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प्रदेश में IPS तबादला सूची तैयार, 20 जिलों के SP बदलने की हो रही है योजना

भोपाल  मध्यप्रदेश में IAS अफसरों की तबादला सूची गुरुवार देर रात जारी होने के बाद अब पुलिस विभाग में बड़े फेरबदल की तैयारी तेज हो गई है। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि IPS अधिकारियों की नई तबादला सूची भी लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और कभी भी इसका औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। गृह विभाग की ओर से तैयार प्रस्तावित सूची में प्रदेश के करीब 20 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को बदले जाने की संभावना जताई जा रही है.. सूची जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, 2020 बैच के पांच आईपीएस अधिकारियों को इस तबादला सूची में बड़ा फायदा मिल सकता है। इन्हें पहली बार जिलों में एसपी की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इससे पहले 2019 बैच के कई आईपीएस अधिकारियों को जिला स्तर पर पदस्थ किया जा चुका है। अब कोर्ट के आदेश से प्रमोशन पाकर आईपीएस बने अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिलों की कमान मिलने के संकेत मिल रहे हैं। भोपाल में महिला अफसर को मिल सकती है कमान राजधानी भोपाल में भी बदलाव की अटकलें तेज हैं। वर्तमान कलेक्टर विक्रम कौशलेंद्र सिंह को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है, जबकि उनकी जगह प्रियंक मिश्रा या किसी महिला आईएएस अधिकारी को कलेक्टर बनाया जा सकता है। सरकार बड़े शहरों में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के मूड में नजर आ रही है। कई कलेक्टर बुलाए जा सकते हैं भोपाल सूत्रों का कहना है कि कुछ जिलों के कलेक्टरों को मंत्रालय में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, शिवपुरी, रीवा, इंदौर, उमरिया और मैहर जैसे जिलों के कलेक्टरों को सचिवालय स्तर पर अहम दायित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं वल्लभ भवन में पदस्थ कुछ अधिकारियों को फील्ड में भेजने की तैयारी भी चल रही है। सचिव स्तर पर भी बदलाव संभव यह फेरबदल सिर्फ जिलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में भी बदलाव के संकेत हैं। वर्तमान सचिवों में से किसी एक का ट्रांसफर हो सकता है, वहीं नए सचिव की एंट्री की चर्चा है। अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर पर भी बदलाव से शासन के शीर्ष स्तर पर नई कार्यशैली देखने को मिल सकती है। पुलिस महकमे में भी हलचल, 20 SP बदलना तय आईएएस के साथ-साथ आईपीएस अधिकारियों में भी बड़े पैमाने पर बदलाव की तैयारी है। खंडवा, बैतूल, भिंड, धार, रीवा और झाबुआ समेत कई जिलों में एसपी बदले जा सकते हैं। इसके अलावा प्रमोशन के बाद भी एसपी पद पर जमे अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। परफॉर्मेंस के आधार पर होगा फैसला सूत्रों के अनुसार इस बार ट्रांसफर में परफॉर्मेंस सबसे बड़ा फैक्टर रहेगा। बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को बड़े जिलों की जिम्मेदारी दी जाएगी, जबकि कमजोर प्रदर्शन वालों को बदला जा सकता है। मजबूत प्रशासन, तेज फैसले पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्राथमिकता साफ है राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना। इसके लिए ऐसे अधिकारियों को आगे लाया जाएगा जो योजनाओं को जमीन पर तेजी से लागू कर सकें और जनता को सीधा लाभ मिले। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि यह बहुप्रतीक्षित ट्रांसफर लिस्ट कब जारी होती है और किन जिलों में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं। इसी बीच डीआईजी पद पर प्रमोट हो चुके कई वरिष्ठ अधिकारियों की भी नई पदस्थापना तय मानी जा रही है। इनमें खंडवा, भिंड, धार, रेल और अन्य इकाइयों में तैनात अफसर शामिल हैं, जिन्हें जल्द नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं रीवा, भोपाल और इंदौर में पदस्थ कुछ अधिकारियों के भी स्थानांतरण की चर्चा है। इनके तबादलों के साथ ही संबंधित जिलों में नए पुलिस अधीक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि गृह विभाग स्तर पर अंतिम मंथन जारी है और सूची को अंतिम रूप दिए जाने के बाद कभी भी इसे जारी किया जा सकता है। पूरे पुलिस महकमे की नजर अब इस संभावित तबादला सूची पर टिकी हुई है।  

