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जल जीवन मिशन 2.0 में पेयजल योजनाओं को पूर्ण करने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बनाया रोडमैप

रायपुर  उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  अरुण साव ने आज लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों तथा मैदानी अधिकारियों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों, नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं एवं प्रदेश में ग्रीष्म काल में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। राज्य के सभी जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में शामिल हुए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव तथा जल जीवन मिशन के संचालक  मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता  के.के. मरकाम भी बैठक में मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने आगामी दो वर्षों के रोडमैप पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को मिशन के शेष कार्यों को गंभीरता, सक्रियता और तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर काम की गति और पूर्णता से ही केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कार्यों के लिए राशि जारी की जाएगी। जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को और ज्यादा फोकस एवं बारीकी से करना है। उन्होंने कहा की वर्तमान समय में पेयजल आपूर्ति अधिकांशतः शासकीय व्यवस्था पर ही आश्रित है। जल आपूर्ति की अपर्याप्त व्यवस्था या इसमें किसी तरह की बाधा आने पर लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके लिए विभाग को दूरदृष्टि एवं पूर्वानुमान के साथ काम करने की जरूरत है। उप मुख्यमंत्री  साव ने बैठक में हर गांव की पेयजल व्यवस्था की समय-समय पर जांच करने और किसी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने जहां-जहां जल जीवन मिशन के काम पूरे हो गए हैं, वहां हर घर जल का सत्यापन कराकर योजनाओं के संचालन-संधारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपने को कहा। उन्होंने विभाग के सभी मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को कलेक्टरों से चर्चा कर प्रत्येक योजना की प्रगति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यपालन अभियंताओं के कार्यों में सक्रिय सहयोग कर योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करने को कहा।  उप मुख्यमंत्री ने ग्रीष्म काल में प्रदेश की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत करने और जलस्तर के नीचे चले जाने के कारण सूख चुके हैंडपंपों में राइजर पाइप बढ़ाकर जलापूर्ति दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने जरूरत पड़ने पर तत्परता से नया ट्यूबवेल भी खोदने को कहा।  साव ने आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए जलजनित रोगों से बचाव के लिए भी पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए गंदे पानी की आपूर्ति रोकने, नालियों से गुजरने वाले पाइपलाइनों को बदलने तथा जल की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण करने को कहा। उप मुख्यमंत्री  साव ने विभागीय अधिकारियों से लोगों को बारिश के पानी को संचित करने, वृक्षारोपण, जलस्रोतों के संरक्षण-संवर्धन और रेन-वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रेरित करने को कहा। भविष्य में जल की पर्याप्त उपलब्धता के लिए ये बहुत जरूरी है। उन्होंने बैठक में नक्सल प्रभावित रहे जिलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों को गति देते हुए पहुंचविहीन एवं दूरस्थ वनांचलों में भी स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के विभिन्न प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मिशन संचालक  ओंकेश चंद्रवंशी और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता  एस.एल. पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। वर्ष 2026-27 में 13,183 और 2027-28 में 7352 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में जल जीवन मिशन के तहत प्रगतिरत 13 हजार 183 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं 2027-28 में 7352 योजनाओं को पूर्ण किया जाएगा। इस दौरान क्रमशः 22 और 48 समूह जल प्रदाय …

ग्राम सोनझरी में ‘हर घर जल ग्राम” के रूप में मिली नई पहचान’

