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जेडी वेंस की पाकिस्तान टिप्पणी पर बवाल, अपनी ही पार्टी के सांसदों ने जमकर सुनाई खरी-खोटी

बर्न पाकिस्तान इन दिनों ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है. इस बीच, US सीनेटरों ने पाकिस्तान के आतंकवादियों को पनाह देने और बिन लादेन को छिपाने के इतिहास को उठाया. उन्होंने 'पाकिस्तान प्रेम' के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को जमकर खरी-खोटी सुनाई है।  दरअसल वेंस ने स्विट्जरलैंड में वार्ता के दौरान कहा था, 'हम पाकिस्तान से प्यार करते हैं.'  वेंस ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर उनके दो पसंदीदा लोगों में से एक बताया था. ऐसे में दो रिपब्लिकन सीनेटरों ने वेंस के इस बयान को लेकर उनकी आलोचना की।  बता दें कि वेंस ने कहा था, 'मैं कहूंगा कि जब से फील्ड मार्शल मुनीर ने इस्लामाबाद में प्राइम मिनिस्टर के साथ हमारा स्वागत किया है, मैंने मजाक में कहा है कि मेरी जिंदगी में दो बहुत, बहुत जरूरी लोग हैं- एक इंडियन और एक पाकिस्तानी. इंडियन मेरी पत्नी हैं और पाकिस्तानी फील्ड मार्शल मुनीर हैं।  ''कतर और पाकिस्तान का आतंकवादियों को पनाह… सीनेटर रिक स्कॉट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'अब तक सबको ये साफ हो जाना चाहिए कि हमारे असल में दोस्त कौन हैं.' स्कॉट ने कहा, 'कतर और पाकिस्तान का आतंकवादियों को पनाह देने का लंबा इतिहास रहा है और अभी वो एक मतलब की शांति पाने के बजाय ईरान के दशकों पुराने आतंकी कैंपेन को सपोर्ट करने में कहीं ज्यादा लगे हुए लग रहे हैं।  स्कॉट ने आगे दावा करते हुए कहा था कि अभी भी एक ऐसे एग्रीमेंट की गुंजाइश है जिससे सबको फायदा हो. लेकिन, सबको ये बात समझ लेनी चाहिए कि ईरान के न्यूक्लियर हथियार बनाने की शून्य संभावना है।  पाकिस्तान पर लादेन को छिपाने का आरोप मोंटाना से सीनेटर टिम शीही ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में अल कायदा लीडर ओसामा बिन लादेन को पनाह देने में पाकिस्तान की भूमिका पर भी सवाल उठाए. शीही ने कहा, 'पाकिस्तान, हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान ने बिन लादेन को दस साल तक छुपाया. उन्होंने ISI इंश्योरेंस के जरिए अयातुल्ला को फंड दिया।  अमेरिका-ईरान के बीच स्थायी शांति की नींव पड़ी अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ वार्ता को सफल समझौते की नींव रखने वाली कहा है। अमेरिका की ओर से मुख्य वार्ताकार जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड में ईरानी नेताओं के साथ बातचीत को स्थायी शांति की तरफ अच्छी शुरुआत कहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य और लेबनान पर अभी भी दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ है लेकिन वेंस ने उम्मीद जताई की चीजें बेहतरी की तरफ जाएंगी। ईरान और अमेरिका में स्विट्जरलैंड में रविवार और सोमवार को बातचीत हुई है। जेडी वेंस ने कहा कि तेहरान परमाणु निरीक्षकों को अनुमति देने और विदेशों में अपनी फ्रीज की गई संपत्तियों को संभालने और युद्धविराम का प्रबंधन करने के लिए तंत्र स्थापित करने पर सहमत हो गया है। उन्होंने कहा, हमने एक सफल अंतिम समझौते के लिए बहुत अच्छी नींव रखी है। थोड़ी धमकी थी, थोड़ी शिकायत थी, लेकिन दिन के अंत में बातचीत जारी रही और हमने काफी प्रगति की।' ईरान को निर्यात पर छूट ईरान की सीज संपत्तियों को रिलीज किए जाने पर वेंस ने कहा कि हम ऐसी प्रक्रिया बनाना चाहते हैं, जिससे इस राशि का फायदा आम ईरानियों को हो।