CG के 4 IPS को मिलेगी हैदराबाद में ट्रेनिंग, DGP ने नियुक्त किए नए प्रभारी एसपी, मनीषा ठाकुर को रायपुर की जिम्मेदारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम ने 4 जिलों में प्रभारी एसपी की नियुक्ति की है। इन जिलों के एसपी के इंडक्शन ट्रेनिंग पर जाने के कारण यह व्यवस्था की गई है। प्रभारी एसपी की नियुक्ति का आदेश पुलिस मुख्यालय से जारी किया गया है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ कैडर के 4 आईपीएस अधिकारी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, पंकज चंद्रा, वेदव्रत सिरमौर और विजय पांडेय को इंडक्शन ट्रेनिंग के लिए चुना गया है। IPS श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा रायपुर ग्रामीण में, विजय पांडेय जांजगीर-चांपा, पंकज चंद्रा कोंडागांव, वेदव्रत सिरमौर गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक हैं। यह उच्च स्तरीय प्रशिक्षण हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस अकादमी में आयोजित किया जाएगा। ट्रेनिंग का शेड्यूल 6 अप्रैल से शुरू होकर 15 मई तक चलेगा। किसे कहां की मिली जिम्मेदारी रायपुर ग्रामीण की जिम्मेदारी मनीषा ठाकुर रावटे को सौंपी गई है। जांजगीर-चांपा का प्रभार विमल कुमार बैस को दिया गया है। कोंडागांव की जिम्मेदारी प्रभारी कप्तान त्रिलोक बंसल को सौंपी गई है।गरियाबंद में प्रभारी एसपी के रूप में नीरज चंद्राकर को जिम्मेदारी दी गई है। ट्रेनिंग अवधि तक रहेगा प्रभार इन एसपी रैंक के अधिकारियों के नेतृत्व में अब संबंधित जिलों का कानून-व्यवस्था संचालन किया जाएगा। डीजीपी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि जब तक मूल अधिकारी ट्रेनिंग से वापस नहीं लौटते, तब तक ये चारों अधिकारी अपने-अपने जिलों में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के सभी दायित्वों का निर्वहन करेंगे। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आधुनिक पुलिसिंग के लिए अहम है इंडक्शन ट्रेनिंग आईपीएस अधिकारियों की इंडक्शन ट्रेनिंग हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में आयोजित की जाती है। इस प्रशिक्षण के लिए देशभर से आईपीएस अधिकारियों का चयन किया जाता है। इंडक्शन ट्रेनिंग को आईपीएस अधिकारियों के करियर ग्राफ के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। करीब डेढ़ महीने तक चलने वाली इस ट्रेनिंग के दौरान अधिकारी आधुनिक पुलिसिंग, कानून-व्यवस्था और प्रशासन के नए आयामों को सीखते हैं। महासमुंद पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशुतोष सिंह का तबादला कर दिया गया है। उन्हें केंद्रीय गृह विभाग की प्रतिनियुक्ति पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में एसपी बनाया गया है। यह तबादला हाल ही में हुई एक बैठक से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें एसपी आशुतोष सिंह की गृहमंत्री विजय शर्मा के साथ तीखी नोकझोंक हुई थी।

केके बिश्नोई का रोमांटिक अंदाज: रिंग सेरेमनी में अंशिका को गोदी में उठाया और ‘प्यार करेगी’ पर डांस किया

