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नल जल योजना को रफ्तार, स्पर्श पोर्टल पर डेटा अपलोड से फंड रिलीज की तैयारी

रांची   झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक नल से शुद्ध जल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना को गति देने के लिए राज्य सरकार ने अपनी कवायद को बेहद तेज कर दी है. केंद्र सरकार से जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत लंबित पड़ी भारी-भरकम राशि को हासिल करने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग युद्ध स्तर पर काम कर रहा है. इसी सिलसिले में केंद्र सरकार के ‘एसएनए स्पर्श पोर्टल’ (SNA Sparsh Portal) पर जल जीवन मिशन की उन तमाम चालू और पूरी हो चुकी योजनाओं का विस्तृत विवरण अपलोड किया जा रहा है, जिनमें झारखंड सरकार अपने कोटे की राशि (राज्यांश) पहले ही खर्च कर चुकी है. डेटा अपलोडिंग के साथ-साथ इन सभी योजनाओं के उपयोगिता और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी पोर्टल पर डाले जा रहे हैं, ताकि वित्तीय लेन-देन में कोई तकनीकी अड़चन न रहे. दिल्ली में MOU के बाद बनी सहमति इस पूरी कवायद की पृष्ठभूमि हाल ही में नई दिल्ली में तैयार हुई थी. बीते 2 जून को नई दिल्ली में ‘जल जीवन मिशन 2.0’ को लेकर केंद्र और झारखंड सरकार के बीच एक उच्चस्तरीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे. इस महत्वपूर्ण बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के सामने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए राज्य की लगभग 6,500 करोड़ रुपये की लंबित केंद्रीय सहायता राशि को जल्द से जल्द जारी करने का आग्रह किया था. इस पर केंद्रीय अधिकारियों ने भरोसा दिया था कि एनओसी और अन्य कागजी प्रक्रियाओं में केंद्र पूरा सहयोग करेगा, बशर्ते राज्य सरकार निर्धारित मानकों और अपनी 50 प्रतिशत राज्यांश की हिस्सेदारी का कड़ाई से पालन करे. एमओयू की है कड़ी शर्त जल शक्ति मंत्रालय के नियमों और एमओयू की शर्तों के अनुसार, केंद्र सरकार से फंड की अगली किस्त पाने के लिए झारखंड को पहले अपने हिस्से की मैचिंग ग्रांट (राज्यांश) को धरातल पर खर्च करके दिखाना होगा. दिल्ली में हुए एमओयू के करीब एक महीना बीतने को है, लेकिन अब तक एसएनए स्पर्श पोर्टल पर झारखंड का पूरा तकनीकी डेटा और एनओसी समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण केंद्र की ओर से राशि जारी नहीं हो पाई है. इस देरी को गंभीरता से लेते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के आलाधिकारियों ने पूरी कागजी और तकनीकी प्रक्रिया को फास्ट-ट्रैक मोड पर डाल दिया है ताकि केंद्र से मिलने वाला फंड बिना किसी देरी के सीधे राज्य के खाते में आ सके. जेजेएम 2.0 में मिला 2,500 करोड़ का विशेष बोनस झारखंड सरकार इस मेगा मिशन के तहत दिसंबर 2028 तक राज्य के शत-प्रतिशत ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाने के बड़े और ऐतिहासिक लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है. भौगोलिक रूप से कठिन माने जाने वाले झारखंड के पठारी इलाकों में इस लक्ष्य को समय पर हासिल करने के लिए ‘जेजेएम 2.0’ के तहत केंद्र सरकार ने झारखंड को 2,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त विशेष आवंटन (बोनस फंड) भी मंजूर किया है. विभाग का प्रयास यह है कि इस महीने के अंत तक सभी तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं, ताकि जैसे ही फंड रिलीज हो, वैसे ही ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के निर्माण कार्य की गति को दोगुना किया जा सके. विभागीय मंत्री का आधिकारिक बयान मामले की जानकारी देते हुए झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि जेजेएम 2.0 को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच एमओयू की सभी आधिकारिक प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं. हमारी सरकार केंद्रांश की बड़ी राशि को समय पर प्राप्त करने के लिए अनिवार्य तकनीकी और कागजी प्रक्रियाएं पूरी करने में जुटी है. विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे दिन-रात काम करके स्पर्श पोर्टल पर डेटा फीडिंग पूरी करें, ताकि ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को बिना किसी बजटीय रुकावट के तेजी से पूरा किया जा सके.0 करोड़ के विकास कार्य, असुरक्षित भवनों पर तत्काल रोक लगाने का आदेश