कबीरधाम/रायपुर. कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनझरी में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों की जिंदगी बदल दी है। वर्षों से पानी की समस्या से जूझ रहे इस गांव में अब हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। घर-घर नल कनेक्शन मिलने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है और गांव को “हर घर जल ग्राम” के रूप में नई पहचान मिली है। पहले ग्राम सोनझरी में खासकर गर्मी के दिनों में, गांव के लोगों को पानी के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों को पानी लाने के लिए तपती धूप में दूर-दूर तक जाना पड़ता था और घंटों इंतजार के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। पानी के इस इंतजाम में उनका काफी समय और मेहनत बर्बाद हो जाती थी, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी और बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ता था। इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत गांव में तेजी से काम किया गया। इसके अंतर्गत सोनझरी गांव में पाइपलाइन का विस्तार किया गया, जल स्रोतों को सुधारा गया और एक ऊंची पानी की टंकी का निर्माण किया गया। इसके बाद गांव के सभी घरों में घरेलू नल कनेक्शन देकर नियमित रूप से पानी की सप्लाई शुरू की गई। गांव की एक बुजुर्ग निवासी पंचकुंवर बाई ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहले इस उम्र में दूर से पानी लाना उनके लिए सबसे मुश्किल काम था, और सुबह होते ही पानी की चिंता सताने लगती थी। लेकिन अब घर के पास ही साफ पानी मिलने से उनका जीवन बेहद आसान हो गया है। उन्होंने इसके लिए शासन और प्रशासन का आभार जताया है। सोनझरी गांव में आई इस बड़ी तब्दीली के बाद अब चौतरफा सकारात्मक बदलाव दिख रहे हैं। महिलाओं का कीमती समय बच रहा है, बच्चों की पढ़ाई अब बाधित नहीं होती और साफ पानी मिलने से जलजनित बीमारियों में भी भारी कमी आई है। इस सफलता को आधिकारिक रूप देने के लिए बीते 13 मई 2026 को सोनझरी में एक ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। इस बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में ष्हर घर जलष् प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को पूरा किया गया और सोनझरी को आधिकारिक रूप से “हर घर जल ग्राम” घोषित कर दिया गया। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन केवल पानी पहुंचाने की योजना नहीं है, बल्कि इसने ग्रामीण जीवन में सुविधा, बेहतर स्वास्थ्य और सम्मान का नया सवेरा लाया है।

एसीबी ने थाईलैंड से लौटते ही संजय बड़ाया को पकड़ा, जयपुर लाकर होगी पूछताछ

जयपुर जल जीवन मिशन घोटाले में एसीबी को आरोपी दलाल संजय बड़ाया को हिरासत में ले लिया गया है. एसीबी ने दिल्ली एयरपोर्ट से बड़ाया को पकड़ा और उसे जयपुर लाया जा रहा है. उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया था. जानकारी के मुताबिक, वह थाईलैंड में किसी शादी समारोह में गया हुआ था, वहां से लौट रहा था. एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद ब्यूरो इमीग्रेशन ने एसीबी की टीम को सूचना दी. रात करीब 2 बजे उसे हिरासत में लिया गया. घोटाले में दलाल की भूमिका में था संजय संजय बड़ाया की भूमिका को लेकर भी खुलासा हो चुका है. एसीबी के मुताबिक, उसकी भूमिका दलाल की मानी जा रही है. जयपुर लाने के बाद पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है. इस कार्रवाई को डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अंजाम दिया गया. कार्रवाई में एएसपी महावीर प्रसाद शर्मा, एएसपी भूपेंद्र सिंह और एएसपी हिमांशु कुलदीप शामिल रहे. बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई डीजी गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश पर की गई. इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बना करोड़पति संजय बड़ाया जयपुर के बनीपार्क का रहने वाला है. उसे ईडी ने 16 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया था. सुप्रीम कोर्ट से 17 दिसंबर 2024 को उसे जमानत मिली थी. साल 022 तक मैसर्स मेरूलैंड्स इंश्योरेंस कंपनी में जॉब करता था. सालाना 7 लाख रुपए कमाने वाला बड़ाया कुछ ही महीनों में करोड़पति बन गया. जमीन हड़पने का भी है आरोप ईडी की जांच में सामने आया कि उसने मैसर्स चमत्कारेश्वर बिल्डर्स एंड डेवलपर नाम से नई कंपनी बनाई. इसमें अपनी पत्नी नैना बड़ाया को भी पार्टनर बनाया. इस कंपनी के नाम से उसने जयपुर में करोड़ों का कारोबार किया. फर्जी दस्तावेजों से जेडीए पट्टे की जमीनें हड़पने के भी प्रयास किए.

