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CG News: प्लेसमेंट कैम्प से जिले में ही मिल रही नौकरी

प्लेसमेंट कैम्प के आयोजन से युवाओं को मिल रही नौकरी मरवाही। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र के सहयोग से मंगलवार को आयोजित प्लेसमेंट कैम्प में 30 आवेदकों का प्रारंभिक रूप से चयन किया गया है। इनमें सोलर इंस्टॉलर के 8 पद, होटल मैनेजमेंट के 20 पद एवं वेल्डर के 2 पद शामिल हैं। शेष पदों पर द्वितीय साक्षात्कार के बाद चयन की प्रक्रिया निजी कंपनी द्वारा 15 दिवस के भीतर की जाएगी। जिला रोजगार कार्यालय परिसर गौरेला में आयोजित प्लेसमेंट कैम्प में दो निजी कंपनी द्वारा सोलर इंस्टॉलर, होटल मैनेजमेंट, वेल्डर, एवं क्रेडिट असिस्टेंट के कुल 70 पदों के विरूद्ध 35 अभ्यर्थी उपस्थित हुए और 31 अभ्यर्थियों ने साक्षात्कार में भाग लिए। मिलावटखोरों पर जुर्माना और लैब भेजे गए सैकड़ों नमूने बस्तर संभाग के नागरिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा फूटे चने में इंडस्ट्रियल कलर और औरामाईन ओ के उपयोग को लेकर जारी अलर्ट के बाद संभाग भर में हड़कंप मच गया है। इस हानिकारक औद्योगिक डाई के इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने बस्तर, कांकेर, नारायणपुर समेत सभी जिलों में बड़े व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर दबिश दी है और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने विशेष जांच के लिए राज्य के बाहर प्रयोग शालाओं में भेजे हैं। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में अभिहित अधिकारी के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा टीम ने न केवल फूटे चने के थोक व्यापारियों के यहां छापेमारी की, बल्कि पनीर, खोवा, फ्रूट केक, टोस्ट और चॉकलेट्स जैसे उत्पादों के भी 13 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। विभाग की सख्ती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मोटा और पतला सेव के नमूने अमानक पाए जाने पर न्याय निर्णयन अधिकारी द्वारा संबंधित फर्मों पर 25-25 हजार रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया गया है। इसके अलावा, मोती मलाई पनीर का नमूना फेल होने पर विधिवत विवेचना शुरू कर दी गई है, जिसे जल्द ही न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। संभाग के अन्य जिले कांकेर में भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। यहां खाद्य सुरक्षा विभाग ने फूटे चने के स्टॉक को जब्त कर लिया है और यह पता लगाया जा रहा है कि यह जहरीला चना कहां से आयात किया गया था। कांकेर से जब्त नमूनों को औरामाईन ओ की विशेष जांच के लिए राज्य के बाहर भेजा गया है। इसके साथ ही, जिले में अखबार या प्रिंटेड कागज में नाश्ता परोसने वाले दुकानदारों को सख्त नोटिस जारी करते हुए भविष्य के लिए चेतावनी दी गई है। दिसंबर माह में कांकेर से कुल 10 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और 6 कारोबारियों को नमूने फेल होने पर नोटिस थमाया गया है। नारायणपुर और कोंडागांव जिलों में भी यह अभियान जोर-शोर से चल रहा है। नारायणपुर से फूटे चने के विधिक नमूने जांच के लिए गुरुग्राम (हरियाणा) स्थित नेशनल कमोडिटीज मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड भेजे गए हैं, जबकि चॉकलेट के निगरानी नमूने सूरत (गुजरात) की प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। कोंडागांव में भी कन्फेक्शनरी विक्रेताओं और अन्य प्रतिष्ठानों से मोमोस, उसना चावल और धुली उड़द दाल के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं।  

शिक्षा विभाग में सुनहरा अवसर: UPPSC करेगा 7,466 सहायक अध्यापकों की भर्ती, युवाओं में खुशी की लहर