जलापूर्ति व्यवस्था जांचने गांव-गांव जाएंगे जलशक्ति मंत्री, ग्रामीणों से लेंगे सीधा फीडबैक

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार जल जीवन मिशन को केवल योजनाओं तक सीमित न रखकर उसकी जमीनी गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में भी लगातार सक्रिय है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए अब जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह स्वयं गांवों में जाकर नल से जलापूर्ति व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करेंगे। 15 से 25 जुलाई के बीच प्रस्तावित इस विशेष अभियान के तहत जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एक दर्जन से अधिक जिलों के गांवों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे न केवल पेयजल आपूर्ति और पानी की गुणवत्ता की जांच करेंगे, बल्कि ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी जानेंगे। इस अभियान में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ रहेंगे। जलशक्ति मंत्री और विभागीय अधिकारी गांवों में रात्रि विश्राम भी करेंगे। इस दौरान ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया जाएगा और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष आकलन होगा। निरीक्षण के दौरान गांवों में 'जल अर्पण' कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें ग्रामीणों को जलापूर्ति व्यवस्था के संरक्षण और संचालन में सहभागी बनाया जाएगा। जिलों के दौरे के साथ ग्रामीणों से लिया जाएगा फीडबैक 15 और 16 जुलाई को जलशक्ति मंत्री ललितपुर, झांसी और जालौन के गांवों का औचक निरीक्षण करेंगे। इसके बाद 18 और 19 जुलाई को सुल्तानपुर, जौनपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर जलापूर्ति व्यवस्था का जायजा लेंगे। इन सभी स्थानों पर वे ग्रामीणों से सीधा फीडबैक लेकर योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन करेंगे। यमुना की सफाई के लिए संतों और ग्रामीणों से संवाद 24 जुलाई को जलशक्ति मंत्री मथुरा में संतों के साथ विशेष संवाद करेंगे। इस बैठक में यमुना नदी की स्वच्छता और संरक्षण को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। साथ ही यमुना तटवर्ती ग्रामीणों को भी इस अभियान से जोड़कर नदी सफाई के प्रति जागरूक किया जाएगा। जलापूर्ति में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन मुख्यालय में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी जिले से जलापूर्ति संबंधी शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित चीफ इंजीनियर और अधीक्षण अभियंता के विरुद्ध जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी चीफ इंजीनियरों को प्रत्येक परियोजना की व्यक्तिगत समीक्षा करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी चीफ इंजीनियर अपने स्तर पर भी गांवों में जल अर्पण कार्यक्रम का आयोजन करें। इन आयोजनों में ग्रामवासियों को जलापूर्ति की व्यवस्था सौंपने के साथ-साथ ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति भी सचेत किया जाए।

पांच महीनों से निरंतर मिल रहा नल जल, दुगनपाल में जल व्यवस्था का किया गया निरीक्षण

रायपुर उप मुख्यमंत्री  अरुण साव द्वारा बस्तर संभाग में निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं के गहन निरीक्षण का दौर आज दूसरे दिन भी जारी रहा। कांकेर और कोंडागांव में 5 जून को निरीक्षण और बैठक के बाद आज उन्होंने बस्तर जिले में जगदलपुर नगर निगम के विभिन्न कार्यों, लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज तथा जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लिया। उप मुख्यमंत्री  साव ने जगदलपुर में इंद्रावती नदी पर बन रहे खड़कघाट पुल के कार्यों का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर 48 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से इस उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है।  साव ने पुल निर्माण की निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी इसके अधूरे निर्माण पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  साव ने जगदलपुर में अग्रसेन चौक से पल्ली नाका तक बन रहे 5 किमी फोरलेन सड़क के कार्यों को भी देखा। चित्रकोट रोड पर 27 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है।  साव ने बरसात के मौसम को देखते हुए सड़क के ड्रेनेज का काम अभी तक पूरा नहीं होने पर विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने बारिश के पहले इसे प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में केशलूर-जगदलपुर रोड पर किरंदुल-विशाखापत्तनम रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे फोरलेन रेलवे ओवर ब्रिज का भी निरीक्षण किया। 69 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने यहां भी काम में लेट-लतीफी पर ठेकेदार और अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने तेजी से काम पूरा करने को कहा। दुगनपाल में कमलीन, पाली और देवमती के घर जाकर देखी पानी की धार  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने तोकापाल विकासखण्ड के ग्राम दुगनपाल जाकर जल जीवन मिशन के कार्यों को देखा। उन्होंने गांव की महिलाओं कमलीन, पाली और देवमती के घर जाकर जल जीवन मिशन से आ रहे पानी की धार देखी। वे वहां जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों से पानी बचाने, वर्षा जल के संचय और वृक्षारोपण की अपील की। दुगनपाल में जल जीवन मिशन के तहत रेट्रोफिटिंग कर हर घर नल से जल की आपूर्ति की जा रही है। यहां के सभी 131 घरों में घरेलू नल कनेक्शन दिए गए हैं। ग्रामीणों को रोज तीन घंटे भरपूर पेयजल मिल रहा है।

