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MP के ‘धन-कुबेर’ IPS अफसर: किराए से आमदनी सैलरी से ज्यादा, संपत्ति हुई सार्वजनिक

भोपाल  मध्यप्रदेश कैडर के कई आईपीएस अधिकारी अपनी सैलरी से ज्यादा कमाई किराए और संपत्तियों से कर रहे हैं। यह खुलासा केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को सौंपे गए वार्षिक संपत्ति विवरण (Annual Property Return) से हुआ है। नियम के मुताबिक सभी आईपीएस अधिकारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा देना अनिवार्य होता है। ताजा आंकड़ों में सामने आया है कि प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारी करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं और हर साल लाखों-करोड़ों रुपए किराए से कमा रहे हैं। अजय शर्मा के पास 11.65 करोड़ की संपत्ति पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन के अध्यक्ष अजय शर्मा के पास करीब 11 करोड़ 65 लाख रुपए की संपत्ति दर्ज है। उन्हें हर महीने लगभग 3 लाख 80 हजार रुपए किराया प्राप्त होता है। भोपाल और दिल्ली सहित अन्य शहरों में भी उनकी अचल संपत्तियां बताई गई हैं। उपेंद्र जैन और वरुण कपूर भी करोड़पति आईपीएस उपेंद्र जैन के पास 8 करोड़ 39 लाख रुपए की संपत्ति है। इंदौर, बड़वाह और भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र में उनकी संपत्तियां दर्ज हैं। जेल डीजी वरुण कपूर के पास 8 करोड़ 43 लाख रुपए की अचल संपत्ति है। उन्हें हर साल करीब 5 लाख 12 हजार रुपए किराए से आय होती है। जयदीप प्रसाद और अनिल कुमार की भी बड़ी संपत्ति एडीजी, एससीआरबी जयदीप प्रसाद के पास 5 करोड़ 32 लाख रुपए की चल संपत्ति दर्ज है। रांची, हजारीबाग, भोपाल, सीहोर और गुड़गांव में उनकी संपत्तियां हैं। उन्हें हर साल करीब 74 लाख रुपए की आय इन संपत्तियों से होती है। महिला शाखा के स्पेशल डीजी अनिल कुमार के पास 4 करोड़ 81 लाख रुपए की संपत्ति बताई गई है। नियम क्या कहते हैं? केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के नियमों के अनुसार हर आईपीएस अधिकारी को अपनी संपत्ति का पूरा ब्यौरा देना अनिवार्य है। इसी प्रक्रिया के तहत यह जानकारी सार्वजनिक रिकॉर्ड में आई है।मध्यप्रदेश में कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं और नियमित वेतन के अलावा किराए से भी बड़ी आय अर्जित कर रहे हैं। संपत्ति विवरण के खुलासे के बाद प्रशासनिक हलकों में इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।

नए साल पर मध्य प्रदेश में करीब 200 अधिकारियों को प्रमोशन, मोहन यादव सरकार का तोहफा

