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भजन पर पाबंदी की कोशिश पड़ी भारी, सिंगर लगनाजिता चक्रवर्ती को रोकने वाला आरोपी गिरफ्तार

कोलकाता पश्चिम बंगाल की सिंगर लगनाजिता चक्रवर्ती को परेशान करने के आरोप में एक आदमी को गिरफ्तार किया गया है। सिंगर ने आरोप लगाया कि आरोपी महबूब मलिक ने ईस्ट मिदनापुर के भगवानपुर के एक प्राइवेट स्कूल में उनके लाइव शो के दौरान उनके साथ गाली-गलौज की और उन पर हमला करने की कोशिश की। बंगाली गाने ‘बसंतो एशे गेछे’ से मशहूर हुईं लगनाजिता चक्रवर्ती ने बताया कि वह एक बंगाली धार्मिक गाना, ‘जागो मां’गा रही थीं, तभी मलिक स्टेज पर आया और उसने उन पर शारीरिक हमला करने की कोशिश की। लगनाजिता चक्रवर्ती ने पुलिस शिकायत में कहा, “वह मुझे मारना चाहता था। ” उन्होंने बताया कि वह उन पर चिल्ला रहा था और कह रहा था, “बहुत हो गया जागो मां, अब कुछ सेक्युलर गाना गाओ।” पश्चिम बंगाल के कोलकाता में माता के भजन को लेकर विवाद हो गया। आयोजक ने आपत्ति जताई और कहा कि ‘ई ना चोलबे’। पुलिस ने आरोपी महबूब मलिक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद इलाके में तनाव है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आयोजक का कहना है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई है। सीनियर पुलिस अधिकारी मिथुन डे ने बताया कि महबूब मलिक इस इवेंट का मुख्य आयोजक और स्कूल का मालिक था। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि मलिक सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के सदस्य हैं। BJP के शंकुदेब पांडा ने कहा, “पश्चिम बंगाल जिहादियों के हाथ में है। वे सिंगर को बता रहे हैं कि उसे कौन सा गाना गाना चाहिए। यह हिंदू विरोधी रवैया था।” उन्होंने आरोप लगाया, “जब वह (लगनाजिता चक्रवर्ती) पुलिस स्टेशन गई थीं, तो ममता बनर्जी की पुलिस ने पुलिस शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया।” हालांकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। सिंगर ने यह भी आरोप लगाया कि भगवानपुर पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अधिकारी ने केस दर्ज करने से मना कर दिया। बाद में केस दर्ज किया गया और मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारी मिथुन डे ने कहा, “भगवानपुर पुलिस स्टेशन के इंचार्ज और एक और अधिकारी के खिलाफ डिपार्टमेंटल जांच शुरू की गई है। हम उनकी लापरवाही के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।”

इजरा स्ट्रीट पर बड़ी आग की घटना: फायर ब्रिगेड की 25 गाड़ियां लगीं काबू पाने में

कोलकाता  कोलकाता में शनिवार को भीषण आग लग गई है। पिछले कई घंटों से आग पर काबू पाने की कोशिश की जारी है, लेकिन अब तक आग को बुझाया नहीं जा सका है। इस भयानक आग को बुझाने के लिए मौके पर 25 दमकल गाड़ियां पहुंच चुकी हैं, लेकिन अब तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। इस आगजनी में अभी तक किसी प्रकार की जनहानि की जानकारी सामने नहीं आयी है। जानकारी के अनुसार, यह भीषण आग कोलकाता के 26 इजरा स्ट्रीट की एक दुकान के वेयरहाउस में लगी है। आग की चपेट में आस-पास के कई दुकान और घर आ गए हैं। आग फैलने के कारण उस पर काबू पाना दमकलकर्मियों के लिए मुश्किल हो रहा है। अब तक आग लगने के कारणों का कुछ पता नहीं चल सका है। ज्वलनशील पदार्थ में लगी है आग बता दें कि मध्य कोलकाता के इजरा स्ट्रीट पर स्थित एक इलेक्ट्रनिक्स की दुकान पर शनिवार तड़के अज्ञात कारणों से आग लग गई, जो देखते-देखते आस-पास के दुकानों और घरों में फैल गई। ऐसे आग ने विकराल रूप ले लिया। सुबह से एक-एक करके 25 से ज्यादा दमकल की गाड़ियों की मदद से आग बुझाने की कोशिश जारी है। लेकिन अबतक आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। इमारतें, संकरी गलियों और भारी मात्रा में बिजली उपकरणों व ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग पर काबू पाने में मुश्किल हो रही है। तेजी से फैली आग बता दें कि जिस इलाके में यह आग लगी है, वहां बिजली उपकरणों की कई दुकानें हैं। पुलिस के अनुसार, सुबह-सुबह उठने वाले स्थानीय लोगों ने इजरा स्ट्रीट की पहली मंजिल पर आग की लपटें देखीं। लोगों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस व दमकल विभाग को दी। लेकिन आग की लपटें तेजी से फैली और ज्वलनशील पदार्थों तक पहुंच गई। देखते-देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। स्थिति पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मी लगातार कोशिश कर रहे हैं। शुरूआत में आग बुझाने के लिए 6 दमकल गाड़ियां भेजी गई, लेकिन आग बेकाबू हो जाने की हालत में 25 से ज्यादा दमकल की गाड़िया मौके पर पहुंची हुई हैं। दमकलकर्मी इमारत की पहली मंजिल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि आग के बीच में पहुंचकर आग पर काबू पाया जा सके। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।

