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IIT का सपना हुआ और करीब, JEE Advanced में जालंधर के सिफ्त का शानदार प्रदर्शन

 जालंधर  देश की प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश का रास्ता खोलने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा एडवांस्ड 2026 का परिणाम घोषित कर दिया गया है। परिणाम जारी होते ही विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। शहर के विद्यार्थियों ने भी इस कठिन परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता का परचम लहराया है। ला ब्लॉसम स्कूल के विद्यार्थी सिफ्त मोंगा ने अखिल भारतीय स्तर पर 722वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। वहीं इनोसेंट हार्ट स्कूल के तनीष शर्मा ने 4146वीं अखिल भारतीय रैंक प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। दोनों विद्यार्थियों की उपलब्धि से उनके परिवारों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन में खुशी का माहौल है। 17 मई को हुई थी परीक्षा संयुक्त प्रवेश परीक्षा एडवांस्ड 2026 का आयोजन 17 मई 2026 को किया गया था। परीक्षा दो अलग-अलग सत्रों में आयोजित हुई थी। इस वर्ष परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के पास थी। देशभर से लाखों विद्यार्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया था, जिनमें से सफल विद्यार्थियों को अब देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में दाखिले का अवसर मिलेगा। संयुक्त प्रवेश परीक्षा एडवांस्ड को देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में योग्य विद्यार्थियों का चयन करना है। परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले अभ्यर्थियों को अब अगले चरण यानी काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना होगा। काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द होगी शुरू परिणाम घोषित होने के बाद अब संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण की ओर से काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सफल अभ्यर्थियों को अपनी रैंक और पसंद के अनुसार संस्थानों तथा पाठ्यक्रमों का चयन करना होगा। इसके बाद सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसी प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के साथ-साथ अन्य सहभागी तकनीकी संस्थानों में प्रवेश मिलेगा। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थियों को अपनी रैंक, रुचि और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विकल्प भरने चाहिए। सही निर्णय से उन्हें अपनी पसंद के संस्थान और पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

जेईई एडवांस 2026 के टॉपर बने शुभम कुमार, गर्ल्स कैटेगरी में आरोही देशपांडे ने मारी बाजी