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 200 से ज्यादा आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को नए साल का गिफ्ट दिया है. इन सभी अधिकारियों को प्रमोशन दिया गया है. देर रात राज्य सरकार ने प्रमोशन आदेश जारी कर दिए. प्रमोशन किए गए आईएएस अधिकारियों में उप सचिव, अपर सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी मुख्य रूप से शामिल हैं. इसी तरह 18 आईपीएस अफसरों का भी प्रमोशन किया गया है. इन अधिकारियों को एडीजी से स्पेशल डीजी पद पर पदोन्नति दी गई है. इन IAS अधिकारियों का हुआ प्रमोशन सामान्य प्रशासन विभाग कार्मिक में सचिव पद पर पदस्थ एम सेलवेन्द्रन को प्रमोशन देकर उन्हें प्रमुख सचिव बनाया गया है. हालांकि उनका विभाग नहीं बदला गया है. उधर मध्य प्रदेश कैडर के वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारियों को सुपर टाइम स्केल (पे मेट्रिक-14) में प्रमोशन देकर उन्हें सचिव बनाया गया है. प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों में मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर में प्रबंध संचालक अनय द्विवेदी, भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, स्वास्थ्य आयुक्त तरुण राठी, खाद्य, नागरिक आपूर्ति के कमिश्नर कर्मवीर शर्मा और कोष एवं लेखा विभाग के कमिश्नर भास्कर लक्षकार हैं. उज्जैन संभाग के कमिश्नर आशीष सिंह, आबकारी आयुक्त अभितीज अग्रवाल, पंचायत संचालक छोटे सिंह, स्वास्थ्य एवं नियंत्रण खाद्य एवं औषधि प्रशासन दिनेश श्रीवास्तव, राजस्व मंडल ग्वालियर सचिव सपना निगम का भी प्रमोशन किया गया है. 2010 बैच के अधिकारी और आयुक्त जनसंपर्क दीपक कुमार सक्सेना, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरएस जादोन का भी प्रमोशन किया गया है. इन अधिकारियों का बदला विभाग उधर राज्य सरकार ने पदोन्नति के बाद राजस्व विभाग में अपर सचिव संजय कुमार को सचिव मप्र भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल एवं कल्याण आयुक्त बनाया है. श्रम विभाग में अपर सचिव बसंत कुर्रे को सह संचालक कौशल विकास बनाया गया है. सुरेश कुमार को संभाग आयुक्त चंबल संभाग मुरैना बनाया गया. चंद्रशेखर वालिबे को सचिव मुख्यमंत्री, शीलेंद्र सिंह को सचिव नगरीय विकास एवं अवास विभाग बनाए गए हैं. आईपीएस अधिकारियों का भी हुआ प्रमोशन उधर आईपीएस अधिकारियों का भी प्रमोशन किया गया है. 1994 बैच के अधिकारी एडीजी अजाक आशुतोष राय को प्रमोशन देकर विशेष पुलिस महानिदेशक (अजाक) बनाया गया. 2001 बैच के आईजी जबलपुर प्रमोद वर्मा को प्रमोशन देकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जबलपुर जोन बनाया गया. 1999 और 2008 बैच के अधिकारियों को पुलिस महानिरीक्षक (वेतन मैट्रिक्स-14) के पद पर प्रमोशन किया गया है, जिसमें आईजी साइबर निरंजन बी. वायंगणकर, पुलिस मुख्यालय, पुलिस महानिरीक्षक, साइबर, पुलिस मुख्यालय सियाज ए, पुलिस महानिरीक्षक, शिकायत एवं मानव अधिकार ललित शाक्यवार को प्रमोट किया गया है. एसपी राकेश सगर, राघवेन्द्र सिंह बेलवंशी, किरणलता केरकेट्टा, रियाज इकबाल, असित यादव, कुमार प्रतीक, शिवदयाल को प्रमोशन देकर आईजी बनाया गया है. डीआईजी के पद पर पदोन्नति एसपी खंडवा मनोज कुमार राय, रेल एसपी भोपाल राहुल कुमार लोढ़ा, रेल एसपी जबलपुर सिमाला प्रसाद, धार एसपी मयंक अवस्थी और भोपाल डीसीपी विवेक सिंह को डीआईजी बनाया गया. इसी तरह प्रवर श्रेणी 2012 और 2013 बैच के 11 अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स-13 में स्वीकृत किया गया है. इसमें एसपी बड़वानी जगदीश डाबर और टीकमगढ़ एसपी मनोहर सिंह मण्डलोई शामिल हैं.