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जल जीवन मिशन, ग्रामीण जीवन बदलने में समूह योजनाओं की भूमिका

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जल जीवन मिशन को गति, ग्रामीण जीवन में परिवर्तन का आधार बन रहीं समूह योजनाएं श्योपुर में सुदृढ़ जल अधोसंरचना का विस्तार, हर घर तक नल जल पहुंचाने की दिशा में हो रहे तेज प्रयास : मंत्री श्रीमती उइके भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण पेयजल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके के मार्गदर्शन में श्योपुर जिले में समूह जल प्रदाय योजनाएं तेजी से आकार ले रही हैं, जो दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन योजनाओं के माध्यम से हर घर तक नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे ग्रामीण जीवन स्तर में व्यापक सुधार हो रहा है। श्योपुर चंबल समूह जल प्रदाय योजना, बड़े स्तर पर जल आपूर्ति की सुदृढ़ व्यवस्था म.प्र. जल निगम मर्यादित द्वारा क्रियान्वित श्योपुर चंबल समूह जल प्रदाय योजना जिले की प्रमुख पेयजल परियोजनाओं में शामिल है। 782.11 करोड़ रु. की लागत से विकसित यह योजना 377 गांवों को कवर करते हुए 8 लाख से अधिक आबादी को लाभान्वित करने की दिशा में कार्य कर रही है। योजना के अंतर्गत 26 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे घर-घर जल उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित हो रही है। योजना में ग्राम बरोठा, जिला मुरैना में 90.51 एमएलडी क्षमता का इंटेक वेल तथा ग्राम श्यारदा, विकासखण्ड विजयपुर में 71.44 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र विकसित किया जा रहा है। साथ ही 86 उच्चस्तरीय टंकियों के निर्माण का कार्य निर्धारित है, जिनमें से कई पर कार्य प्रगति पर है। जल आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए विस्तृत पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इसमें रॉ वाटर पंपिंग मेन, क्लीयर वाटर पंपिंग मेन तथा ग्रेविटी मेन के माध्यम से सैकड़ों किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसके अतिरिक्त एचडीपीई पाइप आधारित जल वितरण नेटवर्क गांवों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे प्रत्येक घर तक जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। वर्तमान में योजना के विभिन्न घटकों पर कार्य प्रगति पर है और चरणबद्ध तरीके से अधोसंरचना विकसित की जा रही है। मूँझरी समूह जल प्रदाय योजना, ग्रामीण अंचलों के लिए प्रभावी समाधान श्योपुर जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत मूँझरी समूह जल प्रदाय योजना भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 171.24 करोड़ रु. की लागत से विकसित यह योजना 120 गांवों को कवर करते हुए लगभग 1.70 लाख आबादी को लाभान्वित करने के उद्देश्य से क्रियान्वित की जा रही है। योजना में लगभग 10 हजार घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों को सीधे घर पर जल उपलब्ध हो सकेगा। योजना का जल स्रोत मूँझरी बांध है, जो क्षेत्र में स्थायी जल आपूर्ति का आधार बन रहा है। योजना के विभिन्न घटकों पर कार्य प्रगति पर है और अधोसंरचना निर्माण के साथ जल वितरण प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में योजना की भौतिक प्रगति 31.66 प्रतिशत तथा वित्तीय प्रगति 25.42 प्रतिशत है, जो इसके सुव्यवस्थित क्रियान्वयन को दर्शाती है। ग्रामीण जीवन में बदलाव का आधार बन रहीं योजनाएं श्योपुर जिले में इन समूह जल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन केवल पेयजल उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण जीवन में व्यापक बदलाव का आधार बन रहा है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से स्वास्थ्य स्तर में सुधार हो रहा है, महिलाओं और बच्चों को जल संग्रहण के श्रम से राहत मिल रही है और गांवों में समग्र विकास को गति मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक परिवार तक नल से जल पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री श्रीमती उइके के मार्गदर्शन में विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में श्योपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति की मजबूत और स्थायी व्यवस्था स्थापित हो सके।  