संभल यूपी की चर्चित आईपीएस जोड़ी संभल के एसपी केके बिश्नोई और बरेली की एएसपी अंशिका वर्मा इन दिनों अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में हैं. 29 मार्च को दोनों सात फेरे लेने जा रहे हैं, लेकिन उससे पहले  हुई उनकी रिंग सेरेमनी ने सोशल मीडिया पर अलग ही माहौल बना दिया है।  रिंग सेरेमनी का एक वीडियो खास तौर पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें केके बिश्नोई, अंशिका वर्मा को गोदी में उठाए नजर आते हैं और बैकग्राउंड में 'चल प्यार करेगी, हां जी-हां जी…' गाना बज रहा है. यह वीडिया अब इंटरनेट पर भी लोगों का दिल जीत रहा है. गुरुवार को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सगाई की रस्म पूरी हुई. परिवार के सदस्य, करीबी रिश्तेदार और कुछ खास मेहमान इस मौके पर मौजूद रहे. कार्यक्रम में सादगी के साथ पारंपरिक रंग देखने को मिला, वहीं शाम होते-होते माहौल में उत्सव का रंग घुल गया. रात में आयोजित रिंग सेरेमनी में दोनों अफसरों का अंदाज बिल्कुल अलग नजर आया. केके बिश्नोई काला चश्मा लगाए, आत्मविश्वास से भरे हुए मंच पर पहुंचे, वहीं अंशिका वर्मा भी बेहद खूबसूरत अंदाज में नजर आईं. दोनों की केमिस्ट्री ने पूरे कार्यक्रम का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।  अंगूठी पहनाने का खास पल रिंग सेरेमनी का सबसे अहम क्षण वह था जब दोनों ने एक-दूसरे को अंगूठी पहनाई. पहले केके बिश्नोई ने अंशिका वर्मा को रिंग पहनाई, फिर अंशिका ने भी मुस्कुराते हुए उन्हें अंगूठी पहनाई. इसके बाद दोनों ने हाथ पकड़कर उन्हें ऊपर उठाया और खुशी का इजहार किया. रिंग सेरेमनी के बाद जैसे ही संगीत का दौर शुरू हुआ, माहौल पूरी तरह बदल गया. मंच पर रोशनी, संगीत और तालियों के बीच दोनों अफसर एक साथ नजर आए. सबसे पहले दोनों भागम भाग फिल्म के सिग्नल… प्यार का सिग्नल गाने पर थिरकते दिखे. एक-दूसरे के कंधे पर हाथ रखकर, कभी साथ चलते तो कभी ताल पर झूमते रहे.  इसके बाद चल प्यार करेगी, हां जी-हां जी… गाना बजा और यहीं से कार्यक्रम का सबसे चर्चित पल सामने आया. केके बिश्नोई ने अचानक अंशिका वर्मा को गोदी में उठा लिया. इस पर वहां मौजूद मेहमानों ने तालियों और हूटिंग के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।  सोशल मीडिया पर छाया वीडियो रिंग सेरेमनी के वीडियो और तस्वीरें सामने आते ही वायरल हो गईं. कमेंट सेक्शन में यूजर्स इस पल को रियल, क्यूट और दिल छू लेने वाला बता रहे हैं. कई लोग यह भी लिख रहे हैं कि इतने जिम्मेदार पदों पर रहने के बावजूद दोनों का यह सहज अंदाज प्रेरणादायक है. कार्यक्रम में दोनों परिवारों के सदस्य पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए. पारंपरिक रस्मों से लेकर आधुनिक अंदाज के जश्न तक, हर पल में परिवार का साथ साफ दिखाई दिया. रिंग सेरेमनी में शामिल होने के लिए मुरादाबाद से बीजेपी विधायक रितेश गुप्ता भी पहुंचे. उनके अलावा प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई लोग भी इस खुशी के मौके के गवाह बने।  शादी की तैयारियां तेज रिंग सेरेमनी के बाद अब शादी की तैयारियां और तेज हो गई हैं. 27 मार्च को बाड़मेर स्थित कृष्ण निवास में हल्दी और संगीत कार्यक्रम आयोजित होंगे. इसके बाद 29 मार्च को बाड़मेर में ही दोनों सात फेरे लेंगे. यह समारोह अपेक्षाकृत निजी रखा जाएगा, जिसमें सीमित मेहमान ही शामिल होंगे. 30 मार्च को जोधपुर के लारिया रिसॉर्ट में भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में मेहमानों के पहुंचने की संभावना है. केके बिश्नोई और अंशिका वर्मा दोनों ही अपने-अपने क्षेत्रों में सख्त और जिम्मेदार अफसर के रूप में जाने जाते हैं. एक ओर जहां कानून-व्यवस्था को संभालने की चुनौती होती है, वहीं दूसरी ओर निजी जीवन के ये खास पल भी उतने ही अहम होते हैं। 

