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13 साल की बेटी को ‘पावर’ देने की तैयारी में किम जोंग उन, परिवारिक झगड़े में फंसा क्रूर तानाशाह

सोल दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाहों में से एक किम जोंग उन के परिवार में ही फिलहाल झगड़ा होता दिख रहा है। साउथ कोरिया की खुफिया एजेंसी का कहना है कि किम जोंग उन की बेटी किम जू ऐ का नाम अगले नेता के तौर पर घोषित किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में किम जोंग उन की बेटी का मुकाबला पावरफुल बुआ किम यो जोंग से हो सकता है। भविष्य में देश पर कंट्रोल करने की लड़ाई दोनों के बीच तेज हो सकती है। किम जू ऐ की उम्र महज 13 साल है और चर्चा है कि उसे 14 साल का होते ही किम जोंग उन की ओर से अपना उत्तराधिकारी घोषित किया जा सकता है। उन की बहन भी खुद को एक पावर सेंटर मानती रही हैं। ऐसे में संभव है कि यह संघर्ष बढ़ सकता है। साउथ कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस ने बीते सप्ताह बताया कि किम जू ऐ की उम्र 13 साल की हो गई हैं। अब उन्हें औपचारिक तौर पर उत्तराधिकारी घोषित किया जा सकता है। यह समय अहम है क्योंकि उत्तर कोरिया में इसी महीने एक बड़ा राजनीतिक आयोजन होने वाला है। इसमें किम जोंग उन बताएंगे कि देश के लिए भविष्य में क्या लक्ष्य तय किए गए हैं। इसके अलावा वह देश की सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भी कुछ कदमों का ऐलान कर सकते हैं। इस दौरान किम जोंग उन की बेटी भी मंच पर हो सकती हैं। हाल ही में एक मीटिंग में वह अपने पिता का हाथ थामे हुए पहुंची थीं। किम जू ऐ को किसी सार्वजनिक आयोजन में पहली बार नवंबर 2022 में देखा गया था। तब वह एक लॉन्ग रेंज मिसाइल के परीक्षण में पहुंची थीं। इसके बाद वह लगातार कई आयोजनों में पिता के साथ नजर आई हैं। उन्होंने हथियार फैक्ट्रियों के दौरे किए हैं तो वहीं सैन्य परेडों में भी हिस्सा लिया है। यही नहीं बीते साल सितंबर में वह चीन की राजधानी बीजिंग भी पहुंची थीं। आमतौर पर उत्तर कोरिया की राजनीति में पुरुषों का ही वर्चस्व रहा है, लेकिन पहली बार किम जोंग उन बेटी को कमान दे सकते हैं। इसी उद्देश्य से उन्हें चीन ले जाया गया था ताकि उन्हें स्थापित किया जा सके और दुनिया भर में एक संदेश जाए। क्यों इतनी पावरफुल मानी जाती हैं किम जोंग उन की बहन किम जोंग उन की बेटी के लिए देश में कोई चुनौती नहीं है, लेकिन बुआ से ही चैलेंज मिल सकता है। दरअसल 38 वर्षीय किम यो जोंग को उन के बाद देश की दूसरी सबसे पावरफुल शख्सियत माना जाता है। उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत है तो वहीं सैन्य हलकों में भी उनकी ताकत कम नहीं है। फिलहाल वह कोरिया की वर्कर्स पार्टी की सेंट्रल कमेटी में सीनियर पद पर हैं। इसके अलावा भाई की राय को भी वह काफी हद तक प्रभावित करती रही हैं। ऐसे में अब यदि किम जोंग उन की बेटी मजबूत हुई तो फिर चीजें बदल सकती हैं। किम जोंग के परिवार में बर्बर रहा है सत्ता का संघर्ष उत्तर कोरिया पूरी दुनिया के उनके मुल्कों में शुमार किया जाता है, जो सूचना से कटे हुए हैं। यहां के आम नागरिकों को दुनिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती। इसके अलावा दुनिया के मीडिया या लोगों की एंट्री पर भी काफी पाबंदियां हैं। मीडिया पर इस सेंसरशिप के चलते ही उत्तर कोरिया के लोग पूरी दुनिया से एक तरह से कटे हुए हैं। बता दें कि देश में सत्ता संघर्ष भी बहुत क्रूर रहा है। किम जोंग उन ने 2011 में सत्ता संभालने के बाद अपने अंकल और मेंटर रहे जांग सॉन्ग थाएक को गोलियां मरवाकर जान ले ली थी। इसके अलावा किम जोंग उन के सौतेले भाई किम जोंग नाम की भी 2017 में हत्या करा दी गई थी।

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने यूक्रेन युद्ध में खोए सैनिकों को किया याद, स्मारक निर्माण की तैयारी

फियोंगयांग यूक्रेन के साथ युद्ध में रूस का खुलकर समर्थन करने वाला उत्तर कोरिया अब अपने सैनिकों के लिए स्मारक बनवा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस-यूक्रेन के युद्ध में उत्तर कोरिया के हजारों सैनिक मारे गए हैं। उत्तर कोरिया की न्यूज एजेंसियों के मुताबिक राजधानी प्योंगयांग में इस स्मारक की नींव रखी गई है। शिलान्यास कार्यक्रम में उत्तर कोरिया में रूस के राजदूत और खुद किम जोंग उन शामिल हुए थे। किम ने कहा कि यह म्यूजियम सच्चे देशभक्तों के लिए बनाया जा रहा है। बता दें कि उत्तर कोरिया जो कि दुनियाभर में सबसे अलग-थलग देश माना जाता है, उसकी रूस के साथ खूब बन रही है। पश्चिमी रूस से यूक्रेनी सेना को खदेड़ने के लिए किम जोंग उन ने हथियार और हजारों सैनिक रूस भेजे थे। दक्षिण कोरिया की मीडिया के मुताबिक इस युद्ध में उत्तर कोरिया के करीब 6 हजार सैनिक मारे गए हैं और हजारों सैनिक घायल हुए हैं। किम जोंग उन ने रूस की मदद करने के लिए अपने सैनिकों की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय उन सैनिकों को समर्पित है जिन्होने राष्ट्रभक्ति की भावना का परिचय देते हुए रूस के लिए लड़ते हुए अपनी जान दे दी। इस मौके पर सेना के बड़े अधिकारियों के साथ उन सैनकों के परिवारवाले भी मौजूद थे जिनकी रूस में मौत हो गई है। बता दें कि रूस और उत्तर कोरिया में बड़ा सैन्य समझौता हुआ है जिसके मुताबिक युद्ध की स्थिति में दोनों को एक दूसरे के साथ खड़े होना है। वहीं उत्तर कोरिया लगातार नए-नए हथियारों का परीक्षण करता रहता है। हाल के वर्षों में उत्तर कोरिया ने विभिन्न हाइपरसोनिक हथियार प्रणालियों का परीक्षण किया है। ये हथियार ध्वनि की गति से पांच गुना अधिक गति से उड़ान भरने में सक्षम बताए जाते हैं और अपने मार्ग से मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भ्रमित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। हालांकि विशेषज्ञों ने यह सवाल उठाया है कि क्या उत्तर कोरियाई मिसाइलें वास्तव में परीक्षणों के दौरान उतनी ही गति से उड़ान भर रही हैं जितनी गति का दावा किया जाता है।