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जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला जारी, मुठभेड़ में कमांडो की शहादत, कल 8 सुरक्षाकर्मी घायल

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आंतकियों के साथ चल रही मुठभेड़ में विशेष दल का एक कमांडो शहीद हो गया है। सेना ने इसकी पुष्टी की है। शहीद कमांडो की पहचान उत्तराखंड निवासी गजेंद्र सिंह के रूप में हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक गजेंद्र रविवार को आतंकियों की गोलीबारी में घायल नौ जवानों में शामिल थे। अत्याधिक घायल होने की वजह से उन्होंने इलाज के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।   नाग्रोटा स्थित व्हाइट नाइट कोर ने सोमवार को शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी। सेना ने कहा, "व्हाइट नाइट कोर के जीओसी और सभी रैंक हवलदार गजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने चल रहे ऑपरेशन त्राशी I के दौरान एक आतंकवाद विरोधी अभियान को बहादुरी से अंजाम देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।" इसमें आगे कहा गया, "हम उनके अदम्य साहस को नमन करते हैं और इस गहरे दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।" रविवार दोपहर करीब चतरू के उत्तर-पूर्व में स्थित सोनार वन क्षेत्र में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान गोलीबारी शुरू हो गई। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी दल ने जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध दो से तीन विदेशी आतंकवादियों को रोका, जिन्होंने ग्रेनेड का इस्तेमाल करते हुए जवाबी हमला किया। किश्तवाड़ में दूसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय जंगलों में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़े 2 से 3 आतंकी छिपे हुए हैं। आतंकियों को पकड़ने के लिए सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बोलं की कई टीमें इलाके में तैनात हैं। ड्रोन और आर्मी के स्पेशल कुत्तों की मदद से भी आतंकियों की खोजबीन की जा रही है।  

जम्मू-कश्मीर: पुंछ पुलिस का आतंक पर प्रहार, पाक स्थित हैंडलर की संपत्ति जब्त

जम्मू जम्मू-कश्मीर की पुंछ पुलिस ने सीमा पार से सक्रिय आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ निर्णायक कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस ने न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी सरगना की अचल संपत्ति जब्त कर ली है। पुलिस जानकारी के अनुसार यह कुर्की मंडी पुलिस स्टेशन में ई एंड आईएमसीओ अधिनियम की धारा 2/3 के तहत दर्ज एफआईआर के संबंध में की गई है। जब्त की गई संपत्ति में खसरा संख्या 491 के अंतर्गत आने वाली 10 कनाल 14 मरला भूमि शामिल है। यह भूमि पुंछ की तहसील मंडी में स्थित है। जमीन का अनुमानित मूल्य लगभग 22.05 लाख रुपए है। पुलिस के अनुसार जब्त की गई संपत्ति पुंछ के मंडी निवासी अब्दुल अजीज की है, जो वर्तमान में पाकिस्तान स्थित आतंकी सरगना के रूप में सक्रिय है। आरोपी पहले पाकिस्तान/पीओके भाग गया था और तब से देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हानिकारक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। कानूनी प्रक्रिया से लगातार बचने के कारण न्यायालय ने आरोपी को भगोड़ा घोषित कर दिया। पुंछ पुलिस द्वारा उसकी गिरफ्तारी के लिए किए गए निरंतर प्रयासों के बावजूद, वह कानून की गिरफ्त से बाहर रहा। इसके कारण न्यायालय को उसकी अचल संपत्ति को कुर्क करने का आदेश देना पड़ा। इन निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए पुंछ पुलिस ने राजस्व विभाग के साथ घनिष्ठ समन्वय से सभी कानूनी प्रक्रियाओं, सत्यापन और दस्तावेजीकरण का पालन करते हुए कुर्की को क्रियान्वित किया। पुलिस के बयान में बताया गया कि यह कार्रवाई आतंकी नेटवर्क के वित्तीय और रसद संबंधी सहायता ढांचों को ध्वस्त करने और आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों को उनके संसाधनों से वंचित करने की व्यापक और सतत रणनीति का हिस्सा है। जिला पुलिस पुंछ पाकिस्तान स्थित आतंकी संचालकों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल सभी तत्वों के खिलाफ दृढ़तापूर्वक और कानूनी रूप से कार्रवाई करने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराती है और जनता को आश्वस्त करती है कि शांति, जन सुरक्षा और राष्ट्र की संप्रभुता के हित में ऐसे उपाय जारी रहेंगे।