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया है कि तेहरान ने तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात के लिए छूट, विदेशों में अपनी कुछ फ्रीज की गई संपत्तियों की रिहाई और ईरान के लिए पुनर्निर्माण और विकास योजना शुरू करने की मंजूरी हासिल कर ली है। ईरान ने कहा है कि स्विट्जरलैंड में दो दिनों तक चली शांति वार्ता के दौरान एमओयू से जुड़े उन मुद्दों पर बात हुई, जिनके आधार पर अंतिम समझौते के लिए वार्ता शुरू होगी। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकई ने कहा कि ये बिंदु लेबनान में युद्ध रोकने, ईरान की फ्रीज संपत्तियां रिलीज करने और ईरानी तेल के निर्यात से जुड़े हुए हैं। मध्यस्थ देश क्या बोले मध्यस्थ पाकिस्तान और कतर ने बताया है कि दोनों पक्षों ने पिछले हफ्ते हुए अंतरिम समझौते को आगे बढ़ाते हुए रिसॉर्ट बर्गेंस्टॉक में हुई बातचीत में 60 दिनों के भीतर एक स्थायी समझौते की दिशा में एक रोडमैप पर सहमति व्यक्त की है। लेबनान में लड़ाई रोकने और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए एक संचार लाइन खोलन पर सहमति बनी है। इस बातचीत के खत्म होते ही अमेरिका ने ईरान के तेल उत्पादों पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने यह प्रतिबंध दो महीने के लिए हटाया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि 60 दिनों के लिए एक अस्थायी सामान्य लाइसेंस जारी किया है, जिसके तहत ईरानी तेल के उत्पादन, आपूर्ति और बिक्री की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान और कतर बातचीत की मेज पर हैं, तो US को UAE, इजरायल और सऊदी अरब को भी बातचीत में शामिल करना चाहिए. शीही ने UAE, इजरायल और सऊदी अरब को मिडिल ईस्ट में US का असली साथी बताया।  पाकिस्तान की मध्यस्थता पर सवाल मोंटाना के सीनेटर ने ये भी दावा किया कि कतर दशकों से आतंकवादी संगठनों के लिए मनी लॉन्ड्रिंग कर रहा है. शीही ने कहा, 'पाकिस्तानियों ने ISI के जरिए हमारे खिलाफ बगावत को फंड किया और बिन लादेन को छिपाया. इसलिए ये मानना ​​कि वो यहां सिर्फ बिचौलिए होंगे, मुझे नहीं लगता कि ये सही है।  शीही ने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि हमें ये पक्का करना होगा कि हम UAE के साथ खड़े हों और हम बिना किसी शक के इजरायल के साथ खड़े हों, क्योंकि चाहे कुछ भी हो जाए, वो इस इलाके में हमारे अगुआ रहेंगे। 

‘पत्नी और बच्चों को भेजो भारत’—जेडी वेंस के विवादित बयान से अमेरिका में हड़कंप

वाशिंगटन अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपने बयानों से एक बार फिर से सुर्खियों में हैं. इस बार फिर से उनकी पत्नी भी निशाने पर हैं. जेडी वेंस ने माइग्रेशन को अमेरिकी ड्रीम की चोरी कह दिया. उन्होंने दावा किया कि बड़े पैमाने पर हो रही आव्रजन प्रक्रिया (इमिग्रेशन प्रोसेस) ने अमेरिकी लोगों के काम करने के मौके छीन लिए हैं. इस पर सोशल जनता भड़क गई. उन पर पाखंड और दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगने लगा. वेंस को जेनोफोबिया का शिकार होने का भी आरोप मढ़ा जाने लगा. उनकी इस टिप्पणी ने एक बार फिर से उनकी हिंदू-भारतीय मूल की पत्नी ऊषा वेंस को लेकर चल रहे विवाद को हवा दे दी, क्योंकि उनकी पत्नी स्वयं प्रवासी माता-पिता की संतान हैं. वेंस लगातार अमेरिका में आ रहे प्रवासियों को अमेरिकी लोगों की नौकरी छीनने का आरोप लगाते रहते हैं. इसी तरह वेंस ने एक बार फिर से एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि मास माइग्रेशन अमेरिकन ड्रीम की चोरी