सीएम योगी ने जिलाधिकारियों समेत संबंधित अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जल जीवन मिशन के तहत खुदाई का काम करते समय सुरक्षा के सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाए और कार्य संपन्न होते ही खोदी गई सड़कों व गड्ढों को तत्काल भरा जाए। जिलाधिकारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी खुद स्थलीय निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योगी सरकार शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में साफ पानी पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। जल जीवन मिशन के जरिए करोड़ों लोगों को इसका लाभ पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताबिक प्रदेश के सभी जिलों में जिलाधिकारी, जल जीवन मिशन से जुड़े वरिष्ठ अधिकरी तथा अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी स्थलीय निरीक्षण कर खुदी हुई सड़कों व गड्ढों की स्थिति का पता करें। साथ ही इन्हें तत्काल भरना भी सुनिश्चित करें। इस काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। काम को समय से पूरा नहीं करने, अधूरा छोड़ने या इसमें लापरवाही बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओं व ठेकेदारों पर जुर्माना लगाने के साथ ही उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए। सीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जल समाधान पोर्टल पर आपूर्ति, लीकेज व खुदाई से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। टोल फ्री नंबर पर कीजिए शिकायत जल जीवन मिशन के तहत जलापूर्ति या मरम्मत संबंधित शिकायतों के लिए लोग 18001212164 टोल फ्री नंबर पर शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में करीब 2.50 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को नल से जल कनेक्शन पहुंचाया जा चुका है। विंध्य और बुंदेलखंड में लगभग शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। योगी सरकार घर-घर साफ पानी पहुंचाने का काम युद्धस्तर पर कर रही है।

रायपुर: जल जीवन मिशन के तहत बुलगा में बदलाव, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा स्वच्छ पेयजल

रायपुर : जल जीवन मिशन से संवरी बुलगा की तस्वीर, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा शुद्ध पेयजल समय की हो रही बचत, घर-घर पहुंच रहा शुद्ध पेयजल रायपुर जल जीवन मिशन ने छत्तीसगढ़ के बुलगा (Bulga) जैसे गांवों में घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाकर जीवन स्तर को बदल दिया है। बुलगा गाँव में अब हर घर में नल का कनेक्शन है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को दूर से पानी लाने की मेहनत से मुक्ति मिली है।           ग्रामीण अंचलों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संचालित ’जल जीवन मिशन’ अब ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली का नया आधार बन रहा है। कभी पानी के लिए लंबी दूरी तय करने वाली महिलाओं के आंगन में आज नल से जल की धार बह रही है। इसी बदलाव की एक बानगी सरगुजा जिले के लूण्ड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बुलगा में देखने को मिली है। मीलों का सफर थमा, आंगन में आई खुशहाली           बुलगा निवासी श्रीमती जीवंती बाई ने बताया कि एक समय था जब पीने के साफ पानी का इंतजाम करना दिन का सबसे कठिन कार्य था। पानी के लिए उन्हें घर से काफी दूर जाना पड़ता था, जिससे समय की बर्बादी और शारीरिक थकान होती थी। “पहले पानी लाने के लिए बहुत लंबा लाइन लगाना  पड़ता था, लेकिन अब हमारे घर में नल का कनेक्शन लग गया है। अब सुबह और शाम दोनों वक्त नियमित रूप से शुद्ध पानी घर पर ही मिल जाता है। समय की बचत से खेती- किसानी को मिल रहा बढ़ावा नल कनेक्शन लग जाने से जीवंती बाई के परिवार के समय की बड़ी बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि पानी लाने में जो वक्त खराब होता था, अब उस समय का उपयोग वे खेती-किसानी और अन्य घरेलू कार्यों में कर रही हैं। इससे न केवल उनकी जीवनशैली सुधरी है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों के लिए भी अतिरिक्त समय मिल रहा है। शासन की योजना के लिए जताया आभार           गांव के हर घर में पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचने पर जीवंती बाई ने हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से ग्रामीण महिलाओं का जीवन अब पहले से कहीं अधिक सुगम और सम्मानजनक हो गया है।              जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समन्वित प्रयासों से लुण्ड्रा के दूरस्थ अंचलों में जल जीवन मिशन के लक्ष्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं, ताकि हर ग्रामीण परिवार को ’शुद्ध जल-स्वच्छ पेयजल’ प्राप्त हो सके।