नए साल पर J&K बनेगा म्यूज़िक हब, मशहूर पंजाबी सिंगर लगाएंगे सुरों का तड़का

जम्मू  जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के जम्मू में पंजाबी संगीत प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के लोकप्रिय कलाकार निंजा जम्मू पहुंच रहे हैं। वह पटनीटॉप–सानासर विंटर कार्निवल 2025 के दौरान अपनी लाइव परफॉर्मेंस से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। ठंड और रोमांच के अनोखे संगम के साथ यह बहुप्रतीक्षित विंटर कार्निवल 30 और 31 दिसंबर 2025 को सानासर और पटनीटॉप में आयोजित किया जाएगा। साल के अंत में होने वाला यह आयोजन पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनेगा। कार्निवल के दौरान पंजाबी सिंगर निंजा के लाइव शो के अलावा कई रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन स्थल पर लाइव म्यूजिक बैंड, स्थानीय लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां, घुड़सवारी, नाव दौड़ और ओपन माइक जैसे कार्यक्रम दर्शकों को रोमांचित करेंगे।   इसके साथ ही पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल, स्ट्रीट बाजार और मेगा गिफ्ट हैम्पर्स भी लोगों के लिए खास आकर्षण रहेंगे। पर्यटन विभाग की ओर से इस आयोजन को भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं। पटनीटॉप–सानासर विंटर कार्निवल 2025 न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय प्रतिभाओं को भी एक नया मंच प्रदान करेगा।

आंदोलन के अल्टिमेटम से जम्मू-कश्मीर में सियासी हलचल तेज, महबूबा मुफ्ती सहित कई नेताओं पर नजरबंदी

जम्मू कश्मीर  जम्मू कश्मीर में मौजूदा आरक्षण नीति के खिलाफ छात्रों के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए रविवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और नेशनल कांफ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी सहित कई नेताओं को नजरबंद कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि महबूबा मुफ्ती, उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती, श्रीनगर से लोकसभा सदस्य रुहुल्लाह मेहदी, पीडीपी नेता वहीद पारा और श्रीनगर के पूर्व महापौर जुनैद मट्टू को उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया है। प्रशासन ने कदम इन नेताओं द्वारा उन छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त प्रकट किए जाने के बाद उठाया, जिन्होंने रविवार को गुपकर रोड पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। इन नेताओं ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा इस मुद्दे के समाधान के लिए एक समिति गठित किए जाने के एक साल पूरे होने के बावजूद कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकलने पर छात्रों की ओर से आयोजित मार्च में शामिल होने की मंशा जताई थी। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पारा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नेताओं को घर में नजरबंद कर दिया गया है ताकि वे विरोध कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता न प्रकट कर सकें। मेहदी ने शनिवार रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि उनके आवास के बाहर सशस्त्र पुलिस तैनात की गई है। उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या यह छात्रों के समर्थन में हो रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने के लिए की गई एक पूर्व-नियोजित कार्रवाई है?’’ पारा ने इसी के साथ जम्मू कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार पर आरक्षण मुद्दे को हल करने की कोई मंशा नहीं दिखाने का आरोप लगाया और कहा कि मौजूदा आरक्षण नीति अस्तित्व का मामला बन गई है।  

जम्मू-कश्मीर: नरबल–तांगमर्ग हाईवे से गुजरने वाले वाहनों की कड़ी चेकिंग, जानिए क्या है वजह

बडगाम  SSP बडगाम के निर्देश पर, नए साल के जश्न से पहले पूरे जिले में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। SDPO मगाम, SHO मगाम, CRPF कंपनी कमांडर और असिस्टेंट कमांडेंट सिक्योरिटी के इंतजामों की निगरानी और उन्हें आसान बनाने के लिए जमीन पर मौजूद रहे। सड़कों की अच्छी तरह से जांच करने और किसी भी संदिग्ध चीज का पता लगाने के लिए खास टीमों ने स्निफ़र डॉग्स, DSMD, और HHMD जैसे मॉडर्न सर्विलांस टूल्स तैनात किए। मगाम इलाके में नरबल-तांगमर्ग हाईवे पर संदिग्ध लोगों और गाड़ियों की फिजिकल जांच की जा रही है। सुरक्षा के इन कड़े उपायों का मकसद जिले में शांति और बिना किसी घटना के नया साल मनाना है। 

साय से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की मुलाकात

रायपुर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कल देर रात मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उप राज्यपाल सिन्हा ने साय को माता वैष्णो देवी का पवित्र प्रसाद भेंट किया। साय ने सिन्हा का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