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को रोज़गार प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को लगातार पूरा कर रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा दिसंबर और जनवरी माह में सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक) भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से 15 विषयों में कुल 7,466 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। यह भर्ती न केवल युवाओं के सपनों को नई ऊंचाई देगी, बल्कि प्रदेश के शैक्षणिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के तहत, परीक्षा को पूरी तरह से नकलविहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न कराने की व्यापक तैयारी की गई है। परीक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।   सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम परीक्षा केन्द्रों की निगरानी संबंधित जिलाधिकारी स्वयं व्यक्तिगत रूप से करेंगे। परीक्षा के लिए एंट्री के समय बायोमेट्रिक सत्यापन और कड़ाई से फ्रिस्किंग की जाएगी। इसके अलावा सभी केंद्रों पर पूर्णतः क्रियाशील सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस दौरान एलआईयू (LIU) और एसटीएफ (STF) की टीमें सक्रिय रूप से निगरानी करेंगी। प्रश्नपत्रों की गोपनीयता के लिए कलर एवं कोड आधारित एसएमएस प्रणाली लागू की गई है। सेक्टर मजिस्ट्रेट द्वारा गोपनीय सामग्री की ट्रेजरी से निकासी और केंद्रों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।   भर्ती में नया कीर्तिमान योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले साढ़े आठ सालों में 8.5 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां प्रदान करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सरकार की पारदर्शी, त्वरित और तकनीक-आधारित भर्ती व्यवस्था युवाओं को व्यापक अवसर प्रदान कर रही है। इसके साथ ही, राज्य में बढ़ते निवेश के कारण निजी क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित हुए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं जैसे स्वच्छ पेयजल, शौचालय, प्रकाश और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