मध्य प्रदेश के 32 प्रमुख प्रशासनिक चेहरे 2026 में होंगे रिटायर, मुख्य सचिव और डीजीपी समेत कई IAS-IPS के नाम

भोपाल  मध्य प्रदेश प्रशासनिक गलियारे के लिए साल 2026 बड़े बदलावों वाला साबित होने वाला है। प्रदेश कैडर के 16 आईएएस और 16 आईपीएस अधिकारी अगले साल सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। इन प्रमुख नामों में प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन भी शामिल हैं, जो सितंबर 2026 में रिटायर होंगे। उन्हें दोबारा विस्तार नहीं मिला, तो सरकार को नए प्रशासनिक मुखिया की नियुक्ति करनी होगी। पदों के लिए मचेगी होड़ इतनी बड़ी संख्या में सीनियर अधिकारियों के रिटायर होने से सरकार के सामने एडीजी इंटेलिजेंस, आईजी लॉ एंड ऑर्डर और माध्यमिक शिक्षा मंडल जैसे अहम पदों के लिए नए चेहरों की तलाश की चुनौती होगी। साथ ही, मुख्य सचिव अनुराग जैन को यदि दोबारा विस्तार नहीं मिला, तो प्रशासनिक मुखिया का पद भी खाली हो जाएगा। गौरतलब है कि साल 2025 में भी 29 अधिकारी रिटायर हुए थे, जिनमें से मुख्य सचिव और डीजीपी को विशेष सेवा वृद्धि (एक्सटेंशन) दी गई थी। यह आईएएस हैं शामिल 16 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अपनी सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। मार्च 2026 में माध्यमिक शिक्षा मंडल की चेयरमैन स्मिता भारद्वाज, अप्रैल में राजस्व विभाग के अपर सचिव संजय कुमार, मई में केंद्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सचिव अलका उपाध्याय, जून के महीने में एमपी खादी ग्राम उद्योग बोर्ड के एमडी माल सिंह भयड़िया, अगस्त में खनिज साधन विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव और बालाघाट के अपर कलेक्टर जी.एस. धुर्वे, सितंबर में मुख्य सचिव अनुराग जैन और चंबल संभाग के कमिश्नर सुरेश कुमार रिटायर हो रहे हैं। अक्तूबर से दिसंबर तक ये IAS रिटायर होंगे अक्टूबर माह में लोकायुक्त संगठन की सचिव अरुणा गुप्ता और गृह मंत्रालय में पदस्थ आशीष श्रीवास्तव, नवंबर में राजस्व विभाग के अपर सचिव चंद्रशेखर वालिम्बे, कलेक्टर—शिवपुरी के रविंद्र कुमार चौधरी और शहडोल के केदार सिंह, दिसंबर 2026 में राजस्व मंडल के सचिव ललित दाहिमा और आयुष विभाग के अपर सचिव संजय कुमार मिश्रा, आर्कियोलॉजी विभाग की कमिश्नर उर्मिला शुक्ला भी इसी वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों की सूची में शामिल हैं। रिटायर होने वाले आईपीएस की लिस्ट जनवरी: जगदीश डावर (एसपी, बड़वानी) फरवरी: अंशुमान सिंह (आईजी, लॉ एंड ऑर्डर) मार्च: हिमानी खन्ना (आईजी, सागर रेंज) अप्रैल: सविता सोहाने (डीआईजी, शहडोल) मई: महेश चंद्र जैन (डीआईजी, नारकोटिक्स, इंदौर) जून: संजीव शमी (स्पेशल डीजी, टेलीकॉम) और संजय तिवारी (आईजी, प्लानिंग) जुलाई: आलोक रंजन (डायरेक्टर, एनसीआरबी), अरविंद सक्सेना (आईजी, ग्वालियर रेंज) और शशिकांत शुक्ला (आईजी, एफएसएल) अगस्त: अजय कुमार शर्मा (चेयरमैन, पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन), आशुतोष राय (एडीजी, आजाक पीएचक्यू), ए. साई मनोहर (एडीजी, इंटेलिजेंस) और मिथलेश शुक्ला (आईजी, नर्मदापुरम) अक्टूबर: सोनाली मिश्रा (डीजी, रेलवे पुलिस बोर्ड) दिसंबर: कैलाश मकवाना (डीजीपी)

गृह मंत्रालय ने दी मंजूरी: 4 राज्य पुलिस सेवा अफसर बने IPS

भोपाल  मध्यप्रदेश के लिए 24 दिसंबर प्रशासनिक दृष्टि से एक अहम दिन साबित हुआ है। राज्य पुलिस सेवा (SPS) के चार वरिष्ठ अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) कैडर का अवॉर्ड दिया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा बुधवार को इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। राज्य पुलिस सेवा के जिन अधिकारियों को IPS कैडर से नवाजा गया है, उनमें आशीष खरे, विक्रांत मुरब, सुरेंद्र कुमार जैन और राजेश रघुवंशी शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों को वर्ष 2024 की डीपीसी (Departmental Promotion Committee) के तहत पदोन्नति दी गई है। चारों अधिकारी एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि में रहेंगे। जानकारी के अनुसार, IPS कैडर अवॉर्ड के लिए 21 नवंबर 2024 को डीपीसी की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें कुल 15 अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया था। बैठक के बाद अंतिम सूची केंद्र सरकार को भेजी गई थी, जिस पर गृह मंत्रालय ने मुहर लगाई। बैच विवरण की बात करें तो आशीष खरे, सुरेंद्र कुमार जैन और राजेश रघुवंशी 1998 बैच के राज्य पुलिस सेवा अधिकारी हैं, जबकि विक्रांत मुरब 1997 बैच से हैं। हालांकि, वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर रहे दो अधिकारियों को IPS अवॉर्ड नहीं मिल सका। अमृत मीणा का प्रमोशन उनके जाति प्रमाण पत्र पर आपत्ति के कारण अटक गया, वहीं सीताराम ससत्या के मामले में विभागीय जांच प्रमोशन में बाधा बनी। चार अधिकारियों को IPS कैडर मिलने से न सिर्फ मध्यप्रदेश पुलिस बल को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता का लाभ भी प्रदेश को मिलेगा। यह निर्णय राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।

IAS पदों पर IPS नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने तेलंगाना सरकार से पूछा कारण

हैदराबाद IAS यानी भारतीय प्रशासनिक सेवा कैडर के पदों पर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों की नियुक्ति पर तेलंगाना हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। अदालत में एक रिट याचिका दाखिल हुई थी, जिसमें कहा गया था कि इस तरह की नियुक्तियां नियमों का उल्लंघन करती हैं। उच्च न्यायालय ने इस तरह के फैसलों के पीछे कानूनी वजह बताने के लिए कहा है। मामले पर अगली सुनवाई के लिए 10 दिसंबर तारीख तय की गई है। हैदराबाद के एक वकील और सामाजिक कार्यकर्ता वाडला श्रीकांत ने एक रिट याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ता के वकील विजय गोपाल का कहना है कि सरकार का फैसला और खासतौर से जीओ 1342 (जारी 26 सितंबर) जारी करना और उन केंद्रीय कानूनों का उल्लंघन है, जो दो भारतीय सेवाओं की अलग-अलग भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बारे में बताते हैं। इस याचिका में विशेष रूप से तीन अधिकारियों का जिक्र किया गया है। ये IPS अधिकारी उन पदों को संभाल रहे हैं, जो आमतौर पर IAS कैडर के पास होते हैं। इनमें IPS स्टीफन रविंद्र हैं, जो सिविल सप्लाइज कमिश्नर और एक्स ऑफिशियो प्रधान सचिव के तौर पर काम कर रहे हैं। इनके अलावा IPS शिखा गोयल, जो विजिलेंस एंड एनफोर्समेंट में महानिदेशक हैं। साथ ही हैदराबाद के पूर्व आयुक्त सीवी आनंद का नाम है, जो गृह विभाग का विशेष मुख्य सचिव बनाया गया है। एडवोकेट गोपाल का कहना है कि इस तरह की क्रॉस कैडर नियुक्तियां IAS (Fixation of Cadre Strength) Regulations, 2016 जैसे नियमों का उल्लंघन करती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, IPS अधिकारियों की प्रधान सचिव रैंक पर नियुक्तियों की प्रथा साल 2014 में बीआरएस सरकार के समय से चली आ रही है। सरकार की तरफ से पेश हुए वकील राहुल रेड्डी ने अदालत से अतिरिक्त समय की मांग की थी।

