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अमृतसर में ISI से जुड़े संदिग्ध युवक की गिरफ्तारी, दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त, एजेंसियां नेटवर्क की तलाश में

अमृतसर  अमृतसर के जिला देहात के थाना खिलचियां पुलिस ने आईएसआई के लिए काम कर रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम राहुल कुमार है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई खुफिया सूचना और निगरानी के आधार पर की गई। प्रारंभिक जांच में आरोपी की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं और उसके कुछ संपर्क सीमा पार तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।  प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी युवक संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था और उसके संपर्क सीमा पार तक जुड़े हुए थे। पुलिस ने उसके पास से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक अहम कड़ी साबित हो सकती है और इससे कई और खुलासे होने की संभावना है। नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन जांच पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच की जा रही है। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी का नेटवर्क कितना बड़ा है और वह किन-किन लोगों के संपर्क में था। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सख्त कार्रवाई और जनता से सहयोग की अपील अमृतसर देहाती पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी देश विरोधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

ISI द्वारा भेजी गई IED के साथ युवक की गिरफ्तारी, पुलिस इमारत को निशाना बनाने की थी साजिश

अमृतसर अमृतसर देहात पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा भारत में धमाका करने के लिए भेजी गई इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) सहित एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पता चला है कि इस आईईडी के जरिए पुलिस इमारत को निशाना बनाया जाना था, लेकिन समय रहते पुलिस ने आईईडी सहित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।  पकड़े गए आरोपी की पहचान भारत-पाकिस्तान सीमा के थाना अजनाला के अधीन पड़ते गांव उनावपुरा निवासी हरमन सिंह के रूप में हुई है। बम निरोधक दस्ते ने जब आईईडी को निष्क्रिय किया तो पता चला कि उसमें आधा किलो से अधिक आरडीएक्स, आधा किलो लोहे के छोटे बाल, एक टिफिन बॉक्स, डेटोनेटर, रिमोट, तार आदि लगे थे। सुरक्षा एजेंसियों से पूछताछ में हरमन ने स्वीकार किया है कि उक्त आईईडी उसने रमदास इलाके के खेतों से बरामद की थी, जहां पाकिस्तानी तस्करों ने ड्रोन से इसे गिराया था। उसे यह आईईडी लेकर आगे सप्लाई करनी थी। जांच एजेंसियों को हरमन के कब्जे से मिले मोबाइल से पाकिस्तानी कांटेक्ट्स के नंबर भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पता चला है कि पिछले एक सप्ताह में हरमन उन संपर्कों पर दो दर्जन से अधिक बार कॉल कर चुका है। आशंका जताई जा रही है कि हरमन के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ सीधे संबंध भी हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हरमन के गिरोह के अन्य सदस्य कहां-कहां हैं, ताकि उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके। 

जासूसी का सनसनीखेज मामला: मेरठ से गिरफ्तार सबा फरहत, पिता ISI एजेंट होने की जांच

 मेरठ   मेरठ के थाना दिल्ली गेट पुलिस ने जली कोठी निवासी पाकिस्तानी नागरिक सबा फरहत उर्फ नाजिया को गिरफ्तार कर लिया. सबा वर्ष 1988 में फरहत मसूद से निकाह के बाद लॉन्ग टर्म वीजा पर भारत आई थी और पिछले तीन दशकों से बिना भारतीय नागरिकता के यहां रह रही थी.  आरोप है कि उसने अपनी पाकिस्तान में जन्मी बेटी एनम के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों से भारतीय पासपोर्ट बनवाया और कई देशों की यात्राएं की. स्थानीय महिला रुखसाना की शिकायत पर हुई जांच में वोटर आईडी कार्ड और अन्य दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है. फर्जी दस्तावेजों का खेल और विदेश यात्रा शिकायत के अनुसार, सबा ने 1993 में पाकिस्तान में बेटी एनम को जन्म दिया था और उसे पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत लाई थी. एनम को भारतीय नागरिकता नहीं दिलाई गई, फिर भी फर्जी कागजात के आधार पर उसका भारतीय पासपोर्ट बनवाया गया.  सबा ने खुद भी वोटर लिस्ट में सबा मसूद और नाजिया मसूद के नाम से दो अलग-अलग वोट बनवा रखे थे. इन फर्जी दस्तावेजों के सहारे मां-बेटी ने पाकिस्तान सहित कई अन्य देशों की यात्राएं भी कीं, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है. जासूसी और स्लीपर सेल बनाने का आरोप दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि सबा के पिता हनीफ पाकिस्तान में आईएसआई एजेंट हैं. सबा और उसकी अधिवक्ता बेटी एनम पर आरोप है कि वे सैन्य इलाकों और दिल्ली स्थित विभिन्न मंत्रालयों में घूमकर गोपनीय सूचनाएं जुटाती थीं. शिकायतकर्ता ने उन पर आईएसआई के लिए जासूसी करने और भारत में स्लीपर सेल तैयार करने का भी गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस अब इन सभी इनपुट्स की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि साजिश की पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकें. पुलिस की कार्रवाई और आगामी जांच मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम ने पुष्टि की है कि दिल्ली गेट थाने में मामला पंजीकृत होने के बाद जांच की गई. जांच में महिला द्वारा बिना अनुमति यात्रा करने और फर्जी तरीके से वोटर आईडी बनवाने के आरोप सही पाए गए हैं. इसी आधार पर सबा फरहत को गिरफ्तार किया गया है और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा. पुलिस अब इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है ताकि उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके.