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एक पेड़ माँ के नाम-स्वच्छता अभियान-जनकल्याण शिविर-प्राकृतिक खेती कार्य-शालाएं और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में प्रदेश को अग्रणी बनाने का है लक्ष्य

जनकल्याण अभियान में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ देना करें सुनिश्चित : मुख्य सचिव जैन "एक पेड़ माँ के नाम"-स्वच्छता अभियान-जनकल्याण शिविर-प्राकृतिक खेती कार्य-शालाएं और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में प्रदेश को अग्रणी बनाने का है लक्ष्य मुख्यसचिव जैन ने कलेक्टर्स के साथ अभियान संबंधी तैयारियों की समीक्षा की भोपाल मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर्स से कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की प्राथमिकता के अनुरूप 5 जून से आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय जनकल्याण अभियान में पात्र हितग्राहियों को केंद्र और राज्य की विभिन्न योजनाओं का लाभ देना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा है कि इस दौरान विश्व पर्यावरण दिवस पर "एक पेड़ माँ के नाम" और स्वच्छता अभियान, जनकल्याण शिविर, प्राकृतिक खेती कार्य-शालाएं तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस गतिविधियों का उत्कृष्ट क्रियान्वयन हो जिससे देश में मध्यप्रदेश अग्रणी हो। मुख्य सचिव जैन बुधवार को मंत्रालय से संभाग के कमिश्नर, कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत को वीडियो कांफ्रेसिंग के साथ अभियान की तैयारियों की समीक्ष कर रहे थे। मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर्स से कहा है कि प्रदेश के लिए यह गौरान्वित करने वाली बात है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 25 दिन पूर्व खजुराहो से काउंट-डाउन शुरू हुआ है। ऐसे में हम सबका यह उत्तरदायित्व है कि शरीर को निरोगी रखने वाले योग से जन-जन को जोड़ें और नया रिकार्ड कायम करें। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स प्रयास करें कि योग का एक कार्यक्रम जिले की ऐतिहासिक धरोहर अथवा पर्यटन स्थल पर जरूर आयोजित हो। बैठक में बताया गया कि गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड के लिए योग की व्यक्तिगत श्रेणी की गतिविधि 14 जून को भी होगी जिससे लोग टोल-फ्री नंबर 18003157008 पर पंजीयन करवा सकते हैं। इस दिन यह आयोजन सुबह 6.15 से 7.35 बजे तक होगा। मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर्स से कहा कि प्रभारी मंत्री से समन्वय कर कलेक्टर्स विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून से 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक होने वाली सभी गतिविधियों के लिए प्लान तैयार करें। उन्होंने पिछले वर्ष 'एक पेड़ मां के नाम में मध्यप्रदेश की देश में टॉप रैंक होने पर बधाई देते हुए कहा कि इस वर्ष भी प्रदेश को अग्रणी रखने के लिए पूरी प्लानिंग से नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में पौध-रोपण किया जाए। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 जून को भोपाल से अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान पूरे प्रदेश में जल चेतना और पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। पौध-रोपण जियो टैगिंग और क्यू आर कोड के साथ किया जाएगा। इस गतिविधि के तहत स्वच्छता अभियान चलाकर ठोस और प्लास्टिक अपशिष्ट की सफाई के साथ जल स्त्रोतों की सफाई और गहरीकरण के कार्य भी किए जाएंगे। मुख्य सविच जैन ने 12 से 18 जून की अवधि में हर ब्लाक में 3 दिवसीय जनकल्याण शिविर लगाने पर सर्वाधिक फोकस करने के कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हितग्राही का योजनाओं के लिए चयन और प्रचलित योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने में पूरी गंभीरता बरतें। उन्होंने इस दौरान लोक सेवा गारंटी में प्राप्त शिकायतों के साथ ही समाधान एक दिन में प्राप्त आवेदनों का संतुष्टि पूर्ण समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रयास हो कि समय-सीमा में ही आवेदकों की जायज मांगो और शिकायतों का समाधान हो जाए। उन्होंने कहा है कि संबंधित विभाग संवदेनशील रहें और यह सुनिश्र्चित करें कि कोई भी वंचित पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं के लाभ से नहीं छूटे। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि 19 और 20 जून को हर जिले में अनिवार्य रूप से प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी और कार्यशालाएं दो-दो स्थानों पर आयोजित की जाएं। उन्होंने कृषि भूमि को अधिक उपजाऊ बनाए रखने के लिए सही अर्थों में फर्टिलाइजर के उपयोग को हतोत्साहित करने और प्राकृतिक खेती को अपनाने पर फोकस करने के लिए कहा है। संपूर्ण प्रदेश में अभियान के अंतिम दिन 21 जून को होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम को समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से देश में अग्रणी बनाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, संजय शुक्ला, श्रीमती दीपाली रस्तोगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

जैन समाज में आक्रोश, साध्वियों हादसे के खिलाफ निकाली मौन रैली

रीवा/भोपाल/इंदौर/विदिशा/मैहर मध्यप्रदेश के रीवा में सड़क दुर्घटना में दो आर्यिका माताओं के दर्दनाक निधन के बाद देशभर में जैन समाज में तीव्र आक्रोश फैल गया है। इस घटना को लेकर समाज ने इसे महज सड़क हादसा मानने से इनकार करते हुए सुनियोजित साजिश करार दिया है और उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना 20 मई को रीवा के कलेक्ट्रेट और सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पास की बताई जा रही है, जहां पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका श्रुतमती माताजी और आर्यिका उपशममती माताजी को तेज रफ्तार वाहन ने कुचल दिया। दोनों संतों की मौके पर ही मौत हो गई।जैन समाज का आरोप है कि उपलब्ध वीडियो फुटेज इस घटना को सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई हिंसक वारदात साबित करते हैं। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि आरोपी चालक ने पैदल विहार कर रही निहत्थी संतों को निशाना बनाते हुए टक्कर मारी और फरार हो गया। “अहिंसा पर हमला, अब नहीं सहेंगे” राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ और विभिन्न जैन संगठनों ने संयुक्त रूप से जारी आक्रोश पत्र में कहा है कि यह घटना केवल दो संतों की हत्या नहीं, बल्कि जैन धर्म के मूल सिद्धांत ‘अहिंसा’ पर सीधा हमला है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो देशव्यापी उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। विदिशा में साध्वियों के समाधिमरण पर समाज का मौन मार्च रीवा में विहार के दौरान सड़क दुर्घटना में 105 श्रुतमति माताजी और 105 उपसमति माताजी के समाधिमरण (निधन) को लेकर जैन समाज में भारी रोष है। इस घटना के विरोध में रविवार को विदिशा में सकल दिगंबर जैन समाज ने एक विशाल मौन मार्च निकाला। यह मौन मार्च माधवगंज चौराहे स्थित स्टेशन जैन मंदिर के बाहर से शुरू हुआ। इसमें बच्चे, युवा, बुजुर्ग, महिलाओं और पुरुषों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। समाज के लोग हाथों में न्याय, श्रद्धांजलि और संत सुरक्षा के स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नीमताल चौराहे तक पहुंचे। णमोकार मंत्र का जाप कर अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन नीमताल चौराहे पर समाजजनों ने सामूहिक रूप से णमोकार महामंत्र का जाप कर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद सकल दिगंबर जैन समाज, महिला मंडल और व्यापार महासंघ ने मौके पर मौजूद तहसीलदार को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन में सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की अपील की गई है। राष्ट्रीय स्तर पर 'संत सुरक्षा प्रोटोकॉल' लागू करने की मांग ज्ञापन के माध्यम से समाज ने केंद्र सरकार से "राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति" बनाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि पैदल विहार करने वाले साधु-संतों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा गाइडलाइन और एसओपी (SOP) तैयार की जानी चाहिए। इसके तहत विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस सहायता, ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक और विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्यप्रदेश सरकार को संबोधित करते हुए सौंपा गया है। जैन समाज ने इस मामले में कई सख्त मांगें रखी हैं प्रमुख मांगें     पूरे प्रकरण की SIT या न्यायिक आयोग से जांच।     CCTV और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित करने की व्यवस्था।     आरोपी और साजिशकर्ताओं पर हत्या (धारा 302) के तहत कार्रवाई।     देशभर में “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करना।     ‘राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति’ बनाना।     संतों के खिलाफ अपराधों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के दायरे में लाना।     संत भी सुरक्षित नहीं, तो व्यवस्था पर सवाल     ज्ञापन में कहा गया है कि जैन साधु-संत पूरी तरह निहत्थे और पैदल जीवन जीते हैं।     ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। बार-बार हो रही घटनाओं से समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।मौन रैली निकालते जैन समाज के लोग। उग्र आंदोलन की चेतावनी जैन समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरेंगे। ज्ञापन में ‘जेल भरो आंदोलन’, ‘चक्का जाम’ और ‘भारत बंद’ जैसे कदम उठाने की चेतावनी भी दी गई है।

यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और सतत विकास लक्ष्य के लिए मुख्य सचिव जैन का प्रस्तावित मॉडल

यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और सतत विकास लक्ष्य के लिए तैयार करे व्यावहारिक और भविष्योन्मुखी मॉडल : मुख्य सचिव जैन मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के रोडमैप के लिए दो दिवसीय संयुक्त परामर्श बैठक में किया जाएगा मंथन भोपाल  मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) एवं सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) के रोडमैप के निर्माण एवं कार्यान्वयन के लिए भोपाल में संयुक्त परामर्श बैठक आयोजित हुई। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा आयोजित 2 दिवसीय उच्च स्तरीय संयुक्त परामर्श बैठक के प्रथम दिवस में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अशोक बर्णवाल, छत्तीसगढ के स्वास्थ्य सचिव, केंद्र सरकार एवं दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ के मुख्य सचिव विकास शील वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि विभिन्न विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स के संयुक्त परामर्श से व्यावहारिक और भविष्योनुमुखी मॉडल तैयार किए जायेंगे। सतत विकास लक्ष्य एवं यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज सुनिश्चित करने के लिए समस्त घटकों पर आधारित 'रोडमैप' तैयार करने में सहायता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों से रोडमैप तैयार कर उनका चरणबद्ध क्रियान्वयन मध्यप्रदेश में सुनिश्चित किया जायेगा। परामर्श बैठक में राज्यों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने और एसडीजी लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु रणनीतिक रोडमैप पर विस्तृत चर्चा की गई। दोनों राज्यों ने स्वास्थ्य सेवाओं एवं सूचकांकों की अद्यतन स्थिति एवं विगत वर्षों की कार्ययोजना एवं हुए सुधार पर प्रस्तुत्तीकरण दिया। संयुक्त परामर्श बैठक में वर्ल्ड बैंक, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन, विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधि, डेवलपमेंट पार्टनर्स, अशोक यूनिवर्सिटी एवं अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।  

जिलों से विलेज एक्शन प्लान शीघ्र तैयार करने की अपेक्षा : मुख्य सचिव जैन

भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने कहा कि नवाचारी प्रयासों से समस्याओं के वैकल्पिक समाधान तलाशें और आदर्श प्रक्रियाएं अपनाएं। जनजातीय विकास की योजनाएं संवेदनशील प्रकृति की होती हैं, इसलिये समय-सीमा का ध्यान रखा जाये। मुख्य सचिव  जैन कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन जनजातीय विकास कार्यों, आदि कर्मयोगी अभियान, पीएम जनमन योजना, धरती आबा जनजाति उत्कर्ष अभियान, वन अधिकार अधिनियम संबंधी विषयों पर कलेक्टर-कमिश्नर से यह बात कही। प्रमुख सचिव जनजाति कार्य  गुलशन बामरा ने प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने कहा आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत सभी जिले शीघ्र ही प्रत्येक ग्राम का विलेज एक्शन प्लान तैयार कर ग्राम सभा से अनुमोदन करवाये। विलेज एक्शन प्लान के आधार पर डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान तैयार होगा और डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान के आधार पर स्टेट एक्शन प्लान तैयार होगा। इस प्रकार तैयार हुए प्लान का नई दिल्ली में प्रस्तुतिकरण होगा और सर्वश्रेष्ठ प्लान को पुरस्कृत किया जाएगा। कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि आदि कर्मयोगी अभियान में 14 हजार 40 लक्षित गांव के 10 हजार 893 विलेज एक्शन प्लान बन चुके हैं। इन गांवों में 11 हजार 394 आदि सेवा केंद्र स्थापित हो चुके हैं। आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान जन धन, जाति प्रमाण-पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, राशन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज जारी किए गए उनकी संख्या 17 लाख 70 हजार 745 है। प्रतुतिकरण में बताया गया कि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश में उत्कृष्ट कार्य हुआ है। आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज उपलब्ध कराने में 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान कार्ड जारी करने में शिवपुऱी, मैहर, रायसेन, कटनी और भिंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। लंबित जाति प्रमाण पत्र जारी करने में जबलपुर, रायसेन और सिवनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। सभी जिलों से अधोसंरचनात्मक कार्य जैसे हॉस्टल निर्माण, सड़क निर्माण, आंगनवाड़ी भवन निर्माण, बहुउद्देशीय सेंटर निर्माण जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिये गये।  बामरा ने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 15 नवंबर को राष्ट्रव्यापी जनजाति गौरव दिवस का आयोजन किया जाएगा। सभी जिलों से पीएम जनमन के अंतर्गत आने वाली योजनाओं में निर्धारित कार्यों को 15 नवंबर से पहले पूरा कर ले। अपर मुख्य सचिव‍वन  अशोक बर्णवाल ने जिला कलेक्टर्स से वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दिसंबर 2025 तक पूर्व के निरस्त दावों का पुनः परीक्षण कर निराकरण करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि सामाजिक सामुदायिक वन संधारण के संरक्षण एवं प्रबंधन के अधिकारों की मान्यता के लिए जिलेवार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप दिसंबर तक कार्रवाई पूरी करें और लंबित दावों का निराकरण करें। वन ग्रामों के राजस्व गांव में परिवर्तन करने के लिए अपनाई गई आदर्श प्रक्रिया के आधार पर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश जिलों को दिये, जिससे सभी वन अधिकार-पत्र धारकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। वर्तमान में 29 जिलों में कुल 792 वन ग्रामों के परिवर्तन की कार्यवाही प्रचलन में है। संरक्षण क्षेत्र में स्थित 66 वन ग्रामों में कार्रवाई शेष है। इन वन ग्रामों की बाहरी सीमाओं का निर्धारण एवं नक्शा तैयार किया जाना है और कब्जे तथा वयस्कता का निर्धारण कराकर वन अधिकार पत्र के लिए पात्रता निर्धारित की जाना है। वन अधिकार के दावों का निराकरण करने में भोपाल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर छतरपुर ने उच्च प्रदर्शन किया है। उत्कृष्ट कार्यों का हुआ प्रेजेन्टेशन आदि सेवा केन्द्रों की स्थापना में बड़वानी खरगोन, नरसिंहपुर, सीहोर और इंदौर जिलों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। सत्र में बैतूल जिले ने आदि कामयोगी अभियान शिवपुरी ने पीएम जनमन आवास, शहडोल ने पीएम जनमन आधार कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र एवं आयुष्मान कार्ड वितरण संबंधी कार्य एवं बालाघाट ने वन अधिकार दावों के निराकरण पर प्रस्तुतिकरण दिया।