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मंत्री केदार कश्यप का बयान: राज्य में वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए हो रहे निरंतर प्रयास

रायपुर : जीवन प्रकृति पर आधारित,राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास-मंत्री केदार कश्यप विश्व वानिकी दिवस पर कार्यशाला आयोजित वैज्ञानिक तकनीक, वनीकरण के महत्व और भविष्य के लिए वनों के प्रबंधन पर विशेषज्ञों की चर्चा  विश्व वानिकी दिवस पर कार्यशाला आयोजित रायपुर विश्व वानिकी दिवस 21 मार्च के अवसर पर, वन विभाग और विभिन्न संगठनों द्वारा वन संरक्षण, वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। इन कार्यक्रमों में वैज्ञानिक तकनीक, वनीकरण के महत्व और सतत भविष्य के लिए वनों के प्रबंधन पर विशेषज्ञ चर्चा करते हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों का जीवन प्रकृति पर आधारित है और राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने वन क्षेत्र में वृद्धि, वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी और राज्य की पहली रामसर साइट की उपलब्धि की सराहना की। साथ ही विभागीय योजनाओं को लक्ष्य आधारित और चरणबद्ध तरीके से लागू करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में टीईआरआई नई दिल्ली द्वारा वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन, जलवायु परिवर्तन और पारंपरिक ज्ञान से संबंधित पुस्तकों का विमोचन किया गया।                विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा अरण्य भवन, नया रायपुर स्थित दण्डकारण्य सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड विकास मरकाम ने की। उन्होंने कहा कि वनों को न काटे न कटने दे ये सरकार और हम सभी समाज के लोगों का कर्तव्य भी है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।            अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि वनों की भूमिका को स्थानीय अर्थव्यवस्था और आजीविका से जोड़ते हुए जैव विविधता संरक्षण के साथ आर्थिक लाभ सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से जुड़े वित्तीय संसाधनों जैसे जीसीएफ, जीईएफ और अन्य योजनाओं के तहत परियोजनाएं तैयार करने पर जोर दिया।            कार्यशाला में तकनीकी सत्र और पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। तकनीकी सत्र में वनों से मिलने वाली पारिस्थितिकी सेवाओं पर प्रस्तुतीकरण, ग्रीन क्लाइमेट फंड परियोजनाओं की जानकारी तथा नाबार्ड द्वारा उपलब्ध वित्तीय सहायता के विकल्पों पर चर्चा की गई। वहीं, पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने वानिकी और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में हो रही प्रगति पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुकूलन कोष परियोजना से जुड़े हितग्राहियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।           उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रत्येक वर्ष 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “वन और अर्थव्यवस्थाएँ” है, जिसका उद्देश्य वनों के आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व को उजागर करना है। यह कार्यशाला राज्य में वन आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

वाहन सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर जोर कराया जाएगा कड़ाई से पालन – केदार कश्यप