मध्यप्रदेश में IPS तबादलों की प्रक्रिया शुरू, इन जिलों के SP के नाम तय

भोपाल मध्यप्रदेश में आईपीएस  (IPS) अफसरों के तबादला सूची तैयार है और कभी भी ये ऐलान हो सकता है। सूची त्यौहारी सीजन के कारण अटकी थी लेकिन अब कभी भी घोषणा हो सकती है। त्यौहारी सीजन के कारण गृह विभाग की तरफ से इस सूची को होल्ड पर रखी थी। तबादला सूची में सबसे ज्यादा फायदा 2020 बैच के पांच आईपीएस अफसरों को होगा, जिन्हें जिलों में एसपी पद की कमान सौंपी जाएगी। क्योंकि अब तक 2019 बैच के आईपीएस भी जिलों में एसपी पद पर आ चुके हैं। इसके अलावा कोर्ट के आदेश से प्रमोटी आईपीएस बने अधिकारी भी जिले के एसपी बन सकते हैं। हट सकते हैं इन जिलों के एसपी वहीं इस प्रस्तावित सूची के अनुसार लगभग 20 जिलों में नए एसपी की पदस्थापना होगी। शाजापुर के एसपी यशपाल सिंह राजपूत, शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर, डिंडौरी एसपी वाहिनी सिंह, मंडला एसपी रजत सकलेचा, छतरपुर एसपी अगम जैन, बुरहानपुर एसपी देवेंद्र कुमार पाटीदार, निवाड़ी एसपी राय सिंह नरवरिया, नीमच एसपी अंकित जायसवाल, दमोह एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी, सिवनी एसपी सुनील कुमार मेहता, आगर मालवा एसपी विनोद कुमार सिंह, ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह, उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा और जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय को भी बदला जा सकता है। इनमें से छोटे जिलों के एसपी को बड़े जिलों की कमान सौंपी जा सकती है। इसके अलावा खंडवा एसपी मनोज राय, एसपी रेल भोपाल राहुल लोढा, एसपी रेल जबलपुर सिमाला प्रसाद, एसपी भिंड असित यादव, और एसपी धार मयंक अवस्थी डीआईजी बन चुके हैं, लिहाजा उन्हें भी बदला जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा रीवा एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान, डीसीपी भोपाल विवेक सिंह, डीसीपी इंदौर कुमार प्रतीक और एसपी झाबुआ डॉ शिवदयाल भी इस साल एक जनवरी को डीआईजी बन चुके हैं और इन्हें भी नई पोस्टिंग मिलना तय है, ऐसे में इन जिलों में नए एसपी की तैनाती होगी। 

सीएम योगी के खास दो IPS अफसरों की प्रेम कहानी: लेडी सिंघम और सख्त एसपी

 संभल यूपी पुलिस सेवा में इन दिनों एक IPS जोड़ी सबसे ज्यादा चर्चा में है. वजह सिर्फ प्रदेश के तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों में शामिल होना नहीं है बल्कि उनकी प्रेम कहानी है, जो अब सात जन्मों के बंधन में बंधने जा रही है. जी हां, एक ओर बरेली में महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को लेकर लेडी सिंघम की छवि बना चुकी आईपीएस अंशिका वर्मा हैं, तो दूसरी ओर संभल में कानून व्यवस्था को लेकर कड़े फैसले लेने वाले एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई हैं. दोनों 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में सात फेरे लेने वाले हैं। लेडी सिंघम के नाम से चर्चित हैं अंशिका वर्मा बरेली में एसपी साउथ के पद पर तैनात आईपीएस अंशिका वर्मा को अक्सर उनकी सख्त कार्यशैली के कारण लेडी सिंघम कहा जाता है. मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली अंशिका वर्मा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई वहीं से पूरी की. इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुईं. बरेली में तैनाती के दौरान उन्होंने कई संवेदनशील मामलों में तेजी से कार्रवाई की. हत्या, एनडीपीएस और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस टीमों के साथ मिलकर कम समय में कई खुलासे किए. उनकी कार्यशैली का असर यह रहा कि कई मामलों में पुलिस को त्वरित सफलता मिली और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई। आईपीएस अंशिका वर्मा उस समय सबसे ज्यादा सुर्खियों में आईं जब उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए एक नई पहल शुरू की. वर्ष 2025 में बरेली में उन्होंने वीरांगना यूनिट का गठन कराया. यह उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी यूनिट मानी जाती है जिसमें विशेष रूप से प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया. इस यूनिट की महिला कमांडो को ताइक्वांडो, आत्मरक्षा और दंगा नियंत्रण जैसी ट्रेनिंग दी गई ताकि वे संवेदनशील मामलों में तुरंत कार्रवाई कर सकें. महिला सशक्तिकरण की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण कदम माना गया और इसके लिए उन्हें राज्य सरकार की ओर से सम्मानित भी किया गया। कई बड़े मामलों में निभाई अहम भूमिका बरेली में तैनाती के दौरान अंशिका वर्मा ने कई चर्चित मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई. धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों, एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई और हत्या के मामलों में पुलिस टीमों का नेतृत्व करते हुए उन्होंने कई आरोपियों को गिरफ्तार कराया. संवेदनशील मामलों में उनकी सक्रियता के कारण पुलिस की कार्यवाही को गति मिली और कई मामलों में कम समय में खुलासा संभव हुआ। सख्त फैसलों के लिए जाने जाते हैं केके बिश्नोई दूसरी ओर संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई भी अपनी सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं. वर्ष 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले हैं. सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला. वर्ष 2024 में उन्हें गोरखपुर से संभल जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात किया गया. संभल पहुंचने के बाद उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर कई सख्त फैसले लिए और प्रशासन के साथ मिलकर जिले में व्यवस्था मजबूत करने के प्रयास किए. नवंबर 2024 में संभल जिले में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी. इस दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आईं. हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. बताया जाता है कि पुलिस ने कम समय में हालात को नियंत्रित कर लिया था. हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. कानून व्यवस्था संभालने की इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन की सक्रियता की चर्चा प्रदेश स्तर तक हुई। बिजली चोरी और आर्थिक अपराधों पर कार्रवाई संभल में पुलिस ने कानून व्यवस्था के साथ-साथ आर्थिक अपराधों पर भी कार्रवाई की. बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाते हुए पुलिस और बिजली विभाग की संयुक्त टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी की. इस दौरान बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शन पकड़े गए. इसके अलावा जिले में एक बड़े बीमा घोटाले का भी खुलासा हुआ. जांच के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और करोड़ों रुपये के फर्जी दावों की जांच की गई। प्रशासनिक गलियारों में चर्चित जोड़ी पुलिस सेवा में काम करने वाले अधिकारियों के लिए व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता. ऐसे में दो तेजतर्रार अधिकारियों का जीवनसाथी बनने का फैसला अपने आप में चर्चा का विषय बन गया है. दोनों अधिकारियों को उनके काम को लेकर प्रदेश स्तर पर पहचान मिल चुकी है. कई मौकों पर उनकी कार्यशैली की चर्चा भी होती रही है. अब यह जोड़ी जीवन की नई पारी शुरू करने जा रही है. 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में होने वाला विवाह समारोह दोनों परिवारों के लिए खास होगा. कानून व्यवस्था संभालने वाले दो सख्त अधिकारी अब निजी जीवन में भी एक दूसरे का साथ निभाने की कसमें लेंगे. यही वजह है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की यह जोड़ी इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में बनी हुई है. गोरखपुर से शुरू हुई थी प्रेम कहानी आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई संभल में तैनाती से पहले 29 महीने तक गोरखपुर में एसपी सिटी के पद पर तैनात रहे थे. वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के काफी करीब माने जाते हैं और जब भी मुख्यमंत्री गोरखपुर मठ आते थे, तो बिश्नोई सुरक्षा व्यवस्था में पूरी मुस्तैदी के साथ कमान संभालते थे. इसी दौरान उनकी मुलाकात 2021 बैच की आईपीएस अंशिका वर्मा से हुई थी, जो उस समय वहां एएसपी के पद पर तैनात थीं. संभल की संवेदनशीलता और CM का भरोसा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अति संवेदनशील जिले संभल की सुरक्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केके बिश्नोई को वहां भेजने का फैसला किया था. संभल में जॉइनिंग से पहले उन्होंने सीएम योगी से मुलाकात की थी, जहां उन्हें अपराधियों पर सख्त कार्यवाही के आदेश मिले थे. संभल हिंसा पर बड़ी कार्यवाही करने वाले बिश्नोई को उनके साहसिक नेतृत्व के लिए 2025 में 'मुख्यमंत्री मेडल' से सम्मानित किया गया था। माता-पिता के साथ CM की वो यादगार तस्वीर मुख्यमंत्री मेडल सम्मान समारोह के दौरान आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई के माता-पिता, गंगा देवी और सुजाना राम बिश्नोई की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ … Read more