जल जीवन मिशन 2.0 में पेयजल योजनाओं को पूर्ण करने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बनाया रोडमैप

रायपुर  उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  अरुण साव ने आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों तथा मैदानी अधिकारियों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों, नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं एवं प्रदेश में ग्रीष्म काल में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। राज्य के सभी जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव तथा जल जीवन मिशन के संचालक  मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता  के.के. मरकाम भी बैठक में मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने आगामी दो वर्षों के रोडमैप पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को मिशन के शेष कार्यों को गंभीरता, सक्रियता और तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर काम की गति और पूर्णता से ही केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कार्यों के लिए राशि जारी की जाएगी। जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को और ज्यादा फोकस एवं बारीकी से करना है। उन्होंने कहा की वर्तमान समय में पेयजल आपूर्ति अधिकांशतः शासकीय व्यवस्था पर ही आश्रित है। जल आपूर्ति की अपर्याप्त व्यवस्था या इसमें किसी तरह की बाधा आने पर लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके लिए विभाग को दूरदृष्टि एवं पूर्वानुमान के साथ काम करने की जरूरत है। उप मुख्यमंत्री  साव ने बैठक में हर गांव की पेयजल व्यवस्था की समय-समय पर जांच करने और किसी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने जहां-जहां जल जीवन मिशन के काम पूरे हो गए हैं, वहां हर घर जल का सत्यापन कराकर योजनाओं के संचालन-संधारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपने को कहा। उन्होंने विभाग के सभी मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को कलेक्टरों से चर्चा कर प्रत्येक योजना की प्रगति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यपालन अभियंताओं के कार्यों में सक्रिय सहयोग कर योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करने को कहा।  उप मुख्यमंत्री ने ग्रीष्म काल में प्रदेश की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत करने और जलस्तर के नीचे चले जाने के कारण सूख चुके हैंडपंपों में राइजर पाइप बढ़ाकर जलापूर्ति दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने जरूरत पड़ने पर तत्परता से नया ट्यूबवेल भी खोदने को कहा।  साव ने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए जलजनित रोगों से बचाव के लिए भी पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए गंदे पानी की आपूर्ति रोकने, नालियों से गुजरने वाले पाइपलाइनों को बदलने तथा जल की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण करने को कहा। उप मुख्यमंत्री  साव ने विभागीय अधिकारियों से लोगों को बारिश के पानी को संचित करने, वृक्षारोपण, जलस्रोतों के संरक्षण-संवर्धन और रेन-वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रेरित करने को कहा। भविष्य में जल की पर्याप्त उपलब्धता के लिए ये बहुत जरूरी है। उन्होंने बैठक में नक्सल प्रभावित रहे जिलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों को गति देते हुए पहुंचविहीन एवं दूरस्थ वनांचलों में भी स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के विभिन्न प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मिशन संचालक  ओंकेश चंद्रवंशी और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता  एस.एल. पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। वर्ष 2026-27 में 13,183 और 2027-28 में 7352 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में जल जीवन मिशन के तहत प्रगतिरत 13 हजार 183 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं 2027-28 में 7352 योजनाओं को पूर्ण किया जाएगा। इस दौरान क्रमशः 22 और 48 समूह जल प्रदाय …

ग्राम सोनझरी में ‘हर घर जल ग्राम” के रूप में मिली नई पहचान’