रायपुर : सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए मंत्री केदार कश्यप सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक वाहन सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर जोर कराया जाएगा कड़ाई से पालन – केदार कश्यप केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को मंत्री कश्यप विभागीय कार्यों और उपलब्धियों की दी जानकारी रायपुर परिवहन मंत्री केदार कश्यप आज नई दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित सभी राज्य के परिवहन मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर रहा। गडकरी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतें सुरक्षा उपायों के पालन न करने के कारण होती हैं। उन्होंने सभी राज्यों को निर्देशित किया कि वाहन चालकों एवं सहयात्रियों द्वारा सीट बेल्ट तथा दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट के उपयोग को सख्ती से लागू किया जाए।               बैठक में परिवहन मंत्री कश्यप ने छत्तीसगढ़ में संचालित परिवहन से संबंधित योजनाओं, परियोजनाओं और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी केंद्रीय मंत्री गडकरी को दी। इस अवसर पर सचिव, परिवहन विभाग एस. प्रकाश भी उपस्थित थे। ओवरलोडिंग के विरुद्ध कठोर कार्रवाई को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का अहम उपाय बताया गया। बैठक में ओवरलोड वाहनों पर नियमित जांच, तकनीकी निगरानी, प्रवर्तन कार्यवाही और कड़े दंडात्मक प्रावधान लागू करने पर सहमति बनी।      सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियानों, सड़क सुरक्षा मित्रों की भागीदारी, तथा स्कूलदृकॉलेज स्तर पर यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के कैशलेस उपचार, हिट एंड रन मामलों में मुआवजा व्यवस्था, वाहन सुरक्षा के नए प्रावधान, तथा मोटर व्हीकल अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों पर भी विचार-विमर्श किया गया। आरडीटीसी और डीटीसी भवन समय पर पूर्ण करने का लक्ष्य                 मंत्री कश्यप ने केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप सभी स्वीकृत क्षेत्रीय चालक प्रशिक्षण केंद्र (RDTC) और जिला परिवहन केंद्र (DTC) भवनों के निर्माण को तय समय में पूरा करने की जानकारी भी दी। ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों से तकनीकी जांच में सुधार                 परिवहन मंत्री कश्यप ने बताया कि राज्य में अब तक 8 ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, राजनांदगांव, रायगढ़) संचालित हैं। मशीनों से होने वाली फिटनेस जांच पारदर्शी और तकनीकी रूप से सटीक है। इन केंद्रों के संचालन में गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है। उन्होंने बताया कि जल्द ही जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कांकेर, दंतेवाड़ा, सारंगढ़ और सूरजपुर में भी नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों का कैशलेस उपचार            मंत्री कश्यप ने बताया कि केंद्र सरकार की पहल पर सड़क दुर्घटना पीड़ितों के कैशलेस उपचार योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। बैठक में सड़क दुर्घटना में कमी लाने हिट एंड रन मामलों में मुआवजा,सड़क सुरक्षा अभियान,सड़क सुरक्षा मित्र,‘शून्य प्राणहानि जिला’ के लिए रायपुर का चयन जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। वाहन सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर जोर          बैठक में मोटर व्हीकल अधिनियम के नए प्रस्तावित संशोधनों पर भी विचार किया गया। इसके साथ ही नितिन गडकरी जी ने सड़क सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनने,सीट बेल्ट लगाने,वाहनों में ओवरलोडिंग रोकने ट्रैफिक नियमों का पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में प्रस्तुत योजनाओं और प्रस्तावों से स्पष्ट है कि  सरकार सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

रायपुर: गिधवा-परसदा में बनेगा देश का प्रमुख पक्षी संरक्षण केंद्र, वन मंत्री केदार कश्यप की घोषणा

रायपुर : गिधवा-परसदा बनेगा देश का प्रमुख पक्षी संरक्षण केंद्र: वन मंत्री केदार कश्यप बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण एवं बर्ड सफारी का शुभारंभ 270 से अधिक पक्षी प्रजातियों को मिलेगा सुरक्षित प्राकृतिक आवास रायपुर प्रदेश के प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी आश्रयस्थल गिधवा-परसदा क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण एवं बर्ड सफारी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में हजारों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और पर्यावरण प्रेमियों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को विशेष बना दिया। मंत्री  कश्यप ने कहा कि गिधवा-परसदा पक्षियों के संवर्धन, संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में देश में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएगा। विदेशी और दुर्लभ पक्षियों का सुरक्षित आश्रय मंत्री  कश्यप ने बताया कि इस क्षेत्र में 270 से अधिक प्रजातियों के विदेशी व स्वदेशी पक्षी नियमित रूप से प्रवास करते हैं और स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं। दशकों से यह क्षेत्र साइबेरिया, यूरोप और मध्य एशिया से आए पक्षियों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक आवास रहा है। उन्होंने कहा कि बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर के माध्यम से पर्यटक अब पक्षियों के जीवन, व्यवहार, प्रवास चक्र और जैव विविधता को वैज्ञानिक दृष्टि से समझ सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्रवासियों की संवेदनशीलता और भावनात्मक जुड़ाव के कारण यह क्षेत्र देश का अनोखा वेटलैंड बन सका है। आने वाले समय में यह क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा बर्ड-वॉचिंग हब बनेगा। पर्यटन एवं रोजगार को मिलेगा बढ़ावा  कश्यप ने कहा कि बर्ड सफारी के संचालन से स्थानीय युवाओं को होम-स्टे, गाइडिंग, बोटिंग, ईको-टूरिज्म, लोकल उत्पाद बिक्री और ट्रांसपोर्ट सेवाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि वेटलैंड क्षेत्र को और विकसित करने हेतु सोलर लाइटिंग, बर्ड वॉचिंग टॉवर, सूचना केंद्र, जैवविविधता अध्ययन केंद्र, पार्किंग स्थल और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। भारतीय संस्कृति में पक्षियों का महत्व वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पक्षियों और जीव-जंतुओं को हमेशा पूजनीय स्थान प्राप्त रहा है। वैदिक काल से लेकर आधुनिक युग तक पक्षियों को शुभता, समृद्धि और पर्यावरण संतुलन का प्रतीक माना गया है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे जैव विविधता के संरक्षण में जिम्मेदार भूमिका निभाएं। खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल बोले-आज क्षेत्रवासियों का सपना साकार हुआ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री  दयालदास बघेल ने कहा कि वे स्वयं इस क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और बचपन से यहां पक्षियों के विचरण को देखते आए हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने वर्षों पहले संकल्प लिया था कि किसी भी प्रवासी पक्षी को क्षति नहीं पहुंचानी है। इसी संकल्प ने गिधवा-परसदा को पक्षी विहार के रूप में विकसित कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के लिए गौरव और उत्साह का पर्व है। यह स्थल अब देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करेगा। कार्यक्रम को विधायक  ईश्वर साहू और कलेक्टर  रनवीर शर्मा ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। भारत का उभरता हुआ अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट गिधवा-परसदा वेटलैंड का भूगोल प्राकृतिक जलाशयों, विशाल आर्द्रभूमियों तथा शांत वातावरण से समृद्ध है, जो प्रवासी पक्षियों हेतु आदर्श माना जाता है। यहाँ हर वर्ष सितंबर से मार्च के मध्य बारहेड गूज, कॉमन टील, पिंटेल डक, नॉर्दर्न शवलर, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, पेंटेड स्टॉर्क, ओपनबिल्ड स्टॉर्क, सारस क्रेन सहित 270 प्रजातियों के पक्षी विचरण करने आते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि गिधवा-परसदा को राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग साइट के रूप में मान्यता मिले इसे अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट में शामिल किया जाए इस क्षेत्र को रैमसर साइट के रूप में प्रस्तावित करने की प्रक्रिया और तेज की जाए। अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट में शामिल बर्ड वॉचिंग टॉवर, इंटरप्रिटेशन गैलरी, पर्यटक स्वागत केंद्र, प्रकृति अध्ययन केंद्र, सोलर पाथवे, नाव संचलन व्यवस्था, सुरक्षित पक्षी दमेजपदह ्रवदम , डिजिटल मॉनिटरिंग और जियो-टैगिंग प्रणाली शामिल होंगें। कार्यक्रम में विधायक  दीपेश साहू, रजककार विकास बोर्ड अध्यक्ष  प्रहलाद रजक, जनपद अध्यक्ष हेमा दिवाकर, जनपद अध्यक्ष खोरबाहरा राम साहू, जिला अध्यक्ष अजय साहू, पूर्व विधायक अवधेश चंदेल, एसडीएम नवागढ़ दिव्या पोटाई, जिला पंचायत सदस्य मधु राय  प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  वी. निवास राव, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक  अरुण पांडे, मुख्य वन संरक्षक दुर्ग सु एम. मर्सीबेला, दुर्ग संभाग के सभी मुख्य वनमंडलाधिकारी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, स्कूली बच्चे तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। 270 प्रजाति के पक्षी विचरण करने आते हैं गिधवा-परसदा में  उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र अपने प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण तथा हर वर्ष बड़ी संख्या में आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए जाना जाता है। यहां विभिन्न तालाबों, प्राकृतिक आर्द्रभूमि, संरक्षण क्षेत्रों तथा प्रवासी पक्षियों के आसरे का उपयुक्त स्थल है। वर्तमान मौसम में गिधवा-परसदा पहुंची पक्षी मार्च माह तक यहां विचरण कर अपने मुल्क वापस होंगी। यहां विशेष रूप से बारहेड गूज, नॉर्दर्न शवलर, कॉमन टील, पिनटेल डक, पेंटेड स्टॉर्क, ओपनबिल्ड स्टॉर्क, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, सारस क्रेन सहित 270 प्रजाति के पक्षी विचरण करते हैं। गिधवा-परसदा वेटलैंड राज्य ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख बर्ड-वॉचिंग स्थल के रूप में उभर रहा है। गिधवा-परसदा को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का लक्ष्य राज्य सरकार की मंशा है। गिधवा-परसदा पक्षी विहार को राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट में भी शामिल किया जा सके। इसके लिए आधारभूत सुविधाओं का विकास, सूचनात्मक साइनबोर्ड, बर्ड वॉचिंग टॉवर, सोलर लाइटिंग, जैवविविधता अध्ययन केंद्र जैसी योजनाओं पर विस्तार से कार्य किया जाएगा। भारत को प्रमुख पक्षियों का स्वर्ग बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम  गिधवा-परसदा में बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर और बर्ड सफारी का शुभारंभ न केवल छत्तीसगढ़ की जैव विविधता को संरक्षित करेगा, बल्कि प्रदेश के पर्यटन, शोध, शिक्षा और पर्यावरणीय संवर्धन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचेगा। यह पहल निश्चित रूप से गिधवा-परसदा को भारत का प्रमुख पक्षी स्वर्ग बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। शीघ्र निराकरण हेतु पत्र सादर प्रेषित है।

रायपुर: ग्रामीण बस योजना को जीवनरेखा बताते हुए परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने की सराहना

रायपुर : ग्रामीण बस योजना ग्रामीण जनों के लिए जीवनरेखा: परिवहन मंत्री  केदार कश्यप परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की ऑटोमेटेड कंप्यूटरीकृत ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) बनाने की योजना रायपुर परिवहन मंत्री  केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय कामकाज की समीक्षा की गई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति, विशेषकर ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक), ग्रामीण बस योजना और वाहन सुरक्षा से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर सचिव परिवहन  एस प्रकाश सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य के सभी परिवहन कार्यालयों में ई-ट्रैक निर्माण की समीक्षा बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ के सभी परिवहन कार्यालयों में सेंसर आधारित ऑटोमेटेड कंप्यूटरीकृत ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) बनाने की योजना लागू है। ई-ट्रैक के माध्यम से कुशल चालक ही लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे, जिससे सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को सौंपी गई है। आरडीटीसी/डीटीसी निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश’ 24 नवंबर 2025 को सचिव सह-परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में समीक्षा करते हुए मंत्री  कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप सभी स्वीकृत आरडीटीसी और डीटीसी भवनों का निर्माण समय पर पूरा होना चाहिए। उन्होंने संचालकों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। ’मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना – ग्रामीण जनों के लिए जीवनरेखा’ बैठक में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 की प्रगति का भी विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। योजना का उद्देश्य ग्रामीण किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों, छात्रों और आम नागरिकों को जनपद, तहसील और जिला मुख्यालय तक सस्ती, नियमित और सुरक्षित बस सुविधा उपलब्ध करवाना है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार, रोजगार, पढ़ाई और चिकित्सा सुविधाओं तक आसान पहुँचना सुनिश्चित किया जाएगा। सुदूर एवं संवेदनशील क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों तक बेहतर आवागमन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री  कश्यप ने कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास और सुगम परिवहन व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वाहन सुरक्षा के लिए व्हीकल ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म की प्रगति महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्भया फ्रेमवर्क के तहत सार्वजनिक वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटी) और इमरजेंसी बटन लगाने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक 1 हजार 900 यात्री वाहनों और 5 हजार 800 स्कूल बसों में ट्रैकिंग डिवाइस लगाया जा चुका है। किसी भी आपात स्थिति में पैनिक बटन दबाते ही सूचना परिवहन विभाग के कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से पुलिस विभाग के डायल 112 तक पहुँच जाएगी। ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (एटीएस) तकनीकी जांच में बड़ा सुधार वाहनों की फिटनेस जांच को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य में अब तक 8 ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, राजनांदगांव, रायगढ) संचालित हैं। मशीनों के माध्यम से की जा रही फिटनेस जांच से तकनीकी गुणवत्ता में सुधार हुआ है। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री  कश्यप को बताया कि ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों के संचालन में गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर है, यह राज्य के लिए गौरव की बात है। इसके साथ ही जल्द से जल्द जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कांकेर, दंतेवाड़ा, सारंगढ़ और सूरजपुर में भी नए ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

रायपुर: 48 लाख रुपये की विकास योजनाओं का शुभारंभ, वनमंत्री ने किया भूमिपूजन

रायपुर : वनमंत्री ने 48 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन हर गांव में दिखेगा विकास का नया रूप: मंत्री  केदार कश्यप रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने आज बस्तर विकासखंड के ग्राम चमिया में 48 लाख रुपए से अधिक की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। यह कार्य ग्रामीण इलाकों में सुविधाओं के विस्तार और अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए किए जा रहे हैं। वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हर गाँव तक विकास पहुँचाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन की सरकार में मातृशक्ति को विशेष सम्मान मिला है।  मंत्री  कश्यप ने कहा कि ग्राम पंचायत चमिया में 30 लाख रुपए की लागत से ‘महतारी सदन’ का निर्माण किया जाएगा। यह भवन महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का केंद्र बनेगा, जहाँ स्व-सहायता समूहों की महिलाएँ प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी और रोजगार के नए अवसर पाएंगी। इसके अलावा, ग्राम बड़े अलनार में 6.10 लाख रुपए की लागत से पुलिया निर्माण और छोटे अलनार में 12.40 लाख रुपए की लागत से उचित मूल्य दुकान भवन का निर्माण किया जाएगा। मंत्री  कश्यप ने कहा कि महतारी सदन केवल एक भवन नहीं, बल्कि महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे इन कार्यों की गुणवत्ता और समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने में सहयोग दें। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य  निर्देश दिवान, अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इको पर्यटन को बढ़ावा देने विस्तृत कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने की वन विभाग के काम-काज की समीक्षा वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इको पर्यटन को बढ़ावा देने विस्तृत कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश तेंदूपत्ता मजदूरी का बकाया भुगतान दीपावली के पूर्व करें: श्री केदार कश्यप अगले वर्ष में 12 लाख पुरुष तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलेगी चरण पादुका रायपुर  वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इको पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना बनाने को कहा है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर संभाग में देखने, घूमने-फिरने और मनोरंजन के लिए कई आकर्षक केंद्र हैं। इन केन्द्रों तक आसान पहुंच मार्ग और कुछ बुनियादी सुविधाएं विकसित किए जाएं, तो और बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने के साथ छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी बढ़ेगी। श्री कश्यप आज बिलासपुर जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में बिलासपुर वन वृत्त के वरिष्ठ वन अधिकारियों की बैठक लेकर वन विभाग के काम-काज की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में पीसीसीएफ एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, प्रबंध संचालक, लघु वनोपज सहकारी संघ अनिल साहू, पीसीसीएफ वन्य प्राणी अरुण पाण्डेय सहित अरण्य भवन के एपीसीसीएफ, सीसीएफ और वृत्त के सभी वन मंडल के डीएफओ उपस्थित थे। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बैठक में विभागीय योजनाओं की वनमंडल वार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने तेंदूपत्ता पारिश्रमिक के बचे हुए भुगतान को दीपावली के पहले करने के निर्देश दिए। बैंक खाता की तकनीकी दिक्कतों का निदान कर तत्काल हितग्राही के खाते में भुगतान सुनिश्चित किया जाए। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि अगले वर्ष में लगभग 12 लाख पुरुष संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण किया जाएगा। इसके लिए उनके पैर का नाप जोख कर जल्दी भिजवाएं ताकि खरीदी की प्रक्रिया मुख्यालय स्तर से शुरू की जा सके। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन ने बंद पड़ी चरणपादुका योजना को फिर से शुरू की है।  इस साल लगभग 12 लाख महिला संग्राहकों को चरण पादुका वितरित किया गया है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अचानकमार अभ्यारण में बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि पर खुशी जाहिर की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शावक मिलाकर बाघों की संख्या पिछले दो-तीन साल में 5 से बढ़कर 18 हो गई है। श्री कश्यप ने कहा कि अचानकमार सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा पर्यटन हब बन सकता है। नजदीक में हवाई, रेल सहित सभी तरह की आवागमन की सुविधा यहां तक पहुंचाने के लिए अनुकूल हैं। उन्होंने अचानकमार से लगे क्षेत्रों में बड़े सेलिब्रिटी बुलाकर कार्यक्रम आयोजित प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री कश्यप ने कहा की तखतपुर के कोपरा जलाशय को रामसर साइट बनाने के कार्य में तेजी लाया जाए। इसी तरह संभाग के वन क्षेत्रों में औरापानी, खुड़िया, कोटमी सोनार मगरमच्छ पार्क, गोमडॉ अभयारण्य, रामझरना रायगढ़, सत रेंगा कोरबा, बुका पिकनिक स्पॉट कटघोरा आदि अनेक दर्शनीय पर्यटन स्थल हैं, जिन्हें विकसित कर लोगों के लिए और आकर्षण का केंद्र बनाया जा सकता है। वन मंत्री श्री कश्यप ने हाथी मानव द्वंद्व पर कहा की हमें हाथी के साथ रहने की आदत डालना होगा। उन्हें उनके रहवास से दूर अन्यत्र भागना नहीं है। लेकिन यह भी देखना होगा कि वह जनहानि या अन्य किसी तरह की हानि न कर पाए इसके लिए हमें स्वयं ही सचेत रहना पड़ेगा ताकि वे नुकसान ना कर सकें। कटघोरा वन मंडल में हाथी जागरूकता के लिए एआई आधारित ऐप की उपयोगिता की उन्होंने प्रशंसा की। मंत्री श्री कश्यप ने कहा की मैदानी क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में आदिवासी लोग रहते हैं। वन विभाग की योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ उन्हें कैसे मिले इसे हमें देखना चाहिए। उन्होंने वन पट्टा के नामांतरण एवं बटवारा की प्रगति की भी समीक्षा की। संभाग के अंतर्गत इस तरह के 366 आवेदन मिले हैं जिसमें से केवल 84 का निराकरण किया गया है। उन्होंने लंबित सभी 280 प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। कोरबा वन मंडल में ज्यादा संख्या में नामांतरण के प्रकरण लंबित बताए गए। उन्होंने बैठक में ई कुबेर ऐप, किसान वृक्षमित्र योजना, वन भूमि में अतिक्रमण, एक पेड़ मां के नाम सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की और इनमें तेजी से काम कर लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।

वन मंत्री केदार कश्यप का दावा: जनकल्याणकारी फैसलों से वनवासी हो रहे आत्मनिर्भर

वन मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आईडीसी की बैठक सम्पन्न रायपुर वन मंत्री  केदार कश्यप की अध्यक्षता में वनोपज राजकीय व्यापार अन्तर्विभागीय समिति(आईडीसी)की 309वीं बैठक नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन के हॉल में सम्पन्न हुई। वनोपज राजकीय व्यापार अन्तर्विभागीय समिति (आईडीसी) की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि बैठक में लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों से राज्य में लघु वनोपजों के व्यापार को ज्यादा लाभ होगा और वनवासियों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। साथ ही साथ उनके जीवन स्तर में बेहतर आर्थिक बदलाव भी आयेगा। मंत्री श्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि इससे वनोपज निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा। वन मंत्री मंत्री श्री केदार कश्यप ने 308वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 के लिए भारत सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के अंतर्गत 16 प्रमुख वनोपजों – तेंदूपत्ता, ईमली (बीज रहित), महुआ फूल, गोंद, हर्रा, बहेरा, चिरौंजी, कोदो, कुल्थी, रागी, गिलोय, कुसुम बीज, बहेड़ा बीज, जामुन पल आदि वनोपजों का विक्रय मूल्य पर खरीदी के प्रस्ताव को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसी तरह बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य योजनांतर्गत वनोपजों की विक्रय दरों के निर्धारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रस्तावों पर भी समिति द्वारा विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव, राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री अनिल साहू, सचिव वन श्री अमरनाथ प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