पटना में नाबालिग डांसर से रेप, पुलिस ने महिला सहित 6 आरोपी किए काबू

पटना बिहार में पटना जिले के बेऊर थाना क्षेत्र में शनिवार को एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के मामले में एक महिला और छह अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।   नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) भानुप्रताप सिंह ने बताया कि बेऊर थानांतर्गत कॉपरेटिव कॉलोनी, विष्णुपुर पकड़ी स्थित एक मकान में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किए जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। गठित दल द्वारा विभिन्न स्थानों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र तीन घंटे के अंदर घटना में संलिप्त एक महिला और छह अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। सिंह ने बताया कि गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के क्रम में यह बात प्रकाश में आई है कि दुर्गा पूजा के अवसर पर डांस कार्यक्रम के लिए कोलकाता से लड़कियों को बुलाया गया था, जिसके लिए कोलकाता के ही एक व्यक्ति से सम्पर्क स्थापित किया गया था। घटनास्थल से विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम ने साक्ष्य संकलन किया है। गिरफ्तार लोगों की पहचान अशोक कुमार,धीरज कुमार,आर्यन कुमार, प्रिंस कुमार, शशिभूषण कुमार,सिंटू कुमार और प्रिया विश्वास के रूप में की गयी है। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भजा जा रहा है।  

सदी पुरानी लाइसेंसी बंदूक की दुकान में गिरफ्तार तीन आरोपी, अवैध हथियारों का हुआ खुलासा

कोलकाता बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने शुक्रवार को सौ साल पुरानी लाइसेंसी बंदूक की दुकान एनसी डाव एंड कंपनी के तीन मालिकों को अवैध हथियारों की तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक,  उत्तर 24 परगना जिले के रहारा के रीजेंट पार्क इलाके की एक बहुमंजिला इमारत से 4 अगस्त को 15 आग्नेयास्त्रों, 1,000 कारतूस और भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी। इसके बाद अबीर डाव, सुबीर डाव और सुब्रत डाव और इमारत में रहने वाला मधुसूदन मुखर्जी उर्फ लिटन  को गिरफ्तार किया गया है। खरदाह इलाके में हथियारों की कथित जब्ती के बाद पुलिस मुंगेर के एक हथियार विक्रेता तक पहुंची। विक्रेता ने पूछताछ में मुखर्जी का नाम लिया था। इससे पहले फरवरी में  दक्षिण 24 परगना में मिले गोला-बारूद बरामदगी के एक मामले में दुकान के दो कर्मचारियों- जयंत दत्ता और शांतनु सरकार को गिरफ्तार किया गया था। कोलकाता पुलिस मुख्‍यालय से  100 मीटर के दायरे में स्थित दुकान की फरवरी में तलाशी ली गई थी और सील कर दिया गया था। बैरकपुर कमिश्नरेट के खुफिया विभाग और स्थानीय पुलिस ने मधुसूदन मुखर्जी उर्फ लिटन के आवास पर छापा मारा था। शुरुआती जांच से पता चला कि मुखर्जी ने पुरुलिया से कुछ हथियार मंगवाए थे और उनको बेचने के इरादे से हथियार और कारतूस जमा कर रहा था। लाइसेंसी बंदूक की दुकान में बेचे जा रहे थे अवैध हथियार इस बरामदगी के बाद एसटीएफ ने मामले को अपने हाथ में ले लिया। टास्क फोर्स को पता चला कि उक्त लाइसेंसी बंदूक की दुकान अवैध हथियारों के व्यापार में पूरी तरह से शामिल है। एक एसटीएफ अधिकारी ने कहा कि दुकान के स्‍टॉक रजिस्टरों की जांच हथियारों और गोला-बारूद की खरीद और बिक्री में कई गंभीर विसंगतियां मिली। चार आरोपियों को फरवरी में किया था गिरफ्तार फरवरी के मामले में दक्षिण 24 परगना जिले के जिवनतल्ला में रहने वाले एक व्यापारी हाजी राशिद मोल्ला के घर पर छापा मारा गया। टीम को वहां से  भारतीय आयुध कारखाने द्वारा निर्मित 7.65 मिमी पिस्तौल के 190 राउंड कारतूस, एक 12 बोर की बंदूक और हथियार के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले नौ खोखे बरामद किए गए। दत्ता और सरकार के अलावा मोल्ला और तीन अन्य को गिरफ्तार किया गया था।