कबीरधाम/रायपुर. कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनझरी में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों की जिंदगी बदल दी है। वर्षों से पानी की समस्या से जूझ रहे इस गांव में अब हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। घर-घर नल कनेक्शन मिलने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है और गांव को “हर घर जल ग्राम” के रूप में नई पहचान मिली है। पहले ग्राम सोनझरी में खासकर गर्मी के दिनों में, गांव के लोगों को पानी के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों को पानी लाने के लिए तपती धूप में दूर-दूर तक जाना पड़ता था और घंटों इंतजार के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। पानी के इस इंतजाम में उनका काफी समय और मेहनत बर्बाद हो जाती थी, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी और बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ता था। इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत गांव में तेजी से काम किया गया। इसके अंतर्गत सोनझरी गांव में पाइपलाइन का विस्तार किया गया, जल स्रोतों को सुधारा गया और एक ऊंची पानी की टंकी का निर्माण किया गया। इसके बाद गांव के सभी घरों में घरेलू नल कनेक्शन देकर नियमित रूप से पानी की सप्लाई शुरू की गई। गांव की एक बुजुर्ग निवासी पंचकुंवर बाई ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहले इस उम्र में दूर से पानी लाना उनके लिए सबसे मुश्किल काम था, और सुबह होते ही पानी की चिंता सताने लगती थी। लेकिन अब घर के पास ही साफ पानी मिलने से उनका जीवन बेहद आसान हो गया है। उन्होंने इसके लिए शासन और प्रशासन का आभार जताया है। सोनझरी गांव में आई इस बड़ी तब्दीली के बाद अब चौतरफा सकारात्मक बदलाव दिख रहे हैं। महिलाओं का कीमती समय बच रहा है, बच्चों की पढ़ाई अब बाधित नहीं होती और साफ पानी मिलने से जलजनित बीमारियों में भी भारी कमी आई है। इस सफलता को आधिकारिक रूप देने के लिए बीते 13 मई 2026 को सोनझरी में एक ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। इस बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में ष्हर घर जलष् प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को पूरा किया गया और सोनझरी को आधिकारिक रूप से “हर घर जल ग्राम” घोषित कर दिया गया। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन केवल पानी पहुंचाने की योजना नहीं है, बल्कि इसने ग्रामीण जीवन में सुविधा, बेहतर स्वास्थ्य और सम्मान का नया सवेरा लाया है।

एसीबी ने थाईलैंड से लौटते ही संजय बड़ाया को पकड़ा, जयपुर लाकर होगी पूछताछ

जयपुर जल जीवन मिशन घोटाले में एसीबी को आरोपी दलाल संजय बड़ाया को हिरासत में ले लिया गया है. एसीबी ने दिल्ली एयरपोर्ट से बड़ाया को पकड़ा और उसे जयपुर लाया जा रहा है. उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया था. जानकारी के मुताबिक, वह थाईलैंड में किसी शादी समारोह में गया हुआ था, वहां से लौट रहा था. एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद ब्यूरो इमीग्रेशन ने एसीबी की टीम को सूचना दी. रात करीब 2 बजे उसे हिरासत में लिया गया. घोटाले में दलाल की भूमिका में था संजय संजय बड़ाया की भूमिका को लेकर भी खुलासा हो चुका है. एसीबी के मुताबिक, उसकी भूमिका दलाल की मानी जा रही है. जयपुर लाने के बाद पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है. इस कार्रवाई को डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अंजाम दिया गया. कार्रवाई में एएसपी महावीर प्रसाद शर्मा, एएसपी भूपेंद्र सिंह और एएसपी हिमांशु कुलदीप शामिल रहे. बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई डीजी गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश पर की गई. इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बना करोड़पति संजय बड़ाया जयपुर के बनीपार्क का रहने वाला है. उसे ईडी ने 16 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया था. सुप्रीम कोर्ट से 17 दिसंबर 2024 को उसे जमानत मिली थी. साल 022 तक मैसर्स मेरूलैंड्स इंश्योरेंस कंपनी में जॉब करता था. सालाना 7 लाख रुपए कमाने वाला बड़ाया कुछ ही महीनों में करोड़पति बन गया. जमीन हड़पने का भी है आरोप ईडी की जांच में सामने आया कि उसने मैसर्स चमत्कारेश्वर बिल्डर्स एंड डेवलपर नाम से नई कंपनी बनाई. इसमें अपनी पत्नी नैना बड़ाया को भी पार्टनर बनाया. इस कंपनी के नाम से उसने जयपुर में करोड़ों का कारोबार किया. फर्जी दस्तावेजों से जेडीए पट्टे की जमीनें हड़पने के भी प्रयास किए.