फिर आफत ने दिखाई सूरत, जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से घरों को खतरा, राहत कार्य जोरों पर

जम्मू-कश्मीर  जम्मू कश्मीर में एक बार फिर बादल फटने की घटना ने हड़कंप मचा दिया है। मिली जानकारी के अनुसार किश्तवाड़ के बाद अब डोडा में हुई इस प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही के संकेत दिए हैं। इस दौरान भद्रवाह में ऐतिहासिक शिव मंदिर और पांडु गुफा मंदिर भी बाढ़ की चपेट में हैं। मंदिर के पुजारियों और अन्य सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। प्रशासन ने सभी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।   डोडा जिले में अचानक आई बाढ़ और तेज बारिश के कारण कई परिवार प्रभावित हुए हैं। नेशनल हाईवे बंद हो गया है और सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। भारी बारिश का कहर जारी है। स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं। वहीं प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि, 2 की मौत कहारा में और 1 की मौत thathri में हुई है। वहीं कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।  इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 15 रिहायशी मकान ढह चुके हैं और 3 पैदल पुलों को भी नुकसान पहुंचा है। राहत एवं बचाव कार्य जिला प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर जारी है। डिप्टी कमिश्नर कार्यालय का कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।  कटरा-सराज रेलवे स्टेशन के बीच सुरंग संख्या 16 पर जमीन खिसकने से रेलवे सेवाओं को फिलहाल रोक दिया गया है। पटरी पर मलबा गिरने के कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। रेलवे टीमें पटरी को साफ करने और स्थिति को सामान्य करने में लगी हुई हैं। यात्रियों को अपनी ट्रेनों की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। 

बारिश से बिगड़े हालात: जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन और बादल फटने का खतरा

जम्मू-कश्मीर  जम्मू-कश्मीर में शनिवार रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक महत्वपूर्ण पुल क्षतिग्रस्त हो गया। राजधानी जम्मू में रविवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 190.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस महीने में एक सदी में दूसरी सबसे अधिक बारिश है। इससे पहले 5 अगस्त 1926 को अगस्त में 228.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। अधिकारियों ने चेतावनी जारी कर लोगों से जलस्रोतों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 27 अगस्त तक पहाड़ी इलाकों में मध्यम से भारी बारिश, बादल फटने, अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा है। यातायात पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 250 किलोमीटर लंबा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और 434 किलोमीटर लंबा श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग भारी बारिश के बावजूद यातायात के लिए खुले हैं। भूस्खलन से आवाजाही बंद पुंछ और राजौरी (जम्मू) को दक्षिण कश्मीर के शोपियां से जोड़ने वाली मुगल रोड और जम्मू के किश्तवाड़ एवं डोडा जिलों को अनंतनाग (दक्षिण कश्मीर) से जोड़ने वाली सिंथन रोड पर भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर आवाजाही बंद कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि कठुआ जिले में सहर खड्ड नाले के उफान पर होने के कारण जम्मू-पठानकोट राजमार्ग पर लोगेट मोड़ के पास एक पुल बीच से टूट गया। इसके बाद यातायात को वैकल्पिक पुल के रास्ते से डायवर्ट किया जा रहा है। जम्मू शहर में भारी बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। नालों और नदियों का जलस्तर बढ़ने से सड़कें जलमग्न हो गईं और जानीपुर, रूप नगर, तालाब तिल्लो, ज्वेल चौक, न्यू प्लॉट और संजय नगर जैसे इलाकों में पानी घरों में घुस गया। कई घरों की चारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई और करीब 12 वाहन अचानक आई बाढ़ में बह गए। पुलिस प्रशासन अलर्ट पर सांबा में बसंतर, कठुआ में उझ और रावी, डोडा, किश्तवाड़, रामबन और जम्मू में चिनाब, तथा उधमपुर और जम्मू में तवी सहित प्रमुख नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिसके चलते प्रशासन ने आपदा मोचन दलों और स्थानीय पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा है।अधिकारियों ने बताया कि अभी तक किसी हताहत की सूचना नहीं है, लेकिन बारिश के कारण जम्मू क्षेत्र के राजौरी, पुंछ और उत्तरी कश्मीर के गुरेज में कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। जम्मू क्षेत्र के उधमपुर में सबसे अधिक 144.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, इसके बाद रियासी जिले में वैष्णो देवी मंदिर के आधार शिविर कटरा में 115 मिलीमीटर, सांबा में 109 मिलीमीटर और कठुआ में 90.2 मिलीमीटर बारिश हुई। श्रीनगर में 13.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सभी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भारतीय मौसम विभाग ( IMD ) ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने बादल छाए रहने, हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना भी जताई है। लेह स्थित क्षेत्रीय मौसम विभाग ने लद्दाख के अधिकांश क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और ज्यादातर जगहों पर बादल छाए रहने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर में बारिश की चेतावनी के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। सीएम कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कई आवासीय क्षेत्रों में जलभराव की सूचना मिली है, जबकि नदियां और नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं। अब्दुल्ला ने बताया कि नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं और मुख्यमंत्री कार्यालय विभागों के संपर्क में है। प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी, जलापूर्ति और बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं की बहाली को प्राथमिकता दी जा रही है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।  

