पहले भारतीय रेल के रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम इंदौर आकर इस हिस्से का निरीक्षण करेगी। अप्रूवल मिलने के बाद कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम दिसंबर में सुपर कॉरिडोर 3 से रेडिसन तक ट्रैक का परीक्षण करेगी। सीएमआरएस की मंजूरी के बाद ही गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक नियमित यात्री संचालन शुरू होगा। शुक्रवार का ट्रायल रन शेड्यूल     2:15 बजे : सुपर कॉरिडोर 3 स्टेशन से रवाना हुई मेट्रो     2:45 बजे : हीरा नगर स्टेशन पहुंची     3:30 बजे : हीरा नगर से निकली     4:00 बजे : सुपर कॉरिडोर 3 स्टेशन पर वापस पहुंची अब तक का ट्रायल रन सफर     19 सितंबर : गांधी नगर से एमआर-10 तक (8.24 किमी)     26 नवंबर : गांधी नगर से हीरा नगर तक (11.65 किमी)     2 अक्टूबर तक : रेडिसन चौराहे तक (15.76 किमी) फिलहाल यात्रियों के लिए चल रही मेट्रो (4.28 किमी) गांधी नगर (देवी अहिल्या बाई होलकर स्टेशन) से सुपर कॉरिडोर 3 (झलकारी बाई स्टेशन) तक। निर्माण कार्य की स्थिति सुपर कॉरिडोर 2 से रेडिसन चौराहे तक 11 मेट्रो स्टेशन निर्माणाधीन हैं। अगले डेढ़ माह में इनके कांक्रीट ढांचे और प्लेटफार्म का काम पूरा होगा। लिफ्ट, एस्केलेटर और प्रवेश-निकास मार्ग का काम भी तेजी से चल रहा है। अनुमान है कि दिसंबर के पहले सप्ताह तक स्टेशन पूरी तरह तैयार हो जाएंगे।  

मेट्रो ट्रैक का ट्रॉली टेस्ट, अफसरों ने लिया जायजा; MD ने बारिश में भी काम रोकने से किया इनकार

इंदौर इंदौर में मेट्रो ट्रेन के 17 किलोमीटर हिस्से का काम पूरा करने पर मेट्रो रेल कार्पोरेशन का फोकस है, ताकि यहां तक मेट्रो का संचालन किया जा सके। अभी जिस सात किलोमीटर हिस्से में मेट्रो चल रही है, वहां यात्री नहीं मिल पा रहे है। शुक्रवार को मेट्रो रेल कार्पोरेशन के एमडी एस कृष्ण चैतन्य ने 11 किलोमीटर हिस्से का ट्राॅली रन कर जायजा लिया। उन्होंने अफसरों से कहा कि बारिश के दौरान भी मेट्रो के काम की गति कम नहीं होना चाहिए। छह माह के भीतर हमे मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन रेडिसन चौराहे तक करना है। उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशन के बचे काम भी पूरे कर लिए जाए। दौरे में उन्होंने विजय नगर, मेघदूत गार्डन, बापट चौराहा, चंद्रगुप्त मोर्य प्रतिमा चौराह के स्टेशनों के काम देखे। इसके अलावा गांधी नगर डिपो का भी निरीक्षण किया। वहां ट्रेनों के रखरखावल तकनीकी सेटअप, कंट्रोल रुम की जानकारी ली और जरुरत के हिसाब से स्टाॅफ बढ़ाने के लिए भी कहा। निरीक्षण के बाद उन्होंने अफसरों व ठेेकेदार एजेसिंयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए। इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो के लिए बनेगी डीपीआर इंदौर से उज्जैन के बीच मेट्रो के लिए हुए सर्वे की रिपोर्ट अफसरों के सामने प्रस्तुत की गई। 45 किलोमीटर के रुट के निर्माण पर दस हजार करोड़ का खर्च आएगा। अब इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होगी। इसे लेकर हुई बैठक में बताया गया कि इस रुट पर 11 स्टेशन बनेंगे और उज्जैन में चार किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड बनेगा। मुख्यमंत्री चाहते है कि सिंहस्थ से पहले मेट्रो का निर्माण हो जाएगा, लेकिन तीन साल में काम संभव नहीं है,क्योकि अभी डीपीआर बनने में ही छह माह से अधिक का समय लग जाएगा।