IPS संवर्ग में होंगे शामिल 7 राज्य पुलिस सेवा अधिकारी, 5 को इसी साल पदोन्नति

भोपाल राज्य पुलिस सेवा के पांच अधिकारी इस वर्ष आईपीएस संवर्ग में पदोन्नत हो जाएंगे। अगले वर्ष एक जनवरी 2025 की स्थिति में सात को पदोन्नति मिलनी है। यह सभी 1998 बैच के होंगे। यानी, अभी 27 वर्ष की सेवा के बाद भी वह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ही हैं। बड़े-बड़े बैच, हर पांच वर्ष में काडर रिव्यू नहीं होने सहित कई कारणों से मप्र के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी आईपीएस संवर्ग में पदोन्नति में अन्य राज्यों से काफी पीछे हैं। वर्ष 2025 में सात पदों के लिए डीपीसी की तैयारी शासन अक्टूबर-नवंबर से प्रारंभ कर सकता है। इनकी डीपीसी लगभग एक वर्ष पीछे चल रही है।   बता दें कि कर्नाटक में 2012, तेलंगाना, गुजरात और आंध्र प्रदेश में 2010 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी पदोन्नत होकर आइपीएस बन चुके हैं, पर प्रदेश में अभी वर्ष 1998 का ही पूरा बैच पदोन्नत नहीं हो पाया है। उधर, प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2006 के अधिकारी आईएएस में पदोन्नत हो चुके हैं। राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी लंबे समय से शासन से मांग कर रहे हैं कि छोटे जिलों में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी उन्हें दी जाए, पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है, जबकि यह व्यवस्था मध्य प्रदेश में पहले लागू रही है। शशिकांत शुक्ला, रमन सिंह सहित कई अधिकारी दो जिलों में एसपी रहने के बाद आइपीएस बने। अब कई वर्षों से इसे बंद कर दिया गया है।

IPS संवर्ग में शामिल होंगे राज्य पुलिस सेवा के 7 अधिकारी, इस साल 5 को दी जाएगी पदोन्नति

 भोपाल  राज्य पुलिस सेवा के पांच अधिकारी इस वर्ष आईपीएस संवर्ग में पदोन्नत हो जाएंगे। अगले वर्ष एक जनवरी 2025 की स्थिति में सात को पदोन्नति मिलनी है। यह सभी 1998 बैच के होंगे। यानी, अभी 27 वर्ष की सेवा के बाद भी वह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ही हैं। बड़े-बड़े बैच, हर पांच वर्ष में काडर रिव्यू नहीं होने सहित कई कारणों से मप्र के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी आईपीएस संवर्ग में पदोन्नति में अन्य राज्यों से काफी पीछे हैं। वर्ष 2025 में सात पदों के लिए डीपीसी की तैयारी शासन अक्टूबर-नवंबर से प्रारंभ कर सकता है। इनकी डीपीसी लगभग एक वर्ष पीछे चल रही है। बता दें कि कर्नाटक में 2012, तेलंगाना, गुजरात और आंध्र प्रदेश में 2010 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी पदोन्नत होकर आइपीएस बन चुके हैं, पर प्रदेश में अभी वर्ष 1998 का ही पूरा बैच पदोन्नत नहीं हो पाया है। उधर, प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2006 के अधिकारी आईएएस में पदोन्नत हो चुके हैं। राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी लंबे समय से शासन से मांग कर रहे हैं कि छोटे जिलों में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी उन्हें दी जाए, पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है, जबकि यह व्यवस्था मध्य प्रदेश में पहले लागू रही है। शशिकांत शुक्ला, रमन सिंह सहित कई अधिकारी दो जिलों में एसपी रहने के बाद आइपीएस बने। अब कई वर्षों से इसे बंद कर दिया गया है।