MP में प्रशिक्षु IPS अधिकारी को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी, पुलिस व्यवस्था में प्रशासनिक बदलाव के आदेश जारी

छतरपुर  छतरपुर  जिले की पुलिस व्यवस्था में एक अहम प्रशासनिक बदलाव किया गया है। छतरपुर में सेवाएं दे रहे प्रशिक्षु आईपीएस (IPS) अधिकारी लेखराज मीणा को अब ओरछा रोड थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने आदेश जारी कर दिया है। यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। जिले में विभिन्न गतिविधियों और कानून से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे मीणा जानकारी के मुताबिक, प्रशिक्षु आईपीएस लेखराज मीणा अब तक जिले में विभिन्न गतिविधियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनके कार्यशैली और अनुशासन को देखते हुए उन्हें महत्वपूर्ण थाना ओरछा रोड की कमान सौंपी गई है। ओरछा रोड थाना क्षेत्र शहर का संवेदनशील और व्यस्त इलाका माना जाता है, जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में एक युवा आईपीएस अधिकारी की तैनाती को विभाग ने सख्ती और बेहतर मॉनिटरिंग की दिशा में अहम कदम माना है। पुलिस अधीक्षक अगम जैन द्वारा आदेश जारी पुलिस अधीक्षक अगम जैन द्वारा जारी आदेश के बाद थाना स्तर पर पदभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सूत्रों की मानें तो जल्द ही नए थाना प्रभारी क्षेत्र में भ्रमण कर आमजन से संवाद भी स्थापित करेंगे। युवा नेतृत्व से बढ़ी उम्मीदें.. शहर के सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि नए थाना प्रभारी अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और जनसुनवाई में तेजी लाएंगे। अब देखना होगा कि प्रशिक्षु आईपीएस लेखराज मीणा अपने कार्यकाल में ओरछा रोड थाना क्षेत्र में किस तरह की कार्यशैली और परिणाम प्रस्तुत करते हैं।