वर्ष 2024-25: जल जीवन मिशन के लिए राज्य सरकार ने जारी किए 3000 करोड़ रुपये अग्रिम

वर्ष 2024-25 में जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए राज्य सरकार दे चुकी है 3000 करोड़ का अग्रिम राज्यांश रायपुर जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में ही राज्यांश की 3000 करोड़ रुपए की पूरी राशि अग्रिम के रूप में दे दी गई थी, जिसे उस वित्तीय वर्ष के दौरान मिशन के कार्यों के लिए व्यय किया गया था। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, नई दिल्ली द्वारा 536 करोड़ 53 लाख रुपए प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के रूप में जारी किए गए हैं।   ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया है, जिसके तहत अब मिशन 2.0 के तहत काम जारी है l राज्य के ग्रामीण परिवारों को 'हर घर नल से जल' योजना के तहत पाइप के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने कार्य किए जा रहे हैं l

पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए 3000 करोड़ का प्लान, जल जीवन मिशन के दूसरे चरण को मिली मंजूरी

चंडीगढ़. हरियाणा में जल जीवन मिशन के दूसरे चरण को लागू करने के लिए शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से केंद्र सरकार व हरियाणा सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मौजूद रहे। हरियाणा सरकार की ओर से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल यादव चंडीगढ़ से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जल जीवन मिशन-2.0 के अंतर्गत राज्य सरकारों व केंद्र सरकार के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए यह एमओयू बहुत महत्वपूर्ण है। जल जीवन मिशन के दूसरे चरण में राज्य सरकार का ध्यान केवल जल आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसकी गुणवत्ता, स्थिरता और दीर्घकालिक प्रबंधन पर भी केंद्रित होगा। इसके तहत जल भंडारण टैंकों का आधुनिकीकरण, शेष परिवारों को पाइप लाइन की जल आपूर्ति से जोड़ना और दक्षिण हरियाणा के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों जैसे नूंह, पलवल और महेंद्रगढ़ में विशेष परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। इन सभी योजनाओं पर लगभग तीन हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के पहले चरण में हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल और पर्याप्त पेयजल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने का राज्य सरकार ने जो संकल्प लिया, उसे साकार किया गया। वर्ष 2019 में जल जीवन मिशन की जब शुरुआत हुई थी तब हरियाणा में केवल 58 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों में नल का कनेक्शन था, लेकिन सरकार के सतत प्रयासों से छह अप्रैल 2022 को ही सरकार ने शत-प्रतिशत कवरेज हासिल कर देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान बनाया है। जल की गुणवत्ता सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के तहत हरियाणा राज्य ने उल्लेखनीय कार्य किया है और पहले चरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर उत्कृष्टता साबित की। पाटिल ने जल जीवन मिशन–2 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी राज्यों के साथ समन्वय और समझौते को आवश्यक बताते हुए कहा कि इस दिशा में निरंतर बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

राज्य स्तरीय जल महोत्सव 2026 में जल जीवन मिशन की योजनाओं के संचालन एवं संधारण पर हुआ मंथन