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में एनकाउंटर, इलाके में भारी फोर्स तैनात

जम्मू. जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। किश्तवाड के दुल इलाके खुफिया जानकारी के आधार पर चल रहे एक अभियान के दौरान जवानों का इन आतंकियों से सामना हुआ। व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करते हुए लिखा है कि गोलीबारी हुई है, फिलहाल अभियान जारी है। घाटी में चल रहा यह अभियान कुलगाम में जारी ऑपरेशन के बाद शुरू हुआ है। कुलगाम में आतंकियों से जारी मुठभेड़ लांस नायक प्रितपाल सिंह और सिपाही हरमिंदर सिंह को वीरगति प्राप्त हुई है। ऑपरेशन ओखल पिछले नौ दिनों से जारी है। चिनार कोर ने इस अभियान में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा। पोस्ट में लिखा, "चिनार कोर राष्ट्र के लिए अपने कर्तव्य का पालन करते हुए वीरों, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रितपाल सिंह और सिपाही हरमिंदर सिंह के सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करता है। उनका साहस और समर्पण हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा। भारतीय सेना गहरी संवेदना व्यक्त करती है और शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ी है। अभियान जारी है।"

5 अगस्त से पहले कश्मीर में सियासी सरगर्मी, बड़ा फैसला आने की अटकलें

नई दिल्ली क्या जम्मू-कश्मीर को 6 साल बाद एक बार फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने वाला है? 5 अगस्त से पहले कुछ बड़ा होने की चर्चाओं के बीच ऐसे कयास लग रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी और फिर होम मिनिस्टर अमित शाह ने रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। इसके अलावा मंगलवार सुबह ही एनडीए के संसदीय दल की भी मीटिंग होने वाली है। इन घटनाक्रमों के चलते ही चर्चा तेज है कि क्या 5 अगस्त को फिर से मोदी सरकार बड़ा फैसला लेगी। इससे पहले राम मंदिर का शिलान्यास और फिर जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने एवं राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का फैसला भी 5 अगस्त की तारीख को ही हुआ था। तब साल 2019 था। तब से ही मांग उठती रही है कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किया जाए। इसके जवाब में पीएम मोदी और होम मिनिस्टर अमित शाह लगातार कहते रहे हैं कि सही समय पर जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलेगा। सरकार ने कभी राज्य का दर्जा देने से इनकार नहीं किया है, बस सही समय की बात कही है। ऐसे में सवाल है कि क्या वह सही समय अब आ गया है। कुछ बड़ा होने के कयास लग ही रहे हैं और सबसे ज्यादा चर्चा जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की ही है। फारूक अब्दुल्ला के बयान से भी ऐसे कयास तेज हैं। उन्होंने सोमवार को कहा कि सरकार बताए कि आखिर जम्मू-कश्मीर को कब पूर्ण राज्य का दर्जा मिलेगा। उन्होंने आर्टिकल 370 हटाने की छठी बरसी से एक दिन पहले यह मांग दोहराई है। उन्होंने इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर की राज्यसभा सीटों पर भी चुनाव कराने की मांग की है। अब्दुल्ला ने कहा, 'वो राज्य का दर्जा कब वापस करने जा रहे हैं? उन्होंने कहा था कि चुनाव होने और सरकार बनने के बाद दर्जा लौटा दिया जाएगा। अब उस वादे का क्या हुआ? अब उनका कहना है कि विधानसभा की दो खाली सीटों पर चुनाव कराएंगे, लेकिन राज्यसभा की 4 सीटों पर चुनाव कब होंगे? आखिर वे सदन में लोगों की आवाज उठाने के अधिकार को क्यों रोक रहे हैं।' क्‍यों चर्चा है जम्‍मू और कश्‍मीर को पूर्ण राज्‍य का दर्जा देने की? जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की चर्चा 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और 35A के निरस्त होने के बाद से चल रही है. जब से जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा हटाकर दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित किया गया. तब से लगातार पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली की मांग स्थानीय नेताओं, दलों द्वारा की जा रही है. गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में संसद में वादा किया था कि उचित समय पर जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा. उसके बाद भारत सरकार भी कई बार बोल चुकी है कि वह समय आने पर पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने भी 2023 में राज्य का दर्जा बहाली का आदेश दिया था.    