MP के ‘धन-कुबेर’ IPS अफसर: किराए से आमदनी सैलरी से ज्यादा, संपत्ति हुई सार्वजनिक

भोपाल  मध्यप्रदेश कैडर के कई आईपीएस अधिकारी अपनी सैलरी से ज्यादा कमाई किराए और संपत्तियों से कर रहे हैं। यह खुलासा केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को सौंपे गए वार्षिक संपत्ति विवरण (Annual Property Return) से हुआ है। नियम के मुताबिक सभी आईपीएस अधिकारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा देना अनिवार्य होता है। ताजा आंकड़ों में सामने आया है कि प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारी करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं और हर साल लाखों-करोड़ों रुपए किराए से कमा रहे हैं। अजय शर्मा के पास 11.65 करोड़ की संपत्ति पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन के अध्यक्ष अजय शर्मा के पास करीब 11 करोड़ 65 लाख रुपए की संपत्ति दर्ज है। उन्हें हर महीने लगभग 3 लाख 80 हजार रुपए किराया प्राप्त होता है। भोपाल और दिल्ली सहित अन्य शहरों में भी उनकी अचल संपत्तियां बताई गई हैं। उपेंद्र जैन और वरुण कपूर भी करोड़पति आईपीएस उपेंद्र जैन के पास 8 करोड़ 39 लाख रुपए की संपत्ति है। इंदौर, बड़वाह और भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र में उनकी संपत्तियां दर्ज हैं। जेल डीजी वरुण कपूर के पास 8 करोड़ 43 लाख रुपए की अचल संपत्ति है। उन्हें हर साल करीब 5 लाख 12 हजार रुपए किराए से आय होती है। जयदीप प्रसाद और अनिल कुमार की भी बड़ी संपत्ति एडीजी, एससीआरबी जयदीप प्रसाद के पास 5 करोड़ 32 लाख रुपए की चल संपत्ति दर्ज है। रांची, हजारीबाग, भोपाल, सीहोर और गुड़गांव में उनकी संपत्तियां हैं। उन्हें हर साल करीब 74 लाख रुपए की आय इन संपत्तियों से होती है। महिला शाखा के स्पेशल डीजी अनिल कुमार के पास 4 करोड़ 81 लाख रुपए की संपत्ति बताई गई है। नियम क्या कहते हैं? केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के नियमों के अनुसार हर आईपीएस अधिकारी को अपनी संपत्ति का पूरा ब्यौरा देना अनिवार्य है। इसी प्रक्रिया के तहत यह जानकारी सार्वजनिक रिकॉर्ड में आई है।मध्यप्रदेश में कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं और नियमित वेतन के अलावा किराए से भी बड़ी आय अर्जित कर रहे हैं। संपत्ति विवरण के खुलासे के बाद प्रशासनिक हलकों में इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।

नए साल पर मध्य प्रदेश में करीब 200 अधिकारियों को प्रमोशन, मोहन यादव सरकार का तोहफा