है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसके उलट दावे करने वाले शोध, उसी पुराने सिस्टम से फायदा उठाने वाले लोगों द्वारा फंड किए गए हैं. उनकी इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. एक यूजर ने वेंस के ट्वीट को कोट करते हुए कहा कि आपको ऊषा, उनकी इंडियन फैमिली और अपने द्विजातीय (बाइरेशियल) बच्चों को भारत भेजना होगा. हवाई जहाज का टिकट खरीदते समय हमें बताएं. आपको खुद उदाहरण पेश करना होगा. इसी तरह की टिप्पणियों से उनके ट्वीट का टाइमलान भर गया.  पहले भी पत्नी पर कमेंट कर विवादों में आए थे वेंस वेंस अपनी पत्नी को लेकर एक कमेंट के बाद विवाद में आए थे. पिछले महीने जेडी वांस ने एक और विवाद छेड़ दिया, जब उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी पत्नी ऊषा, जो हिंदू परिवार में पैदा हुई थीं, एक दिन ईसाई धर्म अपना सकती हैं. उन्होंने TPUSA के समर्थकों से कहा कि ऊषा उनके साथ चर्च जाती हैं और वे सचमुच चाहते हैं कि एक दिन वह उनका ईसाई विश्वास साझा करें. इन बयानों को हिंदू-अमेरिकी समूहों और धार्मिक स्वतंत्रता समर्थकों ने पसंद नहीं किया. बाद में वांस ने स्पष्ट किया कि उनकी पत्नी का धर्म बदलने का कोई इरादा नहीं है. फिर भी यह सवाल बना हुआ है कि उनका रूढ़िवादी श्वेत-राष्ट्रवादी आधार ऊषा को अमेरिका की सेकंड लेडी के रूप में पूरी तरह स्वीकार करता है या नहीं. उनकी ब्राउन (भारतीय) पहचान को अक्सर निशाना बनाया जाता है, खासकर हाल की H-1B वीजा पर बहस के बाद. इमिग्रेशन पर टफ हैं वेंस जेडी वेंस ने इस तरह की टिप्पणी पहली बार नहीं की है. उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट के पॉडकास्ट में भी कहा था कि यह पूरी तरह उचित और स्वीकार्य है कि अमेरिकी लोग ऐसे पड़ोसी नहीं चाहते जिनसे उनका कुछ भी सांस्कृतिक समान न हो, चाहे वह नस्ल, भाषा या त्वचा का रंग हो. वेंस, अपने बॉस डोनाल्ड ट्रंप की तरह, बाइडेन प्रशासन को एक ऐसी इमिग्रेशन प्रणाली के लिए दोषी ठहराते हैं जिसने अमेरिका में विभाजन को बढ़ावा दिया. हालांकि ट्रंप वेंस की बात से इत्तेफाक नहीं रखते दिखते. हाल ही में उन्होंने एच-1बी वीजा को लेकर सकारात्मक बातें की थीं. उन्होंने कहा था कि अमेरिका में वह टैलेंट नहीं है, इसलिए हमें बाहर से लोगों को लाना पड़ेगा.  वहीं वेंस वांस बार-बार दावा करते रहे हैं कि प्रवासी अमेरिकी श्रमिकों की संभावनाओं को नुकसान पहुँचा रहे हैं. मिसिसिप्पी में हुए एक टर्निंग पॉइंट USA कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि प्रवासी अमेरिकी श्रमिकों के वेतन को कम कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने ट्रंप की H-1B वीजा सुधार नीति का बचाव भी किया. ट्रंप ने नए H-1B वीजा धारकों के लिए एक बार में 1 लाख डॉलर शुल्क का ऐलान किया है.  ममदानी ने लोगों से की अपील; ICE अधिकारियों का स्वागत करें लोग वहीं वेंस ने जब न्यूयॉर्क पोस्टे के पॉडकास्ट में पूछा गया कि क्या ट्रंप प्रशासन सभी अवैध प्रवासियों को निर्वासित करने की योजना बना रहा है. इस पर वांस ने कहा कि हम जितने संभव हो सकें, उतनों को हटाने की कोशिश कर रहे हैं. हाल के दिनों में अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारी लगभग घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रहे हैं. इसकी वजह से लोगों में डर बैठ गया है. इस पर न्यूयॉर्क के मेयर इलेक्ट जोहरान ममदानी ने आवाज उठाई है. उन्होंने लोगों से कहा है कि वे डरें नहीं और ICE अधिकारियों का स्वागत करें और उनसे बात करके मामले को सुलझाएं.