दरअसल केंद्र शासित प्रदेश के रूप में, जम्मू-कश्मीर की सरकार के पास सीमित शक्तियां हैं. पुलिस, कानून-व्यवस्था, और अखिल भारतीय सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण मामलों में उपराज्यपाल और केंद्र सरकार का नियंत्रण है. नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC), पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP), और कांग्रेस जैसे दल लगातार पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग करते रहे हैं. NC के नेता उमर अब्दुल्ला ने इसे अपनी सरकार का प्रमुख एजेंडा बनाकर 2024 में हुए विधानसभा चुनावों में 42 सीटें जीत ली. पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 में संशोधन जरूरी है, जिसके लिए लोकसभा और राज्यसभा की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अंतिम स्वीकृति चाहिए होगी. उनकी मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी होने पर जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल जाएगा. रविवार को राष्ट्रपति की पीएम और गृहमंत्री से अलग अलग मुलाकात से यह कयास लगाया जा रहा है कि कहीं ये मुलाकात जम्मू कश्मीर के लिए तो नहीं है. बहुत संभावना है कि कल अनुच्छेद 370 के रद्द होने के छठें साल पर सरकार जम्मू कश्मीर की जनता को राज्य दर्जे की बहाली का ऐलान करे.  जम्‍मू और कश्‍मीर को अलग अलग राज्‍य बनाने की अफवाह भी जम्मू क्षेत्र हिंदू बहुल होने और कश्मीर घाटी के मुस्लिम बहुल होने के चलते अक्सर इस बात पर चर्चा होती रही है कि क्या दोनों को अलग राज्य का दर्जा देना संभव है.जम्मू के लोग यह शिकायत करते रहे हैं कि कश्मीरी नेतृत्व ने उनके क्षेत्र के विकास को नजरअंदाज किया और उन्हें सत्ता में उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया. इस संदर्भ में, जम्मू को अलग राज्य बनाने की मांग को कुछ लोग क्षेत्रीय सशक्तिकरण के रूप में देखते हैं.  जो लोग जम्मू को अलग राज्य का दर्जा देने के पक्ष में हैं, उनका तर्क है कि इससे क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं और पहचान को बेहतर संबोधित किया जा सकेगा. जम्मू हिंदुओं को एक सम्मानजनक पहचान और विकास के अवसर देगा, जो कश्मीर के साथ एकजुटता में संभव नहीं है. कश्मीरी मूल की पत्रकार  @AartiTikoo एक्स पर लिखती हैं कि…  जम्मू और कश्मीर में इन दिनों यह अफ़वाह ज़ोरों पर है कि केंद्र सरकार अनुच्छेद 370 के हटाए जाने की छठी वर्षगांठ, यानी कल, इस केंद्र शासित प्रदेश को फिर से राज्य का दर्जा दे सकती है. और जो बात इससे भी ज़्यादा चौंकाने वाली है — वह यह कि अफ़वाहों के बाज़ार में कहा जा रहा है कि कश्मीर और जम्मू को अलग करके दो स्वतंत्र राज्य बना दिया जाएगा. अगर इनमें से कोई भी बात सही निकली, तो यह बेहद विनाशकारी कदम होगा. यह मूलतः डिक्सन प्लान को अमल में लाने जैसा होगा — यानी जम्मू-कश्मीर का धार्मिक आधार पर विभाजन, जिससे मुस्लिम बहुल क्षेत्र को अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान के हवाले कर दिया जाएगा. भारत की सीमाओं से लगे किसी भी मुस्लिम बहुल क्षेत्र को पाकिस्तान की सेना और उसके जिहादी आतंकियों से अप्रभावित रखना संभव नहीं है. अगर यह तर्क दिया जाए कि हिंदू बहुल जम्मू, अपनी जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक शक्ति से वंचित रहा है, और मुस्लिम बहुल कश्मीरी नेतृत्व ने उसके साथ भेदभाव किया है — तो यह साफ़ … Read more