नई दिल्ली  इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रुड़की (IIT Roorkee) द्वारा आज यानी 1 जून को जेईई एडवांस रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। परिणाम की घोषणा ऑनलाइन माध्यम से ऑफिशियल वेबसाइट jeeadv.ac.in पर की गई है। परीक्षा में भाग लेने वाले स्टूडेंट्स साइट पर जाकर या सीधे इस पेज पर दिए डायरेक्ट लिंक से स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। शुभम कुमार ने हासिल की AIR-1 जेईई एडवांस एग्जाम 2026 में आईआईटी दिल्ली जोन के शुभम कुमार ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करके टॉप किया है। उन्होंने 360 में से 330 अंक (CRL 1) हासिल कर यह मुकाम हासिल किया है। गर्ल्स में आरोही देशपांडे ने हासिल किया शीर्ष स्थान जेईई एडवांस एग्जाम में कुल 56880 स्टूडेंट्स ने सफलता प्राप्त की है जिसमें से लड़कियों की संख्या 10107 है। इन सभी गर्ल्स में दिल्ली जोन से परीक्षा देने वाली आरोही देशपांडे ने देश में टॉप किया है। उन्होंने 360 में से 280 अंक (CRL 77) प्राप्त करके यह मुकाम हासिल किया। आपको बता दें कि जेईई एडवांस एग्जाम से पहले आरोही ने जेईई मेन में भी ऑल इंडिया रैंक (AIR) 99 हासिल की थी। आपको बता दें कि इस बार जेईई एडवांस के लिए कुल 187389 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। इसमें से 179694 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी जिसमें से 56880 स्टूडेंट्स ने एग्जाम क्वालीफाई किया है। इसमें से मेल स्टूडेंट्स की संख्या 46773 वहीं फीमेल स्टूडेंट्स की संख्या 10107 है। स्कोरकार्ड एवं फाइनल आंसर की यहां से करें डाउनलोड आपको बता दें कि जेईई एडवांस एवं फाइनल आंसर की ऑफिशियल वेबसाइट jeeadv.ac.in पर जारी हुआ है। आप सीधे साइट पर जाकर या नीचे दिए जा रहे डायरेक्ट लिंक से स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं और साथ ही फाइनल उत्तर कुंजी भी प्राप्त कर सकते हैं। साथ पढ़कर, साथ खेलकर दो यार बने ऑल इंड‍िया टॉपर कोटा से आई यह खबर इस साल की सबसे खूबसूरत और प्रेरणादायी कहानी है. जब देश की सबसे कठिन परीक्षा का नतीजा आता है, तो अक्सर हमें सिर्फ नंबर्स और कट-ऑफ की बातें सुनाई देती हैं. लेकिन इस बार कोटा की वादियों से जो कहानी निकली है, वह सिर्फ कामयाबी की नहीं बल्कि एक सच्ची दोस्ती, अनुशासन और जिद की दास्तान है।  आईआईटी रुड़की ने जब देर रात 1 बजे जेईई एडवांस्ड 2026 का परिणाम घोषित किया, तो कोटा में एक नया इतिहास रचा जा चुका था. यहाँ साथ रहने वाले, साथ पढ़ने वाले और शाम को साथ खेलकर तनाव दूर करने वाले दो दोस्तों ने देश की टॉप-2 रैंक पर अपना नाम लिख दिया।  बिहार के गया के रहने वाले शुभम कुमार ने 360 में से 330 अंक लाकर ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR-1) हासिल की. वहीं उनके सबसे पक्के दोस्त, गुरुग्राम के कबीर छिल्लर महज 1 नंबर से पीछे रह गए और 329 अंकों के साथ AIR-2 बने. इस त्रिकोणीय मुकाबले में तीसरा स्थान यानी AIR-3 सीकर के जतिन चाहर को मिला, जिन्होंने 319 अंक हासिल किए. इन तीनों ने ही कोटा में रहकर पढ़ाई की।  हॉस्टल की दोस्ती से देश की टॉप रैंक तक का सफर शुभम और कबीर की यह जुगलबंदी कोटा के एक ही हॉस्टल में परवान चढ़ी. शुभम चौथी मंजिल पर रहते थे और कबीर सातवीं मंजिल पर. दिनभर की थका देने वाली पढ़ाई के बाद दोनों का एक ही नियम था, शाम को बैडमिंटन कोर्ट पर उतरना और खेल के जरिए अपने दिमाग को बिल्कुल फ्रेश करना. आज उनकी इसी संतुलित लाइफस्टाइल और कड़े अनुशासन ने उन्हें देश के सबसे ऊंचे शिखर पर लाकर खड़ा कर दिया है. अब इन दोनों यारों का अगला सपना भी साझा है यानी आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करना।  इस महापरीक्षा में बेटियों ने भी अपना परचम लहराया है. दिल्ली जोन की आरोही देशपांडे महिला अभ्यर्थियों में सबसे आगे रहीं. उन्होंने 280 अंक हासिल कर कॉमन रैंक लिस्ट में 77वीं रैंक अपने नाम की।  शुभम की 'क्वालिटी स्टडी' का जादुई मंत्र शुभम कुमार पिछले दो सालों से कोटा में तपस्या कर रहे थे. इससे पहले जेईई मेन 2026 में भी उन्होंने 300 में से 295 अंक लाकर AIR-6 पाई थी. शुभम का मानना है कि सफलता इस बात से नहीं मिलती कि आप कितने घंटे कुर्सी पर बैठे हैं, बल्कि इस बात से मिलती है कि आपकी पढ़ाई कितनी फोकस्ड है।  शुभम ने कभी 16-16 घंटे की मैराथन पढ़ाई नहीं की, बल्कि रोज सिर्फ 6 घंटे पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ा. उन्होंने अपना एक बॉडी क्लॉक सेट कर लिया था, रोज रात 10:30 बजे सो जाना और सुबह 6:30 बजे बिना किसी अलार्म के खुद-ब-खुद उठ जाना. अपनी तैयारी के दौरान उन्होंने खुद को सुख-सुविधाओं से दूर रखा. वह एसी के आदी नहीं बने ताकि परीक्षा के दिन चाहे जैसा भी माहौल हो, उनका ध्यान न भटके।  खाने में भारी नाश्ते की जगह अंकुरित मूंग और फल, सोशल मीडिया और फिल्मों से मुकम्मल दूरी, और खुद को हमेशा सकारात्मक रखना ही उनकी रणनीति थी. शुभम के भीतर आत्मविश्वास इस कदर था कि वह अपनी रफ कॉपी पर पहले से ही 'JEE Advanced Topper' लिख दिया करते थे ताकि खुद को याद दिला सकें कि लक्ष्य क्या है. शुभम के पिता शिवकुमार एक व्यवसायी हैं और मां कंचन देवी गृहिणी हैं, जिन्होंने हमेशा अपने बेटे के इस सधे हुए सफर का साथ दिया।  दोस्त की जीत पर कबीर का बड़ा दिल कबीर छिल्लर, जिन्होंने जेईई मेन 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की थी, इस बार एडवांस्ड में दूसरे स्थान पर रहे. लेकिन उनके चेहरे पर इस बात का कोई मलाल नहीं था, बल्कि अपने दोस्त की जीत की एक अलग ही चमक थी।  कबीर कहते हैं, शुभम ने दो साल तक बहुत कड़ा संघर्ष किया है, वह इस कामयाबी का हकदार है. अगर कोई दूसरा मुझसे आगे निकलता तो शायद थोड़ा दुख होता, लेकिन मेरे दोस्त ने टॉप किया है, इससे बड़ी खुशी मेरे लिए और कुछ नहीं हो सकती।  गुरुग्राम के रहने वाले कबीर के रगों में भी इंजीनियरिंग और अनुशासन है. उनके पिता अमोल छिल्लर खुद आईआईटी खड़गपुर से पढ़े सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और मां प्रियंका एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं. कबीर ने अपनी 10वीं तक की पढ़ाई उसी स्कूल से की जहां उनकी मां पढ़ाती थीं. … Read more