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मधुबाला से लेकर लीना तक, किशोर दा की चार पत्नियों की अधूरी कहानी

बॉलीवुड के सदाबहार कलाकार किशोर कुमार आज भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन सिनेमा जगत के लिए उन्होंने जो काम किया है वो हमेशा के लिए अमर है. किशोर सिर्फ एक्टर नहीं थे बल्कि वो एक अच्छे सिंगर, म्यूजिक कंपोजर और प्रोड्यूसर भी थे. किशोर कुमार के गाने तो आज की जनरेशन में भी सुने जाते हैं. सिंगर ने अपनी प्रोफेशनल लाइफ में खूब कामयाबी कमाई लेकिन उनकी असल जिंदगी हमेशा उतार चढ़ाव से भरी रही. जिंदगी के आखिरी वक्त में तो किशोर दा इतने अकेले हो गए थे कि पेड़ों से बातें करने लगे थे, उनके पास बातें तक करने के लिए कोई नहीं था. जबकि उन्होंने 4 बार शादी की थी, बावजूद इसके वो बिल्कुल अकेले थे. ये थीं किशोर दा की चार पत्नियां रूमा गुहा ठाकुरता : किशोर कुमार की पहली शादी 1950 में रुमा गुहा से हुई. हालांकि ये शादी लंबी नहीं चली और 8 साल बाद दोनों का तलाक हो गया. दरअसल, किशोर कुमार चाहते थे कि शादी के बाद रुमा घर संभालें, लेकिन वो करियर बनाना चाहती थीं इसी को लेकर दोनों में अनबन रहने लगी और 1958 में तलाक हो गया. मधुबाला : 1958 में रुमा से तलाक के बाद किशोर कुमार का दिल उस जमाने की सबसे खूबसूरत एक्ट्रेस में शुमार मधुबाला के लिए धड़कने लगा. पहले तलाक के दो साल बाद 1960 में किशोर कुमार ने मधुबाला से शादी कर ली, हालांकि एक्टर की ये शादी भी लंबी नहीं चली. एक्ट्रेस के दिल में छेद होने की वजह से 1969 में उनकी मौत हो गई. योगिता बाली : मधुबाला की मौत के गम से उभरने के बाद किशोर कुमार ने नए सिरे जिंदगी शुरू करने की सोची और 1976 में योगिता बाली से शादी की. हालांकि ये शादी भी दो साल ही टिक पाई और 1978 में दोनों का तलाक हो गया. लीना चंद्रावरकर : तीन पत्नियों को खोने के बाद किशोर कुमार ने आखिर में 1980 में एक्ट्रेस लीना चंद्रावरकर से शादी की, हालांकि 1987 में एक्टर इस दुनिया को छोड़कर चले गए. लीना से शादी के बाद भी किशोर अपनी जिंदगी में बिल्कुल अकेले थे. 1985 में प्रीतीश नंदी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उनका कोई दोस्त नहीं है, उन्हें अपने पेड़ों से बात करना ज्यादा पसंद है. एक बार जब एक रिपोर्टर ने यह टिप्पणी की कि वो कितने अकेले होंगे, तो कुमार उसे अपने बगीचे में ले गए वहां मौजूद कुछ पेड़ों के नाम बताए और उन पेड़ों का परिचय रिपोर्टर से अपने सबसे करीबी दोस्तों के रूप में करवाया.

अशोक कुमार और किशोर कुमार को जैकी श्रॉफ ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मुंबई,  हिंदी सिनेमा के दिग्गज अशोक कुमार की जन्मतिथि और किशोर कुमार की पुण्यतिथि सोमवार को है। इस मौके पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने दोनों को याद किया। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरीज के जरिए दोनों कलाकारों को श्रद्धांजलि अर्पित की। जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर पहली स्टोरी में अशोक कुमार की पुरानी तस्वीर और वीडियो शेयर की और लिखा, “अशोक कुमार जी को उनकी जयंती पर सादर नमन। हम उन्हें स्नेह और सम्मान के साथ याद करते हैं।” दूसरी स्टोरी में उन्होंने किशोर कुमार के एक गाने का वीडियो क्लिप शेयर किया, जिसमें किशोर अपनी मधुर आवाज में गीत गाते नजर आ रहे हैं। इसके साथ जैकी ने कैप्शन में लिखा, “किशोर कुमार जी की पुण्यतिथि पर उन्हें हृदय से याद कर रहे हैं।” अशोक कुमार, जिनका असली नाम कुमुद लाल गांगुली था, उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1936 में फिल्म ‘जीवन नैया’ से की थी, जिसके बाद उन्होंने ‘अछूत कन्या’, ‘हावड़ा ब्रिज’, ‘किस्मत’, ‘चलती का नाम गाड़ी’, ‘बंदिनी’, ‘बंधन’, ‘झूला’ और ‘कंगन’ जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया। उनकी फिल्म ‘किस्मत’ (1943) ने इतिहास रचा, जब यह भारतीय सिनेमा की पहली ऐसी फिल्म बनी, जिसने बॉक्स ऑफिस पर 1 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। इस फिल्म में अशोक कुमार ने एंटी-हीरो का किरदार निभाया था। इस भूमिका ने उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया। अशोक कुमार ने केवल अभिनय तक ही सीमित नहीं रहे। उन्होंने फिल्म निर्माण और निर्देशन में भी योगदान दिया। इसी के साथ ही इस दिन किशोर कुमार की बात करें तो उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था। वे एक बहुमुखी कलाकार थे। उनके बड़े भाई अशोक कुमार की वजह से ही उनका रुझान सिनेमा की ओर हुआ। किशोर ने 1946 में फिल्म ‘शिकारी’ से अभिनय शुरू किया, लेकिन उनकी गायकी ने उन्हें अमर बना दिया। ‘चलती का नाम गाड़ी’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय और गायन ने दर्शकों का दिल जीता। गायक, अभिनेता, निर्देशक, निर्माता और संगीतकार के रूप में किशोर ने हर क्षेत्र मं  अपनी छाप छोड़ी।