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 200 से ज्यादा आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को नए साल का गिफ्ट दिया है. इन सभी अधिकारियों को प्रमोशन दिया गया है. देर रात राज्य सरकार ने प्रमोशन आदेश जारी कर दिए. प्रमोशन किए गए आईएएस अधिकारियों में उप सचिव, अपर सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी मुख्य रूप से शामिल हैं. इसी तरह 18 आईपीएस अफसरों का भी प्रमोशन किया गया है. इन अधिकारियों को एडीजी से स्पेशल डीजी पद पर पदोन्नति दी गई है. इन IAS अधिकारियों का हुआ प्रमोशन सामान्य प्रशासन विभाग कार्मिक में सचिव पद पर पदस्थ एम सेलवेन्द्रन को प्रमोशन देकर उन्हें प्रमुख सचिव बनाया गया है. हालांकि उनका विभाग नहीं बदला गया है. उधर मध्य प्रदेश कैडर के वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारियों को सुपर टाइम स्केल (पे मेट्रिक-14) में प्रमोशन देकर उन्हें सचिव बनाया गया है. प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर में प्रबंध संचालक अनय द्विवेदी, भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, स्वास्थ्य आयुक्त तरुण राठी, खाद्य, नागरिक आपूर्ति के कमिश्नर कर्मवीर शर्मा और कोष एवं लेखा विभाग के कमिश्नर भास्कर लक्षकार हैं. उज्जैन संभाग के कमिश्नर आशीष सिंह, आबकारी आयुक्त अभितीज अग्रवाल, पंचायत संचालक छोटे सिंह, स्वास्थ्य एवं नियंत्रण खाद्य एवं औषधि प्रशासन दिनेश श्रीवास्तव, राजस्व मंडल ग्वालियर सचिव सपना निगम का भी प्रमोशन किया गया है. 2010 बैच के अधिकारी और आयुक्त जनसंपर्क दीपक कुमार सक्सेना, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरएस जादोन का भी प्रमोशन किया गया है. इन अधिकारियों का बदला विभाग उधर राज्य सरकार ने पदोन्नति के बाद राजस्व विभाग में अपर सचिव संजय कुमार को सचिव मप्र भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल एवं कल्याण आयुक्त बनाया है. श्रम विभाग में अपर सचिव बसंत कुर्रे को सह संचालक कौशल विकास बनाया गया है. सुरेश कुमार को संभाग आयुक्त चंबल संभाग मुरैना बनाया गया. चंद्रशेखर वालिबे को सचिव मुख्यमंत्री, शीलेंद्र सिंह को सचिव नगरीय विकास एवं अवास विभाग बनाए गए हैं. आईपीएस अधिकारियों का भी हुआ प्रमोशन उधर आईपीएस अधिकारियों का भी प्रमोशन किया गया है. 1994 बैच के अधिकारी एडीजी अजाक आशुतोष राय को प्रमोशन देकर विशेष पुलिस महानिदेशक (अजाक) बनाया गया. 2001 बैच के आईजी जबलपुर प्रमोद वर्मा को प्रमोशन देकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जबलपुर जोन बनाया गया. 1999 और 2008 बैच के अधिकारियों को पुलिस महानिरीक्षक (वेतन मैट्रिक्स-14) के पद पर प्रमोशन किया गया है, जिसमें आईजी साइबर निरंजन बी. वायंगणकर, पुलिस मुख्यालय, पुलिस महानिरीक्षक, साइबर, पुलिस मुख्यालय सियाज ए, पुलिस महानिरीक्षक, शिकायत एवं मानव अधिकार ललित शाक्यवार को प्रमोट किया गया है. एसपी राकेश सगर, राघवेन्द्र सिंह बेलवंशी, किरणलता केरकेट्टा, रियाज इकबाल, असित यादव, कुमार प्रतीक, शिवदयाल को प्रमोशन देकर आईजी बनाया गया है. डीआईजी के पद पर पदोन्नति एसपी खंडवा मनोज कुमार राय, रेल एसपी भोपाल राहुल कुमार लोढ़ा, रेल एसपी जबलपुर सिमाला प्रसाद, धार एसपी मयंक अवस्थी और भोपाल डीसीपी विवेक सिंह को डीआईजी बनाया गया. इसी तरह प्रवर श्रेणी 2012 और 2013 बैच के 11 अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स-13 में स्वीकृत किया गया है. इसमें एसपी बड़वानी जगदीश डाबर और टीकमगढ़ एसपी मनोहर सिंह मण्डलोई शामिल हैं.

मध्य प्रदेश के 32 प्रमुख प्रशासनिक चेहरे 2026 में होंगे रिटायर, मुख्य सचिव और डीजीपी समेत कई IAS-IPS के नाम