IPS कैडर में शामिल होंगे MP के 5 अधिकारी, 15 नाम UPSC को भेजे गए

भोपाल   मध्यप्रदेशराज्य पुलिस सेवा के पांच अधिकारियों का आईपीएस अवार्ड होगा। इसके लिए डीपीसी 12 सितंबर को कराने की तैयारी है। इस बार राज्य पुलिस सेवा के कुल पांच अधिकारियों को आइपीएस(IPS Officer) बनाया जाएगा। जिसमें 1997-98 बैच के 15 अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। लेकिन 5 अधिकारियों को ही आइपीएस बनाया जाएगा। 15 अधिकारियों के नामों का पैनल तैयार कर यूपीएससी को भेजा है। बता दें डीपीसी में यूपीएससी के एक मेंबर के साथ सीएस अनुराग जैन, डीजीपी कैलाश मकवाना और एसीएस होम शिवशेखर शुक्ला शामिल होंगे। दो नामों पर फंसा पेंच वरिष्ठता के क्रम में राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी सीताराम ससत्या का नाम सबसे पहले है। लेकिन उनका एक विभागीय प्रकरण होने के कारण पेंच फंसा है। ऐसे ही वरिष्ठता में दूसरा नंबर अमृत मीणा का है लेकिन जाति प्रमाण पत्र का एक मामला अभी कोर्ट में चल रहा है। इन नामों पर होगा विचार डीपीसी में राज्य पुलिस सेवा के 1997-98 बैच के 15 अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा।     सीताराम ससत्या     अमृत मीणा     विक्रांत मुराब     सुरेंद्र कुमार जैन     आशीष खरे     राजेश रघुवंशी     निर्मिषा पांडेय     राजेश कुमार मिश्रा     मलय जैन     अमित सक्सेना     मनीषा पाठक सोनी     सुमन गुर्जर     संदीप मिश्रा     सव्यसाची सर्राफ     समर शर्मा

योगी सरकार का फैसला, यूपी पुलिस के चार आईपीएस अफसर बदले गए

लखनऊ  यूपी पुलिस में बुधवार को फिर फेरबदल किया गया। योगी सरकार ने चार आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया। 1996 बैच के आईपीएस अफसर विजय सिंह मीना को अपर पुलिस निदेशक विशेष जांच लखनऊ से अपर निदेशक पीटीसी सीतापुर बनाया गया है। वहीं आईपीएस आरआर 2006 बैच के आकाश कुलहरि पुलिस महानिरीक्षक लोक शिकायत लखनऊ को पुलिस महानिरीक्षक झांसी पर क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। आईपीएस आरआर 2009 बैच के केशव कुमार चौधरी पुलिस महानिरीक्षक झांसी परिक्षेत्र को अपर पुलिस आयुक्त गाजियाबाद बनाया गया है।आईपीएस आरआर 2010 बैच के कल्पना सक्सेना अपर पुलिस आयुक्त गाजियाबाद को पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ बनाया गया है। वहीं इससे पहले मंगलवार को योगी सरकार ने पुलिस विभाग में पांच फेरबदल किया था। सरकार ने आईपीएस अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया था जबकि एडीजी प्रशासन प्रशांत कुमार द्वितीय को एडीजी पुलिस मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया। फेरबदल में यूपी पॉवर कारपोरेशन के डीजी एमके बशाल को होमगार्ड विभाग का डीजी बनाया गया। इसी तरह सीतापुर पीटीसी के एडीजी जयनारायण सिंह को एडीजी पॉवर कारपोरेशन बनाया गया। आईजी पीएसी लखनऊ उपेन्द्र कुमार अग्रवाल को आईजी अभिसूचना मुख्यालय की जिम्मेदारी मिली। प्रतीक्षा में चल रहे डीआईजी सतेन्द्र कुमार को डीआईजी पीएसी अनुभाग आगरा बनाया गया। उपेन्द्र कुमार अग्रवाल का पिछले कुछ समय में यह चौथा तबादला किया गया। आपको बता दें कि इससे पहले जुलाई के आखिरी हफ्ते में योगी सरकार ने 10 जिलों के जिलाधिकारी समेत 23 आईएएस अफसरों का तबादला किया था। इस दौरान कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई थी।