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जल जीवन मिशन, ग्रामीण जीवन बदलने में समूह योजनाओं की भूमिका

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जल जीवन मिशन को गति, ग्रामीण जीवन में परिवर्तन का आधार बन रहीं समूह योजनाएं श्योपुर में सुदृढ़ जल अधोसंरचना का विस्तार, हर घर तक नल जल पहुंचाने की दिशा में हो रहे तेज प्रयास : मंत्री श्रीमती उइके भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण पेयजल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके के मार्गदर्शन में श्योपुर जिले में समूह जल प्रदाय योजनाएं तेजी से आकार ले रही हैं, जो दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन योजनाओं के माध्यम से हर घर तक नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे ग्रामीण जीवन स्तर में व्यापक सुधार हो रहा है। श्योपुर चंबल समूह जल प्रदाय योजना, बड़े स्तर पर जल आपूर्ति की सुदृढ़ व्यवस्था म.प्र. जल निगम मर्यादित द्वारा क्रियान्वित श्योपुर चंबल समूह जल प्रदाय योजना जिले की प्रमुख पेयजल परियोजनाओं में शामिल है। 782.11 करोड़ रु. की लागत से विकसित यह योजना 377 गांवों को कवर करते हुए 8 लाख से अधिक आबादी को लाभान्वित करने की दिशा में कार्य कर रही है। योजना के अंतर्गत 26 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे घर-घर जल उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित हो रही है। योजना में ग्राम बरोठा, जिला मुरैना में 90.51 एमएलडी क्षमता का इंटेक वेल तथा ग्राम श्यारदा, विकासखण्ड विजयपुर में 71.44 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र विकसित किया जा रहा है। साथ ही 86 उच्चस्तरीय टंकियों के निर्माण का कार्य निर्धारित है, जिनमें से कई पर कार्य प्रगति पर है। जल आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए विस्तृत पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इसमें रॉ वाटर पंपिंग मेन, क्लीयर वाटर पंपिंग मेन तथा ग्रेविटी मेन के माध्यम से सैकड़ों किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसके अतिरिक्त एचडीपीई पाइप आधारित जल वितरण नेटवर्क गांवों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे प्रत्येक घर तक जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। वर्तमान में योजना के विभिन्न घटकों पर कार्य प्रगति पर है और चरणबद्ध तरीके से अधोसंरचना विकसित की जा रही है। मूँझरी समूह जल प्रदाय योजना, ग्रामीण अंचलों के लिए प्रभावी समाधान श्योपुर जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत मूँझरी समूह जल प्रदाय योजना भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 171.24 करोड़ रु. की लागत से विकसित यह योजना 120 गांवों को कवर करते हुए लगभग 1.70 लाख आबादी को लाभान्वित करने के उद्देश्य से क्रियान्वित की जा रही है। योजना में लगभग 10 हजार घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों को सीधे घर पर जल उपलब्ध हो सकेगा। योजना का जल स्रोत मूँझरी बांध है, जो क्षेत्र में स्थायी जल आपूर्ति का आधार बन रहा है। योजना के विभिन्न घटकों पर कार्य प्रगति पर है और अधोसंरचना निर्माण के साथ जल वितरण प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में योजना की भौतिक प्रगति 31.66 प्रतिशत तथा वित्तीय प्रगति 25.42 प्रतिशत है, जो इसके सुव्यवस्थित क्रियान्वयन को दर्शाती है। ग्रामीण जीवन में बदलाव का आधार बन रहीं योजनाएं श्योपुर जिले में इन समूह जल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन केवल पेयजल उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण जीवन में व्यापक बदलाव का आधार बन रहा है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से स्वास्थ्य स्तर में सुधार हो रहा है, महिलाओं और बच्चों को जल संग्रहण के श्रम से राहत मिल रही है और गांवों में समग्र विकास को गति मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक परिवार तक नल से जल पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री श्रीमती उइके के मार्गदर्शन में विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में श्योपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति की मजबूत और स्थायी व्यवस्था स्थापित हो सके।  