भोपाल  मध्य प्रदेश प्रशासनिक गलियारे के लिए साल 2026 बड़े बदलावों वाला साबित होने वाला है। प्रदेश कैडर के 16 आईएएस और 16 आईपीएस अधिकारी अगले साल सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। इन प्रमुख नामों में प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन भी शामिल हैं, जो सितंबर 2026 में रिटायर होंगे। उन्हें दोबारा विस्तार नहीं मिला, तो सरकार को नए प्रशासनिक मुखिया की नियुक्ति करनी होगी। पदों के लिए मचेगी होड़ इतनी बड़ी संख्या में सीनियर अधिकारियों के रिटायर होने से सरकार के सामने एडीजी इंटेलिजेंस, आईजी लॉ एंड ऑर्डर और माध्यमिक शिक्षा मंडल जैसे अहम पदों के लिए नए चेहरों की तलाश की चुनौती होगी। साथ ही, मुख्य सचिव अनुराग जैन को यदि दोबारा विस्तार नहीं मिला, तो प्रशासनिक मुखिया का पद भी खाली हो जाएगा। गौरतलब है कि साल 2025 में भी 29 अधिकारी रिटायर हुए थे, जिनमें से मुख्य सचिव और डीजीपी को विशेष सेवा वृद्धि (एक्सटेंशन) दी गई थी। यह आईएएस हैं शामिल 16 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अपनी सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। मार्च 2026 में माध्यमिक शिक्षा मंडल की चेयरमैन स्मिता भारद्वाज, अप्रैल में राजस्व विभाग के अपर सचिव संजय कुमार, मई में केंद्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सचिव अलका उपाध्याय, जून के महीने में एमपी खादी ग्राम उद्योग बोर्ड के एमडी माल सिंह भयड़िया, अगस्त में खनिज साधन विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव और बालाघाट के अपर कलेक्टर जी.एस. धुर्वे, सितंबर में मुख्य सचिव अनुराग जैन और चंबल संभाग के कमिश्नर सुरेश कुमार रिटायर हो रहे हैं। अक्तूबर से दिसंबर तक ये IAS रिटायर होंगे अक्टूबर माह में लोकायुक्त संगठन की सचिव अरुणा गुप्ता और गृह मंत्रालय में पदस्थ आशीष श्रीवास्तव, नवंबर में राजस्व विभाग के अपर सचिव चंद्रशेखर वालिम्बे, कलेक्टर—शिवपुरी के रविंद्र कुमार चौधरी और शहडोल के केदार सिंह, दिसंबर 2026 में राजस्व मंडल के सचिव ललित दाहिमा और आयुष विभाग के अपर सचिव संजय कुमार मिश्रा, आर्कियोलॉजी विभाग की कमिश्नर उर्मिला शुक्ला भी इसी वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों की सूची में शामिल हैं। रिटायर होने वाले आईपीएस की लिस्ट जनवरी: जगदीश डावर (एसपी, बड़वानी) फरवरी: अंशुमान सिंह (आईजी, लॉ एंड ऑर्डर) मार्च: हिमानी खन्ना (आईजी, सागर रेंज) अप्रैल: सविता सोहाने (डीआईजी, शहडोल) मई: महेश चंद्र जैन (डीआईजी, नारकोटिक्स, इंदौर) जून: संजीव शमी (स्पेशल डीजी, टेलीकॉम) और संजय तिवारी (आईजी, प्लानिंग) जुलाई: आलोक रंजन (डायरेक्टर, एनसीआरबी), अरविंद सक्सेना (आईजी, ग्वालियर रेंज) और शशिकांत शुक्ला (आईजी, एफएसएल) अगस्त: अजय कुमार शर्मा (चेयरमैन, पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन), आशुतोष राय (एडीजी, आजाक पीएचक्यू), ए. साई मनोहर (एडीजी, इंटेलिजेंस) और मिथलेश शुक्ला (आईजी, नर्मदापुरम) अक्टूबर: सोनाली मिश्रा (डीजी, रेलवे पुलिस बोर्ड) दिसंबर: कैलाश मकवाना (डीजीपी)

गृह मंत्रालय ने दी मंजूरी: 4 राज्य पुलिस सेवा अफसर बने IPS

भोपाल  मध्यप्रदेश के लिए 24 दिसंबर प्रशासनिक दृष्टि से एक अहम दिन साबित हुआ है। राज्य पुलिस सेवा (SPS) के चार वरिष्ठ अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) कैडर का अवॉर्ड दिया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा बुधवार को इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। राज्य पुलिस सेवा के जिन अधिकारियों को IPS कैडर से नवाजा गया है, उनमें आशीष खरे, विक्रांत मुरब, सुरेंद्र कुमार जैन और राजेश रघुवंशी शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों को वर्ष 2024 की डीपीसी (Departmental Promotion Committee) के तहत पदोन्नति दी गई है। चारों अधिकारी एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि में रहेंगे। जानकारी के अनुसार, IPS कैडर अवॉर्ड के लिए 21 नवंबर 2024 को डीपीसी की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें कुल 15 अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया था। बैठक के बाद अंतिम सूची केंद्र सरकार को भेजी गई थी, जिस पर गृह मंत्रालय ने मुहर लगाई। बैच विवरण की बात करें तो आशीष खरे, सुरेंद्र कुमार जैन और राजेश रघुवंशी 1998 बैच के राज्य पुलिस सेवा अधिकारी हैं, जबकि विक्रांत मुरब 1997 बैच से हैं। हालांकि, वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर रहे दो अधिकारियों को IPS अवॉर्ड नहीं मिल सका। अमृत मीणा का प्रमोशन उनके जाति प्रमाण पत्र पर आपत्ति के कारण अटक गया, वहीं सीताराम ससत्या के मामले में विभागीय जांच प्रमोशन में बाधा बनी। चार अधिकारियों को IPS कैडर मिलने से न सिर्फ मध्यप्रदेश पुलिस बल को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता का लाभ भी प्रदेश को मिलेगा। यह निर्णय राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।