भोपाल लोक स्वास्थय यांत्रिकी मंत्री  सम्पतिया उइके ने कहा कि जल जीवन मिशन से ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली है, अब आवश्यक इसकी वास्तविक सफलता योजनाओं के नियमित, सुरक्षित और दीर्घकालिक संचालन में निहित है। सामुदायिक जवाबदेही से ही जल जीवन मिशन सफल होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष-2019 में जब मिशन प्रारंभ हुआ था तब प्रदेश में लगभग 13 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक ही नल से जल की सुविधा थी, वर्तमान 74 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल जल पहुँच चुका है। शीघ्र ही शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति होगी। प्रदेश में 27 हजार 990 से अधिक योजनाएँ स्वीकृत हुईं और अधिकांश योजनाएँ पूर्णता की अवस्था में हैं। मंत्री  उइके ने बुधवार को जल भवन के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय “जल-मंथन – पानी से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” कार्यशाला में जल जीवन मिशन की उपलब्धियों के साथ उसके दीर्घकालिक संचालन एवं संधारण पर अपने विचार साझा किये। कार्यशाला में प्रशासनिक, तकनीकी तथा सामुदायिक स्तर के प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही। मंत्री  उइके ने कहा कि संचालन एवं संधारण केवल विभागीय दायित्व नहीं है, बल्कि ग्राम पंचायत, जल समिति और समुदाय की साझा ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण व्यवस्थित नहीं होगा, विद्युत देयक समय पर जमा नहीं होंगे, मोटर-पंप और पाइपलाइन का रखरखाव नियमित नहीं होगा, तो निर्मित संरचना टिकाऊ नहीं रह पाएगी। मंत्री  उइके ने कहा जल जीवन मिशन के संचालन संधारण का कार्य ग्राम पंचायतों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल स्त्रोतों को सुरक्षित एवं संरक्षित रखते हुए ग्रामीणों को सतत पेयजल उपलब्ध कराने के लिये जन-जन को इससे जोड़ना होगा। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन-2.0 में मध्यप्रदेश को 19 हजार करोड़ केन्द्र सरकार से मिलेंगे, जिससे जल जीवन मिशन के सभी कार्यों को पूर्ण किया जायेगा। हर घर नल से जल की आपूर्ति होने के कारण ग्रामीणों के समय की बचत हुई है, जिससे उनका समय अन्य सकारात्मक कार्यों में लगने से गाँव में प्रगति हुई है। साथ ही बच्चे अब नियमित रूप से स्कूल जा पा रहे हैं। प्रदेश के जल महोत्सव की पूरे देश में प्रशंसा की जा रही है। उन्होंने जल गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम में फील्ड टेस्ट किट का उपयोग नियमित रूप से किया जाए। प्रयोगशाला परीक्षण की व्यवस्था सुदृढ़ हो। मंत्री  उइके ने कहा कि सुरक्षित जल आपूर्ति ही मिशन की आत्मा है। स्रोत स्थिरता को अगले चरण की केंद्रीय प्राथमिकता बताते हुए वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, परंपरागत जल संरचनाओं के संरक्षण तथा दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाएँ आने वाले 25 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर टिकाऊ रूप में संचालित करने का लक्ष्य है। प्रमुख सचिव पी. नरहरि ने कहा कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क, समूह एवं एकल ग्राम नलजल योजनाएँ और गुणवत्ता निगरानी तंत्र स्थापित हुआ है। उन्होंने बताया कि संचालन एवं संधारण की संस्थागत मजबूती से ही जल जीवन मिशन सफल होगा। डिजिटल मॉनिटरिंग, जिला स्तरीय समीक्षा, तकनीकी निरीक्षण, वित्तीय अनुशासन और शिकायत निवारण तंत्र को व्यवस्थित किया जा रहा है। ग्राम स्तर पर पंप ऑपरेटरों का प्रशिक्षण और जल समितियों की क्षमता वृद्धि को प्राथमिकता दी जा रही है।  उइके ने कहा कि तकनीकी दक्षता, वित्तीय पारदर्शिता और सामुदायिक भागीदारी से ही योजनाएँ दीर्घकाल तक सफल रह सकती हैं। खरगोन कलेक्टर सु भव्या मित्तल ने जल जीवन मिशन के सुचारू संचालन एवं संधारण का व्यवहारिक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि निर्माण के बाद की चुनौतियाँ अधिक जटिल होती हैं। प्रमाणन प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, परंतु उसकी निरंतरता बनाए रखना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। समस्याओं को सामने लाना और ग्रामीणों से चर्चा और जागरूकता से सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थागत स्पष्टता, नियमित राजस्व संग्रहण, पारदर्शी लेखा प्रणाली और सतत तकनीकी निगरानी से हर घर नल से जल आपूर्ति निर्बाध रूप से होती है।। मंत्री  उइके ने राज्य स्तरीय “जल सेवा रत्न” सम्मान समारोह में एकल ग्राम एवं समूह ग्राम नलजल योजनाओं के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों, स्व-सहायता समूहों, पंप ऑपरेटरों और ग्राम प्रेरकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यशाला में “नलजल योजना में युवा नेतृत्व एवं नवाचार” विषय पर युवा हैकाथॉन आयोजित हुआ, जिसमें भोपाल के प्रमुख विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की चयनित टीमों ने भाग लिया। पंचायत प्रतिनिधि संवाद में योजना प्रबंधन, जल शुल्क निर्धारण, स्रोत संरक्षण और ग्राम स्तरीय निगरानी व्यवस्था पर विचार रखे गए। महिला प्रतिनिधियों ने संचालन, राजस्व प्रबंधन और गुणवत्ता परीक्षण में अपनी भूमिका और अनुभव साझा किये। “जल-वाणी” विषयक पैनल चर्चा में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक रेडियो प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानीय बोलियों में जल साक्षरता के प्रसार की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यशाला में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं मध्यप्रदेश जल निगम के राज्य स्तरीय अधिकारी, प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, उपयंत्री, गुणवत्ता मॉनिटरिंग अधिकारी, जिला एवं खंड स्तरीय प्रतिनिधि, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के सदस्य, सरपंच, पंप ऑपरेटर, स्व-सहायता समूह, ग्रामीण प्रतिनिधि तथा विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित रहे। मंत्री  उइके ने कार्यशाला में उपस्थित जन समूह को सुरक्षित, नियमित और सतत जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई।  

ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूती, जल जीवन मिशन 2.0 के साथ शुरू हुआ नया चरण

हर घर नल से जल को नई रफ्तार, यूपी और केंद्र के बीच जल जीवन मिशन 2.0 पर समझौता ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूती, जल जीवन मिशन 2.0 के साथ शुरू हुआ नया चरण अब योजना से आगे स्थायित्व पर फोकस, जल जीवन मिशन 2.0 से बदलेगा ग्रामीण जल प्रबंधन बुंदेलखंड-विंध्य से लेकर पूरे यूपी तक, जल जीवन मिशन 2.0 से बढ़ेगी पहुंच और भरोसा पेयजल योजनाओं में अब ज्यादा गति, पारदर्शिता और परिणाम दिखेंगे: मुख्यमंत्री लखनऊ  प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की पहुंच को मजबूत करने की दिशा में बुधवार को एक अहम पहल हुई। जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के तहत केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मिशन के अगले चरण की औपचारिक शुरुआत है, जिसे हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिली है। यह एमओयू केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में वर्चुअल माध्यम से संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘हर घर नल से जल’ के लक्ष्य को जमीन पर उतारने की दिशा में यह समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे जलापूर्ति योजनाओं को और बेहतर योजना, समयबद्धता और परिणामों के साथ लागू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इसका सीधा लाभ ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल के रूप में मिलेगा। उन्होंने इसे केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय का उदाहरण बताते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत होंगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अंतिम व्यक्ति तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का संकल्प अब तेजी से साकार हो रहा है। प्रदेश में पेयजल व्यवस्था में आए बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले जहां सीमित गांवों तक ही पाइप पेयजल की सुविधा थी, वहीं आज हजारों गांवों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जिन क्षेत्रों में कभी दूषित पानी के कारण गंभीर बीमारियां आम थीं, वहां अब हालात तेजी से सुधरे हैं। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी समस्या पर नियंत्रण में स्वच्छता और पेयजल योजनाओं की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस केवल कनेक्शन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं के दीर्घकालिक संचालन और रखरखाव पर भी बराबर ध्यान दिया जा रहा है। वर्तमान में बड़ी संख्या में गांवों में जलापूर्ति के साथ-साथ अनुरक्षण व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जो योजना शुरुआत में सीमित क्षेत्रों तक थी, उसे अब उन सभी गांवों तक विस्तारित किया गया है जहां पाइप पेयजल की सुविधा नहीं थी। बुंदेलखंड और विंध्य जैसे क्षेत्रों में, जहां कभी पानी की गंभीर किल्लत थी, आज घर-घर नल से जल पहुंच रहा है। केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने इस मौके पर कहा कि जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि सभी परियोजनाएं टिकाऊ और दीर्घकालिक उपयोग को ध्यान में रखकर लागू की जाएं। यह समझौता न केवल पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करेगा, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर, स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी सकारात्मक असर डालेगा। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता भी रही।