सीएम योगी ने जिलाधिकारियों समेत संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जल जीवन मिशन के तहत खुदाई का काम करते समय सुरक्षा के सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाए और कार्य संपन्न होते ही खोदी गई सड़कों व गड्ढों को तत्काल भरा जाए। जिलाधिकारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी खुद स्थलीय निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योगी सरकार शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में साफ पानी पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। जल जीवन मिशन के जरिए करोड़ों लोगों को इसका लाभ पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताबिक प्रदेश के सभी जिलों में जिलाधिकारी, जल जीवन मिशन से जुड़े वरिष्ठ अधिकरी तथा अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी स्थलीय निरीक्षण कर खुदी हुई सड़कों व गड्ढों की स्थिति का पता करें। साथ ही इन्हें तत्काल भरना भी सुनिश्चित करें। इस काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। काम को समय से पूरा नहीं करने, अधूरा छोड़ने या इसमें लापरवाही बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओं व ठेकेदारों पर जुर्माना लगाने के साथ ही उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए। सीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जल समाधान पोर्टल पर आपूर्ति, लीकेज व खुदाई से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। टोल फ्री नंबर पर कीजिए शिकायत जल जीवन मिशन के तहत जलापूर्ति या मरम्मत संबंधित शिकायतों के लिए लोग 18001212164 टोल फ्री नंबर पर शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में करीब 2.50 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को नल से जल कनेक्शन पहुंचाया जा चुका है। विंध्य और बुंदेलखंड में लगभग शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। योगी सरकार घर-घर साफ पानी पहुंचाने का काम युद्धस्तर पर कर रही है।

रायपुर: जल जीवन मिशन के तहत बुलगा में बदलाव, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा स्वच्छ पेयजल

रायपुर : जल जीवन मिशन से संवरी बुलगा की तस्वीर, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा शुद्ध पेयजल समय की हो रही बचत, घर-घर पहुंच रहा शुद्ध पेयजल रायपुर जल जीवन मिशन ने छत्तीसगढ़ के बुलगा (Bulga) जैसे गांवों में घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाकर जीवन स्तर को बदल दिया है। बुलगा गाँव में अब हर घर में नल का कनेक्शन है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को दूर से पानी लाने की मेहनत से मुक्ति मिली है।           ग्रामीण अंचलों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संचालित ’जल जीवन मिशन’ अब ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली का नया आधार बन रहा है। कभी पानी के लिए लंबी दूरी तय करने वाली महिलाओं के आंगन में आज नल से जल की धार बह रही है। इसी बदलाव की एक बानगी सरगुजा जिले के लूण्ड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बुलगा में देखने को मिली है। मीलों का सफर थमा, आंगन में आई खुशहाली           बुलगा निवासी श्रीमती जीवंती बाई ने बताया कि एक समय था जब पीने के साफ पानी का इंतजाम करना दिन का सबसे कठिन कार्य था। पानी के लिए उन्हें घर से काफी दूर जाना पड़ता था, जिससे समय की बर्बादी और शारीरिक थकान होती थी। “पहले पानी लाने के लिए बहुत लंबा लाइन लगाना  पड़ता था, लेकिन अब हमारे घर में नल का कनेक्शन लग गया है। अब सुबह और शाम दोनों वक्त नियमित रूप से शुद्ध पानी घर पर ही मिल जाता है। समय की बचत से खेती- किसानी को मिल रहा बढ़ावा नल कनेक्शन लग जाने से जीवंती बाई के परिवार के समय की बड़ी बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि पानी लाने में जो वक्त खराब होता था, अब उस समय का उपयोग वे खेती-किसानी और अन्य घरेलू कार्यों में कर रही हैं। इससे न केवल उनकी जीवनशैली सुधरी है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों के लिए भी अतिरिक्त समय मिल रहा है। शासन की योजना के लिए जताया आभार           गांव के हर घर में पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचने पर जीवंती बाई ने हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से ग्रामीण महिलाओं का जीवन अब पहले से कहीं अधिक सुगम और सम्मानजनक हो गया है।              जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समन्वित प्रयासों से लुण्ड्रा के दूरस्थ अंचलों में जल जीवन मिशन के लक्ष्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं, ताकि हर ग्रामीण परिवार को ’शुद्ध जल-स्वच्छ पेयजल’ प्राप्त हो सके।

वर्ष 2024-25: जल जीवन मिशन के लिए राज्य सरकार ने जारी किए 3000 करोड़ रुपये अग्रिम

वर्ष 2024-25 में जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए राज्य सरकार दे चुकी है 3000 करोड़ का अग्रिम राज्यांश रायपुर जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में ही राज्यांश की 3000 करोड़ रुपए की पूरी राशि अग्रिम के रूप में दे दी गई थी, जिसे उस वित्तीय वर्ष के दौरान मिशन के कार्यों के लिए व्यय किया गया था। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, नई दिल्ली द्वारा 536 करोड़ 53 लाख रुपए प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के रूप में जारी किए गए हैं।   ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया है, जिसके तहत अब मिशन 2.0 के तहत काम जारी है l राज्य के ग्रामीण परिवारों को 'हर घर नल से जल' योजना के तहत पाइप के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने कार्य किए जा रहे हैं l