डिग्री नहीं, स्किल की जरूरत: एआई के दौर में ये 6 हुनर बचाएंगे आपकी नौकरी

नई दिल्ली एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटेमेशन के चलते दुनिया की बड़ी कंपनियों में छंटनी का दौर तेज हो गया है। अमेजन, यूपीएस, टारगेट, माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल और नेस्ले जैसी दिग्गज कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। धड़ाधड़ पिंक स्लिप पकड़ाई जा रही हैं और नई भर्तियों पर रोक लगा दी गई है। टेक से लेकर ट्रांसपोर्ट तक जैसी फलने फूलने वाली इंडस्ट्री अब रीस्ट्रक्चरिंग और एफिशिएंसी की भाषा बोल रही हैं। हर सेक्टर के विभिन्न कर्मचारियों का भविष्य अनिश्चितता से भरा है। इस उथल-पुथल के बीच अमेरिकी अर्थव्यवस्था नो हायर -नो फायर यानी न नई भर्ती, न ज्यादा छंटनी , ऐसी स्थिति में फंसी है। इसकी वजह है- जियोपॉलिटिक्स (अंतरराष्ट्रीय तनाव), ऑटोमेशन, टैक्स-टैरिफ और बदलती उपभोक्ता आदतें। अमेरिका की सत्ता में डोनाल्ड ट्रंप के लौटने के बाद से पब्लिक सेक्टर में हजारों लोगों की नौकरियां गई हैं। सरकारी शटडाउन अपने चौथे हफ्ते के करीब है, जिससे कई लोगों को सैलरी नहीं मिली और सभी के पास कोई जवाब नहीं है। भर्तियां अब सिर्फ डिग्री के दम पर नहीं टैग्ड के फाउंडिंग मेंबर और सीईओ देवाशीष शर्मा का कहना है कि भारत में कंपनियों में अब भर्तियां डिग्री के दम पर नहीं, बल्कि कैंडिडेट में जॉब के लिए दिखने वाली तैयारी से तय होगी। प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और योग्यता मूल्यांकन से स्किल्स देखी जाएगी। उन्होंने कहा, 'एम्प्लॉयर्स खासकर बड़ी कंपनियां एकेडमिक इंस्टीट्यूशन्स के साथ मिलकर स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स बनाकर और करिकुलम को मिलकर डिजाइन करके जॉब के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।' कई बड़ी दिग्गजों कंपनियों खर्चों को लेकर अपना हाथ टाइट कर लिया है और कर्मचारियों की संख्या पर लगाम लगाई है, यहां देखें लिस्ट अमेजन: ने 14,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों (लगभग 4% ) की छंटनी की है। कंपनी इस पैसे को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश कर रही है। यूपीएस : ने इस साल 48,000 नौकरियां घटाई हैं और 93 ब्रांचों को बंद कर दिया है क्योंकि शिपिंग (सामान भेजने) की मात्रा कम हुई है। टारगेट : टारगेट ने 1800 कर्मचारियों (लगभग 8% कॉर्पोरेट कर्मी) को हटाया है। नेस्ले : बढ़ती कीमतों और टैरिफ के कारण अगले दो सालों में दुनिया भर में 16,000 छंटनियां कर रही है। लुफ्थांसा समूह : 2030 तक 4,000 पद खत्म करने की योजना बना रहा है। प्रशासनिक काम को डिजिटल और AI प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर रहा है। नोवो नॉर्डिस्क : अपनी ब्लॉकबस्टर दवाओं की भारी मांग के बावजूद 9,000 कर्मचारियों (11% कार्यबल) की छंटनी की घोषणा की है। इंटेल : छंटनी और कर्मचारियों के छोड़ने से अपने मुख्य मैनफोर्स को 99,500 से घटाकर 75,000 कर रहा है। माइक्रोसॉफ्ट : माइक्रोसॉफ्ट ने इस साल 6,000 कर्मचारियों को निकालने के बाद, गेमिंग और प्रबंधन डिवीजनों में 9,000 और कर्मचारियों की छंटनी की है। एआई, ऑटोमेशन और मार्केट की बदलती जरूरतों में कैसे टिके रहें- 1- फिर से सीखें और नए सिरे से सोचें वो दिन गए जब एक ही स्किल से जिंदगी काटी जा सकती है। जिंदगी भर कमाया जा सकता था। खुद की स्किल्स को बढ़ाना और उसे अपग्रेड करना अब ऑप्शनल नहीं है; यह अनिवार्य है और जिदा रहने का तरीका है। प्रोफेशनल्स को लगातार सीखने में निवेश करना चाहिए, चाहे वह एआई साक्षरता हो, डेटा इंटरप्रिटेशन हो, या कम्युनिकेशन को बेहतर बनाना हो। कोर्सेरा, लिंक्डइन लर्निंग जैसे प्लेटफॉर्म और कंपनी-स्पॉन्सर्ड प्रोग्राम किसी के स्किलसेट को नए सिरे से समझने के लिए मजबूत रास्ते देते हैं। 2. एक पर्सनल ब्रांड बनाएं आज की दुनिया में आपकी ऑनलाइन पहचान बहुत मायने रखती है। लिंक्डिन पर नेटवर्किंग, अनुभव साझा करना और ईमानदारी से खुद को पेश करना फायदेमंद साबित हो सकता है। डिजिटल वर्ल्ड में आपकी मौजदूगी आपको भीड़ में सबसे अलग खड़ा कर देगी। 3. फाइनेंशियल दूर की सोच बढ़ाएं जॉब की असुरक्षा के माहौल में आपका बचाया हुआ पैसा बहुत काम आएगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कम से कम छह महीने के खर्चों को कवर करने वाला एक इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। कंसल्टिंग, फ्रीलांसिंग, या पैसिव इन्वेस्टमेंट के जरिए इनकम के सोर्स को अलग-अलग करें। साइड इनकम के लिए निवेश करें। 4. जुड़े रहें, संपर्क में रहें नेटवर्किंग लेन-देन वाली नहीं, बल्कि रिश्तों को बनाए रखने वाली होती है। नौकरी से निकाले जाने और बदलाव के दौरान इमोशनल सपोर्ट अक्सर साथियों, पुराने साथ काम करने वालों या इंडस्ट्री के लोगों से मिलता है। इन कनेक्शन को बनाए रखने से अनजाने रास्ते खुल सकते हैं। 5. मानसिक संतुलन को प्राथमिकता दें नौकरी छूटने या अस्थिरता से मेंटल हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है। मानसिक रूप से मजबूत बने रहने में थेरेपी, मेडिटेशन और नियमित दिनचर्या मदद करती है। 6. लगातार सीखें, खुद को बदलें अब हर व्यक्ति को अपनी स्किल्स को बढ़ाने, खुद को नया रूप देने की जरूरत है। आज का जॉब मार्केट खत्म नहीं हुआ है। यह बस बदल रहा है। इसके लिए सिर्फ टेक्निकल काबिलियत ही नहीं, बल्कि इमोशनल इंटेलिजेंस, एडजस्ट करने की क्षमता और समय के साथ बदलना जरूरी है।