रायपुर: सोनारपाल में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना, मंत्री केदार कश्यप ने दी जानकारी

रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि क्षेत्र में उद्यानिकी फसल की ओर किसानों के रुझान को देखते हुए शीघ्र ही सोनारपाल में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। वनमंत्री केदार कश्यप ने आज बोड़नपाल और सोनारपाल में आयोजित कार्यक्रमों में 80 लाख 57 हजार रुपए लागत वाले 10 विकास कार्योंं के भूमिपूजन अवसर पर कहा कि हमारी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्योंं को गति दी है। 18 लाख आवासों के निर्माण की स्वीकृति इस बात का साक्ष्य है। हमारी सरकार ने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का कार्य करने के साथ ही विकास कार्यों को एक नई दिशा दी है। उन्होंने इस दौरान क्षेत्रीय ग्रामीणों की मांग पर सोनारपाल में मंदिर के निकट हैंडपंप खनन, बड़ेपारा तारागांव और सोनारपाल ठाकुरपारा में पुलिया, माता मंदिर तारागांव में भवन, स्कूल में शेड निर्माण, बाकेल में धान खरीदी केंद्र, डेढ़ करोड़ रूपए की लागत से एनीकट निर्माण, जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी का निर्माण, खालेपारा बाकेल में हैंडपंप स्थापना एवं सिलाई सेंटर स्थापना की भी घोषणा की। मंत्री केदार कश्यप ने सोनारपाल में आयोजित कार्यक्रम में 34 लाख 32 हजार रुपए और बोड़नपाल-2 में आयोजित कार्यक्रम में 46 लाख 25 हजार रुपए के कार्यों का भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने सोनारपाल में 46 लाख 25 हजार रुपए के कार्यों का भूमिपूजन किया। जिसके तहत चपका ग्राम पंचायत के मारीपारा स्थित माध्यमिक विद्यालय के पास 5 लाख रुपए की लागत से पुलिया निर्माण, मारीपारा से बंगा घर तक 9 लाख 60 हजार रुपए की लागत से सीसी सड़क का निर्माण, सोनारपाल ग्राम पंचायत में मेन रोड हनुमान मंदिर से संतोषी किराना दुकान तक चार लाख रुपए की लागत से नाली निर्माण और क्षमता विकास योजना के तहत 5 लाख रुपए की लागत से सीएससी भवन निर्माण कार्य, तारागांव ग्राम पंचायत में बस्तर विकास प्राधिकरण के तहत 6 लाख 50 हजार रुपये की लागत से जोगी घर से मोसू घर तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य और छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा ग्राम तारागांव माता मंदिर में 4 लाख 22 हजार रुपये की लागत से बाजार शेड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। मंत्री कश्यप ने इसके साथ ही बोड़नपाल-02 में आयोजित कार्यक्रम में कुल 46 लाख 25 हजार रुपए के कार्यांें का भूमिपूजन किया। इसमें छात्रावास बेसोली के क्रीड़ा परिसर में बस्तर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 16 लाख 14 हजार रुपये की लागत से हाई मास्ट लाइट की स्थापना का भूमिपूजन किया। उन्होंने बेसोली स्कूलपारा श्यामलाल घर के पास डीएमएफ के तहत 3 लाख 30 हजार रुपए की लागत से डेढ़ मीटर पुलिया निर्माण, ग्राम पंचायत बाकेल में छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा माता मंदिर के पास साप्ताहिक बाजार में 23 लाख 51 हजार रुपए की लागत से बाजार शेड निर्माण और अमडीगुड़ा पारा के पिकड़वाही नाला में डीएमएफ के अंतर्गत 3 लाख 30 हजार रुपए की लागत से पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया।  वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इससे क्षेत्र में अधोसंरचना के विकास और जनसुविधाओं में वृद्धि होगी। इन सभी विकास कार्यांें से बस्तर क्षेत्र में ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। कश्यप ने इस अवसर पर ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे ही जनहितैषी कार्य जारी रहेंगे। इस अवसर पर बस्तर जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दीवान एवं श्रीमती शकुंतला कश्यप सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण सहित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।